इस बात को तो हम सब जानते हैं कि हर देश का अपना अलग कानून होता है और वहां पर रहने वालों का उसे मानना ही होता है । आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे है जिनको करने से आपको जेल हो सकती है । आज हम आपको कुछ ऐसा ही बताने जा रहे हैं जिसको जानकर आप भी चौंक जाएंगे । बताया जा रहा है कि, साल 1948 के फैक्ट्रीज एक्ट के मुताबिक, महिला का रात में फैक्ट्रीज में काम करना गैरकानूनी है । लेकिन आजकल की लडकियां तो रात को कॉल सेंटरों में बिना की कानून की परवाह किए काम करती है ।
भारत में ज्यादातर लोगों को पतंग उड़ना पसंद है । खासकर बसंत पंचमी के मौके पर । लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये भी गैरकानूनी है । 1934 के इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट के मुताबिक, जैसे आपको प्लेन उड़ाने के लिए लाइसेंस चाहिए । वैसे ही पतंग उड़ाने के लिए भी लाइसेंस दिया जाता है । इसका मतलब है कि यदि आपको पतंग उडानी है तो आपको भी लाइसेंस की आवश्यकता होगी ।
प्रॉस्टिट्यूशन के लिए हमारे देश में कोई कानून नहीं है । लेकिन उसकी दलाली करना गैरकानूनी माना जाता है । साल 1948 के फैक्ट्री लॉ के मुताबिक, जहां भी वर्कर काम करते हैं उनके लिए फ्लोर पर निश्चित संख्या में थूकने के लिए पीकदान होने का कानून है । खुदकुशी करना भारत में गैनकानूनी है । अगर आप खुदकुशी के प्रयास करते हुए मर गए तो आप कानूनी पचड़े से बच जाएंगे, लेकिन यदि आप बच गए तो आईपीसी की धारा 309 के तहत आप पर कानून तोड़ने का मुकदमा चल सकता है ।
साल 1948 के डेंटिस्ट एक्ट में चैप्टर पांच के मुताबिक, रास्ते में किसी भी झोलाछाप डॉक्टर से दांत नहीं निकलवाएं, हालांकि डेंटिस्ट जिस चीज के पांच हजार लेता है, वहीं काम झोलाछाप डॉक्टर 150 में करता है । लेकिन फिर भी सेफ नहीं है ।
गांधीनगर। क्रीमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर (CCHF) के प्रकोप के चलते गुजरात के कई जिलों में कोहराम मच गया है। यहां इस प्राणघातक बीमारी के 30 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। 2 महिलाओं समेत तीन लोगों की जानें इस वायरस की वजह से चली गई हैं। जिन लोगों में कांगो वायरस के लक्षण मिले हैं, उनमें से ज्यादातर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के मजदूर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह वायरस पालतू पशुओं के जरिए फैलता है। वहीं, इससे पहले ‘चांदीपुरा’ वायरस का प्रकोप भी देखने को मिला था। इस वायरस ने छोटे बच्चों को शिकार बनाया।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात के मोरबी जिले में इस खतरनाक वायरस के 11 संदिग्ध मामले पाए गए हैं। उन लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे सभी 11 लोग प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते हैं। वे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के मजदूर हैं। उन लोगों के रक्त के नमूने लैब भेजे गए हैं। जो रिजल्ट मिलेगा, उसके आधार पर आगे की तैयारी होंगी। वहीं, इस वायरस के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग इलाज के तरीके भी ढूंढ रहा है। विशेष रूप से इस तथ्य पर विचार करते हुए कि उच्च-संक्रामक रोग की मृत्यु दर 40 प्रतिशत है।
भारत में पहली बार गुजरात में ही पनपा ‘कांगो’ वायरस
भारत में गुजरात से पहले कांगो वायरस का हमला कहीं नहीं हुआ था। यह प्राणघातक संक्रमण अफ्रीका, यूरोप एवं अन्य कुछ एशियाई देशों में फैलता था। वर्ष 2001 के दौरान कोसोवो, अल्बानिया, ईरान, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका में इसके काफी केसेज दर्ज किए गए। इस बीमारी की चपेट में आने वाले व्यक्तियों की मौत की आशंका बहुत ज्यादा होती है। एक बार संक्रमित हो जाने पर इसे पूरी तरह से शरीर में फैलने में तीन से नौ दिन लग सकते हैं।
