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CG: बदलेगा मौसम का मिजाज, 23-24 फरवरी को कहीं-कहीं बूंदाबांदी के आसार…

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से अति हल्की वर्षा हो सकती है।

लगातार बढ़ते तापमान के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन अगले 48 घंटों में कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का असर प्रदेश पर पड़ रहा है, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रवेश कर रही हैं।

शनिवार को प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, हालांकि तापमान में तेजी दर्ज की गई। सुकमा में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नमी बढ़ने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से अति हल्की वर्षा हो सकती है। एक-दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्री-समर गतिविधियों की शुरुआत का संकेत हो सकता है। नमी और गर्मी के संयोजन से स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं, जिससे शाम या रात के समय छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, खासकर जिन क्षेत्रों में सब्जी और दलहन की फसल तैयार अवस्था में है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है।

आगामी दिनों में तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है, लेकिन नमी के प्रभाव से वातावरण में हल्का बदलाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, फिर भी गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

टी20 वर्ल्ड कप में 2 बड़े मुकाबले, सुपर-8 में भारत समेत 4 टीमें होंगी एक्शन में; जानें दोनों मैच की डिटेल्स…

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कल यानी 22 फरवरी, रविवार को सुपर-8 के दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे. पहला मैच श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच होगा. फिर दूसरी भिड़ंत भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होगी.

एक मैच श्रीलंका और दूसरा भारत की सरजमीं पर होगा. चारों ही टीमें सुपर-8 में अपने पहले मुकाबले के लिए मैदान पर उतरेंगी. तो आइए दोनों मैचों की टाइमिंग से लेकर लाइव स्ट्रीमिंग तक सबकुछ जानते हैं.

श्रीलंका बनाम इंग्लैंड पहला मैच

रविवार का पहला मैच श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच पल्लेकेले के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. भारतीय समय के अनुसार मुकाबले की शुरुआत दोपहर में 3:00 बजे से होगी.

भारत में कहां देखें लाइव?

मुकाबले को भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के जरिए टीवी पर लाइव प्रसारित किया जाएगा. वहीं लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार के जरिए होगी.

मैच के लिए इंग्लैंड का स्क्वॉड:

फिलिप साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, हैरी ब्रुक (कप्तान), सैम कर्रन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, बेन डकेट, ल्यूक वुड, जोश टोंग, रेहान अहमद.

मैच के लिए श्रीलंका का स्क्वॉड:

पाथुम निसांका, कुसल परेरा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंडु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेलालेज, दुशान हेमंथा, महेश थीक्षाना, दिलशान मदुशंका, प्रमोद मदुशन, दुशमंथा चमीरा, चैरिथ असलांका, जेनिथ लियानगे, कामिल मिशारा.

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच (दूसरा मैच)

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दिन का दूसरा मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. भारतीय समय के अनुसार इस मैच की शुरुआत शाम 7:00 बजे से होगी.

मैच कहां देखें लाइव?

भारत-दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले को टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के जरिए लाइव प्रसारित किया जाएगा. वहीं मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार के जरिए होगी.

मैच के लिए भारत का स्क्वॉड:

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, ईशान किशन, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज.

मैच के लिए दक्षिण अफ्रीका स्क्वॉड:

एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, जेसन स्मिथ, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नॉर्टजे, ट्रिस्टन स्टब्स, रयान रिकेलटन.

खरगे ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल, एकतरफा आत्मसमर्पण का आरोप…

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कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को यह सवाल उठाया कि क्या नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीति स्पष्ट है या उसने अमेरिका के सामने ‘एकतरफा आत्मसमर्पण’ कर दिया है।

यह सवाल उस समय उठाया गया जब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को खारिज कर दिया। खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में यह भी पूछा कि केंद्र ने अंतरिम व्यापार समझौते में जल्दबाजी करने से पहले अमेरिकी अदालत के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया, जिसे उन्होंने ‘जाल समझौता’ करार दिया।

