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ओवैसी ने की मुसलमानों से कांग्रेस का समर्थन न करने की अपील…

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान के मुसलमानों से कांग्रेस सरकार का समर्थन न करने की अपील की है। ओवैसी ने कहा, ‘यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र है। जब पहलू खान पर हमला हुआ था उस समय कांग्रेस ने इसकी निंदा की थी। यह अशोक गहलोत सरकार द्वारा किया गया निंदनीय कार्य है। मैं राजस्थान के मुस्लिमों से अनुरोध करता हूं कि वह कांग्रेस का समर्थन करना बंद करे जिसने हमेशा आपको धोखा दिया है।’

उन्होंने कहा, ‘आप कांग्रेस का समर्थन बंद करें। जब भी वह (कांग्रेस) सत्ता में आते हैं वह भाजपा की सटीक प्रतिकृति बन जाते हैं। जब वह विपक्ष में रहते हैं तो मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं। लेकिन जैसे ही सत्ता में आते हैं तो वह भाजपा के अधूरे कार्य को पूरा करते हैं।’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी दूसरी पारी में आज करेंगे पहली बार ‘मन की बात’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 11 बजे ‘मन की बात’ करेंगे। यह कार्यक्रम करीब 4 महीने बाद होगा। दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की यह पहली ‘मन की बात’ कार्यक्रम होगा। 24 फरवरी को मन की बात में उन्होंने मार्च और अप्रेल के लिए कार्यक्रम रोकने की घोषणा कर दी थी।

आपको बताते जाए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान के ओसाका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के बाद शनिवार देर शाम स्वदेश लौटे हैं। इस सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी की कई देशों के नई नेताओं के साथ मुलाकात हुई थी। प्रधानमंत्री ने ओसाका में ब्राजील, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ बैठकें कीं। इस बैठकों में प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार और आतंकवाद मिटाने पर दिया जोर।

बिहार में एईएस के लिए ‘बदनाम’ हुई लीची!

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देश-दुनिया में चर्चित बिहार के मुजफ्फरपुर की रसभरी लीची इस साल अफवाहों की भेंट चढ़ गई। राज्य के उत्तरी हिस्से में एक्यूट इंसेफलाइटिस बीमारी (एईएस) के लिए लीची को जिम्मेदार बताए जाने के बाद इस साल जहां मीठी लीची ‘कड़वाहट’ का शिकार हुई, वहीं लीची किसान और व्यापारियों को भी लीची के कारोबार में नुकसान उठाना पड़ा है।

बिहार के मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के जिलों में एईएस या चमकी बुखार से अबतक 160 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। एईएस के लिए कई लोग लीची को जिम्मेदार बता रहे हैं। हालांकि मुजफ्फरपुर के चिकित्सक और राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र इसे सही नहीं मानता है।

मुजफ्फरपुर स्थित राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक विशाल नाथ कहते हैं कि लीची पूरे देश और दुनिया में सैकड़ों सालों से खाई जा रही है। लेकिन यह बीमारी कुछ सालों से मुजफ्फरपुर में बच्चों में हो रही है। इस बीमारी को लीची से जोड़ना झूठा और भ्रामक है। ऐसा कोई तथ्य, कोई शोध सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हुआ हो कि लीची इस बीमारी के लिए जिम्मेदार है।

लेकिन इस भ्रामक खबर ने लीची व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। लीची के बड़े व्यवसायी और ‘लीचीका इंटरनेशनल प्राइवेट कंपनी’ के मालिक क़े पी़ ठाकुर ने आईएएनएस को बताया कि इस साल एईएस के डर ने थोक विक्रेताओं को अपनी मांग में कटौती के लिए मजबूर किया है। उन्होंने हालांकि कहा कि एईएस का प्रभाव सीजन के अंत में हुआ, जिस कारण नुकसान थोड़ा कम हुआ।

बिहार लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह इस अफवाह को लीची व्यापारियों के लिए बड़ा घाटा बताते हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले साल भारत सरकार के बौद्घिक संपदा विभाग द्वारा शाही लीची को बिहार का पेटेंट माना गया है। इस साल कुछ नेताओं और पत्रकारों ने एईएस के नाम पर लीची को बदनाम किया है।’

