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सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया चक्रवर्ती को राहत, जमानत को चुनौती नहीं देगी NCB

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Sushant Singh Rajput Case : बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती का नाम काफी ज्यादा चर्चा में रहा था और उनपर एक्टर के परिवारवालों ने जमकर कई सारे आरो लगाए थे और उन्हें महीनों तक जेल में भी रहना पड़ा था.

रिया चक्रवर्ती पर ऐसा आरोप लगा था कि उन्होंने एक्टर को ड्रग्स खरीदने में सहायता की थी. इस मामले में एनसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था और जेल में भी रहना पड़ा था. लगभग एक महीने जेल में रहने के बाद 4 अक्टूबर 2021 को उन्हें बेल मिल गई थी. लेकिन उनकी बेल को कोर्ट में चुनौती दी गई थी. वहीं सुशांत की मौत के 3 साल से भी ज्यादा समय (1129 दिन) के बाद रिया को राहत मिली है. दरअसल, 18 जुलाई, मंगलवार के दिन एनसीबी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो एक्ट्रेस की जमानत को चुनौती नहीं देगी.

मिसाल के रूप में ना लिया जाएसुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती को जमानत देने के मुंबई हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ एनसीबी की याचिका पर सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत ने अभिनेत्री की जमानत पर एनसीबी के रुख में बदलाव पर एएसजी की दलील पर संज्ञान लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के फैसले को किसी अन्य मामले में मिसाल के रूप में नहीं लिया जाएगा. पीठ ने कहा, ”एएसजी की दलील सुनने के बाद, इस स्तर पर जमानत देने के संबंध में लागू आदेश को चुनौती देने की आवश्यकता नहीं लगती.”

आदेश को एक मिसाल के रूप में नहीं माना जाएगाएएसजी राजू ने कहा, “हम जमानत दिए जाने को चुनौती नहीं दे रहे हैं, लेकिन धारा 27ए की व्याख्या पर कृपया इसे विचार के लिए खुला रखें. आदेश को एक मिसाल भी न बनने दें.” बता दें कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 27ए अवैध तस्करी के वित्तपोषण और अपराधियों को शरण देने से संबंधित है, जिसके लिए अधिकतम 20 साल की जेल हो सकती है. दलीलों सुनने के बाद पीठ ने सहमति जताई और सरकार की अपील का निपटारा कर दिया. साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को एक मिसाल के रूप में नहीं माना जाएगा.

साल 2020 में हुई थी सुशांत की मौतसुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी. वो मुंबई में जिस मकान में किराए पर रह रहे थे वहां मृत पाए गए थे. पुलिस ने उनकी मौत को सुसाइड बताया था, लेकिन अभी भी उस मामले की जांच चल रही है. बता दें, सुशांत एक ऐसे एक्टर थे, जिन्होंने काफी कम समय में पहले टीवी और फिर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई थी. बता दें रिया चक्रवर्ती अब लंबे समय के बाद काम पर वापसी कर चुकी हैं. वह एमटीवी के शो रोडीज में जज के तौर पर नजर आ रही हैं.

Muharram 2023: इस मुहर्रम अपने करीबियों को भेजें ये खास संदेश, ऐसे दें बधाई

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Muharram 2023 : मुहर्रम का दिन इस्लाम मज़हब के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. इस्लामिक मान्यता के अनुसार, मुहर्रम के 10वें दिन को आशूरा कहते हैं. इस दिन कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन का सिर कलम हो गया था.

ऐसे में उन्हें याद करके जुलूस और ताज़िए निकाली जाती है. उसके बाद कर्बला में दफन किया जाता है. बता दें कि इस साल मुहर्रम आज यानि 19 जुलाई को मनाया जा रहा है. ऐसे में यदि आप मुहरर्म के कोट्स और संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां दिए गए कोट्स आपके बेहद काम आ सकते हैं.

आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आप अपनों को कौन-से मुहर्रम पर कोट्स भेज सकते हैं. पढ़ते हैं आगे…

Muharram 2023 Wishes, quotes & Messages

  1. खुशियों का सफर तो गम से शुरू होता है, हमारा तो नया साल मुहर्रम से शुरू होता है.
  2. फलक पर शोक का बादल अजीब सा छाया है, जैसे कि मुहर्रम का महीना नज़दीक आया है.
  3. अपनी तकदीर जगाते हैं तेरे मातम से, खून की राह बिछाते हैं तेरे मातम से, अपन इजहारे-ए-अकीदत का सिलसिला ये है, हम नया साल मनाते हैं तेरे मातम से.
  4. ज़िक्र-ए-हुसैन आया तो आंखें छलक पड़ी, पानी को कितना प्यार है अब भी हुसैन से.
  5. करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने, ईमान फिर से जगाओ तो कोई बात बने,
  6. लहू जो बह गया कर्बला में, उनके मकसद को समझो तो कोई बात बने.
  7. मुहर्रम पर याद करो वो कुर्बानी, जो सिखा गया सही अर्थ इस्लामी, ना डिगा वो हौसलों से अपने, काटकर सर सिखाई असल जिंदगानी.
  8. मेरी दुआ है कि यह नववर्ष आपके जीवन में बहुत सारी खुशियां, स्वास्थ्य और समृद्धि लाए. नया साल 2023 मुबारक आपको.
  9. ख़ुदा की जिस पर रहमत हो वो हुसैन हैं, जो इंसाफ और सत्य के लिए लड़ जाए वो हुसैन हैं।
  10. कर्बला को कर्बला के शहंशाह पर नाज़ है, उस नवासे पर मुहम्मद को नाज़ है, यूं तो लाखों सिर झुके सजदे में लेकिन, हुसैन ने वो सजदा किया, जिस पर खुदा को नाज़ है.

World Largest Office: पेंटागन को पीछे छोड़कर भारत के इस शहर में बन रही है सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग

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World’s Largest Office : विश्व की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग का खिताब अब तक अमेरिका के पेंटागन के पास था, जो अब छिनने वाला है. भारत में दुनिया की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग बन रही है.

यह बिल्डिंग गुजरात के सूरत में बन रही है. सूरत को हीरे के व्यापार का केंद्र माना जाता है. इस बिल्डिंग को भी हीरे के व्यापार केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. इस बिल्डिंग को पूरा बनने में चार साल का वक्त लग गया है. ध्यान देने वाली बात ये है कि सूरत में विश्व के 90 फीसदी हीरे का निर्माण होता है. वहीं अमेरिका के पेंटागन की बात करें तो इसके पास विश्व की सबसे बड़ी ऑफिस होने का ताज पिछले 80 सालों से था, लेकिन अब यह खिताब सूरत डायमंड बोर्स (Surat Diamond Bourse) के पास जाने वाला है.

क्या है सूरत डायमंड बोर्स?

इस शानदार बिल्डिंग का नाम सूरत डायमंड बोर्स (Surat Diamond Bourse) रखा गया है. दुनिया के जेम कैपिटल के रूप में प्रसिद्ध सूरत की इस इमारत को ‘वन स्टॉप डेस्टिनेशन’ के रूप में बनाया गया है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक इस बिल्डिंग को कुल 15 मंजिला बनाया गया है जो 35 एकड़ में फैली हुई है. इसमें हीरे के व्यापार से जुड़े पॉलिशर्स, कटर्स और व्यापारी सभी के लिए सुविधाएं प्रदान की गई है. इस बिल्डिंग को नौ आयताकार स्ट्रक्चर के रूप में बनाया गया है और यह सभी एक दूसरे से सेंट्रल स्पाइन के रूप में जुड़े हुए हैं. इस बिल्डिंग को बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि इसमें कुल 7.1 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा की जमीन है. इस बिल्डिंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर, 2023 में करने वाले हैं. इस शानदार बिल्डिंग को बनने में चार साल का वक्त लगा है.

कई व्यापारियों के लिए होगा महत्वपूर्ण साबित-

एसबीडी की वेबसाइट के अनुसार इस कॉम्प्लेक्स में एक एंटरटेनमेंट और पार्किंग एरिया मौजूद है जो कुल 20 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है. एसडीबी डायमंड बोर्स एक गैर लाभकारी संस्था है जो कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत रजिस्टर की गई है. इस प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश गढ़वी ने कहा है कि नई बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स हजारों हीरा व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा. इससे व्यापारियों को बिजनेस बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे ट्रेन से की जाने वाली दैनिक यात्रा से भी मुक्ति मिलेगी.

