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“BJP के तूफान में कहां डूब जाओगे पता नहीं चलेगा, बिहार हार के बाद कांग्रेस से बोला सहयोगी दल”

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BMC चुनाव में अकेले लड़ने का संकेत दे चुकी कांग्रेस अब सहयोगियों के निशाने पर है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में शामिल शिवसेना (UBT) ने कांग्रेस की बिहार चुनाव में हार पर तंज कसा है।

पार्टी नेता आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई में कांग्रेस 2-4 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस को लगता है वो बहुत ताकतवर है, वो वहां जाकर हार जाती है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व कांग्रेस सांसद हुसैन दलवाई के दिल्ली बलास्ट को लेकर दिए बयान पर भी आपत्ति जताई है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में दुबे ने कहा, ‘महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस अकेला ही राष्ट्रीय पक्ष है, तो उसे कभी-कभी राष्ट्रीय पक्ष होने का सपना याद आ जाता है। अभी बिहार में जो दुर्दशा हुई, उसे लगता है कांग्रेस भूल गई है। कांग्रेस कभी-कभी अति आत्मविश्वास में बह जाती है। हरियाणा के चुनाव में हार हुई, महाराष्ट्र के चुनाव में हार हुई, अभी बिहार में हार हुई। देश में जहां कांग्रेस को लगता है कि वह बहुत ताकतवर है, वहां हार जाती है।’

उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र में तो जीतते हुए हार गई। वजह असमन्वय…। अब सुन रहे हैं कि महाराष्ट्र इकाई में जो नेता हैं, वो स्वयंबल की बात कर रहे हैं। आप स्वतंत्र हैं, चाहे जैसे लड़ें। इससे फर्क नहीं पड़ता…।’

उन्होंने कहा, ‘ये जो महाराष्ट्र इकाई के नेता हैं, ये कभी-कभी बहुत उत्साहित हो जाते हैं। उन्हें नहीं पता कि उनकी नाव में एक छेद है। बीच समंदर में जाकर डूब जाएंगे। हमारी नाव में बैठ जाएंगे, तो नैया पार हो जाएगी…। हमारी नाव में बैठोगे तो नाव पार हो जाएगी, नहीं तो बीजेपी के तूफान में और बीजेपी की लहरों में कहां डूब जाओगे पता नहीं चलेगा। बड़े बुजुर्गों की बात याद रखनी चाहिए। बड़े बुजुर्ग कह गए हैं कि जब आंधी तूफान आए, तब बैठ जाना चाहिए। कांग्रेस को यह समझ नहीं आ रहा है।’

MNS के साथ वाले दावे पर उठाए सवाल

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, ‘कांग्रेस को लगता है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के आने से उत्तर भारतीय नाराज हो जाएंगे। बिहार में कौन सा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना था। बिहार में आरजेडी के साथ रहकर कांग्रेस 61 से 6 सीटों पर आ गई। मुंबई में तो लगता है कि 2-4 सीटों पर आ जाएगी। फिर कांग्रेस स्वतंत्र पार्टी है।’

बिहार चुनाव के नतीजे

हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था और महज 6 पर जीत हासिल कर सकी थी। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के खाते में 25 सीटें आई थीं। जबकि, एनडीए ने 200 सीटों से ज्यादा जीतकर बिहार में सरकार बनाने का दावा पेश किया।

“आतंकवाद के मामले में किसी तरह का बहाना नहीं चलेगा; रूस से विदेश मंत्री जयशंकर का कड़ा संदेश”

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भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आतंकवाद को वैश्विक स्तर पर सबसे गंभीर खतरा बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त न करने का कड़ा आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद के मामले में कोई समझौता, कोई बहानेबाजी या कोई लीपापोती स्वीकार्य नहीं हो सकती।

