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छत्तीसगढ़ : ट्रैक मैनों को दो साल से नहीं मिले ‘कवच कुंडल’, फटे-पुराने से चल रहा काम

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अरे क्या करें, साहब बोलें तो बुरा और न बोलें तो भी बुरा, रोजी-रोटी का सवाल है। दौड़ती ट्रेनों के बीच पटरियों के संजाल में आई खराबी तो दिन-रात शिप्टवार मरम्मत करते हैं। लेकिन हाथ में दस्ताने और पैरों में बूट पांच साल से नहीं मिले। किसी तरह पुराने ही बूट और दस्तानों से काम चला रहे हैं। अगर मिला भी तो इतना घटिया की एक ही महीने में बखिया उखड़ गई। काम करते-करते हाथ में चोट लग जाती है। पैर गिट्टियों पर फिसल जाते हैं। अब तो ताबड़तोड़ मेहनत के अलावा जान की परवाह नहीं करते। कुछ इसी तरह के दर्द ट्रैक मैनों के हैं, जिनकी नौकरी खतरे में न पड़ जाए, इस वजह से नाम तक नहीं छापने की बात कर अपना दुखड़ा सुनाया। हां, ये है की जब कोई साथी किसी हादसे का शिकार होता है तो वे अवाज उठाते हैं। लेकिन आश्वासन के बाद फिर वहीं पुराने ढर्रे पर अफसरों का रवैया लौट आता है।

तिल्दा में काम कर रहे सिग्नल ट्रैक मैनों के पास रेलवे से मिलने वाले सेफ्टी के संसाधन से ही रेल की पटरियों के मरम्मत कर रहे थे। बहरहाल, यहां के अलावा अन्य स्थान के भी ट्रैक मैनों की पीड़ा है कि बूट, दस्ताना, लाइट और रिफलेक्टर जर्सी तक नहीं मिली है। जबकि रात में रेल की पटरियों के मरम्मत के दौरान रिफलेक्टर कोट पहने की जरूरत होती है। इससे आने वाली ट्रेनों को ड्राइवर को कोट की चमक से ही पता चल जाता है कि पटरियों पर काम चल रहा है। वहीं इनके पास लाइट के नाम पर टार्च भी नहीं दिए गए हैं। इनका कहना है कि जितने सेफ्टी के सामान इतने पुराने हो गए हैं कि उनकी उपयोगिता ही नहीं रह गई।

सिस्टम के आगे हार गई ट्रैक मैनों की बेबसी

सिस्टम के आगे ट्रैक मैनों की बेबसी अब हार सी गई है। उनकी व्यथा है कि क्या करें जब भी मांग करते हैं तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। सिर्फ कुछ लोगों को देकर सेफ्टी के सामान खत्म कर दिए जाते हैं।

रेल मंत्री से लेकर अधिकारियों तक से लगाई गुहार

रेल मंत्री से लेकर अधिकारियों तक से गुहार लगाई लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा के सेफ्टी उपकरण नहीं मिल पाए। हर बार मंत्री और रेलवे के उच्चाधिकारी आते हैं। लेकिन आश्वासन के बावजूद कुछ नहीं हुआ।

लाखों के फंड होने के बावजूद नहीं मिले जरूरी संसाधन

ये बात समझ से परे है कि लाखों फंड के बावजूद भी ट्रैक मैनों के सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए जा रहे हैं। जबकि इसके लिए हर साल मंडल के ट्रैक मैनों के सेफ्टी के समानों की खरीदी होती है। फिर भी ट्रैक मैनों को उपकरण नहीं दिए गए हैं।

हथबंध के हादसे में इंजीनियर की जान जाने के बाद भी नहीं चेते

दो माह पूर्व हथबंध के समीप एक सिग्नल के कर्मचारी और अधिकारी काम कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे ट्रैक पर आ रही ट्रेन से सिग्नल के एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। एक अन्य साथी गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों ने कर्मचारियों के बयान लिए गए, जिसमें उन्होंने बताया था कि सेफ्टी के सामान उनके पास नहीं है।