उन्होंने कहा, ‘बिहार में 32 हजार हेक्टेयर जमीन पर लीची के पेड़ लगे हैं। इस व्यवसाय से करीब एक लाख लोग जुड़े हुए हैं। यहां से 200 करोड़ रुपये का व्यापार होता था, परंतु अफवाह की वजह से लीची कारोबार से जुड़े लोगों को करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।’

लीची के कुछ व्यापारी तो इसे एक साजिश तक बता रहे हैं। लीची के बड़े उत्पादक और बिहार सरकार द्वारा ‘किसान भूषण’ सम्मान से सम्मानित एस़ क़े दूबे ने कहा कि देश के दक्षिणी हिस्से में इस मौसम में आम का उत्पादन होता है, जिसका स्वाद बिहार की लीची के मुकाबले खराब है।

उन्होंने दावा किया, ‘हाल के कुछ वर्षो में दक्षिण भारत में बिहार की शाही लीची की मांग बढ़ी है। यही कारण है कि आम उत्पादकों ने लीची को बदनाम करने की ऐसी साजिश रची है।’

लीची पर पैदा हुए विवाद के कारण झारखंड में भी लीची की मांग तेजी से घटी है। फल विक्रेताओं का कहना है कि इस मौसम में लीची की आमद बहुत ज्यादा होती है। लेकिन चमकी बुखार की वजह लीची को बताने के कारण कारोबार आधे से भी कम हो गया है। पहले लीची जहां आराम से 100 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, वहीं अब 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, फिर भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं।

रांची के हिंदपीढ़ी के फल आढ़ती मोहम्मद मुस्तफा कहते हैं, ‘चमकी बुखार की वजह से कारोबार पर बहुत फर्क पड़ा है। एक महीने पहले तक जहां लीची की बिक्री तेजी पर थी। वहीं अब इसकी मांग 60 से 70 प्रतिशत तक घट गई है। अब तो पिछले एक सप्ताह से लीची मंगवा भी नहीं रहे हैं।’

उल्लेखनीय है कि उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपाराण जिले में गर्मी के मौसम में लीची की पैदावार होती है। एक अनुमान के मुताबिक, देश की 52 प्रतिशत लीची का उत्पदान बिहार में होता है।

एक लीची बगान के मालिक अपने बगान की तरफ दिखाते हुए कहते हैं, ‘ये लीची सब पेड़ पर ही सड़ गई है। चमकी बुखार की अफवाह की वजह से लीची बिकी ही नहीं। जो एक बक्सा लीची 800-1000 रुपये में बिकती थी, वह 100-200 रुपये में बिकने लगी। इस वजह से व्यापारियों ने लीची पेड़ पर ही छोड़ दिए।’

मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) के अधीक्षक डॉ़ एस. क़े शाही भी कहते हैं कि एईएस के लिए लीची को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन उन्होंने कहा, ‘कुपोषित बच्चों के शरीर में रीसर्व ग्लाइकोजिन की मात्रा भी बहुत कम होती है, इसलिए लीची खाने से उसके बीज में मौजूद मिथाइल प्रोपाइड ग्लाइसीन नामक न्यूरो टॉक्सिनस जब बच्चों के भीतर एक्टिव होते हैं, तब उनके शरीर में ग्लूकोज की कमी हो जाती है।’

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि एक व्यक्ति जब 165 लीची खाएगा, तब ग्लूकोज की कमी शरीर को नुकसान करने वाली स्थिति में पहुंचेगी और कोई भी बच्चा 165 लीची नहीं खा सकता।

बहरहाल, एईएस के मामले में लीची की मुफ्त में हुई बदनामी से लीची के कारोबार पर असर दिख रहा है, जिससे लीची व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा, और साथ ही लीची के भविष्य पर भी एक प्रश्नचिन्ह लग गया है।

अमेरिका-तालिबान के बीच 7वें दौर की शांति वार्ता शुरू, समझौते के आसार

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अमेरिका और तालिबान ने शनिवार को एक बार फिर से शांति वार्ता शुरू की। तालिबान के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। अमेरिका चाहता है कि अफगानिस्तान में इस साल सितंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह शांति समझौता हो जाए। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट किया, ”अमेरिका के प्रतिनिधियों और इस्लामिक अमीरात के वार्ता दल के बीच सातवें दौर की बातचीत दोहा में शुरू।”

