Home Blog Page 3

33 प्रतिशत आरक्षण बिल को जल्द लागू करने में पीएम का सहयोग करें…

0

भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से महिला आरक्षण बिल को जल्द लागू कराने में प्रधानमंत्री मोदी का सहयोग करने की अपील की।

स्मृति ईरानी ने कहा, “कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम में कहा कि वे महिलाओं का समर्थन करते हैं।

आज मैं कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष से निवेदन करती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव लाकर कानून पास कराया है, ताकि देश की विधायिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व और सम्मान बढ़े। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि देशभर में महिला आरक्षण को तेजी से लागू करने में सहयोग करें।”

स्मृति ईरानी ने कहा, “इसलिए जब कांग्रेस के एक बड़े नेता ने महिलाओं और महिला नेतृत्व के समर्थन की बात की है, तो मैं उनसे विनम्र निवेदन करूंगी कि वे प्रधानमंत्री के इस मिशन का समर्थन करें ताकि संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला बिल तेजी से लागू हो सके।”

स्मृति ईरानी ने कहा, “इसलिए जब उन्होंने धर्म का जिक्र किया, तो मैं उस बड़े नेता से एक और अनुरोध करती हूं कि ‘वंदे मातरम’ में भी जो छंद कांग्रेस मुख्यालय में रोके गए थे, उनमें मां दुर्गा का उल्लेख है, जिनकी हम शक्ति के केंद्र के रूप में पूजा करते हैं। कांग्रेस मुख्यालय में उस मां दुर्गा का जयघोष, ‘वंदे मातरम’ का पूरा पाठ और पूरा गायन होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “देखिए, कोई भी राजनीतिक पार्टी देश की संसद से बड़ी नहीं हो सकती। किसी राजनीतिक पार्टी का बयान देश की संसद से बड़ा नहीं है। देश की संसद देश की गरिमा, देश के संविधान और इस देश के लोगों की आवाज की संरक्षक है। क्या अब हम अपने देश में यह मानसिकता स्थापित करना चाहते हैं कि किसी राजनीतिक पार्टी का फरमान देश के कानूनों, संसद की गरिमा और देश के संविधान से बड़ा है?”

बता दें कि राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पितृसत्तात्मक सोच पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को दूसरों पर निर्भर बनाकर रखना ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ का हिस्सा है और महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए।

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा शहर से की थी। इसका मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बेरोजगारी जैसे युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।

कोटा के बाद इसके अन्य कार्यक्रम 17 जुलाई को देहरादून, 8 अगस्त को प्रयागराज और 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की…

0

पवित्र श्रावण मास की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय**
भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है कांवड़ यात्रा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय**
हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए हुए रवाना**
मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों को दी शुभकामनाएं, कहा – हमारी धार्मिक परंपराएं पीढि़यों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैं**

पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर आज भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुढि़यारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं।

कठिन यात्रा के बीच शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को प्रकट करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढि़यारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा

कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जितनी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति से है, उतनी ही इसकी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है।

प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। यहां के पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखती हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की यही भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेषता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इससे हमारी आस्था के केंद्रों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 32 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन…

0

नए बस स्टैंड के लिए 6.50 करोड़ और नगर पालिका कार्यालय के लिए 3.50 करोड़ की घोषणा**

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज महासमुंद में 31 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। वे शहर के लोहिया चौक में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में महासमुंद के नए बस स्टैंड को सुविधायुक्त और आधुनिक बस स्टैंड के रूप में विकसित करने 6 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए की भी घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश की दशा और दिशा बदलने का कार्य किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी शहर स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनें। उन्होंने कहा कि राज्य के छह जिलों को स्वच्छता के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 38 नालंदा परिसर स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि घर बैठे मिल रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 12 हजार 666 करोड़ रुपए के पुल-पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महासमुंद जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों के लिए 468 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर सड़कों और अधोसंरचना के विकास को गति दी जा रही है। महासमुंद के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में महासमुंद को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सभी मिलकर संकल्प लें कि ये शहर हमारा है, यहां का मान-सम्मान मेरा सम्मान है और यहां का गौरव मेरा गौरव है।

विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में महासमुंद के विकास को लगातार प्राथमिकता मिल रही है। महासमुंद लगातार विकास की ओर अग्रसर है और सभी के सहयोग से जिले को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महासमुंद का गौरव पथ और तुमगांव रोड निर्माणाधीन है। नहर लिंकिंग रोड स्वीकृत हो चुका है तथा सड़कों के कार्यों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं। सीकासेर का पानी कोडार तक पहुंच रहा है। सिरपुर बैराज भी स्वीकृत हो चुका है। विधायक श्री सिन्हा ने महासमुंद शहर के विकास के लिए रिंग रोड की आवश्यकता पर जोर देते हुए नए बस स्टैंड तथा नए कार्यालय भवन की मांग उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

नगर पालिका अध्यक्ष श्री निखिल कांत साहू ने महासमुंद को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और शहर के विस्तार को देखते हुए महासमुंद नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मांग रखी।

पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, छ.ग. राज्य स्काउट गाइड के मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी और कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह सहित पार्षदगण, ऐल्डरमेन स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में मौजूद थे।

30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित…

0

महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबल**

रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।

रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं।

महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।

हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा

सूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

बचत से स्वरोजगार तक की नई राह

महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है।

मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूडि़यों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।

भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा

कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।

30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार

1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।

महतारी वंदन से खुशहाल परिवार, सशक्त मातृशक्ति

महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है।

रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी।

महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए ’‘विष्णु भैया का उपहार’’ बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।

शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र, भावी पीढ़ी को शिक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

0

मुख्यमंत्री कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में हुए शामिल**
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई सामाजिक सेवा और दायित्वों के निर्वहन की शपथ**
जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कर रही कार्य**
नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास ने पकड़ी रफ्तार, जनजातीय युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर**
कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 1.55 करोड़ रुपए से अधिक की राशि देने की घोषणा**
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के सामुदायिक भवन परिसर में लगाया सिंदूर का पौधा**

शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु जैसे महान संतों और समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का जो मार्ग दिखाया है, उसी पर आगे बढ़ते हुए नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने प्रकृति शक्ति तथा कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन किया। इस अवसर पर समाज के युवक-युवतियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व समाज को आगे ले जाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी निष्ठा, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कंवर समाज के पदाधिकारियों का पूरा निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से संपन्न होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक और मजबूत बनाकर पहुंचाना होगा। उन्होंने स्मरण किया कि एक समय कंवर समाज अलग-अलग इकाइयों में बंटा हुआ था, लेकिन वरिष्ठजनों और समाज के पुरोधाओं के प्रयासों से सभी को एक सूत्र में जोड़ा गया। उन्होंने महाराष्ट्र से आए कंवर समाज के प्रतिनिधियों और सगा-बंधुओं का भी छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत किया।

शिक्षा से खुलते हैं जीवन में आगे बढ़ने के अनेक रास्ते

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शासकीय नौकरी प्राप्त करना नहीं है। एक सफल उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी अच्छी शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति को निर्णय लेने की क्षमता देती है और समाज को प्रगति की दिशा दिखाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समाज के सक्षम और प्रबुद्ध लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

मोदी की गारंटी से जनकल्याण को मिली नई गति

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए वादों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया है। सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है और तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। प्रदेश के लगभग भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से बुजुर्गों की तीर्थयात्रा की इच्छा पूरी की जा रही है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

जनजातीय समाज का सम्मान और विकास सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रपति के रूप में विराजमान होना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा देने के लिए अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का श्रेय भी श्रद्धेय अटल जी को जाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 हजार 661 गांवों को शामिल किया गया है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन के अंतर्गत देशभर में बन रही लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों में से 2 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की सुविधा दे रही हैं।

नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास की नई सुबह

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर का एक बड़ा भू-भाग चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की त्रासदी के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य चुनौतीपूर्ण थे, आज वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। शांति और विश्वास के नए वातावरण के साथ बस्तर में शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी खुल रहे हैं।

