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‘डबल विजन: जानें इसके कारण और बचाव के उपाय : आंखों की समस्याओं का बढ़ता खतरा’

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दुनिया भर में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को प्रभावित कर रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और अत्यधिक संवेदनशील होती हैं।

इसलिए, आंखों को स्वस्थ रखने के लिए हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हाल के समय में, हमारी डाइट और जीवनशैली में बदलाव के कारण आंखों से संबंधित समस्याएं बढ़ी हैं।

डबल विजन क्या है?

डबल विजन, जिसे चिकित्सा में डिप्लोपिया कहा जाता है, का अर्थ है किसी वस्तु का दो बार दिखाई देना। यदि आप किसी चीज को दो बार देख रहे हैं, तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है।

डबल विजन के लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार, डबल विजन आमतौर पर एक अस्थायी समस्या होती है, लेकिन यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। इससे चलने-फिरने या गाड़ी चलाने में कठिनाई हो सकती है।

डबल विजन के कारण

डॉक्टरों के अनुसार, आंखों की मांसपेशियों की कमजोरी, स्ट्रोक, नसों में समस्या, थायरॉइड, और ब्रेन ट्यूमर जैसी स्थितियों के कारण डबल विजन हो सकता है।

डबल विजन से जुड़ी समस्याएं

डबल विजन के कारण आंखों में दर्द, सिरदर्द, संतुलन में कमी, और चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका खतरा अधिक होता है।

डबल विजन से बचने के उपाय

यदि आपको डबल विजन की समस्या है, तो इसका उपचार इसके कारण पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में, चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस से राहत मिल सकती है, जबकि गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। धूम्रपान से बचें, स्क्रीन टाइम कम करें, और साल में एक बार आंखों की जांच कराना न भूलें।

व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य: एजेडईसी-प्लस मीटिंग में एस जयशंकर…

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भारत ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में व्यवधानों को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षित और निर्बाध समुद्री परिवहन की आवश्यकता पर जोर दिया है।

जापान द्वारा आयोजित ‘एजेडईसी’ बैठक में भाग लेते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों की स्थिरता के लिए समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। भारत ने कहा कि व्यापारिक जहाजों (मर्चेंट शिपिंग) पर किसी भी प्रकार के हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं, और इससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

बैठक के बाद विदेश मंत्री ने एक्स पर कहा, “एनर्जी मार्केट में सप्लाई चेन में रुकावटों पर चर्चा करने के लिए जापान की ओर से बुलाई गई ‘एजेडीईसी’ मीटिंग में हिस्सा लिया। सुरक्षित और बिना रुकावट वाले समुद्री परिवहन को लेकर भारत की प्रतिबद्धता जताई।”

उन्होंने रेखांकित किया कि “इन समुद्री मार्गों से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर किसी भी तरह का हमला हम स्वीकार नहीं करते हैं। ग्लोबल ग्रोथ की मांग है कि ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। बड़े उपभोक्ता के तौर पर भारत सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने के लिए अपने साझेदारों संग काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

बैठक के दौरान भारत ने सहयोग, समन्वय और सामूहिक प्रयासों के जरिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जापान सरकार की तरफ से आयोजित ‘एशिया जीरो एमिशन कम्युनिटी (एजेडईसी) प्लस ऑनलाइन समिट ऑन एनर्जी रेजिलिएंस’ को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, थाईलैंड के पीएम अनुतिन चार्नविराकुल, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान समेत कई बड़े नेताओं ने भी वर्चुअली संबोधित किया।

मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, तिमोर-लेस्ते, सिंगापुर, बांग्लादेश और थाईलैंड के नेताओं के अलावा, समिट में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, ब्रुनेई, श्रीलंका और इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) जैसे संगठनों के मंत्री भी शामिल हुए।

इब्राहिम ने कहा, “मलेशिया एजेडईसी के जरिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि स्थिर, पर्याप्त और लचीली एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित हो सके। लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) सहित एक ऊर्जा उत्पादक के तौर पर, मलेशिया क्षेत्रीय एनर्जी सुरक्षा को सपोर्ट करने में एक रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा, साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी सहित एनर्जी सोर्स में विविधता लाएगा और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हमारे एनर्जी सिस्टम को मजबूत करेगा।”

