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मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर, 4 से 10 नवंबर तक ठप रहेगी ये सुविधा

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 अगर आप मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। टेलीकॉम रेगुलेटर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल यूजर्स को लेकर बड़ा ऐलान किया है। आप अगर अपने सिम ऑपरेटर को लेकर परेशान हैं और उसे बदलना चाहते हैं तो अभी बदल दीजिए क्योंकि अगले महीने कुछ दिनों के लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) सेवा बंद रहने वाली है।बंद रहेगी MNP सेवा
इसलिए बंद रहेगी MNP सेवा

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने बताया कि, अगले महीने 4 से 10 नवंबर तक लोग मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि नवंबर से ग्रहकों के लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की आसान और नई व्यवस्था आ रही है। बता दें इस सुविधा से ग्राहक मोबाइल नंबर में बदलाव किए बिना ही दूसरे ऑपरेटर में स्विच कर पाते है। ट्राई के ऐलान के बाद से ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि आने वाले समय में ग्राहक खुद अपने फोन से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

MNP में लगेगा कम समय
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी में लगेगा कम समय

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक ट्राई के अधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था से इस मोबाइल नंबर पोर्ट करने कि प्रक्रिया में तेजी आएगी, अभी जहां ग्राहकों को एक हफ्ते का इंतजार करने पड़ता है वहीं इस सुविधा के अपडेट होने के बाद इसमें और कम समय लगेगा। वर्तमान में इस समय ग्रहकों को पोर्ट के लिए कम से कम 6 दिन का इंतजार करना पड़ता है।

4 नवंबर से पहले करा लें पोर्ट
4 नवंबर 2019 से पहले करा लें पोर्ट

ट्राई द्वारा दी गई जानकारी मे बताया गया कि, नवंबर में 6 दिनों को लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सेवा ठप रहेगा। यह 4 नवंबर से लेकर 10 नवंबर के लिए बंद रहेगा, सेवा अपडेट होने के बाद से यह 11 बजे फिर से ग्राहकों के लिए शुरू कर दी जाएगी। अगर किसी को उससे पहले अपना ऑपरेटर बदलना चाहता है तो ग्रहाकों को 4 नवंबर शाम 6 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

छत्तीसगढ़ : विवाहित शिक्षाकर्मी ने अपनी ही पूर्व छात्रा से 20 रुपए के स्टांप पेपर पर किया शादी करने का वादा…

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शिक्षकों के नित नए कारनामे चर्चा का विषय रहा है। शासकीय हाई स्कूल घटमुंडा के विवाहित शिक्षाकर्मी ने अपनी ही पूर्व छात्रा से 20 रुपए के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र देकर ब्याह रचा लिया। इससे पहले शिक्षक दीवार फांदकर छात्रा के घर में घुसा। पता चलने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पिटाई कर दी। इसके बाद सुबह वह झांसा देकर भाग निकला। आरोपी शिक्षक ने आगे की कार्रवाई से बचने के लिए स्टांप पेपर पर छात्रा को दूसरी पत्नी के रूप में स्वीकार करता हूं, लिखवाकर उसके परिजनों को दे दिया। 

ग्रामीणों ने मीटिंग कर शिक्षक के खिलाफ एफआईआर कराने का लिया निर्णय

  1. दरअसल, पूरी घटना 14 अक्टूबर की है। देर रात जब छात्रा के घरवाले करमा त्योहार मनाने दूर के गांव गए थे, तब शिक्षक बिहानू खलखो घर की दीवार लांघकर लड़की के घर मे घुस गया। इसकी भनक गांव के लोगों को लग गई। ग्रामीणों की सूचना पर लड़की का भाई ताला तोड़कर अंदर घुसा और शिक्षक को बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने शिक्षक को पकड़कर खंभे से बांध दिया। फिर छात्रा के भाई ने पिटाई की। ग्रामीणों ने बताया कि बिहानू खलखो को पकड़ कर रखा गया था लेकिन सुबह शौच जाने के बहाने फरार हो गया। 
  2. गांव में इस मामले पर मीटिंग हुई जिसमें फैसला किया गया कि छात्रा की जिंदगी खराब करने वाले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने थाने जाएंगे। इधर शिक्षक बिहानू ने गलती छिपाने के लिए साजिश रची और छात्रा के घरवालों को शादी करने का झांसा देकर पक्ष में कर लिया। कुनकुरी में स्टांप पेपर पर शपथ पत्र देकर छात्रा को दूसरी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। शपथ पत्र में लिखा है कि वह छात्रा को दूसरी पत्नी का हक देगा। अधिवक्ता सत्यप्रकाश तिवारी के मुताबिक शपथ पत्र देकर दूसरी पत्नी के रूप में दर्जा देने का प्रावधान ही नहीं है।

जानिए रामायण के बारे में ये महत्वपूर्ण जानकारी.

