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‘ब्राह्मण-मुक्त’ हुई तमिलनाडु की सियासत! जयललिता की पार्टी ने भी मोड़ लिया मुंह, क्या खत्म हो जाएगा वजूद?

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Brahmin Candidates in Tamil Nadu Election:

तमिलनाडु की राजनीति, जिसे ‘सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला’ कहा जाता है, इस बार एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां एक समय का सबसे प्रभावशाली समुदाय चुनावी मैदान से लगभग गायब नजर आ रहा है। राज्य की चारों बड़ी पार्टियों- DMK, AIADMK, कांग्रेस और BJP ने अपनी कैंडिडेट लिस्ट में ब्राह्मण समुदाय को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। यह पिछले साढ़े तीन दशक में पहली बार है कि मुख्यधारा की राजनीति में ब्राह्मणों की ऐसी ‘बेरुखी’ देखी जा रही है। अब तमिलनाडु में जातीय समीकरण और ‘जीतने की क्षमता’ अब केवल बड़ी आबादी वाले समुदायों के इर्द-गिर्द सिमट गई है।

जयललिता के विरासत वाली पार्टी ने भी फेरा मुंह

सबसे ज्यादा चर्चा एआईएडीएमके के रुख को लेकर हो रही है। कभी इस पार्टी को ब्राह्मण समुदाय का सबसे मजबूत समर्थन प्राप्त था और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता खुद इसी समुदाय से आती थीं। उनके समय में ब्राह्मण उम्मीदवारों को हमेशा तवज्जो दी जाती थी, लेकिन उनके निधन के 10 साल बाद पार्टी की रणनीति पूरी तरह बदल गई है। साल 2021 के चुनाव में पार्टी ने कम से कम एक ब्राह्मण उम्मीदवार (आर. नटराज) को मैदान में उतारा था, लेकिन इस बार वह भी नदारद हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जयललिता के बाद ब्राह्मण मतदाताओं का झुकाव भाजपा की ओर बढ़ गया है, जिससे अब एआईएडीएमके को इस समुदाय को टिकट देने में कोई ‘चुनावी लाभ’ नजर नहीं आ रहा है।

भाजपा और कांग्रेस ने भी किया किनारा, पर क्यों?

चौंकाने वाली बात यह है कि ब्राह्मण संगठनों का समर्थन पाने वाली भाजपा ने भी अपने कोटे की 27 सीटों में से एक पर भी इस समुदाय को टिकट नहीं दिया है। जानकारों का मानना है कि भाजपा को डर है कि ब्राह्मण उम्मीदवार उतारने से उसका अन्य पिछड़ा वर्ग और दलित वोट बैंक छिटक सकता है। दरअसल, राज्य की कुल आबादी में ब्राह्मणों की हिस्सेदारी मात्र 3 प्रतिशत है, जिसे ‘वोट बैंक’ के लिहाज से अब पार्टियां निर्णायक नहीं मानतीं। द्रविड़ विचारधारा, जो ब्राह्मणवाद के विरोध पर टिकी है, उसके कारण भी बड़ी पार्टियां अब अन्य समुदायों जैसे मुथुराय्यर, थेवर और वन्नियार को प्राथमिकता दे रही हैं।

सिर्फ छोटे दलों ने थामा ‘ब्राह्मणों’ का हाथ

एक तरफ जहां बड़ी पार्टियों ने दरवाजे बंद कर लिए हैं, वहीं कुछ नई और छोटी पार्टियों ने इस समुदाय को साधने की कोशिश की है। अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलागा वेट्री कषगम’ ने 2 ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट दिया है। वहीं, तमिल राष्ट्रवादी नेता सीमन की पार्टी ‘नाम तमिलर काचि’ (NTK) ने सबसे ज्यादा 6 ब्राह्मण उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इन उम्मीदवारों को मायलापुर और श्रीरंगम जैसी सीटों पर उतारा गया है, जहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। सीमन की इस रणनीति को ‘द्रविड़ दीवार’ को गिराने की एक वैचारिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