समझौते की आलोचना

खरगे ने समझौते के संयुक्त वक्तव्य की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें कई अमेरिकी निर्यातों पर शून्य टैरिफ शामिल हैं, जिससे भारत की कृषि को अमेरिकी वस्तुओं के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पादों के आयात की योजना है, जबकि रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाई गई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, कई डिजिटल कर रियायतें भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी से स्पष्टता की मांग की कि किसने सरकार पर भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने का दबाव डाला। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की गरिमा की रक्षा करने और किसानों, श्रमिकों, छोटे व्यवसायों और व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के लिए एक निष्पक्ष व्यापार समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया। खरगे ने कहा कि मोदी को भारतीयों के सामने सच बताना होगा कि किसने उन पर दबाव डाला।

AI समिट में हंगामे के खिलाफ बीजेपी का हल्ला बोल, कांग्रेस ऑफिस के सामने प्रदर्शन…

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दिल्ली के भारत मंडपम में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने AI समिट में टी शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की. जवाब में अब भारतीय जनता पार्टी का युवा मोर्चा भी सड़क पर उतर आया.

युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा और अन्य नेताओं ने कांग्रेस मुख्यालय का घेराव किया. वीरेन्द्र सचदेवा को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 163 लगने का हवाला देते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं को हटा रही है. बीजेपी का प्रदर्शन खत्म हो गया है.

भारतीय जनता पार्टी की मांग है कि देश का विश्व पटल पर अपमान करने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस देश से माफी मांगें. बीजेपी युवा मोर्चा ने साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

भारत मंडपम में AI सम्मिट के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा भारत की छवि विश्व पटल पर धूमिल करने के प्रयासों के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष श्री के नेतृत्व में दिल्ली भाजपा का कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन।

‘कांग्रेस के अंदर का फ्रस्ट्रेशन है’

इस प्रोटेस्ट में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश का गद्दार है. जनता ने उनकी वहीं पिटाई कर दी थी. ये कांग्रेस के अंदर का फ्रस्ट्रेशन है. दिल्ली और देश की जनता माफ नहीं करेगी. मनोज तिवारी ने कहा कि AI समिट में 80 से ज्यादा देशों के लोग आए हैं और भारत की सराहना की. ये भारत का AI इंपैक्ट समिट था. भारतीय वैज्ञानिकों की तारीफ हुई.

उन्होंने कहा कि हम आगे जाकर दुर्घटनाओं को कैसे कम करेंगे ये भी इसमें बताया गया. उन्होंने कहा कि हर साल 5 लाख रोड एक्सिडेंट होते हैं. 2.5 लाख लोग मरते हैं. हम एक्सीडेंट की संख्या को 4 लाख तक लाए. अगर ड्राइवर हो जाए तो ये सजग करेगा. ऐसा इनको पच नहीं रहा है. भारत बम गोलों से नहीं हारेगा. इसलिए वैचारिक आतंकवादी सक्रिय हैं.

‘राहुल गांधी का खून इटली का है’

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि कल की घटना कोई मामूली घटना नहीं है. ये राहुल गांधी और कांग्रेस की मानसिकता का परिणाम है. किराए के कुछ गुंडे कांग्रेस ने समिट में भेजे. एक गरीब चाय वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन गया ये बात उनको पच नहीं रहा है. मोदी का विरोध करते करते देश का विरोध करने लगे उनको पता ही नहीं चला. ये समिट देश की तरक्की को बताता है. भारत विश्व गुरु बनने वाला है ये बताता है. राहुल गांधी का खून इटली का है. उन्होंने कहा कि AI समिट राष्ट्र का प्रतीक है.

टैरिफ पर US कोर्ट का फैसला, राहुल गांधी बोले- पीएम मोदी फिर से करेंगे सरेंडर…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर बवाल मचा हुआ है. यह बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया. इसके बाद ट्रंप ने एक बार फिर दुनियाभर के देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.

तो वहीं दूसरी तरफ से टैरिफ वार को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने लिखा कि PM ने समझौता कर लिया है. उनका धोखा अब सामने आ गया है. वह फिर से बातचीत नहीं कर सकते हैं. वह फिर से सरेंडर कर देंगे.कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि पीएम मोदी ने ट्रेड डील को लेकर अमेरिका के भारत के हितों का ख़्याल नहीं रखा है.