अपने संदेश में, फिलीपींस के राष्ट्रपति आर. मार्कोस जूनियर ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई में आने वाले झटकों से देश के कमजोर होने की बात रखी। उन्होंने फरवरी में होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने को एक बड़ी रुकावट बताया, जिससे फ्यूल की कीमतें बढ़ीं।

फिलीपीन न्यूज़ एजेंसी ने मीटिंग के दौरान फिलीपींस के लीडर के हवाले से कहा, “एक आइलैंड वाले देश के तौर पर… हम ज्यादातर आयातित पेट्रोलियम पर निर्भर हैं।” उन्होंने कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटें देश में “बहुत ज्यादा महसूस” हो रही हैं।

‘सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में 1.6 प्रतिशत की बढ़त’

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वैश्विक बाजारों में तेजी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी, दोनों में 1.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,263.67 (1.63 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 78,111.24 स्तर पर ट्रेड करते नजर आया, तो वहीं निफ्टी 388.65 अंक यानी 1.63 प्रतिशत चढ़कर 24,231.30 पर कारोबार करता नजर आया।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स 77,981.10 पर खुलकर 78,270.42 का इंट्रा-डे हाई छुआ, तो वहीं निफ्टी 24,163.80 पर खुलकर 24,280.90 का हाई टच किया।

ब्रॉडर मार्केट में और ज्यादा तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.20 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बुधवार को सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी आईटी, मेटल्स, पीएसयू बैंक, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। तो वहीं निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।

निफ्टी 50 में 5 शेयरों को छोड़कर बाकी सभी में हरियाली देखने को मिली। इंडिगो, पावरग्रिड, इटरनल, मैक्स हेल्थ, विप्रो, एचडीएफसी लाइफ, टेक महिंद्रा, टीसीएस, हिंडाल्को, टीएमपीवी, एसबीआई लाइफ, एलएंडटी के शेयरों में 4 प्रतिशत से 3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि डॉ. रेड्डीज, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

जानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए वार्ता अगले दो दिनों में पाकिस्तान में फिर से शुरू हो सकती है, इससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों ने बंपर खरीदारी की।

इस बीच, अमेरिकी-ईरान वार्ता के दूसरे दौर के बाद बेहतर होते बाजार भाव से रुपए में मजबूती आई और यह 93.50 पर पहुंच गया, जिसके चलते पिछले दो सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई।

एक विश्लेषक ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जो अब 94-95 डॉलर के दायरे की ओर फिसल रही है, भारत के आयात बिल पर दबाव कम कर रही है और रुपए को अल्पकालिक राहत प्रदान कर रही है।”

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को बनाएगा सशक्तः शाइना एनसी…

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शिवसेना नेता शाइना एनसी ने महिला आरक्षण विधेयक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति से फोन पर की गई बातचीत को लेकर प्रतिक्रिया दी।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए बधाई देते हुए पत्र लिखा है। बाला साहेब ठाकरे के दिखाए रास्तों पर चलते हुए महिलाओं का सम्मान और उनके हक दिलाने के लिए शिवसेना प्रयासरत है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि एक संकल्प है और यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं को नीति निर्माण में उनका उचित हिस्सा मिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 27 वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार मुहूर्त रूप ले रहा है। यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाएगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति से फोन पर हुई बातचीत को लेकर शिवसेना नेता ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से ही कूटनीतिक संवाद में विश्वास रखते आए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर हुई चर्चा का मुख्य उद्देश्य शांति, खुलेपन को बनाए रखना और ठोस प्रक्रिया के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। इसमें भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना शामिल है।”

इसके पहले 13 अप्रैल को शाइना एनसी ने कहा था, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम आज की जरूरत है। इस देश के लोगों और खासकर महिलाओं ने सालों तक इंतजार किया है। अगर हम आने वाले लोकसभा चुनावों में 181 सीटों पर चुनाव लड़ पाते हैं, तो यह एक बहुत बड़ी सफलता होगी क्योंकि अवसर मिलने पर ही व्यक्ति को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।”

शाइना एनसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी देरी के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन किया है। केंद्रीय कैबिनेट का यह फैसला और संसद में होने वाली पूरी चर्चा में हर राजनीतिक दल को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए। बंगाल विधानसभा चुनाव पर शाइना एनसी ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार आ रही है। जनता को विश्वास है कि भाजपा ही विकास कर सकती है, इसीलिए हम सत्ता में आ रहे हैं।