WhatsApp से जासूसी : कंपनी बोली- मई में भारतीय सरकार को हमने दी थी इसकी जानकारी

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भारत में इजरायली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासिस से कई पत्रकारों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी करने की खबर जोर पकड़ रही है. सरकार ने इस बारे में फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सएप से स्पष्टीकरण मांगा था. दूसरी ओर व्हाट्सएप का कहना है कि उसने मई में सुरक्षा मुद्दे के बारे में संबंधित भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सरकारी अधिकारियों को सूचित किया था.

व्हाट्सएप ने कहा ” मई में हमने सुरक्षा मुद्दे को हल किया और संबंधित भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सरकारी अधिकारियों को सूचित किया था. तब से हमने निशाना बनाये गए उपयोगकर्ताओं की पहचान करने के लिए काम किया है ताकि अदालतों को NSO समूह के स्पाईवेयर की जानकारी दी जा सके. कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपने भारतीय उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए भारत सरकार के साथ काम करना चाहती थी”.

एक रिपोर्ट के अनुसार अपने बयान में व्हाट्सएप प्रवक्ता ने कहा “हम भारत सरकार से सहमत हैं. यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी मिलकर सुरक्षा को कमजोर करने के प्रयास करने वाले हैकर्स से उपयोगकर्ताओं को बचा सकते हैं”. प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी गोपनीयता और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. विश्व स्तर पर व्हाट्सएप के 1.5 बिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जिनमें केले भारत में लगभग 400 मिलियन हैं.

हमें नहीं दी गई जानकारी

इस बीच एक अधिकारी ने कहा कि सरकार इस तथ्य का खुलासा करने में व्हाट्सएप की विफलता से चिंतित है कि भारत में कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों और वकीलों सहित दुनिया भर में लगभग 1,400 लोगों की जासूसी करने के लिए संदेश मंच का दुरुपयोग किया गया था. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार सूचना मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नाम न छापने की शर्त पर कहा ” जब यह हुआ था, कंपनी ने हमले के बारे में हमारे साथ कोई भी जानकारी साझा नहीं की .अगर कोई जानकारी होती तो सरकार इसे रोकने के लिए कदम उठा सकती थी.”

गुरुवार को व्हाट्सएप ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और लोकसभा के पूर्व सांसद संतोष भारतीय सहित भारतीय नागरिक उन लोगों में शामिल हैं, जिनकी इजरायल-आधारित एनएसओ समूह द्वारा विकसित पेगासस नामक एक स्पायवेयर का उपयोग कर जासूसी की गई थी.

छत्तीसगढ़ : जीएसटी रिटर्न के लिए कारोबारियों को बड़ी राहत

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 जीएसटी विभाग की ओर से कारोबारियों को एक बड़ी राहत दी गई है। बताया जा रहा है कि अब डेढ़ करोड़ से कम टर्न ओवर वाले कारोबारियों जीएसटी रिटर्न भरना आवश्यक नहीं है। हालांकि 30 नवंबर तक जीएसटी रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। इसमें वार्षिक रिटर्न 1.5 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए है और जीएसटी ऑडिट दो करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए है। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इसके साथ ही कारोबारियों को एक बड़ी राहत यह भी दी गई है कि 40 लाख टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी में पंजीयन कराने की भी आवश्यकता नहीं है। अब जीएसटी सॉफ्टवेयर भी थोड़ा अपग्रेड किया गया है, इससे जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया थोड़ी आसान हो गई है।

एक जुलाई 2017 से 31 मार्च 18 तक का भरना है जीएसटी रिटर्न

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह जीएसटी रिटर्न पहली बार भरा जाना है और यह एक जुलाई 2017 से लेकर 31 मार्च 2018 का जीएसटी रिटर्न होगा।