ऐसा पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है. राहुल इससे पहले भी कई बार पीएम मोदी पर निशाना साध चुके हैं. यहां तक की बजट सत्र के दौरान भी जमकर हंगामा देखने को मिला था.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रंप का ऐलान

शुक्रवार (20 फरवरी) को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था. कोर्ट ने साफ तौर पर कहा था कि उन्हें इस तरह का टैरिफ लगाने का कोई अधिकार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के महज 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रंप ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर साइन करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा.

7 फरवरी को हुआ था भारत अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी. इसमें कई सेक्टरों को लेकर बात नहीं बन पा रही थी. हालांकि फरवरी की शुरुआत में इस पर सहमति बन गई और 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान कर दिया गया. इसके तहत भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है.

सरकार ने दावा किया कि किसानों और डेयरी वालों के साथ किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा. जबकि कांग्रेस कह रही है कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है.

यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, खरीदी जाएगी 16 गांवों की 740 एकड़ जमीन, 1204 करोड़ रुपये की मंजूरी…

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उत्तर प्रदेश के नोएडा में सरकार बेहतर कनेक्टिविटी के लिए काम कर रही है. सरकार का प्लान है कि यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने का जाए. इसके लिए जमीन खरीद के लिए सरकार ने बजट भी पास कर दिया है.

यमुना एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया है.

नोएडा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार योजना बनाकर तेजी से काम कर रही है. सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके लिए यीडा क्षेत्र के 16 गांवों की करीब 740 एकड़ जमीन खरीदने पर जोर दिया जा रहा है. जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना पर काम तेज हो जाएगा.

राज्य सरकार ने जमीन खरीदने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. यूपी सरकार के संयुक्त सचिव निर्मष कुमार शुक्ल ने यीडा के सीईओ को इससे संबंधित पत्र भेजा है, जिसे 17 फरवरी को जारी कर दिया गया था.

यूपीडा करेगा निर्माण

गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य करने की जिम्मेदारी यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को दी गई है. लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास आकर जुड़ेगा. इस लिंक एक्सप्रेसवे का करीब 20 किलोमीटर का हिस्सा यीडा क्षेत्र में है. इसमें से 9 किलोमीटर के भाग में एलिवेटेड निर्माण भी शामिल है. इसके असावा, स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा.

16 गांवों से होगी जमीन की खरीद

गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 16 गांवों की लगभग 740 एकड़ जमीन की खरीदी जाएगी, जिसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. सरकार जमीन खरीदने के लिए 1204 करोड़ रुपये खर्च करेगी. जेवर के मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रह्मनान, रबुपूरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा में अथॉरिटी ने सर्वेक्षण के बाद जमीन खरीद की तैयारी की है.

खाते में कब आएंगे पीएम किसान के 2000 रुपये? तारीख को लेकर आई ये बड़ी अपडेट…

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पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार लंबा होता जा रहा है. जनवरी का महीना बीत चुका है और अब फरवरी भी खत्म होने की कगार पर है. देशभर के करोड़ों किसान इस आस में हैं कि आखिर उनके बैंक खातों में दो हजार रुपये की सम्मान राशि कब क्रेडिट होगी.

किसानों के मन में यह सवाल उठना लाजमी है, क्योंकि कई लोगों के खेती-किसानी से जुड़े कई खर्चे इसी राशि पर निर्भर करते हैं. सरकार की तरफ से अभी तक किस्त जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 22वीं किस्त का पैसा होली के पहले खाते में आ सकता है.

होली से पहले आ सकती है किस्त?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 फरवरी को किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं. हालांकि, यह केवल एक संभावित तारीख है. कृषि मंत्रालय ने फिलहाल इन दावों पर कोई मुहर नहीं लगाई है. दूसरी तरफ, यह भी चर्चा तेज है कि होली के त्योहार से ठीक पहले केंद्र सरकार किसानों को यह तोहफा दे सकती है. जब तक कोई पक्की घोषणा नहीं हो जाती, तब तक इन तारीखों को केवल एक अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

कहीं पैसा रास्ते में तो नहीं अटक जाएगी?

