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DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारियों को इंतजार, इधर इस राज्य ने दे दी खुशखबरी! सैलरी में बंपर इजाफा..

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सरकारी कर्मचारियों को हमेशा अपने भत्ते (Dearness Allowance) बढ़ने का बेसब्री से इंतजार रहता है. फिलहाल पूरे देश की निगाहें केंद्र सरकार के ऐलान पर टिकी हैं, लेकिन इसी बीच एक राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देकर बाजी मार ली है. जहां केंद्रीय कर्मचारी अभी भी अपने डीए (DA) बढ़ोतरी की राह देख रहे हैं, वहीं तेलंगाना सरकार ने अपने राज्य सड़क परिवहन निगम (TGSRTC) के कर्मचारियों के लिए खजाना खोल दिया है. सरकार के इस एक फैसले से हजारों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

तेलंगाना के 38 हजार कर्मचारियों की लगी लॉटरी

तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार को एक अहम घोषणा करते हुए TGSRTC कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सीधे 2.1 फीसदी का इजाफा कर दिया है. इस शानदार बढ़ोतरी के बाद अब इन परिवहन कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 50.7 प्रतिशत से उछलकर 52.8 प्रतिशत पर पहुंच गया है. राज्य के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के इस कदम से निगम में काम करने वाले 38,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा. भत्ते में इस उछाल से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (Take-home Salary) में एक अच्छा-खासा अंतर देखने को मिलेगा.

कब से मिलेगा बढ़ा हुआ पैसा?

बता दें कि सरकार ने इसे पिछली तारीख यानी 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी कर दिया है. इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले कुछ महीनों का एरियर (बकाया) भी मिलेगा. हालांकि, इस 2.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी का मतलब है कि TGSRTC के खजाने पर हर महीने 2.82 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा. चूंकि यह एक बड़ी रकम है, इसलिए निगम के कैश फ्लो (नकदी प्रवाह) को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने एक समझदारी भरी योजना बनाई है. एक आंतरिक बैठक के बाद मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन महीनों का जो भी बकाया (एरियर) बनता है, उसे एकमुश्त न देकर अगले तीन महीनों के सप्लीमेंट्री बिलों (पूरक बिलों) के जरिए धीरे-धीरे चुकाया जाएगा. इससे निगम पर अचानक आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा और कर्मचारियों को भी उनका हक मिल जाएगा.

बीते साल भी मिली थी राहत, अब कोई बकाया नहीं

आपको बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार ने कर्मचारियों का ख्याल रखा है. इससे पहले जुलाई 2025 में भी सरकार ने डीए में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि की थी, तब यह आंकड़ा 48.6 प्रतिशत से बढ़कर 50.7 प्रतिशत हुआ था. अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया है कि मई 2024 में RPS-2017 लागू होने के बाद से अब निगम पर कर्मचारियों का कोई भी पुराना डीए बकाया (Arrears) लंबित नहीं है. यह वित्तीय अनुशासन के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है.

केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में कब आएगी खुशखबरी?

एक तरफ तेलंगाना के कर्मचारियों की मौज है, तो दूसरी तरफ लाखों केंद्रीय कर्मचारी अभी भी अपने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा का टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं. स्थिति यह है कि कई कर्मचारी संगठनों ने सीधे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखकर जल्द से जल्द डीए बढ़ोतरी का ऐलान करने की गुहार लगाई है. अगर हम पिछले कुछ सालों के ट्रेंड पर नजर डालें, तो अमूमन मार्च या अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में आदेश आ जाते हैं. उदाहरण के लिए, साल 2025 में 28 मार्च को ऐलान हुआ था और 2 अप्रैल को आधिकारिक आदेश जारी हो गया था. 2024 में भी 3 अप्रैल को यह आदेश आ गया था. यहां तक कि कोविड-19 (COVID-19) महामारी के उस मुश्किल दौर में भी, जब भत्ते को कुछ समय के लिए फ्रीज करना पड़ा था, तब भी सरकार ने अप्रैल 2020 में ही इसका औपचारिक आदेश जारी कर दिया था.

