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सीएम विष्णुदेव साय ने इस जिले को दी विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात…

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प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित थे ये जनप्रतिनधि

कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायकधरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सीएम साय ने किया इन कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।

सीएम साय ने किया प्रतिमाओं का अनावरण

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है।

मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

सीएम साय ने विद्यार्थियों को प्रदान किया लैपटॉप

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

CG: रोमांचक मुकाबले में बेंगलुरु ने मुंबई को दी इतने विकेट से मात, जानिए…

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RCB vs MI Raipur Match Highlights:

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रविवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने मुंबई इंडियंस (MI) को दो विकेट से हराकर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेले गए मैच में आखिरी गेंद तक चले मुकाबले में बेंगलुरु ने जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी आरसीबी ने मुंबई को निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 166 रन के स्कोर पर रोक दिया। मुंबई की ओर से बल्लेबाजों ने शुरुआत तो संभली हुई की, लेकिन टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। आरसीबी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में लगातार विकेट लेकर रन गति पर अंकुश बनाए रखा।

167 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की टीम को भी मुंबई के गेंदबाजों ने कड़ी टक्कर दी। मैच अंतिम ओवर तक पहुंचा, जहां आरसीबी को जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। दबाव भरे इस ओवर में बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने संयम दिखाया और आखिरी गेंद पर जीत हासिल कर ली। अंतिम गेंद पर रसिख सलाम ने राज बावा की गेंद पर दो रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई, जबकि मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त हो गईं। इस हार के बाद मुंबई इंडियंस के अब 9 अंक हैं और टीम अपने बाकी तीन मुकाबले जीतकर भी अधिकतम 12 अंक तक ही पहुंच सकेगी, जो प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। लगातार उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के कारण मुंबई इस सीजन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

Chhattisgarh High Court Recruitment: हाईकोर्ट में नौकरी का मौका, डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर निकली भर्ती…

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Chhattisgarh High Court Recruitment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर भर्ती निकली है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए यह बड़ा मौका है।

छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने डेटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) के 38 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। भर्ती प्रक्रिया जारी है और आवेदन करने के लिए अब केवल कुछ दिन ही बाकी हैं।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 12 मई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के जरिए प्रदेश की युवतियों को हाईकोर्ट में काम करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ सरकारी नौकरी का लाभ भी मिलेगा।

Chhattisgarh High Court Recruitment: कुल 38 पदों पर होगी भर्ती

जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 38 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए 19 पद तय किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 7-7 पद आरक्षित हैं।

वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5 पद निर्धारित किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसके तहत उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की अंतिम तारीख बेहद करीब

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 12 मई 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। वहीं आवेदन पत्र भरते समय यदि किसी प्रकार की गलती हो जाती है तो अभ्यर्थियों को सुधार का मौका भी दिया जाएगा। इसके लिए करेक्शन विंडो 13 मई से 15 मई शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय की गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कम से कम द्वितीय श्रेणी के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन, या ग्रेजुएशन के साथ पीजीडीसीए, अथवा डीओईएसीसी का ‘O’ लेवल कोर्स जैसी योग्यता होना जरूरी है। वहीं ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑफिस एप्लिकेशन का व्यावहारिक ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग में दक्ष अभ्यर्थियों को भी चयन प्रक्रिया में फायदा मिल सकता है।

आयु सीमा और आरक्षण का लाभ

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शासन के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी?

उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा देनी होगी, जिसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को कौशल परीक्षा यानी स्किल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी और सफल उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

कब होगी परीक्षा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लिखित परीक्षा 28 जून 2026, रविवार को आयोजित हो सकती है। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित किए जाने की संभावना है। परीक्षा केंद्र बिलासपुर और रायपुर में बनाए जा सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 25,300 रुपए से लेकर 80,500 रुपए तक वेतन दिया जाएगा। सरकारी नौकरी के साथ अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए आवेदन लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां भरनी होंगी।

अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेज सही फॉर्मेट और साइज में अपलोड करने होंगे। सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म को सबमिट करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को आवेदन पत्र की एक कॉपी डाउनलोड कर सुरक्षित रख लेने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

प्रदेश में सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती बड़ा मौका मानी जा रही है। खासकर कंप्यूटर और टाइपिंग का ज्ञान रखने वाली महिला उम्मीदवारों के लिए यह शानदार अवसर है। ऐसे में इच्छुक अभ्यर्थियों को अंतिम तारीख से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

CG: अगले 5 दिनों में 2-4 डिग्री तापमान बढ़ने की संभावना, राजधानी रायपुर समेत प्रमुख शहरों का मौसम हाल…

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिर से बदल रहा है. पिछले कुछ दिनों की बारिश और बादलों के बाद अब तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है.

मई महीने में गर्मी बढ़ने के साथ लू का असर भी कुछ इलाकों में महसूस किया जा सकता है. लोगों को दोपहर में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार राजनांदगांव में सबसे अधिक 41.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में 38.6 डिग्री, रायपुर में 39.1 डिग्री और बिलासपुर में 38.4 डिग्री तापमान रहा. कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4.5 डिग्री कम है, लेकिन गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है. IMD रायपुर के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है.

दिन में तेज धूप और रात में कुछ राहत के साथ मौसम मुख्य रूप से गर्म और शुष्क बना रहेगा. लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए चुनौती बन रही है जो पिछले दिनों बारिश से मिली राहत का आनंद ले रहे थे. कृषि कार्यों, स्वास्थ्य और दैनिक यातायात पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है. IMD रायपुर के नवीनतम बुलेटिन के मुताबिक अगले कुछ दिनों में मुख्य रूप से गर्म और शुष्क मौसम बना रहेगा, हालांकि कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है.

अगले 5 दिनों में 2-4 डिग्री तापमान बढ़ने की संभावना

राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में भी गर्मी बढ़ती नजर आ रही है. जहां लालपुर स्टेशन पर अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं माना एयरपोर्ट पर 38.8 डिग्री रहा. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. कुछ जिलों में तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंच सकता है. हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की भी संभावना है.

राजधानी रायपुर समेत प्रमुख शहरों का मौसम हाल

रायपुर में दिन का तापमान 39.1 डिग्री डिग्री दर्ज किया गया. मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, लेकिन दोपहर बाद हल्की गरज-चमक संभव है. बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ और जगदलपुर में भी गर्मी बढ़ने के आसार हैं.

  • राजनांदगांव: 41.0 डिग्री
  • रायपुर (लालपुर): 39.1 डिग्री
  • दुर्ग: 38.6 डिग्री
  • बिलासपुर: 38.4 डिग्री
  • माना एयरपोर्ट: 38.8 डिग्री
  • जगदलपुर: 35.9 डिग्री
  • अंबिकापुर: 35.9 डिग्री
  • पेंड्रारोड: 35.6 डिग्री

स्वास्थ्य और कृषि पर बढ़ता असर, डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल बीमारियों का खतरा’

तापमान बढ़ने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल बीमारियों के केस बढ़ सकते हैं. डॉक्टरों की सलाह है कि दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर कम निकलें, खूब पानी पिएं और हल्के रंग के कपड़े पहनें. किसानों के लिए यह फसलों की सिंचाई और छाया प्रबंधन का समय है. पशुओं को भी पर्याप्त पानी और छाया उपलब्ध कराएं.

इंतजार करने वाले मंत्रियों का क्या होगा? योगी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश का तंज…

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अखिलेश यादव ने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर तीखा तंज कसा है. उन्होंने पूछा कि नए मंत्री आखिरी 9 महीनों में क्या करेंगे, जब 9 साल में सरकार कुछ न कर सकी. अखिलेश ने भ्रष्टाचार, अत्याचार, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार को घेरा.