एक पहलू यह भी है

तमिलनाडु में 69 फीसदी आरक्षण लागू है और यहां की राजनीति हमेशा से पिछड़ी जातियों के उत्थान के इर्द-गिर्द बुनी गई है। द्रविड़ राजनीति में ब्राह्मणों को अक्सर ‘बाहरी’ या ‘आर्य’ के रूप में पेश किया गया है, जिससे किसी ब्राह्मण नेता के लिए खुद को ‘विशुद्ध तमिल हितों’ का रक्षक साबित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भी छोटे समुदायों की राजनीतिक भागीदारी और सीमित हो सकती है, जबकि बड़ी आबादी वाले समुदाय सत्ता पर हावी रहेंगे।

UIDAI में इंटर्नशिप का शानदार मौका, नजदीक है लास्ट डेट, फटाफट करें अप्लाई…

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सरकारी संस्था में इंटर्नशिप करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने वर्ष 2026 के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा की है, जिसमें तकनीकी और डिजाइन से जुड़े छात्रों को मौका मिलेगा.

यह इंटर्नशिप खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है जो आईटी, डेटा साइंस और डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं. इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. चयनित उम्मीदवारों को न केवल सीखने का मौका मिलेगा बल्कि उन्हें स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा.

इस प्रोग्राम के तहत कुल 28 पद उपलब्ध कराए गए हैं. यह अवसर उन छात्रों और युवाओं के लिए खास है जो तकनीकी क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव हासिल करना चाहते हैं. इस इंटर्नशिप में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास कुछ विशेष टेक्निकल स्किल होना जरूरी है.

जिन क्षेत्रों में स्किल्स मांगे गए हैं:-

  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज
  • ReactJS और React Native
  • डेटा साइंस
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • मशीन लर्निंग
  • फुल स्टैक डेवलपमेंट
  • एंड्रॉइड और iOS डेवलपमेंट
  • UI/UX डिजाइन

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

इस इंटर्नशिप के लिए कई तरह के कोर्स करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं. इनमें बी.टेक, बी.ई., एम.टेक, बैचलर और मास्टर ऑफ डिजाइन, बैचलर/मास्टर ऑफ मैथमैटिक्स, बैचलर/मास्टर ऑफ स्टैटिस्टिक्स, यानी तकनीकी और डिजाइन दोनों क्षेत्रों के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं.

आवेदन की अंतिम तारीख

इच्छुक उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल 2026 तय की गई है. इसलिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है, ताकि मौका हाथ से न निकल जाए.

इंटर्नशिप की अवधि और स्थान

यह इंटर्नशिप बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी. इसकी न्यूनतम अवधि छह महीने रखी गई है. UIDAI ने साफ किया है कि उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पूरी अवधि तक इंटर्नशिप करने के लिए तैयार होंगे.

स्टाइपेंड और चयन प्रक्रिया

इस इंटर्नशिप में चयनित उम्मीदवारों को वजीफा (स्टाइपेंड) भी दिया जाएगा. हालांकि, चयन प्रक्रिया के बारे में डिटेल जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट देखनी होगी.

जरूरी निर्देश

आवेदन करते समय उम्मीदवारों को सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा करने होंगे. अगर आवेदन में दी गई कोई भी जानकारी गलत पाई जाती है, तो आवेदन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा. इसलिए सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरना बेहद जरूरी है.

“राज्यसभा में शपथ ग्रहण: व्हीलचेयर पर पहुंचे शरद पवार, सावित्रीबाई फुले के अवतार में दिखीं ज्योती वाघमारे…

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Rajya Sabha Oath Ceremony Sharad Pawar Wheelchair: संसद के उच्च सदन, राज्यसभा में आज एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले सहित 19 नवनिर्वाचित सदस्यों ने सांसद के रूप में शपथ ली।

इस अवसर पर उपसभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे।

महाराष्ट्र के दिग्गजों ने ली शपथ समारोह में सबसे अधिक चर्चा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार की रही। स्वास्थ्य कारणों के बावजूद, पवार व्हीलचेयर पर बैठकर सदन पहुंचे और उन्होंने सांसद पद की शपथ ली।

ज्योती वाघमारे ने सावित्रीबाई फुले के वेश में शपथ ली

वहीं, महाराष्ट्र से ही आने वालीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ज्योती वाघमारे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। वह महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के वेश में शपथ लेने पहुंची थीं, जो सदन में आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने अपनी मातृभाषा मराठी में शपथ ली।

