मणिपुर के तीन नागा सिविल सोसायटी संगठनों ने PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर व्यक्तिगत और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. संगठनों ने आरोप लगाया कि कुकी समूहों द्वारा पहाड़ी जिलों में घटनाएं हो रही हैं.
मणिपुर में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और सुरक्षा हालात फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. राज्य में जारी जातीय तनाव, हथियारों की बरामदगी और नागा-कुकी विवाद के बीच राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राज्य की सुरक्षा स्थिति और सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों पर चर्चा हुई.
तीन नागा सोसियटी ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग
इसी बीच मणिपुर के तीन नागा सिविल सोसायटी संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर “व्यक्तिगत और तत्काल हस्तक्षेप” की मांग की है. संगठनों ने आरोप लगाया कि कुकी समूहों द्वारा पहाड़ी जिलों में नागा गांवों के खिलाफ लगातार हिंसा और क्षेत्रीय अतिक्रमण की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से Suspension of Operations (SoO) समझौते के तहत सक्रिय कुकी उग्रवादी समूहों पर नियंत्रण लगाने की अपील की.
नागा संगठनों ने साथ ही भारत सरकार और National Socialist Council of Nagalim यानी NSCN (IM) के बीच हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के आधार पर इंडो-नागा शांति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की. उनका कहना है कि सम्मानजनक और समावेशी समाधान ही राज्य में स्थायी शांति ला सकता है.
सुरक्षा बलों ने मणिपुर में सर्च ऑपरेशन तेज किए
दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने मणिपुर में लगातार तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं. पुलिस के अनुसार इंफाल वेस्ट जिले में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान कम से कम 20 हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किए गए. लांगोल हिल रेंज से 16 हथियार, जिनमें दस पिस्तौल, एक INSAS राइफल और .303 राइफल शामिल हैं, बरामद किए गए. वहीं सेकमाई थाना क्षेत्र के इंगेल हिल इलाके से दो पिस्तौल, दो हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार जब्त किए गए.
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हुए हैं.