लखनऊ में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट शेयर करके योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ये भी पूछ रही है कि आखिरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल में ये सरकार कुछ न कर सकी. ये भी केवल वही करेंगे जो बीजेपी सरकार ने किया है. उन्होंने कहा कि जनता सवाल पूछ रही है कि उप्र में मंत्रिमंडल में केवल 6 रिक्तियां हैं, इससे ज्यादा तो दूसरे दल से पाला बदल कर आए लोग हैं, क्या उन सभी को मंत्री पद से नवाजा जाएगा?

अखिलेश यादव ने कहा कि उनमें से सबसे कमजोर को चुना जाएगा जिससे कि उसकी कमजोरी कुछ कम हो जाए? एक समाज के कई विधायकों में से किसी एक को चुना जाएगा तो चुनने का आधार क्या होगा? अगर ऐसा हुआ तो बाकी दल-बदलुओं का क्या होगा? उनकी उपेक्षा व अपमान को क्या कुछ ले-देकर शांत करा जाएगा? या उन्हें भी ये अहसास करा दिया जाएगा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है? ⁠बाकी छूटे हुए लोग क्या अपने को ठगा सा महसूस नहीं करेंगे? वो अपने चुनाव क्षेत्र में मुंह दिखाने लायक बचेंगे क्या? ⁠

इंतजार करने वाले मंत्रियों का क्या होगा?

अखिलेश ने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रश्न ये भी है कि उनके अपने दल के जो लोग मंत्री बनने के इंतजार में सूखकर कांटा हो गये हैं, उन बेचारों का क्या होगा? ⁠जिन वर्तमान मंत्रियों के विभाग कम किये जाएंगे तो क्या इससे जनता के बीच ये संदेश नहीं जाएगा कि वो नाकाम रहे, इसलिए उनसे मंत्रालय छीन लिया गया है? ⁠ऐसे मंत्री तो बिना लड़े ही क्या अपना चुनाव हार नहीं जाएंगे? साथी दलों को प्रतीक्षा के स्थान पर और कुछ मिलेगा या फिर उनको ये कहकर उपेक्षित कर दिया जाएगा तुम थे जिनके सहारे, वो हुए न तुम्हारे वो तो ठग हैं पुराने तुम ये सच न जाने

अखिलेश ने कहा कि और हां जनता ये भी पूछ रही है कि आखिरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल में ये सरकार कुछ न कर सकी. ये भी केवल वही करेंगे जो भाजपा सरकार ने किया है : भ्रष्टाचार और अत्याचार! पीडीए पर वार-ही-वार! महंगाई-बेकारी की मार! ये जीना कर देंगे दुश्वार!

फारस की खाड़ी में फिर हमला, कतर के पास ब्रिटेन के जहाज में लगी आग….

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कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई. ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी UKMTO ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ. अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट विवाद के बीच फारस की खाड़ी में जहाजों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं.

फारस की खाड़ी में जहाजों पर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है. रविवार को कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने इस घटना की जानकारी दी है. एजेंसी के मुताबिक, जहाज को किसी अज्ञात हथियार या प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया.

हमला होते ही जहाज में छोटी आग लग गई, लेकिन बाद में आग बुझा दी गई. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. यह हमला कतर की राजधानी दोहा से करीब 43 किमी उत्तर-पूर्व में हुआ. जहाज फारस की खाड़ी के समुद्री रास्ते से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला किया गया.

सीजफायर के बाद भी होर्मुज में तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद भी इलाके में तनाव बना हुआ है. पिछले एक हफ्ते में फारस की खाड़ी में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं. यह नया हमला भी उसी तनाव से जुड़ा माना जा रहा है. कुछ दिन पहले अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमला किया था. अमेरिका का कहना था कि ये जहाज ईरान के बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका को चेतावनी दी थी. ईरान ने कहा था कि अगर उसके तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ तो वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दुश्मन जहाजों पर बड़ा हमला करेगा.