क्या राघव चड्डा की सुरक्षा को लेकर बढ़ा विवाद? जानें पूरी कहानी

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राघव चड्डा की सुरक्षा में बदलाव

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा को पंजाब सरकार द्वारा दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है। हालांकि, सुरक्षा हटाए जाने के कुछ घंटों बाद ही केंद्र सरकार ने उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की, जो दिल्ली और पंजाब दोनों स्थानों पर लागू होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा खतरे को ध्यान में रखते हुए राघव चड्डा को अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा मुहैया कराई है। सूत्रों के अनुसार, औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने तक दिल्ली पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा का हटना

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले सप्ताह राघव चड्डा की सुरक्षा हटा दी थी। उन्हें राज्यसभा सांसद बनने के बाद सबसे उच्च स्तर की Z+ सुरक्षा दी गई थी, जिसे अब वापस लिया गया है।

केंद्र सरकार की सक्रियता

पंजाब सरकार के निर्णय के तुरंत बाद, केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खतरे के आकलन के आधार पर राघव चड्डा को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। यह सुरक्षा दिल्ली और पंजाब में अर्धसैनिक बलों द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

पार्टी में तनाव की स्थिति

राघव चड्डा और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के बीच तनाव तब बढ़ गया जब उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया। इस पर चड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आवाज उठाई, कीमत चुकाई”।

सोशल मीडिया पर चड्डा का वीडियो

हाल ही में, राघव चड्डा ने इंस्टाग्राम पर “आवाज उठाई, कीमत चुकाई” शीर्षक से एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में संसद में उनके द्वारा विभिन्न मुद्दों पर दिए गए भाषणों की क्लिप्स शामिल हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “पूरे सम्मान के साथ, मैं उन लोगों से यही कहूंगा जो मेरे संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाते हैं कि मेरा काम ही बोलेगा।”

पार्टी के आरोप और चड्डा का उत्तर

आम आदमी पार्टी ने 2 अप्रैल को राघव चड्डा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि वे संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने से बचते रहे। चड्डा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे संसद में लोगों के मुद्दे उठाने गए थे, न कि हंगामा करने। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से चड्डा सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और पोस्ट साझा कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि वे इस निर्णय को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे।

Stock Market Boom: इन 4 वजहों से मचा धमाल, निवेशकों की झोली में आए ₹9 लाख करोड़…

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बुधवार को पूरे दिन शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली। मज़बूत बढ़त के साथ खुलने के बाद, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30-शेयर वाला सेंसेक्स 1,263 अंक चढ़कर एक नए शिखर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 388 अंकों की उछाल के साथ सत्र समाप्त हुआ।

इस बाज़ार तेज़ी के बीच, निवेशकों ने एक ही झटके में ₹9 लाख करोड़ से ज़्यादा कमाए। इस बीच, इंडिगो से लेकर अडानी पोर्ट्स तक के शेयर रॉकेट जैसी रफ़्तार से ऊपर चढ़े।

सेंसेक्स और निफ्टी पूरे दिन ऊपर चढ़ते रहे

ट्रेडिंग की तेज़ी भरी शुरुआत के बाद, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक पूरे दिन ऊपर चढ़ते दिखे। BSE सेंसेक्स 77,981 पर खुला-जो इसके पिछले बंद भाव 76,847 से काफ़ी ज़्यादा था-और आख़िरकार 78,111 पर बंद हुआ, जिसमें 1,263 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। NSE निफ्टी भी सेंसेक्स के साथ-साथ चला; 24,163 पर खुलने के बाद-जो इसके पिछले बंद भाव 23,842 से ज़्यादा था-यह ट्रेडिंग सत्र के अंत में 24,231 पर बंद हुआ, जिसमें 388 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

निवेशकों ने भारी कमाई की

शेयर बाज़ार में ज़ोरदार तेज़ी के बीच, निवेशकों ने भारी कमाई की। पिछले ट्रेडिंग दिन-सोमवार-को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाज़ार पूंजीकरण (BSE मार्केट कैप) ₹4,49,13,555.17 करोड़ था; बुधवार की तेज़ी के कारण, यह आंकड़ा बढ़कर ₹4,58,46,763.05 करोड़ तक पहुँच गया। इस हिसाब से, निवेशकों ने एक ही दिन में ₹9.33 लाख करोड़ की ज़बरदस्त कमाई की।

