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श्री भूपेश बघेल : 25 सौ मं धान खरीदे बर केंद्र सरकार अड़ंगा लगात हे, सब किसान लिखव चिट्ठी…

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पूरा प्रदेश मं मंदी के दौर चलत हे, लेकिन छग प्रदेश मं मंदी नई हे, हमन 2500 रुपया क्विंटल मं धान खरीदे के वादा करे हन अऊ खरीदबो, लेकिन एमां एक ठन अड़ंगा लगा दे हे केंद्र के सरकार ह। केंद्र सरकार आदेश जारी करे हे कि किसान मन ल बोनस दे हे मं सेंट्रल पुल मं अनाज नई खरीदे। एकर बर केंद्र सरकार के मंत्री से भेंट करे रहें, नियम ल शिथिल करे बर कहें। प्रधानमंत्री ल चिट्‌ठी लिखके समय मांगे हन। लेकिन एकर बर सब किसान मन ल प्रधानमंत्री ल चिट्‌ठी लिखेबर लागही। काबर कि बिना रोय तो महतारी घला ह लइका ल दूध नई पियावय। गांव के सब किसान चिट्‌ठी लिखा व प्रधानमंत्री ल भेजा। 

ये बातें सीएम भूपेश बघेल ने जिला मुख्यालय में लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कार्यक्रम में कही। सीएम श्री बघेल ने कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए संकल्पित रहे। उन्होंने बारडाेली में किसान आंदोलन किया।  भूमिहीन होने के बाद भी किसान झुके नहीं, देश की आजादी के बाद सरदार पटेल ने ऐसे किसानों को उनकी जमीन भी वापस दिलाई। भाजपा पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए श्री बघेल ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा गुजरात में स्थापित की जा रही है, वह चीन से मंगाई गई है। जांजगीर में छग में बनी मूर्ति समाज के चंदा, खून, पसीना लगा है, इस मूर्ति से भावनाएं जुड़ी हैं। यह स्वदेशी मूर्ति है। उन्होंने कहा कि यदि पटेल को मानते हो तो उनके द्वारा किए गए समझौता को मानिए, उनके बताए रास्ते पर चलिए। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, विधायक रामकुमार यादव मीैजूद थे। 

सहित कंाग्रेसी और कुर्मी क्षत्रिय समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इससे पहले स्वागत भाषण कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक ने दिया।

छत्तीसगढ़ – बृजमोहन, पांडे, चंद्राकर, मूणत समेत सभी बड़े नेताओं को निगमों की कमान…

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राज्य में शहरी सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने बड़े नेताओं को कमान सौंप दी है। पूर्व मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, प्रेम प्रकाश पाण्डेय जैसे  वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश के नगर निगमों में प्रत्याशी चयन से लेकर उन्हें जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, प्रदेश के नगर पालिकाओं को जीतने के लिए संगठन के पदाधिकारियों, पूर्व एवं वर्तमान विधायकों को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। 

रायपुर में सवन्नी, धमतरी में बृजमोहन : विधानवसभा के बाद राज्य के दोनों उपचुनाव को हारने के बाद बीजेपी ने अब शहरी सत्ता को हासिल करने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। चुनावी रणनीतिकार माने जाने वाले अपने दिग्गज नेताओं को पार्टी ने अलग-अलग नगर निगमों को जीतने की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत धमतरी में बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर में भूपेंद्र सवन्नी, बिलासपुर प्रेम प्रकाश पाण्डेय, दुर्ग संतोष बाफना, कोरबा राजेश मूणत, जगदलपुर अजय चंद्राकर, अंबिकापुर नारायण चंदेल, चिरमिरी भीमसेन अग्रवाल, राजनांदगांव किरण देव और रायगढ़ नगर निगम की जिम्मेदारी शिवरतन शर्मा को दी गई है। 

