Home Blog Page 149

CG: होली के लिए पूर्वाचल से छत्‍तीसगढ़ के लिए स्‍पेशल ट्रेन, झट से कराएं रिजर्वेशन…

0

होली पर गाजीपुर सिटी से बिलासपुर के लिए 12 फरवरी 2026 को स्पेशल ट्रेन चलेगी, 18 कोच के साथ कई स्टेशनों पर रुकेगी. दरभंगा-नई दिल्ली ट्रेन का मार्ग भी बदला गया है.

रेलवे ने शेड्यूल जारी किया.

होली पर्व पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने गाजीपुर सिटी से बिलासपुर के बीच एक विशेष ट्रेन चलाने का ऐलान किया है. गाड़ी नंबर 05011 गाजीपुर सिटी-बिलासपुर होली स्पेशल ट्रेन 12 फरवरी 2026 को यात्रा के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन यात्रियों को पूर्वांचल से छत्तीसगढ़ तक आरामदायक सफर देगी.ट्रेन गाजीपुर सिटी से शाम 8:35 बजे छूटेगी और अगले दिन दोपहर 4:00 बजे बिलासपुर पहुंचेगी.

रास्ते में यह कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी, जैसे औंढ़िहार (9:30 बजे), केराकत (10:22 बजे), जौनपुर (11:10 बजे), वाराणसी जंक्शन (रात 12:35 बजे), मिर्जापुर (1:55 बजे), विंध्याचल (2:16 बजे), प्रयागराज छिवकी (4:30 बजे), शंकरगढ़ (5:04 बजे), मानिकपुर जंक्शन (6:15 बजे), सतना (7:20 बजे), मैहर (7:48 बजे), कटनी (9:25 बजे), उमरिया (10:58 बजे), शहडोल (12:00 बजे), बुढ़ार (12:20 बजे), अनूपपुर (12:46 बजे) और पेंड्रा रोड (1:28 बजे). ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए जाएंगे. इसमें 2 एसएलआरडी (गार्ड ब्रेक वैन), 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 14 शयनयान (स्लीपर) कोच शामिल हैं.

इससे यात्रियों को पर्याप्त जगह और आराम मिलेगा.रेलवे ने कहा है कि होली के दौरान यात्रा की मांग बहुत बढ़ जाती है, इसलिए यह स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. यात्रियों से अपील है कि टिकट जल्द बुक करें और ट्रेन के समय का पालन करें. टिकट आईआरसीटीसी ऐप, वेबसाइट या रेलवे काउंटर से उपलब्ध होंगे. यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से से छत्तीसगढ़ जाने वाले लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी. होली के त्योहार पर परिवारों के साथ सफर आसान बनेगा.

दरभंगानई दिल्ली विशेष ट्रेन का रूट बदला

रेलवे ने चौरी चौरा स्टेशन पर इंजीनियरिंग कार्य के लिए ब्लॉक लेने के कारण 02569 दरभंगा-नई दिल्ली विशेष ट्रेन का मार्ग बदल दिया है। 14, 18, 23 और 28 फरवरी 2026 को चलने वाली यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से सीवान-कप्तानगंज-गोरखपुर कैंट होकर चलेगी। इससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में आज शुष्क रहेगा मौसम, रायपुर सबसे गर्म तो अंबिकापुर सबसे ठंडा…

0

छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ. इससे पता चलता है कि उत्तर छत्तीसगढ़ में अभी भी ठंड का प्रभाव बना हुआ है.

छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम स्थिर बना हुआ है और आगामी 7 दिनों तक तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और वर्षा के कोई संकेत नहीं हैं. राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिकों ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है.

प्रदेश में शुष्क मौसम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है. कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और वर्षा के मुख्य आंकड़े शून्य रहे हैं. आगामी दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है.

तापमान में नहीं होगा विशेष परिवर्तन
अगले 7 दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. प्रदेश में दिन में हल्की गर्माहट और सुबह-शाम हल्की ठंड का असर बना रहेगा.

रायपुर और अंबिकापुर का तापमान
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.8°C रायपुर में दर्ज किया गया जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ. इससे साफ है कि उत्तर छत्तीसगढ़ में अभी भी ठंड का प्रभाव बना हुआ है.

मौसम का पूर्वानुमान और चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा. किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है. अगले दो दिनों के बाद भी मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है.

रायपुर शहर का मौसम का हाल
12 फरवरी को रायपुर शहर में हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर में अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 16°C के आसपास रहने का अनुमान है.