कंपनियां खरीद चुकी हैं ऑफिस

सूरत डायमंड बोर्स के डिजाइन को एक इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता के बाद भारतीय फर्म मॉर्फोजेनेसिस ने ही डिजाइन किया है. इस मामले पर जानकारी देते हुए महेश गढ़वी ने कहा कि हमने इस बिल्डिंग को बनाते वक्त यह सोचा भी नहीं था कि हम अमेरिका के पेंटागन को पीछे छोड़ देंगे. हमने इसे केवल व्यापारियों की सुविधा के लिए बनाया था. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हीरे के व्यापार के इस हब में डायमंड बनाने वाली कंपनियों ने बिल्डिंग के निर्माण से पहले ही अपने ऑफिस खरीद लिए हैं.

मानसून सत्र : 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक, विपक्ष इन मुद्दों पर कर सकता है हंगामा

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संसद का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है. इसके एक दिन पहले 19 जुलाई को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलायी है जिसमें सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों के साथ चर्चा की जायेगी.

संसदीय मामलों के मंत्रालय ने इस बाबत जानकारी दी है. मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 19 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की पूर्वसंध्या पर दोनों सदनों के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक अपराह्न 3 बजे संसदीय ग्रंथालय भवन होगी.

आपको बता दें कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को होगी. सत्र 11 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान संसद के दोनों सदनों की कुल 17 बैठकें प्रस्तावित हैं. विपक्ष कई मामलों को लेकर सदन में हंगामा कर सकता है. इस वक्त विपक्षी दलों की बैठक बेंगलुरु में चल रही है जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनायी जा रही है. इस बैठक में मानसून सत्र में भी मोदी सरकार को घेरने का प्लान बन सकता है.

इन मामलों पर हो सकता है हंगामा

गौर हो कि इस बार मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. एक ओर जहां सत्ता पक्ष महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगा, वहीं दूसरी ओर विपक्ष मण‍िपुर हिंसा, रेल सुरक्षा, महंगाई और अदाणी मामले पर जेपीसी गठित करने की मांग सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. विपक्ष लगातार मणिपुर हिंसा को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है. मणिपुर हिंसा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुप्पी तोड़ने को लगातार विपक्ष बोल रहा है. वहीं पिछले संसद के सत्र में अदाणी मामले को लेकर विपक्ष ने लगातार संसद में हंगामा किया था.

21 नये विधेयकों को पेश व पारित किया जाएगा

लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन की मानें तो, संसद के मानसूत्र सत्र या 17वीं लोकसभा के 12वें सत्र के दौरान लिये जाने वाले सरकारी कार्यों की संभावित सूची में 21 नये विधेयकों को पेश व पारित करने के लिए शामिल किया गया है. इसमें दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक 2023 भी शामिल है. यह विधेयक संबंधित अध्यादेश का स्थान लेने के लिए पेश किया जाएगा. आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है.

इन मुद्दों पर विपक्ष करेगा हंगामा

सरकारी सूत्रों का कहना है कि सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये जाएंगे, ऐसे में सभी दलों को सत्र चलाने में सहयोग करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार नियम व प्रक्रिया के तहत किसी भी विषय पर चर्चा कराने से पीछे नहीं हट रही है. वहीं, हाल में कांग्रेस पार्टी की, संसदीय रणनीति समूह की बैठक में सत्र के दौरान मण‍िपुर हिंसा, रेल सुरक्षा, संघीय ढांचे पर कथित आक्रमण, जीएसटी को पीएमएलए के दायरे में लाने और महंगाई पर चर्चा कराने की मांग उठाने पर जोर देने की बात कही गयी थी.

Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र, जोरदार हंगामे के आसार

इस बीच आपको बता दें कि कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने पिछले दिनों कहा कि पार्टी का रुख साफ है कि वह राज्यपालों के जरिए विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में हस्तक्षेप करने के केंद्र के ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी. कांग्रेस ने संसद में दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण से संबंधित अध्यादेश पर विधेयक पेश किये जाने पर इसका विरोध करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि हम संघवाद को खत्म करने के केंद्र सरकार के प्रयासों का निरंतर विरोध कर रहे हैं.

आप ने की सराहना

आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस के रुख के बाद कहा था कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश पर कांग्रेस का ”स्पष्ट विरोध एक सकारात्मक घटनाक्रम है.” पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने इसके बाद ट्वीट करके कहा था कि कांग्रेस ने दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण से संबंधित अध्यादेश का स्पष्ट विरोध करने की घोषणा की है. यह एक सकारात्मक घटनाक्रम है. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के इस रुख के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल विपक्ष की बैठक में शामिल होने के लिए बेंगलुरु गये हैं.