जिलों की नगर पालिकाओं में इनको प्रभार 
रायपुर – गोबरा नवापारा देवजी पटेल, तिल्दा नेवरा लोकेश कावडिय़ा, आरंग मोतीलाल साहू, महासमुंद –  बागबाहरा सच्चिदानंद उपासने, महासमुंद श्रीचंद सुंदरानी, सरायपाली श्याम बैस, बलौदाबाजार – भाटापारा चंदूलाल साहू, बलौदा बाजार अशोक बजाज, गरियाबंद चंद्रशेखर साहू, दुर्ग – अहिवारा सुरेन्द्र पाटनी, कुम्हारी विजय शर्मा, बालोद अभिषेक सिंह, दल्लीराजहरा खूबचंद पारख, बेमेतरा कोमल जंघेल, राजनांदगांव – डोंगरगढ़ लाभचंद बाफना, कवर्धा- राजिन्दरपाल सिंह भाटिया, बिलासपुर – तखतपुर राजकुमार शर्मा,  रतनपुर सौरभ सिंह, मुंगेली ज्योतिनंद दुबे, जांजगीर-चांपा- जांजगीर-नैला राजेश शर्मा, चांपा- लखनलाल साहू, सक्ती गोपाल शर्मा, अकलतरा गिरिश शुक्ला, कोरबा – दीपका डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी,  कटघोरा गिरधर गुप्ता, रायगढ़ – खरसिया    लीलाधर सुल्तानिया, बलरामपुर- कृष्ण कुमार राय, सुरजपुर- अनुराग सिंह देव, जशपुर- जशपुर मेजर अनिल सिंह, कोरिया – मनेंद्रगढ़ कमल भान सिंह, कोंडागांव- कोंडागांव केदार कश्यप, नारायणपुर- भरत मटियारा, कांकेर – श्रीनिवास राव मद्दी, दंतेवाड़ा- किरन्दुल लच्छुराम कश्यप, बड़े बचेली दिनेश कश्यप, दंतेवाड़ा लता उसेण्डी, बीजापुर- डॉ. सुभाऊ कश्यप, सुकमा महेश गागड़ा।

शहर के 11 मंडलों में चुने गए नए अध्यक्ष, 5 में पेंच

भाजपा रायपुर शहर जिले के 16 मंडलों में से 11 मंडलों में अध्यक्ष के चुनाव पूरे कर लिए गए हैं। वहीं 5 मंडलों में बड़े नेताओं के बीच पेंच फंस गया है। जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने 11 मंडलों के निर्वाचित अध्यक्षों के नाम घोषित किए हैं। इनमें तेलीबांधा मंडल- सुश्री अर्चना शुक्ला, फाफाडीह मंडल- गोरेलाल नायक, रामसागर पारा मंडल- प्रीतम ठाकुर, गुढिय़ारी मंडल- बी.श्रीनिवास राव, डीडी नगर मंडल-अनिल सोनकर, तात्यापारा मंडल- भूपेन्द्र ठाकुर, बीरगांव मंडल- होरीलाल देवांगन, रायपुर ग्रामीण-जितेन्द्र धुरंधर, भनपुरी मंडल- ओमप्रकाश साहू, माना मंडल- रविन्द्र ठाकुर, शंकर नगर मंडल- अनुप खेलकर।

छत्तीसगढ़ : रोज साइकिल से पहुंचते थे ‘प्रयास’ ताकि देख सकें, कैसी हो रही है बच्चों की परवरिश…

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राजेंद्र प्रसाद (आरपी) मंडल छत्तीसगढ़ के नए प्रशासनिक मुखिया बनाए गए हैं। वैसे तो मंडल को रिजल्ट देने वाले अफसर के रूप में जाना जाता है। चाहे देश का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हो, रायपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में बनाई गई बाइपास रोड हो हर प्रोजेक्ट उन्होंने अलग अंदाज में पूरा कराया। लेकिन प्रशासनिक कामों के अलावा कुछ ऐसे भी काम हैं जिनके लिए आज भी लोग मंडल की चर्चा करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं मंडल से जुड़े ऐसे ही कुछ रोचक किस्से…

लैपटॉप वितरण के दौरान बाद में बच्चों को पता चला यही हैं सचिव मंडल

पूर्व के कार्यकाल में सीएम हाउस में प्रयास विद्यालय के बच्चों को लैपटाप वितरण किया जा रहा था। तब वहां के बच्चों ने जाना कि जिस विभाग द्वारा लैपटाप बांटा जा रहा है वह उसी विभाग के बड़े अधिकारी हैं। तब बच्चों ने तत्कालीन सीएम को बताया था कि सर रोज हमारे विद्यालय में साइकिल से आते थे और वहां की व्यवस्था के साथ-साथ हमारी पढ़ाई की पूरी जानकारी लेते थे।

