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CG” इस दिन होगी साय कैबिनेट की बैठक, बेरोजगार युवाओं और किसानों के लिए आ सकती है खुशखबरी, कई प्रस्तावों पर लगेगी मुहर…

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 15 अप्रैल को साय कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसे राज्य के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर सरकार ठोस फैसले ले सकती है। लंबे समय से विकास के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहे इस इलाके के लिए नई योजनाओं और नीतियों पर मंथन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और अवसरों को बेहतर बनाया जा सके।

Sai Cabinet Meeting: बैठक के एजेंडे में “बस्तर रोडमैप 2.0” शामिल

बैठक के एजेंडे में “बस्तर रोडमैप 2.0” भी प्रमुख रूप से शामिल रहने की उम्मीद है। इसके तहत रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, औद्योगिक विकास को गति देने और राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए नई रणनीतियों पर भी चर्चा संभव है। सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर सकती है कि उद्योगों को बेहतर माहौल मिले और स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।

CM Sai ki Cabinet Baithak: किसानों से जुड़े मुद्दे भी बैठक में अहम रहेंगे

इसके अलावा, केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी कैबिनेट में विचार-विमर्श किया जाएगा। किसानों से जुड़े मुद्दे भी बैठक में अहम रहेंगे, जिसमें खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CG” जनगणना 2027 : प्रथम चरण 1 मई 2026 से प्रारंभ…

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– राष्ट्रीय प्रक्रिया सुचारू और समय पर पूर्ण करने नागरिकों से सहयोग की अपील

राजनांदगांव” भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 की तैयारियाँ पूरे देश में तेजी से जारी हैं। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य 1 मई 2026 से पूरे देश में एक साथ प्रारंभ होगा। जनगणना कार्य को सफल बनाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक पैमाने पर जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। विभिन्न माध्यमों से नियमित प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिनमें मुनादी, घोषणाएँ, पोस्टर-बैनर, सोशल मीडिया संदेश, स्थानीय कार्यक्रमों में जानकारी, तथा ग्राम व वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपील शामिल है। जनगणना 2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, आवास, मूलभूत सुविधाओं तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित आवश्यक आँकड़े एकत्र किए जाएँगे। ये आँकड़े आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए आधार बनेंगे।

मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेजों में शुरू हुआ AI कोर्स, जानें पूरी डिटेल्स…

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मध्यप्रदेश सरकार ने स्टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फिनटेक जैसे क्षेत्रों की मांग बढ़ रही है, जिसे देखते हुए राज्य के सरकारी कॉलेजों में नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं.

इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक और रोजगार स्किल से लैस करना है. खास बात यह है कि यह प्रोग्राम देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली के सहयोग से संचालित होगा, जिससे स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल नॉलेज मिल सकेगी.

68 सरकारी कॉलेजों में शुरू होगा नया कोर्स

मध्यप्रदेश के 68 सरकारी कॉलेजों में एजुकेशनल सेशन 2026-27 से AI और AI के साथ फिनटेक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा. इस पहल का मकसद छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें समय के साथ अपडेट रखना है. आज के दौर में AI तेजी से हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, ऐसे में यह कोर्स छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा.

IIT दिल्ली के सहयोग से मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण

इस कार्यक्रम को IIT दिल्ली के साथ मिलकर तैयार किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को इंडस्ट्री के अनुसार स्किल्स सिखाना है, ताकि वो पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे नौकरी के लिए तैयार हो सकें. इससे एजुकेशन और रोजगार के बीच का अंतर कम करने में मदद मिलेगी.

रोजगार और स्किल पर रहेगा खास फोकस

यह कोर्स छात्रों को उनकी रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिल नॉलेज भी देगा. AI और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए जरूरी स्किल्स सिखाई जाएंगी, जिससे उनकी रोजगार पाने की संभावना बढ़ेगी. डिजिटल इकोनॉमी में बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

2000 छात्रों को मिलेगी ट्रेनिंग

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, 2026-27 सत्र में करीब 2,000 छात्रों को इस कोर्स के तहत ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है. यह संख्या पिछले साल की तुलना में दोगुनी है, जिससे साफ है कि सरकार तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है.

