शुक्रवार 14 जून) को देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमत स्थिर बनी हुई थी। जिसके बाद शुक्रवार को कीमतों में कटौती की गई है। आज पेट्रोल की कीमतों में 7 पैसे से लेकर 9 पैसे की कटौती दर्ज की गई है। वहीं डीजल की कीमतों में 6 पैसे की कटौती देखने को मिली है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 8 पैसे सस्ता होकर 70.35 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है वहीं डीजल की कीमत 6 पैसे की गिरावट के साथ 64.33 रुपये प्रति लीटर निर्धारित हुई है। चारों महानगरों की तुलना करें तो दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमत सबसे सस्ती है। इसकी वजह यहां पेट्रोल और डीजल पर वसूला जाने वाला सबसे कम टैक्स है।
अन्य शहरों की कीमतों पर गौर करें तो आज मुंबई में पेट्रोल 7 पैसे की कटौती के साथ 76.05 रुपए में मिल रहा है। वहीं कोलकता में इसकी कीमत 72.60 रुपए है। इसके अलावा चेन्नई में 9 पैसे की कमी के साथ आज पेट्रोल की कीमत 73.08 रुपए प्रति लीटर दर्ज की गई।
वहीं डीजल की बात करें तो मुंबई में डीजल की कीमत आज 67.45 रुपए दर्ज की गई। वहीं कोलकाता में इसकी दर 66.25 रुपए और चेन्नई में इसकी कीमत 68.05 रुपए दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से वन अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त पट्टाधारी कृषकों को भी लघु एवं सीमांत कृषकों की तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से प्रति वर्ष छह हजार रूपए के स्थान पर 12 हजार देने का अनुरोध किया है। बघेल इस मुद्दे को 15 जून को नीति आयोग की बैठक में भी उठाने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि इस योजना के हितग्राहियों में वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत प्राप्त पट्टेधारियों को शामिल नहीं किया गया है, जो कि पट्टे की भूमि पर खेती कर रहे हैं और गरीबी रेखा के नीचे है। ऐसे कृषक योजना से लाभ प्राप्त करने के लिए प्रथम प्राथमिकता रखते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 4 लाख परिवारों को वन अधिकार पट्टे प्रदान किए गए हैं तथा अभी भी वन अधिकार पट्टा दिए जाने की कार्यवाही की जा रही है।
वनवासी एवं आदिवासी समुदाय के लोगों को जीवन-यापन के परम्परागत अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से वन अधिकार अधिनियम 2006 लागू किया गया है। इस कानून से लाखों वनवासी परिवारों को पट्टा दिए जाने के बाद विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इन्हें लाभान्वित करने के भी प्रावधान किए गए हैं, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके तथा वे गरीबी के चंगुल से छुटकारा प्राप्त कर सकें।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए. कानूनविदों द्वारा आयोजित एक सेमीनार में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होंगे. वन अधिकार कानून के साथ-साथ विभिन्न समाजिक क्षेत्रों में काम करनें वाले कानूनविदों द्वारा ये सेमीनार का आयोजन किया गया है.
देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी की वजह से स्कूल खुलने की तिथि में बदलाव किया गया है. छत्तीसगढ़ में भी अभिभावकों द्वारा स्कूल खुलने की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है. छ्तीसगढ़ में 18 जून से स्कूल खुलने वाली है. मगर प्रदेश में अभी भी लू का कहर जारी है. ऐसे में अभिभावकों की चिंता लाजमी है. मगर शिक्षा विभाग का मानना है कि जितना विलंब से स्कूल खुलेगा उतना ही परेशानी कोर्स पूरा करनें में होगा. हालांकि राज्य शासन ने अभी तक स्कूल खुलने के तिथि में बदलाव के संकेत नहीं दिए है.