भारत के जहाज में आग लगी थी

8 अप्रैल को लकड़ी के भारतीय जहाज में भी होर्मुज स्ट्रेट के पास आग लग गई थी. उस जहाज पर 18 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे. हादसे में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, जबकि चार लोग झुलस गए थे. बाकी 17 लोगों को पास से गुजर रहे एक दूसरे जहाज ने बचाया था. घायल भारतीयों का इलाज दुबई में किया गया. हालांकि हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है.

कुछ दिन पहले एक चीनी तेल टैंकर पर भी हमला हुआ था. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस जहाज का नाम JV इनोवेशनल था. जहाज पर आग लग गई थी और उसके चीफ इंजीनियर ने कहा था कि अभी तक साफ नहीं है कि हमला किसने किया. जहाज पर 22 क्रू मेंबर थे, जिनमें चीन, म्यांमार और इंडोनेशिया के लोग शामिल थे. हमले के बाद क्रू मेंबर काफी डरे हुए थे.

दुनिया की सबसे रिस्की सरकारी नौकरी! समुद्र के बीच टावर में रहकर निभानी पड़ती है ड्यूटी…

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हर इंसान की पहली च्वाइंस सरकारी नौकरी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक सरकारी नौकरी ऐसी भी होती है, जहां जान का बराबर खतरा होता है. हम बात कर रहे हैं लाइटहाउस ऑपरेटर के बारे में, जिसका काम होता है समुद्र के बीच बने टावर की लाइट को लगातार जलाए रखना होता है, ताकि जहाजों को सही दिशा मिल सके.

समुद्र के बीचोंबीच खड़े विशाल लाइटहाउस हमेशा से लोगों के लिए सेंटर ऑफ अटरैक्शन रहे हैं. दूर से देखने पर यह काम बेहद आसान लगता है, क्योंकि आमतौर पर लोगों को यही लगता है कि यहां सिर्फ रोशनी जलाए रखना ही जिम्मेदारी होती है. लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा कठिन और जोखिम भरी है. यही कारण है कि लाइटहाउस की नौकरी को दुनिया की सबसे चैलेंजिंग और खतरनाक नौकरियों में गिना जाता है. यहां काम करने वाले कर्मचारियों को हर दिन समुद्र की अनिश्चित परिस्थितियों, तेज हवाओं, ऊंची लहरों और खतरनाक तूफानों का सामना करना पड़ता है. कई बार तो उन्हें लंबे समय तक अकेले रहकर ड्यूटी निभानी पड़ती है, जहां किसी भी तरह की मदद तुरंत मिल पाना आसान नहीं होता.

लाइटहाउस का मेन मोटिव समुद्र में चलने वाले जहाजों को सेफ दिशा देना होता है. अगर किसी कारण से लाइट बंद हो जाए या तकनीकी खराबी आ जाए, तो जहाजों के लिए रास्ता पहचानना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं. यही वजह है कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है. छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. हालांकि इस नौकरी में खतरे काफी ज्यादा हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला वेतन, सरकारी सुविधाएं और रोमांचक माहौल इसे बेहद खास बनाते हैं.

कैसे कर सकते हैं अप्लाई?

जो लोग सरकारी नौकरी के साथ कुछ अलग और रोमांच से भरा करियर चाहते हैं, उनके लिए लाइटहाउस की नौकरी जबरदस्त ऑपशन साबित हो सकता है. भारत में लाइटहाउस से जुड़ी सेवाओं का संचालन पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ लाइटहाउस एंड लाइटशिप्स यानी DGLL द्वारा किया जाता है. टाइम के साथ टेक्नोलॉजी में बदलाव आने से यह नौकरी पहले से कहीं ज्यादा मॉर्डन और तकनीकी हो गई है. पहले जहां कर्मचारियों का मेन काम केवल रोशनी को चालू रखना था, वहीं अब उन्हें कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी सिस्टम संभालने पड़ते हैं.

