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” प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” ” सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करें “

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“प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” 

“प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घर-घर में सौर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली बिल में कमी लाना है। इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के सभी उपभोक्ताओं को अपने आवासीय परिसरों में रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने की सलाह दी जाती है।”

योजना के लाभ”

सोलर प्लांट की क्षमता के अनुसार केंद्र और राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। जैसे कि 1 केवी प्लांट के लिए 45,000 रूपए। जिसमें केंद्र का 30,000 और  राज्य 15,000 अनुदान होगा। इसी प्रकार 2 केव्ही प्लांट के लिए 90,000 रूपए। इनमें केन्द्र का 60,000, राज्य का 30,000, 3 केवी प्लांट या अधिक के लिए 1,08,000 इनमें केन्द्र का 78,000, राज्य 30,000 अनुदान होगा। बैंक द्वारा लोन की सुविधा 3 केवी तक क्षमता के सोलर प्लांट के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए लोन उपलब्ध है, जिसका मासिक ईएमआई सामान्य मासिक बिल से कम है।”

पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना ऑनलाइन पोर्टल पर लॉग ऑन कर या नजदीकी वितरण केन्द्रों, उप-संभाग, संभागीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रति केव्ही कुल खर्च लगभग 65,000 है। इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं और सौर ऊर्जा का उपयोग करके पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान कर सकते हैं।”

किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने राज्यभर में निरीक्षण अभियान जारी…

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किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राज्यभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों की सुरक्षा तथा उर्वरकों की गुणवत्ता एवं वैध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरक के भंडारण एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्यभर में यह निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

cg” जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े मामलों में आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी…”

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जन्म-मृत्यु पंजीकरण में अपील की सुविधा

जानकारी के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रकरण में संबंधित रजिस्ट्रार द्वारा पारित आदेश से असंतोष है, तो वह नियमानुसार जिला रजिस्ट्रार के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकता है। इसी तरह जिला रजिस्ट्रार के आदेश से असंतुष्ट होने पर व्यक्ति को मुख्य रजिस्ट्रार, छत्तीसगढ़ तथा संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, रायपुर के समक्ष अपील करने का अधिकार होगा।

यह व्यवस्था जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संबंधी प्रावधानों के अंतर्गत उपलब्ध है।

कार्यालय ने बताया कि अपील प्रस्तुत करते समय संबंधित आदेश की प्रति, आवश्यक अभिलेख तथा अपना पक्ष स्पष्ट रूप से संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिससे प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार निर्णय लिया जा सके।

जिले के सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण संबंधी किसी भी विवाद, त्रुटि या आदेश के विरुद्ध वैधानिक अपील व्यवस्था का उपयोग करें।

अधिक जानकारी के लिए स्थानीय रजिस्ट्रार अथवा जिला रजिस्ट्रार कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 राज्य सरकार सुशासन की पहल से शिकायतों का त्वरित समाधान…

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“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से शिकायतों का त्वरित समाधान, छात्र का तत्काल कक्षा 9वीं में हुआ प्रवेश”

“समयबद्ध कार्रवाई से शिक्षा विभाग ने कायम किया जनविश्वास, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी सुशासन का प्रभावी माध्यम”

“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है।”

हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जा रही है, जिससे आम नागरिकों का शासन पर विश्वास और मजबूत हो रहा है।”

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की प्रभावशीलता का एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर में देखने को मिला, जहां विद्यालय प्रवेश में आ रही कठिनाई से जूझ रहे एक छात्र की समस्या का समाधान महज कुछ ही समय में कर दिया गया।”

ग्राम खोखरा निवासी श्री श्याम कुमार पटेल ने अपने पुत्र पवन देव पटेल के कक्षा 9वीं में प्रवेश नहीं होने संबंधी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल शिकायतकर्ता से संपर्क किया और आवश्यक जानकारी प्राप्त की।”