बेंगलुरु में चल रही है विपक्ष की बैठक

आपको बता दें कि विपक्ष की बैठक बेंगलुरु में चल रही है. इसमें शामिल होने के लिए 26 दल पहुंचे हैं. विपक्ष मिलकर एनडीए के खिलाफ उतरने की तैयारी कर रहा है. विपक्ष की ये बैठक दो दिवसीय है.

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा नेता रमन सिंह पर प्रतिक्रिया/एनडीए की बैठक जारी! जानिए विपक्षी दलों ने क्या कहा?

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प्रधानमंत्री को शेर कहने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया सामने आयी है. उन्होंने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रमन सिंह को यह पता नहीं है कि सबसे ज्यादा शिकार शेर का ही हुआ है.यही वजह है कि शेरों की संख्या कम हो रही है. शेरों को संरक्षित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस तरह से बात रमन सिंह ना करें. सभी इंसान हैं और सभी राजनीतिक दल से हैं. पहले भी देश में प्रधानमंत्री हुए और आगे भी होंगे.

एनडीए की बैठक को लेकर जब छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल से वाला किया गया तो उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल, विपक्ष की बैठक को देखकर घबरा गये हैं. इसलिए आनन-फानन में अपनी बैठक बुलाया है. उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार निरंकुश हो चुकी है. वे लोकतंत्र को दबाने का काम कर रहे हैं. सरकारी संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है. ऐसा पिछले नौ सालों में देखने को मिला है. यह देश और प्रजातंत्र के लिए उचित नहीं है. इसका अनुभव कुछ पार्टियों ने किया और एक साथ बैठने का निर्णय लिया. पहले पटना में यह बैठक हुई. इसके बाद सभी दल बेंगलुरु में एक साथ आये. उन्होंने कहा कि दूसरी बैठक में 26 दल के नेता पहुंचे. यह प्रजातंत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. लोकसभा चुनाव को लेकर भी यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है.

26 दल की बैठक से भाजपा परेशान

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि एनडीए के लोग घबरा गये हैं. 26 दल की बैठक से भाजपा परेशान हो गयी है. आपको बता दें कि बेंगलुरु में हुई बैठक के बाद गठबंधन का नाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया)’ रखने पर सहमति बनी. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा अब लड़ाई ‘इंडिया और नरेन्द्र मोदी’ के बीच है और यह बताने की जरूरत नहीं है कि जीत किसकी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोई हिंदुस्तान के सामने खड़ा होता है, तो जीत किसकी होती है यह बताने की जरूरत नहीं है. वहीं कांग्रेस अध्यख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी 26 पार्टियों के साथ मिलकर हमने इस गठबंधन को इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस(INDIA) नाम दिया है. हम महाराष्ट्र, मुंबई में फिर मिलने जा रहे हैं. वहां हम समन्वयकों के नाम पर चर्चा करेंगे और उनके नाम का ऐलान करेंगे.जल्द ही मुंबई बैठक के लिए तारीख की घोषणा की जाएगी.

एनडीए की बैठक जारी

आपको बता दें कि विपक्ष के 26 दलों के जवाब में एनडीए ने 38 दलों की बैठक बुलायी है जो दिल्ली के ‘द अशोक होटल’ में जारी है. दिल्ली में NDA की बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि हमारा गठबंधन एक समय-परीक्षित गठबंधन है जो राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाना और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करना चाहता है. एनडीए की बैठक में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) प्रमुख चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ, सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल (अजित पवार गुट) पहुंचे हैं.

‘सामूहिक संकल्प’ में विपक्षी दलों ने क्या कहा

विपक्ष ने आज की बैठक के बाद एक स्वर में सभी 26 दलों ने सरकार पर भारतीय संविधान के मूलभूत स्तंभों-धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र, आर्थिक संप्रभुता, सामाजिक न्याय और संघवाद-को कमजोर करने और देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाया. विपक्षी दलों ने बैठक में पारित ‘सामूहिक संकल्प’ में कहा कि हम संविधान में निहित भारत के विचार की रक्षा के लिए अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हैं. हमारे गणतंत्र के चरित्र पर भाजपा द्वारा व्यवस्थित तरीके से गंभीर हमला करने का काम किया जा रहा है. हम अपने देश के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं.

