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AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत एकदम सही स्थान’; UN प्रमुख ने की अर्थव्यवस्था की तारीफ…

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि भारत एक बहुत सफल उभरती अर्थव्यवस्था है। उसका न केवल ग्लोबल इकोनामी बल्कि वैश्विक मामलों में भी अहम रोल है। यह एआइ शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए एकदम उपयुक्त स्थान है।

गुटेरस ने एक साक्षात्कार में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का लाभ पूरी दुनिया को मिलना चाहिए न कि केवल विकसित देशों या दो सुपरपावरों यानी महाशक्तियों को। उनका इशारा अमेरिका और चीन की ओर था। उन्होंने भारत को इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि यह आवश्यक है कि एआइ का विकास सभी के लाभ के लिए हो।

20 फरवरी तक आयोजित होगा एआइ शिखर सम्मेलन

ग्लोबल साउथ के देश भी इसका हिस्सा बनें। 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला यह उच्चस्तरीय कार्यक्रम वैश्विक दक्षिण में पहला एआइ शिखर सम्मेलन है जो ‘लोगों, ग्रहों और प्रगति’ के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है।

सार्वभौमिक उपकरण बनाना आवश्यक

गुटेरस ने कहा कि एआइ को मानवता के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक उपकरण बनाना आवश्यक है। उन्होंने भारत की भूमिका को उजागर करते हुए कहा कि यह शिखर सम्मेलन एआइ की सभी संभावनाओं और जोखिमों पर गहन चर्चा का अवसर प्रदान करेगा।

पीएम मोदी से बातचीत के लिए उत्सुक

गुटेरस ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हालिया व्यापार समझौता अच्छा उदाहरण है, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को मजबूत करता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भारत आने को लेकर अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि दुनिया में भारत के योगदान अहम है और वह नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए बहुत उत्सुक हूं।

दिल्ली में आज से सबसे बड़ी AI समिट, पीएम मोदी बोले-‘दुनिया को हमारे सामर्थ्य का पता चलेगा’

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भारत में आज से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी, 2026 को शाम 5 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी में तेजी से तरक्की कर रहा है।

उन्होंने एक्स पर कहा, “यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है। दाने तपसि शौचं च विज्ञानं विनये नये। विस्मयो न हि कर्तव्यो बहुरत्ना वसुन्धरा।।”

दिल्ली में होगा एआई का राष्ट्रीय प्रदर्शन

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ होगा और यह राष्ट्रीय प्रदर्शन होगा। इसमें 600 से ज्यादा हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप और 13 कंट्री पवेलियन होंगे जो AI इकोसिस्टम में इंटरनेशनल कोलेबोरेशन दिखाएंगे। यह एक्सपो ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्म, स्टार्टअप, एकेडेमिया, रिसर्च इंस्टीट्यूशन, सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट और इंटरनेशनल पार्टनर को एक साथ लाएगा।

आज समिट का पहला दिन

समिट का पहला दिन 16 फरवरी से शुरू होगा और इसमें रोड सेफ्टी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस किया जाएगा, जिसमें भारत में रोड सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए डेटा-ड्रिवन सॉल्यूशन शामिल होंगे। पहले सेशन में यह पता लगाया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोड सेफ्टी को बेहतर बनाने में कैसे असर डाल सकता है।

इस सेशन में क्रैश पैटर्न को समझने, रिस्क का अनुमान लगाने और प्रोएक्टिव इंटरवेंशन को मुमकिन बनाने के लिए डेटा-ड्रिवन तरीकों पर ज़ोर दिया जाएगा। इसमें सुरक्षित मोबिलिटी, ड्राइवर ट्रेनिंग और डेटा-ड्रिवन हाइपरलोकल मॉडल के डेवलपमेंट में मदद के लिए स्केलेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशन पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रियंक खरगे ने आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए, धन शोधन का लगाया आरोप…

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कर्नाटक मंत्री का आरएसएस पर हमला

कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता प्रियंक खरगे ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी कार्यप्रणाली, देशभक्ति और वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठाए।

खरगे ने आरएसएस पर ‘धन शोधन’ में संलिप्त होने का आरोप लगाया और इसके आय के स्रोतों पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि देश में लागू कानून और संविधान आरएसएस पर भी लागू होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा, ‘आरएसएस ने 52 वर्षों तक अपने कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाते हैं।’

एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘आरएसएस के पास 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है, जो अमेरिका और इंग्लैंड से जुड़े हैं। ये उनसे पैसे लेते हैं और मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि ये लोग धन शोधन में शामिल हैं।’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि आरएसएस को पैसे कहां से मिलते हैं और कैसे मिलते हैं, इस पर सवाल उठाना आवश्यक है। ‘वे चाहते हैं कि हम अच्छे नागरिक बनें, आयकर दें, लेकिन वे खुद स्वतंत्र रहना चाहते हैं। यह कैसे संभव है?’

