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नेताजी सुभाष क्लब का दो मंजिला नया भवन बनेगा, महापौर मधुसूदन ने की घोषणा

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राजनांदगांव। शुक्रवार को स्थानीय मोतीपुर वार्ड नं. 03 स्थित सुभाष चौक में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव ने जनता की मांग पर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने सुभाष क्लब के जर्जर भवन के जीर्णोद्धार का आश्वासन देते हुए कहा कि क्लब के लिए एक दो मंजिला नया भवन बनाया जाएगा, जो सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे मंगल भवन की तरह तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार से आवश्यक राशि की उपलब्धता की बात भी उन्होंने कही।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पचक्र अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद पूजा-पाठ, तिलक और ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान हुआ। इस अवसर पर सुभाष क्लब की टीम और स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया।

मंच पर आयोजित कार्यक्रम में सुभाष क्लब के पूर्व अध्यक्ष और पार्षद श्री सावन वर्मा ने क्लब भवन की जर्जरता की ओर महापौर का ध्यान आकर्षित किया और नए भवन की आवश्यकता की बात की। क्लब के वर्तमान अध्यक्ष श्री चंदन वर्मा ने भी क्लब भवन के जीर्णोद्धार की मांग की और बताया कि इस भवन में मोहल्ले वाले सुख-दुख के सभी कार्य संपादित करते आ रहे हैं। नए भवन के बनने से आसपास के लोगों को बहुत सहूलियत होगी।

महापौर ने इस पर कहा कि नए भवन के लिए राशि की कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह बहुपयोगी और सर्वसुविधासम्पन्न होगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सुभाष क्लब भवन के निर्माण और नेताजी की पहली प्रतिमा स्थापना से जुड़ी पुरानी यादें भी साझा की।

इस मौके पर भाजपा उत्तर मंडल के अध्यक्ष श्री सुमीत भाटिया, पार्षद श्री मनोहर यादव, श्री कमलेश बंधे, श्री मदन यादव, श्री रंगूलाल वर्मा, श्री बसंत देवांगन, श्री संतोष साहू, श्री प्रकाश साहू, श्री विनोद देवांगन, श्री रूपेश देवांगन, श्री महेश सिन्हा, श्री रोहित वर्मा, श्री गणेश देवांगन, श्री रिंन्कू सिन्हा, श्री लकेश देवांगन, श्री देवेन्द्र, श्री पियूष, श्री अंशू, श्री जितेन्द्र देवांगन और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बच्चों में जोश भरने वाले नेताजी के नारे
कार्यक्रम के दौरान महापौर श्री मधुसूदन यादव ने प्रायमरी स्कूल के बच्चों से पूछा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस का प्रसिद्ध नारा क्या था? बच्चों ने एकजुट होकर “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का नारा लगाकर माहौल में ऊर्जा का संचार कर दिया। महापौर ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस तरह नेताजी ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, वैसे ही हमें भी देश की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।

यह आयोजन नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के साथ-साथ स्थानीय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसमें नई योजनाओं और सामुदायिक विकास की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया गया।

किशोरों के भविष्य निर्माण में संवाद की क्षमता महत्वपूर्ण : जितेन्द्र यादव

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राजनांदगांव। किशोरावस्था के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अभिभावकों की सकारात्मक और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में संवाद संस्कार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने सकारात्मक पेरेंटिंग एवं सशक्त युवा विषय पर अपने विचार साझा किए।

कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से अभिभावकों की समझ को विकसित किया जाएगा, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में किशोरों के व्यक्तित्व विकास में देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद की क्षमता किशोरों के भविष्य निर्माण में सहायक होती है, इसलिए अभिभावकों का सही मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं, और इसके लिए उन्हें सही दिशा में शिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने किशोरों की शिक्षा और उनके समग्र विकास में अभिभावकों की भूमिका को प्रमुख बताया।

कार्यशाला में अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के राज्य नोडल प्रभारी और सर्वहितम के अध्यक्ष श्री मनीष सिंह ने किशोरावस्था के चार महत्वपूर्ण आयाम – अधिकार, कर्तव्य, सहभागिता और अवलोकन – पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए विद्यालय, परिवार और समुदाय के बीच समन्वय बहुत जरूरी है।

