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वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का संबोधन, सीएम विष्णुदेव साय जुड़े वर्चुअली, खास मुद्दे पर की बात…

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पूरे देश में आज ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भव्य रूप से मनाई जा रही है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी संकल्प के भाव से सराबोर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

रायपुरपूरे देश में आज ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भव्य रूप से मनाई जा रही है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी संकल्प के भाव से सराबोर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के पांचों संभागों में देशभक्ति की लहर देखने को मिल रही है।

पीएम मोदी के इस आयोजन से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंत्रालय से वर्चुअल माध्यम से जुड़े, वहीं प्रदेश के कई मंत्री और सांसद भी अलग-अलग जिलों में आयोजित समारोहों में मौजूद रहे। रायपुर में कार्यक्रम का मुख्य आयोजन सरदार बलबीर जुनेजा इनडोर स्टेडियम में हुआ, जहां ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और तिरंगे के रंगों में रंगा माहौल लोगों को भावविभोर कर गया। मुख्यमंत्री साय ने अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा की आवाज़ है। यह गीत हमें स्वदेशी भावना, त्याग और एकता का संदेश देता है।”

इस अवसर पर प्रदेशभर में ‘आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी संकल्प’ विषय पर विविध सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्कूलों और कॉलेजों में देशभक्ति गीत प्रतियोगिताएं, वंदे मातरम् समूह गान और चित्रकला प्रदर्शनियां आयोजित की गईं।प्रदेश के पांचों संभागों में भी संस्मरणोत्सव का आयोजन किया गया।जगदलपुर में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप,बिलासपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू,अंबिकापुर में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल,और दुर्ग में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रमों में शिरकत की।

 

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने पोट्ठ लईका पहल के स्टॉल का किया अवलोकन, उपराष्ट्रपति ने नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा सुपोषण किट का वितरण किया…

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राजनांदगांव। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन स्टेट हाई स्कूल मैदान राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रामेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने सुशासन पथ में विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के सुपोषण के लिए चलाए जा रहे पोट्ठ लईका पहल के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई की एवं सुपोषण कीट का वितरण किया।
उल्लेखनीय है कि पोट्ठ लईका पहल अंतर्गत स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा एनआरएलएम के अधिकारियों को यूनिसेफ द्वारा पोषण संबंधी परामर्श में गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में पोषण परामर्श देना प्रारंभ कर दिया। पोट्ठ लईका पहल अंतर्गत लक्षित आंगनबाड़ी केन्द्रों में हर गुरूवार को पालक चौपाल का आयोजन कर लक्षित बच्चों के माता-पिता, सरपंच, सचिव, नवविवाहित महिलाएं, गर्भवती महिलाएं,समूह से जुड़ी महिलाएं शामिल होती हैं। पूरे समुदाय के निरंतर प्रयासों के परिणाम स्वरूप अभियान के क्रियान्वयन के प्रथम 6 महीनों में 3413 में से 2136 बच्चों अर्थात 65.58 प्रतिशत लक्षित बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला जा चुका हैं। जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं क्योंकि यह एक जीरो कॉस्ट इनोवेशन हैं और यह केवल परामर्श सामुदायिक भागीदारी और सतत निगरानी के माध्यम से किया गया है।

इस नवाचार का एनआईटी रायपुर की बिहेवियर इनसाईट यूनिट द्वारा तृतीय पक्ष अध्ययन किया गया। जिसके परिणाम उत्साहवर्धक रहे हैं। अक्टूबर 2024 से सभी सैम बच्चों को ऑगमेंटेड टेक होम राशन प्रदान करके एबीस एक्सपोर्ट ग्रुप का सीएसआर विंग पहल भी इस कार्यक्रम में शामिल हो गया है। कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए इस अभियान को जून 2025 से पूरे जिले में लागू किया गया और अब 9751 कुपोषित बच्चों को लक्षित किया गया हैं। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप माह सितंबर की स्थिति में लक्षित बच्चों में से 2295 बच्चे कुपोषण से बाहर आए हैं। पोषण परामर्श और व्यवहार परिवर्तन समय की मांग हैं। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री खूबचंद पारख, श्री सचिन बघेल, श्री दिनेश गांधी, श्री रमेश पटेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्री अशोक चौधरी, श्री सौरभ कोठारी, श्री भावेश बैद, पद्मश्री फूलबासन यादव, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता  शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती गुरूप्रीत कौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