वार्ता शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद मुजाहिद ने पुरुषों के एक समूह की वीडियो पोस्ट की, जिसमें हथियारों से लैस कुछ नकाबकोश पहाड़ों के बीच बैठे नजर आ रहे हैं। यह समझौता होने पर अमेरिका करीब 17 साल बाद अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुला सकता है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मंगलवार को अपने काबुल दौरे की घोषणा करते हुए कहा था कि वह ”एक सितम्बर से पहले” शांति समझौता होने की उम्मीद करते हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधियों और तालिबान के बीच शुरू यह वार्ता चार अहम मुद्दों पर केंद्रित है-आतंकवाद, विदेशी सैनिकों की अफगानिस्तान में मौजूदगी, अफगान वार्ता और हमेशा के लिए युद्धविराम।अमेरिकी अधिकारी पहले ही उम्मीद जता चुके हैं कि अफगानिस्तान में भावी राष्ट्रपति चुनाव से पूर्व शांति वार्ता पूरी कर ली जाएगी।राष्ट्रपति चुनाव में दो बार से विलंब हो रहा है और इस बार सितंबर में होने की संभावना है।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो मंगलवार को अचानक काबुल पहुंचे और शांति वार्ता पर उम्मीद जताते हुए कहा कि इस डील को 1 सितंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा। बीते छह चरण की अमेरिका-तालिबान वार्ता संयुक्त अरब अमीरात और कतर में आयोजित की गई हैं। इस महीने की शुरुआत में अफगान सरकार ने लगभग 900 तालिबानी कैदियों को रिहा करने की घोषणा कीय़ अब तक के आंकड़े बताते हैं कि करीब 400 कैदियों को रिहा किया जा चुका है।

‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगाने पर मुस्लिम युवक को पीटा

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कानपुर में कथित तौर पर ‘जय श्रीराम’ का नारा न लगाने पर एक बार फिर से मुस्लिम युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। बर्रा के रहने वाले ताज मोहम्मद (16) शुक्रवार को किदवई नगर स्थित मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहा था तभी तीन चार अज्ञात बाइक सवार लोगो ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट की।

आरोप है कि कुछ लोगों ने मुस्लिम शख्स का रास्ता रोक लिया और जबरन ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने को कहा। जब उसने ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगाया तो आरोपियों ने उसे बीच सड़क पर पटक-पटक कर पीटा।

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, किशोर का आरोप है कि टोपी पहन रखी थी और लोग उससे जय श्री राम का नारा लगाने को कह रहे थे। बर्रा के रहने वाल ताज शुक्रवार को किदवई नगर स्थित मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहा था तभी तीन चार अज्ञात बाइक सवार लोगो ने उसे रोक लिया और उसके टोपी पहने होने पर विरोध किया।

ताज ने आरोप लगाया कि उसे मारने वालों ने धमकी दी है कि इस इलाके में सिर पर टोपी पहनकर न आना। उसने आरोप लगाया कि उन्होंने टोपी उतार दी और उससे ‘जय श्री राम’ कहने को कहा। ताज ने बताया कि मार-पीट पर वह जब चिल्लाया तो राहगीरों ने उसे बचाया।

अखबार के मुताबिक, बाबूपुरवा सीओ मनोज गुप्ता ने कहा कि ताज मोहम्मद मदरसे से घर जा रहे थे। तभी चार युवकों ने इन्हे रोक लिया और मारपीट करने लगे। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है और स्थानीय लोगों से बात करके जो नाम प्रकाश में आएंगे उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबर : बीजेपी का ‘बैटबाज़’ विधायक इंदौर जेल से रिहा, निगम अधिकारी की दौड़ा-दौड़ाकर बल्ले से की थी पिटाई

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इंदौर जेल रे रिहा होने के बाद बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा, “ऐसे हालात में जब महिला को घसीटा जा रहा हो। मैंने वही किया जो मैं कर सकता था। मैंने जो कुछ किया उसपर मुंझे कोई शर्मिंदगी नहीं है, लेकिन मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि वह दोबारा मुझे बल्लेबाजी करने का मौका न दे।”

नुसरत जहांन पर फ़तवा: उलेमा और साध्वी प्राची में जुबानी ज़ंग जारी!

