शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि घोर हताशा में विपक्ष प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठाकर उनकी सुरक्षा के महत्व को कम आंक रहा. क्या पीएम को भी पैदल चलना चाहिए?
एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए विपक्ष को घेरा है. उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मितव्ययी रहने की अपील की है और एक साल तक सोना न खरीदने, डीजल-पेट्रोल और खाना पकाने के तेल की खपत कम करने को कहा है, तब से पूरा विपक्ष मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया है.
उन्होंने कहा, ”दिल्ली से मुंबई तक, सभी विपक्षी पार्टियां कभी प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रही हैं तो कभी अर्थव्यवस्था के आसन्न संकट के लिए सरकार को दोष दे रहे हैं.” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू किया? वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस युग में, अगर कहीं भी युद्ध होता है, तो क्या उसकी छाया हम पर भी नहीं पड़ेगी?”
विपक्ष को समझ कब आएगी- संजय निरुपम
शिवसेना नेता ने आगे कहा, ”घोर हताशा में, विपक्ष प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठाकर उनकी सुरक्षा के महत्व को कम आंक रहा है. क्या प्रधानमंत्री को भी पैदल चलना चाहिए? क्या उन्हें अपनी कार खुद चलानी चाहिए? या क्या उन्हें भी घर से काम करना चाहिए? विपक्ष को समझ कब आएगी? खैर, फिलहाल कोई संकट नहीं है.”
देश में डीजल-पेट्रोल पर्याप्त है- संजय निरुपम
संजय निरुप ने दावा करते हुए कहा, ”डीजल-पेट्रोल पर्याप्त है. विदेशी मुद्रा भंडार भी ठीक है. चूंकि विदेशी संस्थाएं बाजार से हाथ खींच रही हैं, इसलिए भविष्य में विदेशी मुद्रा संकट उत्पन्न हो सकता है, इसलिए, सुझाव है कि सोने की खरीद को स्थगित कर दिया जाए. यह चिंता सिर्फ प्रधानमंत्री की नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष मानसिक रूप से इतना दिवालिया हो गया है कि संकट की इस घड़ी में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है.”
पीएम मोदी की लोगों से अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (11 मई) को 24 घंटे में दूसरी बार जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सोने की खरीदी से बचने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग अपनाने, वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने और डिजिटल तकनीक के अधिक उपयोग की सलाह दी. इससे पहले 10 मई को तेलंगाना से उन्होंने इसी तरह 10 अपील की थी.