25 वर्षों की विकास यात्रा थीम पर बनी कृषि विभाग के प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा नवा रायपुर, अटल नगर तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर, मेला स्थल में 1 से 5 नवम्बर तक राज्योत्सव का आयोजन किया गया। इस मेला में कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा 25 वर्षों की विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल प्रदर्शनी लगाई गई। आम जनता द्वारा इस प्रदर्शनी को काफी प्रशंसा एवं सराहना मिली। 05 दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम में जुरी कमेटी द्वारा कृषि विभाग के प्रदर्शनी को द्वितीय स्थान के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह के मौके पर उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने पुरस्कार ग्रहण किया। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विभाग की इस सफलता के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पुरस्कार मिलने से अधिकारी-कर्मचारी भी उत्साहित हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि राज्योत्सव में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी तथा संवर्गीय विभाग -उद्यानिकी, पशु पालन, मछली पालन, कृषि अभियांत्रिकी, राष्ट्रीय जलग्रहण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर एवं कामधेनु विश्वविद्यालय तथा सम्बंधित संस्थाओं द्वारा इन 25 वर्षों के विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल का प्रदर्शन किया गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक 25 वर्षो में केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं के द्वारा हुए विकास का जीवंत प्रदर्शन करते हुए स्टॉल लगाया गया, जिसमें कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती, किसान सम्मान निधि, ड्रोन द्वारा उर्वरक छिड़काव, बीज वितरण व विपणन की नवीन व्यवस्था, भूमि संरक्षण द्वारा वर्षा जल संरक्षण आदि को प्रदर्शित किया गया।

उद्यानिकी विभाग द्वारा पुष्पों की प्रदर्शनी एवं सब्जियों तथा फलों की उन्नत किस्म का प्रदर्शन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के उन्नत नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन तथा मछली पालन विभाग द्वारा बायोफ्लॉक एवं केजकल्चर द्वारा मछलीपालन की नवीन तकनीक के साथ सजावटी मछलियों का प्रदर्शन किया गया। कृषि अभियांत्रिकी द्वारा कृषि में प्रयोग की जाने वाली उन्नत कृषि तकनीक से लैस कृषि यंत्रों को जनता के लिए प्रदर्शित किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के अनुकूल तथा अधिक उत्पादन देने वाली विभिन्न फसल किस्मों के साथ स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित जैविक उत्पाद का प्रदर्शन किया गया था।

राज्योत्सव 2025 का समापन:  विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने राज्योत्सव 2025 को बनाया यादगार…

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर म्यूनिसिपल स्कूल मैदान राजनांदगांव में तीन दिवसीय राज्योत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। राज्य स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के रूप में मनाया गया।

राज्योत्सव के तृतीय दिवस जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थाओं के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। जिसमें एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेण्ड्री, पीएमश्री सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नीरज पब्लिक स्कूल पेण्ड्री के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य पर मनमोहक प्रस्तुति दी।

इसके साथ ही श्रीमती कामनी साहू के छत्तीसगढ़ी लोक गीतों ने समा बांधा। चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र के कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के कलापथक दल द्वारा प्रस्तुति दी गई। आस्था, अभिलाषा व महासमुंद जिले से आए दिव्यांग कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं संस्थानों के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से राज्योत्सव 2025 के आयोजन को यादगार बनाया।

विभिन्न विकास विभाग की विभागीय महत्वपूर्ण योजनाओं एवं सफल योजनाओं की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

“पहलगाम के बाद फिर कश्मीर में हमला करने की फिराक में आतंकी, शमशेर की टीम पर बड़ा खुलासा”

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल महीने में हुए आतंकी हमले को कोई नहीं भूल पाया है. भारतीय सेना ने इस हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए एक साथ कई आतंकियों को ठिकाने लगाया था. हालांकि आतंकी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं.

