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छत्तीसगढ़ : पूर्व गृहमंत्री ननकी राम ने मुकेश गुप्ता के खिलाफ CM को दस्तावेज सौंपे,बोले जान को खतरा.सुरक्षा भी मांगी

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छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने IPS मुकेश गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद ननकीराम कंवर ने शिकायतों का दस्तावेज उन्हें सौंपा। मिली जानकारी के मुताबिक इस बार मुकेश गुप्ता की शिकायत ननकीराम कंवर ने रेखा नायर के नाम पर हुई जमीन खरीदी को लेकर की है। हालांकि ये जमीन कहां की है और कब किससे खरीदी गयी, इसे लेकर पूरी जानकारी तो सामने नहीं आयी है, लेकिन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री को गृहमंत्री ने इसके पूरे दस्तावेज दिये हैं।

ननकीराम कंवर ने आज सुबह मुख्यमंत्री से मुलाकात की और सभी दस्तावेज सौंपी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। पूर्व गृहमंत्री के मुताबिक उन्होंने आईपीएस मुकेश गुप्ता की शिकायत पहले भी की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर सरकार ने गौर नहीं किया। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृहमंत्री को भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन जांच नहीं हुई, जिसके बाद अब उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि भूपेश बघेल इसकी जरूर जांच करायेंगे और कार्रवाई करेंगे।

ननकीराम कंवर ने इस दौरान एक बेहद ही गंभीर बातें भी कही है। उन्होंने कहा कि

“प्रदेश में कुछ ऐसे लोग हैं, जिसे मुकेश गुप्ता ने आगे बढ़ाया है, कुछ पुलिसकर्मी है, जिसकी मदद की है, उनसे उन्हें खतरा है”

सरकार से गृहमंत्री ने सुरक्षा की भी मांग की है।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक बोले : अगर आयोग हुक्म करेगा तो चुनाव करा देंगे

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भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में कमी ज़रूर आई है, लेकिन सीमा पर गोलाबारी बढ़ी है. जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर पर पाबन्दी से सियासी माहौल गर्म है और 14 फ़रवरी को पुलवामा हमले के बाद से सुरक्षाबलों और चरमपंथी संगठनों के बीच मुड़भेड़ की ख़बरें रोज़ आ रही हैं.

सीमा के नज़दीक उत्तर कश्मीर में शुक्रवार को शुरू हुआ एक एनकाउंटर 72 घंटे बाद ख़त्म हुआ जिसमें सुरक्षाबलों के पांच कर्मी मारे गए.

पुलवामा में आत्मघाती हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में जो हालात बने हैं, उनमें सवाल उठ रहा है कि क्या अगले दो महीनों में होने वाले लोकसभा चुनावों में क्या राज्य की जनता भी शामिल हो पाएगी.

बीबीसी ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को फ़ोन कर उनसे पुलवामा हमले के बाद राज्य में बने हालात और दूसरे मुद्दों के बारे में जाना.

आम चुनावों में दो महीने से कम का समय रह गया है तो क्या राज्य में भी आम चुनाव होंगे?

चुनाव कराना हमारे हाथ में तो है नहीं. अब एक अंतरराष्ट्रीय स्थिति पैदा हो गयी है सीमा पर, पूरे बॉर्डर पर बमबारी हो रही है. तो बहुत सारे फैक्टर्स हैं जिन्हें देखकर चुनाव आयोग फ़ैसला करेगा. अगर वो तय करते हैं कि चुनाव कराओ तो हम चुनाव करा देंगे. हम पूरी तरह से तैयार हैं, हमने फोर्सेज़ इसीलिए मंगवाई हैं. (हाल ही में बीएसएफ़ समेत बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों को घाटी में तैनात किया गया है).

हमने पंचायत और ज़िला परिषदों के चुनाव कराए और एक चिड़िया भी नहीं मरी. अगर चुनाव आयोग हुक्म करेगा तो हम चुनाव करा देंगे.

14 फ़रवरी को पुलवामा आत्मघाती हमला क्या चरमपंथी संगठनों की रणनीति में किसी बदलाव को दर्शाता है? प्रशासन को इस तरह के हमले का अंदाज़ा था क्या?