एमटेक करने के बाद बने आईएएस 
1987 बैच के आईएएस आरपी मंडल मूलत: बिहार के रहने वाले हैं। उनके माता-पिता बिलासपुर के रेल डिवीजन अस्पताल में डॉक्टर थे। उनकी पढ़ाई बिलासपुर के दयालबंद के मल्टीपर्पस हाईस्कूल में हुई है। उन्होंने इंजीनियरिंग रायपुर में की और आईआईटी खड़गपुर से एमटेक किया है। और 87 में यूपीएससी पास आउट हैं।

तमिलनाडु यात्रा में फूल बेचने वाले को दे दिए थे सारे पैसे
एक बार मल्लकम तमिलनाडु में यात्रा के दौरान उन्होंने अपने साथी से पेमेंट करने कहा तो उन्हें आशंका हुई कि कहीं उनकी पॉकेटमारी तो नहीं हो गई। तब मंडल ने उन्हें बताया कि हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद उनकी नजर फूल बेच रही एक बुजुर्ग पर पड़ी। उन्हें पता चला कि वह फूल बेचकर परिवार पालती है। यह सुनकर उन्होंने अपनी जेब के सारे रुपए उसे दे दिए थे। श्रम विभाग की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने रैग पिअर्स (कचरा बीनने वाले) के लिए योजनाएं भी बनाईं। इसलिए कभी सामने में कोई कचरा बीनने वाला दिख जाता है तो उसे पैसे 
दे देते हैं। 
 

रायपुर और बिलासपुर कलेक्टर के रूप में किए काम आज भी पहचान
मंडल रायपुर और बिलासपुर में कलेक्टर के रुप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और कलेक्टर रहते उन्होंने जो काम इन शहरों में किए वह आज भी लोगों की जुबान पर है। राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट का वर्तमान स्वरुप उन्हीं की देन है। जेल के बीच से बाइपास सड़क, कैनाल लिंकिंग रोड, पुराने मंत्रालय के बीच से सड़क, शास्त्री चौक का चौड़ीकरण जैसे कई उदाहरण हैं जो उनके कार्यों का बखान करने के लिए काफी हैं। मंडल के बारे में एक बात आज भी लोगों को पता है वे रोज मार्किंग वाक के बहाने शहर की नब्ज टटोलते हैं। लोगों की परेशानियों आर जरूरतों के साथ विभागीय लापरवाही को भी पकड़ लेते हैं। कई बार वे सुबह जल रही स्ट्रीट लाइटों को संबंधित विभाग के कर्मचारियों को फोन कर बंद करने को कहते हैं।  

घर नहीं ले जाते त्योहार में मिले मिठाइयों के डिब्बे
मंडल के बारे में यह भी कहा जाता है कि त्योहारों और मुलाकातों के दौरान उन्हें जो भी मिठाइयों के डिब्बे मिलते थे वे उन्हें घर नहीं ले जाते बल्कि झुग्गी बस्तियों में जाकर बांट देते थे। वहीं अपने स्वागत के लिए महंगे बुके और फूल माला लाने पर वे अफसरों पर नाराजगी जताते हुए कहते थे कि यदि इसकी बजाय वे बिस्किट आर मिठाइयां लाते तो गरीबों के काम आता। यह भी कहा जाता है कि वे जब भी दौरे पर निकलते हैं तब अपने साथ बिस्किट के कार्टून लेकर जाते हैं आर गांव में मिलने वाले बच्चों आर ग्रामीणों में बांट देते हैं। 

इस विभाग में खुला नौकरी का पिटारा, 12th पास तुरंत करें अप्लाई

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलरा और एंटेरिक डिजीजेज (NICED) ने असिस्टेंट, पर्सनल असिस्टेंट, अपर डिविजन क्लर्क और लोअर डिविजन क्लर्क के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इच्छुक उम्मीदवार एनआईसीडीएस की आधिकारिक बेवसाइट www.niced.org.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑफ़लाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 नवंबर 2019 है।

