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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान…

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ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान हैमुख्यमंत्री श्री साय

सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने की दिशा में होगी कार्रवाई

राष्ट्रहित में ईंधन बचत को जनआंदोलन बनाने की अपील

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशन फर्स्ट की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी नागरिकों की समस्याएं – जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देश…

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राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को सुना। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का नियमानुसार निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनमानस उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समाधान शीघ्र करें।

जनदर्शन में सीमांकन, नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, भू-अर्जन, अवैध अतिक्रमण हटाने, नजूल से संबंधित, पेंशन, राजस्व रिकार्ड दुरूस्त कराने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा…

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– रिटेल पेट्रोल पंपों की सीसीटीवी फुटेज जांच कर औद्योगिक उपयोग एवं अवैध विक्रय पर कार्रवाई करने के दिए निर्देश’
– सभी विभागों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने के दिए निर्देश’
– सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश’
– तीन दिवस में शेष हितग्राहियों को राशन वितरण पूर्ण करने के दिए निर्देश’

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।

उन्होंने जिले में संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों, खाद्यान्न वितरण, राजस्व प्रकरणों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने जिले के सभी रिटेल पेट्रोल पंपों से औद्योगिक उपयोग के लिए पेट्रोल एवं डीजल विक्रय नहीं करने के संबंध में सूचना जारी करने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देशित किया।

उन्होंने पेट्रोल पंपों में लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच एवं उन्हें दुरूस्त रखने कहा। सीसीटीवी फुटेज जांच के दौरान पेट्रोल एवं डीजल का औद्योगिक कार्यों एवं अवैध विक्रय पाए जाने पर संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों में प्राप्त मांग एवं शिकायतों के आवेदनों की विभाग प्रमुख स्वयं मॉनिटरिंग करें तथा गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निराकरण में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए।

कलेक्टर ने जिले के सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन पत्राचार अब अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता एवं गति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

कलेक्टर ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजा भुगतान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को हितग्राहियों की मुआवजा राशि प्राथमिकता के साथ शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से संबंधित रिकॉर्ड का दुरूस्तीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने जिला खाद्य अधिकारी को आगामी तीन दिवस के भीतर सभी शेष हितग्राहियों को तीन माह का राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने खाद्य दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी एवं एक्सपायरी खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरूद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने पेयजल सप्लाई और बर्फ फैक्ट्रियों में लगातार जांच करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने पीएम-आशा योजना के अंतर्गत किसानों से दलहन एवं तिलहन खरीदी की जानकारी लेते हुए कहा कि पंजीकृत किसानों से शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्रीष्मकालीन मौसम में धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध कराने तथा खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व संबंधी आवेदनों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों का एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में प्राप्त राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को नियमित मॉनिटरिंग करने कहा।

कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को बारिश पूर्व नालों की सफाई पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, निर्माणाधीन स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों सहित अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ बारिश से पहले पूर्ण करने कहा। उन्होंने जिले में अग्निवीर भर्ती के लिए 2700 युवाओं द्वारा पंजीयन की जानकारी लेते हुए युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने कहा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए संस्थागत प्रसव बढ़ाने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा मरीजों को दिए जाने वाले भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाए जा रहे सोलर पैनलों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक नागरिकों को योजना से लाभान्वित करने तथा जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत चल रहे कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने कहा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन पोर्टल एवं टीएल के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

”पीईटी प्रवेश परीक्षा 14 मई को – जिले के 2 परीक्षा केन्द्रों में 460 परीक्षार्थी होंगे शामिल – सुबह 9.30 बजे बंद हो जाएंगे केंद्रों के गेट”

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राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के निर्देशानुसार जिले में प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (पीईटी) प्रवेश परीक्षा का आयोजन 14 मई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा के लिए जिले में कुल 2 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। परीक्षा प्रात: 10 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक आयोजित होगी। सभी परीक्षा केंद्रों के गेट सुबह 9.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जिले से कुल 460 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

व्यापम के दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड एवं वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, इयरफोन सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा किसी भी प्रकार की लिखित अथवा मुद्रित सामग्री परीक्षा केंद्र में ले जाना वर्जित रहेगा। परीक्षार्थियों को हल्के एवं सरल कपड़े पहनकर आने तथा पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाने की अनुमति होगी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग एवं सुरक्षा जांच की जाएगी।

परीक्षा के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्यवेक्षक एवं एफएसटी टीमों की नियुक्ति की गई है, जो परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, आवश्यक सुविधाएं एवं शांत वातावरण सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे व्यापम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे तथा आवश्यक दस्तावेज साथ लाकर परीक्षा में सम्मिलित हों, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

Manipur Election 2027: चुनाव से पहले की तैयारी! राज्यपाल की अमित शाह से मुलाकात, नागा संगठनों ने PM मोदी…

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मणिपुर के तीन नागा सिविल सोसायटी संगठनों ने PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर व्यक्तिगत और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. संगठनों ने आरोप लगाया कि कुकी समूहों द्वारा पहाड़ी जिलों में घटनाएं हो रही हैं.