यूनिसेफ के राज्य एसबीसी कंसल्टेंट श्री चंदन कुमार ने किशोरों के समग्र विकास में परिवार और समुदाय की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान पढ़ाई का कोना और आज क्या सीखा जैसे इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।

कार्यशाला में यूनिसेफ डीसी सुश्री दिव्या राजपूत, स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री राघवेन्द्र सिंह के साथ ही शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, एनएसएस, माई भारत और युवोदय स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।

यह कार्यशाला बच्चों के समग्र विकास और भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है।

प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण वितरण किया, रूपे क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ

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राजनांदगांव नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 23 जनवरी 2026 को तिरुवनंतपुरम (केरल) में एक राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरण किया और रूपे क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ भी किया। इस कार्यक्रम का नगर निगम सभागृह में महापौर श्री मधुसूदन यादव के नेतृत्व में सीधा प्रसारण किया गया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से निगम अध्यक्ष श्री टोपेंद्र सिंह पारस वर्मा, आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी सदस्य श्री राजेश जैन रानू, पार्षद श्री कमलेश बंधे, श्री सतीश साहू, पार्षद प्रतिनिधि श्री नादान सेन, श्री ओम प्रकाश सिन्हा, कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खाण्डे, राजस्व अधिकारी श्री राजेश तिवारी, और लीड बैंक के मैनेजर श्री मनीष शर्मा सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा:
“आज जो लोग सड़कों के किनारे और फुटपाथ पर सामान बेचते हैं, उनकी स्थिति पहले बहुत कठिन थी। उन्हें अपने कारोबार के लिए महंगे ब्याज पर पैसे लेने पड़ते थे। केंद्र सरकार ने पहली बार उनके लिए पीएम स्वनिधि स्कीम बनाई है। इस योजना के तहत लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को पहली बार बैंक से लोन मिल रहा है। अब हम एक कदम और आगे बढ़ते हुए, स्वनिधि क्रेडिट कार्ड लॉन्च कर रहे हैं। पहले सिर्फ अमीरों के पास ही क्रेडिट कार्ड था, अब ये क्रेडिट कार्ड स्ट्रीट वेंडर्स के पास भी होगा। इससे उन्हें अपने व्यवसाय को और बेहतर तरीके से चलाने का अवसर मिलेगा।”

कार्यक्रम में ऋण वितरण:
सीधे प्रसारण के दौरान, नगर निगम द्वारा विभिन्न लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया। लेखपाल सिन्हा, अलका मेश्राम, मूलचंद देवांगन, राहुल राय, आंचल ताम्रकार, बिसनाथ साहू को 15-15 हजार रुपये का ऋण दिया गया, जबकि सपना गजभिए को 25 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया गया।

निगम अध्यक्ष श्री वर्मा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा छोटे व्यापारियों के लिए शुरू की गई योजनाओं को सराहा और कहा, “प्रधानमंत्री जी ने हमेशा छोटे व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाएं बनाई हैं। आज उन्होंने स्वनिधि क्रेडिट कार्ड को लांच कर इन व्यवसायियों को और भी बेहतर अवसर प्रदान किया है।”

कार्यक्रम में शहरी आजीविका मिशन की सिटी मैनेजर सुश्री मोनिका वराडे और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस कदम से अब छोटे व्यापारियों को न केवल ऋण मिल सकेगा, बल्कि उनके लिए वित्तीय सहायता और व्यापार बढ़ाने के नए अवसर भी खुलेंगे। यह कदम देश के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम साबित होगा।

मवेशी धर-पकड़ अभियान में 7 मवेशी पकड़े, काजी हाउस में 6 मवेशियों की हुई नीलामी

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राजनांदगांव। नगर निगम के मवेशी धर-पकड़ अभियान के तहत आज फिर 7 मवेशियों को पकड़ा गया। यह अभियान शहर में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने और मवेशियों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के उद्देश्य से लगातार चलाया जा रहा है।