Today News LIVE Update 18 July : विपक्षी गठबंधन का नाम रखा गया INDIA- इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव एलायंस

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Today News LIVE Update 18 July : बेंगलुरु में जारी 26 विपक्षी पार्टियों की मीटिंग के दौरान मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया गया। सूत्रों के मुताबिक विरोधी पार्टियों ने अपने गठबंधन का नाम INDIA रखा है।

इसकी फुल फॉर्म इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इनक्‍लूजिव एलायंस (Indian National Democratic Inclusive Alliance) बताई जा रही है।

सहारा के निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया ‘सहारा रिफंड पोर्टल’

इस पोर्टल के जरिए उन निवेशकों के पैसे वापस मिलेंगे, जिनके निवेश की अवधि पूरी हो चुकी है। किस तरह से निवेशकों को उनके पैसे वापस मिलेंगे। इस बारे में पोर्टल पर जानकारियां उपलब्ध होंगी। देशभर के करोड़ों निवेशकों के पैसे सहारा इंडिया में फंसे हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार 18 जुलाई को सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च कर दिया है। अब सहारा निवेशक अपना पैसा क्लेम कर सकते हैं और इसके साथ पैसा वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अमित शाह ने पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा कि करीबन 1 करोड़ लोगों को पोर्टल पर अप्लाई करने के 45 दिन के भीतर पैसे रिफंड हो जाएंगे।

रायपुर : CG Assembly monsoon Session LIVE Update : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हुआ। विधानसभा सत्र के पहले दिन की कार्रवाई शुरू होने से पहले दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्रवाई को कल तक लिए स्थगित कर दिया गया है।

रायपुर :Today News LIVE Update 18 July : छत्तीसगढ़ में आज से विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। आज यानी पहले दिन सदन में 11 बजे काईवाई होगी। पांचवी विधानसभा का आखिरी सत्र आज से शुरू हो रहा है जो 21 जुलाई तक चलेगा। वहीं दैनिक कार्यसूची में सदन के दिनभर चलने का उल्लेख है। जानकारी के अनुसार निधन उल्लेख के बाद प्रश्नकाल होगा। मार्च में हुए बजट सत्र के शेष कार्यों को पटल पर रखा जाएगा।

नई दिल्ली। Former Kerala CM Oommen Chandy passed away केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमन चांडी का निधन हो गया है। ओमन चांडी के बेटे ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है। लंबी बीमारी के बाद ओमन चांडी ने आज अंतिम सांस ली

कांग्रेस अध्यक्ष ने जताया दुख

Former Kerala CM Oommen Chandy passed away वहीं, केरल कांग्रेस अध्यक्ष के. सुधाकरन ने ट्वीट कर ओमन चांडी के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमन चांडी का निधन। प्रेम की शक्ति से दुनिया पर विजय पाने वाले राजा की कहानी का मार्मिक अंत हुआ। आज, मैं एक महान व्यक्ति के निधन से बहुत दुखी हूं। उन्होंने अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को प्रभावित किया और उनकी विरासत हमेशा हमारी आत्माओं में गूंजती रहेगी।

शराब घोटाले मामले में छत्‍तीसगढ़ सरकार को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की जांच पर लगाई रोक

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शराब घोटाले मामले में छत्‍तीसगढ़ सरकार को बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाला मामले से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ सरकार को राहत देते हुए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच पर रोक लगा दी है।

ईडी ने इस मामले में अब तक पूर्व आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन और नितेश पुरोहित को गिरफ्तार कर चुकी है। बतादें कि ईडी ने दावा किया था कि विशेष सचिव ने आबकारी नीति में बदलाव किया था, जिसकी वजह से दो हजार करोड़ का घोटाला हुआ।

ईडी ने किया था दो हजार करोड़ रुपए शराब घोटाले का दावा

गौरतलब है कि ईडी ने छापेमारी कार्रवाई कर छग आबकारी विभाग में हुए दो हजार करोड़ रुपए घोटाले का भड़ाफोड़ किया था। इस मामले में ईडी ने अनवर ढेबर, नितेश पुरोहित, त्रिलोक सिंह उर्फ पप्पू ढिल्लन, अरविंद सिंह और अरुण पति त्रिपाठी को आरोपित बनाया है।