मॉस्को में मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने जोर दिया कि एससीओ की स्थापना मूल रूप से आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी तीन बुराइयों से मुकाबला करने के लिए हुई थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ये खतरे और भी विकराल रूप धारण कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकटीकरणों के प्रति विश्व समुदाय को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। इसमें न कोई औचित्य स्वीकार किया जा सकता है, न कोई अनदेखी और न ही कोई सफाई। विदेश मंत्री ने कहा कि जैसा कि भारत ने बार-बार सिद्ध किया है, हमें अपने नागरिकों को आतंकवादी खतरों से बचाने का पूर्ण अधिकार है और हम इस अधिकार का उपयोग करते रहेंगे।

एससीओ के संदर्भ में सुधारों की वकालत करते हुए जयशंकर ने कहा कि संगठन लगातार विकसित हो रहा है और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के साथ कदमताल करने के लिए इसमें नए विचारों और नए सहयोग के तरीकों को अपनाना आवश्यक है। भारत एससीओ के सुधार-उन्मुख एजेंडे का पूर्ण समर्थन करता है। उन्होंने संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में चल रहे केंद्रों का स्वागत किया।

साथ ही कहा कि जैसे-जैसे एससीओ अधिक विविधतापूर्ण होता जा रहा है, इसे और अधिक लचीला, अनुकूलनीय तथा प्रभावी बनाना होगा। इस दिशा में लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में अंग्रेजी भाषा को एससीओ की तीसरी आधिकारिक भाषा बनाने के प्रस्ताव को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों को भी उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया।

“बांग्लादेश को दूसरा आतंकी मुल्क बनने से रोके भारत, हसीना के ‘सांसदों’ ने खुलकर मांगी मदद”

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ढाका में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों में मौत की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद, अवामी लीग के वे शीर्ष नेता खुलकर सामने आ गए हैं।

ये लोग वर्तमान में अज्ञात स्थानों पर निर्वासन में जी रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे तभी बांग्लादेश लौटेंगे जब- राजनीतिक समावेशन सुनिश्चित होगा और उनके खिलाफ दर्ज मामलों में न्यायिक राहत मिलेगी। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत हसीना को शरण, सम्मान और सुरक्षा देना जारी रखेगा।

सैकड़ों नेता निर्वासन में, हजारों कार्यकर्ता जेल में

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करने वाले कई अवामी लीग नेताओं और पूर्व सांसदों ने बताया कि पार्टी के लगभग सौ से अधिक नेता विदेशों में रह रहे हैं और इतने ही नेता एवं हजारों कार्यकर्ता बांग्लादेश में जेलों में बंद हैं। चार बार के सांसद नाहिम रज्जाक ने कहा कि सरकार द्वारा अवामी लीग को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार पार्टी पर प्रतिबंध, नेताओं पर आपराधिक मुकदमे, परिवारों को निशाना बना रही है और बैंक खातों पर रोक लगा रही है। उन्होंने कहा कि शेख हसीना के खिलाफ आया यह फैसला उन्हें और अधिक प्रेरित कर रहा है। रज्जाक ने कहा- वापस जाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अगर पार्टी पर लगा प्रतिबंध हटे और हमें जमानत मिले, तो हमारा पूरा नेतृत्व और कैडर संघर्ष के लिए तैयार है।

‘यूनुस सरकार जल्द गिरेगी’

सभी नेताओं का मानना है कि प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अधिक दिन टिक नहीं पाएगी। पूर्व वस्त्र एवं जूट मंत्री जाहिद नानक ने कहा कि यूनुस के नेतृत्व में होने वाला कोई भी चुनाव विश्वसनीय नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा कि यूनुस को इस्तीफा देना ही होगा। अवामी लीग के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि हम उनके नेतृत्व में होने वाले किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।

भारत से बड़ी अपेक्षाएं

71 वर्षीय नानक ने भारत से यह उम्मीद जताई कि वह बांग्लादेश को दूसरा आतंकी या इस्लामिक स्टेट जैसा राष्ट्र बनने से रोकेगा। उन्होंने कहा कि भारत को हमारे साथ खड़ा होना होगा। आईटीसी का गठन करने और प्रधानमंत्री को गैर-कानूनी तरीके से मौत की सजा सुनाने वाली इस अंतरिम सरकार के खिलाफ हमारी लड़ाई में भारत को सहायता करनी चाहिए।