आज की कार्रवाई में नगर निगम की टीम ने कमला कॉलेज रोड, आर.के. नगर, महावीर चौक, नया बस स्टैंड और लालबाग क्षेत्र से 7 घुमंतू मवेशियों को पकड़ा। इन मवेशियों को रेवाड़ीह कांजी हाउस में रखा गया है, जहां उन्हें मंड़ी से बचे फल और सब्जियों का पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।

नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखा जाता है, जहां उनका इलाज भी कराया जाता है। बीमार मवेशियों को पिंजरापोल गौशाला में इलाज के लिए भेजा जाता है। इसके अलावा, मवेशी मालिकों से 570 रुपये का जुर्माना लिया जाता है, और मवेशी छोड़ने की अनुमति दी जाती है।

इसके अलावा, रेवाड़ीह और कन्हारपुरी काजी हाउस में रखे 6 मवेशियों की नीलामी भी की गई। नीलामी में गाय पालने के इच्छुक लोगों ने इन मवेशियों की खरीदी की।

नगर निगम आयुक्त ने मवेशी मालिकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को खुला न छोड़ें, ताकि सड़क पर दुर्घटनाओं से बचा जा सके और यातायात सुचारू बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

इस अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही, जिनके द्वारा चौक-चौराहों पर मवेशियों की निगरानी की जा रही है।

सुभाष द्वार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती धूमधाम से मनाई गई

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राजनांदगांव। 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर सुभाष द्वार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर शिवनाथ तट क्षेत्रीय विकास समिति के अध्यक्ष श्री डी.सी. जैन, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सर्वश्री सुनील साहू, श्रीमती वर्षा सिन्हा (वार्ड पार्षद), सावन वर्मा, शैकी बग्गा, राजा माखीजा, श्री संदीप बघेल (कनिष्ठ सभापति), श्री शिव वर्मा (वरिष्ठ पार्षद), श्री मनोहर यादव, श्रीमती अपूर्वा श्रीवास्तव, सतीश साहू, श्रीमती अमृता सिन्हा, शेखर यादव, पूर्व पार्षद श्री राधेश्याम गुप्ता, श्री शरद सिन्हा, श्री विजय राय, और पार्षद प्रतिनिधि श्री पंकज कुरंजेकर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विशाल आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। महापौर श्री यादव ने नेताजी की जयंती की बधाई देते हुए कहा कि भारत की आज़ादी में नेताजी का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपने प्रसिद्ध नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” से पूरे देश को प्रेरित किया और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक निर्णायक भूमिका निभाई। वे भारतीय राष्ट्रीय सेना (आज़ाद हिंद फौज) के संस्थापक एवं प्रमुख थे, साथ ही आज़ाद हिंद सरकार के भी संस्थापक थे। महापौर ने युवाओं से अपील की कि वे नेताजी के आदर्शों पर चलकर देश सेवा में अपना योगदान दें।

वार्ड पार्षद श्रीमती वर्षा सिन्हा ने भी नेताजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके वार्ड में सुभाष द्वार और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित है। उन्होंने आगे कहा, “नेताजी के त्याग और बलिदान के लिए हम सभी उनके ऋणी हैं।” इसके साथ ही पार्षद श्रीमती सिन्हा ने यह भी अपील की कि सुभाष द्वार और प्रतिमा के आस-पास की सफाई का ध्यान रखा जाए और इस दिन वहां बैनर या पोस्टर न लगाए जाएं।

इस अवसर पर उमेश यादव, दीपक साहू, नीरज शर्मा, शैलेन्द्र अवजट, सोनू यादव, राजू परमार, विकास रूचंदानी, जैयता साहू और वार्ड के अन्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम का समापन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।

चिचोला पुलिस की बड़ी सफलता, गुमशुदा महिला को श्रीनगर से किया बरामद

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डोंगरगढ़। चौकी चिचोला पुलिस ने गुमशुदा महिला उषा बाई साहू को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से सही सलामत बरामद किया है। महिला को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन और पुलिस अनुविभागी अधिकारी डोंगरगढ़ श्री केसरी नंदन नायक के दिशा-निर्देश में की गई।