प्रियंक खरगे के इस बयान ने कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद उत्पन्न करने की संभावना को जन्म दिया है। कांग्रेस ने हमेशा आरएसएस की विचारधारा पर हमला किया है, लेकिन ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ जैसे सीधे वित्तीय आरोप इस टकराव को एक नए स्तर पर ले गए हैं। अब यह देखना होगा कि भाजपा और आरएसएस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग का कड़ा कदम…

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निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने चुनाव से संबंधित कानूनी प्रावधानों का उपयोग करते हुए सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप में तुरंत निलंबित कर दिया है।

ये सभी अधिकारी सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

निलंबन के कारण

निलंबित अधिकारियों ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं की हैं। इनमें शामिल हैं: गंभीर कदाचार: विधिक प्रावधानों का उल्लंघन; >कर्तव्य में लापरवाही: मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से न लेना; अधिकारों का दुरुपयोग: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अधिकारों का गलत इस्तेमाल।

आयोग और राज्य सरकार के बीच टकराव

यह कार्रवाई उस समय की गई है जब निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। आयोग का यह कड़ा रुख यह दर्शाता है कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

“फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का भारत दौरा: AI, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा”

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार रात को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचेंगे। इस दौरान वे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के “आपसी विश्वास और गहराई” को दर्शाता है।

बाइलेटरल सहयोग पर चर्चा

विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा, “इस यात्रा के दौरान, दोनों नेता होराइजन 2047 रोडमैप के तहत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।” इसके अतिरिक्त, वे आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग शामिल है। दोनों नेता मुंबई में इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन भी करेंगे, जो 2026 में मनाया जाएगा।

रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते

डिफेंस सेक्टर: ₹3.25 लाख करोड़ की ‘राफेल’ डील पर नज़र

फ्रांस वर्तमान में भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता है। इस दौरे का मुख्य आकर्षण 114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद का समझौता हो सकता है।

मेक इन इंडिया पर जोर: इस डील के तहत 18 जेट ‘फ्लाई-अवे’ स्थिति में फ्रांस से आएंगे, जबकि बाकी 96 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा।

नौसेना की मजबूती: भारतीय नौसेना पहले ही 26 राफेल-M का ऑर्डर दे चुकी है, और इस नई डील से वायुसेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी।

इंडो-पैसिफिक में सहयोग

इंडो-पैसिफिक: चीन की चुनौती का मिलकर सामना

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दुनिया की कुल GDP का लगभग 60% हिस्सा है। इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत और फ्रांस का सहयोग रणनीतिक रूप से आवश्यक हो गया है।

फ्रांस की मौजूदगी: रीयूनियन और न्यू कैलेडोनिया जैसे फ्रांसीसी द्वीपों के कारण फ्रांस इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शक्ति है।

सप्लाई चेन और स्थिरता: दोनों देश मिलकर सप्लाई चेन में विविधता लाने और समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा करेंगे।

AI और इनोवेशन पर ध्यान

AI और इनोवेशन: 2026 ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’

मैक्रों की यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ है।

तकनीकी सहयोग: प्रधानमंत्री मोदी के साथ मैक्रों इस समिट में भाग लेंगे, जो जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।

ईयर ऑफ इनोवेशन: दोनों नेता मुंबई में ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य पूरे वर्ष तकनीकी, अनुसंधान और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।

दीर्घकालिक रणनीति

‘होराइजन 2047’ रोडमैप

यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी की फरवरी 2025 में फ्रांस यात्रा के एक वर्ष बाद हो रहा है। बातचीत का मुख्य आधार ‘होराइजन 2047’ रोडमैप होगा, जो भारत और फ्रांस के बीच कूटनीतिक संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने (2047 में) तक के लिए एक दीर्घकालिक खाका तैयार करता है।

इंडो-पैसिफिक में सहयोग का महत्व

इंडो-पैसिफिक की उलझन

मैक्रों के भारत दौरे से नई दिल्ली और पेरिस को इंडो-पैसिफिक में अपने सहयोग को बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जो एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहाँ चीन अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। फ्रांस के समर्थन से, भारत इस क्षेत्र में चीनी प्रभाव का मुकाबला करना चाहता है।

यह ध्यान देने योग्य है कि इंडो-पैसिफिक दुनिया के कुल ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) का लगभग 60 प्रतिशत है, और भारत और फ्रांस इस क्षेत्र को सुरक्षित करने और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सप्लाई चेन में विविधता लाने का प्रयास कर रहे हैं।