पालक की इच्छा के अनुरूप छात्र का प्रवेश शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली में कराने के लिए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए। विद्यालय के प्राचार्य के सहयोग से छात्र का विधिवत प्रवेश सुनिश्चित कराया गया। प्रवेश उपरांत विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने छात्र को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।”

समस्या के त्वरित समाधान पर छात्र के पालक श्री श्याम कुमार पटेल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। समय पर कार्रवाई होने से उनके पुत्र का शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं हुआ और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।”

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन और नागरिकों के बीच विश्वास का सशक्त सेतु बन चुकी है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी विद्यार्थी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और प्रत्येक छात्र को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का नया अध्याय लिख रही है।”

” सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त 507 आवेदनों का निराकरण…”

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ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देने का बना प्रभावी अभियान

सुशासन तिहार केवल शिकायतों के समाधान का मंच नहीं, बल्कि गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी ग्रामीणों की सभी मांगों का समयबद्ध निराकरण कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

जिला प्रशासन अंबिकापुर द्वारा सुशासन तिहार के दौरान जिलेभर से प्राप्त 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया। इनमें बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन तथा अन्य पशुपालन गतिविधियों से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

जिले के जनपद पंचायतवार प्राप्त आवेदनों में लखनपुर से सर्वाधिक 96 आवेदन, मैनपाट से 84, सीतापुर से 81, बतौली से 70, अम्बिकापुर से 67, उदयपुर से 66 तथा लुंड्रा से 43 आवेदन प्राप्त हुए। सभी जनपदों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया।

पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार एवं वैज्ञानिक पालन-पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों को सफल पशुपालक के रूप में विकसित करना भी है।

पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टिकोण के साथ सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।

cg” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व…”

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किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के सर्वाेच्च नेतृत्व तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री साय का सार्वजनिक जीवन सादगी, जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सत्ता के शीर्ष पद पर होने के बावजूद उनकी सादगी और सहजता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री श्री साय आम जनता से सीधे संवाद को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है।

आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में बैठकर लोगों से चर्चा करना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 8,200 करोड़ रूपये का बजट महतारी वंदन योजना के लिए आवंटित किया है। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है।

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। राज्य सरकार ने धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की तथा लाखों किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया।

प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल करते हुए लाखों आवासों को स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश में लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

बस्तर के जंगलों में उत्पादित होने वाले तेंदूपत्ता, आदिवासी समाज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी तेंदूपत्ता के सहारे हजारों गांवों में गर्मियों के महीनों में रोज़गार मिलता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं, जिससे परिवार की कुल आय में संतुलन बनता है। यही वजह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को सरकार ग्रामीण रोजगार का मजबूत जरिया मानती है।

राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी रहत देते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर में अहम बदलाव किया है। पूर्व में मिलने वाली राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया है। यह बढ़ोतरी सीधे-सीधे संग्राहकों लाभ पहुंचा रही है। जानकारों के अनुसार पहले बढ़ती महंगाई के मुकाबले संग्रहण की दर कम पड़ रही थी, लेकिन नई दर से मजदूरी और मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील पुनर्वास और विकास पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक और मुख्यधारा से जुड़ा जीवन प्रदान किया जा रहा है।

एक नवंबर 2024 से लागू छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को निवेश और उद्योगों के लिए नई पहचान दे रही है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सिद्धांत पर आधारित यह नीति उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाती है।

व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध स्वीकृति और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उद्यमियों को कम समय में आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो रही हैं और कारोबार करने में सुगमता बढ़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मजबूत और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में रेल, सड़क और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हुई है।

छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निरंतर उन्नयन, नई सड़कों और पुलों का निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के प्रयासों ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। इससे माल परिवहन की लागत और समय में कमी आई है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