आवेदन से जुड़ी शैक्षिक योग्यता : इन भर्तियों के लिए उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता पदों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। लोअर डिविजनल क्लर्क के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं है, जबकि असिस्टेंट, पर्सनल असिस्टेंट और अपर डिविजनल क्लर्क की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। आधिकारिक अधिसूचना देखें।

पदों का विवरण: पदों की संख्या

असिस्टेंट 2

पर्सनल असिस्टेंट 1

लोअर डिविजनल क्लर्क 3

अपर डिविजनल क्लर्क 3

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 18 नवंबर 2019

आवेदन शुल्क : महिला/ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/दिव्यांग/ पूर्व कर्मियों के लिए नि:शुल्क

अन्य वर्गों के लिए : 300 रुपये

आयु सीमा: कुछ पदों के लिए अधिकतम आयु 27 और कुछ पदों के लिए अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है।चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और कंप्यूटर टाइपिंग परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2020 में दर्ज हैं 80 भारतीय कारनामे

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किशोर के सिर पर सबसे लंबे बाल, सबसे छोटी महिला, पेपर कप का सबसे बड़ा कलेक्शन, ये और ऐसे 80 रिकॉर्ड भारतीयों के नाम हैं जो गिनीज बुक में इस साल दर्ज किए गए हैं. प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस ने गुरुवार को इसकी घोषणा की.

नीलांशी पटेल

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2020 में हजारों नाम और काम दर्ज किए गए हैं. 16 साल की नीलांशी पटेल के नाम सबसे लंबे बालों का रिकॉर्ड है. उनके बाल 5 फिट 7 इंच लंबे हैं. नागपुर की ज्योति ने 24.7 इंच के साथ सबसे छोटी जीवित महिला का रिकॉर्ड बनाया.

ज्योति

पुणे के श्रीधर चिल्लाल के नाम एक हाथ में सबसे लंबे नाखून रखने का रिकॉर्ड है. उनके बांए हाथ में नाखूनों की लंबाई 358.1 इंच है. जोत्शना मिश्रा और दुर्गा चरन ने एक देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया. फरवरी 2018 से 30 मार्च 2018 तक उन्होंने देश भर में 29 हजार 119 किलोमीटर की यात्रा की.

श्रीधर चिल्लाल

तमिलनाडु के वी शंकर नारायणन ने 736 पेपर कप इकट्ठा करके सबसे ज्यादा कप रखने का रिकॉर्ड बनाया. इसके अलावा गिनीज बुक में भारत के नाम कुछ ऐसे रिकॉर्ड्स भी हैं जिन पर गर्व नहीं किया जा सकता. जैसे उत्तर प्रदेश के कानपुर ने विश्व के सबसे प्रदूषित शहर का रिकॉर्ड बनाया है.