छात्रों के लिए नए अवसर खुलेंगे

इस पहल से मध्यप्रदेश के छात्रों को AI और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने का मौका मिलेगा. साथ ही, यह योजना राज्य में स्किल युवाओं की संख्या बढ़ाने और उन्हें आधुनिक नौकरी बाजार के लिए तैयार करने में मदद करेगी.

पंचायत से संसद तक नारी शक्ति. पीएम मोदी कल करेंगे देशभर की महिलाओं से संवाद…

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महिला आरक्षण को लेकर सोमवार को एक बड़ा सम्मेलन होने वाला है. कल सुबह ग्यारह बजे विज्ञान भवन में पीएम मोदी नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में शिरकत करेंगे और देश भर की महिलाओं को संबोधित करेंगे.

वह इस अवसर पर विभिन्न सेक्टरों में काम कर रहीं महिलाओं के साथ सीधा संवाद भी करेंगे. इस सम्मलेन में देश भर से जानी-मानी महिलाओं को बुलाया गया. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्लमेन में महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित बदलावों पर विचार और पास होने की उम्मीद है.

इस सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी यादव, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के रहाटकर भी शामिल होंगी.

लोक सभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के संविधान संशोधन बिलों को मंजूरी देने के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है. यह महिला सम्मेलन संसद के विशेष सत्र से पहले हो रहा है. इस वजह से इसका खास महत्व है. सम्मेलन का आयोजन पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी के नारे के साथ किया जा रहा है.

एक मंच पर जुटेंगी विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं

इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों और महिला उपलब्धि हासिल करने वालों की भागीदारी होगी. यह सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा.

पीएम मोदी कह चुके हैं कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए Women Led Development करना होगा. इस सम्मेलन के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि विकसित भारत के लिए महिलाओं के नेतृत्व का आगे आना जरूरी है. इसमें सभी वर्तमान महिला सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है.

पीएम मोदी ने सभी दलों के लोक सभा और राज्य सभा में नेताओं को पत्र लिखकर संविधान संशोधन बिलों का समर्थन करने की अपील की है.

संसद के विशेष सत्र से पहले बड़ा सम्मेलन

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया, जिसे आमतौर पर विमेंस रिजर्वेशन एक्ट के नाम से जाना जाता है, जो विधायिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इस एक्ट में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित रिजर्व करने का प्रावधान है.

पूरे देश में महिला आरक्षण को लागू करने पर फोकस करते हुए, बजट सेशन को बढ़ा दिया गया है और 16 अप्रैल से संसद की तीन दिन की मीटिंग बुलाई जा रही है. महिला आरक्षण अधिनियम से लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान 2023 में संविधान में बदलाव करके लाया गया था, लेकिन, महिलाओं का कोटा 2027 की जनगणना के आधार पर डिलिमिटेशन का काम पूरा होने के बाद ही लागू होता.

इसका मतलब था कि रिजर्वेशन 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता. इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की जरूरत है.

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालने का लगाया आरोप’

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Caste Census: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक पोस्ट में बताया कि सरकार ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था. जिसमें कहा था, जाति जनगणना न कराने का एक नीतिगत फैसला किया है. मोदी सरकार ने जाति जनगणना की मांग करने के लिए कांग्रेस पर नक्सलवादी मानसिकता रखने का आरोप लगाया था.

जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा- पीएम मोदी देश को धोखा दे रहे हैं. जयराम रमेश ने टाइम लाइन देखकर पीएम मोदी और बीजेपी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने एक्स पर लिखा. 20 जुलाई 2021 को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा गया- भारत सरकार ने नीतिगत तौर पर यह फैसला किया है कि जनगणना में SC और ST के अलावा किसी अन्य जाति की आबादी की गिनती नहीं की जाएगी.