यह हैं इस प्राणघातक बीमारी से जुड़े लक्षण
कांगो वायरस से संक्रमित होने पर बुखार के एहसास के साथ शरीर की माँशपेशियों में दर्द, चक्कर आना और सर में दर्द होता है। आँखों में जलन होती है और रोशनी से डर लगने लगता है। कुछ लोगों को पीठ में दर्द और मितली होती है और गला बैठ जाता है।
राज्य में इसके कितने मरीज, इसकी सही संख्या नहीं पता
स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक (महामारी) दिनकर रावल के अनुसार, राज्य में CCHF के छह पुष्ट मामले हैं और उनमें से तीन की पहले ही मौत हो चुकी है। जबकि शेष राज्य के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में इलाज करा रहे हैं। हालांकि, रावल ने राज्य में सीसीएचएफ के संदिग्ध मामलों की संख्या स्पष्ट नहीं की।
भावनगर में 2 महिलाओं की मौत
मोरबी से संदिग्ध मामलों के अलावा, तीन अन्य मरीजों को भावनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इससे पहले कमलेज गांव की महिला की 22 अगस्त को मौत हो गई थी। भावनगर में दो अन्य मौतों की पुष्टि भी हुई। जिनमें एक अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में और दूसरी सुरेंद्रनगर में सीयू शाह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई।
जहां की 2 महिलाओं की मौत हुई, उसी गांव में खतरा ज्यादा
सुरेंद्रनगर के मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सीके परमार ने कहा, ‘सुरेन्द्रनगर के अस्पताल में मरने वाली महिला और उसी गाँव के रहने वाले लोगों पर भी खतरा है। हमने इस गांव के चार अन्य रिश्तेदारों के नमूने पुणे भेजे हैं, जिन पर कांगो वायरस होने का संदेह है।’
स्वास्थ्य-पशुपालन विभाग का पूरा ध्यान जमडी गांव पर
‘स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग का पूरा ध्यान सुरेंद्रनगर के जमडी गांव पर है। एक डॉक्टर को दिन के दौरान गांव में प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी रोगी को बुखार, उल्टी या अनियंत्रित ब्लीडिंग के लक्षण दिखाई देते हैं और तुरंत उपचार के लिए अहमदाबाद भेज दिया जायेगा।’
15 साल के लड़के में मिले लक्षण
इस बीच, अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक एमएम प्रभाकर ने कहा कि, सीसीएचएफ के दो और संदिग्ध मामलों को संक्रामक रोग वार्ड में भर्ती कराया गया है। एक राजस्थान का 15 साल का लड़का है, जबकि दूसरा मामला बोटाद का है। अधीक्षक ने कहा, हमने नमूने को एनआईवी को भेज दिया है और परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
यहां कोई ताजा मामला नहीं मिला
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के अधिकारी ने कहा कि एसवीपी अस्पताल में कोई भी ताजा संदिग्ध मामला दर्ज नहीं किया गया। साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के सेंपल, जो कांगो वायरस की वजह से मरे शख्स के संपर्क में आए लोगों के थे, वे निगेटिव पाए गए हैं। यानी, वे लोग कांगो वायरस की चपेट में नहीं आए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मृतक और हलवद के दो अन्य रोगियों को छोड़कर, अन्य सभी सेंपल्स का टेस्ट निगेटिव रहा है।
दूध को पूर्ण आहार के रूप में देखा जाता है. दूध सेहत के लिए काफी अच्छा होता है. लेकिन अगर आप सही समय पर दूध नहीं पीते हैं, तो इससे आपको गंभीर समस्या हो सकती है. पोषक आहार के रूप में देखा जाए, तो दूध स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है. छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को दूध पीने की सलाह दी जाती है. आज हम आपको दूध पीने का सही समय बताने जा रहे हैं-
रात
सोने से पहले दूध पीना सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है. अगर आप सोने से पहले दूध पीते हैं, तो इससे आपकी सारी थकान दूर हो जाती है. दूध में एमिनो एसिड होता है, जो ट्रीप्टोफन को बूस्ट करते हैं. इसके साथ ही सोने से पहले दूध पीने से नींद अच्छी आती है.