‘हसीना के बिना चुनाव नहीं’

तीन बार सांसद रहे पंकज नाथ ने कहा कि हसीना को दी गई मौत की सजा से सभी स्तब्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि हसीना की अनुपस्थिति में कोई भी चुनाव स्वीकार्य नहीं होगा। जनता भी ऐसे चुनाव में भाग नहीं लेगी। नाथ ने जेल में बंद नेताओं और कार्यकर्ताओं को सामान्य माफी देने की मांग की और कहा कि जल्द ही बांग्लादेश में एक बड़ा जनउभार हो सकता है। उन्होने कहा कि हमें विश्वास है कि भारत अपने पड़ोस में ऐसे अत्याचार को नहीं होने देगा।

हसीना का संदेश: ‘यूनुस सरकार को उखाड़ फेंको’

अवामी लीग कार्यकारी समिति के संयुक्त सचिव और पूर्व सांसद बहाउद्दीन नसीम ने बताया कि शेख हसीना निर्वासन में होने के बावजूद इंटरनेट कॉल्स और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए नेताओं से लगातार संपर्क में हैं। मौत की सजा सुनाए जाने के कुछ घंटे बाद भी उन्होंने नेतृत्व को संदेश भेजा।

नसीम के अनुसार, उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था – यह फैसला असंवैधानिक है, और इस सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। नसीम ने कहा कि यदि शेख हसीना चुनाव लड़ने का आह्वान करें, और यदि प्रतिबंध हटे तथा प्रमुख नेताओं को रिहा किया जाए, तो अवामी लीग उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।

लेकिन इसके लिए निष्पक्ष और समान अवसर वाला माहौल होना आवश्यक है। शेख हसीना के खिलाफ मौत की सज़ा ने न केवल राजनीतिक टकराव को गहरा कर दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया की रणनीतिक स्थिरता के लिए भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

देश सहित छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का खात्मा हो रहा, माओवादी आतंक का खात्मा तय…

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देश सहित छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का खात्मा हो रहा है। छत्तीसगढ़ का कुख्यात माओवादी आतंकी हिडम 18 नवंबर को मारा गया। छत्तीसगढ़-आंध्रप्रदेश बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने हिडमा की पत्नी समेत कुल 6 नक्सली-माओवादियों को ढेर कर दिया है। वस्तुत: नक्सलवाद-माओवाद के समूलनाश के पीछे केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की साय सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है।जो सरेंडर करने वालों का स्वागत भी कर रही है। पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। लेकिन अगर माओवादी,आतंक का रास्ता नहीं छोड़ते तो उनका अंत भी तय है। यानी मिशन-2026 पूरी तरह से एक्टिवेट है।

17 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में रामनाथ गोयनका व्याख्यान में भी माओवादी आतंक की समाप्ति का ज़िक्र किया। अर्बन नक्सलियों और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि – “पूरे देश में नक्सलवाद-माओवादी आतंक का दायरा बहुत तेजी से सिमट रहा है, लेकिन कांग्रेस में ये उतना ही सक्रिय होता जा रहा था। आप भी जानते हैं, बीते पांच दशकों तक देश का करीब-करीब हर बड़ा राज्य, माओवादी आतंक की चपेट में, चपेट में रहा। लेकिन ये देश का दुर्भाग्य था कि कांग्रेस भारत के संविधान को नकारने वाले माओवादी आतंक को पालती-पोसती रही और सिर्फ दूर-दराज के क्षेत्रों में जंगलों में ही नहीं, कांग्रेस ने शहरों में भी नक्सलवाद की जड़ों को खाद-पानी दिया। कांग्रेस ने बड़ी-बड़ी संस्थाओं में अर्बन नक्सलियों को स्थापित किया है।”

साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरी गंभीरता के साथ देश की एकता पर गंभीर ख़तरे को भी चिन्हांकित किया। उन्होंने कहा कि – “10-15 साल पहले कांग्रेस में जो अर्बन नक्सली, माओवादी पैर जमा चुके थे, वो अब कांग्रेस को मुस्लिम लीगी- माओवादी कांग्रेस, MMC बना चुके हैं। और मैं आज पूरी जिम्मेदारी से कहूंगा कि ये मुस्लिम लीगी- माओवादी कांग्रेस, अपने स्वार्थ में देशहित को तिलांजलि दे चुकी है। आज की मुस्लिम लीगी- माओवादी कांग्रेस, देश की एकता के सामने बहुत बड़ा खतरा बनती जा रही है।”

यानी संदेश साफ है कि नक्सलवाद-माओवाद के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति तय है। मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद-माओवाद का संपूर्ण खात्मा सुनिश्चित है। ये अभियान अपने अंतिम चरण पर है। साथ ही नक्सलवाद-माओवाद को पालने-पोसने वालों और समर्थकों के लिए कड़ी चेतावनी है। अगर देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा से खेलेंगे तो अंज़ाम बुरा होगा।

वहीं छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजयशर्मा जिस तरह से नक्सलवादमाओवाद के उन्मूलन में मिशन मोड में लगे हैं। वो क़ाबिले तारीफ़ है। माओवादी हिडमा के मारे जाने के पहले विजय शर्मा उसके गांव पूवर्ती गए थे। हिडमा की मां के साथ भोजन किया था। पुत्रवत रुप में उनका आदर सत्कार किया था। हिडमा की मां से सरेंडर करवाने के लिए अपील भी करवाई थी। इसके बाद जब हिडमा ने सरेंडर नहीं किया तो सुरक्षाबलों ने उसे नेस्तनाबूद कर दिया।

2023 में छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार की वापसी होने के बाद बस्तर क्षेत्र से माओवादियों का खात्मा हो रहा है। व्यापक स्तर पर आत्मसमर्पण कराया जा रहा है। पहले ‘बोली फिर ‘गोली दोनों का प्रयोग किया जा रहा है। स्थायी शांति की ओर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।‌

इसके साथ ही जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चेताया है चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। माओवादियों काअर्बनमॉडल जिसेअर्बन नक्सलीके नाम से जाना जाता है। वो अभी भी देश भर में सक्रिय हैं। नई रणनीतियों पर लगा हुआ है। लेकिन ये तय है कि देश भर से नक्सलवाद-माओवादी आतंकवाद का खात्मा होगा। अर्बन नक्सलियों के ताबूत में भी अंतिम कील ठोंकी जाएगी। स्थायी शान्ति और विकास की बहाली होगी। ये नया भारत है। जो अपने नागरिकों की सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। संदेश साफ है देशविरोधी कोई कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

नक्सलियों से एक बार फिर भयंकर मुठभेड़, जंगल में गूंजी गोलियों की आवाज, जॉइंट ऑपरेशन में घिरे लाल आतंक…

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डोंगरगढ़:  छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के एक जवान को गोली लगी जिसे तुरंत डोंगरगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मुठभेड़ में MP और CG पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। अभी इलाके में स्थिति तनावपूर्ण है और मुठभेड़ जारी है। आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरत रहे हैं और नक्सलियों के ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।

बिजली बिल में बड़ी राहत; 400 यूनिट तक भी मिलेगा बिजली बिल हाफ योजना का लाभ…

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रायपुर : बिजली बिल को लेकर प्रदेश की जनता को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक बड़ी राहत दी है। 100 यूनिट तक खपत पर लागू बिजली बिल हाफ योजना को बढ़ाकर साय सरकार ने 200 यूनिट तक कर दिया है। यानी अब 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ का लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश के 36 लाख उपभोक्ताओं को सीधा-सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