राज्य शासन की पहल से रेल नेटवर्क के विस्तार और नई रेल परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज संपदा वाले इलाकों और प्रमुख शहरों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयर रूट और बेहतर विमानन सुविधाओं से राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच और भी मजबूत हुई है। बेहतर परिवहन अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ आज निवेश, व्यापार और पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन रहा है। यह मजबूत कनेक्टिविटी राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की आधारशिला बनाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, तथा अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं। इसके लिए ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में कही भी औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से जिलों के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।

इन निरीक्षणों के दौरान लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन बढ़ा है और अधिकारियों की जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।

औचक निरीक्षणों के परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आया है तथा जनता का शासन व्यवस्था पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

सुशासन की इसी कार्य पद्धति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तथा शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को केंद्र में रखकर राज्य में व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल शासन, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, किसानों और महिलाओं के हित में लागू योजनाएँ तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

राज्य सरकार का संकल्प है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित एवं समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

विकसित छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, सशक्त और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर नए अवसरों, नई उपलब्धियों और नई संभावनाओं के साथ विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील हृदय और सशक्त नेतृत्व यही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहचान है, जो छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रही है।

cg” शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता से होती है समाज की वास्तविक प्रगति : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह…”

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– विधानसभा अध्यक्ष ने सिंगदई में 35 लाख रूपए की लागत से निर्मित जिला निषाद समाज छात्रावास भवन का किया लोकार्पण
– विधानसभा अध्यक्ष ने सिंगदई में सीसी रोड निर्माण, महिला घाट एवं आंगनबाड़ी भवन निर्माण की घोषणा की
– विधानसभा अध्यक्ष ने समाज की मांग पर छात्रावास भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की

राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव शहर के सिंगदई में 35 लाख रूपए की लागत के जिला निषाद केंवट सामाजिक भवन छात्रावास का लोकर्पण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने स्थानीय विकास कार्यों के लिए कई घोषणाएं की। उन्होंने सिंगदई वार्ड में सीसी रोड निर्माण, सिंगदई में शिवनाथ नदी तट पर महिला घाट एवं आंगनबाड़ी भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही समाज की मांग पर छात्रावास में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 10 लाख रूपए की राशि की घोषणा की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता से होती है। उन्होंने कहा कि समाज जब केवल सामाजिक आयोजनों तक सीमित न रहकर भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए छात्रावास, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का निर्माण करता है, तब वह विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि लगभग 35 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित जिला निषाद केंवट सामाजिक छात्रावास भवन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने समाज को बधाई देते हुए कहा कि इस भवन का उपयोग छात्राओं की शिक्षा के लिए छात्रावास के रूप में किया जाएगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में समाज को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि समाज का विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। रामायण काल में निषादराज और भगवान श्रीराम के बीच की आत्मीयता सामाजिक समरसता और समानता का श्रेष्ठ उदाहरण है।

वैदिक काल से लेकर आज तक निषाद समाज ने देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि समाज का संगठन जितना मजबूत होगा, उतनी ही तेजी से समाज के युवाओं और आने वाली पीढिय़ों का भविष्य उज्ज्वल होगा।

उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा, सामाजिक नेतृत्व और विकास के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढऩे कहा।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि निषाद समाज संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने वाला समाज है तथा समाज की एकता और संगठन उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने निषाद समाज सहित विभिन्न वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया है तथा मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए अलग मंत्रालय का गठन कर समाज के हितों को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि समाज का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर निरंतर आगे बढऩा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह हमेशा निषाद समाज के विकास के लिए अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। सांसद श्री पाण्डेय ने नवनिर्मित जिला निषाद केंवट सामाजिक भवन की सराहना करते हुए कहा कि भवन का निर्माण अत्यंत सुंदर और उपयोगी ढंग से किया गया है। उन्होंने कहा कि यह भवन समाज की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गुण्डरदेही विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि निषाद समाज पूरे प्रदेश में शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज का लक्ष्य युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से प्रशासनिक एवं अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में आगे बढ़ाना है।