राज्य सरकार ने एक बार फिर प्रदेश के किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए उनकी ऋण माफी की घोषणा की है। इस बार सरकार डिफाल्टर हो चुके किसानों का लगभग 650 करोड़ रुपए का कर्जा बैंकों को अदा करेगी। अब ऐसे किसान भी बैंकों से कर्ज ले सकेंगे जिनके खाते लंबे समय से नानफरफार्मिंग थे। इससे पहले सरकार ने शपथ लेने के साथ ही सहकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के व्यवसायिक बैंकों से लिए गए अल्पकालिक कृषि ऋण माफ कर दिया था।
कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री रविंद्र चौबे और खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि किसानों के नानपरफामिंग खातों को वन टाइम सेटलमेंट के माध्यम से ऋण माफी का लाभ दिलाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 50 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार द्वारा देय होगी। इसमें 21 सार्वजनिक बैंको के साथ आईडीबीआई बैंक को भी शामिल किया गया है। इन बैकों में नानफारमिंग खातों में लगभग 1175 करोड़ रूपए का ऋण बकाया है। इसके लिए बैंकों से चर्चा की जा रही है।
65 लाख परिवारों को राशनकार्ड, 7 लाख नए बनेंगे कैबिनेट में लिए गए निर्णय के मुताबिक राज्य के सभी व्यक्तियों को फूड फॉर आल स्कीम के तहत राशन कार्ड के दायरे में लाया जाएगा। इसके तहत सभी 65 लाख परिवारों का राशन कार्ड बनाया जाएगा। वर्तमान में 58 लाख परिवारों के राशन कार्ड हैं। सात लाख नए परिवारों के भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
सामान्य श्रेणी को चावल 10 रुपए किलो सामान्य श्रेणी के कार्डों को दो समूहों में विभक्त करते हुए सामान्य श्रेणी (आयकरदाता) एवं सामान्य श्रेणी (गैर आयकरदाता) का राशन कार्ड पात्रता अनुसार जारी किया जाएगा। सामान्य श्रेणी के लिए चावल 10 रूपए प्रति किलो निर्धारित किया गया हैं। नया कार्ड बनने तक पुराने कार्ड से राशन मिलता रहेगा। यदि किसी परिवार में 5 से अधिक सदस्य हैं तो उन्हें प्रति सदस्य 7-7 किलो चावल अतिरिक्त दिया जाएगा।
अब 12 तक के बच्चों को आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा बैठक में शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ाई कर रहे बच्चों के परिजनों की भी बड़ी सौगात दी गई है। सरकार अभी तक 8वीं तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा के किताबें देती थी, लेकिन अब 12 तक के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश के लगभग एक लाख से ज्यादा बच्चे इससे लाभान्वित होंगे। इसी तरह निजी स्कूलों की फीस पर लगाम कसने के लिए फीस समिति बनाने की भी घोषणा की गई है।
अंतरिक्ष में भारत का कद तेजी से बढ़ रहा है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. अब इसरो की योजना अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करने की है. इसरो प्रमुख के सीवन ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यह प्रोजेक्ट गगनयान मिशनका ही विस्तार होगा.
सिवन ने कहा कि मानव अंतरिक्ष मिशन के लॉन्च के बाद गगनयान कार्यक्रम को बनाए रखना होगा. इसी के चलते भारत अपना स्पेस स्टेशनलॉन्च करने की योजना बना रहा है.
बता दें कि गगनयान योजना के तहत भारत 2022 में अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस में भेजने वाला है. पिछले साल 15 अगस्त के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी घोषणा की थी. यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय अंतरिक्षयात्री भारतीय मिशन के तहत अंतरिक्ष में कदम रखेगा.
सरकार ने रखा 1.43 अरब डॉलर का बजट
यह भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है. भारत सरकार ने इसके लिए अलग से 1.43 अरब डॉलर का बजट रखा है. इस मिशन के तीन अंतरिक्ष यात्रियों को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. समझा जाता है कि इस मिशन की लॉन्चिंग दिसंबर 2020 से शुरू हो जाएगी. अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले क्रू मेंबर्स का फाइनल सिलेक्शन इसरो करेगा और फिर वायु सेना इन्हें प्रशिक्षित करेगी.
जुलाई में लॉन्च होगा चंद्रयान-2
इसरो ने बुधवार को अपनी महत्वकांक्षी परियोजना चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की जानकारी दी थी. इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-2 15 जुलाई को दोपहर 2.51 बजे चांद के लिए टेक ऑफ करेगा. इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने बताया कि चंद्रयान-2 लूनरक्राफ्ट नासा के एक पैसिव एक्सपेरिमेंटल इंस्ट्रूमेंट को चांद पर ले जाएगा. पहली बार ये साउथ पोल से चांद की तस्वीर लेगा. अमेरिकी एजेंसी इस मॉड्यूल के जरिए धरती और चांद की दूरी को नापने का काम करेगी. बता दें कि इसरो 2008 में चंद्रयान मिशन की सफल लॉंचिंग कर चुका है.