रामदास आठवले ने अपने अंदाज में ली शपथ

महाराष्ट्र से शपथ लेने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में भाजपा की माया चिंतामण इवनाते शामिल थीं, जिन्होंने सबसे पहले शपथ ली। इसके साथ ही भाजपा के रामराव सखाराम वडकुटे और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख रामदास आठवले ने भी राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की। रामदास आठवले ने हमेशा की तरह अपने निराले अंदाज में शपथ ली।

देशभर के 19 सांसदों ने ली शपथ

आज शपथ लेने वाले 19 सदस्यों में महाराष्ट्र से 5, तमिलनाडु से 6, पश्चिम बंगाल से 5 और ओडिशा के 3 सदस्य शामिल हैं। सदन की विविधता तब और भी मुखर हो गई जब अधिकांश सदस्यों ने अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में शपथ ली।

तमिलनाडु: डीएमके के तिरुची शिवा और कॉन्स्टन्टाईन रविंद्रन, एआईएडीएमके के एम. थंबीदुराई और पीएमके के अंबुमणी रामदास सहित 6 नेताओं ने शपथ ली।

पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (AITC) के बाबुल सुप्रियो बराल, मेनका गुरुस्वामी और भाजपा के बिस्वजीत सिन्हा सहित 5 सदस्यों ने जिम्मेदारी संभाली।

ओडिशा: भाजपा के मनमोहन सामल, बीजेडी के समृद्ध मिश्रा और निर्दलीय दिलीप कुमार राय ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

संसद में नया समीकरण

नए सदस्यों के आने से राज्यसभा में विभिन्न दलों की शक्ति और समीकरणों में बदलाव देखने को मिलेगा। शरद पवार जैसे अनुभवी नेता और ज्योती वाघमारे जैसे नए चेहरों के समावेश से सदन में चर्चाओं का स्तर और भी गहरा होने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण के बाद सभी नेताओं को बधाई दी गई और उन्होंने देशहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया।

रिलायंस के शेयरों में खलबली, कुछ घंटों में डूबे 81 हजार करोड़, 10 महीने के सबसे बुरे दौर में शेयर…

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देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयर 10 महीनों से ज्यादा समय के लोअर लेवल पर पहुंच गए हैं.

खास बात तो ये है कि सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन के कुछ ही घंटों में कंपनी के मार्केट कैप में 81 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका था. वैसे शेयर बाजार एक बार फिर से बढ़त बना चुका है. उसके बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 3.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है. जोकि कारोबारी सत्र के दौरान 4.50 फीसदी की गिरावट तक पहुंच गई थी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.81 फीसदी गिरावट के साथ 1299.40 रुपए पर कारोबार कर रहा है. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 4.50 फीसदी की गिरावट के साथ 1,290 रुपए के साथ लोअर लेवल पर पहुंच गया था. वैसे कंपनी का शेयर मामूली डेढ़ रुपए की तेजी के साथ 1351.60 रुपए पर ओपन हुआ था. जोकि शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान 1360.80 रुपए के साथ दिन के हाई पर भी चला गया. लेकिन उसके बाद कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है.

कंपनी को 81 हजार करोड़ रुपए का नुकसान

खास बात तो ये है कि शेयरों में गिरावट आने की वजह से कंपनी के मार्केट कैप को मोटा नुकसान हो चुका है और 18 लाख करोड़ रुपए से नीचे आ चुका है. पिछले हफ्ते जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब कंपनी का मार्केट कैप 18,28,034.07 करोड़ रुपए था. जोकि कारोबारी सत्र के दौरान घटकर 1,746,695.20 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप को 81,338.87 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. अनुमान है कि कंपनी के मार्केट कैप में और भी ज्यादा कमी देखने को मिल सकती है. खास बात तो ये है कि कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के पीक से 19 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है.

