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DMK-कांग्रेस में तनातनी, सीट शेयरिंग को लेकर छिड़ी जुबानी जंग, अपनी ही पार्टी के नेता पर क्यों भड़के TNCC चीफ?

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तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है. जिसे लेकर सभी पार्टियां दमखम लगा रही है. DMK की कोशिश है कि फिर से एक बार सरकार बनाई जाए जबकि विपक्षी पार्टियां उलटफेर के इरादे से मैदान में उतर रही है.

इससे पहले कांग्रेस और DMK के बीच गठबंधन को लेकर अंदरूनी तकरार छिड़ी है. सीट बंटवारे और सरकार में भागीदारी को लेकर तनाव फिर से उभर आया है. ऐसा तब हुआ जब कांग्रेस सांसद ने डीएमके को साल 2021 के चुनाव का याद दिलाया, आखिर क्या है पूरा माजरा? समझते हैं विस्तार के साथ.

क्या है माजरा?

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होना है, इसे लेकर तमिलनाडु सरकार में मंत्री राजा कन्नप्पन ने एक कार्यक्रम में कहा था कि डीएमके आगामी विधानसभा चुनाव में 160 से 170 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और पार्टी को भरोसा है कि वह 160 सीटें तक जीत सकती है. उनके इस बयान के बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने DMK को साल 2021 का चुनाव याद दिला दिया और कहा कि 2021 में आपने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा और 133 सीटें जीतीं. इसके बाद से दोनों के बीच चल रही अंदरूनी तकरार खुलकर सामने आ गई.

कांग्रेस में हो रही है आलोचना

उनके बयान के बाद जब सियासी माहौल खराब हआ तो TNCC (तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी) प्रमुख के. सेल्वापेरुन्थागाई ने उनके बयानों की आलोचना की. साथ ही कहा मैं एआईसीसी के निर्देशों का सख्ती से पालन करता हूं. हमें सार्वजनिक मंचों पर गठबंधन के बारे में बात न करने के लिए कहा गया है. कांग्रेस में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल ने हमें सार्वजनिक रूप से राय जाहिर न करने के लिए कहा है. साथ ही कहा कि आलाकमान के निर्देशों की अवहेलना करना गलत है. बता दें कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के चीफ के सेल्वापेरुंथगई को कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे और के सी वेणुगोपाल का करीबी माना जाता है.

सीट साझेदारी को लेकर चर्चा

कांग्रेस सांसद का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ ही दिनों बांद DMK गठबंधन के साथ बैठक करने वाली है. कांग्रेस चाहती है कि सरकार में उन्हें भी हिस्सेदारी मिले लेकिन इससे पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम में साफ किया था कि तमिलनाडु में गठबंधन सरकार की कोई संभावना नहीं है. ऐसे में पेंच फंस गया है. कांग्रेस के एक सीनियर लीडर ने कहा कि सीटों की संख्या पर बातचीत अभी भी हो सकती है.

DMK कर सकती है बैठक

विधानसभा चुनाव को देखते हुए आगामी 22 फरवरी को डीएमके गठबंधन दलों के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत कर सकती है. इससे पहले कांग्रेस नेताओं का सार्वजनिक तौर पर बोलने से कांग्रेस में भी नाराजगी है. साथ ही साथ DMK नेता भी नाराज हैं.

‘सबूतों के साथ मामला केंद्र को सौंपा…’ गौरव गोगोई के पाकिस्तानी संबंधों पर CM सरमा का बड़ा बयान…

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए कहा है कि गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों की जांच सभी साक्ष्यों के साथ केंद्र सरकार को सौंप दी गई है.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले की आगे की जांच केंद्र स्तर पर की जाएगी.

केंद्र सरकार करेगी मामले की जांच: सीएम सरमा

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि हमने इस मामले को सबूतों के साथ केंद्र सरकार को सौंप दिया है और केंद्र सरकार इस मामले की जांच करेगी. इससे पहले राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब एसआईटी की जांच एक केंद्रीय एजेंसी को स्थानांतरित की गई है ताकि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके.

बता दें कि ये बयान असम की राजनीति में जारी तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है. मुख्यमंत्री सरमा पिछले कुछ समय से गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगाते रहे हैं. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि ये कार्रवाई भारत को अस्थिर करने के उद्देश्य से पाकिस्तान से जुड़े एक व्यापक नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख ने कथित तौर पर एक एजेंट के माध्यम से भारत के विकास का अध्ययन कर उसे बाधित करने की साजिश रची थी. सरमा के अनुसार, इस नेटवर्क में पर्यावरण सक्रियता जैसे मुद्दों का इस्तेमाल कर देश के विकास कार्यों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी.