करीब एक लाख कारोबारी जीएसटी में पंजीकृत

राजधानी में जीएसटी में करीब एक लाख कारोबारी पंजीकृत है। इनमें से 40 फीसद 1.5 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले है। पांच फीसद दो करोड़ से अधिक वाले है और 55 फीसद ऐसे है, जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ से कम है।

कारोबारियों को राहत

जीएसटी में दी गई यह राहत कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है। अब धीरे-धीरे जीएसटी के बारे में जागरुकता भी बढ़ती जा रही है। 30 नवंबर तक तो जीएसटी ऑडिट और वार्षिक जीएसटी रिटर्न भरना ही है। चेतन तारवानी, कर विशेषज्ञ

रेखा की ही तरह कामयाब हैं उनकी 6 बहनें, जानें करती हैं क्या काम?

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बॉलीवुड की सदाबहार एक्ट्रेस रेखा (Rekha) के बारे में आप कई बातें जानते होंगे. रेखा के बारे में प्रोफेशनल लाइफ से लेकर पर्सनल तक कई तरह की बातें सुनने-पढ़ने को मिलती रहती हैं. वहीं रेखा बॉलीवुड की उन एक्ट्रेसेस में से हैं, जिनके बारे में आप जितना भी जान पाएं वो कम है. रेखा फिल्मों से तो दूर हैं लेकिन अक्सर बॉलीवुड से जुड़े इवेंट्स-अवॉर्ड फंक्शन में नजर आ जाती हैं. आज हम आपको उनकी निजी जिंदगी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं. ये बात जुड़ी हैं रेखा के परिवार से और उनके भाई-बहनों से.

रेखा ने शादी नहीं की और आज वो अकेले जिंदगी गुजार रही हैं लेकिन वो हमेशा से एक भरे-पूरे परिवार में बड़ी हुई हैं. रेखा एक बहुत बड़े परिवार से हैं और उनकी 6 बहनें हैं. रेखा की बहनों पर एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट की मानें तो जिस तरह रेखा अपने फिल्मी करियर में जबरदस्त सफलता हासिल कर चुकी हैं, उसी तरह रेखा की बहनें भी अपनी-अपनी जिंदगी में सक्सेसफुल हैं. जैसा कि सभी जानते हैं कि रेखा ने काफी कम उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था, उन्होंने अपनी बहनों को खूब सपोर्ट किया और आज उनकी हर बहन सफल है.

दरअसल, रेखा के पिता जेमिनी गणेशन तमिल फिल्म इंडस्ट्री की एक मशहूर हस्ती थे. गणेशन की 3 शादियां हुई थीं. पहली पत्नी से उनकी चार बेटियां थीं. वहीं दूसरी पत्नी से उनकी दो बेटियां हुईं- रेखा और राधा. तीसरी शादी से रेखा के पिता के दो बच्चे हुए बेटी विजया चामुंडेश्वरी और बेटा सतीश. रेखा के ताल्लुकात भले ही अपने पिता कुछ ठीक नहीं थे लेकिन वो अपने भाई बहनों के हमेशा से ही बहुत करीब थीं. रेखा की 6 बहनों का नाम है- जया श्रीधर, नारायणी गणेशन, विजया चामुंडेश्वरी, रेवती स्वामीनाथन, राधा उस्मान सैयद और कमला सेल्वराज.

बात करें बहनों के प्रोफेशन की तो रेखा की सबसे बड़ी बहन रेवती स्वामीनाथन हैं, वो यूएस में डॉक्टर हैं. वहीं रेखा की दूसरी बहन कमला सेल्वराज भारत की जानी-मानी डॉक्टर हैं, उनका चेन्नई में हॉस्पिटल है. रेखा की तीसरे नंबर की बहन हैं नारायणी गणेश, वो एक लीडिंग न्यूजपेपर की जानी-मानी जर्नलिस्ट हैं. रेखा की सगी बहन राधा भी एक एक्ट्रेस रह चुकी हैं उन्होंने शादी के बाद फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था. रेखा की लगभग सभी बहनें काफी कामयाब हैं.