मणिपुर में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और सुरक्षा हालात फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. राज्य में जारी जातीय तनाव, हथियारों की बरामदगी और नागा-कुकी विवाद के बीच राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राज्य की सुरक्षा स्थिति और सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों पर चर्चा हुई.

तीन नागा सोसियटी ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग

इसी बीच मणिपुर के तीन नागा सिविल सोसायटी संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर “व्यक्तिगत और तत्काल हस्तक्षेप” की मांग की है. संगठनों ने आरोप लगाया कि कुकी समूहों द्वारा पहाड़ी जिलों में नागा गांवों के खिलाफ लगातार हिंसा और क्षेत्रीय अतिक्रमण की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से Suspension of Operations (SoO) समझौते के तहत सक्रिय कुकी उग्रवादी समूहों पर नियंत्रण लगाने की अपील की.

नागा संगठनों ने साथ ही भारत सरकार और National Socialist Council of Nagalim यानी NSCN (IM) के बीच हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के आधार पर इंडो-नागा शांति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की. उनका कहना है कि सम्मानजनक और समावेशी समाधान ही राज्य में स्थायी शांति ला सकता है.

सुरक्षा बलों ने मणिपुर में सर्च ऑपरेशन तेज किए

दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने मणिपुर में लगातार तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं. पुलिस के अनुसार इंफाल वेस्ट जिले में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान कम से कम 20 हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किए गए. लांगोल हिल रेंज से 16 हथियार, जिनमें दस पिस्तौल, एक INSAS राइफल और .303 राइफल शामिल हैं, बरामद किए गए. वहीं सेकमाई थाना क्षेत्र के इंगेल हिल इलाके से दो पिस्तौल, दो हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार जब्त किए गए.

मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हुए हैं.

घर भी मिलेगा और सुरक्षा भी, नौकरी पेशा महिलाओं के लिए हैं सरकार की ये 3 योजनाएं…

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महिलाओं को जागरुक और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य और केंद्र सरकारें लगातार काम करती रहती हैं. जिसके लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं भी चलाई जाती रहती हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य होता है महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें बढ़ावा देना. खासतौर से उनकी सुरक्षा का ख्याल रखना और परिवार नियोजन के समय उन्हें एक सकारात्मक माहौल प्रदान करना. आज आपको हम ऐसी ही तीन योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बारे में नौकरीपेशा महिलाओं को जरूर पता होना चाहिए.

सखी निवास योजना
केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत ‘सखी निवास योजना’ भी चलाई जाती है. इस योजना के तहत नौकरीपेशा महिलाओं को आवास और रहने की सुविधा मिलती है. इसे पहले कामकाजी महिला छात्रावास कहा जाता था. ये योजना खासतौर से उन महिलाओं के लिए है जो अपने घर से दूर शहरों या कस्बों में रहती हैं. ये योजना सुनिश्चित करती है कि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, उन्हें किफायती रहने की सुविधा मिले और सुविधाजनक आवास मिल सके.

शी बॉक्स पोर्टल
ये योजना सरकार ने महिलाओं के लिए दफ्तर में सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से शुरू की है. SHe Box Portal योजना के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यदि कोई यौन उत्पीड़न की घटना हो जाए, तो उसकी शिकायत करने के लिए बनाई गई है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा चलाए जाने वाला ये पोर्टल निजी और सरकारी, दोनों क्षेत्रों की कामकाजी महिलाओं को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति ट्रैक करने की सुविधा देता है.

मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961
कई बार महिलाओं को लगता है कि बच्चा पैदा होने के बाद उनका करियर खत्म हो गया है. लेकिन ऐसा नहीं हैं, सरकार ने इसके लिए भी योजना बनाई हुई है. मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 भारत में कामकाजी महिलाओं को प्रेगनेंसी और डिलीवरी के समय पेड लीव्स और अन्य लाभ प्रदान करने वाली योजना है. ये योजना से भी नहीं बल्कि एक कानून है, जिसका 2017 के संशोधन क्या गया था. जिसके बाद अब इसके तहत पहले दो बच्चों के लिए 26 सप्ताह की पेड लीव्स, 80 दिनों के काम की पात्रता, मेडिकल बोनस और क्रैच सुविधा के साथ नौकरी सुरक्षित रहती है.