प्रार्थी शिव कुमार साहू ने 22 जुलाई 2025 को चौकी चिचोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी उषा बाई साहू 18 जुलाई को बिना बताये घर से कहीं चली गई। पुलिस ने तुरंत गुमशुदा की तलाश शुरू की और मामला वरिष्ठ कार्यालय को सूचित किया। गुमशुदा की खोज के लिए जिलेभर में सूचना भेजी गई, और तकनीकी सहयोग से यह जानकारी मिली कि महिला श्रीनगर में है।

चौकी पुलिस ने एक टीम बनाई और गुमशुदा के परिजनों के साथ श्रीनगर रवाना हुई। पुलिस ने श्रीनगर के फारूख खन्ना निगीन के घर से उषा बाई साहू को बरामद किया। महिला से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसके साथ कोई अपराध नहीं घटित हुआ था। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस विभाग ने इस कार्यवाही में प्र.आर. सुनील कुमार वर्मा और आर. 1717 जयप्रकाश मांडवी के योगदान की सराहना की है।

चौकी चिचोला पुलिस ने गुमशुदा की त्वरित बरामदगी को लेकर जनता से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर पुलिस से संपर्क करने की अपील की है।

चिखली पुलिस ने वाद-विवाद कर अशांति फैलाने वाले दो बदमाशों पर की कार्रवाई

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राजनांदगांव। क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चिखली पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए दो असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर और पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन (भा.पु.से.) के पर्यवेक्षण में यह कार्यवाही की गई।

23 जनवरी 2026 को चौकी चिखली में आम जनता की शिकायतों के आधार पर टीम गठित कर पेट्रोलिंग की गई। अभियान के दौरान शराब भट्ठी के सामने गाली-गलौच और वाद-विवाद कर शांति भंग करने वाले बदमाशों को चिन्हित किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:

अभिषेक यादव, पिता स्व. राजेश यादव, उम्र 19 साल, निवासी स्टेशनपारा डायमंड टेलर गली

रोहित मंडावी, पिता बलेश्वर मंडावी, उम्र 20 साल, निवासी स्टेशनपारा बुढ़ीमाई गली

दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही की गई और उन्हें न्यायालय में पेश कर आदेशानुसार जेल दाखिल किया गया।

पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गांजा, शराब बिक्री, असामाजिक तत्व और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, म.प्र.आर. वंदना पटले, प्र.आर. अरूण कुमार नेताम, आर0 आदित्य सोलंकी, सुनील बैरागी, चन्द्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा और चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका और सराहनीय योगदान रहा।

भारत किस देश को देता है सबसे ज्यादा कर्ज? यहां देख लें बकायेदारों…

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भारत अब सिर्फ विदेशी मदद लेने वाला देश नहीं रहा, पिछले कुछ सालों में भारत एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देश को आर्थिक सहायता और कर्ज देने वाला वैश्विक भागीदार बनकर उभरा है.

भारत की यह वित्तीय मदद उसकी विदेश नीति का मजबूत हिस्सा मानी जा रही है. केंद्रीय बजट 2024-25 के आंकड़े साफतौर पर बताते हैं कि भारत किन देशों को सबसे ज्यादा सहायता देता है और किस देश को सबसे बड़ा हिस्सा मिलता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत किस देश को सबसे ज्यादा कर्ज देता है और बकायेदारों की पूरी लिस्ट में कौन-कौन शामिल है.

भारत किस देश को देता है सबसे ज्यादा कर्ज?