अमीर बनने के लिए अपनाएं ये फाइनेंशियल ट‍िप्‍स. जल्द ही बन जाएंगे ‘धनवान

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अगर आप भी कम कम समय में जल्दी अमीर बनाना चाहते हैं तो ज्यादा पैसा कमाने के साथ-साथ उस पैसे को सेव करना भी जरूरी है। हालांकि, ये भी सच है कि दुनिया में सिर्फ गिनती के ही कुछ लोग हैं जो कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाकर अमीर बन जाते हैं। लेकिन अगर आप चाहें तो उनमें से एक बन सकते हैं। इसके लिए आपको बस थोड़ी सूझबूझ के साथ प्लानिंग कर के उस पर लगातार काम करने की जरूरत है।

फ्यूचर के लिए जरूर करें इन्वेस्टमेंट प्लान
अगर अपने इस साल तक भी अपने फ्यूचर के लिएसेविंगशुरू नहीं की है तो आपको अभी 31 दिसंबर से पहले जरूर कर लेना चाहिए।सेविंगकरने के लिए जरूरी नहीं आपके पास ज्यादा पैसे हो। आप 500 से भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं।

बैंकबाजारडॉटकॉम के मुताबिक अगर आप हर महीने 500 रुपये भी म्यूच्यूअल फंड में डालें तो हर साल आपका इन्वेस्ट 20 परसेंट बढ़ जाता हैं। ऐसे में अगर अपने इन्वेस्टमेंट पर सालाना 12 परसेंट भी रिटर्न मिलता है तो अगले साल आपके पास 43 लाख रुपये होगें। अगर साल खत्म होने से पहले ये काम अपने अभी भी नहीं किया तो बचत करने का एक और साल बस यूं ही निकल जायेगा। आप फ्यूचर में इस नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे।

इमरजेंसी के लिए तैयार रहें

एक स्मार्ट व्यक्ति वही होता है जो इमरजेंसी के लिए फंड बचा कर रखे। फाइनेंशियल प्‍लानर की मानें तो हर व्‍यक्ति को 6 माह से लेकर 1 साल तक के खर्च को पूरा करने लायक इमरजेंसी फंड जरूर बनाना चाहिए। अगर आप हर महीने सिर्फ 2 हजार अपने सेविंग बैंक अकाउंट में डालते हैं तो 1 या 2 साल में यह आपका इमरजेंसी फंड बन सकता है। जब आपको कभी अचानक पैसो की जरूरत पड़े तो आपको किसी से मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान खरीदें

अगर आपने अभी भी टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान नहीं खरीदा है तो आपको ऐसा कर जरूर कर लेना चाहिए। टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान का फायदा यह है कि कम प्रीमियम में बड़ी रकम का लाइफ कवर देता है। यह परिवार में इनकम सोर्स वाले वयक्ति की अचानक मौत हो जाने पर परिवार को फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी देता है। अगर 30 से 35 साल की उम्र में टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान खरीदा जाए तो यह सस्‍ता पड़ता है। जैसे मान लें अगर 35 साल की उम्र का एक व्‍यक्ति 8 से 10 हजार रुपए सालाना प्रीमियम पर 1 करोड़ रुपए का टर्म प्‍लान ले सकता है। उम्र बढ़ने के साथ साथ टर्म प्‍लान महंगा होता जाता है।

फालतू खर्चों से बचें

अमीर बनने का सबसे अच्छा तरीका है अमीरों की तरह सोच रखना। वो कभी भी ऐसी चीजों में पैसा इन्वेस्ट नहीं करते जो उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो। सबसे अच्छा उपाय है फिजूल के खर्चों से बचें और पैसा सोच समझ कर इन्वेस्ट करें। उदाहरण के लिए आप पांच लाख रुपये की एक कार खरीदते हैं लेकिन महज तीन साल के बाद ही उसकी कीमत आधी हो जाती है, जबकि नई कार चलाते समय ही उसका मूल्य 20 से 25 फीसदी तक कम हो जाता है। ये सोचे बिना ही आप अपना शौक पूरा करने के लिए कार खरीद लेते हैं। इन पैसों को अगर आप गोल्ड या प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करें पांच साल के बाद उसकी कीमत 10 से 20 लाख रुपये तक होगी।

एक्सीडेंट होने पर जानिए कितनी सुरक्षित है आपकी बिना एयरबैग वाली कार!