इसके अलावा पीएम सौर योजना को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने नई पहल की है। जिन उपभोक्ताओं की खपत 200 से 400 यूनिट तक है उन्हें भी अगले एक साल तक 200 यूनिट पर हाफ बिल का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से प्रदेश के 45 लाख में से 42 लाख उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे। 400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को एक साल का लाभ इसलिए दिया गया है ताकि इस दौरान वे पीएम सौर योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें और 1 साल के भीतर अपने घरों में सोलर पैनल लगवा सकें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सदन में नई बिजली बिल योजना की घोषणा की। इसके पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सदन में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि विशेष सत्र एक ऐतिहासिक पल है, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के परिसर को विदाई दी जा रही है। लिहाजा इस मौके पर मुख्यमंत्री कोई ऐसी सौगात दें जो हमेशा-हमेशा के लिए यादगार रह जाए। हालांकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस घोषणा पर विपक्ष अब भी हमलावर है। कांग्रेस नेता का कहना है कि भूपेश बघेल सरकार 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का लाभ सभी लोगों को दे रही थी। सरकार पुरानी व्यवस्था लागू करे। बता दें कि बिजली बिल के मुद्दे पर ही कांग्रेस ने सीएम हाउस घेराव करने का ऐलान किया हुआ है।

खस की खेती ने दिया आजीविका का नया रास्ता, नदी किनारे की बंजर भूमि से बदली 368 महिलाओं की किस्मत…

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रायपुर : कुछ समय पहले तक महानदी के किनारे की रेतीली, अनुपजाऊ भूमि गांवों के लिए किसी काम की नहीं मानी जाती थी। खेती करना तो दूर, उस पर घास तक सही से नहीं उगती थी। लेकिन इसी जमीन ने अब 368 महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, नई कमाई और नया आत्मविश्वास पैदा किया है।धमतरी जिले की महिलाएं आज अपनी बदली हुई ज़िंदगी पर गर्व महसूस करती हैं।

यह बदलाव संभव हुआ वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस अनुपयोगी रेतिली भूमि को आजीविका से जोड़ा जाए  और समाधान मिला औषधीय पौधा खस की खेती के रूप में, जो ऐसी जमीन में आसानी से पनपता है और जिसे बाजार में उच्च मांग मिलती है।

उल्लेखनीय है कि जुलाई– अगस्त माह में जिले के 20 ग्रामों की 35 महिला स्व-सहायता समूहों ने उत्साह के साथ 90 एकड़ भूमि पर खस का रोपण किया। मंदरौद से लेकर दलगहन, गाडाडीह से सोनवारा, देवरी से मेघा तक हर गांव में महिलाएं पहली बार औषधीय खेती की नई राह पर कदम रख रही थीं।

कम लागत में अधिक लाभ

औषधि पादप बोर्ड ने रोपण के लिए 17 लाख खस स्लिप्स निःशुल्क उपलब्ध कराए, वहीं तकनीकी मार्गदर्शन भी विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा लगातार दिया गया। धीरे–धीरे महिलाओं को समझ आने लगा कि यह खेती न केवल सरल है, बल्कि कम लागत में अधिक लाभ भी देती है।

खस बहुपयोगी

गौरतलब है कि खस की जड़ों से बनने वाला सुगंधित तेल आज वैश्विक बाजार में बेहद महत्वपूर्ण है। पत्तियों और बची जड़ों से हस्तशिल्प उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं। इतना ही नहीं, खस मिट्टी को कटने से बचाता है और भूमि में जैविक कार्बन बढ़ाता है, जिससे जमीन की उर्वरकता सुधरती है।

महिलाओं डर थी कि फसल तो उगा लेंगे, लेकिन बाजार की थी चिंता

इस चिंता को भी बोर्ड ने दूर किया। 100 रुपये प्रति किलो सूखी जड़ की बायबैक गारंटी देकर महिलाओं को आय की निश्चितता प्रदान की गई। अब उन्हें विश्वास है कि प्रति एकड़ 50,000 से 75,000 रुपये तक कमाई संभव है।