शाम
अगर आपको आंखों की रोशनी अच्छी करनी हैं, तो शाम के समय जरूर दूध पीएं. शाम के समय दूध पीने से कैल्शियम आसानी से अवशोषित होता है. बच्चों को शाम के समय जरूर दूध देनी चाहिए.
सुबह
स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वालों को सुबह के समय दूध पीने के लिए दिया जाता है. लेकिन ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है. सुबह के समय दूध पीने से पाचन शक्ति में समस्या होने लगती है. सुबह दूध पीने से पेट में भारीपन महसूस होता है, जिसकी वजह से दिनभर समस्या होती है.
अगर आप आपने जीएनएम या नर्सिंग का कोर्स किया है और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने NHM योजना के तहत स्टाफ नर्स और ANM के पदों पर आवेदन मांगे हैं. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 19 सितंबर 2019 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
विभाग का नाम- MP NHM
पद का नाम- Staff Nurse, ANM
पदों की संख्या- 2779
शैक्षिक योग्यता- स्टाफ नर्स के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार ने 12वीं पास के साथ GNP या नर्सिंग में B.Sc की परीक्षा पास की हो.
वहीं ANM के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने बारहवीं की परीक्षा के साथ एएनएम में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स किया हो.
आयु सीमा- उम्मीदवार की आयु 01 अगस्त 2019 को 20 साल के कम और 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयुसीमा में छूट का प्रावधान है.
कैसे करें आवेदन- आवेदन करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक http://mponline.gov.in/Portal/Services/NRHM/ANM/ANM001/FrmApplication.aspx?langid=en-US&id=ANM001&NotificationId=QU5NMDAxRg == पर क्लिक करें.
अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े पशु व्यापारी को गोली मारकर 60 हजार की नकदी लूट ली। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने गंभीर रुप से घायल पशु व्यापारी को जिला अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने सघन कांबिंग अभियान चलवाया मगर बदमाशों का सुराग नहीं लगा। यह मामला चाँदपुर थाना क्षेत्र के बागड़पुर गाँव का है। पुलिस मामले का जांच कर रही है।
वैश्विक स्तर पर मंदी का असर देश की विकास दर पर पड़ा है। देश की अर्थव्यवस्था मंदी होने के कारण पहली तिमाही में विकास दर (GDP) में गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर 5 फीसदी रही है। देश में बिगड़ती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सरकार ने हाल ही में कई कदम उठाए हैं, इसी बीच देश की गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर हो गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मेरा केंद्र सरकार से आग्रह है कि संकट के इस समय में आत्ममुग्धता को छोड़कर विपक्ष के नेताओं के साथ बैठकर चर्चा करें। सभी के अनुभव से अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने की दिशा में काम करें। देश हम सबसे बनता है और देश के लिए हम सबको एक सूत्र में आना होगा।
मेरा केंद्र सरकार से आग्रह है कि संकट के इस समय में आत्ममुग्धता को छोड़कर विपक्ष के नेताओं के साथ बैठकर चर्चा करें। सभी के अनुभव से अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने की दिशा में काम करें।
देश हम सबसे बनता है और देश के लिए हम सबको एक सूत्र में आना होगा।
सीएम भूपेश ने कहा, देश में अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। बैंकों के विलय से हजारों कर्मचारियों की नौकरी छूटेगी। पूरे देश में मंदी की स्थिति है। अब विक्रम उसेंडी को बताना चाहिए कि क्यों जीडीपी गिरी है और क्यों भारतीय करंसी की स्थिति बांग्लादेश से भी कमजोर हो गई है।
वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है। प्रियंका ने ट्वीट में लिखा ‘GDP विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है। न GDP ग्रोथ है न रुपए की मजबूती। रोजगार गायब हैं। अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?’ प्रियंका गांधी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में GDP ग्रोथ धीमी होकर 5 प्रतिशत हो गई है। पिछले क्वार्टर से इसमें 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
GDP विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है।
न GDP ग्रोथ है न रुपए की मजबूती। रोजगार गायब हैं।
अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?