इन्होंने पहले भी फ़िदायीन हमले किये हैं, लेकिन पिछले छह महीने से ये हमारे सोच में भी नहीं था क्योंकि नई भर्ती रुक गयी थी टेररिस्ट्स की, पथराव भी रुक गया था, लोगों का थोड़ा टेम्पर भी डाउन हो रहा था, पंचायत के चुनाव हो गए थे, तो इस वक़्त लगता नहीं था कि ऐसा होगा.

लेकिन जहाँ तक मेरी जानकारी है कि पाकिस्तान में इनके बैठे हुए जो आक़ा हैं उनका एक दबाव आया कि तुमने तो बहुत बेइज़्ज़ती करा दी. तो स्ट्रैटेजी पाकिस्तान और आईएसआई के दबाव में बदली है.

केंद्र सरकार की पाबंदी पर जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर का कहना है कि ये प्रतिबंध जायज़ नहीं है और वो इसे अदालत में चुनौती देंगे. आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

दुनिया भर में जमात-ए-इस्लामी जैसी संस्थाएं ही शिक्षा और लोगों की मदद करने जैसे काम की आड़ में टेररिज़्म की फंडिंग, उसको बढ़ाने और रेडिकलाइज़ेशन का काम करती हैं. यहाँ जमात बड़े पैमाने पर कट्टरथा फैला रहा था अपने मदरसों में.

कहा जा रहा है कि जमात के नेताओं और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ केसेज़ रजिस्टर्ड नहीं हैं. उनके नेताओं की गिरफ़्तारी और पाबन्दी क्या ठोस सबूतों की बुनियाद पर है?

ये तो सुरक्षा संस्थाएं और प्रशासन के लोग बताएँगे लेकिन मैंने यहाँ आकर देखा है कि यहाँ पिछली सरकार के दौरान रहबर-इ-तालीम (इस सरकारी योजना के तहत लोगों की सरकार में शिक्षक की हैसियत से भर्ती होती है) के नाम पर बड़े पैमाने पर इन्होंने रेडिकलाइज़्ड लोगों को सरकारी नौकरियों में डाला. हमलोगों को इससे बहुत दिक़्क़त हो रही है क्योंकि उनका कमिटमेंट सरकार और संविधान के लिए है ही नहीं.

उनकी विचारधारा के लोग बड़े पैमाने पर सरकार में आ गये हैं, वो हर वाक ऑफ़ लाइफ में आ गये हैं, वो अपनी लाइन पर ही काम करते हैं, उन्हें सरकार और संविधान से कोई मतलब नहीं. महबूबा मुफ़्ती जी के ज़माने में रहबर-इ-तालीम की एक लिस्ट थी उस लिस्ट को देखिए, उसमें कितने जमात के लोग हैं.

यहाँ के निष्पक्ष बुद्धिजीवी कहते हैं कि पाबंदी लगाना जमात को और प्रसिद्ध बनाने का कारण बनेगा. आप क्या कहते हैं?

दिल्ली में 2,000 कश्मीर एक्सपर्ट्स हैं और कश्मीर में बहुत सारे बुद्धिजीवी हैं. उनकी अपनी राय हो सकती है. मैं ये मान लेता हूँ कि किसी भी संस्था को बैन करना काउंटरप्रोडक्टिव होता होगा, लेकिन एक स्टेज आती है जब बैन करना पड़ता है. मैं ये मानता हूँ कि इससे जमात ख़त्म नहीं होगी लेकिन इससे जमात की एक्टिविटी पर अंकुश लगेगा, इससे कट्टरता के फैलाव में रुकावट आएगी, इससे ये जो जिसतरह की एक्टिविटी कर रहे थे वो रुकेगी.

ठीक है, उनकी जो धारणा है वो बनी रहेगी. आज 15 लोगों में है कल 10 लोगों में होगी, लेकिन जो ये प्रचार करते थे, जन्नत का ख्वाब दिखाकर लोगों के हाथों में बन्दूक पकड़ाते थे वो तो रुक जाएगा. विचारधारा पर भी फ़र्क़ पड़ता है. बांग्लादेश में जमात के प्रमुख को फांसी दे दी गयी और एक चिड़िया भी नहीं बोली.

