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“ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार सीमा पार पहुंचे भारतीय, 2100 सिख श्रद्धालु करेंगे ननकाना साहिब के दर्शन”

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल महीने में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हुआ था. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए थे. उस समय भारत ने अटारी बॉर्डर समेत करतारपुर साहिब कॉरिडोर को बंद कर दिया था.

हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार आज गुरु नानक प्रकाश पर्व के मौके पर सिख श्रद्धालुओं ने अटारी-वाघा बॉर्डर पार किया.

अमृतसर से सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान के ननकाना साहिब रवाना हुआ. श्रद्धालु गुरु नानक देव जी के 556 वें प्रकाश पर्व के मुख्य समारोह में शामिल होंगे, जो आज आयोजित किया जाएगा.

इस साल की यह यात्रा खास इसलिए है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिली है. इससे पहले गृह मंत्रालय (MHA) ने सुरक्षा कारणों और भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण हालात का हवाला देते हुए जत्थे को जाने की मंजूरी नहीं दी थी. लेकिन, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और कई सिख संगठनों की अपील के बाद सरकार ने फैसला बदलते हुए अनुमति दी.

2,100 भारतीयों को वीजा हुआ जारी

इस बार लगभग 2,100 भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान हाई कमीशन ने 10 दिन की धार्मिक यात्रा के लिए वीजा जारी किया है. इनमें से करीब 1,800 श्रद्धालुओं को SGPC ने अमृतसर से बसों के ज़रिए अटारी बॉर्डर तक पहुंचाया गया. पाकिस्तान हाई कमीशन ने जानकारी दी, भारत से सिख श्रद्धालुओं को बाबा गुरु नानक देव जी के जन्म उत्सव (4 से 13 नवंबर 2025) में शामिल होने के लिए 2,100 से अधिक वीज़ा जारी किए गए हैं.

एनआरआई सिखों को नहीं मिला वीजा

इस बार भारत सरकार ने केवल भारतीय नागरिकों को ही जत्थे में शामिल होने की अनुमति दी है. एनआरआई सिखों को इस बार यात्रा का हिस्सा नहीं बनाया गया है. यह यात्रा 1974 के भारत-पाक द्विपक्षीय धार्मिक यात्राओं के समझौते के तहत हो रही है, जिसके जरिए दोनों देशों के नागरिक सीमित संख्या में धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं.

यात्रा के दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान के कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों, जैसे गुरुद्वारा पंजा साहिब (हसन अब्दाल) और गुरुद्वारा जन्म स्थान (ननकाना साहिब) में मत्था टेकेंगे. जत्था 13 नवंबर को भारत लौट आएगा.

अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटे कई श्रद्धालु

अटारी-वाघा बॉर्डर पर उन भारतीय श्रद्धालुओं को वापस लौटा दिया गया जो गृह मंत्रालय (MHA) की अनुमति के बिना धार्मिक उद्देश्यों से पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रहे थे. सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय की मंजूरी प्राप्त करने वाले कई सिख श्रद्धालु को पाकिस्तान जाने की अनुमति दी गई है. उन्हें पाकिस्तान की ओर से वीज़ा भी जारी किया गया है, ताकि वे गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर वहां स्थित पवित्र गुरुद्वारों में माथा टेक सकें. सीमाई सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान यात्रा के लिए केवल वही श्रद्धालु जा सकते हैं, जिन्हें भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त है.

“अब इस देश में सरकार के खिलाफ सड़कों पर आए प्रदर्शनकारी, 700 लोगों की मौत”

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दक्षिण अफ्रीकी देश तंजानिया में इन दिनों सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहा है। देश के मुख्य विपक्षी दल ने दावा किया है कि आम चुनावों के बाद हो रहे इन प्रदर्शनों में अभी तक 700 लोगों की जान चली गई है।

हिंसा को दबाने के लिए सरकार ने इंटरनेट को पूरी तरह से बंद कर दिया है, लेकिन अभी भी हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर मौजूद हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने आम चुनावों में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों को या तो जेल में डाल दिया गया या उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया। इसकी वजह से मतदान के दौरान देश में अराजकता फैल गई। भीड़ दार-ए-सलाम और अन्य शहरों की सड़कों पर उतर आई, उनके पोस्टर फाड़ दिए और पुलिस तथा मतदान केंद्रों पर हमला कर दिया, जिसके कारण इंटरनेट बंद कर दिया गया और कर्फ्यू लगा दिया गया।