इसी उद्देश्य से जिला स्तर पर छात्रावासों की स्थापना की जा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में नवनिर्मित जिला निषाद केंवट सामाजिक भवन को समाज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस अवसर पर अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग श्री नेहरू निषाद, जिला अध्यक्ष निषाद समाज श्री दु्रपत कुमार निषाद ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री मनोहर निषाद, श्री गिरधर लाल निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

“ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ” ” सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए विद्युतीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया.. “

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विद्युतीकरण की आवश्यकता

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तेजी से विद्युतीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा भंडारण के साथ नवीकरणीय ऊर्जा ही भविष्य में विश्वसनीय, किफायती और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने की कुंजी होगी।

लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक में संवाद

लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान, लंदन के साइंस म्यूजियम में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन द्वारा आयोजित पहले अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में बोलते हुए, सागर अदाणी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, किफायतीपन और स्थिरता आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से हैं।

विद्युतीकरण का महत्व

उन्होंने कहा, “विद्युतीकरण इन तीनों चुनौतियों का समाधान करने का सबसे प्रभावी तरीका बन रहा है। जो देश मजबूत आर्थिक विकास और ऊर्जा में आत्मनिर्भरता चाहते हैं, उनके लिए तेजी से विद्युतीकरण अब एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन चुका है।”

नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता

सागर अदाणी ने यह भी बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा की असली क्षमता तब प्रकट होती है जब इसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट जैसी तकनीकों के साथ जोड़ा जाता है।

अदाणी ग्रीन का लक्ष्य

उन्होंने कहा, “ये तकनीकें स्वच्छ ऊर्जा को विश्वसनीय, किफायती और चौबीसों घंटे उपलब्ध कराती हैं। अदाणी ग्रीन इसी दिशा में काम कर रही है और 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखती है।”

जलवायु परिवर्तन पर चर्चा

इस संवाद कार्यक्रम में नीति निर्माता, निवेशक, उद्योग के प्रतिनिधि और जलवायु विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी ने स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने के लिए आवश्यक नीतियों, निवेश और बुनियादी ढांचे पर चर्चा की।

स्वच्छ विद्युतीकरण का महत्व

एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन के सह-अध्यक्ष लॉर्ड अडेयर टर्नर ने कहा कि यदि दुनिया को शून्य-उत्सर्जन अर्थव्यवस्था बनानी है, तो स्वच्छ विद्युतीकरण सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को बिजली-आधारित बनाना और बिजली उत्पादन को कार्बन मुक्त करना आवश्यक है।

अदाणी समूह का निवेश

अदाणी समूह ऊर्जा परिवर्तन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने का संकल्प ले चुका है। समूह बिजली ट्रांसमिशन, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई औद्योगिक तकनीकों में भी लगातार निवेश कर रहा है।

गौतम अदाणी की प्रतिबद्धता

इस सप्ताह की शुरुआत में अदाणी ग्रुप की वार्षिक आम बैठक में, चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और परमाणु ऊर्जा पर आधारित विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नई डिजिटल पहलों की शुरुआत करने की योजना…”

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नई डिजिटल पहलों का ऐलान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नई डिजिटल पहलों की शुरुआत करने की योजना बनाई है। इस संबंध में शनिवार को जानकारी दी गई।

इनमें ‘आरोग्य सेतु 2.0’ शामिल है, जो नागरिकों के लिए एक व्यापक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड एप्लिकेशन (पीएचआर) के रूप में कार्य करेगा।

लॉन्च इवेंट की जानकारी

यह लॉन्च इवेंट 29 जून को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, स्वास्थ्य सेवा के नेता, तकनीकी भागीदार, उद्योग के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रमुख लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भारत के एक जुड़े और इंटरऑपरेबल स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

नई पहलों की विशेषताएँ

इन पहलों में नागरिकों के लिए एप्लिकेशन, सेवा प्रदाताओं के लिए समाधान, इंटरऑपरेबिलिटी ढांचा, रजिस्ट्रियां और डेटा मानक शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान बने विश्वास और पहुंच को बढ़ावा देते हुए, नया ‘आरोग्य सेतु 2.0’ एप्लिकेशन एक ही प्लेटफॉर्म पर कई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगा।