लाइटहाउस में कई तरह के पद होते हैं, जिनमें नेविगेशनल असिस्टेंट, टेक्नीशियन और फील्ड असिस्टेंट प्रमुख हैं. नेविगेशनल असिस्टेंट का काम सबसे अहम माना जाता है. इन्हें 24 घंटे लाइट, रेडियो बीकन और अन्य सिग्नल सिस्टम की निगरानी करनी होती है, ताकि समुद्र में मौजूद जहाजों को सही दिशा मिलती रहे. इसके अलावा टेक्नीशियन बिजली, मशीनों और डीजल जनरेटर जैसी तकनीकी चीजों की देखरेख करते हैं. अगर किसी मशीन में खराबी आ जाए, तो उसे तुरंत ठीक करना भी उनकी जिम्मेदारी होती है. वहीं फील्ड असिस्टेंट इंजीनियरों की मदद करते हैं और निरीक्षण से जुड़े कार्यों में सहयोग देते हैं.

इस नौकरी में केवल मशीनों की निगरानी ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं. कर्मचारियों को नियमित रूप से लाइट सिग्नल चेक करने होते हैं ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या समय रहते पकड़ी जा सके. लाइटहाउस में लगे फ्रेस्नेल लेंस की सफाई करना, बल्ब बदलना और बैकअप पावर सिस्टम को तैयार रखना भी जरूरी कामों में शामिल है. समुद्र के मौसम पर लगातार नजर रखना भी इस नौकरी का अहम हिस्सा है. हवा की गति, समुद्र की स्थिति और मौसम से जुड़े दूसरे आंकड़ों को रिकॉर्ड किया जाता है, ताकि समुद्री सुरक्षा बेहतर बनी रहे.

जबरदस्त होती है सैलरी और सुविधा

अगर योग्यता की बात करें, तो इस क्षेत्र में नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों के पास इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्युनिकेशन या इलेक्ट्रिकल ट्रेड में डिप्लोमा होना जरूरी होता है. आमतौर पर उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच मांगी जाती है. भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर चयन किया जाता है. तकनीकी ज्ञान रखने वाले युवाओं के लिए यह क्षेत्र एक अच्छा करियर विकल्प बन सकता है.

सैलरी और सुविधाओं के मामले में भी यह नौकरी काफी आकर्षक मानी जाती है. नेविगेशनल असिस्टेंट (ग्रेड-III) जैसे पदों पर शुरुआती वेतन लगभग ₹29,200 से लेकर ₹92,300 तक हो सकता है. इसके अलावा कर्मचारियों को सरकारी भत्ते, रहने के लिए क्वार्टर और नौकरी की सुरक्षा जैसी कई सुविधाएं भी दी जाती हैं. समुद्र किनारे या दूरदराज के इलाकों में काम करने के बावजूद यह नौकरी लोगों को एक अलग अनुभव देती है.

लाइटहाउस की नौकरी केवल एक नॉर्मल सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि यह साहस, जिम्मेदारी और समर्पण का अनोखा मिक्सचर है. यहां काम करने वाले लोग समुद्री यात्राओं को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. रोमांच पसंद करने वाले और चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह करियर न सिर्फ सम्मानजनक है, बल्कि बेहद दिलचस्प भी साबित हो सकता है.

 भारत ने किया अग्नि-5 का सफल परीक्षण, खौफ में पाकिस्तान…

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भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. अग्नि-5 मिसाइल की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. इसमें तीन चरण वाला सॉलिड फ्यूल इंजन इस्तेमाल किया गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग को इस सफल परीक्षण के लिए बधाई दी.

भारत ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए एडवांस अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण 8 मई को ओडिशा स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस मिसाइल में Multiple Independently Targeted Re-Entry Vehicle (MIRV) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. बताया जा रहा है कि इस एक मिसाइल से कई टारगेट को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है.

भारत ने MIRV तकनीक से लैस एडवांस अग्नि मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है. परीक्षण के दौरान मिसाइल को कई पेलोड्स के साथ लॉन्च किया गया, जिन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा है. मिसाइल की पूरी उड़ान पर नजर रखने के लिए जमीन और समुद्र आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया. लॉन्च से लेकर सभी पेलोड्स के लक्ष्य पर पहुंचने तक पूरे मिशन की निगरानी की गई.