इसके बाद भी राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन को बुधवार को विजयी घोषित कर दिया गया था। अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए उन्होंने पार्टी के मुख्य आलोचकों को भी चुप कराने की कोशिश करते हुए उन्हें जेल में डाल दिया।

विदेशी पत्रकारों, इंटरनेट पर बैन

चुनाव के दौरान विदेशी पत्रकारों को भी कवरेज करने से प्रतिबंधित कर दिया गया, जिसकी वजह से जमीनी स्तर की सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया। हालांकि, अपने कार्यकर्ताओं के हवाले से मुख्य विपक्षी नेता चाडेमा ने शुक्रवार को कहा कि कई व्यापारिक केंद्रों और सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें जारी रहीं।

एएफपी से बात करते हुए चाडेमा के प्रवक्ता जॉन किटोका ने देश के हालात की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “अभी तक दार (एस सलाम) में मरने वालों की संख्या लगभग 350 है और म्वांजा ​​में यह 200 से ज्यादा है। देश भर के अन्य स्थानों के आंकड़ों को मिलाकर, कुल संख्या लगभग 700 है।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है।” उन्होंने कहा कि रात के कर्फ्यू के दौरान भी हत्याएँ हो सकती हैं।

भारी मात्रा में रक्तपात की आशंका

एक सिक्योरिटी सूत्र ने एएफपी को बताया कि इस पूरी हिंसा में अभी तक 500 लोगों की मौत हो गई है। पूरे देश में शायद 700 से 800 लोग मारे जा चुके हैं। इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक जारी किए गए बयान में विश्वसनीय सूत्रों का हवाला देते हए कहा कि पहली जानकारी में 10 लोगों के मारे जाने का संकेत दिया गया है, जबकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि उसके पास कम से कम 100 लोगों के मारे जाने की जानकारी है।

हसन ने अभी तक अशांति पर कोई टिप्पणी नहीं की है और स्थानीय समाचार साइटों को बुधवार से अपडेट नहीं किया गया है। गुरुवार देर रात सेना प्रमुख जैकब मकुंडा की ओर से एकमात्र आधिकारिक बयान आया, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को “अपराधी” कहा।

विजन 2047 की ओर सशक्त कदम: छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट 2025 ने खोले नवाचार के नए द्वार छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री श्री साय…

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी।

मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे।

मुख्यमंत्री नेआइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया।

राज्य सरकार के साथपार्टनरशिप एक्सचेंजहेतु समझौता पत्र सौंपे

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए।

एआई आधारित नवाचारों का अवलोकनयुवाओं का उत्साहवर्धन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, निवेश आयुक्त श्रीमती ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डीजी एसटीपीआई श्री अरविंद कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव सुश्री रेना जमील, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार तथा बड़ी संख्या में उद्यमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत…

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रायपुर : देश के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का आज स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन का स्वागत किया।

 

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025: बॉलीवुड गायक अंकित तिवारी ने बिखेरा सुरों का जादू, उनकी आशिकी में डूबे संगीत प्रेमी छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और आधुनिक गीत-संगीत का हुआ अद्भुत संगम….

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रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में बॉलीवुड-छालीवुड से जुड़े गीत-संगीत की महफ़िल आज चौथे दिन भी सजी। सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड के गायक अंकित तिवारी ने रामभजन गीतों से शुभारंभ कर फिल्मी गानों को अपने अंदाज में ऐसी साज छेड़ी कि उन्हें सुनने आए दर्शको-श्रोताओं ने वाहवाही करते हुए उनके लिए तालियां बजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

उन्होंने जैसे ही मंच से सुन रहा है न…गलियां तेरी-गलियां.., ये दिल सम्हल जा जरा-फिर मोहब्बत करने चला..गाया..युवाओं में जोश-उमंग-उत्साह की झलक दिखाई देने लगी। गायक  अंकित की आशिकी में डूबे संगीत प्रेमियों ने कुर्सी से उठकर-अपना हाथ उठाकर-मोबाइल का फ़्लैश ऑन कर यह जताया कि वे उनके गीतों को सुनने और अंकित को देखने और मनोरंजन में सराबोर होने आए हैं। मंच पर छत्तीसगढ़ की पारम्परिक लोकसंगीत और आधुनिक गीतों का मनमोहक संगम भी  देखने को मिला।