मेष संक्रांति: सूर्य का राशि परिवर्तन और मांगलिक कार्यों की शुरुआत;सकारात्मकता का प्रतीक सूर्य का मेष राशि में प्रवेश’

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मेष संक्रांति: सूर्य का राशि परिवर्तन और मांगलिक कार्यों की शुरुआत

;सकारात्मकता का प्रतीक सूर्य का मेष राशि में प्रवेश’

पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव मीन राशि में होते हैं, तो इसे खरमास कहा जाता है, जिसमें सभी मांगलिक कार्यों पर रोक होती है। इस वर्ष खरमास का समय 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को सुबह 09:39 बजे समाप्त होगा। इसी दिन सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है।

शादी और मांगलिक कार्यों की शुरुआत

सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ, 15 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। अप्रैल के अंत और मई में कई विशेष लग्न बन रहे हैं, जिससे विवाह जैसे मांगलिक कार्य फिर से प्रारंभ होंगे। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया का मुहूर्त विवाह के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, इस समय गुरु और शुक्र की स्थिति अनुकूल होने से विवाह बंधन सुखद भविष्य के लिए शुभ रहता है। लोग अब अपने परिवार के साथ विवाह की तैयारियों को अंतिम रूप दे सकते हैं। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य न केवल सफल होते हैं, बल्कि जीवन में सुख और समृद्धि भी लाते हैं।

अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत

खरमास की समाप्ति केवल विवाह के लिए नहीं, बल्कि अन्य सभी मांगलिक कार्यों के लिए भी श्रेष्ठ समय है। 14 अप्रैल के बाद लोग नए घर के निर्माण, गृह प्रवेश और मुंडन संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य का मेष राशि में आना नई ऊर्जा का प्रतीक है, इसलिए इस दौरान नया काम शुरू करना या बड़े सौदों पर हस्ताक्षर करना लाभकारी सिद्ध होता है। बच्चों का विद्यारंभ संस्कार और जनेऊ धारण करने जैसे कार्यों के लिए भी वैशाख का यह समय पवित्र माना गया है।

सुख-शांति के लिए पूजा विधि

खरमास के बाद किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेना आवश्यक है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पूजा में पीले फूल, फल और मिठाई का भोग लगाएं और सात्विक जीवन जीने का संकल्प लें। अपने घर की सफाई करें और मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाएं, जो समृद्धि का प्रतीक है। यह सरल विधि हमारे अंतर्मन को सहजता की ओर ले जाती है और आने वाले मांगलिक कार्यों के सफल संचालन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है।

“अडानी से अनिल अंबानी तक, आखिर क्यों भाग रहे हैं इनकी कंपनियों के पावर स्टॉक्स”

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ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते दुनियाभर के शेयर बाजार में उथल-पुथल का महौल चल रहा है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है. लेकिन इस सबके बीच 13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, जिसमें पावर सेक्टर के शेयर में खासी देखने को मिली.

इसकी बड़ी वजह गर्मी का बढ़ना और बिजली को बढ़ी हुई डिमांड है. आज हम आपको ऐसी ही पावर सेक्टर की कुछ कंपनियों के शेयर की जानकारी दे रहे हैं.

13 अप्रैल को जहां एक ओर भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, वहीं पावर सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. आने वाले गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने की उम्मीद ने निवेशकों को इस सेक्टर की ओर आकर्षित किया है. खासकर शाम के समय बिजली की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए बाजार में पहले से पोजिशनिंग शुरू हो गई है.

पावर कंपनियों के शेयरों में दिखी मजबूती

पावर और एनर्जी सेक्टर की कई कंपनियों के शेयर तेजी के साथ बंद हुए. अदाणी पावर, जेपी पावर, रिलायंस पावर, टाटा पावर और टोरेंट पावर जैसे शेयरों में 2% से 4% तक की बढ़त देखने को मिली. इसके अलावा जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एनटीपीसी और सुजलॉन एनर्जी जैसे शेयरों ने भी सकारात्मक रुख दिखाया. मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम ने इस तेजी को और मजबूती दी.

ग्लोबल दबाव के बीच बाजार में गिरावट

दूसरी ओर, वैश्विक तनाव के चलते शेयर बाजार में गिरावट रही. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर बातचीत विफल होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. इसके असर से सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ माहौल बना रहा.