गोगोई ने की थी पाकिस्तान की गुप्त की यात्रा: सीएम सरमा

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पूर्व सीएम तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई ने इस नेटवर्क में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई थी. सरमा के अनुसार, गोगोई ने संवेदनशील संसदीय जानकारी जुटाने, पाकिस्तान की गुप्त यात्राएं करने और कई कार्यक्रमों के बहाने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने जैसे कदम उठाए थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संदिग्ध रोजगार अनुबंधों, वित्तीय लेन-देन और यात्रा गतिविधियों के माध्यम से एक व्यापक भारत-विरोधी नेटवर्क संचालित किया गया.

मुख्यमंत्री के इन आरोपों ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है. हालांकि, गौरव गोगोई या कांग्रेस पार्टी की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. केंद्र को जांच सौंपे जाने के बाद यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्रीय एजेंसी जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं.

अजित पवार के प्लेन क्रैश में साजिश का शक! ब्लैक बॉक्स कैसे जल गया? संजय राउत ने फिर उठाए सवाल…

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बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दुर्घटना की जांच पर सवाल उठाते हुए विमान के ब्लैक बॉक्स की जली हुई स्थिति को रहस्यमय और बेहद गंभीर बताया है.

बता दें, ये हादसा महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद से लगातार चर्चा में है.

ब्लैक बॉक्स कैसे जल सकता है?

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा कि अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया था, जो गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यदि यह तथ्य सही है, तो इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए. राउत ने कहा कि अगर रोहित पवार ने यह मुद्दा उठाया है तो यह गंभीर है. पवार परिवार को संदेह है तो उन्हें जांच की मांग करने का पूरा अधिकार है. इस मामले में सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बीते वर्षों में अन्य दुर्घटनाओं में ब्लैक बॉक्स सुरक्षित मिले हैं ऐसे में इस मामले में इसके जलने की बात असामान्य प्रतीत होती है.

रोहित पवार ने जताया साजिश का शक

इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने भी दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि यह महज एक हादसा नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है. रोहित पवार ने कहा कि दुर्घटना से पहले के 24 घंटों में कई घटनाएं ऐसी हुईं, जिनसे संदेह पैदा होता है. उनके अनुसार, अजित पवार की मूल यात्रा योजना अंतिम समय में बदली गई थी. उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना से एक दिन पहले अजित पवार मुंबई से पुणे कार से आने वाले थे और सुरक्षा काफिला भी तैयार था, लेकिन उन्होंने कार से यात्रा नहीं की. रोहित पवार ने यह भी कहा कि उनकी एक बड़े नेता के साथ बैठक हुई थी, जिसके बाद यात्रा योजना बदली गई.

रोहित पवार ने एक किताब का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए उसके ड्राइवर को नुकसान पहुंचाना एक आसान तरीका बताया गया है. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है. इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. विपक्षी दलों ने भी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है.

जांच जारी, डीजीसीए की पुष्टि

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड लेयरजेट 45 विमान रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ. विमान में सवार अजित पवार सहित चालक दल के सदस्य समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई.

विमानन अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. अब ब्लैक बॉक्स और यात्रा योजना में बदलाव से जुड़े सवालों ने इस दुर्घटना को और अधिक संवेदनशील बना दिया है. फिलहाल सरकार या जांच एजेंसियों की ओर से ब्लैक बॉक्स के संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. मामले की जांच जारी है.

संघ की सोच को अपनाना चाहिए…शताब्दी वर्ष पर क्या-क्या बोले गडकरी? अजय देवगन फिल्म देखने की क्यों की अपील?

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RSS: शतक फिल्म को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पर लोगों से संघ और देश को बनाने में संघ की भूमिका को बेहतर ढंग से समझने के लिए फिल्म देखने की अपील की है.

साथ ही गडकरी ने कहा कि एक वॉलंटियर के तौर पर, मुझे कभी-कभी लगता है कि इमेज और असलियत, या सोच और जमीनी सच्चाई के बीच एक अंतर रहा है. इसके अलावा उन्होंने क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

भावना को समझने के लिए बुलाया

आगे कहा कि मैं आपको करीब आने, उसकी आइडियोलॉजी को जानने और त्याग, समर्पण और देशभक्ति की भावना को समझने के लिए बुलाता हूं. आदिवासी इलाकों की सेवा से लेकर कोऑपरेटिव से लेकर शिक्षा तक, हर व्यक्ति के विकास के काम का लेवल देखें. हमारे देश की तरक्की और विकास में, इन कामयाबियों का क्रेडिट संघ को जाता है. मैंने सड़कों, पुलों, एक्सप्रेसवे और टनल पर काम किया है, मैं कोई इंजीनियर नहीं हूं, न ही मुझे पहले का कोई अनुभव था.