राजपाल यादव की जमानत याचिका खारिज, तिहाड़ जेल में बने हुए हैं अभिनेता…

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बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव अभी भी तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस के मामलों में लगभग 9 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के लिए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।

12 फरवरी को उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, अदालत ने शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। अगली सुनवाई आज, 16 फरवरी, 2026 को निर्धारित की गई है।

ऋण देने वाली कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि उन्होंने अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है, लेकिन यह अभी तक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ है। इसके बाद, अदालत जल्द ही राजपाल की जमानत याचिका पर विचार करेगी।

फिल्म उद्योग के सहयोगी आगे आए

इस मामले से अनजान लोगों के लिए जानकारी है कि हिंदी फिल्म उद्योग के कई प्रमुख सदस्य, जैसे सोनू सूद, वरुण धवन, और मीका सिंह, ने राजपाल यादव को आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। आज, 16 फरवरी, 2026 को, दिल्ली उच्च न्यायालय अभिनेता राजपाल यादव की 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई में, अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा था।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट: आज के ताजा रेट्स पर नजर…

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16 फरवरी 2026 को, यदि आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो वर्तमान कीमतों पर ध्यान देना आवश्यक है। सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर कमी आई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत ₹1.55 लाख से नीचे गिर गई है, जबकि चांदी की कीमत ₹7,000 से अधिक घटकर ₹2,36,908 प्रति किलो हो गई है।

निवेशक फिर से मुनाफा बुकिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पिछले दिन, मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ₹7,280 (3.08%) की वृद्धि के साथ ₹2,43,715 प्रति किलो पर पहुंच गई थी। वहीं, अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना ₹2,819 (1.84%) महंगा होकर ₹1,55,655 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई इस तेजी और गिरावट ने खरीदारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या दाम फिर से अपने पुराने रिकॉर्ड को पार करेंगे या मुनाफा बुकिंग के कारण फिर से नीचे आएंगे।

इस लाइव ब्लॉग में हम आपको दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के रेट्स के बारे में पल-पल की जानकारी देंगे। आपके शहर में 22K और 24K का भाव क्या है? क्या आज खरीदारी करना सही रहेगा या थोड़ा इंतजार करना चाहिए? विशेषज्ञों की राय, निवेश के लिए सही सलाह और कमोडिटी मार्केट के ताजा अपडेट्स।

सोने और चांदी की कीमतों में आज आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। यदि हम आज की कीमतों की तुलना इनके ‘ऑल-टाइम हाई’ से करें, तो दाम काफी कम हो गए हैं।

सोने का अब तक का रिकॉर्ड हाई ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम रहा है। आज MCX पर सोना ₹1,54,248 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से सोना अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग ₹28,752 प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है।

चांदी ने ₹4,20,000 प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ था। आज के ₹2,35,624 के भाव के अनुसार, चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग ₹1,84,376 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है.

भारतीय रेलवे का नया बर्थ आवंटन सिस्टम: वेटिंग लिस्ट यात्रियों के लिए राहत…

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ट्रेन यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना!

भारतीय रेलवे ने बर्थ आवंटन प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है, जिससे वेटिंग लिस्ट में शामिल यात्रियों को राहत मिलेगी।

रेलवे ने ऑन-बोर्ड स्टाफ के लिए आरक्षित बर्थ प्रणाली में कटौती करते हुए 2016 और 2018 में जारी किए गए पुराने निर्देशों को पूर्ण रूप से रद्द कर दिया है।

यह निर्णय यात्रियों की सुविधा, संसाधनों के बेहतर उपयोग और रेलवे की आय में वृद्धि के उद्देश्य से लिया गया है। अब एसी फर्स्ट क्लास और एसी सेकंड क्लास में स्टाफ के नाम पर कोई बर्थ ब्लॉक नहीं की जाएगी। सभी सीटें सामान्य यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी, जिससे कन्फर्मेशन की संभावना बढ़ेगी और वेटिंग टिकट धारकों को अधिक अवसर मिलेंगे।

क्या बदला है?

पहले, 2016 और 2018 के निर्देशों के तहत ट्रेन में तैनात कुछ स्टाफ (जैसे एसी और वेंडिंग स्टाफ) को फर्स्ट और सेकंड एसी में बर्थ आरक्षित मिलती थीं।

अब ये बर्थें रद्द कर दी गई हैं। स्टाफ को अब इन क्लासेस में कोई आरक्षित सीट नहीं मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग) द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, पुराने सभी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।

नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

यात्रियों को क्या लाभ होगा?