ऐसा इसलिए क्योंकि खुफिया सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि आतंकी फिर से कश्मीर में पहलगाम जैसा हमला करने की फिराक में हैं. इस जानकारी के सामने आने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गए हैं.

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर के बाद कश्मीर में आतंकी घुसपैठ, ड्रोन से नजर रखना और सीमा पार से रसद की आपूर्ति में बढ़ोतरी हुई है. लश्कर और जैश की कई यूनिट Loc के रास्ते जम्मू-कश्मीर में घुसी हैं. जिन्हें पाकिस्तान की ISI और एसएसजी से मदद मिल रही है.

आतंकी शमशेर की यूनिट एक्टिव

आतंकी शमशेर लश्कर की एक यूनिट ने कथित तौर पर हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है, जिससे आने वाले हफ्तों में संभावित फिदायीन हमलों या हथियार गिराने के संकेतों का पता चला है. पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT), जिसमें पूर्व SSG सैनिक और आतंकवादी शामिल हैं. इनको पूरे पाक अधिकृत कश्मीर में फिर से तैनात किया गया है, जो सीमा पार हमलों की नई योजनाओं का बनाने का सीधा संदेश है.

आतंकियों की हुई थी बड़ी बैठक

अक्टूबर 2025 में Pok में हुई हाईलेवल मीटिंग में जमात-ए-इस्लामी, हिज़्बुल मुजाहिदीन और आईएसआई के अधिकारी एकजुट हुए थे. जहां स्लीपर सेल को एक बार फिर एक्टिव करने, पूर्व कमांडरों को पैसा मुहैया कराने और ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान का बदला लेने के लिए “जवाबी हमले” करने की योजनाएं बनाई गईं. यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबसे बड़ी एक्टिविटी है. यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों को एक्टिव मोड पर रखा गया है. ऑपरेशन सिंदूर में तबाह होने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है.

“Indian Job Market: खतरे में लाखों नौकरियां! भारत तेजी से बन रहा गिग इकोनॉमी, जारी हुई बड़ी चेतावनी”

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शेयर बाज़ार के जाने-माने विशेषज्ञ और मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी ने भारतीय रोज़गार बाज़ार के भविष्य पर एक बड़ी और कड़वी चेतावनी दी है। उनके अनुसार ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत में व्हाइट कॉलर जॉब्स (White Collar Jobs) में वृद्धि का पहिया लगभग थम चुका है।

यह बदलाव अस्थायी नहीं बल्कि जीवनयापन के तरीके में एक बुनियादी और स्थायी परिवर्तन का संकेत है।

नौकरियों की ग्रोथ रुकी: कॉर्पोरेट जॉब्स की वापसी मुश्किल

सौरभ मुखर्जी ने एक पॉडकास्ट के दौरान कहा कि भारत अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहाँ सुरक्षित और पारंपरिक कॉर्पोरेट नौकरियों के मौके कम होते जाएंगे। उनका मानना है कि व्हाइट कॉलर जॉब्स की ग्रोथ में आया यह धीमापन अस्थायी नहीं है और पिछले 5 वर्षों में इनमें बमुश्किल ही बढ़ोतरी हुई है। उन्हें नहीं लगता कि अब इन नौकरियों में किसी भी तरह की सार्थक वृद्धि होने की कोई संभावना है क्योंकि ऑटोमेशन बड़ी कंपनियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल रहा है।

ऑटोमेशन का प्रभाव: कंपनियां बिना भर्ती कर रही हैं विस्तार

मुखर्जी बताते हैं कि अब बड़ी कंपनियों को विस्तार के लिए बड़ी टीमों की आवश्यकता नहीं है। HDFC बैंक, बजाज फाइनेंस, टाइटन और एशियन पेंट्स जैसी दिग्गज कंपनियां भी अब कर्मचारियों की संख्या बढ़ाए बिना ही तेज़ी से विस्तार कर रही हैं। ऑटोमेशन ने इन कंपनियों के लिए कम कर्मचारियों के साथ काम करना बेहद आसान बना दिया है जिससे बड़ी संख्या में नई भर्तियाँ होने की संभावना बहुत कम हो गई है।

