Home राजनीति PM मोदी की अपील पर अरविंद केजरीवाल ने रख दीं 3 डिमांड…

PM मोदी की अपील पर अरविंद केजरीवाल ने रख दीं 3 डिमांड…

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अरविंद केजरीवाल का कहना है कि देश के इतिहास में आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ऐसे कठोर कदम उठाने की अपील नहीं की. इससे संदेह जाता है कि देश गंभीर परिस्थितियों में है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता से की गई ‘कटौती’ वाली अपील पर अब अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया आई है. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया है कि देशहित में जिन भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा हम करेंगे, लेकिन पीएम मोदी सामने वह भी 3 निवेदन रख रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “देश बेहद आर्थिक संकट से गुजर रहा है. इसलिए पीएम मोदी ने देश के लोगों से अपील की है कि 7 स्टेप अपनाएं. इनमें वर्क फ्रॉम होम करने, सोने की खरीद बंद करने, तेल की बचत करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, खाद का कम इस्तेमाल करने, फॉरेन प्रोडक्ट कम इस्तेमाल करने, खाद्य तेल कम करने और विदेश यात्रा बंद करने की बात कही है. साल 1950 के बाद से ऐसी कई परिस्थितियां बनीं, जब हमारा देश अलग-अलग संकटों से गुजरा. अलग-अलग देशों से युद्ध हुआ, आर्थिक मंदी से भी गुजरा लेकिन आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इतने कठोर कदम लेने के लिए नहीं कहे.”

अरविंद केजरीवाल ने आगे कह, “एक समय आया था जब लाल बहादुर शास्त्री ने भी देश के लोगों से अपील की थी. इंदिरा गांधी ने भी लोगों से कहा था कि सोना न खरीदें लेकिन इतनी कठोर अपील, सात बड़े कदम उठाने की अपील किसी ने नहीं की थी. यह देखकर हम सदमे में हैं.”

अरविंद केजरीवाल के तीन सवाल

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी तीन गुजारिश हैं… एक तो यह कि अगर आपने इतने कठोर कदम उठाने को कहा है तो इसका मतलब अर्थव्यवस्था का काफी बुरा हाल है या फिर आने वाले समय में और भी बुरा हो सकता है. देश यह जानना चाहता है कि हम कहां खड़े हैं. आपने हमें कहां लाकर छोड़ा है? हम सब देशवासी देशभक्त हैं, कठोर से कठोर कदम भी उठाएंगे. हमें और कठिनाइयां भी बर्दाश्त करनी पड़ीं, कुर्बानियां देनी पड़ीं तो भी हम देंगे लेकिन पता तो चले कि ये कदम क्यों उठाए जा रहे हैं. पता तो चले कि अर्थव्यवस्था कहां खड़ी है. केवल आदेश दे देने से तो काम नहीं चलेगा. यह देश हम सबका है, 140 करोड़ लोगों का है. इसलिए प्रधानमंत्री से पहला निवेदन यह है कि स्पष्ट करें आज हमारी अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति है और आने वाले समय में क्या स्थिति होगी. इसकी सारी जानकारी देश के लोगों के साथ शेयर करें.”

दूसरा निवेदन करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हम सब जानते हैं कि यह ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से हो रहा है. इससे तो पूरी दुनिया प्रभावित है, सभी देशों पर असर पड़ रहा है. हालांकि, किसी भी देश की सरकार ने ऐसे कदम उठाने की अपील नहीं की है. किसी ने एक दो काम करने को कहे होंगे, लेकिन इतने गंभीर रूप से किसी ने कटौती करने की बात नहीं की. इससे शंका पैदा होती है कि कहीं स्थिति केवल इस युद्ध की वजह से बनी है या इसके और भी कारण हैं? इसलिए हमारा दूसरा निवेदन यह है कि इस सवाल का जवाब दें, जो कदम किसी और देश ने नहीं उठाए वो अकेले हमें उठाने की क्या जरूरत पड़ी?”

तीसरी बात, इसका सारा बोझ मिडिल क्लास पर क्यों डाला जा रहा है? विदेश मत जाओ, विदेशी चीजें मत खरीदो, सोना मत खरीदो, तेल मत खरीदो… केवल मध्यमवर्गीय लोगों पर ही ये नियम क्यों लागू हैं? मिडिल क्लास देशभक्त है. जरूरत पड़ेगी तो देश के लिए किसी भी हद तक जाएंगे, लेकिन केवल मिडिल क्लास क्यों? अगर किसी को सबसे पहले कुर्बानी देनी चाहिए थी तो देश की सरकार को… अपने खर्चों पर पहले कटौती करनी चाहिए थी. प्रधानमंत्री और सभी मंत्रियों को मिलकर कटौती करनी चाहिए थी, उन्होंने भी नहीं की. सब घूम रहे हैं, विदेश जा रहे हैं, गाड़ियां-हवाई जहाज भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. केवल हम ही क्यों करें?