रिलायंस के शेयरों में गिरावट का कारण

RIL के शेयर दबाव में हैं, और पिछले पांच ट्रेडिंग दिनों में 8 प्रतिशत गिर गए हैं. इसकी वजह सरकार का पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ़्यूल (ATF, या जेट फ़्यूल) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का फैसला है, जिससे मार्जिन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. शुक्रवार, 27 मार्च, 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार डीजल पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और ATF पर 29.5 रुपए प्रति लीटर की ड्यूटी लगाएगी, ताकि घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) के विश्लेषकों का अनुमान है कि कुल ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) पर लगभग 2 डॉलर प्रति बैरल का असर पड़ेगा. हालांकि हाल के HSD GRM 50-60 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में रहे हैं और RIL समेत रिफाइनर, इजराइल-ईरान वॉर से पहले के मुकाबले ज़्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. फिर भी असल रिफाइनिंग मुनाफा हेडलाइन GRM से कम हो सकता है.

इसके अलावा, RIL ने घरेलू LPG की कमी को देखते हुए प्रोपेन को LPG प्रोडक्शन की तरफ मोड़ दिया है, और इसका असर मुनाफे पर पड़ने की संभावना है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद RIL ने रिटेल फ्यूल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है. हालांकि, MOFSL के एनालिस्टों ने RIL पर ‘BUY’ रेटिंग दोहराई है, जिसका टारगेट प्राइस 1,750 रुपए है.

असम चुनाव: ‘भाजपा जो कहती. है, उसे करके दिखाती है.’, 33% महिला आरक्षण पर PM Modi ने की यह अपील; कही बड़ी बात…

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PM Modi On Women Reservation: असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बरपेटा में विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा में उन्होंने भाजपा की उपलब्धियों और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा जो कहती है, उसे करके दिखाती है। उन्होंने इस बात पर भी भरोसा जताया कि इस बार असम में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक निश्चित है।

प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा की और कहा कि सरकार ने 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में इसे पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने सभी राजनीतिक दलों से इस पर चर्चा की है और उनसे अनुरोध किया है कि वे देश की बहनों और बेटियों के अधिकारों से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। किसी भी राज्य को इससे नुकसान नहीं होगा चाहे वह पूर्वोत्तर हो या दक्षिण भारत। महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें देने की व्यवस्था की जा रही है।

पीएम मोदी ने महिलाओं से की अपील

पीएम मोदी ने विशेष रूप से असम की महिलाओं से अपील की कि वह सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलकर इस कानून के पारित होने का आग्रह करें। यह सिर्फ असम ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए फायदेमंद होगा जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके। पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क पर खड़े होने की भी जगह नहीं है। यह मैदान खचाखच भरा हुआ है। मैंने गुजरात में सालों काम किया है लेकिन अगर मुझे सुबह दस या ग्यारह बजे कोई सभा करनी होती, तो मैं इतनी भीड़ नहीं जुटा पाता। आपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। असम की जनता ने इस बार दो बड़े काम किए हैं, पहला एनडीए सरकार की हैट्रिक और दूसरा, कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ के दिल्ली में बैठे नामदारों के लिए हार का रिकॉर्ड बनाना।

एसपीजी कर्मियों को दिए यह निर्देश

रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं और बच्चों के प्रति अपनी स्नेहिल भावना भी दिखाई। उन्होंने कहा कि इस बच्ची ने इतनी कम उम्र में इतनी सारी ड्राइंग्स बनाई हैं। कुछ और बच्चे भी अपनी ड्राइंग्स लेकर आए हैं। मैंने एसपीजी कर्मियों से कहा है कि वे इन्हें इकट्ठा करें यदि आपने पीछे अपना नाम और पता लिखा है, तो मैं आपको चिट्ठी भेजूँगा। बरपेटा में आयोजित रैली के दौरान मोदी ने भाजपा के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि आज 6 अप्रैल को

भारतीय जनता पार्टी

का स्थापना दिवस भी है। मैं पूरे देश और दुनियाभर में भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ हम मां भारती की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी प्रतिबद्धता के साथ, इस चुनाव में भाजपा आपका आशीर्वाद मांग रही है।