मैं हूं कार्यकर्ता

इसके अलावा कहा कि कई लोग पूछते हैं कि मैंने यह कैसे किया, और मैं कहता हूं, मैं संघ का वॉलंटियर और स्टूडेंट काउंसिल का कार्यकर्ता हूं. इन संस्थानों से मुझे जो वैल्यू मिलीं, उन्होंने मेरे काम को गाइड किया और इसीलिए मैंने जारी रखा. लोगों को आगे आने के लिए बुलाते हुए उन्होंने कहा मेरा मानना ​​है कि हम सभी को इस शताब्दी को मनाने के लिए एक साथ आना चाहिए, संघ को समझना चाहिए और अपनी जिंदगी में इसकी सोच को अपनाना चाहिए, मैं आपसे दिल से गुजारिश करता हूं कि यह फिल्म देखें और संघ को समझने की कोशिश करें.

कब आएगी शतक फिल्म

शतक फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल में संघ के सोच में बदलाव, सामाजिक पहल और पीढ़ियों से देश सेवा को दिखाया गया है. हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर ने काफी चर्चा और दिलचस्पी पैदा की है. यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.

Puducherry Elections 2026: कमल हासन की पार्टी MNM को मिला ‘टॉर्च लाइट’ चुनाव चिन्ह, तमिलनाडु में गठबंधन को लेकर सियासी घमासान जारी…

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Puducherry Assembly Elections 2026: निर्वाचन आयोग ने 2026 के पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पहले मक्कल नीधि मैयम (MNM) को टॉर्च लाइट चुनाव चिन्ह आवंटित करने की अधिसूचना जारी की है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब आयोग तमिलनाडु और पुडुचेरी में आगामी चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है.

बता दें कि एमएनएम, जिसकी स्थापना अभिनेता से राजनेता बने कमल हसन ने की थी, पुडुचेरी में अपनी चुनावी रणनीति को तेज कर चुकी है. चुनाव चिन्ह के आवंटन को पार्टी के लिए संगठनात्मक और प्रचारात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

चुनाव आयोग की समीक्षा बैठकें तेज

बता दें, 11 फरवरी को उप चुनाव आयुक्तों का 7 सदस्यीय दल चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा था जहां से उन्होंने तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव तैयारियों की समीक्षा शुरू की. प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग सहित कई अधिकारी शामिल हैं. मनीष गर्ग ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की टीम चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए चेन्नई और पुडुचेरी पहुंच चुकी है. टीम रसद, कर्मियों की तैनाती और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय सहित विभिन्न पहलुओं का आकलन कर रही है.

तमिलनाडु में गठबंधन चर्चाएं तेज

इसी बीच तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि विधानसभा चुनावों से जुड़े सभी अहम फैसले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा लिए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी एआईसीसी के निर्णयों का पालन करेगी और द्रमुक (DMK) के साथ कांग्रेस के संबंध मजबूत हैं. सीट बंटवारे को लेकर बातचीत केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होगी.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी कहा कि पार्टी गठबंधन मामलों पर डीएमके द्वारा गठित समिति के गठन का इंतजार कर रही है. उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन में कांग्रेस को उचित सम्मान मिलने की उम्मीद है और सीट बंटवारे व सत्ता-साझाकरण पर स्पष्टता जरूरी है.

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं. 2021 के चुनाव में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन ने 151 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, जिसमें डीएमके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. अब 2026 के चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तैयारियां और राजनीतिक दलों की रणनीतिक बैठकों ने चुनावी माहौल को गति दे दी है. पुडुचेरी में एमएनएम को ‘टॉर्च लाइट’ चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही क्षेत्र में चुनावी समीकरण और रोचक होने की संभावना है. आयोग की तैयारियों और दलों के बीच सीट बंटवारे की कवायद से स्पष्ट है कि तमिलनाडु में 2026 का चुनावी मुकाबला बेहद अहम होने वाला है.

छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क, बढ़ी गर्मी; रायपुर में तापमान सामान्य से अधिक…

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प्रदेश में बढ़ी गर्मी

  • अधिकतम तापमान रायपुर में9 डिग्री सेल्सियस दर्ज
  • न्यूनतम तापमान8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड
  • अगले सात दिनों तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा

प्रदेश में मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा।

वहीं न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री, जगदलपुर में 32.3 डिग्री तथा राजनांदगांव में 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों पर वर्षा शून्य रही और मौसम शुष्क बना रहा।

अगले दिन हल्के बादल, तापमान में खास बदलाव नहीं

मौसम विभाग के अनुसार 16 फरवरी को रायपुर शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बिलासपुर का हाल

फरवरी के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ मौसम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि सर्दी अब अंतिम चरण में है। रविवार को न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री और अधिकतम 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार शुष्क वातावरण और साफ आसमान के कारण दिन की गर्माहट बढ़ती जा रही है।

सात दिन तक मौसम में बड़ा बदलाव नहीं

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है। इसके चलते अगले सात दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। मौसम शुष्क बने रहने के कारण दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का असर बना रहेगा।

Chhattisgarh Budget: इस बार 24 फरवरी को पेश होगा, बजट से प्रदेश को मिलेगी गति…

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छत्तीसगढ़ का बजट इस बार 24 फरवरी को पेश होगा. वित्त मंत्री ओपी चौधरी की तरफ से यह जानकारी दी गई है. सत्र के दूसरे दिन ही बजट पेश किया जाएगा.  

“छत्तीसगढ़ का बजट 24 फरवरी को आएगा”

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सत्र के दूसरे ही दिन यानि 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया जाएगा. बजट को लेकर वित्त विभाग की तरफ से तैयारियां पूरी कर कर ली गई हैं. ओपी चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस होगा, जबकि बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं समेत सभी के लिए मौका मिलेगा. सरकार नई थीम के साथ बजट पेश करने जा रही है, जिसमें सभी वर्गों और विभागों का पूरा ध्यान रखा गाय है.

बजट से प्रदेश को मिलेगी गति

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बजट समावेशी होगा, जिसमें सभी वर्गों को ध्यान दिया गया है. खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए खास ऐलान होंगे, जबकि किसानों को भी बजट में ध्यान में रखा गाय है. सरकार के इस नए बजट से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए गति मिलेगी और जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा, सरकार की तरप से आने वाले बजट से राज्य के विकास को और मजबूती मिलेगी. वित्त विभाग की तरफ से बजट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बजट में कई तरह के प्रावधान और योजनाएं देखने को मिलेगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पर फोकस किया है. जहां कुछ अहम प्रावधान बजट में आने वाले हैं, जिसका फायदा राज्य के लोगों को मिलेगा. पिछली बार छत्तीसगढ़ का बजट 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ रुपए का था, जिसमें 21.3 प्रतिशत की ग्रोथ दिखी थी. इस बार का बजट और ज्यादा हो सकता है. क्योंकि सरकार की तरफ से बजट को बढ़ाया जाएगा.

छत्तीसगढ़ का बजट सत्र

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार का बजट सत्र 23 फरवरी से राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ शुरू हो जाएगा. बजट सत्र 20 मार्च तक चलने वाला है, जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित होगी, पिछली बार भी बजट सत्र हंगामेदार रहा था, जबकि इस बार भी बजट सत्र हंगामेंदार हो सकता है. सत्र के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

CG: नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर, CM साय भी हुए शामिल…

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राजधानी रायपुर में बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में संगठन की एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बड़ी बैठक थी. जिसमें सभी मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में क्या रणनीति बनी और आने वाले चुनाव को लेकर क्या संकेत दिए गए.

नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक
राजधानी रायपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में प्रदेश संगठन की बड़ी बैठक आयोजित की गई… नई टीम के गठन के बाद यह पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
जब छत्तीसगढ़ बीजेपी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी एक साथ जुटे, तो संगठन की मजबूती को लेकर कई अहम टिप्स दिए गए. कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया गया कि आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करना है. बैठक में सबसे ज्यादा फोकस जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर रहा. नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम करें. ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं सीधे लोगों तक पहुंच सके. बैठक में नए पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई. उन्हें बताया गया कि किस तरह अगले तीन वर्षों में जमीनी पकड़ मजबूत करनी है. इधर बीजेपी 2028 चुनाव के लिए भी टीम की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है.

कांग्रेस ने भी जिलाध्यक्षों को दी जिम्मेदारी
इधर, कांग्रेस ने 2028 के चुनावी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाध्यक्षों को अहम जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं. हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों ने एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया.

CG: मुख्यमंत्री ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और सफलता का संदेश…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा — “ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों।”

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। आपने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएँ, समय का संतुलन बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

CG: महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के लिए 6 जिले के 42 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण का कार्य…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार  रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।