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क्या सच में भगवान राम ने विशाल समुद्र को पार करके रावण से युद्ध किया था? हालांकि हमारे धार्मिक साहित्य में इन घटनाओं के कई साक्ष्य दर्ज हैं और वे उन किस्से-कहानियों से कहीं ज़्यादा महत्व रखते हैं। बहरहाल आश्चर्य की बात यह है की श्रीलंका में 5 ऐसी जगह आज भी मौजूद है जो रामायण की सत्यता को पूरी तरह से प्रमाणित करती है।

1 – लंकापति रावण ने देवी सीता को तीन अलग-अलग जगहों पर रखा था।
रामायण के अनुसार सीता हरण के बाद रावण ने सबसे पहले देवी सीता को यहां एक गुफा में रखा था और उस गुफा का प्रवेश द्वार बिल्कुल किंग कोबरा सांप के सिर जैसा था। लेकिन बाद में जब सीता ने वहां रहने से मना कर दिया तो तब उन्हें अशोक वाटिका में स्थानांतरित कर दिया गया। अशोक वाटिका में सीता जिस पेड़ के नीचे बैठती थीं, यहां वह जगह सीता एलिया के नाम से प्रसिद्ध है। वर्ष 2007 में श्रीलंका सरकार ने एक खोज के माध्यम से दावा किया है कि अशोक वाटिका ही दरअसल सीता एलिया है। हनुमान द्वारा लंका जलाये जाने के बाद देवी सीता को अशोक वाटिका से कट्टु गाला स्थानांतरित किया गया। यहां श्रीलंका के पुरातात्विक विभाग के अनुसार, उस जगह में खुदाई के दौरान ऐसी कई गुफाएं मिली जो सीधा रावण के महल तक जाती हैं।

2 – श्रीलंका में हनुमान जी के पदचिन्ह
महाकाव्य के अनुसार हनुमान जी जब देवी सीता की खोज में निकले तब उनको यहां एक विशाल समुद्र पार करना पड़ा और उसे पार करने के लिए उन्होंने एक विशालकाय रूप धारण किया। जब वो समुद्र पार करके लंका पहुंचे तब उनके पदचिन्ह (पैरों के निशान) वहां की भूमि पर छप गए। वे पदचिन्ह आज भी वहां देखे जा सकते हैं।

3 – श्रीलंका में संजीवनी बूटी का पाया जाना
हिंदु धर्म में मान्यता रखने वाला यहां हर व्यक्ति संजीवनी बूटी से परिचित होगा और यह वही औषधि थी जिससे भगवान श्री राम के छोटे भाई लक्षमण की जान बची थी। वैसे तो यह बूटी सिर्फ हिमालय में पाई जाती है, लेकिन श्रीलंका में इसका मिलना रामायण की सत्यता को और प्रमाणित करता है।

4 – एक विशाल हाथी द्वारा श्रीलंका का रक्षण
रामायण में सुन्दर कांड अध्याय के अनुसार लंका की रक्षा एक विशाल हाथी द्वारा किया जाता था, जिसका वध हनुमान जी ने युद्ध के दौरान किया था। देश के पुरातात्विक विभाग को यहां इस तरह के हाथी के अवशेषों के प्रमाण मिले हैं। जिसकी विशेषताएं महाकाव्य में वर्णित जीव से बहुत मिलती हैं जबकि असल हाथियों से काफी भिन्न हैं, जो की उस देश में तथा वहां के आस पास की अन्य जगहों पर पाए जाते हैं।

छत्तीसगढ़ : हेलमेट पहनने वालों को एसपी ने दिए गुलाब, बाकी को यमराज से मिले फूल…

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 ट्रैफिक व्यवस्था के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ में बिलासपुर पुलिस की ओर से गुरुवार को अनोखा अभियान चलाया गया। नियमों का पालन करने वालों और उन्हें तोड़ने वालों दोनों काे ही फूल देकर सम्मानित किया गया। हालांकि पुलिस के इस सम्मान करने का तरीका थोड़ा अलग था। हेलमेट पहनकर चलने वाले दुपहिया वाहन चालकों और कार में सीट बेल्ट लगाने वालों एसपी ने जहां गुलाब का फूल भेंट किया, वहीं नियमों को तोड़ने वालों को यमराज की ओर से फूल दिए गए। 