कांग्रेस के लिए हार का शतक- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय उत्साह और ऊर्जा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अप्रैल का महीना बोहाग बिहू के पावन अवसर का महीना है। आप सभी इसके उत्सव की तैयारियों में जुटे हैं लेकिन इस बार बोहाग बिहू के साथ-साथ लोकतंत्र का पर्व भी है क्योंकि मतदान के लिए अब सिर्फ दो दिन ही बचे हैं यहां और पूरे असम में जो उत्साह और ऊर्जा मैं देख रहा हूँ, वह असाधारण और अभूतपूर्व है। यहां जुटी भीड़ उसी भावना को दर्शाती है। सड़कों पर भी शायद ही कोई जगह बची हो। उन्होंने कहा कि बरपेटा में यह विशाल जनसमूह एक ही घोषणा कर रहा है। भाजपा के लिए हैट्रिक और कांग्रेस के नामदारों के लिए हार का शतक। आज का यह जनसैलाब असम की जनता के संकल्प और समर्थन का प्रतीक है।

भाजपा के इस सीएम पर गिरी गाज, सुप्रीम कोर्ट ने CBI को दिया जांच का आदेश; ₹1,270 करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला…

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Arunachal Pradesh CM Family Corruption Case: अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक कार्यों के ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कथित कंपनियों को दिए जाने के मामले में सीबीआई जांच करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच करने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को 2 हफ्ते के अंदर जांच शुरू करने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह इस मामले में 16 सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करें।

जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आदेश के तहत राज्य में 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक सार्वजनिक कार्यों, ठेकों और कार्य आदेशों के आवंटन और उनके कामों की जांच की जाए। जस्टिस नाथ ने आदेश सुनाते हुए कहा कि सीबीआई इस निर्णय की तारीख से दो सप्ताह में शुरुआती जांच (पीई) दर्ज करेगी और कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।

परिवार की कंपनियों को ठेका देने का आरोप

लगभग 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि की काम जांच के दायरे में विस्तृत आदेश का इंतजार है। 17 फरवरी को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। सुनवाई के दौरान अदालत को जानकारी दी गई कि पिछले 10 वर्ष में अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके और कार्य आदेश मुख्यमंत्री खांडू के परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए।

राज्य की ओर से पेश वकील ने प्रायोजित बताया

याचिकाकर्ता एनजीओ ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे का हवाला देते हुए दलील दी कि कई ठेके मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को दिए गए। राज्य की ओर से पेश वकील ने पहले दलील दी थी कि यह याचिका ‘प्रायोजित मुकदमा’ है।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा था हलफनामा पिछले साल दो दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) सरकार को मुख्यमंत्री के परिवार की कंपनियों को दिए गए ठेकों समेत 2015 से 2025 तक दिए गए सभी ठेकों के बारे में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था। इस जनहित याचिका (पीआईएल) में पेमा खांडू को पक्षकार बनाया गया है।

पेमा खांडू के पिता दोरजी खांडू की दूसरी पत्नी रिंचिन ड्रेमा और उनके भतीजे त्सेरिंग ताशी को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है।

गौरतलब है कि दोरजी खांडू 2007 से लेकर अप्रैल 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन होने तक अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के मुख्यमंत्री रहे थे। याचिका में दावा किया गया है कि ड्रेमा की कंपनी ‘ब्रांड ईगल्स’ को हितों के स्पष्ट टकराव के बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी ठेके दिए गए।

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों में आंधी-बारिश का जारी किया अलर्ट, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी संभावना…

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मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों में आंधी-बारिश का जारी किया अलर्ट, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी संभावना..

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम ने करवट ले ली है। जहां कुछ राज्यों में तेज गर्मी का असर दिख रहा है, वहीं कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत सहित 12 राज्यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल को बारिश की संभावना है।

इस सप्ताह दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं

मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं, जिनका असर खास तौर पर 7 और 8 अप्रैल को देखने को मिलेगा। इस दौरान कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।

तापमान में आएगी गिरावट

IMD के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में बदलाव होगा। अगले सात दिनों के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। 6 अप्रैल तक दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, लेकिन 7 और 8 अप्रैल को इसमें 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बाद 9 से 11 अप्रैल के बीच तापमान में फिर से 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