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पश्चिम बंगाल के बशीरहाट से तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। विवाद का कारण कोई राजनीतिक या नीति का विरोध नहीं बल्कि उनके द्वारा मंगलसूत्र पहनने और सिन्दूर लगाने को लेकर है।

हरिभूमी पर छपी खबर के अनुसार, सहारनपुर के इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद ने इसको लेकर विरोध किया। और फतवा जारी किया। जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। देवबंद द्वारा जारी किए गए फतवे का फिलहाल नुसरत जहां पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है पर राजनीति में इसका गहरा असर पड़ा।

भाजपा नेता साध्वी प्राची फतवे पर बिफर पड़ी। उन्होंने दारुल उलूम देवबंद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुस्लिम लड़की हिन्दू से शादी करके मंगलसूत्र पहने तो वह हराम है लेकिन लव जिहाद के नाम पर हिन्दू लड़की बुर्का पहने तो जायज। ये कौन सा न्याय है।

साध्वी प्राची की बातों के जवाब में देवबंद के मौलवी ने उन्हें बेलगाम कह दिया। साथ ही मौलवी ने कहा कि साध्वी प्राची चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे बयान देती हैं। उनकी सोच पर तरस आता है। वह हमेशा आग समाज में आग लगाने का काम करती हैं। उन्हें न हिन्दू धर्म की जानकारी है और न ही इस्लाम की जानकारी है। मौलवी ने कहा इस्लाम तो अमन शान्ति का पैगाम देता है।

अमरनाथ के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना

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 हिमालय स्थित हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए जाने वाले अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रविवार को जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो गया। यह 45 दिवसीय अमरनाथ यात्रा सोमवार को औपचारिक रूप से शुरू होगी और 15 अगस्त को श्रावन पूर्णिमा पर्व के दिन इसका समापन होगा।

यहां पुलिस सूत्रों ने कहा, “तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे में 1,051 लोग उत्तरी कश्मीर के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए हैं और 1,183 लोग पहलगाम आधार शिविर के लिए रवाना हुए हैं। श्रद्धालुओं में 1,839 पुरुष, 333 महिलाएं, 45 साधु और 17 बच्चे हैं।”

उन्होंने कहा, “तीर्थयात्री सुरक्षा दस्ते के साथ काफिलों में रवाना हुए। आज (रविवार को) जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर दोपहर तीन बजे तक विपरीत दिशा से यातायात बंद रहेगा जिससे तीर्थयात्री बिना किसी देरी के जवाहर सुरंग पार कर लें।”

इस साल शांतिपूर्ण और सतत अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए असाधारण सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पिछले सप्ताह अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी।

श्रद्धालुओं के अनुसार, समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ की विशाल संरचना बनती है जो भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है।

अब गूगल मैप्स अपने ग्राहकों को बस या ट्रेन में भीड़ की जानकारी देगा, जानिए कंपनी ने कौन सा नया फीचर लॉन्च किया

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गूगल मैप्स अपने ग्राहकों के लिए हमेशा कुछ न कुछ नया लाता रहता है. अब गूगल मैप्स नया फीचर लेकर आया है। यह नया फीचर उन ग्राहकों के लिए काफी काम वाला साबित होता जिन्हे पब्लिक टट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना पड़ता है । इन यूजर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस फीचर को रोल आउट किया है । यह अपने ग्राहकों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की पूरी जानकारी देगा। इसकी मदद से यूजर जान सकेंगे कि बस या ट्रेन टाइम पर है या लेट । यह पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भीड़ का भी अनुमान लगाने में सक्षम है ।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भीड़ की जानकारी देगा