उंगलियाँ चाटते रह जाओगे ऐसी राजमा चावल की रेसिपी खा कर

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आवश्यक सामग्री
1 कप राजमा
2 मध्यम आकार के प्याज कटे हुए
6 लौंग की कलियाँ
1 चम्मच कद्दूकस किया हुवा अदरक
2 हरी मिर्च कटी हुई
2 कद्दूकस किये हुए टमाटर
1 चम्मच धनिया की पत्ती बारीक कटी हुई
1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर
1 चम्मच धनिया पाउडर
1 चम्मच गरंम मसाला पाउडर
1 चम्मच बटर
1 चम्मच तेल
नमक स्वादानुसार
चावल के लिए सामग्री
1 कप बासमती चावल
4 कप पानी
1 चम्मच नमक
बनाने की विधि
चावल बनाने की विधि चलते पानी में चावल को पहले 2-3 बार अच्छे से धो ले और एक bowl में डालकर किनारे रख ले. अब एक pan ले और उसमे पानी डालकर उबाले. इसमें जैसे ही उबाल आता है चावल और नमक को साथ में डाले. इसे 15 मिनट तक ऐसे ही पकाए फिर आंच को बिलकुल धीमा कर दे जब तक की चावल बिलकुल मुलायम नही हो जाते है. आंच को बंद कर दे और चावल को पानी में से निकाल कर अलग रख ले. इसे राजमा के साथ साथ बनाये जिससे आप गर्म चावल सर्व कर सके.
राजमा बनाने की विधि एक pan को आंच पर चढ़ाये और इसमें 3 कप पानी को भिगोये हुए राजमा और एक चुटकी नमक के साथ डाले. इसे अगले 25 से 30 मिनट तक पकने के लिए छोड़ दे या जब की राजमा एकदम soft ना हो जाए. दूसरी तरफ एक छोटा सा bowl ले और इसमें सभी मसालों, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर काली मिर्च पाउडर और नमक को अच्छे से mix कर ले.
अब एक कढ़ाही में तेल डालकर गर्म करे और इसमें प्याज डालकर बीच बीच में चलाते हुए मध्यम आंच पर इसे 6-7 मिनट तक भुने जब तक की प्याज golden brown color में ना आ जाए. जब यह भून जाए तब इसमें लहसुन और हरी मिर्च मिलाये और अगले 30 सेकंड्स तक भुने. अब इसमें अदरक और टमाटर को डालकर एक बार चलाये फिर इसमें मसालों के mixture को एक साथ डाले. अब इसे बीच बीच में चलाते हुए अगले 7-8 मिनट तक पकाए या जब तक की टमाटर सही से पक नही जाते. जैसे ही किनारों से तेल छोड़ने लगे मतलब अब यह बिलकुल तैयार है.
अब इसमें पके हुए राजमा को बटर के साथ डाले और एक कप पानी मिलकर खूब अच्छे से चला ले. अब इसे अच्छे से mix करने के बाद बिलकुल धीमी आंच पर अगले 30 मिनट तक इसे अच्छे से पकने के लिए छोड़ दे. अब आंच बंद कर दे. इसे serving प्लेट में चावल के साथ गर्मागर्म सर्व करे. इसे धनिया की पत्ती से garnish करना ना भूले.

ऐसी हरी मिर्च की अचार रेसिपी नही खायी होगी

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आवश्यक सामग्री
1 1/2 कप 1 inch के टुकड़ो में कटे हुए हरी मिर्च
6 चम्मच शाबूत सरसों के दाने
2 चम्मच हल्दी पाउडर
1 कप सरसों का तेल
3 चम्मच सेंधा नमक
6 निम्बू या 1/2 कप निम्बू का रस
बनाने की विधि
हरी मिर्च को चलते पानी में अच्छे से धो ले और फिर इसे सुखा ले जिससे की इसमें से पानी की मात्रा बिलकुल ही ना बचे. अगर आप मध्यम तीखे मिर्च का इस्तेमाल कर रहे है तो यह बहुत बेहतर रहेगा. अब मिर्च के ऊपर और निचे से एक कट कर देंगे और फिर सभी मिर्च को 1 inch के लम्बे आकार में काट ले. दूसरे तरफ एकदम सूखे blender या food processor में सरसों के दाने को डालकर एकदम बारीक पाउडर बनने तक इसे पीस ले. आप चाहे तो पीले या काले दोनों में से किसी भी सरसों का इस्तेमाल कर सकते है.
अब एक बिलकुल साफ़ सुथरा और धुप दिखाए हुए मध्यम आकार के जार को ले और इसमें हरी मिर्च को सरसों के पाउडर और नमक के साथ इसमें डाले. इसे हिला कर खूब अच्छे से mix कर ले अगर आप चाहे तो एकदम सूखे हुए चम्मच की मदद से इसे अच्छे से mix कर सकते है. अब इस जार को अच्छे से बंद कर दे जिससे air पास ना होने पाए. अब इसे 3 दिन लगातर धूप में दिन भर के लिए रखे. अगर गर्मी बहुत है तो 2 दिन ही पर्याप्त होंगे इसे धूप में रखने के लिए.
अब 3 दिन या 2 दिन धूप में रखने के बाद इसमें हल्दी पाउडर और निम्बू का रस डालकर मिलायेंगे. जरुरत लगे तो एकदम सूखे चम्मच की मदद से इसे जार में अच्छे से मिला ले. अब एक बार फिर से इसे धूप में 1 या 2 दिन तक के लिए रखे और रखने से पहले इसे हिलाए जरुर. अब एक छोटे से pan में तेल को डालकर गर्म करे और गर्म हो जाने के बाद इसे bowl में निकाल कर ठंडा होने के लिए रख ले. अब एक बार फिर जार को खोल कर ठंडा हो चुके तेल को इसमें डालकर अच्छे से हिला कर या साफ़ सूखे चम्मच से इसे मिला ले. अब अचार को 2 से 3 दिन तक normal तापमान पर रखे और उसके बाद इसे fridge में रख ले. लीजिये तैयार है हमारा मिर्च का अचार! आप इसे किसी भी recipe के साथ या पराठे और चपाती के साथ सर्व कर सकते है.