आईपीएल 2026: गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद की नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीमें भिड़ेंगी…. जानें इस मैच की A टू Z डिटेल्स.

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आईपीएल 2026 में आज 56वां मैच खेला जाएगा. गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद की नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीमें भिड़ेंगी. यहां जानें इस मैच की A टू Z डिटेल्स.

आईपीएल 2026 में आज गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें भिड़ेंगी. यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. दोनों ही टीमें प्लेऑफ में पहुंचने की दावेदार हैं. हैदराबाद और गुजरात, दोनों अपने पिछले मैच जीतकर आई हैं. ऐसे में इस मैच के रोमांचक होने के पूरे आसार हैं.

प्वाइंट्स टेबल में सनराइजर्स हैदराबाद दूसरे और गुजरात टाइटंस तीसरे नंबर पर हैं. दोनों टीमें 11-11 मैचों में 7-7 मुकाबले जीती हैं. दोनों के 14-14 अंक हैं. हालांकि, हैदराबाद का नेट रन रेट बेहतर है. इस कारण वो दूसरे नंबर पर है. आज के मैच में जो टीम जीतेगी, वो अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगी.

हेड टू हेड में कौन आगे?

सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के बीच हेड टू हेड में शुभमन गिल की टीम 5-1 से आगे है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस पैट कमिंस की सनराइजर्स हैदराबाद से कभी नहीं हारी है. तीन मैच खेले गए हैं और तीनों गुजरात ने जीते हैं.

पिच रिपोर्ट 

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मुफीद रहती है. यहां चेज करना आसान रहता है. हालांकि, इस सीजन इस मैदान पर ज्यादा हाई स्कोरिंग मुकाबले नहीं हुए हैं. आईपीएल 2026 में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पहली पारी का औसत स्कोर 181 रन रहा है. विशेष रूप से यहां तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जिन्होंने प्रति ओवर 9 से कम रन दिए हैं.

मैच प्रिडिक्शन 

हमारा मैच प्रिडिक्शन मीटर कह रहा है कि इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद का पलड़ा भारी है. हालांकि, टॉस पर काफी कुछ निर्भर रहेगा. लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम की जीत की उम्मीद ज्यादा है.

गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग इलेवन शुभमन गिल, साई सुदर्शन, जोस बटलर, वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राहुल तेवतिया, अरशद खान, राशिद खान, मानव सुथार, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा

सनराइजर्स हैदराबाद की संभावित प्लेइंग इलेवन अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, अनिकेत वर्मा/स्मरन रविचंद्रन, सलिल अरोड़ा, पैट कमिंस, हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा

PM मोदी की अपील पर अरविंद केजरीवाल ने रख दीं 3 डिमांड…

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अरविंद केजरीवाल का कहना है कि देश के इतिहास में आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ऐसे कठोर कदम उठाने की अपील नहीं की. इससे संदेह जाता है कि देश गंभीर परिस्थितियों में है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता से की गई ‘कटौती’ वाली अपील पर अब अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया आई है. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया है कि देशहित में जिन भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा हम करेंगे, लेकिन पीएम मोदी सामने वह भी 3 निवेदन रख रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “देश बेहद आर्थिक संकट से गुजर रहा है. इसलिए पीएम मोदी ने देश के लोगों से अपील की है कि 7 स्टेप अपनाएं. इनमें वर्क फ्रॉम होम करने, सोने की खरीद बंद करने, तेल की बचत करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, खाद का कम इस्तेमाल करने, फॉरेन प्रोडक्ट कम इस्तेमाल करने, खाद्य तेल कम करने और विदेश यात्रा बंद करने की बात कही है. साल 1950 के बाद से ऐसी कई परिस्थितियां बनीं, जब हमारा देश अलग-अलग संकटों से गुजरा. अलग-अलग देशों से युद्ध हुआ, आर्थिक मंदी से भी गुजरा लेकिन आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इतने कठोर कदम लेने के लिए नहीं कहे.”

