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“अडानी से अनिल अंबानी तक, आखिर क्यों भाग रहे हैं इनकी कंपनियों के पावर स्टॉक्स”

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ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते दुनियाभर के शेयर बाजार में उथल-पुथल का महौल चल रहा है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है. लेकिन इस सबके बीच 13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, जिसमें पावर सेक्टर के शेयर में खासी देखने को मिली.

इसकी बड़ी वजह गर्मी का बढ़ना और बिजली को बढ़ी हुई डिमांड है. आज हम आपको ऐसी ही पावर सेक्टर की कुछ कंपनियों के शेयर की जानकारी दे रहे हैं.

13 अप्रैल को जहां एक ओर भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, वहीं पावर सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. आने वाले गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने की उम्मीद ने निवेशकों को इस सेक्टर की ओर आकर्षित किया है. खासकर शाम के समय बिजली की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए बाजार में पहले से पोजिशनिंग शुरू हो गई है.

पावर कंपनियों के शेयरों में दिखी मजबूती

पावर और एनर्जी सेक्टर की कई कंपनियों के शेयर तेजी के साथ बंद हुए. अदाणी पावर, जेपी पावर, रिलायंस पावर, टाटा पावर और टोरेंट पावर जैसे शेयरों में 2% से 4% तक की बढ़त देखने को मिली. इसके अलावा जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एनटीपीसी और सुजलॉन एनर्जी जैसे शेयरों ने भी सकारात्मक रुख दिखाया. मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम ने इस तेजी को और मजबूती दी.

ग्लोबल दबाव के बीच बाजार में गिरावट

दूसरी ओर, वैश्विक तनाव के चलते शेयर बाजार में गिरावट रही. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर बातचीत विफल होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. इसके असर से सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ माहौल बना रहा.

ईंधन उपलब्धता पर सरकार का भरोसा

सरकार ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में कोयला, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है. अधिकारियों के अनुसार, कोयले का पर्याप्त स्टॉक खदानों और पावर प्लांट्स में मौजूद है और सप्लाई चेन सामान्य रूप से चल रही है. इससे बिजली उत्पादन में किसी तरह की बाधा की आशंका कम हुई है.

डेटा और लॉन्ग टर्म फैक्टर से मिला सपोर्ट

हालिया आंकड़ों के अनुसार, मार्च में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है. देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता भी 5.2 लाख मेगावाट से अधिक हो गई है. इसके अलावा, बिजली उपकरणों का बढ़ता उपयोग और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में अनिश्चितता जैसे स्ट्रक्चरल फैक्टर भी इस सेक्टर को सपोर्ट कर रहे हैं. कुल मिलाकर, मौसमी मांग, मजबूत सप्लाई और सकारात्मक डेटा के चलते पावर सेक्टर के शेयर बाजार की गिरावट के बावजूद बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. आने वाले समय में भी इस सेक्टर पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है.