श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति के रंग में रंगे CM विष्णुदेव साय, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, हिमांशु द्विवेदी, सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

​नियमितीकरण का इंतजार कर रहे संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 4 माह अंदर होगा फैसला! हाईकोर्ट ने दिए ये निर्देश…

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हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को 4 माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया, याचिकाकर्ता 2009 से निरंतर सेवा दे रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण पर विचार करने का निर्देश’

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बस्तर विवि के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अहम आदेश पारित किया है। जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति देते हुए संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन को 4 माह के भीतर उस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

यूनिवर्सिटी के 9 कर्मचारियों ने पिछले साल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि वे वर्ष 2009 से शहीद महेंद्र कर्मा विवि में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग की थी, जिस पर पूर्व में भी न्यायालय ने अभ्यावेदन पर विचार करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।

याचिकाकर्ताओं के ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल के वर्षों में दिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों में 10 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके दैनिक या संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर जोर दिया गया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता 10 वर्ष से अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर चुके हैं, ऐसे में उनके अभ्यावेदन पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ता नया विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करते हैं, तो संबंधित प्राधिकारी उसे विधि के अनुसार यथाशीघ्र 4 माह के भीतर, निपटाएं। यह आदेश प्रदेश के हजारों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।

CG” अकलतरा स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते 11 से 18 अप्रैल तक 13 ट्रेनें रद्द रहेंगी और कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा…

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Train Cancelled List 8 दिन तक थम जाएगी ट्रेनों की रफ्तार! 13 ट्रेनें रद्द, सफर से पहले जरूर पढ़ लें ये जरूरी खबर…

Train Cancelled List अकलतरा स्टेशन पर निर्माण कार्य के चलते ट्रेनों पर असर। 13 ट्रेनें रद्द, 2 ट्रेनें शॉर्ट-टर्मिनेट। 11 से 18 अप्रैल तक यात्रियों को परेशानी।

Train Cancelled List  बिलासपुर रेल मंडल के यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। अकलतरा स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होने वाला है। इस नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। रेल प्रशासन के अनुसार, यह कार्य 11 अप्रैल से शुरू होकर 18 अप्रैल तक चलेगा, जिसके कारण इस दौरान ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहेगा।

Train Cancelled List 13 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को होगी परेशानी

दरअसल बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी का काम किया जाना है। इस नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण रेलवे ने कुल 13 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। इसके साथ ही, दो ऐसी ट्रेनें भी हैं जिन्हें उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त (Short-Terminate) कर दिया जाएगा। आपकों बता दें की अगले 8 दिनों तक ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ा रहेगा और 11 से 18 अप्रैल के बीच ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगी।

CG: उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़’

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उद्योग श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन के अवसर पर विशेष 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न  योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।

सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।

उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहनों की विशेष जांच कर की गई कार्रवाई…

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– अनियमितता पाए जाने पर श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों को किया गया जप्त’

राजनांदगांव” परिवहन विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों की विशेष जांच एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की गई। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजनांदगांव श्री आनंद शर्मा के बताया कि जांच एवं प्रवर्तन के दौरान स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों में फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फायर सेफ्टी उपकरण सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं एवं दस्तावेजों की गहन जांच की।

जांच के दौरान वाहनों में खामियां पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। जांच के दौरान श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की स्कूल बस सीजी 08 एजी 1365 एवं सीजी 08 एजी 1366 में वैध फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं कर (टैक्स) के दस्तावेज लंबित थे। संबंधित अनियमितताओं के कारण दोनों बसों को मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जप्त कर पुलिस थाना मोहारा में सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित खड़ा किया गया है।

प्राप्त जानकारी अनुसार इससे पूर्व भी श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की एक बस के विरूद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, किंतु वाहन संचालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के नवीनीकरण के प्रति अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।

इसी तरह दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बस सीजी 08 एम 0237, मैजिक सीजी 08 एएक्स 1835, मैजिक सीजी 08 वाय 1432 जांच के दौरान निर्धारित फिटनेस, बीमा एवं अन्य निर्धारित मानकों की शर्तों में कमी पायी गई।

इन वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जप्त कर कार्यालय अतिरिक्त क्षेत्रीय अधिकारी राजनांदगांव में सुरक्षार्थ सुरक्षित खड़ा किया गया है। संबंधित वाहन संचालकों को शीघ्र आवश्यक दस्तावेजों का नवीनीकरण कर नियमानुसार वाहन का संचालन करने के निर्देश दिए गए।

परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा एवं वैधता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सघन जांच एवं कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाही में निरीक्षक श्री प्रशांत शर्मा, उपनिरीक्षक श्री अनीश बघेल तथा उपनिरीक्षक श्रीमती प्रभा तिवारी शामिल थे।

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र के माध्यम से नागरिकों को सुगमता से मिल रही पासपोर्ट संबंधी सेवाएं…

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राजनांदगांव: डाक विभाग राजनांदगांव संभाग द्वारा प्रधान डाकघर राजनांदगांव में संचालित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र के माध्यम से क्षेत्र के नागरिकों को सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ पासपोर्ट संबंधी सेवाएं प्रदान की जा रही है।

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र में नागरिकों के लिए पासपोर्ट आवेदन स्वीकार करना, दस्तावेज सत्यापन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय पर पूर्ण की जा रही है।

जिससे नागरिकों को दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पासपोर्ट संबंधी सुविधा प्राप्त हो रही है।

सभी नागरिक प्रधान डाकघर राजनांदगांव में संचालित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र के माध्यम से प्रदान की जा रही पासपोर्ट संबंधी सेवाओं का निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए लाभ ले सकते है।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्रधान डाकघर पासपोर्ट केंद्र से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।

रोपणियों में रोपित आम फलबहार की नीलामी 15 एवं 20 अप्रैल को…

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राजनांदगांव” उद्यान विभाग अंतर्गत स्थापित राजनांदगांव विकासखंड के शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री में 15 अप्रैल 2026 एवं डोंगरगढ़ विकासखंड के शासकीय उद्यान रोपणी अछोली में 20 अप्रैल 2026 को आम फलबहार की नीलामी की जाएगी। इच्छुक बोलीकर्ता निर्धारित तिथि को दोपहर 12 बजे संबंधित रोपणी स्थल में उपस्थित होकर शर्ते के अनुसार नीलामी में भाग ले सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय सहायक संचालक उद्यान राजनांदगांव कलेक्टोरेट के कमरा नंबर 73-77 से प्राप्त की जा सकती है।

“IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच रोमांचक मुकाबला”

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राजस्थान रॉयल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर मैच की जानकारी…

राजस्थान रॉयल्स (RR) 10 अप्रैल 2026 को आईपीएल 2026 के 16वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) का सामना करने के लिए तैयार हैं।

;”> यह मैच असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) स्टेडियम, बरसापारा, गुवाहाटी में खेला जाएगा। यह स्थान पर इस सीजन का अंतिम मैच होगा, क्योंकि RR अब अपने मूल घरेलू मैदान, सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में लौटेगा। RR इस मैच में शानदार फॉर्म में है, क्योंकि उन्होंने अब तक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), गुजरात टाइटन्स (GT) और मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ सभी तीन मैच जीते हैं। वे इस समय टूर्नामेंट में एकमात्र टीम हैं जिसने सभी तीन मैच जीते हैं। RCB ने भी अपने खिताब की रक्षा में शानदार शुरुआत की है, उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और CSK के खिलाफ अपने पहले दो मैच जीते हैं। इस प्रकार, यह टूर्नामेंट की तीन अजेय टीमों के बीच मुकाबला होगा। जो भी टीम जीतती है, उसे तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का मौका मिलेगा.

RR बनाम RCB मैच विवरण

  • तारीख: 10 अप्रैल 2026
  • स्थान: असम क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, बरसापारा, गुवाहाटी
  • टॉस का समय: शाम 7:00 बजे IST
  • मैच का समय: शाम 7:30 बजे IST

RR बनाम RCB आमने-सामने +RCB का RR के खिलाफ पिछले 19 वर्षों में मुकाबलों में बढ़त है।

  • मैच: 34
  • RCB जीत: 17
  • RR जीत: 14
  • कोई परिणाम नहीं: 3

RR बनाम RCB मैच भविष्यवाणी

गुवाहाटी में एक उच्च स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है। जबकि RR के विस्फोटक ओपनर्स और घरेलू लाभ खतरनाक हैं, RCB की गहरी बल्लेबाजी में थोड़ी बढ़त है।