एप्लिकेशन की कार्यक्षमता

मंत्रालय के अनुसार, यह एप्लिकेशन आभा (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) बनाने और प्रबंधित करने, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंचने और साझा करने, सहमति-आधारित स्वास्थ्य जानकारी के आदान-प्रदान, एआई-समर्थित स्वास्थ्य अंतर्दृष्टि और स्मार्ट स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह उपयोगकर्ताओं को आसपास की स्वास्थ्य सुविधाओं, डॉक्टरों, एम्बुलेंस सेवाओं, रक्त बैंकों और जन औषधि केंद्रों की जानकारी भी देगा।

आयुष्मान ऐप और सारथी

आयुष्मान ऐप, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के लाभार्थियों के लिए एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही, ‘आयुष्मान सारथी’ नामक एक व्हाट्सएप चैटबॉट भी पेश किया जाएगा, जो पीएम-जेएवाई सेवाओं को सरल बातचीत के माध्यम से उपलब्ध कराएगा।

डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का समन्वय

सरकार ‘कॉमन लॉइंक कोड्स फॉर इंडिया’ (सीएलसीआई) लॉन्च करेगी, जो भारतीय स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकताओं के अनुसार अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला मानकों का एक राष्ट्रीय स्तर पर तैयार सबसेट होगा। यह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स स्टैंडर्ड्स (एनआरसीईएस) द्वारा विकसित किया गया है।

cg’ विधानसभा अध्यक्ष जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल…’

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“बेटियां हर क्षेत्र में बढ़ रही आगे : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह”

– स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम का किया शुभारंभ

-नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत बालिकाओं को किया सायकल का वितरण

– विधानसभा अध्यक्ष ने बालिकाओं को मिठाई खिलाकर कराया शाला प्रवेश

– बख्शी स्कूल में कॉमर्स विषय में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई प्रारंभ करने एवं स्कूल परिसर में स्थायी डोम निर्माण की घोषणा की

– विद्यार्थी मन लगाकर करें अध्ययन, पढ़ाई के लिए मोबाईल से बना लें दूरी

–  स्कूल कैम्पस में बाक्सिंग रिंग एवं तीरंदाजी के लिए सुविधा उपलब्ध

– स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा  और नवाचार की भावना को करेगा प्रोत्साहित

राजनांदगांव 27 जून 2026। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम का शुभारंभ किया तथा नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत बालिकाओं को सायकल का वितरण किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बालिकाओं को मिठाई खिलाकर शाला प्रवेश कराया। उन्होंने कक्षा 11वीं की पढ़ाई के लिए इसी सत्र से कॉमर्स विषय में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई प्रारंभ करने की घोषणा की।

उन्होंने स्कूल परिसर में प्रार्थना एवं सभा के लिए स्थायी डोम निर्माण की घोषणा की।  इस अवसर पर स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम के माध्यम से राजनांदगांव में शिक्षा के एक नये युग का सूत्रपात हुआ है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस बेहतरीन आयोजन का महत्व इसलिए बढ़ गया है कि बालिकाओं के लिए नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत जिले में 6100 सायकल का वितरण किया जाना है और आज यहां स्कूल में 120 बालिकाओं को सायकल का वितरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बालिकाएं स्कूल जाएं और उनकी पढ़ाई बाधित न हो। इसके लिए पहली से आठवीं तक के 82358 बच्चों को नि:शुल्क गणवेश तथा पाठ्य पुस्तक का वितरण किया गया है।

वहीं कक्षा 9वीं एवं 10वीं के 23275 विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण किया जा रहा है। यहां स्कूल में ऑडिटोरियम, स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम की सौगात मिली है और स्कूल में अच्छी व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि बेटियों ने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है। उन्होंने क्रिकेट खिलाड़ी महक नरवासे का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम चयनित होने एवं उपकप्तान के रूप में चयनित होने पर राजनांदगांव जिले एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है।