आज ही घर पर बनाए टेस्टी मूंग दाल के कबाब

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आज हम आपके साथ शेयर करने जा रहे है टेस्टी मूंग दाल के कबाब बनाने की रेसिपी। मूंग दाल के कबाब आप आसानी के घर में बना सकती हैं। ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होते हैं इसके साथ ही ये हेल्दी भी होते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाते हैं मूंग दाल के कबाब

आवश्यक सामग्री

धुली मूंग दाल- 1 कप
दही- 1 कप
घी- 2 चम्मच
जीरा- 1 चम्मच
नमक- 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच
गरम मसाला- 1/2 चम्मच
लहसुन पेस्ट- 1 चम्मच
घी- आवश्यकतानुसार

बनाने की विधि : दाल को तीन से चार घंटे के लिए पानी में भिगोएं। पानी से निकालकर एक ओर रख दें। कड़ाही में दो चम्मच घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा पक जाए तो कड़ाही में दाल डालें और उसे धीमी आंच पर लगभग पांच मिनट पकाएं। गैस ऑफ करें और दाल को ठंडा होने दें। दाल को ग्राइंडर में बिना पानी डालें पीस लें। उसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और लहसुन डालकर मिलाएं।

अब इस मिश्रण में दही मिलाकर गूंद लें। इस मिश्रण को 12 हिस्सों में बांटें और कबाब का आकार दें। पैन में घी गर्म करें और धीमी आंच पर कबाब को पकाएं। जरूरत के मुताबिक घी डालते हुए कबाब को पकाएं। धनिया पत्ती से सजा कर पेश करें।

बहुत आलसी होतें हैं इंडियन, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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आज-कल की लाइफ काफी भाग-दौड़ वाली हो गयी है। किसी के पास अच्छे से सांस लेने तक का टाइम नहीं है। लोग अपनी प्रोफेशनल लाइफ में इतना बिजी है की उनके पास पर्सनल लाइफ के लिए टाइम ही नहीं है। जिसके चलते लोगों को इसका खामयाजा भी भुगतना पड़ता है। लोग थके-हारे अपने काम से वापस आतें हैं और अगर चाहें तो की सो लें तो उन्हें नींद भी नहीं आती है। नींद नहीं आती तो वो बीमार हो जातें हैं। बीमारी का सबसे बड़ा नींद न आना या नींद पूरी न होना होता है। लोग उसके बाद आलसी भी हो जातें हैं।

गतिविधि ट्रैकर कंपनी फिटबिट द्वारा 18 देशों के एक सर्वे में पता चला है कि जापान के बाद भारतीय सबसे अधिक नींद से वंचित दूसरे व्यक्ति हैं- अनुमान के हिसाब से यहां लोग 7 घंटे और 1 मिनट के लिए ही सोते हैं। 2016 के सर्वे के हिसाब से भारतीय का औसत सोने का समय 6 घंटे 55 मिनट का था। ध्यान देने वाली बात ये है कि सबसे अधिक नींद से वंचित देश एशिया में तीन हैं, जिसमें सिंगापुर के सबसे अधिक नींद से वंचित वाला देश हैं- जो दुनिया के इस हिस्से में एक सांस्कृतिक अस्वस्थता का दिखानेवाला हो सकता है।