एसपी प्रशांत अग्रवाल ने नेहरू चौक पर हेलमेट पहनकर दुपहिया चलाने वाले और कार में सीट बेल्ट लगाने वाले को मौके पर ही गुलाब का फूल भेंट कर सम्मानित किया। एएसपी ट्रैफिक रोहित बघेल के अनुसार लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यातायात के एक जवान को यमराज और एक को चित्रगुप्त बनाया गया था। इन जवानों ने बिना हेलमेट के बाइक व सीट बेल्ट के कार चलाते मिले, उन्हें गुलाब भेंट किया गया। अभियान नेहरू चौक, सत्यम चौक, अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड , कोतवाली चौक एवं गोल बाजार में चलाया गया। 

छत्तीसगढ़ : एम्स के नशा मुक्ति केंद्र में भाई ने मारा चाकू, दुर्गा नगर में युवक की पीट-पीट कर हत्या…

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह अलग-अलग क्षेत्रों में दो बड़ी वारदातें हो गईं। पहली देवेंेद्र नगर क्षेत्र के दुर्गा नगर में हुई, जहां पंडरी कपड़ा दुकान में काम करने वाले एक युवक को कुछ लोगों ने बीच सड़क पर पीट-पीट कर मार डाला। बताया जा रहा है कि इस दौरान दो युवकों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं एम्स अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में दो भाइयों की बीच खूनी संघर्ष हो गया। बड़े भाई ने छोटे पर चाकू से वार कर दिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

लकड़ी के पट्‌टे से पीटने की आशंका, नशे की हालत में सड़क पर पड़ा था युवक

  1. जानकारी के मुताबिक, देेवेंद्र नगर थाना क्षेत्र के दुर्गा नगर में शुक्रवार तड़के करीब 3.30 बजे एक युवक सड़क पर बुरी तरह घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। उसकी स्कूटी भी वहीं पड़ी थी। इस दौरान दो युवक दिनेश यादव और किशन वहां से निकले तो उन्होंने युवक की स्कूटी से ही उसे अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान सुबह युवक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो युवक की पहचान प्रिंस अग्रवाल के नाम से हुई। इस पर पुलिस ने  घटना की जानकारी प्रिंस के मामा को दी।
  2. प्रिंस को जब अस्पताल लाया गया तो वह शराब के नशे में था। उसके पैर और पीठ पर चोट के निशान हैं। ऐसी आशंका है कि बदमाशों ने उस पर लकड़ी के पट्‌टे से हमला किया होगा। परिवार वालों ने पुलिस को बताया है कि प्रिंस बुरी संगत में था। पुलिस शक के आधार पर मृतक प्रिंस के दोस्तों की तलाश कर रही है। वहीं मोहल्लेवासियों का कहना है रात में असामाजिक तत्वों का यह इलाका अड्डा बन जाता है। पुलिस इलाके में पेट्रोलिंग नहीं करती इसलिए उनके हौसले बढ़े रहते हैं। 
  3. आपसी रंजिश के चलते नशे की हालत में भाई ने किया भाई पर हमला जानकारी के मुताबिक, सुखदेव सिंह (65) नशे का आदी है। इस वजह से शुक्रवार सुबह एम्स अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में अपने छोटे भाई दिलबाग (50) के साथ इलाज कराने गया था। इसी दौरान दोनों भाइयों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर झगड़ा हो गया और अचानक से सुखदेव ने दिलबाग पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगते ही दिलबाग वहीं गिर पड़ा। अस्पताल में चाकूबाजी होते देख हड़कंप मच गया। आनन फानन में दिलबाग को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
  4. वहीं सूचना मिलने पर पहुंची आमानाका थाना पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी सुखदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि सुखदेव के बेटे की एक साल पहले नशे के कारण मौत हो गई थी। इसी वजह से सुखदेव मानसिक रूप से तनाव में रहता है और थोड़ा विक्षिप्त सा हो गया है। इसके चलते वह किसी पर भी उग्र हो जाता है। आदी होने के चलते लगातार नशा मुक्ति केंद्र आता रहता है। दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर केंद्र में ही बहस हो गई। इसी दौरान सुखदेव चाकू से हमला कर दिया। 