अंतरिक्ष में ताकत बढ़ा रहा भारत
हाल के साल में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में लंबी उड़ान भरी है और दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया है. बीते मार्च में भारत ने अंतरिक्ष में लाइव सैटेलाइट को मार गिराया. अपने ‘मिशन शक्ति’ की इस कामयाबी के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया, जिनके पास मिसाइल को अंतरिक्ष में मार गिराने की तकनीक है. अब तक यह क्षमता अमेरिका, रूस और चीन के पास थी. अंतरिक्ष में भारत की इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को बधाई दी. साथ ही उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ को लेकर देश के नाम संदेश भी दिया था.
राजस्व एवं आपदा, पुनर्वास और पंजीयन स्टाम्प मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वाणिज्यकर (पंजीयन) विभाग की समीक्षा बैठक ली। अधिकारियों ने विभाग के कार्यो के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विगत चार वर्ष से जमीन पंजीयन की दर में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिला में दरों का निर्धारण जिला स्तरीय समिति के अनुशंसा पर तय किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि डायवर्सन के नियमों का अपडेशन किया जाना है और ऑनलाइन प्रकिया में आ रही दिक्कतों का भी निराकरण किया जाना है।
बैठक में राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने विभाग के आबंटित बजट की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए पंजीयन कार्यालयों का रिनोवेशन और कार्यालय में जन सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। समीक्षा बैठक में सचिव वाणिज्यकर (पंजीयन) श्री सुबोध सिंह, महानिरीक्षक पंजीयन श्री धर्मेश साहू, उप महानिरीक्षक श्री मदन कोर्वे एवं जिला पंजीयक दुर्ग श्री सुशील खलखो, जिला पंजीयक बिलासपुर श्री जे.एस. आर्मो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रकृति ने खूबसूरत दुनिया बनाई है। प्रकृति की सभी रचनाओं में अनोखा तालमेल और महत्व है। संसार में अनेक जीव-जंतु, अनेक प्राणी, पेड़-पौधे हैं। सभी मिलकर प्रकृति को उपयोगी और खूबसूरत बनाते हैं। प्रकृति की अनमोल धरोहरों ने मानव जीवन को भी समृद्ध किया है। इसे संजोये रखने की नितांत आवश्यकता है, ताकि प्रकृति को नष्ट किए बगैर हम सहज रूप से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का सही प्रयोग कर सतत् विकास की दिशा की ओर बढ़ें।
इसके लिए जहां जल, जंगल, जमीन, पेड़-पौधे के संरक्षण की आवश्यकता है। वहीं गौ पालन जो भारतीय संस्कृति एवं आर्थिक जीवन का प्रमुख आधार रहा है, को संरक्षित और संवर्धन की भी आवश्यकता है। प्राचीन ग्रंथों, देवकाल और मानव सभ्यता के विकास में पशु पालन का विशेष महत्व देखने को मिलता है। गाय पालन समृद्धि का सूत्र है। आज की पीढ़ी गौ के महत्व को भूलती जा रही है। गौ पालन को पेचीदा और झंझट से भरा काम समझकर लोग इससे दूर होते जा रहीे हैं। दूध, दही, छाछ और दूध से बने मिष्ठान एवं अन्य व्यंजन की चाह तो सब रखते है, किन्तु गौ पालन कोई नहीं करना चाहता।
ऐसी परिस्थितियों में एक बार फिर से गौ पालन को बढ़ावा देने, इसके संरक्षण व संवर्धन की आवश्यकता महसूस होने लगी है। छत्तीसगढ़ शासन ने गौ पालन के महत्व को बखूबी समझते हुए इस दिशा में योजना बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के माध्यम से गौठान निर्माण कर गौ संवर्धन की दिशा में काम शुरू किया गया है। गौ पालन होने से जहां लोगों को शुद्ध दूध उपलब्ध होगा, वहीं जैविक खाद के माध्यम से विषाक्त रासायनिक उर्वरकों से पैदा किए जा रहे फसलों पर रोक लगेगी। गौठान में पशुओं के सही देखभाल किए जाने, चारा-पानी मिलने से दूध उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, यहां देशी नस्ल के संवर्धन का कार्य भी होगा। पशुओं के गोबर से बने कम्पोस्ट खाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और गोबर गैस लोगों को साफ सुथरा पर्यावरण हितेषी ईधन भी उपलब्ध कराएगी।
नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का अवसर मुहैया होगा। भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों की मूलभूत अधोसंरचना को विकसित कर देश व प्रदेश को समृद्ध बनाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ की मूल पहचान यहां की सामाजिक समरसता, सरलता, आदिवासी संस्कृति, परम्परागत पशु आधारित कृषि से है। राज्य का समूचा ताना-बाना कृषि पर निर्भर करता है। राज्य में पर्याप्त मात्रा में बारिश होती है और यहां वर्षा आधारित छोटे-छोटे नदी नाले हैं। इन छोटे-छोटे नालों का बेहतर उपयोग जल संरक्षण और संवर्धन में किया जा सकता है, इनकी ओर ध्यान देना, न केवल प्रकृति की ओर ध्यान देना है बल्कि अपने पशुओं, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देना है। बाड़ियों के माध्यम से साग-सब्जी की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे एक फसलीय खेती से निजात तो मिलेगा ही किसानों की आर्थिक आमदनी में बढ़ोत्तरी होने तथा जैविक खाद से पोषक सब्जी एवं फलों का उत्पादन होने से स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
पुरखों द्वारा वर्षो से अजमायी गई इस विरासत को राज्य की मूल धरोहरांे में फिर से शामिल करते हुए नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी को बचाने एवं बढ़ाने का अभिनव प्रयास दूरगामी साबित हो सकता है। छोटे-छोटे नालों एवं नदियों को बंधान कर न भूमि की नीचे के जल स्तर को बढ़ाना आज न केवल हमारी आवश्यकता है बल्कि मानव जीवन को बचाने की दृष्टि से विवशता भी बन चुकी है। आधुनिकता और विकास की दौड़ में मानव ने खुद के साथ खिलवाड़ कर अपने आप को असुरक्षित कर दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य फिर से अपनी सरलता, सहजता और कृषि आधारित पहचान बनाने तत्पर दिखायी देता है। महात्मा गांधी के 150 जयंती अवसर पर यह राज्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर बेहतर रोल मॉडल बनने की ओर अग्रसर है।
बैंक से बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से फिनो पेमेंट्स बैंक की सुविधाएं शुरू की जा रही हंै। इसमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, पेमेंट जमा करना, पैसा निकालना समेत अन्य सिस्टम बैंक से ज्यादा सुविधाएं होंगी। इसी वजह से छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में फिनो पेमेंट्स बैंक का विस्तार किया जाएगा। ताकि प्रदेश की जनता को बैंक से बेहतर सुविधाएं मिल सके। फिनो पेमेंट्स बैंक के मध्य और पश्चिम के वरिष्ठ विभागीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा ने कहा कि मुंबई स्थित फिनो पेमेंट्स बैंक ने छत्तीसगढ़ में सुविधाजनक और सुलभ बैंकिंग शुरू की है।
नए युग की इस फिजिटल बैंकिंग मॉडेल सभी स्थानों की दुकानों में बैंकिंग केंद्रों में परिवर्तित करता हैं। हाल ही में फिनो पेमेंट्स बैंक ने रायपुर के मैग्नेटो मॉल के पास भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप में यह सेवा शुरू की है और छत्तीसगढ़ में पूरा विस्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देखा जाता है कि बैंक की सर्विसेस एक समय निर्धारित हैं, लेकिन फिनो पेमेंट्स बैंक सुबह 8 से शाम 7 बजे तक खुलेगा और इसका लाभ जनता को सीधे मिलेगा। साथ ही हमारा ब्रांच छुट्टी के दिन भी खुला रहेगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया आज नियमित विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि निगम-मंडल प्राधिकरणों में नियुक्ति जल्द होगी। इसके लिए अब और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मेहनत का फल जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी में जुट गई है। कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिए जा रहे हैं। पार्टी पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। निकाय चुनाव को लेकर पार्टी अलग रणनीति बनाकर काम करेगी।