21 सितंबर 2021 को, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया. जिसमें कहा गया कि उसने जाति जनगणना न कराने का एक सोच-समझकर लिया गया नीतिगत फैसला किया है.

28 अप्रैल 2024 को, एक टीवी इंटरव्यू में, प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जाति जनगणना की वकालत करने के लिए शहरी नक्सली मानसिकता रखने का आरोप लगाया.

30 अप्रैल 2025 को, जब देश कुछ दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले के सदमे से अभी उबर ही रहा था, मोदी सरकार ने अचानक घोषणा की कि आने वाली जनगणना के हिस्से के तौर पर जाति जनगणना भी कराई जाएगी.

30 मार्च 2026 को, एक व्यापक रूप से चर्चित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, रजिस्ट्रार-जनरल और जनगणना आयुक्त ने कहा कि चल रही जनगणना 2027 के ज्यादातर नतीजे 2027 में ही उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि पूरी जनगणना डिजिटल माध्यम से की जा रही है.

यह स्पष्ट है कि मोदी सरकार जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।

20 जुलाई 2021 को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने कहा था कि “भारत सरकार ने नीति के रूप में यह निर्णय लिया है कि जनगणना में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के अलावा अन्य जातियों की…

मोदी सरकार अनुच्छेद 334-A में संशोधन करना चाहती है : जयराम रमेश

जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में कहा- मोदी सरकार अनुच्छेद 334-A (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में संशोधन करना चाहती है, यह कहते हुए कि जाति जनगणना के नतीजे कुछ सालों तक उपलब्ध नहीं होंगे – इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए कि बिहार और तेलंगाना दोनों ने छह महीने से भी कम समय में अपनी व्यापक जाति सर्वेक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली थी. अब वह उस चीज में संशोधन करना चाहते हैं जिसे संसद ने सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया था. इसका छिपा हुआ एजेंडा बस यही है कि जाति जनगणना न हो.

सिलीगुड़ी में गरजे पीएम मोदी- टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ है TMC, कॉरिडोर को काटने की धमकी देने वालों को दिया संरक्षण…

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PM Modi Siliguri Rally: उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी में रविवार को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी सरकार और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला.

कावाखाली मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के चलते देश की अखंडता से समझौता कर रही है. उन्होंने दावा किया कि भारत को बांटने की साजिश रचने वाले ‘टुकड़े-टुकड़े’ गिरोह को टीएमसी ने सड़क से लेकर संसद तक खुला समर्थन दिया.

सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर साजिश का खुलासा

प्रधानमंत्री ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ (चिकन नेक) का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कुछ देशद्रोही ताकतों ने पूर्वोत्तर भारत को देश के शेष हिस्से से अलग करने के लिए इस कॉरिडोर को काटने की धमकी दी थी. शर्मनाक बात यह है कि तृणमूल ने अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ऐसे लोगों का साथ दिया. यही ममता सरकार का असली और डरावना चेहरा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस कॉरिडोर को पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रही है.

मदरसों को 6,000 करोड़, उत्तर बंगाल को क्या मिला?

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में बजट आवंटन को लेकर भी राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने मदरसों के विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपए आवंटित किये, लेकिन पूरे उत्तर बंगाल के विकास के लिए दी गयी धनराशि बहुत कम है. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह से आदिवासी-विरोधी, महिला-विरोधी और युवा-विरोधी पार्टी है.

डबल इंजन की सरकार बनाने की अपील

बंगाल में विकास की धीमी गति पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन ने राज्य को बर्बाद कर दिया. उन्होंने दावा किया कि ममता सरकार ने केंद्र की योजनाओं को जान-बूझकर रोका, जिससे राज्य में 25 प्रतिशत से भी कम काम पूरा हो सका है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ‘डबल इंजन’ सरकार के लिए वोट करें, ताकि बंगाल में विकास की रफ्तार दोगुनी हो सके.