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हर साल भारत में सड़क हादसों के दौरान 1.5 लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं. आइए जानते हैं भारतीय बाजार में मौजूद बिना एयरबैग वाली कारों के बारे में जो सबसे असुरक्षित हैं.

देश में बिकने वाली सबसे ज्यादा कारों में से एक ऑल्टो सबसे असुरक्षित है. की 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक आगे बैठने वाले पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 स्टार और पीछे बैठे पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 2 स्टार मिले हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक वोक्सवैगन पोलो को भी आगे बैठने वाले पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 स्टार और पीछे बैठे पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 3 स्टार मिले हैं.

global ncap की 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक ह्युंडई आई10 को फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और पीछे बैठे पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 1 स्टार मिला है.

रिपोर्ट में मारुति स्विफ्ट को फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 1 स्टार मिला है.

महिंद्रा की सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV में से एक स्कॉर्पियो को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 2 स्टार मिले हैं.

मारुति की छोटी कार सेलेरियो को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 1 स्टार मिला है.

छोटे-कस्बे और गांवों में चलने वाली मारुति इको को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 2 स्टार मिले हैं.

ह्युंडई की छोटी गाड़ी इयॉन को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 2 स्टार मिले हैं.

रेनो की पसंदीदा छोटी गाड़ी क्विड को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 2 स्टार मिले हैं.

टाटा की जेस्ट को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 1 स्टार मिला है.

रेनो की लोकप्रिय SUV डस्टर को रिपोर्ट में फ्रंट सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 0 और बैक सीट पैसेंजरों की सुरक्षा के लिए 2 स्टार मिले हैं.

मुंगेली : आधी रात जेल का ताला तोड़कर फरार, 3 कैदी गिरफ्तार, चौथे की तलाश जारी…

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छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में जेल की दीवार फांदकर फरार हुए चार कैदियों में से तीन को पकड़ लिया गया है. मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र से दो कैदियों और जरहागांव थाना क्षेत्र से तीसरे कैदी को गिरफ्तार किया है. तीन फरार कैदियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस जल्द ही चौथे कैदी की भी गिरफ्तार कर लेने का दावा कर रही है. बता दें कि ये चारों कैदी 25 अक्टूबर को धनतेरस की रात अपनी बैरक का ताला तोड़कर फरार गए थे.

तीनों कैदी तीन अलग-अलग जगह से हुए अरेस्ट

मिली जानकारी के मुताबिक फरार कैदी ईंदल खांडे को चिल्फी चौकी के सिलतरा गांव के खेत से गिरफ्तार किया गया. वहीं तरूण केंवट नाम के दूसरे कैदी को लोरमी महरपुर गांव में उसके रिश्तेदार के घर से अरेस्ट किया गया. जबकि तीसरे कैदी सुरेश पटेल को जरहागांव के सेमरचुआ गांव में घेराबंदी कर पकड़ा गया. चौथे फरार कैदी धीरज की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.

सकते में आ गया था जेल प्रबंधन

धनतेरस की देर रात हुई इस घटना में मुंगेली उपजेल की दीवार फांदकर चार कैदी भाग गए थे. इस मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था. इसकी सूचना मिलने पर सकते में आए जेल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले जेलर जे. एल पुरैना और दो जेल प्रहरियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. फरार कैदियों को पकड़ने के लिए एसपी सीडी टंडन ने विशेष टीम का गठन किया था.