कहां कब होगी बारिश

  • कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को हल्की बारिश की संभावना
  • मध्य, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत में 9 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल को बारिश
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 9 अप्रैल के बीच भारी बारिश
  • बिहार और झारखंड में 6 से 8 अप्रैल के बीच बारिश और ओलावृष्टि
  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 अप्रैल को बारिश और हल्की बर्फबारी
  • पंजाब और राजस्थान में 6 अप्रैल को गरज-चमक के साथ बारिश
  • पश्चिमी राजस्थान में 7 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ बारिश
  • जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 7-8 अप्रैल को बारिश, कश्मीर में कहीं-कहीं भारी वर्षा
  • उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अप्रैल तक कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

अगले चार दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, बिहार, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक में भी बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

PM Kisan: इन राज्यों में Farmer ID अनिवार्य, वरना नहीं मिलेगी अगली किस्त…

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अहम खबर है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल तीन किस्तों में 6,000 रुपये दिए जाते हैं.

हाल ही में 22वीं किस्त जारी हुई थी, अब सभी की नजर 23वीं किस्त पर है.

सरकार का नया नियम लागू

सरकार ने अब कुछ राज्यों में Farmer ID (किसान आईडी) बनवाना जरूरी कर दिया है. अगर आपने यह आईडी नहीं बनवाई, तो आपकी अगली किस्त के 2,000 रुपये अटक सकते हैं. नए किसानों के लिए यह पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि पुराने लाभार्थियों को भी जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा.

इन राज्यों में जरूरी हुआ Farmer ID

आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए Farmer ID बनवाना अनिवार्य है. इन राज्यों में बिना रजिस्ट्रेशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

कब आएगी 23वीं किस्त?

पीएम किसान की किस्तें हर चार महीने में जारी होती हैं. 21वीं किस्त नवंबर 2025 और 22वीं मार्च 2026 में आई थी. ऐसे में उम्मीद है कि 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 तक जारी हो सकती है, हालांकि तारीख में बदलाव संभव है.

क्या है Farmer ID और क्यों जरूरी है?

Farmer ID एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जिसमें किसान की जमीन, फसल, आय और अन्य जानकारी दर्ज रहती है. इसका मकसद सही किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना और फर्जीवाड़ा रोकना है. इससे सब्सिडी, बीमा और अन्य योजनाओं का लाभ लेना आसान हो जाता है.

कैसे बनवाएं Farmer ID?

किसान अपने राज्य के कृषि पोर्टल या AgriStack प्लेटफॉर्म पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड, उससे लिंक मोबाइल नंबर और जमीन के दस्तावेज जरूरी होंगे. रजिस्ट्रेशन के बाद e-KYC पूरा करना होगा.

समस्या होने पर कहां करें शिकायत?

अगर किसी किसान को किस्त से जुड़ी समस्या आती है, तो वह हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800115526 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल या 011-23381092 पर कॉल करके भी सहायता ली जा सकते हैं.

“ईरान युद्ध ने बढ़ाई चिंता, वाहन उद्योग को है इस बात डर, लड़ाई लंबी चली तो.!

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भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने भले ही बीते महीने यानी मार्च 2026 में वाहनों की बिक्री के कई रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन आने वाले दिन किसी चुनौती से कम नहीं हैं. भारत के ऑटो डीलरों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान युद्ध इसी तरह चलता रहा तो इसका असर ऑटो इंडस्ट्री पर भी होगा.

ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके चलते निकट भविष्य में सप्लाई या डिस्पैच में रुकावट खड़ी हो सकती है.

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने कहा कि युद्ध की वजह से ऑटो इंडस्ट्री के एक बड़े हिस्से पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. नतीजतन ऑटो सप्लाई चेन की फ्यूल और लॉजिस्टिक कॉस्ट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा सप्लाई चेन में रुकावट की वजह से कीमती धातुओं जैसे एल्युमीनियम, कॉपर और स्टील के दाम भी बढ़ रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने कहा कि अगर कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो कारें के दाम भी बढ़ सकते हैं.