बता दें कि बिगड़ती अर्थव्यवस्था के बीच हाल ही में सरकार ने आरबीआई से 1.76 लाख करोड़ की राशि ली है, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
आर्थिक मंदी की आशंका और बाजार में उथल पुथल के बीच सरकार के लिए इस मुश्किल हालात से उबरना बड़ी चुनौती दिखाई दे रही है। देश के ऑटो सेक्टर के साथ ही बैंकिग और अन्य सेक्टर में भी आर्थिक मंदी का असर अब नजर आने लगा है।
मुंबई के एक होटल ने विशेष रूप से एक थाली डिज़ाइन की है जिसे “साहो थाली” का नाम दिया है और यह प्रभास की नवीनतम रिलीज़ को समर्पित है। इस विशाल थाली में पनीर वेज कोल्हापुरी, भिंडी, दहीवाला, राजस्थानी दाल, बाजरा रोटी, केसरी पुलाव और इलाइची श्रीखंड सहित 30 आइटम शामिल हैं। और, यह मेन्यू अगले एक महीने तक हर दिन बदला जाएगा।
रेस्तरां के संस्थापक आशीष माहेश्वरी का कहना है कि यह उनकी सबसे बड़ी थाली है जिसमें पांच से छह लोग एक साथ भोजन कर सकते हैं।
वही, जब सुपरस्टार प्रभास को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने कहा, “जिस तरह से लोग मुझे और मेरी फिल्मों को सपोर्ट करने के लिए आगे आते हैं, उसके लिए मैं आभारी हूं। साहो के लिए एक संपूर्ण मेन्यू समर्पित करना बेहद शानदार है। इसने मेरा दिल छू लिया है। मुझे उम्मीद है कि मैं अपने प्रशंसकों के लिए अपनी फिल्मों के साथ पर्याप्त न्याय करता रहूंगा ताकि मेरे लिए उनका प्यार और समर्थन यूँही बरकरार रहे।”
प्रभास और श्रद्धा कपूर अभिनीत साल की सबसे बड़ी एक्शन फिल्म “साहो” बीते दिन सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फ़िल्म में दमदार एक्शन और प्रभास एवं श्रद्धा की जोड़ी को दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।
साहो को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी एक्शन फिल्म में से एक माना जा रहा है और यह सभी प्रकार के बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए तैयार है जिसमें जैकी श्रॉफ, नील नितिन मुकेश, मंदिरा बेदी, चंकी पांडे, महेश मांजरेकर, अरुण विजय, मुरली शर्मा जैसे शानदार कलाकारों की टुकड़ी नज़र आएगी।
“साहो” एक एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है, जिसे टी-सीरीज़ द्वारा प्रस्तुत किया गया है तथा यूवी क्रिएशंस द्वारा निर्मित और सुजीत द्वारा निर्देशित किया है।
इलाक्षी और समायरा दो बहने हैं। इलाक्षी छठी कक्षा में तो समायरा तीसरी क्लास में पढ़ती हैं। दोनों बहनों ने हाल ही अपने बाल कटवाए हैं। दोनों बहनों के बाल काफी लंबे थे।
दोनों बहने दिल्ली से सटे गुरुग्राम (पहले गुड़गांव) में रहती हैं। ‘द बेटर इंडिया’ से बातचीत में इलाक्षी कहती हैं, ‘हमने एक ऑनलाइन विडियो देखा था। उसमें एक लड़की को स्कूल जाने से पहले किसी ने विग गिफ्ट किया। विडियो में जो लड़की थी वह कैंसर पेशेंट थी।
कीमोथेरेपी के कारण उसके बाल झड़ गए थे। विग पाकर उसके चेहरे पर अलग सी खुशी थी। मैं वह खुशी और हंसी कभी भूल नहीं सकती।’
डॉक्टर भी यह मानते हैं कि कीमोथेरेपी के कारण बालों का झड़ना रोगी पर मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभाव छोड़ता है।विडियो देखकर इलाक्षी और समायरा दोनों बहने भी भावुक हो गईं। उन्होंने अपनी मां सिंथिया से बात की और कहा कि वह अपने बाल इस नेक काम के लिए दान करना चाहती हैं।