ईंधन उपलब्धता पर सरकार का भरोसा

सरकार ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में कोयला, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है. अधिकारियों के अनुसार, कोयले का पर्याप्त स्टॉक खदानों और पावर प्लांट्स में मौजूद है और सप्लाई चेन सामान्य रूप से चल रही है. इससे बिजली उत्पादन में किसी तरह की बाधा की आशंका कम हुई है.

डेटा और लॉन्ग टर्म फैक्टर से मिला सपोर्ट

हालिया आंकड़ों के अनुसार, मार्च में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है. देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता भी 5.2 लाख मेगावाट से अधिक हो गई है. इसके अलावा, बिजली उपकरणों का बढ़ता उपयोग और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में अनिश्चितता जैसे स्ट्रक्चरल फैक्टर भी इस सेक्टर को सपोर्ट कर रहे हैं. कुल मिलाकर, मौसमी मांग, मजबूत सप्लाई और सकारात्मक डेटा के चलते पावर सेक्टर के शेयर बाजार की गिरावट के बावजूद बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. आने वाले समय में भी इस सेक्टर पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है.

गूगल का नया Windows App लॉन्च, अब बिना ब्राउजर AI से मिलेगा जवाब और पूरे सिस्टम में होगी सर्च…

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Google = Windows यूजर्स के लिए अपना नया और अपग्रेडेड गूगल ऐप ग्लोबल लेवल पर लॉन्च कर दिया है. यह ऐप अब सीधे कंप्यूटर पर AI पावर्ड सर्च का अनुभव देता है, जिससे यूजर बिना ब्राउजर खोले सवाल पूछ सकते हैं और जवाब पा सकते हैं.

इसमें सिस्टम वाइड सर्च, AI मोड और गूल लेंस जैसे फीचर्स को एक ही प्लेटफॉर्म में जोड़ा गया है. कंपनी का दावा है कि इससे काम के दौरान रुकावट कम होगी और यूजर ज्यादा तेजी से जानकारी हासिल कर सकेंगे.

सिस्टम वाइड सर्च से सब कुछ एक जगह

गूगल के इस नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका सिस्टम वाइड सर्च फीचर है, जो Mac * Spotlight जैसा अनुभव देता है. यूजर Alt + Space शॉर्टकट दबाकर तुरंत सर्च शुरू कर सकते हैं. इसके जरिए वे वेब, लोकल फाइल्स, इंस्टॉल्ड ऐप्स और गूगल ड्राइव कंटेंट तक एक ही जगह से पहुंच सकते हैं. इसका मतलब है कि अब अलग-अलग ऐप या टैब खोलने की जरूरत नहीं होगी. यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना कंप्यूटर पर कई तरह के काम करते हैं और जल्दी जानकारी चाहते हैं.

AI मोड से मिलेगा स्मार्ट जवाब

इस ऐप में AI मोड को भी शामिल किया गया है, जो इसे और ज्यादा स्मार्ट बनाता है. यूजर किसी भी सवाल को सीधे ऐप में टाइप कर सकते हैं और उन्हें AI जनरेटेड जवाब के साथ संबंधित वेब लिंक भी मिलेंगे. खास बात यह है कि यूजर फॉलो अप सवाल भी पूछ सकते हैं, जिससे यह एक बातचीत जैसा अनुभव देता है. यह पारंपरिक सर्च से अलग है, क्योंकि इसमें सिर्फ लिंक नहीं बल्कि समझाने वाले जवाब भी मिलते हैं. इससे स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स दोनों को काफी मदद मिल सकती है.

गूगल लेंस और स्क्रीन अवेयर फीचर्स

इस ऐप में गूगल लेंस और स्क्रीन अवेयर फीचर भी दिया गया है, जो इसे और उपयोगी बनाता है. यूजर अपने स्क्रीन के किसी हिस्से या पूरे डेस्कटॉप को चुनकर उससे जुड़े सवाल पूछ सकते हैं. गूगल लेंस की मदद से इमेज या वेबपेज के टेक्स्ट को सर्च, ट्रांसलेट या एनालाइज किया जा सकता है. यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो काम करते समय जल्दी जानकारी चाहते हैं. यह ऐप Windows 10 या उससे नए सिस्टम पर चलता है और फिलहाल केवल अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है, साथ ही AI मोड अभी सभी यूजर्स या क्षेत्रों में पूरी तरह उपलब्ध नहीं है.