छत्तीसगढ़ – श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को लिखी पाती : मुख्यमंत्री द्वारा दीपावली पर कुम्हारों, हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित दीये, वस्त्र, सजावटी वस्तुओं की खरीदी की अपील…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों से दीपावली सहित अन्य त्यौहारों के समय में छत्तीसगढ़ के कुम्हारों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों एवं अन्य कारीगरों द्वारा बनाये गए दीयों, वस्त्र, सजावट की वस्तुएं, उपहार एवं अन्य सामग्री की अधिकाधिक खरीदी करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपके इस छोटे से प्रयास से इन छोटे-छोटे कामों में लगे राज्य के लाखों लोगों के जीवन में खुशियां आ सकेंगी। 
    श्री बघेल ने इस संबंध में प्रदेशवासियों के नाम जारी पत्र में कहा है कि आप सभी राज्य के कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों के क्रय के साथ ही अन्य सभी को भी इन वस्तुओं के क्रय के लिए प्रोत्साहित करें, तो अपनी माटी की महक बिखरेगी और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों एवं अन्य कारीगरों के साथ दिवाली की खुशियां बाटने का अवसर मिलेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके इस छोटे से प्रयास से राज्य के लाखों लोगों के जीवन में दीपावली की खुशियां आ सकेंगी। 
    मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार की ओर से भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि हमारे कारीगर अधिक से अधिक वस्तुएं उत्पादित कर सकें। इसी कारण सरकार द्वारा ’पौनी पसारी’ योजना लागू की गई है। श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि माता कौशल्या की भूमि छत्तीसगढ़ में त्यौहारों का समय निकट है। दीपावली, गोवर्धन पूजा, गऊरा-गऊरी तथा भाई दूज जैसे त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक हैं। इन त्यौहारों को राज्य के सभी नागरिकों द्वारा अत्यंत उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपावली के त्यौहार में सभी की यह कामना होती है कि उनके घरों में लक्ष्मी माता तथा सुख समृद्धि का वास हो। अनादि काल से हमारी ’’सर्वे भवन्तु सुखिनः’’ सिद्धांत पर आस्था रही है। अर्थात हमारी संस्कृति में अपने साथ ही सभी के सुखी रहने की प्रार्थना करने की परंपरा है।
    इसी तारतम्य में मुख्यमंत्री ने आगामी त्यौहारों के समय में राज्य के कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों के क्रय के साथ ही अन्य लोगों को भी इन वस्तुओं के क्रय हेतु प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। श्री बघेल ने पत्र में कहा है कि ’’तमसो मा ज्योतिर्गमय की भावना के अनुरूप आइए हम सब छत्तीसगढ़वासी सभी की खुशहाली की कामना के साथ एक दीप छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित करते हुए प्रज्ज्वलित करें’’ और समृद्ध और खुशहाल गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में भागीदारी निभाएं।

ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत करें ‘यह’ काम, नहीं तो खाली हो जाएगा अकाउंट

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आए दिन बैंकिंग फ्रॉड के मामले सामने आते रहते हैं, जिनका शिकार होकर कई लोग अपने खून-पसीने से कमाएं हुए पैसों से हाथ धो बैठते है. बदमाशों द्वारा सीधे-साधे लोगों को अपना टारगेट बनाया जाता है. अपनी झूठी बातों में फंसाकर बदमाशों द्वारा लोगों से उनके बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी ले ली जाती है, फिर उनका बैलेंस खाली कर दिया जाता है. ऑनलाइन फ्रॉड के ऐसे मामलों पर रोकथाम लगाने के लिए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने अपने ग्राहकों को सचेत किया है.

बैंक ने हाल ही में अपनी आधिकारिक वेब साइट पर इस संबंध में लिखा है कि, ग्राहकों को किसी बैंक के नाम पर किसी भी ई-मेल और SMS को लेकर हमेशा सतर्कता बरतना चाहिए. SBI द्वारा अन्य किसी भी वित्तीय संस्थान या क्रेडिट कार्ड कंपनी ई-मेल के जरिए ग्राहकों की जानकारी को कंफर्म नहीं करता हैं. इसलिए ग्राहकों को विश्वसनीय सोर्स से प्राप्त नंबर के जरिए ही अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए.

बैंक की इन बातों को गौर करते हुए, किसी प्रकार भी संदिग्ध और धोखाधड़ी गतिविधियों से हमेशा सावधान रहें, ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे.