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भारत बन रहा है गिग वर्कर्स की दुनिया

सौरभ मुखर्जी के अनुसार भारत में अब स्ट्रक्चर्ड सैलरीड जॉब्स में तेज़ी से गिरावट देखने को मिलेगी। इसके बजाय,देश में सेल्फ-एंप्लॉयमेंट (स्वरोजगार) और गिग वर्क आम बात हो जाएगी। ज़्यादा लोग स्वतंत्र रूप से काम करेंगे, जैसे फ्रीलांसर, ड्राइवर, कोडर, पॉडकास्टर, वित्तीय सलाहकार या क्रिएटर। हर साल लाखों युवा जॉब मार्केट में आ रहे हैं ऐसे में देश को काम और कमाई के वैकल्पिक तरीकों पर सोचना होगा।

भारत की बेहतर स्थिति

मुखर्जी का मानना है कि इस बदलाव को अपनाने के लिए भारत कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। भारत के पास युवा आबादी सस्ते डेटा, आधार और UPI जैसी मज़बूत डिजिटल प्रणालियाँ मौजूद हैं। ये सारी चीजें “गिग कर्मचारियों को एक साथ जोड़ने वाला गोंद” हैं जो डीसेंट्रलाइज्ड (विकेन्द्रीकृत) काम का एक मज़बूत आधार प्रदान करते हैं।

भविष्य के लिए सलाह

मुखर्जी ने वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को तैयार रहने की सलाह दी है। पारंपरिक व्हाइट कॉलर जॉब्स अब एक बड़ी चुनौती होंगे। हमें खुद को और अपने बच्चों को ऐसे भविष्य के लिए तैयार करना होगा जहां जीवन का एक बड़ा समय गिग वर्कर के रूप में बीतेगा। उनका कहना है कि ऑफिस कार्ड, ऑफिस कैब और एक ही कंपनी में दशकों तक काम करने का दौर अब खत्म हो रहा है।

“बिहार के मतदाताओं के पास अवसरवादी हुक्मरानों को सबक सिखाने का सुनहरा मौक़ा: खरगे”

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आरंभ होने के बाद बृहस्पतिवार को राज्य के मतदाताओं से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें क्योंकि यह जनता के साथ विश्वासघात करने वाले अवसरवादी हुक्मरानों को सबक सिखाने का सुनहरा मौक़ा है।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कुल 3.75 करोड़ मतदाता 1,314 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला करेंगे। इस चरण में विपक्षी महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ-साथ 16 मंत्रियों की किस्मत भी दांव पर है। खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “लोकतंत्र की जन्मस्थली, बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है। मेरी बिहार के मतदाता से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करें और 20 साल बाद प्रदेश को बदलाव की एक नई दिशा प्रदान करें।” उन्होंने कहा कि एक ऐसे बिहार का निर्माण करना है जहां राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो, उन्हें बेरोजगारी और पलायन का दंश नहीं झेलना पड़े।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “समाज के हर वर्ग- दलित, महादलित, आदिवासी, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, आर्थिक रूप से कमज़ोर, अल्पसंख्यक सभी को बराबर का हक़ मिले और सामाजिक न्याय की एक नई परिभाषा हम रचें जिससे देश की तरक़्क़ी में बिहार का योगदान बढ़े।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, “पिछले 20 वर्षों में बिहार में भ्रष्टाचार, कुशासन और जंगलराज को ‘विकास’ की ब्रैंडिंग कर, अवसरवादी हुक्मरानों ने जो जनता के साथ विश्वासघात किया है उन्हें सबक सिखाने का आज बिहार की जागरुक जनता के पास सुनहरा मौक़ा है। ये अवसर जाने ना दें। ” खरगे ने कहा, “मैं ख़ासकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं से दिल से अपील करता हूं कि वो इस मौक़े को ना गंवाएं और परिवर्तन के लिए अपने मताधिकार का ज़रूर प्रयोग करे। वोट ज़रूर करें और अपने मित्रों व परिवारजनों को भी प्रोत्साहित करें।

” कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मतदाताओं का आह्वान किया कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वोट करें। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बिहार के मेरे प्यारे भाइयों, बहनों, माताओं एवं युवाओं! आज अपने हाथों से अपना भविष्य तय करने का दिन है। बड़ी संख्या में निकलकर लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लीजिए।” प्रियंका गांधी ने कहा, ” नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बिहार के उज्ज्वल भविष्य के लिए, अपने लोकतंत्र, संविधान व वोट के अधिकार की रक्षा के लिए वोट कीजिए।”

“दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विराट कोहली और रोहित शर्मा को नहीं मिला मौका! टीम इंडिया के ODI स्क्वाड से बाहर”

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भारत और साउथ अफ्रीका की ए टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज भी खेली जाएगी, जिसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारत का ए टीम का ऐलान कर दिया है.

लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की इस वनडे सीरीज के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा के नाम का चयन नहीं किया गया है. ये दोनों ही खिलाड़ी भारत की ए टीम का हिस्सा नहीं हैं.

रोहित-विराट टीम से बाहर?

साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड से रोहित शर्मा और विराट कोहली को बाहर रखा गया है. लेकिन साउथ अफ्रीका की सीनियर टीम के खिलाफ टीम इंडिया में रोहित और विराट दोनों ही खेलते नजर आ सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित शर्मा के बल्ले से 3 मैचों में ही 200 से ज्यादा रन आए थे. वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी वनडे में विराट कोहली ने भी अर्धशतकीय पारी खेली थी.

अभिषेक शर्मा को मिला मौका

टी20 क्रिकेट में स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को भारत की वनडे टीम में शामिल होने का इंतजार है. लेकिन भारत की सीनियर टीम में शामिल होने से पहले अभिषेक को भारत की ए टीम में जगह मिल रही है. ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भी अभिषेक को मौका मिला था. भारत की ए टीम में जगह पाने के लिए ही अभिषेक ने अपनी बहन की शादी स्किप की थी. वहीं अब साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ भी अभिषेक शर्मा को वनडे सीरीज के लिए लिया गया है.

वनडे सीरीज का शेड्यूल

भारत और साउथ अफ्रीका की ए टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज के सभी मुकाबले राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जाएंगे.

पहला वनडे- 13 नवंबर, राजकोट

दूसरा वनडे, 16 नवंबर, राजकोट

तीसरा वनडे- 19 नवंबर, राजकोट

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की ए टीम

तिलक वर्मा (कप्तान), ऋतुराज गायकवाड़ (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, रियान पराग, ईशान किशन (विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, विपरज निगम, मानव सुथार, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, खलील अहमद और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर).

“Bihar Election वोटिंग के बीच रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, ‘जनता जानती है किसके साथ है विकास का रास्ता'”

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बिहार चुनावी माहौल में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पूरी तरह समझदार है और उन्हें अच्छे-बुरे की पहचान है.

उन्होंने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों में बिहार ने जिस तरह विकास की दिशा पकड़ी है. वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही संभव हुआ है.

भ्रष्टाचार में डूबे लोगों को जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता- रेखा गुप्ता

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि बिहार की जनता ने देखा है कि जब राज्य में एनडीए की सरकार होती है. तब सड़कों, बिजली, शिक्षा और उद्योग में तेजी से प्रगति होती है. लोगों के जीवन में स्थिरता आती है. इसलिए अब कोई भी व्यक्ति बिहार के विकास को रोक नहीं सकता है. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में डूबे हैं और जिन्होंने जनता के पैसे का दुरुपयोग किया, उन्हें जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता है.

जनता अब जननायकों और खलनायकों में समझती है फर्क- सीएम रेखा

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि बिहार की जनता को बेवकूफ बनाने का दौर खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि जो लोग झूठे वादे करके जनता को गुमराह करते हैं, वे जल्द ही जनता के गुस्से का सामना करेंगे. ऐसे लोग राजनीति नहीं, छुट्टियां मनाने विदेश जाएंगे. रेखा गुप्ता ने बिना नाम लिए राजद और महागठबंधन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जनता अब जननायकों और खलनायकों में फर्क समझती है. जनता के दिलों पर वही राज करेगा जो जननायक होगा, जो उनके सुख-दुख में साथ देगा. बिहार की जनता भावनाओं में नहीं, विकास में विश्वास रखती है.

