निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने चुनाव से संबंधित कानूनी प्रावधानों का उपयोग करते हुए सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप में तुरंत निलंबित कर दिया है।
ये सभी अधिकारी सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
निलंबन के कारण
निलंबित अधिकारियों ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं की हैं। इनमें शामिल हैं: गंभीर कदाचार: विधिक प्रावधानों का उल्लंघन; >कर्तव्य में लापरवाही: मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से न लेना; अधिकारों का दुरुपयोग: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अधिकारों का गलत इस्तेमाल।
आयोग और राज्य सरकार के बीच टकराव
यह कार्रवाई उस समय की गई है जब निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। आयोग का यह कड़ा रुख यह दर्शाता है कि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