ऑनलाइन फ्रॉड का शक या पीड़ित होने पर यह करें

>> अगर आपको लगे कि आपके बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी का गलत यूज किया जा रहा है, तो तुरंत इसकी शिकायत पुलिस में करें. साथ ही बैंक को भी इसकी सूचना दें.

>> कस्टमर बगैर समय गवाएं अपने बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को कॉल कर अकाउंट या कार्ड ब्लॉक करने के लिए कहें.

>> अगर आपके साथ कोई वित्तीय फ्रॉड होता है तो बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को भी इस बारे में जानकारी दें. आप उनसे फ्रॉड अलर्ट सेटअप करने की अपील कर सकते हैं.

>> क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड चोरी हों गया है तो बदमाश कभी भी आपके पैसे हजम कर सकते हैं. इसलिए जल्द से जल्द किसी डिजिटल प्वाइंट से अपना पासवर्ड बदल लें, ताकि निकट भविष्य में गलत बैंक अकाउंट या क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल न किया जा सके.

>> अगर आप फ्रॉड से संबंधित शिकायत करने जा रहे हैं, तो पहले पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट तथा फ्रॉड से संबंधित SMS या E-mail की कॉपी भी साथ ले जाएँ.

>> RBI के नियमानुसार स्कैमिंग या फिशिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड से होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं, तो फ्रॉड के 3 दिन के अंदर बैंक को सूचित कर देना चाहिए. अगर फ्रॉड होने के 7 दिनों के अंदर आप सूचित करते हैं तो भी इस मामले में आपकी देनदारी सीमित रहेगी.

>> RBI के नियमानुसार, यदि आपने बैंक को अपने साथ हुए फ्रॉड की जानकारी समय रहते दे दी तो बैंक को 10 दिन के अंदर आपकी रकम आपको बैंक अकाउंट में डाल देनी चाहिए. साथ ही बैंक को ऐसे मामलों से जुड़े विवादों का निपटारा भी 90 दिनों के अंदर कर देना चाहिए.

कश्मीर में केसर उगाने वालों को अपने अच्छे दिन आते क्यों दिख रहे हैं?

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कश्मीर घाटी में हालात कैसे हैं, शायद इस समय किसी को बताने की भी ज़रूरत नहीं है. ऐसे हालात में बाकी लोगों के साथ-साथ कश्मीर के किसान भी परेशान हैं. इनमें एक बड़ी संख्या सेब उगाने वाले किसानों और व्यापारियों की है जो कश्मीर की अर्थव्यवस्था का एक बहुत बड़ा हिस्सा हैं.

लेकिन कश्मीर सेब के अलावा एक और चीज़ उगाने के लिए भी माना जाता है और वह है केसर, जिसे सैफ्रन या जाफरान भी कहा जाता है. केसर की खेती करने वाले किसानों के लिए परेशानी कोई नयी बात नहीं है. लेकिन इस वक़्त जब पूरा कश्मीर मुश्किल हालात में है, ऐसा लग रहा है कि केसर के किसानों की मुश्किलें आसान हो रही हैं. इन आने वाले अच्छे दिनों के कई कारण हैं. इससे पहले कि ये कारण बताए जाएं, ज़रूरी है केसर की खेती के बारे में कुछ चीज़ें जान ली जाएं.

कश्मीर में केसर की खेती पुलवामा जिले के पंपोर और उसके आस-पास के करीब 226 गावों में होती है. माना जाता है राज्य के लगभग 150000 लोग इस खेती से जुड़े हुए हैं. दुनिया का सबसे महंगा मसाला कहे जाने वाले केसर की फसल अक्टूबर के आखिरी और नवंबर के पहले एक-दो सप्ताह में समेटी जाती है. इसकी अच्छी फसल होने के लिए ज़रूरी है सितंबर और अक्टूबर में बारिश होना, जो पिछले कई सालों से या तो नहीं हो रही थी या फिर इतनी ज़्यादा कि बाढ़ जैसा माहौल बन जाता था. 2014 के सितंबर में जब अभूतपूर्व बारिश के चलते खतरनाक बाढ़ आई थी उस साल केसर की फसल न के बराबर हुई थी.

सिंचाई की इस कठिनाई को दूर करने के लिए सरकार ने नेशनल सैफ्रन मिशन के तहत केसर के खेतों में ‘ड्रिप इरीगेशन’ सुविधा के लिए पाइप बिछाये थे. ‘लेकिन उनमें से कभी पानी नहीं निकला’ पंपोर के मुश्ताक़ अहमद गनाई, जोकि केसर के किसान हैं, सत्याग्रह को बताते हैं.