छत्तीसगढ़ की परंपरागत कला और आधुनिक संगीत का यह मेल दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया। लोक संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियों और बॉलीवुड सुरों की झंकार ने दर्शकों को देर रात तक नाचने-गुनगुनाने और तालियां बजाने मजबूर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रेखा देवार की सुमधुर छत्तीसगढ़ी गीतों से हुई। उन्होंने “मया के बंधन”, “छत्तीसगढ़ मया के धरती” और “अरपा पैरी के धार” जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी लोकगायन शैली में प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और सादगी का सुंदर समावेश देखने को मिला। उन्होंने पारंपरिक विवाह गीत, ददरिया, फाग और पंथी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से जोड़ दिया। मंच से कला केंद्र रायपुर बैंड के कलाकार राहुल ने अपनी टीम के साथ गीतों की प्रस्तुति दीं।

इसके पश्चात छालीवुड फिल्मों के सुपर स्टार श्री प्रकाश अवस्थी एवं उनकी टीम ने लोकप्रिय गीतों को गाकर दर्शको में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने लोकगीतों के माध्यम से प्रदेश की परंपरा, लोकजीवन और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया और छत्तीसगढ़ महतारी के आराधना से जुड़े गीत, प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी फ़िल्म मोर छइयां-भुइयां, टूरा रिक्शा वाला..के साथ अन्य गानों की प्रस्तुति दीं।

सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रहे बॉलीवुड पार्श्वगायक श्री अंकित तिवारी, जिन्होंने अपनी लोकप्रिय गीत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही उन्होंने मंच से “सुन रहा है ना तू…” और “तेरी गलियां…” गीत प्रस्तुत किए, पूरा राज्योत्सव परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा।

अंकित तिवारी ने “तेरे बिना जी ना लगे”, “तू है कि नहीं”, और “भूलना पाया” जैसे गीतों की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को भावनाओं और सुरों की दुनिया में डुबो दिया। उनकी मधुर आवाज़ और लाइव प्रस्तुति ने राज्योत्सव की चौथी शाम को अविस्मरणीय बना दिया।

राज्योत्सव की यह संध्या छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध और बॉलीवुड की चमक का ऐसा मेल साबित हुई, जिसने दर्शकों को देर रात तक संगीत की लहरों में झूमने और गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। उन्हें सुनने दूर दराज से आए सभी युवा दर्शकों-श्रोताओं ने छत्तीसगढ़िया अंदाज में अपनी खुशियों को जाहिर किया।

 

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी-2.0) के साथ मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की शुरुआत हुई है. इस योजना के तहत शहरी गरीबों और महिलाओं को पक्के मकान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. यहां जानें आवेदन की प्रक्रिया…

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राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी-2.0) के साथ ‘मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना’  लागू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि हर शहरी गरीब परिवार को पक्का और स्वामित्व वाला घर मिले. यह पहल राज्य को ‘हर घर पक्का घर’ के लक्ष्य के करीब ले जाएगी.

योजना के तहत जो लाभार्थी 18 महीनों में मकान का निर्माण पूरा करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से ₹32,850 का पुरस्कार दिया जाएगा. यह राशि प्रधानमंत्री आवास योजना की निर्धारित ढाई लाख रुपए सहायता राशि से अलग होगी, जिससे लाभार्थियों को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा.

सरकार की सहायता राशि चार किश्तों में सीधे हितग्राही के बैंक खाते में भेजी जाएगी. फाउंडेशन स्तर पर ₹63,000, लिंटल स्तर पर ₹87,000, रूफ स्तर पर ₹65,000 और निर्माण पूर्ण होने पर ₹35,000 की राशि मिलेगी. हर चरण के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा.

योजना के तहत घर बनाने के लिए बिल्डिंग परमिशन नगरीय निकाय से ही लेनी होगी और उसकी एक कॉपी राज्य शहरी विकास अभिकरण को भेजना अनिवार्य है. आवास का निर्माण 30 से 45 वर्ग मीटर के कारपेट एरिया में करना होगा. नियमों का उल्लंघन करने पर राशि जारी नहीं की जाएगी.

केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद राज्य के 141 निकायों में 11,282 मकानों का निर्माण होगा. इनमें कोरबा नगर निगम को सबसे ज्यादा 1,510 मकानों की स्वीकृति मिली है. इसके अलावा रायपुर को 1,023, बिलासपुर को 929, राजनांदगांव को 399, बीरगांव को 377, धमतरी को 331 और दुर्ग को 276 मकान मिले हैं. आवेदन के लिए cghousing.gov.in पर जाएं, योजना चुनें, नया रजिस्ट्रेशन करें, फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज़ जैसे आधार, आय, निवास प्रमाण अपलोड कर सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें.

”वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान सुभारतीय संस्कृति के केंद्र में हमारे बुजुर्ग हैं –  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय”

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान दिया है। उनका मानना है “माता-पिता की पूजा ही ईश्वर की पूजा है।

भारतीय संस्कृति के केंद्र में हमारे बुजुर्ग हैं – जिनके अनुभव समाज को दिशा देते हैं और जिनकी स्मृतियाँ हमारी सभ्यता की नींव हैं, लेकिन बदलते सामाजिक परिदृश्य में पारिवारिक संरचना और सामाजिक दायरे सिमटने लगे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता बन जाता है। इसी भावना को साकार करती है – छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील नीतियाँ और सशक्त क्रियान्वयन।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान दिया है। उनका मानना है “माता-पिता की पूजा ही ईश्वर की पूजा है।” इसी सोच के साथ राज्य में ऐसे प्रकल्पों का विस्तार हो रहा है जो बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं। एक अक्टूबर अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित करने तथा असहाय बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रायपुर में उपकरण सर्विस सेंटर खोलने की घोषणा की। इसी के साथ राज्य में “सियान गुड़ी” जैसे सामाजिक-आध्यात्मिक केंद्रों का विस्तार बुजुर्गों को मानसिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहारा प्रदान कर रहा है।

छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजन केंद्रित कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कहना है “संवेदनशील शासन का अर्थ है, हर बुजुर्ग तक सेवा और सुरक्षा पहुँचाना।”

राज्य में 35 वृद्धाश्रम सक्रिय रूप से संचालित हैं, जहाँ लगभग 1049 वरिष्ठ नागरिक भोजन, आवास, स्वास्थ्य, परामर्श और मनोरंजन की सुविधाएँ प्राप्त कर रहे हैं। गंभीर रोगों या असहाय स्थिति में रह रहे बुजुर्गों के लिए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, रायगढ़, बालोद और बेमेतरा इन 6 जिलों में प्रशामक देखभाल गृह संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 128 वरिष्ठजनों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ और नियमित स्वास्थ्य देखभाल मिल रहा है। वरिष्ठजनों की समस्याओं के निवारण हेतु स्थापित हेल्पलाइन सेवा द्वारा अब तक 2 लाख 70 हजार से अधिक प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है। यह सेवा न केवल उनकी पहुँच बढ़ाती है, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षा बोध भी जगाती है।

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम – 2007 का राज्य में सख्ती से पालन किया जा रहा है। अनुविभाग स्तर पर – भरण-पोषण अधिकरण, जिला स्तर पर – अपीलीय अधिकरण इन व्यवस्थाओं ने बुजुर्गों को संपत्ति, सुरक्षा और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित पेंशन सहायता प्रदान की जा रही है 60 से 79 वर्ष तक की आयु के बुजुर्गों को 500 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठजनों को 650 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जा रही है। वर्तमान में 14 लाख से अधिक बुजुर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सहायता उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा का आधार बनती है।

राज्य सरकार की योजनाएँ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के अधिकार को सुदृढ़ कर रही हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के तहत 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार मिला है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 50 हजार से अधिक बुजुर्गों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, चश्मा जैसे उपकरण प्रदान किए गए हैं।

आध्यात्मिक संतोष बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक, 278 व्यक्ति तीर्थयात्राओं का लाभ ले चुके हैं। यात्रा के दौरान भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर वृद्धजन दिवस राज्य और जिला स्तर पर मनाया जाता है। इन कार्यक्रमों से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल एक सामाजिक मूल्य नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध किया है कि संवेदनशील शासन, सुचारु क्रियान्वयन और मानवीय दृष्टिकोण मिलकर बुजुर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।

शासन की लोकहितकारी योजनाओं की देने के साथ छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका, छत्तीसगढ़ में सुशासन के लिए नवाचार ब्रोसर, विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम का नि:शुल्क वितरण किया गया…

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव राज्योत्सव 2025 दूरदराज से आए ग्रामवासियों ने जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी की सराहना की, जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में उमड़ी भीड़, जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को नागरिकों का मिला अच्छा प्रतिसाद…

राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (म्यूनिसिपल स्कूल मैदान) राजनांदगांव में राज्योत्सव 2025 का तीन दिवसीय भव्य आयोजन किया गया। राज्योत्सव के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा 25 वर्षों की प्रगति और विकास की गौरवशाली यात्रा को प्रदर्शित किया गया।

जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में शासन की लोकहितकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका, छत्तीसगढ़ में सुशासन के लिए नवाचार ब्रोसर, विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम का नि:शुल्क वितरण किया गया। दूरदराज से आए ग्रामीणों ने जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी की सराहना की। जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी और फोटो प्रदर्शनी को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिला।