4 मई को टीएमसी की हार निश्चित : मोदी

सिलीगुड़ी की जनता के जोश को देखते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि आगामी चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार तय है. उन्होंने कहा कि जनता अब भ्रष्टाचार और अराजकता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. सिलीगुड़ी में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी.

महिला आरक्षण मुद्दे पर एकजुटता की कोशिश, पीएम मोदी ने सदन के नेताओं से कही ये बात…

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Women Reservation Act : प्रधानमंत्री ने संसद के विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं से कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम को सही मायने में लागू करने का समय आ गया है. संसद में 16 अप्रैल से महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी समाज तभी विकास करता है जब महिलाओं को प्रगति करने, निर्णय लेने और सबसे महत्वपूर्ण बात- नेतृत्व करने का अवसर मिले. भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने की यात्रा में महिलाओं की अधिक सक्रिय भूमिका आवश्यक है.

महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं 2029 के चुनाव

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं. मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं ताकि हम सभी एकजुट होकर महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पारित करा सकें.

महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान

संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है. सदन का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है. महिला आरक्षण अधिनियम से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था.

हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता. इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता. इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी. इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है.

आशा ताई का निधन: पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह ने दी श्रद्धांजलि, कहा- उनके गीत हमेशा गूंजते रहेंगे…

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Asha Bhosle Passes Away: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा- भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी आवाजों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं. दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ. चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोशीली रचनाएं, उनकी आवाज में हमेशा एक बेमिसाल चमक रही. उनके साथ हुई मेरी मुलाकातों की यादें मैं हमेशा संजोकर रखूंगा. पीएम मोदी ने आगे लिखा- उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे.

आशा ताई में सादगी और अपनापन था : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आशा ताई के निधन पर दुख जताया और एक्स पर लिखा- आज हर भारतीय के लिए, और विशेष रूप से मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए एक दुखद दिन है, क्योंकि हमारी प्यारी आशा भोसले जी अब हमारे बीच नहीं रहीं. आशा ताई ने न केवल अपनी मधुर आवाज़ और बेजोड़ प्रतिभा से अपनी एक अनोखी पहचान बनाई, बल्कि अपनी धुनों के माध्यम से भारतीय संगीत को और भी समृद्ध किया. संगीत की हर शैली में ढल जाने की उनकी असाधारण क्षमता ने हर किसी का दिल जीत लिया. अपनी आवाज से लाखों दिलों को छूने वाली आशा जी ने न केवल हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, गुजराती और कई अन्य भाषाओं में, बल्कि लोकगीतों में भी एक अमिट छाप छोड़ी है. आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके स्वभाव में उतनी ही सादगी और अपनापन था। जब भी मैं उनसे मिलता था, तो हमारी संगीत और कला जैसे विषयों पर लंबी बातचीत होती थी। भले ही आज वह हमारे साथ न हों, लेकिन अपनी आवाज के जरिए वह हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी. ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें. मैं उनके परिवार और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति शांति शांति. आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुःखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं। आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया। हर तरह के संगीत में…

मेलोडी क्वीन आशा भोसले का निधन मेरे लिए अत्यंत दुखद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

भारत की मेलोडी क्वीन आशा भोसले जी का निधन मेरे लिए अत्यंत दुखद है. एक पार्श्व गायिका के रूप में, उन्होंने हजारों फिल्मों और संगीत एल्बमों में अपनी आवाज दी. भारत की कई पीढ़ियों ने उनके गीत सुने हैं और उन्हें गुनगुनाया है. उनकी मधुर धुनों की गूंज सदैव गूंजती रहेगी. आशा भोसले जी का निधन संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. दुख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति! भारत की सुर सम्राज्ञी आशा भोसले जी का निधन मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है।पार्श्व गायिका के रूप में उन्होंने हज़ारो फ़िल्मों एवं संगीत एल्बम्स में अपनी आवाज़ दी।उनके गाये हुए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनके सुमधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी।