कृषि विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक ‘इस साल बचे हुए ड्रिप इरीगेशन का काम पूरा किया जाना था लेकिन सब कुछ बंद होने के चलते वह रुक गया है और कुछ पता नहीं है कि कब तक रुका रहेगा.’

ऐसे में केसर के किसानों की परेशानी दूर करने के लिए मानो प्रकृति खुद सामने आई है. सितंबर के आखिरी और अक्टूबर के पहले दो सप्ताह में कश्मीर घाटी में ठीक-ठाक बारिश हुई है, बिलकुल उतनी जितनी केसर की अच्छी फसल होने के लिए चाहिए.

‘हम लोग एक और साल अपनी फसल न के बराबर होने के लिए अपने आपको तैयार कर ही रहे थे कि बारिश हो गई. अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस बार फसल बहुत अच्छी होने वाली है,’ पंपोर के ही एक और किसान, फारूक अहमद भट, सत्याग्रह को बताते हैं कि इतनी बारिश जिससे केसर की ज़मीन में बस नमी रहे, एक लंबे अरसे बाद हुई है.

‘अब आशा यह है कि आगे मौसम ठीक रहे ताकि जब फूल निकलें तो वो बारिश से बर्बाद न हो जाएं’ फारूक सत्याग्रह से बात करते हुए कहते हैं, ‘हम बस दुआ कर सकते हैं, बाकी ऊपर वाले के हाथों में है सब कुछ.’

फारूक और उनके साथ के कई अन्य किसान हमें बताते हैं कि पूरे साल उनकी ज़मीन बंजर पड़ी हुई थी ‘और अब इस समय भी ऊपर वाला साथ न दे तो एक और साल मुश्किलों में कटने वाला है,’

बारिशों की यह खुशी इन किसानों के लिए एक और खुशी के कुछ समय बाद ही आई है. हाल ही में कश्मीर के केसर को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है, जियोग्राफिक इंडिकेशन रजिस्ट्रेशन के रूप में.

इसका मतलब यह है कि अब कश्मीर का केसर जीआई टैग के साथ आएगा. यह टैग चीजों पर यह बताने के लिए लगाया जाता है कि यह दुनिया की किसी विशेष जगह से निकली हुई है और इस वजह से इसमें कुछ गुण ऐसे हैं जो और किसी में नहीं हैं.

कृषि विभाग के प्रॉडक्शन डिविजन के सेक्रेटरी, मंजूर अहमद लोन, सत्याग्रह को बताते हैं कि इस विषय में आखिरी बैठक दिल्ली में 23 सितंबर को हुई थी. ‘भारत सरकार की मंजूरी के बाद यह जीआई टैग दिया गया है.’ वे कहते हैं कि यह उपलब्धि कश्मीर के केसर के लिए एक नया जीवनदान जैसा है. इससे कश्मीर के केसर की अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत भी बढ़ जाएगी और इसकी मार्केटिंग भी आसान हो जाएगी.

किसान भी इस बात से काफी खुश हैं. ‘पहले कश्मीर के केसर के नाम पर लोग बाहर पता नहीं क्या-क्या बेचते थे. अब केसर खरीदने वाला भी संतुष्ट रहेगा क्योंकि उसको कोई ठग नहीं सकता है’ मुश्ताक़ अहमद सत्याग्रह से कहते हैं.

तीसरी अच्छी खबर केसर के किसानों और व्यापारियों के लिए यह है कि नेशनल सैफ्रन मिशन के तहत इन लोगों को कश्मीर में ही अपनी एक मंडी मिलने वाली है. ‘स्पाइस पार्क’ के नाम से बनाई गयी यह मंडी पंपोर से थोड़ी दूर दुस्सू गांव में स्थित है.’ कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह मंडी केसर के किसानों के लिए एक अन्तराष्ट्रीय मार्केट का काम करेगी.

‘इस स्पाइस पार्क में दुनिया भर से व्यापारी आएंगे और यहां का केसर खरीदेंगे’ कृषि विभाग के एक व्यापारी सत्याग्रह को बताते हैं. वे कहते हैं कि सरकार हर साल इस स्पाइस पार्क में ‘ट्रेड फेयर’ आयोजित करके दुनिया भर के व्यापारियों को रिझाने की कोशिश करेगी.’उम्मीद यह है कि यह स्पाइस पार्क इसी साल शुरू कर दिया जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो यह इन किसानों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम होगा.’