राज्योत्सव में पहुंचे चिखली राजनांदगांव निवासी श्री मनोज शुक्ला एवं उनके सार्थियों ने जनसंपर्क की फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं जिले में संचालित शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले के विकास कार्यों को फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। ग्राम टेड़ेसरा निवासी श्री हेमलाल साहू ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी और पत्रिका के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली है। उन्होंने प्रदर्शनी देखकर और पत्रिका प्राप्त कर खुशी व्यक्त की। डोंगरगांव निवासी श्री प्रेम गोस्वामी ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की।

राज्योत्सव देखने पहुंचे ग्राम खुटेरी निवासी श्री खिलेन्द्र कुमार ने जनसंपर्क की फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। शासन की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों से युक्त नि:शुल्क वितरित की जा रही पत्रिका एवं ब्रोसर की सराहना की। विद्यार्थियों ने कहा कि जनमन पत्रिका और विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम पत्रिका प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत ही उपयोगी है।

उन्होंने कहा कि पत्रिका में शासन की विभिन्न योजनाओं एवं शासन द्वारा जनहितकारी निर्णयों को विस्तृत रूप से बताया गया है। फोटो प्रदर्शनी को देखने बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं अन्य नागरिक पहुंचे और सभी को नि:शुल्क जनमन पत्रिका एवं अन्य पुस्तकों व ब्रोसर का वितरण किया गया।

विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम छत्तीसगढ़ पत्रिका में मोदी की गारंटी से संवर रहा छत्तीसगढ़ एवं विष्णु देव साय सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को बताया गया है। पत्रिका में प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषक कल्याण, महिला कल्याण, आदिवासी कल्याण, युवा कल्याण, प्रशासनिक रिफॉम्र्स, आदर्श सुविधा केन्द्र, देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय, जल जीवन मिशन, श्रमिक कल्याण, रेलवे का विकास, सड़कों का विकास, हवाई सेवाओं का विस्तार, संस्कृति एवं धर्मस्व, नवा रायपुर, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, सहकारिता, राज्य का प्रथम आदिवासी संग्रहालय, वन कल्याण, नई औद्योगिक नीति, निवेशकों का उत्साह, खनन और ऊर्जा क्षेत्र, पर्यटन उद्योग, बस्तर में विकास, नक्सल विरोधी अभियान, नियद नेल्ला नार, नई पुनर्वास नीति, औद्योगिक विकास एवं रोजगार का बढ़ावा, विकसित भारत 2047 विजन डॉक्यूमेंट सहित अन्य महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में सुशासन के लिए नवाचार सुशासन से समृद्धि की ओर ब्रोसर के माध्यम से सुशासन एवं अभिसरण विभाग, पंजीयन प्रणाली के 10 क्रांतिकारी नवाचार, नवाचार की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके साथ ही जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन का भी नि:शुल्क वितरण किया गया।

”उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन द्वारा महतारी वंदन योजना एवं नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से करेंगे अंतरित”

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राजनांदगांव । उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन स्टेट स्कूल मैदान राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन द्वारा महतारी वंदन योजना के तहत माह नवम्बर 2025 में 21वीं किश्त के रूप में प्रदेश के 69 लाख 07 हजार 615 महिला हितग्राहियों को बटन दबाकर 646 करोड़ 52 लाख 10 हजार रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित करेंगे। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन द्वारा नियद नेल्लानार योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 7 हजार 658 हितग्राहियों को 76 लाख 26 हजार 500 रूपए की राशि उनके खातें में अंतरित करेंगे। इस प्रकार कुल 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।

”गजल एवं भजन के गीतों से सजी राज्योत्सव की शाम, राज्योत्सव के द्वितीय दिवस पर सुप्रसिद्ध भजन एवं गजल गायक श्री प्रभंजय चतुर्वेदी ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया”

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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर म्यूनिसिपल स्कूल मैदान राजनांदगांव में राज्योत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। राज्योत्सव के द्वितीय दिवस सुप्रसिद्ध भजन एवं गजल गायक श्री प्रभंजय चतुर्वेदी ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं का मनमोह लिया। सुप्रसिद्ध भजन एवं गजल गायक श्री प्रभंजय चतुर्वेदी ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री प्रभंजय चतुर्वेदी ने अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरं…, राम सिया राम जय जय राम… जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। श्री प्रभंजय चतुर्वेदी की सुमधुर भजनों को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए। इस अवसर पर समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतमचंद पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।