RR बनाम RCB टीम

राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूरीयवंशी, ध्रुव जुरेल(w), रियान पराग(c), शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फेरेरा, रविंद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंदरे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, लुहान-ड्रे प्रेटोरियस, ब्रिजेश शर्मा, रवि सिंह, शुभम दुबे, एдам मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, सुषांत मिश्रा, युध्वीर सिंह चारक, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, अमन राव पेरेला।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर: रजत पाटीदार, टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप साल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेटेल, कृणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम दार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, यश दयाल, नुवान थुशारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा, कनीष्क चौहान, सत्विक देसवाल, भुवनेश्वर कुमार

बिक गई जेपी कंपनी, अडानी बने नए मालिक! जिनके पैसे फंसे हैं उनका क्या होगा? पुराने मालिक ने दिया ये जवाब…

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चार दशक से अधिक समय तक देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी धाक जमाने वाली कंपनी ‘जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड’ (JAL) के लिए अब एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है.

लंबे समय से भारी-भरकम कर्ज और आर्थिक संकट के बोझ तले दबी इस कंपनी की बागडोर अब अडानी ग्रुप के हाथों में होगी. जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने खुद इस बदलाव पर अपनी मुहर लगा दी है. उनका यह बयान उन हजारों घर खरीदारों, कर्मचारियों और निवेशकों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जो सालों से अनिश्चितता के भंवर में फंसे हुए थे.

अडानी ग्रुप के नेतृत्व पर जताया पूर्ण विश्वास

जयप्रकाश गौड़ ने स्पष्ट किया है कि कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) द्वारा अडानी समूह को सफल समाधान आवेदक (रेज़ोल्यूशन एप्लिकेंट) के रूप में चुना जाना एक सही कदम है, और वे इस फैसले का पूरा सम्मान करते हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि गौतम अडानी के नेतृत्व में जयप्रकाश एसोसिएट्स की विरासत एक नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी. गौड़ ने पूरी दिवालिया समाधान प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और निष्पक्ष बताया. इसके साथ ही, उन्होंने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स और रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल की भूमिका की भी सराहना की.

घर खरीदारों और कर्मचारियों के लिए क्या हैं इसके मायने?

जयप्रकाश गौड़ ने भी इस बात को स्वीकार किया कि पिछला कुछ समय कंपनी से जुड़े हर व्यक्ति, चाहे वह घर खरीदार हो, कर्मचारी हो, कर्जदाता हो या बिजनेस पार्टनर, सभी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है. इस समाधान प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ही कर्ज की समस्या को सुलझाना और नए मालिकाना हक के तहत कंपनी के कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है. अडानी ग्रुप के मजबूत वित्तीय ढांचे के कारण अब अटके हुए प्रोजेक्ट्स के पूरे होने और लोगों को उनके घर मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं.

वेदांता की चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यह अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह से विवादों से मुक्त नहीं रही है. इस मामले में एक कानूनी लड़ाई भी देखने को मिली. प्रतिद्वंद्वी बोलीदाता वेदांता ग्रुप ने इस पूरी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि उनके बड़े ऑफर को नजरअंदाज किया गया और चयन में पारदर्शिता की कमी थी. वहीं दूसरी तरफ, कर्जदाताओं (लेंडर्स) का तर्क बिल्कुल स्पष्ट था. लेंडर्स के अनुसार, अडानी ग्रुप के प्लान में नकद भुगतान की गारंटी (अपफ्रंट कैश), काम पूरा करने की क्षमता और तेजी से कर्ज चुकाने का रोडमैप ज्यादा मजबूत था. हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने भी अडानी ग्रुप के इस टेकओवर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिससे इस अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया. विवादों के बावजूद, जयप्रकाश गौड़ ने शुक्रवार को वेदांता ग्रुप को इस पूरी प्रक्रिया में हिस्सा लेने और दिलचस्पी दिखाने के लिए धन्यवाद दिया.

1979 से शुरू हुआ सफर, अब एक नए मुकाम पर

साल 1979 में स्थापित जयप्रकाश एसोसिएट्स ने भारत को कई बड़े और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट्स दिए हैं. इनमें बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, कई विशाल पनबिजली (हाइड्रोपावर) प्रोजेक्ट्स, सीमेंट प्लांट्स और जेपी स्पोर्ट्स सिटी जैसी विशाल इंटीग्रेटेड टाउनशिप शामिल हैं. वित्तीय संकट के कारण कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, लेकिन अब यह 45 साल पुराना साम्राज्य एक नई शुरुआत करने जा रहा है.