वहीं कुछ महीने पहले छत्तीसगढ़ में ईडी ने ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई कर दावा किया है कि साल 2019 से 2022 के बीच प्रदेश में बड़ा शराब घोटाला हुआ है, जिसमें दो हजार करोड़ की मनी लांड्रिग के सबूत मिले हैं।

उन्होंने अपनी जांच में यह खुलासा किया है कि कारोबारी छत्तीसगढ़ में एक सिंडिकेट चला रहे हैं और उसमें बड़े नेताओं के अलावा सीनियर अफसरों का भी सपोर्ट है,जिसमें एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया है कि छत्तीसगढ़ में बेचे जाने वाली शराब की हर बोतल पर अवैध वसूली की जा रही थी, इसमें ईडी ने कार्रवाई मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत की है।

लोकसभा चुनाव 2024 : लोकसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज ‘एनडीए’ में शामिल राजनीतिक दलों की ताकत को देखें!

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लोकसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी अपने एनडीए के 38 सहयोगी दलों के साथ दिल्ली में बैठक कर रही है तो 2024 में पीएम मोदी को सत्ता से बाहर करने के लिए 26 विपक्षी दल कर्नाटक के बेंगलुरु में जुटे हैं.

सत्तापक्ष और विपक्ष अपने-अपने कुनबे में छोटे-छोटे दलों को जुटाकर 2024 में बड़ा सियासी खेल करने और सियासी संदेश देने की कोशिश में हैं. इस तरह विपक्षी खेमे और एनडीए में शामिल राजनीतिक दलों की सियासी ताकत को देखें तो छह दलों के पास ही दहाई में लोकसभा सांसद हैं जबकि 35 दल ऐसे हैं, जिनके पास एक भी लोकसभा सदस्य नहीं है?

दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बैठक की जा रही है. बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए हाथ पैर मार रहा है, जिसके लिए उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण तक के दलों को साथ लिया है. वहीं, 2014 और 2019 में लगातार दो बार से चुनावी मात खा रहे विपक्षी दल 2024 में हर हाल में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने की कवायद में है, जिसके लिए तमाम वैचारिक मतभेदों को भुलाकर एक साथ आने के लिए रजामंद नजर आ रहे हैं. वहीं, करीब आधा दर्जन ऐसे भी हैं, जो न ही विपक्ष के साथ हैं और न ही सत्तापक्ष. इस तरह एनडीए बनाम विपक्ष के बीच तैयार हो रही सियासी पिच पर खड़े खिलाड़ी कितना दम रखते हैं.

एनडीए में 25 दलों के जीरो सांसद

बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ 38 दल शामिल हैं. बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को छोड़ दें तो बाकी दल के पास गिनती के ही सांसद हैं. एनडीए में 25 दल ऐसे शामिल हैं, जिनके पास एक भी लोकसभा सदस्य नहीं है. जेजेपी, आईएमकेएमके, आजसू, आरपीआई, बीपीपी, तमिल महिला कांग्रेस, आईटीएफटी, पीएमके, एमजीपी, असम गण परिषद, निषाद पार्टी, यूपीपीएल, जनसेना (पवन कल्याण), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा, आरएलएसपी (उपेंद्र कुशवाहा), सुभासपा, बीडीजेएस, केरला कांग्रेस (थामस), जीएनएलएफ, जेआरएस, यूडीपी, जेएसपी और पीजेपी ऐसे दल हैं, जिनके पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है. आरपीआई का एक सदस्य राज्यसभा में है, लेकिन लोकसभा में एक भी नहीं. इस तरह से एनडीए के 38 दलों में 25 दल की लोकसभा और राज्यसभा की स्थिति साफ नजर आती है.

एनडीए के 8 दलों के पास एक सांसद

एनडीए में आठ दल ऐसे हैं, जिनके पास लोकसभा में एक ही सांसद है. बीजेपी की सहयोगी एआईआरएनसी, एनपीएफ, एआईएडीएमके, एनपीपी, एनडीपीपी, सिक्किम क्रांति मोर्चा, एमएनएफ और चिराग पासवान की एलजेपी (आर) के पास एक-एक लोकसभा सांसद हैं. वहीं, अपना दल (एस) के पास 2 और पशुपति पारस की एलजेपी के पास पांच सांसद हैं. इसके अलावा उद्धव ठाकरे का तख्तापलट कर शिवसेना की कमान अपने हाथों में लेने वाले एकनाथ शिंदे के पास जरूर 12 सांसद हैं. बीजेपी के पास 303 सांसद हैं. इस तरह से बीजेपी के सहयोगी दलों की स्थिति का सियासी अंदाजा पता चलता है.