आर्थिक लाभ पाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आपकी सारी कागजी औपचारिकताएं पूरी हों. अक्सर देखा गया है कि छोटी सी चूक के कारण कई किसानों की किस्त लटक जाती है. पेंडिंग स्टेटस का सीधा मतलब यही है कि आपके आवेदन की प्रक्रिया में कहीं न कहीं कोई कमी रह गई है.

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको अपने आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराना होगा. इसके अलावा, पैन कार्ड का वेरिफिकेशन और बैंक अकाउंट से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान तुरंत करना होगा. यदि ये काम अधूरे हैं, तो राशि मिलने में भारी दिक्कत आ सकती है.

घर बैठे आसानी से ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

आप घर बैठे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी किस्त की स्थिति आसानी से जांच सकते हैं. सबसे पहले पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in को अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर खोलें. होमपेज पर आपको ‘फार्मर कॉर्नर’ (Farmers Corner) का एक खास सेक्शन दिखाई देगा, जहां आपको जाना है.

इस सेक्शन के भीतर ‘नो योर स्टेटस’ (Know Your Status) विकल्प पर . यहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कोड दर्ज करना होगा. इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा. पोर्टल पर इस ओटीपी को सबमिट करते ही 22वीं किस्त का पूरा स्टेटस स्क्रीन पर आ जाएगा.

‘गृहयुद्ध से बचना है तो कानून वापस लेना होगा’, UGC की नई गाइडलाइंस को लेकर रामभद्राचार्य का सरकार पर हमला…

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UGC की नई गाइडलाइंस को लेकर देश में वैचारिक मतभेद का मामला बड़ा होता जा रहा है. उत्तर प्रदेश के बस्ती में राम कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने UGC को लेकर बड़ा बयान दिया है.

उन्होंने कहा कि सरकार को ये कानून हर हाल में वापस लेना ही होगा. उनके धर्माचार्य रहते ये कानून लागू नहीं हो सकता है. रामभद्राचार्य ने सरकार को घेरते हुए कहा कि UGC की क्या आवश्यकता थी, समाज में क्यों भेदभाव किया जा रहा. सरकार को अगर गृहयुद्ध से बचना है तो इस कानून को वापस लेना ही होगा.

वहीं यूपी की राजधानी लखनऊ में शनिवार को UGC एक्ट के खिलाफ सवर्ण मोर्चा बैनर तले जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला. सैकड़ों लोगों की भीड़ UGC के खिलाफ सड़कों पर उतरी नजर आई. इस दौरान अपने पद से इस्तीफा देने वाले SDM अलंकार अग्निहोत्री भी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे. प्रदर्शन करने वाले लोग सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. लोगों की भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है. परिवर्तन चौराहे से गांधी प्रतिमा तक लोगों की भीड़ है. इसके अलावा कई अन्य संगठन भी इस प्रदर्शन में मौजूद हैं.

UGC के नए नियमों की आवश्यकता ही क्या थी?

जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में आयोजित एक रामकथा कार्यक्रम के दौरान रामभद्राचार्य ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. रामभद्राचार्य ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार को इस विवादास्पद कानून को तुरंत वापस लेना चाहिए. उन्होंने यहां तक कह दिया कि जब तक वे धर्माचार्य के पद पर आसीन हैं इस कानून को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे. उन्होंने पूछा कि आखिर इन नए नियमों की आवश्यकता ही क्या थी? रामभद्राचार्य ने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि यदि देश को गृहयुद्ध जैसी स्थिति से बचाना है तो इस कानून को वापस लेना ही होगा.

ब्राह्मण समाज और जातिवाद पर चर्चा

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने ब्राह्मण समाज और जातिवाद पर भी गहरी चर्चा की. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण कभी भी जातिवादी नहीं रहा है. उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि द्रोणाचार्य ने कर्ण को शिक्षा देने से मना न किया होता तो शायद महाभारत का भीषण युद्ध टल सकता था. वहीं गुरु वशिष्ठ की महानता का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने निषाद राज का आदर किया था. गुरु वशिष्ठ ने न केवल राजकुमारों को, बल्कि समाज के हर वर्ग को समान आदर और शिक्षा दी थी.