प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि बनेगी विकसित छत्तीसगढ़ की ताकत

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों।

उन्होंने कहा कि कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी तेजी से अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कंवर समाज से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सेवा के साथ प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद श्री नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज छत्तीसगढ़ की जनजातीय समाज व्यवस्था का महत्वपूर्ण घटक है। शिक्षा समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है। कोई भी बालक-बालिका शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समाज को सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि कंवर समाज सहित प्रदेश की 42 जनजातियों का छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। समाज को शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष श्री हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समाज के नवनिर्माण और विकास की नई संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन कंवर भवन भविष्य में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इनमें रायपुर के लाभांडी में नवनिर्माणाधीन कंवर भवन के विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना के लिए 70 लाख रुपए, राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपए, कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम खैरझिटी में आदिवासी कंवर (पैंकरा) समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, महासमुंद जिले के पथरी परिक्षेत्र के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए शामिल हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया सिंदूर का पौधा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के नवनिर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री के साथ समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री ननकीराम कंवर, महासचिव श्री शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष श्री थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष श्रीमती सविता साय, कोषाध्यक्ष श्री प्रेम सिंह कंवर, श्री आर.के. साय, श्री भीम सिंह कंवर सहित कंवर समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

महतारी वंदन से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति : मुख्यमंत्री श्री साय…

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पत्रकार निशा द्विवेदी की पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का किया विमोचन**

महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को पुस्तक में किया गया है संकलित**

योजना के प्रभाव का जमीनी दस्तावेज है ‘महतारी वंदन अभिनंदन’**

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विमोचन किया। दो भागों में प्रकाशित इस पुस्तक में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, उनके अनुभवों और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को संकलित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के प्रकाशन पर पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास और परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को भी मजबूत किया है। यह योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं और बचत के लिए कर रही हैं। नियमित रूप से अपने खाते में राशि मिलने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भाव मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की वास्तविक सफलता उसके लाभार्थियों के जीवन में दिखाई देने वाले परिवर्तन से मापी जाती है। ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ में योजना से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इस तरह की पुस्तकें शासन की योजनाओं के सामाजिक प्रभाव को समझने के साथ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। योजना की 30 किश्तों के माध्यम से अब तक लगभग 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और आजीविका के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों और उनकी संवेदनाओं को शब्द दिए गए हैं। किसी योजना का वास्तविक प्रभाव जानने के लिए हितग्राहियों के बीच जाकर उनसे संवाद करना और उनके जीवन में आए बदलावों को समझना आवश्यक होता है।

श्रीमती रजवाड़े ने कहा कि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलना, उनके अनुभवों को समझना, योजना से उनके जीवन में आए परिवर्तन का आकलन करना और फिर उन अनुभवों को पुस्तक के रूप में संजोना चुनौतीपूर्ण कार्य है। पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी ने इस पुस्तक के माध्यम से महतारी वंदन योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को जमीनी स्तर पर सामने लाने का सार्थक प्रयास किया है। उन्होंने लेखिका को पुस्तक के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पुस्तक की लेखिका पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी ने बताया कि ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ के दोनों भागों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी महिलाओं की कहानियों और अनुभवों को स्थान दिया गया है, जिन्हें महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबल मिला है। पुस्तक में यह बताने का प्रयास किया गया है कि नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ उनके आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को किस प्रकार प्रभावित किया है।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, श्री गौरी शंकर श्रीवास, सुश्री शताब्दी पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सोने और चांदी की कीमत: 8 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और 12 हजार रुपए प्रति किलो से अधिक महंगी…

0

सोने और चांदी में इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुएं क्रमशः 8 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और 12 हजार रुपए प्रति किलो से अधिक महंगी हो गई हैं।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 8,257 रुपए बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,52,363 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,47,128 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,39,565 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,20,465 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,14,272 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 19 अगस्त को सुबह के सत्र में 1,52,884 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 21 अगस्त को शाम के सत्र में 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।

सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है।

चांदी का दाम 12,788 रुपए बढ़कर 2,46,630 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,33,842 रुपए प्रति किलो था।

इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 21 अगस्त को शाम के सत्र में 2,46,630 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 19 अगस्त को सुबह के सत्र में 2,27,392 रुपए प्रति किलो देखा गया।

आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 69 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह बॉन्ड यील्ड में गिरावट और बड़े स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग है। इससे दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी को सहारा मिल रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक निजी लैब का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद…

0

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नोएडा पहुंचेंगे। उनके नोएडा दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया है।

रक्षा मंत्री सेक्टर-75 में एक निजी लैब का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं।

रक्षा मंत्री के कार्यक्रम का मुख्य आयोजन सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह आयोजन सुबह करीब 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री के अलावा कई अन्य गणमान्य लोगों के भी शामिल होने की संभावना है। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

राजनाथ सिंह के नोएडा पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ उनके संभावित आवागमन वाले मार्गों पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की जांच भी की जा सकती है।

रक्षा मंत्री के दौरे का असर नोएडा के यातायात पर भी देखने को मिलेगा। वीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया गया है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कार्यक्रम के दौरान निर्धारित डायवर्जन प्लान का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।

खासकर सेक्टर-6 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीआईपी काफिले के गुजरने के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़े समय के लिए यातायात को रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। इसके चलते इन मार्गों पर जाम की स्थिति बन सकती है। यातायात पुलिस की टीमें प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगी, ताकि यातायात को सुचारु रखा जा सके।

रक्षा मंत्री के दौरे को लेकर पुलिस, यातायात विभाग और प्रशासन के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ व्यवस्था संभालेंगे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से कार्यक्रम स्थल और वीआईपी रूट की ओर जाने से बचें तथा पुलिस की ओर से जारी यातायात निर्देशों का पालन करें।

पेपर लीक से लेकर युवाओं के मुद्दे तक राहुल गांधी ने खोला मोर्चा…

0

NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से लेकर ‘वंदे मातरम’ विवाद और पैलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लोचब को न्याय दिलाने की लड़ाई तक, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

शुक्रवार को राहुल गांधी ने साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। लगभग सात घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद, दिल्ली पुलिस ने साहिल की शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की।

राहुल गांधी का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान साहिल को पैलेट गन की गोलियां लगीं, जिससे उसकी आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा। राहुल का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई एक गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज करना न्याय की दिशा में पहला कदम है।

NEET पेपर लीक से शुरू हुआ छात्रों की आवाज़ उठाने का अभियान

राहुल गांधी ने इससे पहले NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लगातार यह तर्क दिया है कि परीक्षा प्रणाली की खामियों का सबसे बड़ा असर देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने संसद में छात्रों के मुद्दों को उठाने और उनके साथ एकजुटता दिखाने का वादा किया था। हाल के छात्र आंदोलनों और जंतर-मंतर की घटनाओं ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है। राहुल गांधी का जोर इस बात पर है कि छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय उनकी शिकायतों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी संदर्भ में, उन्होंने मांग की कि पुलिस साहिल के मामले में FIR दर्ज करे।

पैलेट गन की घटना को लेकर राहुल का पुलिस स्टेशन के बाहर धरना

शुक्रवार को राहुल गांधी, साहिल और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज करने में देरी कर रही है। शुरुआत में, उन्होंने अपनी मांगें रखने के लिए DCP से मुलाकात की, लेकिन जब बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला, तो वे स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। राहुल ने साफ कहा था कि जब तक FIR दर्ज नहीं हो जाती, वे वहां से नहीं हटेंगे। उनके साथ प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद थे। आखिरकार, पुलिस ने साहिल की शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की। राहुल का कहना है: न्याय की दिशा में पहला कदम

FIR दर्ज होने के बाद, राहुल गांधी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। पेलेट बुलेट्स दिखाते हुए, उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूछा कि अगर पुलिस ने पेलेट गन नहीं चलाई थी, तो साहिल को ये गोलियां कैसे लगीं। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में न्याय के रास्ते में रुकावट डालने के लिए ऊपर से कोशिशें की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि साहिल जैसे छात्र न्याय के हकदार हैं और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