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस सफलता के साथ भारत ने एक बार फिर यह क्षमता दिखाई है कि वह एक ही मिसाइल सिस्टम के जरिए कई रणनीतिक लक्ष्यों पर हमला कर सकता है. यह मिसाइल DRDO की प्रयोगशालाओं द्वारा देश के विभिन्न उद्योगों के सहयोग से विकसित की गई है. परीक्षण के दौरान DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक और भारतीय सेना के अधिकारी मौजूद रहे.

अग्नि-5 मिसाइल की ताकत

अग्नि-5 मिसाइल की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. इसमें तीन चरण वाला सॉलिड फ्यूल इंजन इस्तेमाल किया गया है. MIRV तकनीक वाली मिसाइलें सामान्य मिसाइलों से ज्यादा ताकतवर मानी जाती हैं क्योंकि इनमें एक साथ कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने की क्षमता होती है. इसके अलावा DRDO ने अग्नि मिसाइल के कई दूसरे वर्जन भी बनाए हैं.

इनमें अग्नि-1 की रेंज 700 किलोमीटर, अग्नि-2 की 2,000 किलोमीटर, अग्नि-3 की 3,000 किलोमीटर और अग्नि-4 की 4,000 किलोमीटर है.अग्नि-5 के MIRV सिस्टम में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.

देश की रक्षा तैयारियां और मजबूत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग को इस सफल परीक्षण के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच देश की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगी. साथ ही बढ़ते खतरों को निपटने में मदद करेगी. वहीं सरकार की तरफ से यह नहीं बताया गया कि अग्नि-5 का MIRV वर्जन कितने वॉरहेड ले जा सकता है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह चार या पांच वॉरहेड ले जाने में सक्षम हो सकता है.

भारत का Private Capex 67% बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया…

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सितंबर 2025 तक भारत का Private Capex 67% बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है. भारतीय उद्योग परिसंघ ने इस निवेश की गति को बरकरार रखने और बढ़ाने के लिए 5-पॉइंट एक्शन प्लान का अनावरण किया है. प्राइवेट इंवेस्टमेंट में यह वृद्धि औद्योगिक विस्तार, रोजगार के नए अवसरों और देश की जीडीपी ग्रोथ के लिए एक सकारात्मक संकेत है.

CII के अनुसार भारत का प्राइवेट कैपेक्स सितंबर 2025 में 67 प्रतिशत बढ़कर 7.7 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 4.6 लाख करोड़ रुपये था. यह “देश के इंवेस्टमेंट साइकिल में एक शक्तिशाली और व्यापक सुधार का अब तक का सबसे निर्णायक सबूत” है. उद्योग संगठन ने मौजूदा पश्चिम एशिया संकट और उसके बाद भी इकोनॉमी को सहारा देने के लिए पांच-सूत्रीय एक्शन एजेंडा जारी किया. आइए आपको भी बतातिे हैं कि आखिर सीआईआई की रिपोर्ट में किस तरह की जानकारी दी गई है.

किस सेक्टर में कितना खर्च

CMIE Prowess डेटाबेस से लगभग 1,200 कंपनियों के CII के विश्लेषण से पता चला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने कैपेक्स में सबसे ज्यादा योगदान दिया. इसका हिस्सा 3.8 लाख करोड़ रुपये या कुल निजी निवेश का लगभग आधा था, जिसमें मेट, ऑटोमोबाइल और कैमिकल सेक्टर सबसे आगे रहे. सर्विसेज का योगदान 3.1 लाख करोड़ रुपए था, जो कुल का लगभग 40 फीसदी है. इसे ट्रेड, कंयूनिकेशन और आईटी/आईटीईएस सेक्टर्स से बढ़ावा मिला.