इंडस्ट्री को इस बात की चिंता

FADA के एक हालिया सर्वे से पता चला है कि आधे से अधिक डीलरों को मौजूदा संघर्ष के कारण सप्लाई या डिस्ट्रीब्यूशन में किसी न किसी प्रकार की बाधा का सामना करना पड़ा है, जिनमें से 17.1% ने तीन या उससे अधिक सप्ताह की महत्वपूर्ण देरी की सूचना दी है. ईंधन की कीमतों को लेकर 36.5% डीलरों ने बताया कि बढ़ती ईंधन कीमतें ग्राहकों को असर डालती हैं. हालांकि इसका सबसे अधिक प्रभाव कमर्शियल वाहन सेगमेंट में देखा गया, लेकिन यात्री वाहन और दोपहिया वाहन डीलरों ने भी कई वेरिएंट के आधार पर चुनिंदा देरी की सूचना दी है.

शोरूम में कम हुआ स्टॉक

एसोसिएशन ने बताया कि मार्च में वाहनों की बिक्री में 25.28% की बढ़ोतरी हुई. चार पहिया वाहनों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 21.48% की बढ़ोतरी हुई, जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री में 28.68% और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 15.12% की ग्रोथ हुई. भारत में नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद वाहनों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है, जिसका असर बिक्री में भी देखने को मिला. FADA ने बताया कि यात्री वाहनों का स्टॉक, यानी शोरूम में कार के रहने का औसत समय, लगातार छठे महीने कम हुआ है और मार्च में लगभग 28 दिन रहा, जबकि पिछले साल मार्च में यह 52 दिन था.

अब गैस सप्लाई की नो टेंशन! जंग में पहली बार कतर के जहाजों को होर्मुज से मिली हरी झंडी…

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ईरान जंग के बीच गैस सप्लाई को लेकर पूरी दुनिया को बड़ी राहत मिल सकती है. दरअसल, युद्ध के बाद पहली बार होर्मुज से कतर के 2 जहाजों को गुजरने की हरी झंडी मिली है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कतर के जहाजों को यह हरी झंडी तेहरान और दोहा के बीच हुए एक डील के बाद दी है.

कतर के ये 2 जहाज एलएनजी लेकर होर्मुज से गुजरेंगे. कतर के जहाजों को हरी मिलने का मतलब है- पूरी दुनिया में गैस की किल्लत अब नहीं होगी.

Kpler डेटा के मुताबिक एलएनजी से लदे कतर के 2 जहाज रसीदा और अल दायिन को होर्मुज की तरफ मूवमेंट करते देखा गया है. ये दोनों जहाज होर्मुज से गुजरकर पहले ओमान की खाड़ी में जाएंगे. उसके बाद अपने-अपने ऑर्डर को पहुंचाने के लिए संबंधित देश की तरफ जाएंगे.

यह दुनिया के लिए क्यों है अहम?

कतर पूरी दुनिया में कुल गैस का लगभग 19 प्रतिशत सप्लाई करता है. वर्ष 2024 में कतर ने 77.23 मिलियन मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति की थी. भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देश कतर से ही गैस खरीदते हैं. यूरोप के भी अधिकांश देशों को गैस की सप्लाई कतर से ही होती है.

कतर होर्मुज के रास्ते ही पूरी दुनिया को गैस सप्लाई करता है. होर्मुज के बंद होने से उन देशों की स्थिति खराब हो गई थी, जिन देशों में कतर से गैस की सप्लाई की जाती है. अब होर्मुज के कतर के जहाजों की आवाजाही शुरू होने के बाद दुनिया में गैस सप्लाई की स्थिति सामान्य हो सकती है.

हालांकि, ईरान कब तक कतर के जहाजों को होर्मुज से आने-जाने देगा? इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है. न तो कतर ने कोई आधिकारिक टिप्पणी की है और न ही ईरान ने.

कतर और ईरान में डील की चर्चा

मिडिल ईस्ट में इन दिनों कतर और ईरान के बीच एक सीक्रेट डील की चर्चा है. इसके मुताबिक कतर ने ईरान से उन पैसों को वापस करने की बात कही है, जो उसे एक डील के तहत अमेरिका से मिला था लेकिन कतर के बैंक में फंसा है. डील का यह दावा इजराइली वेबसाइट JFeed ने किया था.

इसके मुताबिक कतर और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है. इसमें कतर ने ईरान को 6 बिलियन डॉलर देने की पेशकश की है. इसके बाद ईरान ने कतर पर हमला बंद कर दिया था.