अरविंद केजरीवाल ने आगे कह, “एक समय आया था जब लाल बहादुर शास्त्री ने भी देश के लोगों से अपील की थी. इंदिरा गांधी ने भी लोगों से कहा था कि सोना न खरीदें लेकिन इतनी कठोर अपील, सात बड़े कदम उठाने की अपील किसी ने नहीं की थी. यह देखकर हम सदमे में हैं.”

अरविंद केजरीवाल के तीन सवाल

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी तीन गुजारिश हैं… एक तो यह कि अगर आपने इतने कठोर कदम उठाने को कहा है तो इसका मतलब अर्थव्यवस्था का काफी बुरा हाल है या फिर आने वाले समय में और भी बुरा हो सकता है. देश यह जानना चाहता है कि हम कहां खड़े हैं. आपने हमें कहां लाकर छोड़ा है? हम सब देशवासी देशभक्त हैं, कठोर से कठोर कदम भी उठाएंगे. हमें और कठिनाइयां भी बर्दाश्त करनी पड़ीं, कुर्बानियां देनी पड़ीं तो भी हम देंगे लेकिन पता तो चले कि ये कदम क्यों उठाए जा रहे हैं. पता तो चले कि अर्थव्यवस्था कहां खड़ी है. केवल आदेश दे देने से तो काम नहीं चलेगा. यह देश हम सबका है, 140 करोड़ लोगों का है. इसलिए प्रधानमंत्री से पहला निवेदन यह है कि स्पष्ट करें आज हमारी अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति है और आने वाले समय में क्या स्थिति होगी. इसकी सारी जानकारी देश के लोगों के साथ शेयर करें.”

दूसरा निवेदन करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हम सब जानते हैं कि यह ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से हो रहा है. इससे तो पूरी दुनिया प्रभावित है, सभी देशों पर असर पड़ रहा है. हालांकि, किसी भी देश की सरकार ने ऐसे कदम उठाने की अपील नहीं की है. किसी ने एक दो काम करने को कहे होंगे, लेकिन इतने गंभीर रूप से किसी ने कटौती करने की बात नहीं की. इससे शंका पैदा होती है कि कहीं स्थिति केवल इस युद्ध की वजह से बनी है या इसके और भी कारण हैं? इसलिए हमारा दूसरा निवेदन यह है कि इस सवाल का जवाब दें, जो कदम किसी और देश ने नहीं उठाए वो अकेले हमें उठाने की क्या जरूरत पड़ी?”

तीसरी बात, इसका सारा बोझ मिडिल क्लास पर क्यों डाला जा रहा है? विदेश मत जाओ, विदेशी चीजें मत खरीदो, सोना मत खरीदो, तेल मत खरीदो… केवल मध्यमवर्गीय लोगों पर ही ये नियम क्यों लागू हैं? मिडिल क्लास देशभक्त है. जरूरत पड़ेगी तो देश के लिए किसी भी हद तक जाएंगे, लेकिन केवल मिडिल क्लास क्यों? अगर किसी को सबसे पहले कुर्बानी देनी चाहिए थी तो देश की सरकार को… अपने खर्चों पर पहले कटौती करनी चाहिए थी. प्रधानमंत्री और सभी मंत्रियों को मिलकर कटौती करनी चाहिए थी, उन्होंने भी नहीं की. सब घूम रहे हैं, विदेश जा रहे हैं, गाड़ियां-हवाई जहाज भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. केवल हम ही क्यों करें?

एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए विपक्ष को घेरा…

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शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि घोर हताशा में विपक्ष प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठाकर उनकी सुरक्षा के महत्व को कम आंक रहा. क्या पीएम को भी पैदल चलना चाहिए?

एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए विपक्ष को घेरा है. उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मितव्ययी रहने की अपील की है और एक साल तक सोना न खरीदने, डीजल-पेट्रोल और खाना पकाने के तेल की खपत कम करने को कहा है, तब से पूरा विपक्ष मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया है.

उन्होंने कहा, ”दिल्ली से मुंबई तक, सभी विपक्षी पार्टियां कभी प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रही हैं तो कभी अर्थव्यवस्था के आसन्न संकट के लिए सरकार को दोष दे रहे हैं.” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू किया? वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस युग में, अगर कहीं भी युद्ध होता है, तो क्या उसकी छाया हम पर भी नहीं पड़ेगी?”

विपक्ष को समझ कब आएगी- संजय निरुपम

शिवसेना नेता ने आगे कहा, ”घोर हताशा में, विपक्ष प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठाकर उनकी सुरक्षा के महत्व को कम आंक रहा है. क्या प्रधानमंत्री को भी पैदल चलना चाहिए? क्या उन्हें अपनी कार खुद चलानी चाहिए? या क्या उन्हें भी घर से काम करना चाहिए? विपक्ष को समझ कब आएगी? खैर, फिलहाल कोई संकट नहीं है.”