एनडीए को भारी बहुमत से सत्ता में लाएगी जनता- रेखा गुप्ता

रेखा गुप्ता ने दावा किया कि आने वाले चुनावों में जनता फिर से नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में एनडीए को भारी बहुमत से सत्ता में लाएगी. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार में विकास के नए मानक स्थापित किए हैं और अब राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों का भरोसा आज भी उसी विकासवादी राजनीति में है, जिसने राज्य को नई पहचान दी है. यह वही बिहार है जो कभी पलायन के लिए जाना जाता था, लेकिन आज उद्योग और शिक्षा में नए अवसर पैदा कर रहा है. जनता जानती है कि सही रास्ता कौन-सा है.

“पतंजलि का स्वदेशी मंत्र: भारतीय परंपराओं का हुआ पुनरुद्धार, सुरक्षित हुई सांस्कृतिक धरोहर!”

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आज के वैश्वीकरण के दौर में, जहां पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, भारतीय परंपराओं का संरक्षण एक चुनौती बन गया है. पतंजलि ने बताया है कि कंपनी ने न केवल स्वास्थ्य उत्पादों के माध्यम से बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता अभियानों के जरिए भारतीय विरासत को पुनर्जीवित करने का अभियान चलाया है.

पतंजलि का कहना है कि संस्था आयुर्वेद, योग और प्राचीन ज्ञान को आधुनिक जीवनशैली से जोड़कर सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा कर रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास न केवल स्वास्थ्य को मजबूत कर रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखने का माध्यम भी बन रहा है.

पतंजलि का कहना है, ”कंपनी 5000 से ज्यादा उत्पादों के साथ बाजार में है, जिनमें हर्बल साबुन से लेकर योगिक चाय तक सब कुछ शामिल है. लेकिन पतंजलि का योगदान केवल व्यावसायिक नहीं है; यह सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है. कंपनी के ‘स्वदेशी आंदोलन’ के तहत लाखों लोगों को आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. योग शिविरों के माध्यम से प्राचीन ग्रंथों जैसे ‘योगसूत्र’ और ‘चरक संहिता’ का प्रचार हो रहा है, जो भारतीय दर्शन की नींव हैं.”

संस्कृति का बीज बोता है पतंजलि- बाबा रामदेव

बाबा रामदेव कहते हैं, “पतंजलि केवल उत्पाद नहीं बेचता, बल्कि वह संस्कृति का बीज बोता है. हमारी परंपराएं स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता का खजाना हैं, जिन्हें आधुनिक विज्ञान से जोड़कर हम वैश्विक पटल पर मजबूत कर रहे हैं.”

पतंजलि ने बताया, ”हर्बल उत्पादों ने स्थानीय किसानों को जड़ी-बूटियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया. इससे न केवल आर्थिक सशक्तिकरण हुआ, बल्कि प्राचीन कृषि परंपराओं का संरक्षण भी. पतंजलि का जैविक खेती मॉडल वेदों में वर्णित ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को जीवंत करता है. यह सांस्कृतिक धरोहर को पर्यावरण से जोड़कर स्थायी विकास सुनिश्चित करता है.”

धरोहर की रक्षा है परंपराओं का पुनरुद्धार- पतंजलि

पतंजलि का दावा है, ”हमारे योग कार्यक्रमों में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भाग लिया, जो भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का प्रमाण है. पतंजलि का मॉडल सांस्कृतिक संरक्षण को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाता है. भविष्य में जब जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक क्षय की चुनौतियां बढ़ेंगी, ऐसे प्रयास भारतीय पहचान को मजबूत करेंगे. अंततः, पतंजलि साबित कर रहा है कि परंपराओं का पुनरुद्धार न केवल धरोहर की रक्षा है, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण भी.”