अधिक घंटे, कम नींद

1 अगस्त 2018 और 31 जुलाई 2019 के बीच किए गए सर्वे में यह भी बताया गया कि भारतीयों को कम से कम 77 मिनट की REM (रैपिड आई मूवमेंट) नींद मिलती है। REM नींद वह चरण है जिसमें सपने आते हैं और कहा जाता है कि यह किसी की यादों और सीखने की क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करता है। मजबूरी यह है कि 75-90 वर्ष के आयु वर्ग के भारतीयों को कम से कम नींद मिली थी, जबकि वे पहले सोते थे, जबकि अन्य आयु समूहों के साथ तुलना में- सिर्फ 18-25 वर्ष की आयु वाले लोगों को अधिकतम राशि मिली थी। 75-90 साल के लोगों की बात करें तो बिस्तर पर जाने के बाद भी 1 घंटे बाद नींद आती है।

भारत के लोग काफी सुस्त हैं

सर्वे से मिली जानकारी में यह पता चला कि भारतीय 18 देशों में सबसे कम सक्रिय थे- दिन के माध्यम से चलने वाले चरणों की संख्या के संदर्भ में मापा जाता है। एक दिन में व्यापक रूप से अनुशंसित 10,000 कदमों के मुकाबले, फिट रहने के लिए, भारतीयों ने केवल 6,533 कदम उठाए, वही हांगकांग से लगभग 3,600 कदम उठाए थे।

अगर चाहतें हैं अच्छे से सोना तो माने ये बातें

गुनगुने पानी से नहाएं

सोने से करीबन 20 से 30 मिनट पहले गुनगुने पानी से नहाएं। ऐसा करने से बॉडी की मांसपेशियों को आराम मिलता है। जिससे आपको अच्छी नींद आती है। बॉडी के टेपंरेचर में गिरावट आने की वजह से नींद आसानी से आ जाती है। इसलिए एक अच्छी नींद के लिए गुनगुने पानी से नहाना बेहद मददगार होता है।

एक्सरसाइज न करें सोने से पहले

एक्सरसाइज करने से नींद अच्छी आती है क्योंकि इससे दिमाग को शांति मिलती है। लेकिन एक्सरसाइज करने के फौरन बाद सोने से बचें। न्यूट्रीशनिस्ट रहीला हसन ने बताया, अच्छी नींद चाहते हैं तो अपने सोने के समय से कम से कम 3 से 6 घंटे पहले ही एक्सरसाइज कर लें। एक्सरसाइ करने के फौरन बाद कभी भी सोने की कोशिश न करें।

दिन में एक अच्छी झपकी लें

अगर आप काम की वजह से रात में ठीक से सो नहीं पाते हैं तो दिन में कम से कम से 10 से 20 मिनट की नींद लें। जिससे आपका मूड फ्रेश होगा और आप काम में ठीक से ध्यान भी लगा पाएंगे।

बदलाव करें खाने में

सोने से करीब 3-4 घंटे पहले ही खाना खालें। क्योंकि खाते ही सो जाने से पेट में मौजूद एसिड हमारे बॉडी की फूड पाइव में पहुंच जाता है। जिसके करण आपको सीने में जलन का एहसास हो सकता है और आप चाहकर भी ठीक से सो नहीं पाते हैं।

रेप पीड़िता ने मांगी इच्छा मृत्यु

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राजस्थान में अलवर जिले के तिजारा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन लिखकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है।

पीड़िता ने तिजारा के उपखंड अधिकारी से मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को संबोधित करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसारइस ज्ञापन में उसने बताया कि पांच अक्तूबर की रात उसके साथ उसके गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म किया, जिसकी प्राथमिकी थाने में दर्ज करवाई गई थी।

लेकिन आज तक इस मामले में कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहा है। वह लगातार मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। जिसके कारण मैं इच्छा मृत्यु चाहती हूं।

घटना 25 दिन पहले की है। तिजारा थाना क्षेत्र की एक महिला 5 अक्तूबर की रात को अपने तीन साल के बीमार बेटे को दिखाने गांव के एक डॉक्टर के पास गई थी। वहां से करीब रात 9 बजे जब वह वापस लौट रही थी। तब फारुख नाम के एक युवक ने महिला की गर्दन पर घूंसा मारा। जिससे वह वहीं पर बेहोश होकर गिर गई थी।

उसके बाद आरोपी उसे घसीटकर पास के खेत में ले गया। जहां पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि पीड़िता ने फारुख के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। लेकिन इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होते देख उसने मुख्यमंत्री से इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है।