आशा भोसले…

बिहार में 15 अप्रैल को बीजेपी के नेतृत्व वाली नई NDA सरकार बनने की तैयारी, नीतीश कुमार के सीएम पद से हटने की संभावना…

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बिहार में 15 अप्रैल को बीजेरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार के शपथ लेने की उम्मीद है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक दिन पहले अपने पद से इस्तीफ़ा देने की संभावना है। नीतीश, जो जद(यू) के अध्यक्ष भी हैं, ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी।

सूत्रों के अनुसार, नीतीश की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की आखिरी बैठक 14 अप्रैल को होगी। इसके बाद, बिहार में एनडीए के सभी घटक दलों के विधायकों की एक बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। उम्मीद है कि बीजेपी, विधायक दल को नया नेता चुनने में मार्गदर्शन देने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों को नियुक्त करेगी।

इसके बाद, नीतीश राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंपेंगे, और फिर एनडीए नई सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। उम्मीद है कि 15 अप्रैल को बीजेपी के मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार शपथ लेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में अपनी व्यस्तता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।

इस बीच, बिहार के एससी/एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने शनिवार शाम नीतीश से मुलाकात की, जिससे यह अटकलें तेज़ हो गईं कि क्या वह बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। दूसरी ओर, नीतीश ने शनिवार को 1, ऐनी मार्ग स्थित सीएम आवास खाली करना शुरू कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि नीतीश का सामान पटना के 1 ऐनी मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास से हटाकर 7 सर्कुलर रोड पर स्थित एक अन्य सरकारी बंगले में ले जाया जा रहा था। हालांकि, उम्मीद है कि वह मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद ही 1 ऐनी मार्ग स्थित आवास को पूरी तरह से खाली करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगला उनके आने के लिए पहले से ही तैयार कर लिया गया था। अतीत में भी, कई मौकों पर 7 सर्कुलर रोड ही कुमार का आवासीय पता रहा है। उदाहरण के लिए, वह 2014 में इस घर में रहे थे, जब जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने थे। 1, ऐनी मार्ग पर मरम्मत का काम चलने के दौरान, वह कुछ समय के लिए 7 सर्कुलर रोड स्थित घर में चले गए थे।

महिला आरक्षण अधिनियमः 3 लाइन व्हिप?, लोकसभा-राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्य 16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहे?

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के अपने सभी सांसदों को तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया, जिसमें उन्हें आगामी संसद सत्र के दौरान 16 से 18 अप्रैल तक सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

व्हिप में उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है और कहा गया है कि इस अवधि के दौरान कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यह व्हिप ऐसे समय में जारी किया गया है जब संसद 16 अप्रैल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष सत्र के लिए गठित होने जा रही है, जिसमें महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

व्हिप में लिखा है, “लोकसभा और राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्यों को गुरुवार से शनिवार, 16 से 18 अप्रैल 2026 तक तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया जा रहा है। सभी माननीय केंद्रीय मंत्रियों और सदस्यों से अनुरोध है कि वे उपरोक्त तीनों तिथियों पर सदन में उपस्थित रहें।

सदन में उपस्थिति अनिवार्य है। कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। सदस्यों से अनुरोध है कि वे व्हिप का सख्ती से पालन करें और सदन में अपनी निर्बाध उपस्थिति सुनिश्चित करें। आपके सहयोग की अत्यधिक सराहना की जाती है।”

महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने का समय आ गया है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने का समय आ गया है और 2029 के लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए।संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं को लिखे पत्र में मोदी ने सभी सदस्यों से महिला आरक्षण कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। इस कानून को आधिकारिक रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने कहा, ”विस्तृत विचार-विमर्श के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश भर में उसके सच्चे स्वरूप में लागू करने का समय आ गया है।” प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में कहा, ”यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ आयोजित किए जाएं।”

संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है और सदन का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है। महिला आरक्षण अधिनियम से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था।

हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता। इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी; इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।