पृथ्वी पर मौजूद 6 रहस्यमयी स्थान, नंबर 1 बेहद चौंका देने वाला है भारत में है…

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हमारी पृथ्वी आश्चर्यजनक और अलौकिक तत्वों से भरी है। कभी-कभी प्रकृति अपने रहस्यमय पक्षों को दिखाती है।आज हमने ऐसे स्थानों की सूची तैयार की है, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। बहुत से लोगों को यह जानकर यकीन नही होगा, लेकिन आपको बता दे यह सब सच है। तो चलिए इन रहस्यमयी स्थानों के बारे में जानते हैं।

पृथ्वी पर मौजूद 6 रहस्यमयी स्थान

6. ब्लड फॉल्सबहुत से लोगों ने इन रक्त लाल पानी को अंटार्कटिका की बर्फीली भूमि में गिरते हुए नहीं देखा है, लेकिन कुछ तस्वीरों को थॉमस टेलर ने कैप्चर किया था।

ग्लेशियोलॉजिस्ट और माइक्रोबायोलॉजिस्ट ने शोध किया और निष्कर्ष निकाला कि इस असामान्य लाल पानी का क्या कारण है। उनके शोध से पता चला कि इस जल का स्रोत एक भूमिगत झील है और यह झील लोहे से समृद्ध है जो पानी को अपना लाल रंग देती है।

5. घोस्ट आइलैंड

जापान में हाशिमा द्वीप पृथ्वी पर अद्वितीय स्थानों में से एक है। इस जगह को घोस्ट आइलैंड के नाम से जाना जाता है। यह जगह कभी आबाद थी, क्योंकि यहाँ कोयले की खदानें थीं।

हालाँकि, कुछ वर्षों के बाद, जापानी ने अपने खनन को कोयले से पेट्रोलियम में बदल दिया, इसलिए उन्होंने इस द्वीप पर काम करना बंद कर दिया और तब से यह स्थान अलग-थलग है और प्रकृति ने इस स्थान पर नियंत्रण कर लिया है।

4. कंकाल झील

चमोली की एकांत भूमि में, उत्तराखंड दुनिया की असामान्य झील में से एक है। क्योंकि यह झील 600 अजीब मानव कंकालों के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें इस जगह से खोजा गया था। इस स्थान से कई लोककथाएँ जुड़ी हुई हैं।

3. गुड़िया का द्वीप

गुड़िया का द्वीप, पृथ्वी पर सबसे दुर्लभ स्थानों में से एक है। यह द्वीप अपने जंगल के लिए जाना जाता है जहाँ पेड़ों की शाखाओं से हज़ारों कटे-फटे गुड़ियों के हाथ है।

रिपोर्टों के अनुसार, इन गुड़ियों को एक मैक्सिकन आदमी द्वारा लटकाया गया है।

2. Christ of Abyss

इस प्रतिमा को सबसे प्रसिद्ध अधोवस्त्र प्रतिमा माना जाता है। यह प्रभु यीशु मसीह की एक जलमग्न कांस्य प्रतिमा है। क्राइस्ट ऑफ द एबिस भूमध्य सागर के गहरे पानी में लगभग 17 मीटर की गहराई पर स्थित है।

1. ट्विन टाउन

केरल के मलप्पुरम जिले में कोडिन्ही नामक स्थान ने सभी तर्कों को खारिज कर दिया है। क्योंकि यहां 2000 परिवार की आबादी में, इस हैमलेट में 350 जुड़वां बच्चें हैं। और इस जगह को अब ट्विन टाउन के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक 1000 जन्मों में 42 जोड़े जुड़वा बच्चे बहुत चौंकाने वाली बात है। इसका मतलब है, कोडिन्ही में लगभग हर परिवार में एक से अधिक जुड़वाँ बच्चे हैं। जो बहुत चौकानें वाली बात है