CII के डायरेक्टर जनरल, चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि प्राइवेट कैपेक्स में 67 फीसदी की बढ़ोतरी होकर 7.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचना, अब तक का सबसे अहम संकेत है कि भारत का इन्वेस्टमेंट साइकिल निर्णायक रूप से बदल गया है. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पिछले क्वार्टर के 74.3 परसेंट से बढ़कर 75.6 परसेंट हो गया है, जबकि नए ऑर्डर बुक में साल-दर-साल 10.3 परसेंट की बढ़ोतरी हुई और वित्त वर्ष 2026 के दूसरे हाफ में बैंक क्रेडिट ग्रोथ का औसत लगभग 14 परसेंट रहा, जबकि पहले हाफ में यह लगभग 10 परसेंट था.

सीआईआई का 5-प्वाइंट एजेंडा

  1. CII के पांच-पॉइंट एजेंडा में पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की सेंट्रल एक्साइज कटौती को छह से नौ महीनों में धीरे-धीरे कम करना शामिल है, जैसे-जैसे कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं. बनर्जी ने कहा कि फ्यूल एक्साइज को सोच-समझकर और धीरे-धीरे बहाल करने से सरकारी खजाने पर पड़ा भारी बोझ धीरे-धीरे कम होगा, और इससे कंज्यूमर के मूड पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. साथ ही इंडस्ट्री इनपुट कॉस्ट के दबाव का एक बड़ा हिस्सा अपने मार्जिन के अंदर ही उठाने के लिए तैयार है.
  2. दूसरा उपाय एक वॉलेंटरी इंडस्ट्री एनर्जी कंजरवेशन समझौता है, जिसमें मेंबर कंपनियां अगले दो तिमाहियों में फ्यूल और बिजली की खपत में 3-5 प्रतिशत की कमी करने का वादा करती हैं. उन्होंने आगे कहा कि फैक्ट्री गेट पर बचाया गया हर बैरल, देश को इंपोर्ट न करना पड़ने वाला एक बैरल कम होता है.
  3. CII ने छोटे उद्यमों पर वर्किंग कैपिटल के दबाव को कम करने के लिए TReDS और सप्लाई-चेन फाइनेंस द्वारा समर्थित 45-दिन की MSME पेमेंट गारंटी का भी प्रस्ताव रखा.
  4. अन्य कदमों में सप्लाई-चेन की सुरक्षा (ringfencing) शामिल है, जिसमें विविध स्रोतों और कंपोनेंट्स, स्पेशलिटी केमिकल्स और कैपिटल गुड्स में घरेलू वैल्यू एडिशन के माध्यम से इंपोर्ट रिप्लेसमेंट को गहरा करना शामिल है.
  5. साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी ट्रांजिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में वित्त वर्ष 2027 के निवेश को पहले ही शुरू करना (front-loading), और इसके साथ ही वॉलेंटरी वैल्यू कंट्रोल और PMIS के तहत इंटर्नशिप लेने की संख्या में वृद्धि करना भी शामिल है.

क्यों हुआ इतना निवेश?

बनर्जी ने सरकार को अनुकूल माहौल बनाने का श्रेय दिया, और इसके लिए लगातार सरकारी खर्च, राजकोषीय अनुशासन, आधुनिक टैक्स स्ट्रक्चर, PLI योजनाएं और FTAs ​​(मुक्त व्यापार समझौते) का हवाला दिया, जो ग्लोबल जीडीपी के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं. उन्होंने कहा कि अब उद्योग का काम इस अनुकूल माहौल को प्रतिबद्ध क्षमता, नौकरियों, निर्यात और बड़े पैमाने पर वैल्यू एडिशन में बदलना है. CII को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में रियल जीडीपी ग्रोथ 7.6 प्रतिशत से अधिक होगी, जिसमें एक्सपोर्ट 863 बिलियन डॉलर के अब तक के हाईएस्ट लेवल को छूएगा और विदेशी मुद्रा भंडार 700 बिलियन डॉलर से ऊपर रहेगा.

AI एआई पर खर्च बढ़ा, लेकिन रिजल्ट नहीं, कर्मचारियों के लिए जरूरी हो रही एआई स्किल, एआई के दौर में कंपनियां बदल रहीं पूरा सिस्टम….