विपक्षी खेमे में दस दल शून्य पर

एनडीए ही नहीं बल्कि विपक्षी खेमे में भी ऐसे दलों की संख्या अच्छी खासी है, जिनके पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है. विपक्षी एकता को लेकर हो रही बैठक में 26 दलों ने शिरकत की है, जिनमें से 10 दल की स्थिति लोकसभा में जीरो है. आम आदमी पार्टी, आरजेडी, पीडीपी, आरएलडी, केरला कांग्रेस, आरएसपी, सीपीआई (माले), फॉरवर्ड ब्लॉक, एआईएफबी, अपना दल (कमेरावादी) और एमएमके ऐसी विपक्षी पार्टियां है, जिनके पास लोकसभा में एक भी सदस्य नहीं है. आरएलडी और आम आदमी पार्टी के सदस्य राज्यसभा में हैं, लेकिन लोकसभा में जीरो.

विपक्ष में दहाई और एक सांसद वाले दल

विपक्षी खेमे में कांग्रेस ही सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर है, जिसके पास 52 लोकसभा सांसद हैं. केरला कांग्रेस(एम),एमडीएमके और केएमडीके के पास एक-एक सांसद हैं जबकि जेएमएम, वीसीके और सीपीआई के पास 2-2 लोकसभा सांसद हैं. इसके अलावा टीएमसी 22, डीएमके 24, जेडीयू 16, एनसीपी 4, ऑल इंडिया मुस्लिम लीग 3, सीपीएम 3 और शिवसेना (उद्धव गुट) के पास 8 लोकसभा सांसद हैं.

2024 की बिछी सियासी बिसात

बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 38 दलों को अपने साथ जोड़कर सियासी संदेश देने की कोशिश की है. बीजेपी ने अपने सियासी कुनबे को बड़ा करके उतरी है ताकि विपक्षी एकता ही मुहिम के माहौल को बेअसर किया जाए. इसीलिए तमाम छोटे-छोटे दलों को भी साथ लेकर बड़ा सियासी गेम 2024 में करने की रणनीति बनाई है. वहीं, विपक्षी दलों ने भी आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है, जिसमें 26 विपक्षी दल शामिल हैं. पटना की बैठक के बाद विपक्षी मुहिम से किनारा करने वाली आम आदमी पार्टी फिर से शामिल हो गई है. विपक्षी दलों की पूरी कोशिश है कि 2024 में नरेंद्र मोदी को सत्ता की हैट्रिक लगाने से रोक सकें. इसीलिए आपसी मतभेद और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को भुलाकर एक साथ हाथ मिला रहे हैं?

NDA Vs Opposition Meet: दिल्ली में आज एनडीए की बैठक में 38 पार्टियां होंगी शामिल, बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक का दूसरा दिन

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NDA Vs Opposition Parties Meet : बेंगलुरु के बाद दिल्ली में आज NDA का शक्ति प्रदर्शन है. एनडीए की बैठक में 38 पार्टियां शामिल हो सकती हैं. चिराग पासवान भी औपचारिक तौर पर NDA में शामिल होंगे.

वहीं बीजेपी के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए 26 विपक्षी दलों की दो दिवसीय बैठक का आज दूसरा दिन है. मीटिंग के बाद सभी नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे.

बेंगलुरु में एक दिन पहले (17 जुलाई) 26 विपक्षी दलों की हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई. तकरीबन पौने दो घंटे चली बैठक के बाद डिनर पार्टी में सभी नेता शामिल हुए. विपक्षी एकता पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हम भारत के लोगों को तानाशाही, जन विरोधी, नफरत और लूट की राजनीति से मुक्त करना चाहते हैं.

वहीं विपक्ष की बैठक पर बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने भी वार किया. उन्होंने कहा, विपक्षी गठबंधन भानुमति का कुनबा है. इनका न नेता है और न ही कोई नीति ये भ्रष्टाचार और घोटालों का टोला है. विपक्षी दलों की बैठक पर दिल्ली बीजेपी ने ट्वीट किया- ‘चोरों की बारात’ पहुंची बेंगलुरु, मगर सवाल एक- दूल्हा कौन? NDA की बैठक पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा, NDA को पुनर्जीवित करने की कोशिश की जा रही है. ये 26 विपक्षी दलों के एक साथ आने का सीधा असर है.