एनडीपीएस प्रकरणों पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न, 90 अधिकारियों ने लिया हिस्सा

0

राजनांदगांव, 11 फरवरी 2026। मादक पदार्थों (एनडीपीएस) से संबंधित प्रकरणों की प्रभावी जांच और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मंगल भवन, पुलिस लाइन में आयोजित की गई, जिसमें मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्यवाही को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक
कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, और मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री बालाजी राव और पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा उपस्थित रहे। पुलिस महानिरीक्षक ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य एनडीपीएस एक्ट के तहत विवेचनाओं के स्तर को सुधारना और आरोपियों की दोषसिद्धि में बढ़ोतरी करना है। उनका कहना था कि इससे राज्य में नशामुक्ति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे।

पुलिस अधीक्षक ने मादक पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, तकनीकी रूप से मजबूत विवेचना और टीम वर्क की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला विवेचकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।

विषय विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
कार्यशाला में एनडीपीएस अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराओं, तलाशी और जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, साक्ष्य संधारण, केस डायरी लेखन, चार्जशीट तैयारी तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।

प्रशिक्षण सत्र में श्री के.के. चतुर्वेदी (डीडीपी, महासमुंद), श्री मनोज सिंह (डीपीओ), निरीक्षक अनिल कुमार (नारकोटिक्स क्राइम ब्यूरो), पूर्व डीएसपी श्री राकेश जोशी, एडीपीओ जयंत पाटले और ऋचा जलतारे (राजनांदगांव) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।

90 अधिकारियों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में राजनांदगांव रेंज के चारों जिलों से सहायक उप निरीक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक कुल लगभग 90 अधिकारियों ने भाग लिया। इस मौके पर एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक, प्रशिक्षु आईपीएस श्री आदित्य कुमार, डीएसपी नवी मोनिका पांडे और प्रशिक्षु डीएसपी सुमन जायसवाल भी उपस्थित रहे।

दोषसिद्धि पर विवेचना अधिकारियों को सम्मानित किया गया
कार्यशाला के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 18 प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पारित करने वाले विवेचना अधिकारियों को उत्साहवर्धन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्राप्त करने वाले अधिकारियों ने न्यायालयीन कार्यवाही में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

यह कार्यशाला एनडीपीएस प्रकरणों में विवेचनाओं के स्तर को और अधिक सुदृढ़ करने, मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिस के समन्वित प्रयासों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।

राजनांदगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

0

राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए दो म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर धोखाधड़ी से धन प्राप्त किया था। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।

गिरफ्तार आरोपी:

लिकेश साहू (22 वर्ष), पिता परमानंद साहू, निवासी पटपर, तहसील डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव।

चंदूलाल क्षत्रीय (55 वर्ष), पिता धनसाय क्षत्रीय, निवासी बसंतपुर, वार्ड नं. 46, थाना बसंतपुर, जिला राजनांदगांव।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में थाना सिटी कोतवाली व साइबर सेल की टीम ने आरोपियों की तलाश में सफलता प्राप्त की।

म्यूल अकाउंट: क्या है?
“म्यूल अकाउंट” वह बैंक खाता है जिसे अपराधी अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए उपयोग करते हैं। इन अकाउंट्स का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को छिपाने, ट्रांसफर करने और साफ-सुथरा करने के लिए किया जाता है।

कैसे काम करता है म्यूल अकाउंट?

अपराधी किसी व्यक्ति को टारगेट करते हैं और उसे अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए कहते हैं।

उस खाते में धोखाधड़ी से प्राप्त पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

फिर, इन पैसों को कई खातों में ट्रांसफर किया जाता है ताकि उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो सके।

म्यूल अकाउंट में शामिल होने वाले व्यक्ति:

वे लोग जिनको इस बात का अंदाजा नहीं होता कि उनके खाते का गलत इस्तेमाल हो रहा है।

वे लोग जिन्हें आर्थिक रूप से कमजोर और लालच देकर इस धोखाधड़ी में फंसाया जाता है।

कभी-कभी कुछ लोग जानबूझकर भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं और अपराधियों की मदद करते हैं।

साइबर अपराध से बचने के तरीके:

किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या अन्य जानकारी न दें।

बड़ी रकम का लालच या संदिग्ध ऑफर से बचें।

अपने बैंक खाते की नियमित जांच करें।

अगर आपको किसी संदिग्ध प्रस्ताव का सामना करना पड़े, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

राजनांदगांव पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाइल सिम, चेकबुक या एटीएम कार्ड न दें। ऐसे खाता धारक जो अपने बैंक खाते को किराए पर देते हैं या किसी अन्य व्यक्ति को देते हैं, वे भी म्यूल अकाउंट के अपराध में शामिल हो सकते हैं।

इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कृषि विभाग ने किसानों को योजनाओं से लाभान्वित करने 14 फरवरी तक अभियान शुरू किया

0

राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा 9 से 14 फरवरी 2026 तक पंचायत स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और किसानों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

अभियान के तहत विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों का ई-केवायसी, आधार सीडिंग और एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को वार्षिक 6000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि फरवरी माह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का भुगतान किया जाना प्रस्तावित है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग लंबित प्रकरणों का व्यक्तिगत संपर्क कर समाधान करने में जुटा है। जिले में ई-केवायसी के 604, लैण्ड सीडिंग के 67, आधार सीडिंग के 872 और सस्पेक्टेड केस के 881 लंबित हितग्राहियों को अभियान के दौरान लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या कृषक संगवारी के माध्यम से लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन कराएं और एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन कराकर अपनी जानकारी अपडेट करें। साथ ही ई-केवायसी और आधार सीडिंग पूर्ण कराएं ताकि आगामी किस्त की राशि का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुँच सके।

कृषि विभाग ने अभियान के दौरान लोकसेवा केंद्र, कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों और बैंकों के माध्यम से लंबित प्रकरणों के निराकरण के साथ ही किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने की भी विशेष अपील की है।

हज यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण सम्पन्न

0

राजनांदगांव। शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2026 में हज यात्रा पर जाने वाले 28 हज यात्रियों का जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण किया गया। इस दौरान यात्रियों को मैन्जाईटिस, पोलियो और एन्फ्लुएंजा का टीका लगाया गया।

स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. खुमान सिंह मंडावी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रकांत उर्वशा, जिला माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट श्रीमती वंदना कोसरिया, जिला डाटा मैनेजर आईडीएसपी श्री अखिलेश सिंह, वैक्सीन कोल्ड चैन प्रबंधक श्री हितेश कुल्हाड़े और सचिवीय सहायक (टीकाकरण) श्री मनीष निमजे सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने कहा कि हज यात्रियों का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचाव किया जा सके। उन्होंने यात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बाल एवं मातृ मृत्यु दर घटाने पर जोर दिया

0

राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर जिले में बाल एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त न करने और उच्च स्तर की सक्रियता एवं ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में किसी भी महिला या नवजात शिशु की मृत्यु न हो, इसके लिए हरसंभव कदम उठाएं। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निरंतर निगरानी करें और समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने मितानिनों के माध्यम से गर्भवती माताओं के एनएनसी जांच, उपचार और देखभाल के साथ नियमित मानिटरिंग करने के निर्देश दिए।

गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल
कलेक्टर ने प्रसव के बाद जच्चा और बच्चे को कम से कम तीन दिन तक सरकारी और निजी अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में रखने का निर्देश दिया। उन्होंने नवजात शिशुओं का वजन कम होने की स्थिति में प्रारंभिक देखभाल और सतत निगरानी करने पर जोर दिया। साथ ही गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य संबंधित दवाओं और सावधानियों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग को समन्वित अभियान चलाकर जीवनशैली में सुधार और हाई ब्लड प्रेशर व मधुमेह जैसी बीमारियों पर जागरूकता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की संवेदनशीलता के साथ मदद करें और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराएं।

स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा
कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना का जायजा लिया और कंगारू मदर केयर के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण, 102 एंबुलेंस सेवा, मानव संसाधन और आभा कियोस्क के माध्यम से ओपीडी सेवाओं की समीक्षा की। निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों को शीघ्र पूरा करने का भी आदेश दिया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि मातृ मृत्यु दर घटाने के लिए सजग रहना और व्यवहार परिवर्तन लाना जरूरी है। बैठक में अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, डीपीएम संदीप ताम्रकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर एमडीए अभियान का किया शुभारंभ

0

राजनांदगांव। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के तहत 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने किया। कलेक्टर ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की। इस दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को अभियान के दौरान दवाओं का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और समन्वय के साथ सक्रिय रूप से काम करने की अपील की।

कलेक्टर ने आमजन से भी आग्रह किया कि वे फाइलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित की जाने वाली दवाओं का सेवन करें।

एमडीए अभियान से फाइलेरिया की रोकथाम में मिलेगी मदद

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि यह अभियान जिलेभर में चलाया जाएगा और इसके तहत दी जाने वाली दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित इन दवाओं से फाइलेरिया का संक्रमण रोका जा सकता है, जो एक दीर्घकालिक और विकलांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी है।