महिलाओं ने दी परिवार को नई दिशा

खस की फसल 12 से 15 महीनों में तैयार होगी, लेकिन महिलाओं के चेहरे पर अभी से मुस्कान है। उन्हें भरोसा है कि यह मेहनत आने वाले वर्षों में उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और परिवार को नई दिशा देगी।

खस महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी

राज्य सरकार भी औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार इस परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग कर रहा है l आज यह पहल सिर्फ खेती नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी है।
अनुपजाऊ भूमि को उपयोगी बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ती यह 368 महिलाओं की कहानी,धमतरी जिले की नई पहचान बन रही है।

जनजातीय गौरव दिवस समारोह का राज्य स्तरीय आयोजन, अम्बिकापुर के पी.जी. कॉलेज मैदान में होगा भव्य आयोजन, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू करेंगी शिरकत…

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रायपुर: भगवान बिरसा मुण्डा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में 19 और 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ की धरती अम्बिकापुर के पी.जी कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय भव्य जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से शुरू होंगी। मुख्य अतिथि के रूप में 20 नवंबर को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन में शिरकत करेंगी।

जनजातीय गौरव दिवस समारोह के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उईके, केंद्रीय राज्य श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, आदिम जाति मंत्री विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओमप्रकाश चौधरी, संस्कृति मंत्री श्री रजेश अग्रवाल और सरगुजा लोकसभा के सांसद श्री चिंतामणि महाराज विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होगीं। कार्यक्रम में नगर-निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, नगम मण्डल एवं आयोग तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि समाज के प्रबुद्धजन भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

गौरव जनजातीय समारोह के दौरान 19 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय गौरवशाली इतिहास एवं जन नायकों पर अधारित संगोष्ठि (स्वतंत्रता संग्राम में जनजातियों का योगदान) आयोजन होगा। साथ ही उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव, शहीद वीर नारायण सिंह लोककला नृत्य प्रतियोगिता तथा सरगुजा संभाग राज्य स्तरीय जनजातीय विकास प्रदर्शनीय एवं क्राफ्ट मेला का आयोजन किया जाएगा। 20 नवंबर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों जनजातीय विद्रोहों के नायकों एवं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया, हड़जोड़ सम्मान योजना का शुभारंभ किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने कई कीर्तिमान स्थापित किए; वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है।  इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है।

श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। श्री साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में  हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है।  भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है।  कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है।

समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार

श्री साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है।

25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी  के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. श्री बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया।

26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत

श्री साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया।

हर घर बिजली पहुंचाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए।

छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान भरपूर मेहनत करते हैं, खूब अन्न उपजाते हैं तो एक संवेदनशील सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि किसानों के उत्पादन के अनुरूप खरीदी का स्तर भी बढ़ाये। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 बरसों की इस यात्रा में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। विधानसभा में बैठी हुईं महिला सदस्य राज्य को संवारने में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व में भी महिला सदस्यों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ को संवारा है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए इसी विधानसभा भवन से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा

श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, इस संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने विज़न डॉक्युमेंट नवा अंजोर 2047 के रूप में लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने का कि छत्तीसगढ़ की 25 बरसों की विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा है। इस रजत यात्रा में ऐसी अनेक संस्थाएं प्रदेश में स्थापित हुई हैं जिन्होंने प्रदेश के मानव संसाधन की प्रतिभा को उभारने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारे यहां एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां निफ्ट, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाएं भी यहां आरंभ किया जा रहा है। हमारा नवा रायपुर आधुनिक भारत की सबसे नई बसाहट है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई तथा नवा रायपुर को मिलाकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। यह आईटी हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल ने हमं एम्स दिया, मोदी जी ने हमें मेडिकल कॉलेजों की सौगात दी, हम एम्स की तरह ही सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटलों की श्रेणी खड़ी करेंगे। इसके साथ ही हम मेडिसिटी बना रहे हैं।

बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न

श्री साय ने कहा कि माओवाद की वजह से पिछड़ गये बस्तर जैसे इलाकों के लिए यहां से विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कृष्ट ग्राम अभियान, जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से बस्तर विकसित छत्तीसगढ़ के आकाश में नक्षत्र की तरह उभरने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के पुनर्वास की प्रभावी नीति और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना ने जनविश्वास को अत्यधिक मजबूत किया है और बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।

200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभ देने का निर्णय

राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत फ्री बिजली का लाभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक भिन्नता के बावजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मर्यादित और संसदीय आचरण की श्रेष्ठता को बरकरार रखा है। यह देश की अन्य विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि’  सत्ता पक्ष की ओर 15 और विपक्ष की ओर से 10 सदस्यों इस तरह 25 वर्ष की विकास यात्रा में संयोग से 25 माननीय सदस्यों ने सदन में विशेष सत्र में अपनी बात रखी। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि जिसकी बुनियाद हमारे पुरोधाओं ने रखी थी उसकी मर्यादा को यहाँ माननीय सदस्यों ने क़ायम रखा। उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश पांडेय जी के विधानसभा अध्यक्ष रहते क्लोज़ डोर मीटिंग हुई। यह सदन केवल क़ानून नहीं बनाता बल्कि बेहतर भविष्य बनाता है। दिसम्बर 2023 को मेरे सार्वजनिक जीवन का वह क्षण था, जिसे मेरे लिए शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज जो दायित्व निभा रहा हूँ वह बड़ा दायित्व है। मैं इसके काबिल बनने का प्रयास कर रहा हूँ । विधानसभा अध्यक्ष का पद शक्ति का नहीं, उत्तरदायित्व का है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विशेष पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में राज्य और मुझे लगता है कि राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या माओवाद आतंक का समाधान होने जा रहा है । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य ब्याज दर मिलने और सड़क का नेटवर्क यही से पास हुआ । मेडिकल कॉलेज सहित जनहित के सभी विकास कार्यों और कार्यक्रमों का निर्णय यही से हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा। उन्होंने रजत जयंती वर्ष में विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर सदस्यों और मीडिया के साथियों ने सहयोग दिया उसके लिए धन्यवाद दिया।

राज्य के सभी जिलों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जारी

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अब तक 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान की हुई खरीदी
सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही
18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान खरीदा गया
केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसान
रायपुर: राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। आज 18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य पर की गई। बीते 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक राज्य में कुल 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिसमें 3 लाख 4 हजार 512 क्विंटल मोटा धान, 2 लाख 1 हजार 174 क्विंटल पतला तथा 2 लाख 22 हजार 317 क्विंटल सरना धान शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न  हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। 18 नवंबर की स्थिति में 1155 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 97698.8 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जबकि राजनांदगांव जिले ने 92390.4 क्विंटल और रायपुर जिले ने 83299.2 क्विंटल धान का उपार्जन कर राज्य में धान खरीदी के मामले में क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर तक बस्तर जिलें में 395.6 क्विंटल बीजापुर में 155.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 6.4 क्विंटल, कांकेर में 754.8, कोण्डागांव में 5351.2, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 4050.4, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 6668.4, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 396.8, मुंगेली में 8806.8, रायगढ़ में 3949.6, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3922.8, बालोद में 70197.2, बेमेतरा में 97698.8, दुर्ग में 73033.6, कवर्धा में 22252.4, राजनांदगांव में 92390.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 50926, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 3214, बलौदाबाजार में 60551.2, धमतरी में 75660.8, गरियाबंद में 28674.4, महासमुंद में 23388.8, रायपुर में 83299.2, बलरामपुर में 1490.4, जशपुर में 248, कोरिया में 4200, सरगुजा में 645.2, सूजरपुर में 3415.2, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1513.6 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।