समायरा कहती हैं, ‘मैंने अपने बाल 8 इंच छोटे करवाए। मैं यह जरूर सोच रही थी कि पता नहीं बाल छोटे होने पर मैं कैसी दिखूंगी। मेरी मां ने इसमें मेरी मदद की और मेरा साथ दिया।’ दूसरी ओर, बड़ी बहन इलाक्षी कहती हैं, ‘जब मैं बाट कटवाने के लिए कुर्सी पर बैठी तो मैं डरी हुई थी। मैं अपने दोस्तों के बारे में सोच रही थी कि वह क्या कहेंगे। लेकिन मुझे यह भी पता था कि मैं किसी को खुशी देने जा रही हूं।’
बाल कटवाने के बाद दोनों बहनों ने अपने-आने सुरक्षित तरीके से मुंबई भेज दिए। दोनों कहती हैं, ‘जो भी हमारे बालों से विग को पहनेगा, हम बाद में उसे चिट्ठी लिखेंगे।’ निश्चय ही इलाक्षी और समायरा का यह कदम सराहनीय है। एक विडियो देखकर उनमें जो प्रेरणा जगी, वह किसी अन्य के चेहरे पर खुशी बिखेरेगी।
छत्तीसगढ़ी समाज में खेती करने वाले पोरा पर्व पर अपने जोड़े बैलों की पूजा करते हैं और भगवान शिव की सवारी नंदी से उन्हें स्वस्थ रखने की कामना करते हैं ताकि खेती में विघ्न न हो।
छत्तीसगढ़ी महिलाओं ने शुक्रवार को सामूहिक रूप से पारंपरिक पर्व पोरा मनाया। इस दौरान सभी ने एक साथ मिलकर भगवान शिव, माता पार्वती और उनकी सवारी नंदी बैल की पूजा व सामूहिक आरती की। वहीं, सभी सुहागिनों के बीच सुहाग की निशानी के तौर पर आलता, सिंदूर, बिंदी व मेहंदी का भी वितरण किया गया।
छत्तीसगढ़ी समाज में खेती करने वाले पोरा पर्व पर अपने जोड़े बैलों की पूजा करते हैं और भगवान शिव की सवारी नंदी से उन्हें स्वस्थ रखने की कामना करते हैं ताकि खेती कार्य में कोई विघ्न न आए। सीपी कबीर क्लब टुइलाडुंगरी महिला समिति की महिलाओं ने भी शुक्रवार शाम क्लब प्रांगण में मिट्टी व लकड़ी से बने बैलों की पूजा की। भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर होने वाली इस पूजा में प्रसाद के रूप में नंदी को मीठा चिल्ला, गुलगुला, नारियल व मिठाई चढ़ाई गई और फिर इसे ही प्रसाद के रूप में उपस्थित सभी के बीच वितरित किया गया। इसी प्रसाद को लेकर पिता या भाई अपनी विवाहित बहनों को लेने ससुराल जाते हैं ताकि वे पति की दीर्घायु के लिए मायके में निर्जला रहकर पूजा कर सके।
बुजुर्गो को भेंट स्वरूप तौलिया वितरित किया
इस मौके पर महिलाओं ने समाज के बुर्जुगों को भी भेंट स्वरूप तौलिया वितरित किया। वहीं, महिलाओं के लिए खेल प्रतियोगिता सहित तीज व पोरा के विषय पर जानकारियां साझा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला समिति की अध्यक्ष देवकी साहू, सरिता साहू, मंजू साहू, हेमा साहू, नीतू साहू, नूतन साहू, जमुना देवी, मैना देवी, बेबी साहू, पुष्पा साहू, हर्षा, सोनी, मीनाक्षी, फूलवासन, जगुवती, प्रेमवती, रामबाई व अनीता साहू उपस्थित थे। वहीं, पुरुष समिति से मनमोहन लाल, जितेंद्र कुमार व ईश्वर प्रसाद सहित अन्य उपस्थित थे। सीपी क्लब में भी हुई सामूहिक पूजा
छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति, महिला मंडल द्वारा भी पोरा के अवसर पर सामूहिक पूजा हुई। क्लब परिसर में आयोजित पूजा में सभी ने मिलकर शिव परिवार व भगवान नंदी की पूजा कर उनसे आर्शीवाद लिया। इस मौके पर मुख्य रूप से महिला समिति की अध्यक्ष लक्ष्मी साहू, महासचिव जया साहू, कोषाध्यक्ष उमा साहू, गीतांजलि साहू, कांता सिंह, कंचन सिंह, अनीता साहू, सुनीता साहू, माधुरी साहू, अंजू, शिवांशी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थी।