देश में डीजल-पेट्रोल पर्याप्त है- संजय निरुपम

संजय निरुप ने दावा करते हुए कहा, ”डीजल-पेट्रोल पर्याप्त है. विदेशी मुद्रा भंडार भी ठीक है. चूंकि विदेशी संस्थाएं बाजार से हाथ खींच रही हैं, इसलिए भविष्य में विदेशी मुद्रा संकट उत्पन्न हो सकता है, इसलिए, सुझाव है कि सोने की खरीद को स्थगित कर दिया जाए. यह चिंता सिर्फ प्रधानमंत्री की नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष मानसिक रूप से इतना दिवालिया हो गया है कि संकट की इस घड़ी में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है.”

पीएम मोदी की लोगों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (11 मई) को 24 घंटे में दूसरी बार जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सोने की खरीदी से बचने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग अपनाने, वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने और डिजिटल तकनीक के अधिक उपयोग की सलाह दी. इससे पहले 10 मई को तेलंगाना से उन्होंने इसी तरह 10 अपील की थी.

UPSC Recruitment 2026: UPSC ने ग्रुप A-ग्रुप B के लिए निकाली भर्ती….

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UPSC Recruitment 2026: UPSC की इस भर्ती में ग्रुप A और ग्रुप B के 45 पदों पर वैकेंसी निकाली, जिससे मंत्रालयों में नौकरी पाने का मौका मिलेगा, उम्मीदवार 29 मई 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं.

सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. ऐसे में अगर आप भी किसी बड़े मंत्रालय में काम करने का सपना देखते हैं और अच्छी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए खास हो सकता है. संघ लोक सेवा आयोग यानी Union Public Service Commission (UPSC) ने ग्रुप ए और ग्रुप बी गजेटेड पदों पर भर्ती निकाली है. वही खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में पोस्टिंग मिलेगी. साथ ही इसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 29 मई 2026 शाम 6 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं.

कई मंत्रालयों में निकली भर्ती

UPSC द्वारा जारी विज्ञापन संख्या 04/2026 के तहत विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर भर्ती की जाएगी.  इस भर्ती अभियान में  कुल 45 पदों पर भर्ती की जाएगी. जिसमें असिस्टेंट लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर (कन्नड़ भाषा), कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग पुणे में एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर, रक्षा मंत्रालय में अनुवादक (चीनी और तिब्बती), डीआरडीओ में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ग्रेड-II, भारतीय खान ब्यूरो में सहायक खनन अभियंता और सहायक अनुसंधान अधिकारी, तथा लद्दाख प्रशासन में लेखा अधिकारी जैसे पद शामिल हैं. ये सभी पद केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में भरे जाएंगे.  साथ ही सबसे अधिक 29 पद डीआरडीओ में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ग्रेड-II के लिए निर्धारित किए गए हैं,  वही बाकी पदों के लिए बस एक- एक ही खाली पद हैं. UPSC की यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन मौका मानी जा रही है जो सीधे केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में काम करना चाहते हैं.

आवेदन की तारीख और जरूरी जानकारी

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 मई 2026 से शुरू हो चुकी है. जिसमें उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं. साथ ही आवेदन करने की अंतिम तारीख 29 मई 2026 शाम 6 बजे तक तय की गई है.  आयोग ने साफ कहा है कि उम्मीदवारों की योग्यता और पात्रता का निर्धारण भी इसी तारीख के आधार पर किया जाएगा. ऐसे में इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें. साथ ही आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे.

चयन प्रक्रिया और युवाओं के लिए बड़ा अवसर

UPSC की इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग, भर्ती परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. साथ ही उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र पद के हिसाब से 30 से 45 साल तक रखी गई है. उम्र की गणना आवेदन की आखिरी तारीख के आधार पर की जाएगी. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार उम्र सीमा में छूट मिलेगी. साथ ही कुछ पदों के लिए अनुभव और शैक्षणिक योग्यता को भी महत्व दिया जाएगा. इसके अलावा चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान स्तर 7 से 10 और अकादमिक स्तर 10 से 13A1 के तहत सैलरी दी जाएगी. अगर आप भी लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह अवसर आपके करियर को नई दिशा दे सकता है. साथ ही  उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ लें ताकि किसी तरह की गलती न हो.