जगद्गुरु ने समाज में व्याप्त छुआछूत और कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि जो भगवान राम का है वह सबका है. इस दौरान उन्होंने बस्ती जिले का नाम बदलकर ‘वशिष्ठ नगर’ करने की मांग को दोहराया. उन्होंने दुख व्यक्त किया कि आज कुछ ब्राह्मण मांस और मदिरा का सेवन कर रहे हैं जिन्हें स्वयं जागरूक होने की आवश्यकता है. इससे ब्राह्मण समाज को बचना होगा.

अलंकार अग्निहोत्री भी प्रदर्शन में शामिल

लखनऊ में UGC के नए नियम के खिलाफ सवर्ण समाज के लोगों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. अपने पद से इस्तीफा देने वाले SDM अलंकार अग्निहोत्री भी प्रदर्शन में पहुंचे. उन्होंने इस दौरान मीडिया से बात नहीं की. लेकिन हाथ में तख्ती लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे.

US SC का फैसला और ट्रंप का ग्लोबल टैरिफ, कैसे बदलेगी भारत-US ट्रेड की तस्वीर?

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को पूरी तरह से नकार दिया है. जिसके कुछ घंटों के बाद ट्रंप अमेरिका में इंपोर्ट होने वाली चीजो पर एक नए ग्लोबल टैरिफ की घोषणा की है, जिसके बाद भारत पर अब 25 परसेंट से कम 10 परसेंट का रेसिप्रोकल टैरिफ लगेगा.

ट्रंप के ऐलान के मुताबिक, 10 परसेंट का टेम्पररी इंपोर्ट सरचार्ज 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर भारत के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की ओर से नए ग्लोबल टैरिफ की घोषणा के क्या मायने हैं?

क्या होता है टैरिफ?

ये कस्टम या इंपोर्ट ड्यूटी हैं जो कोई देश दूसरे देशों से खरीदे गए सामान पर लगाता है. इंपोर्टर को यह ड्यूटी सरकार को देनी होती है. आम तौर पर, कंपनियां ये टैक्स एंड यूजर या कंज्यूमर पर डालती हैं. इंपोर्ट ड्यूटी इंपोर्ट करने वाले देश में सामान को महंगा बनाती है. इसके अलावा, कुछ और फैक्टर भी इसमें भूमिका निभाते हैं.

रेसिप्रोकल टैरिफ

रेसिप्रोकल टैरिफ शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले US ने किया था. ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने 2 अप्रैल, 2025 को भारत समेत करीब 60 देशों पर इन ड्यूटीज़ की घोषणा की. इसका मकसद US एक्सपोर्टर्स को बराबर का मौका देना था.

उदाहरण के लिए, अगर कोई देश US के सामान पर X परसेंट ड्यूटी लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश के इंपोर्ट पर उतनी ही ड्यूटी लगाएगा.ये एडिशनल इंपोर्ट ड्यूटीज़ हैं, जो मौजूदा या MFN (मोस्ट फेवर्ड नेशन) लेवी के अलावा लगाई जाती हैं.

अब इंडिया पर रेसिप्रोकल टैरिफ कितना?

2 अप्रैल, 2025 को, US ने 26 परसेंट रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की. बाद में जुलाई में, US ने 7 अगस्त, 2025 से अमेरिकी मार्केट में आने वाले इंडियन सामान पर 25 परसेंट RT की घोषणा की. पिछले साल अगस्त में, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने रशियन क्रूड ऑयल खरीदने पर इंडिया पर एडिशनल 25 परसेंट टैरिफ की घोषणा की, जिससे इंडिया पर टोटल RT 50 परसेंट हो गया. फरवरी में एक अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क पर सहमति के बाद, US ने घोषणा की कि वह भारत पर RT को घटाकर 18 परसेंट कर देगा और अतिरिक्त 25 परसेंट प्यूनिटिव टैरिफ हटा देगा. तो अभी, US में भारत के सामान पर 25 परसेंट RT लग रहा है.