NDA बैठक में नए सहयोगी भी होंगे शामिल
बेंगलुरु में विपक्षी दलों के एकजुट होने के बीच बीजेपी की ओर से बुलाई गई यह बैठक बेहद खास है. बैठक में बीजेपी के मौजूदा सहयोगी तो रहेंगे ही नए सहयोगी भी होंगे. शिवसेना शिंदे गुट, NCP अजित गुट, पवन कल्याण की जन सेना पार्टी, ओपी राजभर की SBSP, जीतनराम मांझी की HAM, चिराग पासवान की LJP और उपेंद्र कुशवाहा की RLJD भी शामिल रहेंगे. अगले साल अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की कोशिश NDA को एक मजबूत गठबंधन के रूप में पेश करना है.

Chhattisgarh Vidhansabha : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से, इन मुद्दों पर हो सकता है भारी हंगामा

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Vidhansabha Mansoon season: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वर्तमान सरकार के आखिरी विधानसभा सत्र (Vidhansabha Mansoon season)आज से शुरू हो रहा है. माना जा रहा है कि चुनावी(Chhattisgarh election) साल में आखिरी विधानसभा सत्र काफी हंगामे भरा हो सकता है.

क्योंकि बीजेपी(BJP) कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए मंत्रिमंडल पर अविश्वास प्रस्ताव( No confidence motion)लगाया है. वहीं दूसरी तरफ सत्ता में फेरबदल के बाद भूपेश कैबिनेट(Cabinet reshuffle) के मंत्री नई जिम्मेदारियों के साथ सदन में आज कदम रखेंगे.

आज विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन
दरअसल छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 18 जुलाई से 21 जुलाई तक चलना है. इसमें कुल 4 बैठके होनी है.आज (18July) विधानसभा में सबसे पहले दिवंगत नेताओं को सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसमें विधायक विद्यारतन भसीन अविभाजित मध्यप्रदेश शासन में मंत्री रह चुके भानुप्रताप सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसके अलावा सदन में प्रश्नकाल काफी हंगामे दार हो सकता है क्योंकि वन विभाग और पीएचई विभाग पर बीजेपी के विधायकों ने कई सवाल पूछे है. इस मामले में सरकार को बीजेपी घेरने की कोशिश करेगी.वहीं ध्यान आकर्षण में नारायणपुर के विधायक चंदन विकासखण्ड बस्तर के लघु वनोपज सहकारी समिति बनियागांव के प्रबंधक द्वारा अनियमितता किये जाने के मामले में ध्यान आकर्षण लगाया है. इसके अलावा मुंगेली विधायक मुंगेली में गांवों को सड़कों के जर्जर होने का मामला ध्यान आकर्षण में लगाया है.

इन मुद्दों पर विधानसभा में हंगामा हो सकता है
चुनावी साल में विधानसभा के अंतिम सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ेगी. बीजेपी कथित शराब घोटाला और कोयला घोटाले में सरकार को घेरते दिख सकती है. इसके अलावा हालही में चर्चा में रहे पीएससी घोटाले पर भी बीजेपी सरकार पर सवाल उठा सकती है. वहीं कांग्रेस सरकार के घोषणा पत्र के अधूरे वादों को पूरा करने के लिए बीजेपी और अन्य विपक्षी पार्टियां सरकार को घेर सकती है. इसमें प्रमुख रूप से शराबबंदी, संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण जैसे मुद्दे शामिल है. वहीं चुनावी साल में सत्ता पक्ष से भी बड़ी घोषणाएं हो सकती है.

ये शासकीय कार्य विधानसभा सत्र में किया जाएगा
छोटे मानसून सत्र में सरकार अपने शासकीय काम को भी जल्दी निपटाने की कोशिश में रहेग. सीएम भूपेश बघेल वित्तीय वर्ष 2023 2024 के पहले अनुपूरक अनुमान का सदन में रखेंगे.उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल प्राइवेट यूनिवर्सिटी से संबंधित विधेयक सदन में रखेंगे.संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे छत्तीसगढ़ विधान मण्डल सदस्य निरर्हता निवारण (संशोधन) विधेयक सदन में रखेंगे. इसके अलावा वाणिज्यिक कर मंत्री जयसिंह अग्रवाल भारतीय स्टाम्प (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक सदन में रखेंगे.