विदेश मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए केंद्रीय बजट 2024-25 के अनुसार विदेश मंत्रालय के लिए 22,155 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. यह राशि पिछले वित्त वर्ष 2023-24 के बजट अनुमान 18,050 करोड़ रुपये से ज्यादा है. हालांकि संशोधित अनुमान 29,121 करोड़ रुपये से कम है. वहीं 2024-25 में विदेशों को दी जाने वाली कुल सहायता का अनुमान 5,667.56 करोड़ रुपये रखा गया है. वहीं बजट डॉक्यूमेंट के अनुसार भारत से सबसे ज्यादा आर्थिक सहायता पाने वाला देश भूटान है. वित्त वर्ष 2024-25 में भूटान को करीब 2,068.56 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी. हालांकि यह राशि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले थोड़ी कम थी. दरअसल 2023-24 में भूटान के लिए संशोधित आंकड़ा 2,398.97 करोड़ रुपये था. भूटान के बाद नेपाल, मालदीव और मॉरीशस भारत की सहायता सूची में टॉप देश में शामिल है.

भारत किन देशों को कितना कर्ज और सहायता देता है?

  • भूटान- 2,068.56 करोड़ रुपये
  • नेपाल- 700 करोड़ रुपये
  • मालदीव- 400 करोड़ रुपये
  • मॉरीशस- 370 करोड़ रुपये
  • म्यांमार- 250 करोड़ रुपये
  • श्रीलंका- 245 करोड़ रुपये
  • अफगानिस्तान- 200 करोड़ रुपये
  • अफ्रीकी देश- 200 करोड़ रुपये
  • बांग्लादेश- 120 करोड़ रुपये
  • सेशेल्स- 40 करोड़ रुपये
  • लैटिन अमेरिकी देश- 30 करोड़ रुपये

भारत खुद कितना है कर्जदार?

भारत जहां कई देश को कर्ज और आर्थिक सहायता प्रदान करता है. वहीं वह खुद भी विदेशी कर्ज लेता रहा है. मार्च 2020 के अंत तक भारत का कुल भारी कर्ज करीब 558.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. इसमें वाणिज्यिक उधार और एनआरआई डिपॉजिट की बड़ी हिस्सेदारी रही है. वहीं कोरोना संकट के दौरान भारत ने वर्ल्ड बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसी संस्थाओं से भी कर्ज लिया, ताकि एमएसएमई, हेल्थ और एजुकेशन जैसे जरूरी सेक्टरों को सहारा दिया जाए.

65 से ज्यादा देशों की मदद कर रहा भारत

आज भारत 65 से ज्यादा देशों को अलग-अलग रूप में वित्तीय सहायता देता है. इसमें कर्ज, अनुदान, तकनीकी सहयोग और मानवीय सहायता शामिल है. बजट के आंकड़े बताते हैं कि भारत अब वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और प्रभावशाली देश के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है.

Budget 2026: शिक्षा सेक्टर को मिल सकता है बड़ा तोहफा;

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Budget 2026: यूनियन बजट पेश होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है . 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद भी वित्त वर्ष का बजट संसद में पेश किया जाएगा. इस बार सभी की नजरें खासतौर पर शिक्षा क्षेत्र पर टिकी हुई हैं.

जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है.

माना जा रहा है कि इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शिक्षा सेक्टर के लिए ज्यादा फंड का तोहफा दे सकती हैं. जिससे देश के टैलेंट बेस को मजबूत करने में सहायता मिलेगी.

साथ ही लंबे समय तक चलने वाले इन विकास योजनाओं को पहले से ज्यादा आर्थिक मदद मिल पाएगी. जानकारों का मानना है कि शिक्षा में बेहतर नतीजों को पाने के लिए शिक्षकों, बुनियादी ढांचे और तकनीक के विकास में लगातार सरकारी निवेश की जरूरत होगी. ऐसा करने से ही इस क्षेत्र में आमूल-चूल बदलाव देखने को मिलेगा.

विशेषज्ञ की राय

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया का मानना है कि नई शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सही और पर्याप्त बजट मिलना बेहद जरूरी है. उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा वह आधार है, जिस पर देश का टैलेंट तैयार होता है.

आज का यह टैलेट ही आगे चलकर बाकी सेक्टर्स को मजबूती देने का काम करता है. बजट से उन्हें सबसे ज्यादा उम्मीद शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट को लेकर है. जयपुरिया के अनुसार मजबूत शिक्षक ही बेहतर शिक्षा की नींव रख सकते हैं. इसलिए शिक्षकों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.