उन्होंने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, यहां कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जनपद उपाध्यक्ष, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष बेटियां है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों को सम्मान के साथ अधिकार भी दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालय, राजनांदगांव का प्रतिष्ठित विद्यालय है। यहां के बच्चों का बोर्ड परीक्षाओं में 99 प्रतिशत परिणाम रहा है। सरकार बच्चों के पढ़ाई के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि जिले में मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहां भारतीय लोकसेवा आयोग की परीक्षा में चयनित युवा आईएएस अधिकारियों ने अपने अनुभव बताए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मेहनत करें और मन लगाकर अध्ययन करें। पढ़ाई के लिए मोबाईल से दूरी बना लें तथा रील न बनाए।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर, एसपी, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर एवं विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं देने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने बताया कि 18 से 20 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव में नालंदा परिसर में लाईब्रेरी बन जाने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें खरीदने की जरूरत नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि स्कूल कैम्पस में बाक्सिंग रिंग एवं तीरंदाजी के लिए सुविधा उपलब्ध करायी गई है। उन्होंने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने सभी को शाला प्रवेशोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेशोत्सव मनाने के लिए तय किया है।

यह केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं बल्कि अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। विद्याधन के लिए शुभारंभ का महत्व है, इसके लिए सरकार ने अनेक तैयारियां की है। इसी कड़ी में आज यहां बालिकाओं को सायकल का वितरण किया गया है।

शासन द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए हरसंभव कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि बच्चे अच्छे से पढ़ाई करें और अपनी प्रतिभा को तराशें। आज यहां खगोलीय घटना के दृष्टिगत तारा मंडल में तारा और नक्षत्रों की भूमिका के लिए प्लैनेटेरियम का शुभारंभ किया गया है, वहीं स्पेस लैब में बेटियों ने बहुत अच्छी जानकारी दी।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने प्रतिवेदन का वाचन किया। उन्होंने बताया कि 25-25 लाख रूपए की लागत से डीएमएफ मद से स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम का निर्माण किया गया है।

इसके साथ ही परिसर में बाक्सिंग रिंग का संभाग स्तरीय शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल के विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा में बहुत अच्छा परिणाम रहा। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 99 प्रतिशत परिणाम रहा।

उन्होंने बताया कि जिले में आईएएस, नीट, जेईई, क्लैट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

स्पेस एजुकेशन लैब एवं प्लैनेटेरियम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा  और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करेगा।

बच्चे विज्ञान की दुनिया में नए भविष्य की ओर एक कदम बढ़ाएंगे। खगोल विज्ञान की रोमांचक यात्रा, आधुनिक डिजिटल प्रोजेक्शन सिस्टम, छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक अनुभव, विज्ञान के प्रति जिज्ञासा को बढ़ावा, भविष्य के वैज्ञानिकों की नई उड़ान के लिए बच्चों को प्रेरित किया गया।

राकेट साईंस, चंद्रयान-3, वैज्ञानिकों के जीवन, ड्रोन पायलेट, मंगलयान, इसरो की यात्रा को बताया गया। वही खगोलीय घटनाएं चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण की भी जानकारी मिलेगी।

इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव,

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव,

अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्री प्रतिमा चंद्राकर,

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू,

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल,

राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू,

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा, श्री कोमल सिंह राजपूत, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री खूबचंद पारख, श्री भावेश बैद, श्री उत्तम साहू,

जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री देवशरण साहू, श्री राजा माखिजा, श्रीमती खोमिन यादव, अमृता सिन्हा, श्री गौरव गुप्ता, श्री शिव वर्मा, अनिता सिन्हा, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा,

जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, स्कूल की प्राचार्य श्रीमती सुनिता खरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बालिकाएं व अभिभावक उपस्थित थे।