US सुप्रीम कोर्ट के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को रद्द करने और वॉशिंगटन के एक नया ऑर्डर जारी करने के साथ, जिसमें टेम्पररी 10 परसेंट इंपोर्ट सरचार्ज लगाया गया है, भारतीय सामान पर अब 24 फरवरी, 2026 से सिर्फ़ 10 परसेंट रेसिप्रोकल लेवी लगेगी.

उदाहरण के लिए, अगर किसी प्रोडक्ट पर अमेरिका में 5 परसेंट MFN ड्यूटी लगती है, तो अब अतिरिक्त 10 परसेंट लगाया जाएगा, जिससे इफेक्टिव ड्यूटी 15 परसेंट हो जाएगी. पहले, यह 5 प्लस 25 परसेंट था.

ट्रंप के 20 फरवरी के ऐलान में कहा गया था कि मैं 150 दिनों के लिए, अमेरिका में इंपोर्ट होने वाली चीज़ों पर 10 परसेंट का टेम्पररी इंपोर्ट सरचार्ज लगाता हूं, जो 24 फरवरी, 2026 को रात 12:01 बजे ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम से लागू होगा.

एक सोर्स ने कहा कि अलग-अलग देशों पर अलग-अलग RTs के बजाय, अब उन सभी पर 10 परसेंट है जो RTs के तहत आते थे.

7 फरवरी से 24 फरवरी, 2026 तक, रूस-तेल पेनल्टी हटा दी गई, जिससे एडिशनल ड्यूटी घटकर 25 परसेंट हो गई. 6 फरवरी के जॉइंट स्टेटमेंट में इस रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 परसेंट करने का प्रपोज़ल था, लेकिन यह बदलाव अभी तक लागू नहीं हुआ है.

24 फरवरी, 2026 से, MFN ड्यूटी के अलावा 150 दिनों के लिए एक टेम्पररी एक्रॉस-द-बोर्ड 10 परसेंट टैरिफ लागू होगा, जो पहले के रेसिप्रोकल टैरिफ स्ट्रक्चर की जगह लेगा.

सवाल ये भी है कि 150 दिनों के बाद क्या होगा? जानकारों के अनुमार अभी तक यह साफ नहीं है कि 150 दिन के समय के बाद भारत जैसे देशों पर US क्या टैरिफ लगाएगा.

इंडिया-US ट्रेड पैक्ट

दोनों देशों के बीच ट्रेड एग्रीमेंट के पहले फेज के लिए लीगल टेक्स्ट को फ़ाइनल करने के लिए, इंडियन टीम 23 फरवरी, 2026 को वाशिंगटन में अपने काउंटरपार्ट्स से मिलने वाली है. कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 20 फरवरी को कहा कि इंडिया और US अगले महीने डील पर साइन कर सकते हैं, और यह अप्रैल में शुरू हो सकता है.

एक्सपर्ट की राय

थिंक टैंक GTRI ने कहा कि, चूंकि इंडियन सामान पर RT 25 परसेंट से घटकर 10 परसेंट हो गया है, इसलिए इंडिया को US के साथ ट्रेड पैक्ट पर फिर से सोचना चाहिए.भारत, अमेरिका के लिए टैरिफ कम करने पर सहमत हुआ था, क्योंकि वाशिंगटन ने भारत पर RT घटाकर 18 परसेंट कर दिया था, लेकिन अब अमेरिका ने सभी देशों के लिए RT घटाकर 10 परसेंट कर दिया है. GTRI के फाउंडर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि डील कोई चैरिटी नहीं होतीं. दोनों पक्षों को फायदा होना चाहिए. अब, भारत के फायदे का नए सिरे से मूल्यांकन करने की ज़रूरत है.

भारत के साथ डील पर ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि उनके बड़े टैरिफ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने इस फैसले के जवाब में अमेरिका में इंपोर्ट होने वाली चीज़ों पर 10 परसेंट अतिरिक्त ग्लोबल लेवी लगाने की घोषणा की.