दवा के सेवन के बाद आ सकते हैं हल्के लक्षण

उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी दवा के सेवन के बाद हल्का बुखार, सिरदर्द, मतली, थकान या बेचौनी जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, जो सामान्यत: कुछ समय में ठीक हो जाते हैं। ये लक्षण दवा के प्रभाव और शरीर में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया के नष्ट होने के कारण होते हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

ब्लॉक स्तर से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक की शुरुआत

दवा का वितरण जिले के सभी विकासखंडों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर भी किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने दवा का सेवन कर इस अभियान की शुरुआत की और आमजन को फाइलेरिया रोधी दवा सेवन के लिए प्रेरित किया।

सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

एमडीए अभियान की सफलता से जिले में फाइलेरिया की समस्या में भारी कमी आ सकती है, जिससे न केवल स्वास्थ्य लाभ मिलेगा बल्कि विकलांगता के मामलों में भी कमी आएगी।

दिल्ली बैठक के बाद जिलाध्यक्ष विपिन यादव ने राजघाट पर दी श्रद्धांजलि, संगठन को मजबूत बनाने की जताई प्रतिबद्धता

0

राजनांदगांव। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्षों की दिल्ली में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के बाद, राजनांदगांव जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन यादव ने खैरागढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोमल साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत ठाकुर और बालोद जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी के साथ महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभी नेताओं ने राष्ट्रपिता के योगदान को याद करते हुए सत्य, अहिंसा, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने, जनसंवाद को प्रभावी बनाने और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया। बैठक में संगठनात्मक अनुशासन, वैचारिक स्पष्टता और जन आंदोलनों की रणनीति पर गहन विचार विमर्श हुआ।
इस दौरान जिलाध्यक्ष विपिन यादव ने बताया कि दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से प्राप्त दिशा-निर्देश संगठन को नई दिशा और ऊर्जा देंगे। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और गांधीवादी मूल्यों को आधार बनाकर हम जिले में संगठन को और अधिक सक्रिय, संगठित और जनसमस्याओं के प्रति सजग बनाएंगे। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और जनता के सहयोग से संगठन को नई मजबूती दी जाएगी और कांग्रेस जनआवाज को बुलंद करने वाली सशक्त शक्ति के रूप में उभरेगी।
यह जानकारी जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान ने दी।

खैरागढ़ में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान की शुरुआत

0

खैरागढ़। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को फाइलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान संचालित किया जा रहा है।
अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ कलेक्टर सभागृह में कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल द्वारा स्वयं दवा सेवन कर किया गया। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि सभी पात्र व्यक्ति अनिवार्य रूप से दवा का सेवन करें।
कलेक्टर चन्द्रवाल ने जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक दवा सेवन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को सहयोग के निर्देश दिए।
इस अवसर पर खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा नीलांबर वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी दवा सेवन कर आमजन को दवा खाने हेतु प्रेरित किया।
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई अंतर्गत दोनों विकासखंडों की कुल 4,36,943 जनसंख्या में से अनुमानित 3,93,249 पात्र व्यक्तियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा अपने समक्ष फाइलेरिया से बचाव की दवा सेवन कराई जाएगी। फाइलेरिया, जिसे सामान्य भाषा में हाथीपांव कहा जाता है, मच्छर के काटने से होने वाला गंभीर रोग है, जिसका प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है, इसलिए रोकथाम अत्यंत आवश्यक है।
अभियान के अंतर्गत जिले में 810 प्रशिक्षित दवा प्रशासक दल, 806 बूथ एवं 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर एमडीए कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। बिहान समूह द्वारा जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार में सहयोग किया जा रहा है। 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। 13 से 23 फरवरी तक घर.घर भ्रमण कर समुदाय स्तर पर दवा दी जाएगी तथा 24 एवं 25 फरवरी को छूटी हुई जनसंख्या को कवर किया जाएगा। साथ ही 10 से 25 फरवरी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं निजी चिकित्सालयों की ओपीडी के पास एमडीए कॉर्नर के माध्यम से भी दवा सेवन कराया जाएगा।
इस 15 दिवसीय अभियान में 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोगियों को छोड़कर सभी पात्र व्यक्तियों को उम्र अनुसार डाइएथाइलकार्बामैजिन (डीईसी) एवं एलबेंडाजोल की दवा निःशुल्क दी जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की गई कि वे स्वयं दवा सेवन करें तथा अपने परिजनों एवं समुदाय को भी प्रेरित कर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
उक्त कार्यक्रम में प्रेम कुमार पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सुरेन्द्र ठाकुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती सोनल धु्रव, विवेक मेश्राम (वीबीडी टेक्निकल सुपरवाइजर), संतोष बर्वे (आरएचओ), युवराज वर्मा (आरएचओ) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।