कश्मीर घाटी में आर्टिकल 370 हटाने के बाद शोपियां, पुलवामा और अवंतीपोरा में संचार पर जारी बैन से हड़ताल जैसे हालात हो गए हैं। आवागमन पर लगा प्रतिबंध हटने से लोग तो आ-जा रहे हैं लेकिन व्यापार ठीक से नहीं हो रहा। पुलवामा के व्यापारी खुर्शीद अहमद का कहना है कि कोई नहीं चाहता कि पाकिस्तान उनके मामले में दखल दे लेकिन सरकार चाहती है कि दुकानें खुलें तो प्रतिबंध हटाने होंगे। कम से कम लैंडलाइन सेवा शुरू करनी होगी। हालांकि, इंटरनेट और मोबाइल बैन के बावजूद आशंकाओं और अफवाहों से तनाव का माहौल है। शोपियां के व्यापारी सईद शाहनवाज दावा करते हैं कि सुरक्षाबलों ने उनके गांव पिंजोरा में सात लड़कों को पीटा और उनके हाथ तोड़ दिए लेकिन जब उनसे घटना की विस्तृत जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कुछ पता होने से इनकार कर दिया। ऐसे वाकये आम हैं। प्रतिबंधों के कारण लोगों को मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शोपियां में दवाओं के थोक व्यापारी ताहिर अहमद बताते हैं कि मरीजों को पैरासिटामॉल जैसी बेसिक दवाएं भी नहीं मिल रही हैं। हालांकि, जिला प्रशासन इस दावे से इनकार कर रहा है। शोपियां के जिला अस्पताल में भीड़ है। वहां एटीएम के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं।
कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से कुछ लोग घायल भी हो गए हैं। शेर-एकश् मीर इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में 17 साल के असरार का इलाज चल रहा है। पैलेट गन से उनकी आंख चोटिल हो गई है।
दिन में दवा, फलों और दैनिक जरूरतों के सामान की दुकानें खुलती हैं। ट्रैफिक सामान्य से कम है लेकिन सड़कें खुली हैं। कुछ जगहों पर सुरक्षाबल तैनात हैं। सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपॉर्ट नहीं है। पुलवामा में प्राइमरी और मिडिल स्कूल खुले हैं लेकिन पैरंट्स बच्चों को स्कूल भेज नहीं रहे क्योंकि संचार माध्यम बंद हैं। काम पर नहीं जा रहे लोग बाजार में मिलते हैं और आपस में चर्चा कर जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाते हैं। लोग एक-दूसरे की मदद भी करते रहते हैं।
आतंकियों ने लोगों को डराने के लिए साउथ कश्मीर में कई जगह पोस्टर लगाए हैं। इनमें दुकान खोलने, गाड़ी चलाने या स्कूल जाने पर गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी गई है। सेना को साउथ कश्मीर के कई इलाकों में हिज्बुल के लगाए पोस्टर मिले हैं। इनमें लिखा है कि दुकान खोलने का समय सुबह 6 से 9 और शाम को भी 6 से 9 बजे तक है। बाकी वक्त दुकानें बंद रहेंगी। कोई भी गाड़ी नहीं चलनी चाहिए, कुछ प्राइवेट व्हीकल अभी भी चल रहे हैं जिनका नंबर हमारे पास है, ये आखिरी वॉर्निंग है। अगर फिर दिखे तो जला देंगे। पोस्टर में लिखा है कि मुखबिरों के लिए भी आखिरी वॉर्निंग है। अगर किसी को पुलिस बुलाए तो न जाएं। हिदायत दी गई है कि किसी भी गांव में कोई स्कूल नहीं खुलना चाहिए, लड़कियां सड़क पर ना दिखें। हम आजादी के बहुत करीब हैं और आप हमारा साथ दें। जिसने इन बातों को नहीं माना तो उसका जिम्मेदार खुद होगा।
सेना प्रमुख बिपिन रावत जम्मू- कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद शुक्रवार को पहली बार श्रीनगर पहुंचे। उन्होंने कश्मीर घाटी में भी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है या नहीं, यह भी समीक्षा बैठक की। राज्य प्रशासन ने शुक्रवार को कश्मीर घाटी समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में फिर से धारा 144 लागू कर दी है। अनुच्छेद 370 खत्म होने के 26वें दिन फिर से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। जुमे की विशेष नमाज को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने फिर से पाबंदियां लगाई हैं। सेना प्रमुख ने कई इलाकों का दौरा भी किया।