छूट वाली कैटेगरी में आने वाले सामान

व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक फैक्ट शीट में कहा गया है कि कुछ सामान पर टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी क्योंकि अमेरिकी इकोनॉमी की ज़रूरतें हैं या यह पक्का करने के लिए कि ड्यूटी अमेरिका के सामने आने वाली बुनियादी इंटरनेशनल पेमेंट समस्याओं को ज़्यादा असरदार तरीके से हल करे.

इन चीज़ों में कुछ ज़रूरी मिनरल, करेंसी और बुलियन में इस्तेमाल होने वाले मेटल, एनर्जी और एनर्जी प्रोडक्ट शामिल हैं; ऐसे नेचुरल रिसोर्स और फर्टिलाइजर जिन्हें यूनाइटेड स्टेट्स में उगाया, माइन किया या किसी और तरह से प्रोड्यूस नहीं किया जा सकता या जिन्हें घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए काफी मात्रा में उगाया, माइन किया या प्रोड्यूस नहीं किया जा सकता; कुछ खेती के प्रोडक्ट, जिनमें बीफ, टमाटर और संतरे शामिल हैं; फार्मास्यूटिकल्स और फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स.

दूसरे आइटम में कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स सामान; पैसेंजर गाड़ियां, कुछ हल्के ट्रक, कुछ मीडियम और हेवी-ड्यूटी गाड़ियां, बसें, और पैसेंजर गाड़ियों, हल्के ट्रक, हेवी-ड्यूटी गाड़ियों, बसों और कुछ एयरोस्पेस प्रोडक्ट के कुछ पार्ट्स शामिल हैं.

भारत पर सेक्टोरल टैरिफ

सेक्टोरल टैरिफ (स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर पर 50 परसेंट, और कुछ ऑटो कंपोनेंट्स पर 25 परसेंट) जारी रहेंगे.

US टैरिफ क्यों लगा रहा है

US ने आरोप लगाया है कि उसे भारत के साथ काफी ट्रेड डेफिसिट का सामना करना पड़ रहा है, उसने नई दिल्ली पर अमेरिकी सामान पर ज़्यादा टैरिफ लगाने का आरोप लगाया है, जिससे उसका कहना है कि भारतीय बाज़ार में US एक्सपोर्ट पर रोक लगती है.

कितना है दोनों देशों का बाइलेटरल ट्रेड?

2021-25 के दौरान, US सामान के मामले में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर था. भारत के कुल एक्सपोर्ट में US की हिस्सेदारी लगभग 18 परसेंट, इंपोर्ट में 6.22 परसेंट और दोनों तरफ़ के ट्रेड में 10.73 परसेंट है. 2024-25 में, दोनों तरफ़ का ट्रेड USD 131.8 बिलियन (USD 86.5 बिलियन एक्सपोर्ट और USD 45.3 बिलियन इंपोर्ट) तक पहुंच गया.

अमेरिका के साथ, भारत का 2024-25 में USD 41 बिलियन का ट्रेड सरप्लस (इंपोर्ट और एक्सपोर्ट के बीच का अंतर) था. 2023-24 में यह USD 35.32 बिलियन और 2022-23 में USD 27.7 बिलियन था.

सर्विसेज़ में, भारत ने लगभग USD 28.7 बिलियन का एक्सपोर्ट किया और USD 25.5 बिलियन का इंपोर्ट किया, जिससे USD 3.2 बिलियन का सरप्लस हुआ. कुल मिलाकर, भारत का US के साथ कुल ट्रेड सरप्लस लगभग USD 44.4 बिलियन था.