प्रीमियम कोच (एसी फर्स्ट और सेकंड) में अधिक सीटें उपलब्ध होने से कन्फर्म टिकट आसानी से मिल सकेंगे।

वेटिंग लिस्ट और RAC वाले यात्रियों की कन्फर्मेशन की संभावना बढ़ेगी, विशेषकर पीक सीजन में।

रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, क्योंकि ये सीटें यात्रियों को बेची जा सकेंगी।

संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, जिससे ट्रेनों में खाली बर्थ की संख्या कम होगी।

Holika Dahan 2026: होलिका दहन में नारियल, सरसों, लौंग डालने से संतान की ये बड़ी 5 समस्याएं होती है दूर…

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होली का पर्व बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है. इसकी अग्नि घर की दरिद्रता, बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए पवित्र मानी जाती है. होलिका की अग्नि में लोग कई सामग्री डालते हैं क्यों ये हमारे जीवन की नकारात्मकत ऊर्जा को भस्म कर देती है.

संतान संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए होलिका की अग्नि में सूखे नारियल, चन्दन की लकड़ी, काले तिल, सरसों के दाने, लौंग, कपूर और हल्दी की गांठें अर्पित करना चाहिए.

संतान को रोगों ने घेर रखा है, वो आए दिन बीमार रहता है या फिर बच्चों को बुरी नजर लगती है तो संतान के सिर से 7 बार नारियल वारकर होलिका की अग्नि में डाल दें. मान्यता है इससे सेहत में लाभ मिलता है.

संतान प्राप्ति के लिए होलिका की अग्नि में साबुत हल्दी की गांठ अर्पित करना चाहिए. इसके बाद दंपत्ति को सात बार परिक्रमा करनी चाहिए. मान्यता है इससे सूनी गोद जल्द भर जाती है.

आपका बच्चा आर्थिक परेशानी से जूझ रहा है तो एक सूखा नारियल लेकर उसमें चीनी और चावल भर लें फिर इसेहोलिका दहन में अर्पित करने से देवी लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है.

होलिका की आग में ये सभी सामग्री डालते समय इस मंत्र का जाप करें – “अहकूटा भयत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै: अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम”

भारत में ChatGPT के वीकली एक्टिव यूजर्स 10 करोड़ से पार, जानें जेमिनी समेत बाकी चैटबॉट्स के कितने यूजर्स…

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भारत तेजी से दुनिया की सबसे बड़ी एआई मार्केट्स में एक बनकर उभर रहा है. चैटबॉट डाउनलोड की बात करें तो अमेरिका के बाद भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कुल चैटबॉट डाउनलोड में से लगभग 29 प्रतिशत अमेरिका और 20 प्रतिशत भारत में होते हैं.

अगर यूजर के हिसाब से देखें तो सबसे पॉपुलर चैटबॉट चैटजीपीटी के वीकली एक्टिव यूजर्स की संख्या भारत में 10 करोड़ से पार हो गई है.

खुद ऑल्टमैन ने दी जानकारी

चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया कि उनका चैटबॉट भारत में तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऑल्टमैन के मुताबिक, भारत में चैटजीपीटी के वीकली एक्टिव यूजर्स 10 करोड़ से ज्यादा है और यह कंपनी के लिए अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी मार्केट बन गई है. बता दें कि ओपनएआई भारत में करोड़ों लोगों को अपने चैटजीपीटी गो का फ्री सब्सक्रिप्शन दे रही है.

भारत में किस चैटबॉट के कितने यूजर्स?

गूगल जेमिनी-

गूगल का जेमिनी चैटबॉट तेजी से आगे बढ़ते हुए चैटजीपीटी को कड़ी टक्कर दे रहा है. भारत की बात करें तो यह दूसरा सबसे ज्यादा यूज होने वाला चैटबॉट है. भारत में जेमिनी के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 10.5 करोड़ है. गूगल सर्विसेस में डीप इंटीग्रेशन के कारण इसके यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं.

परप्लेक्सिटी एआई-

चैटजीपीटी और जेमिनी के बाद तीसरे नंबर पर परप्लेक्सिटी एआई है. भारत में इसके मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या लगभग 2 करोड़ है. इसे रिसर्च और स्टडी आदि से जुड़े काम में ज्यादा यूज किया जा रहा है. कुछ समय पहले एयरटेल अपने यूजर्स को इसका प्रो सब्सक्रिप्शन फ्री दे रही थी, लेकिन अब यह ऑफर बंद हो गया है.

ग्रोक- एलन मस्क कंपनी xAI का चैटबॉट ग्रोक पिछले दिनों खूब विवादों में रहा था. एक्स प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेटेड होने के बावजूद इसके यूजर्स की संख्या दूसरे चैटबॉट के मुकाबले कम है. इसके मंथली यूजर्स लगभग 50 लाख हैं.

डीपसीक- एक समय पर तहलका मचा देने वाले चाइनीज चैटबॉट डीपसीक के यूजर्स अब काफी कम हो गए हैं. भारत में इसके मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 50 लाख से भी कम है.