‘वंदे मातरम’ विवाद पर सरकार और कांग्रेस में टकराव

इस बीच, ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस और राहुल गांधी सिर्फ़ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीजेपी ने पुलिस स्टेशन के बाहर राहुल गांधी के धरने को राजनीतिक ड्रामा और मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश बताया। राहुल पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सवाल किया कि जब जांच और न्यायिक प्रक्रिया पहले से ही चल रही है, तो कैमरों के सामने पुलिस स्टेशन के बाहर बैठने का क्या मतलब है। उन्होंने राहुल गांधी पर ‘वंदे मातरम’ विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

बीजेपी का पलटवार: जब जांच चल रही है तो धरना क्यों?

बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर घटना को लेकर जांच प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। उन्होंने राहुल से पूछा कि क्या उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस पर हुए कथित हमलों की जांच की भी मांग की थी। बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी हर मुद्दे का राजनीतिकरण करके सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज़ और अधिकारों को दबा रही है।

NEET से पेलेट गन तक बढ़ा राजनीतिक टकराव

छात्रों से जुड़ा जो मुद्दा NEET पेपर लीक से शुरू हुआ था, वह अब पेलेट गन की घटना तक बढ़ गया है। इसके अलावा, ‘वंदे मातरम’ विवाद ने राजनीतिक गरमाहट को और बढ़ा दिया है। जहां राहुल गांधी छात्रों और प्रदर्शनकारियों से जुड़े मुद्दों पर लगातार सरकार को घेर रहे हैं, वहीं बीजेपी उनके विरोध को राजनीतिक फायदे और मीडिया की सुर्खियों के लिए की गई चाल बताती है।

पैलेट गन के खिलाफ राहुल गांधी के धरने को भाजपा ने बताया ड्रामेबाजी…

0

जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाए जाने के खिलाफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में धरना-प्रदर्शन और एफआईआर दर्ज कराने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है।

राहुल के इस कदम पर जहां भाजपा ने तीखा हमला बोला है, वहीं टीएमससी ने उनका समर्थन किया है।

दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी के विरोध को पूरी तरह से राजनीतिक ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी केवल ड्रामेबाजी करके लोगों के दिल में अपने राजनीतिक नैरेटिव को सेट करना चाहते हैं। राहुल गांधी को किसी व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं है। गिरती, लुटती, पिटती कांग्रेस को बचाने के लिए वो इस प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपना रहे हैं जो आसानी से लोगों के गले नहीं उतर रहा है।”

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये मुद्दा विहीन लोग हैं, कोई इनके पास मुद्दा नहीं है, भारत विरोधी ताकतों के हाथ का खिलौना बन गए हैं ये लोग। भारत जो तेजी से आगे बढ़ता हुआ एक देश है, जो विकसित राष्ट्र बनने की तरफ अग्रसर है, उसको अस्थिर करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी की तरफ से हो रहा है, तरह-तरह के नए-नए प्रयोग करने की कोशिश राहुल गांधी की तरफ से आप सब देख रहे हैं।”

हैदराबाद में भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने राहुल गांधी के पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने के तरीके पर सवाल उठाए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कल जंतर-मंतर पर हुई कथित घटना को लेकर राहुल गांधी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में जो एफआईआर का ड्रामा किया, उस पर मैं उनसे यह कहना चाहता हूं कि 80 और 90 के दशक में ‘बकरा किश्तों पे’ नाम का एक ड्रामा हुआ करता था। अब आप जो कर रहे हैं, वह ‘पॉलिटिक्स किश्तों पे’ है। आप फुल-टाइम पॉलिटिशियन नहीं हैं। आप अपनी मर्जी से आते हैं, थोड़ा ड्रामा करते हैं और चले जाते हैं। बिना सबूत के आप कोई ड्रामा नहीं कर सकते। आपका पूरा दावा ही बेबुनियाद है।”

दूसरी ओर, कोलकाता में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने राहुल गांधी के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी ने छात्रों का पक्ष लिया। उन्होंने नौ घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और आखिरकार, छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और कथित ज्यादतियों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। यह राहुल गांधी के लिए एक बड़ी कामयाबी है।”