देशों के बीच ट्रेड होने वाले मुख्य प्रोडक्ट

2024 में, भारत के US को मुख्य एक्सपोर्ट में दवा के फॉर्मूलेशन और बायोलॉजिकल (USD 8.1 बिलियन), टेलीकॉम इंस्ट्रूमेंट (USD 6.5 बिलियन), कीमती और सेमी-कीमती पत्थर (USD 5.3 बिलियन), पेट्रोलियम प्रोडक्ट (USD 4.1 बिलियन), गाड़ी और ऑटो कंपोनेंट (USD 2.8 बिलियन), सोना और दूसरी कीमती मेटल की ज्वेलरी (USD 3.2 बिलियन), कॉटन के रेडीमेड कपड़े, एक्सेसरीज़ के साथ (USD 2.8 बिलियन), और लोहे और स्टील के प्रोडक्ट (USD 2.7 बिलियन) शामिल थे.

इंपोर्ट में कच्चा तेल (USD 4.5 बिलियन), पेट्रोलियम प्रोडक्ट (USD 3.6 बिलियन), कोयला, कोक (USD 3.4 बिलियन), कटे और पॉलिश किए हुए हीरे (USD 2.6 बिलियन), इलेक्ट्रिक मशीनरी (USD 1.4 बिलियन), एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट और पार्ट्स (USD 1.3 बिलियन), और सोना (USD 1.3 बिलियन) शामिल थे.अनुमान के मुताबिक, कैलेंडर साल 2024 में भारत से US सर्विसेज का इम्पोर्ट USD 40.6 बिलियन था, जिसमें कंप्यूटर/इन्फॉर्मेशन सर्विसेज़ का इम्पोर्ट USD 16.7 बिलियन और बिज़नेस मैनेजमेंट/कंसल्टिंग का इम्पोर्ट USD 7.5 बिलियन था.

दिल्ली: AI समिट में हंगामे पर भड़के बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल, बोले- ‘कांग्रेस एक विफल…’

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चांदनी चौक से बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने AI समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कथित आपत्तिजनक आचरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना को अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस को एक विफल राजनीतिक दल करार दिया है.

उनका कहना है कि जिस मंच पर देश के तकनीकी भविष्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, वहां इस तरह का व्यवहार राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ है.

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जब देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व को लेकर गंभीर विमर्श कर रहा था, तब ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया यह “नंगा प्रदर्शन” न केवल अनुचित है, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय मंच की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को प्रभावित कर सकती हैं.

कांग्रेस की दिवालिया मानसिकता उजागर

बीजेपी सांसद ने कहा कि यह आचरण उस राजनीतिक दिवालियापन को उजागर करता है, जो आज कांग्रेस की पहचान बन चुका है. उनके मुताबिक, विचार और नीति आधारित बहस पेश करने के बजाय कांग्रेस नाटक, उकसावे और अव्यवस्था की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि यह व्यवहार राजनीतिक हताशा का प्रतीक है और यह दर्शाता है कि पार्टी देश के युवाओं की आकांक्षाओं से पूरी तरह कट चुकी है.

राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल

खंडेलवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी पराजयों के बावजूद पार्टी ने आत्ममंथन नहीं किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने रचनात्मक विपक्ष की भूमिका छोड़ दी है और अब केवल प्रदर्शन और सनसनी की राजनीति तक सिमट गई है. उनका कहना है कि विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों पर ठोस और सार्थक बहस करना है, न कि मंचों को बाधित करना.

भारत का युवा नवाचार चाहता है, विवाद नहीं

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भारत का युवा अवसर, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है. AI समिट देश की तकनीकी क्षमता और वैश्विक दृष्टि को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर था. ऐसे में उसे बाधित करने की कोशिश राष्ट्रीय प्रगति का अपमान है. उन्होंने कहा कि देश के युवा शोर-शराबे और कृत्रिम विवादों से अधिक सार्थक संवाद और ठोस नीति विकल्प की अपेक्षा रखते हैं.

जिम्मेदार विपक्ष की जरूरत पर जोर

अपने बयान के अंत में खंडेलवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सशक्त और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. लेकिन जो कुछ AI समिट के दौरान देखने को मिला, वह विरोध नहीं बल्कि हताशा का प्रदर्शन था. उन्होंने कहा कि देश की जनता, विशेषकर युवा वर्ग, नेतृत्व से परिपक्वता और दूरदृष्टि की उम्मीद करता है, न कि अव्यवस्था और सनसनी की राजनीति की.