मिली जानकारी के अनुसार गूगल मैप्स पब्लिक ट्रांसपोर्ट में देरी की संभावना को काफी हद तक सही आकलन कर सकता है। यह नया फीचर एंड्रॉयड और आईओएस यूजर को बताएगा कि पुब्लिक ट्रांसपोर्ट में कितनी भीड़ होने वाली है । इस महीने गूगल मैप्स ने अपने यूजर्स के लिए नया फीचर रोलऑउट किया है । जून की शुरुआत में ही गूगल मैप्स ने बस की रियल टाइम इनफार्मेशन और लाइव ट्रेन स्टेटस बताने की शुरुआत की थी । नए अपडेट के साथ गूगल मैप्स अब ऑटो रिक्शा के बारे में भी जानकारी देने लगा है ।

लाइव ट्रैफिक डीले को इंट्रोडूस किया है इस संबंध में गूगल के रिसर्चर साइंटिस्ट एलेक्स फेब्रीकैंट ने कहा, ” गूगल मैप्स ने बसों के लिए लाइव ट्रैफिक डीले को इंट्रोडूस किया है। यह फीचर इस्तांबुल, जागरेब, मनीला और एटलांटा जैसे दुनिया के खास शहरों में उपलब्ध हो गया है । इससे दुनिया भर के 6 करोड़ यूजर्स को फायदा हो रहा है । इसे सबसे पहले भारत में लॉन्च किया गया । एलेक्स ने बताया, कम दुरी की यात्रा के लिए भी यह फीचर कार स्पीड की प्रिडिक्शन को बस के लिए अलग-अलग रूट के हिसाब से बदल देता है । नए फीचर के बारे में बात करते हुए गूगल मैप्स के प्रोडक्ट मैनेजर ने बताया, ” दुनिया भर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भीड़ को समझने के लिए अक्टूबर 2018 से जून 2019 तक सुबह 6 से 10 बजे तक के डेटा को समझा। इससे मिली रिपोर्ट से हमें यह तय करने में काफी मदद मिली कि कौन सी रूट में सबसे ज्यादा भीड़ होती है ।

किशमिश को करें रोजाना मिस, ये गंभीर समस्याएं हो जाएंगी टाय-टाय फिस्स

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सेहत के लिए किशमिश बहुत ही फायदेमंद होता है. किशमिश में मौजूद पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर सेहत के लिए फायेदमंद होता है.

ज्यादातर लोग किशमिश का इस्तेमाल सिर्फ स्वीट डिश बनाने के लिए करते हैं, लेकिन आपको बता दें कि किशमिश का अगर आप रोजाना सेवन करते हैं, तो इससे कई तरह की समस्याओं से दर रहा जा सकता है.

अगर आप रोजाना भीगे हुए किशमिश पानी में भिगोकर खाते हैं, तो आपकी सेहत चुस्त-दुरुस्त रहेगी. चलिए जानते हैं किशमिश खाने के और भी फायदे-

कैंसर

कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव करना चाहते हैं, तो आप रोजाना सूखा किशमिश खाएं. सूखा किशमिश रोजाना खाने से कैंसर सेल डेवलेप नहीं होता है. दरअसल, किशमिश में केचिन्स भारी मात्रा में पाई जाती है, जो रक्त में पाया जाने वाला पोलीफेनोलिक एंटीआक्सीडेंट है.

लीवर की समस्या

लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए किशमिश का पानी अमृत के समान है. लिवर के रोगियों के लिए किशमिश का पानी काफी फायदेमंद होता है. किशमिश हमारे शरीर के विषाक्त पदार्थों को दूर करने में सहायक होता है. ये हमारे शरीर के लीवर को प्रभावित होने से बचाता है.

पेट साफ

अगर आपको पेट से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है, तो रोजाना किशमिश का सेवन करें, इससे आपकी डाइजेशन की समस्या दूर होगी है. किशमिश में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है. अगर आप रोजाना एक गिलास पानी में 10 से 12 किशमिश भिगो कर पीते हैं, तो आपका पेट साफ रहता है.

इम्युनिटी पावर को करता है बेहतर

किशमिश खाने से इम्युनिटी पावर अच्छा होता है. रोजाना भिगौए हुए किशमिश खाने से हमारे शरीर को पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में मिलता है. इसके अलावा किशमिश बैक्टीरियर और संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है.