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एआई अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि बिजनेस की जरूरत बन चुका है. कंपनियां एआई पर भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन असली चुनौती उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने की है. एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट ने बताया कि एआई के दौर में कंपनियों को अपने काम करने का तरीका पूरी तरह बदलना होगा.

दुनियाभर की कंपनियां तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर पैसा खर्च कर रही हैं, लेकिन हर कंपनी को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है. नई रिपोर्ट्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ एआई टूल खरीद लेने से बिजनेस नहीं बदलता, बल्कि पूरे काम करने के तरीके को बदलना पड़ता है. एक्सेंचर के सीईओ जूली स्वीट ने खुलकर बताया है कि कई कंपनियां एआई अपनाने की दौड़ में तो शामिल हैं, लेकिन उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने में पीछे रह रही हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में वही कंपनियां आगे निकलेंगी जो अपने कर्मचारियों और बिजनेस मॉडल दोनों को एआई के हिसाब से बदलेंगी.

एआई पर खर्च बढ़ा, लेकिन रिजल्ट नहीं

लास वेगास में आयोजित ग्रेट प्लेस टू वर्क फॉर ऑल समिट के दौरान एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट ने कहा कि आज कई कंपनियां एआई टूल्स पर तेजी से पैसा खर्च कर रही हैं, लेकिन इन निवेशों को असली बिजनेस बदलाव में बदलना अभी भी मुश्किल बना हुआ है. उनके मुताबिक एआई सिर्फ एक सॉफ्टवेयर या चैटबॉट नहीं है, बल्कि यह कंपनियों के पूरे सिस्टम और वर्कफ्लो को बदलने वाली टेक्नोलॉजी है. कई कंपनियां एआई खरीद तो रही हैं, लेकिन उनके कर्मचारी और मैनेजमेंट अभी तक इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं. यही वजह है कि एआई से उम्मीद के मुताबिक प्रोडक्टिविटी और ग्रोथ नहीं मिल पा रही है.

कर्मचारियों के लिए जरूरी हो रही एआई स्किल

जूली स्वीट ने बताया कि एक्सेंचर ने अपने कर्मचारियों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव किए हैं. अब कंपनी के अंदर प्रमोशन और करियर ग्रोथ को एआई स्किल्स से जोड़ा जा रहा है. यानी आने वाले समय में सिर्फ अनुभव नहीं बल्कि एआई की समझ भी नौकरी और प्रमोशन तय करेगी. उन्होंने कहा कि पहले डिजिटल बदलाव धीरे-धीरे आते थे, लेकिन एआई का असर बहुत तेजी से दिख रहा है. इसी वजह से कंपनियां अब शुरुआत से ही कर्मचारियों को एआई ट्रेनिंग देने पर जोर दे रही हैं. उनका मानना है कि आने वाले सालों में एआई की जानकारी लगभग हर नौकरी के लिए जरूरी स्किल बन जाएगी.

एआई के दौर में कंपनियां बदल रहीं पूरा सिस्टम

एक्सेंचर सीईओ के अनुसार, एआई के कारण कंपनियों को सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि अपना पूरा बिजनेस मॉडल बदलना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने कई बार अपनी आंतरिक संरचना में बदलाव किया ताकि एआई के तेज बदलावों के साथ खुद को ढाला जा सके. पहले कंपनी का फोकस केवल सर्विस और रीजन आधारित मॉडल पर था, लेकिन अब एआई आधारित लगातार बदलाव पर काम हो रहा है. जूली स्वीट ने यह भी माना कि इतने बड़े बदलाव कर्मचारियों के बीच असमंजस पैदा कर सकते हैं. इसलिए कंपनियों के लिए साफ कम्युनिकेशन और कर्मचारियों को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी हो गया है. एआई का सही इस्तेमाल वही कंपनियां कर पाएंगी जो टेक्नोलॉजी के साथ अपनी सोच भी बदलेंगी.