स्किल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर की उम्मीद

शिशिर जयपुरिया को उम्मीद है कि बजट में वोकेशनल और स्किल-बेस्ड एजुकेशन के लिए नेशनल प्रोग्राम और स्ट्रक्चर्ड फंडिंग को सरकार बढ़ावा दे सकती है. जिससे क्लास 6 से 8 तक शुरू किए गए अनिवार्य स्किल कोर्स में सीबीएसई के सुधारों को मजबूती मिल सके.

उन्हें स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा फोकस और निवेश बढ़ाने की उम्मीद जताई है. ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के स्कूल पीछे न रहें.

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संजय राउत बोले, ‘शिवसेना पर इससे बुरा समय पहले कभी नहीं आया’

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हिंदू हृदय सम्राट शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देशभर से कई मान्यवरों ने बालासाहेब ठाकरे को लेकर अपने संदेश भेजे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने भी बालासाहेब के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट कर यह बताया था कि उन्हें उनसे दिशा और ऊर्जा मिली, लेकिन वही पीएम मोदी बाद में शिवसेना को तोड़कर एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा देते हैं.

संजय राउत ने कहा, ”अब वही लोग बालासाहेब ठाकरे से ऊर्जा लेने की बात कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि बालासाहेब एक महान और लोकमान्य व्यक्तित्व थे. लोकमान्य तिलक के बाद अगर कोई नेता सही मायने में लोकमान्य हुआ तो वह बालासाहेब ठाकरे थे.” उन्होंने बताया कि आज इस अवसर पर एक विशेष समारोह आयोजित किया गया है, जिसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों उपस्थित रहेंगे.

बालासाहेब ठाकरे ने एकजुटता का संदेश दिया- संजय राउत

उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने आगे कहा, ”बालासाहेब ठाकरे ने देश और महाराष्ट्र को एकजुट रहने का संदेश दिया. उनकी दी हुई ‘एकता की वज्रमूठ’ किसी भी ताकत का सामना कर सकती है. उन्होंने आम आदमी को शूरवीर बनाया और समाज में कुछ अलग करने की भावना पैदा की.”

‘बीजेपी ने धनुष-बाण का चुनाव चिह्न ‘नामर्दों’ के हाथ में दिया’

संजय राउत ने ये भी कहा कि बीजेपी किसी भी हालत में महापौर पद छोड़ने को तैयार नहीं होती. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर बालासाहेब ठाकरे के फोटो का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं किया जाता, तो शिवसेना को नहीं तोड़ा जाता. जिस बीजेपी का कभी अस्तित्व नहीं था, उसे बालासाहेब ने खड़ा किया और आज उसी बीजेपी ने शिवसेना को तोड़कर धनुष-बाण का चुनाव चिह्न ‘नामर्दों’ के हाथ में दे दिया.

सत्ता नहीं मिलने से हम तड़प नहीं रहे- संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने आगे कहा, ”शिवसेना पर इससे बुरा समय पहले कभी नहीं आया, लेकिन सत्ता नहीं मिलने के कारण हम तड़प नहीं रहे हैं. बीजेपी की ‘राक्षसी महत्वाकांक्षा’ अब साफ दिखाई दे रही है. पैसों के दम पर चुनाव जीतना बालासाहेब की विचारधारा नहीं थी.

राज ठाकरे की भूमिका पर टिप्पणी नहीं- संजय राउत

राज ठाकरे को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने कहा कि वे पार्टी के बड़े नेता हैं और उनकी भूमिका पर वे टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने यह भी कहा कि राज ठाकरे का एक शानदार लेख आज ‘सामना’ में प्रकाशित हुआ है. KDMC (कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका) के घटनाक्रम पर बोलते हुए संजय राऊत ने कहा, ”जो कुछ वहां हुआ, वह उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी पसंद आया होगा, ऐसा उन्हें नहीं लगता.” राउत ने दोहराया कि मुख्यमंत्री राज्य का बॉस होता है और सत्ता उसी के पास होती है.