किसान भी सरकार के इस कदम को लेकर काफी उत्सुक हैं. वे कहते हैं कि पहले वे मजबूर थे यहां के ही व्यापारियों को अपनी फसल देने के लिए. लेकिन ‘अब हमें दिल्ली या मुंबई जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. लोग यहीं आएंगे और उम्मीद है कि हम लोगों को अच्छे पैसे मिलेंगे अपनी फसल के,’

अब इतनी खुशियों में ज़ाहिर है कि बाधाएं भी ज़रूर होंगी ही. पहली मुश्किल यह है कि इस समय सब कुछ बंद पड़ा हुआ है कश्मीर में और इन किसानों में से ज़्यादातर लोग ऐसे हैं जिनकी ज़मीन उनके घरों से दूर स्थित है.

‘इस समय जुरूरत है हर रोज़ ज़मीन पर जाने की. लेकिन वह ऐसे हालात में कैसे मुमकिन है’ दुस्सू में रहने वाले, बिलाल अहमद, जिनकी ज़मीन उनके घर से सात किलोमिटर की दूरी पर स्थित है, ने सत्याग्रह को बताया.

यह मुश्किल अगर किसी तौर हल हो भी जाती है तो फिर यह कि अभी पिछले साल का केसर भी दुकानदारों के पास ऐसा ही पड़ा हुआ है. इन किसानों की फसल का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय दुकानदार खरीद लेते हैं जो फिर यह केसर पर्यटकों को बेचते हैं. लेकिन इस बार पर्यटक आए ही नहीं बिलकुल और दुकानदारों के पास केसर पहले से ही पड़ा हुआ है.

‘अब उम्मीद स्पाइस पार्क पर लगी हुई है, लेकिन हालात ऐसे ही रहे तो वहां कौन आएगा’ फारूक अहमद सत्याग्रह से कहते हैं.

खैर, आगे जो भी हो, फिलहाल तो इन किसानों के आने वाले दिन अच्छे ही लग रहे हैं.

ये है स्पेशल ‘Eat Cup’, उपयोग के बाद इसे खा भी सकेंगे आप

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हैदराबाद की एक कंपनी ने ऐसा प्रयोग किया है जिससे सरकार की इस मुहिम को बड़ी मदद मिल सकती है। दरअसल कंपनी द्वारा एक खास कप तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल ना सिर्फ पेय पदार्थों को सर्व करने में किया जा सकता है, बल्कि उपयोग के बाद इस कप को खाया भी जा सकता है।

इस कप में ठंडा या गरम किसी भी तरह का पेय पदार्थ सर्व किया जा सकता है। कंपनी द्वारा इस कप को प्राकृतिक अनाज की मदद से तैयार किया गया है। इस खास कप को बनाने वाली कंपनी का दावा है कि यह कप किसी भी तरह के पेय पदार्थ को रखने में सक्षम है और पूरी तरह से खाने योग्य है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारकंपनी ने तैयार किए गए इस कप का नाम ‘Eat Cup’ रखा है। यह कंपनी हैदराबाद स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। कंपनी का कहना है कि इस कप को तैयार करने के पीछे कंपनी का उद्देश्य डिस्पोजल के यूज को कम करना है। जिसकी वजह से पेड़ों की कटाई भी होती है और यह मानव शरीर के लिए भी हानिकारक हो जाता है।

कंपनी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अशोक कुमार के मुताबिक, ‘Eat Cup प्लास्टिक और पेपर कम का विकल्प है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक अनाज की मदद से तैयार किया गया है। यह इकोलोजिकल इफेक्ट और कार्बन उत्सर्जन को भी कम करेगा।’

कंपनी के मुताबिक यह कप सभी तरह के गर्म और ठंडे पेय पदार्थों, सूप, डेजर्ट, दही आदि के लिए इस्तेमाल हो सकता है। यह मिनिट तक नरम नहीं पडे़गा। इसमें किसी भी तरह की आर्टिफिशियल लाइनिंग या कोटिंग उपयोग नहीं की गई है।

कल्याण ज्वेलर्स का दिवाली ऑफर, महाछूट के साथ मिलेंगे गिफ्ट भी

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भारत के सबसे बड़े और सबसे पसंदीदा ज्वेलरी ब्रांड्स में से एक, कल्याण ज्वेलर्स ने दिवाली के अवसर पर आकर्षक मेगा ऑफर्स की घोषणा की है। इन ऑफर्स में दुनिया भर के इनके ग्राहकों के लिए 3 लाख सोने के सिक्कों के रूप में मुफ्त विज्ञापन वस्तुएं शामिल हैं।