Egg City: हर दिन देश को 7 करोड़ अंडे देने वाला शहर, कतर से ओमान तक इनकी मांग…

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दुनिया में सबसे ज्यादा अंडों का प्रोडक्शन चीन में होता है. भारत दूसरे पायदान पर है. देश के कुछ चुनिंदा राज्य अंडों के सबसे ज्यादा प्रोडक्शन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन एक शहर ऐसा भी है जो एग सिटी कहलाता है.

तमिलनाडु का नमक्कल अकेले रोजाना 7 करोड़ अंडों का उत्पादन करता है. यही वजह है कि इसे अंडों के एक्सपोर्ट का हब कहा जाता है.

नमक्कल के अंडे संयुक्त अरब अमीरात, कतर और अफ्रीकी देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. हाल में अमेरिका भी लिस्ट में शामिल हुआ है, जहां नमक्कल के अंडे पहुंचने लगे हैं. पहली बार यहां से अंडे संयुक्त राज्य अमेरिका को एक्सपोर्ट किए गए हैं. अमेरिकी बाजार से मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर एक्सपोर्ट और भी बढ़ सकता है. अब सवाल है कि नमक्कल कैसे बना अंडों का हब. जानिए, इसका जवाब.

नमक्कल कैसे बना अंडों का हब?

भारत के ‘अंडों के शहर’ के रूप में पहचाना जाने वाले नमक्कल में 1,200 पॉल्ट्री फार्म हैं. जो रोजाना 7 करोड़ अंडों का उत्पादन करती हैं. ये अंडे मुख्य रूप से केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी जैसे राज्यों में भेजे जाते हैं, और तमिलनाडु की फूड स्कीम के तहत स्कूलों को भी बांटे जाते हैं.

नमक्कल रोजाना 7 करोड़ अंडों का उत्पादन करता है.

1960 के दशक के अंत में, नमक्कल में ट्रांसपोर्ट बिज़नेस से जुड़े कुछ लोगों ने पॉल्ट्री फार्मिंग शुरू की. तेजी से फलते-फूलते फायदे के इस सौदे में धीरे-धीरे स्थानीय लोग जुड़ने लगे. 1990 के दशक तक, शहर में 5,000 से ज़्यादा पॉल्ट्री फार्म थे. ये फार्म 1990 के दशक के अंत में मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में चले गए.

तकनीक और आधुनिक तरीकों के बढ़ते दायरे के कारणछोटे पैमाने पर पॉल्ट्री फार्म चलाने वाले लोग कम हो गए, और पॉल्ट्री फार्म की संख्या 5,000 से घटकर 1,100 हो गई. हालांकि, अंडों की संख्या बढ़ गई क्योंकि एक ग्रुप में 10,000 से 2,00,000 मुर्गियां होती थीं. वर्तमान में फार्म की संख्या बढ़कर 1200 हो गई है.

नमक्कल को अंडों को हब बनाने में सरकार की भी बड़ी भूमिका रही. किसानों को सही कीमत दिलाने के लिए नेशनल एग कॉर्डिनेशन कमेटी (NECC) बनाई गई. 1985 में वेटरनरी कॉलेज खोला गया है. इससे पॉल्ट्री उद्योग को स्थिरता के वैज्ञानिक मदद भी मिली.

मिडिल ईस्ट समेत कई देशों में नमक्कल के अंडों की मांग है.

क्यों बढ़ी नमक्कल के अंडों की मांग?

रूस और यूक्रेन की जंग के कारण कई देशों में पॉल्ट्री फीड महंगा हुआ. इसका फायदा नमक्कल को मिला. पॉल्ट्री इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत से दुनिया के कई देशों को एक्सपोर्ट होने वाले अंडों में 95 फीसदी हिस्सेदारी नमक्कल की है. यही नहीं, भारतीय अंडा अंतराष्ट्रीय मानकों पर खतरा उतरा है. मांग बढ़ने की एक वजह यह भी है. दूसरे देशों के मुकाबले भारतीय अंडा सस्ता पड़ता है. भारत में बड़े स्तर पर इसका प्रोडक्शन होता है और सरकार की तरफ से इस उद्योग को काफी मदद मिली है. नतीजा, यह फला-फूला.

पॉल्ट्री इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वैश्विक अंडा उत्पादन में दूसरे स्थान पर है. ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सहित मध्य पूर्वी देश, मालदीव और कई अफ्रीकी देश भारतीय अंडों के खरीदार हैं. ओमान, भारतीय अंडों का सबसे बड़ा आयातक देश है.