खाना खाने के बाद करने चाहिए सबसे पहले ये काम,जानिए

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अगर पेट की हर समस्या से बचना हैं तो वज्रासन जरूर करें।वज्रासन घुटनों को मोड़ने के बाद पैरों पर बैठकर किया जाने वाला आसन है।यह योगासन दो शब्दों के मेल से बना है, वज्र + आसन, वज्र का मतलब होता है कठोर अथवा मजबूत. इस आसन के अभ्यास से शरीर मजबूत बनता है। इस आसन को सुबह या शाम दोनों वक्त आराम से सकते हैं।

ज्यादातर आसन भोजन करने के कम से कम 3 घंटे पहले किए जाते हैं लेकिन वज्रासन आप भोजन के ठीक बाद कर सकते हैं। इससे भोजन आंतों में ठीक से बैठ जाता है आपको पेट की समस्या नहीं होती है।

-अगर पेट में खाना नहीं पचता और लगातार पेट बाहर निकल रहा है तो वज्रासन करें। वज्रासन एक ऐसा योगासन है जिसका आप नित्य अभ्यास कर सकते हैं।

-वज्रासन करने यह पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है जिससे मेटाबोलिक रेट बढ़ने लगता है और इसकी वजह से शरीर में कैलोरी तेजी से नष्ट होती है और व्यक्ति के शरीर का वजन घटने लगता है।

वज्रासन करने का तरीका –
घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं। इस दौरान दोनों पैरों के अंगुठों को साथ में मिलाएं और एड़ियों को अलग रखें।
अब अपने नितंबों को एड़ियों पर टिकाएं।
अब हथेलियां को घुटनों पर रख दें।
इस दौरान अपनी पीठ और सिर को सीधा रखें।
दोनों घुटनों को आपस में मिलाकर रखें।
अब आंखें बंद कर लें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
इस अवस्था में आप पांच से 10 मिनट तक बैठने की कोशिश करें।

सारा दिन ऊर्जावान रहने के लिए काम आएंगी ये टिप्स…

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 दिन की शुरुआत बेहतर हो यह बहुत आवश्यक है क्योकि इसके बाद हमे पूरे दिन काम करना होता है| कुछ लोग होते है जिन्हें सुबह से ही आलस आने लगता है और वो काम नहीं कर पाते है| आपको दिन की शुरुआत में कुछ चीजे ध्यान रखनी चहिये जिससे आप सारा दिन उर्जावान रहेंगे-

  • हल्का गुनगुना पानी

सबसे पहले आप सुबह उठते ही एक ग्लास हल्का गुनगुना पानी घूँट घूँट करके पियें जिससे आपके शरीर में ऊर्जा आ जाती है| इसके अलावा पेट साफ़ होता है जिससे आपको भूख बेहतर लगती है और आपको कोई समस्या नहीं होती है|

  • व्यायाम आवश्यक

कई सारे लोग होतें है जो उठकर नहाते है और काम पर चले जाते है जबकि यह गलत है| आपके दिन की शुरुआत में थोडा सा व्यायाम या फिर पैदल चलना जरूर शामिल हो क्योकि इससे एक बार फिर शरीर में उर्जा का संचार होने लगता है| इससे आपके अंदर दिनभर एनर्जी बनी रहती है|

  • नाश्ता बहुत ही आवश्यक

आप दोपहर का खाना या रात का खाना छोड़ दें लेकिन सुबह का नाश्ता ना छोड़े| इससे कई सारी बीमारियाँ तो होती ही है और साथ में शरीर में उर्जा नहीं रहती है| आप जब सुबह कुछ नाश्ता करके निकलते है तो रातभर आपके शरीर में स्टोर हुआ ग्लूकोज उर्जा में बदल जाता है और काम करने लगता है|

  • नाश्ते में क्या लें

आप नाश्ते में परांठे या फिर बटर आदि लेने से बचे| आप सुबह के समय ओट्स, एक या दो रोटी, जूस आदि का सेवन करें|

इन तरीको से आपका दिन उर्जा से भरा रहेगा और आप हमेशा काम करते रहेंगे|