इन ऑफर्स के तहत, कल्याण ज्वेलर्स साप्ताहिक रैफल ड्रॉ के जरिए गिवअवेज (मुफ्त विज्ञापन वस्तुओं) का भी वादा करता है और एक भाग्यशाली विजेता को कल्याण ज्वेलर्स की ओर से सोने के 100 सिक्के जीतने का मौका भी मिलेगा।

इस अवधि के दौरान, मेकिंग चार्जेज, जिन्हें वैल्यू एडिशंस या वीए के रूप में भी जाना जाता है, सोने के आभूषणों पर 199 रुपये से शुरू होंगे। यही नहीं, ग्राहक प्रत्येक 8 ग्राम के सोने के आभूषण की खरीद पर 1000 रुपये की छूट का लाभ भी ले सकते हैं और रत्नजड़ित आभूषण की खरीद पर मुफ्त सोने के सिक्के पा सकते हैं।

कल्याण ज्वेलर्स वर्क वियर डिजाइंस से लेकर ब्राइडल डिजाइन तक डायमंड ज्वेलरी की व्यापक एवं अनूठी रेंज उपलब्ध करता है। इस ब्रांड ने इस दिवाली अपने ग्राहकों के लिए “बिग डायमंड सेल” की घोषणा भी की है और कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम में डायमंड ज्वेलरी पर फ्लैट 20 प्रतिशत छूट की पेशकश कर रहा है।

इस अवसर पर, कल्याण ज्वेलर्स के चेयरमैन व मैनेजिंग डाइरेक्टर, श्री टीएमस कल्याणरामन ने कहा, “दिवाली का मतलब है- समृद्धि और नई शुरुआतें। इसलिए, यह नए आभूषण खरीदने के लिए शुभ समय होता है। इस त्योहार के मिजाज को समझते हुए, हमारा उद्देश्य सर्वोत्तम आभूषण के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ ऑफर्स उपलब्ध कराकर बेजोड़ रिटेल अनुभव प्रदान करना है। कल्याण ज्वेलर्स में, हमारा उद्देश्य है कि हम ग्राहकों को उनकी खरीद पर शानदार छूट देते हुए अधिक मूल्य हासिल करने मदद कर सकें, जिससे निश्चित रूप से इस समय खुशी मिलेगी।”

इसके अलावा, ग्राहक सोने के आभूषण पर कल्याण के नए 4- लेवल एश्योरेंस सर्टीफिकेट का लाभ भी उठा सकेंगे। यह कल्याण की एक विशेष पहल है ताकि अपने निष्ठावान ग्राहकों को सर्वोत्तम पेशकश उपलब्ध कराने हेतु ब्रांड की वचनबद्धता को लगातार बनाए रख सके। हालांकि कल्याण ज्वेलर्स से खरीदे गए आभूषणों की शुद्धता कई बार जांची जाती है। और सभी आभूषण बीआईएस हॉलमार्क वाले हैं, फिर भी 4-लेवल एश्योरेंस सर्टीफिकेट आभूषण के एक्सचेंज या रीसेल के दौरान इनवॉयस में दर्ज शुद्धता के मूल्य पर ग्राहकों को भुगतान का वादा करता है। यही नहीं, यही ब्रांड के किसी भी शोरूम में गहनों का नि:शुल्क लाइफटाइम मेंटनेंस सुनिश्चित करता है।

कल्याण ज्वेलर्स झुमके, चूड़ियों और हार सहित समकालीन और पारंपरिक रूपांकनों में जटिल आभूषण डिजाइन की एक विस्तृत श्रेणी प्रदान करता है। कंपनी अपने संरक्षक, मुहूर्त, दुल्हन की आभूषण लाइन प्रदान करती है, जिसमें भारत भर से आई विशेष शाखाएं हैं, जिसमें कल्याण के लोकप्रिय घर के ब्रांड जैसे तेजस्वी- पोल्किज्वेलरी, मुधरा- दस्तकारी एंटीक ज्वेलरीस, निमा- मंदिर ज्वेलरी, ग्लो- डांसिंग डायमंड्स, जिया- सॉलिटेयर शामिल हैं। हीरे के आभूषणों की तरह, अनोखी- अनकट हीरे, अपूर्वा- विशेष अवसरों के लिए हीरे, अंतरा- शादी के हीरे और हीरा- रोज पहनने वाले हीरे।