Rajya Sabha Oath Ceremony Sharad Pawar Wheelchair: संसद के उच्च सदन, राज्यसभा में आज एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले सहित 19 नवनिर्वाचित सदस्यों ने सांसद के रूप में शपथ ली।
इस अवसर पर उपसभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे।
महाराष्ट्र के दिग्गजों ने ली शपथ समारोह में सबसे अधिक चर्चा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार की रही। स्वास्थ्य कारणों के बावजूद, पवार व्हीलचेयर पर बैठकर सदन पहुंचे और उन्होंने सांसद पद की शपथ ली।
ज्योती वाघमारे ने सावित्रीबाई फुले के वेश में शपथ ली
वहीं, महाराष्ट्र से ही आने वालीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ज्योती वाघमारे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। वह महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के वेश में शपथ लेने पहुंची थीं, जो सदन में आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने अपनी मातृभाषा मराठी में शपथ ली।
रामदास आठवले ने अपने अंदाज में ली शपथ
महाराष्ट्र से शपथ लेने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में भाजपा की माया चिंतामण इवनाते शामिल थीं, जिन्होंने सबसे पहले शपथ ली। इसके साथ ही भाजपा के रामराव सखाराम वडकुटे और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख रामदास आठवले ने भी राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की। रामदास आठवले ने हमेशा की तरह अपने निराले अंदाज में शपथ ली।
देशभर के 19 सांसदों ने ली शपथ
आज शपथ लेने वाले 19 सदस्यों में महाराष्ट्र से 5, तमिलनाडु से 6, पश्चिम बंगाल से 5 और ओडिशा के 3 सदस्य शामिल हैं। सदन की विविधता तब और भी मुखर हो गई जब अधिकांश सदस्यों ने अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में शपथ ली।
तमिलनाडु: डीएमके के तिरुची शिवा और कॉन्स्टन्टाईन रविंद्रन, एआईएडीएमके के एम. थंबीदुराई और पीएमके के अंबुमणी रामदास सहित 6 नेताओं ने शपथ ली।
पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (AITC) के बाबुल सुप्रियो बराल, मेनका गुरुस्वामी और भाजपा के बिस्वजीत सिन्हा सहित 5 सदस्यों ने जिम्मेदारी संभाली।
ओडिशा: भाजपा के मनमोहन सामल, बीजेडी के समृद्ध मिश्रा और निर्दलीय दिलीप कुमार राय ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
संसद में नया समीकरण
नए सदस्यों के आने से राज्यसभा में विभिन्न दलों की शक्ति और समीकरणों में बदलाव देखने को मिलेगा। शरद पवार जैसे अनुभवी नेता और ज्योती वाघमारे जैसे नए चेहरों के समावेश से सदन में चर्चाओं का स्तर और भी गहरा होने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण के बाद सभी नेताओं को बधाई दी गई और उन्होंने देशहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया।