यहाँ के नेता भी कहते हैं जमात पर पाबन्दी सही फैसला नहीं है?

मुझे अफ़सोस हो रहा है कि महबूबा मुफ़्ती जी की जो नैरेटिव है उसमें और जमात और अलगाववादियों की नैरेटिव में ज़रा भी फ़र्क़ नहीं रह गया है, वो लगभग एक जैसा हो गया है.

हम तो इन्हें मेनस्ट्रीम पार्टी समझते थे. उमर अब्दुल्लाह तो फिर भी कभी-कभी समझदारी की बातें करते हैं, लेकिन महबूबा मुफ़्ती तो बेकाबू हो गई हैं. मुझे उनके लिए दुःख होता है, वो मुफ़्ती सईद की बेटी हैं.

वो कश्मीर के मसले का हल निकालने के लिए बातचीत शुरू करने की मांग कर रही हैं.

इसमें किसी को संदेह नहीं कि कश्मीर के मसले को बातचीत से हल करना चाहिए, लेकिन बुनियादी तौर पर इनकी समस्या ये है कि चुनाव बहुत नज़दीक है इसलिए इनसे सेंसिबल या संतुलित बात की उम्मीद नहीं कर सकते

घाटी में जारी ऑपरेशन ऑलआउट को ख़त्म करना और कोई ठोस सियासी क़दम उठाना सरकार की सोच में है?

बस इतना ही. आपने कहा आखिरी सवाल. आखिरी सवाल अपने पूछ लिया. अब इन्हीं जवाबों से काम चलाइए.

मुद्रा योजना का लाभ उठाएं, एक महीने में बैंक बाटेंगे 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज

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चालू वित्त वर्ष के खत्म होने में अब सिर्फ एक महीने का वक्त बचा है. ऐसे में बैंकों को मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए ज्यादा काम करना होगा क्योंकि 22 फरवरी तक केवल 2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है. सरकारी आंकड़ों में कहा गया कि है कि 22 फरवरी तक मुद्रा योजना के तहत कुल 2,02,668.9 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है. इसके मुकाबले 2,10,759.51 करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत किया गया है.

वित्त मंत्रालय के हालिया आंकड़ों में कहा गया कि इस वित्त वर्ष में अब तक 3.89 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण को मंजूरी दी गई है. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट के मुताबिक, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरण का लक्ष्य रखा है. वित्त वर्ष 2017-18 में इस योजना के तहत 2,46,437.40 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है, जो कि लक्ष्य से अधिक है. वास्तव में पिछले सभी वित्त वर्षों में लक्ष्य से ज्यादा का ऋण वितरण हुआ है.

मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को हुई थी. इस योजना के तहत गैर-निगमित, गैर-कृषि छोटी एवं लघु इकाइयों को 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाना है. पीयूष गोयल ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा था कि मुद्रा योजना के तहत अब तक 7.23 लाख करोड़ रुपये के 15.56 करो़ड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं.

मेडिकल जांच से हुआ खुलासा, विंग कमांडर अभिनंदन की टूटी है पसली

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भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की पाकिस्तान से शुक्रवार को वापसी हो चुकी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को उन्हें भारत को सौंपने का ऐलान किया था. इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कमांडर की रिहाई रोकने के लिए दायर याचिका शुक्रवार को ही खारिज कर दी थी. अभिनंदन ने रक्षामंत्री और एयरफोर्स चीफ से शनिवार को मुलाकात भी की है.

बता दें 27 फरवरी को पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान अभिनंदन वर्तमान का विमान क्रैश हो गया था और वो पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चले गए थे. जिसके बाद उनको पाकिस्तान ने कस्टडी में ले लिया था.

एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान शुक्रवार को वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिए देश वापस लौटे

भारतीय वायुसेना के अधिकारी वाघा-अटारी बॉर्डर पर विंग कमांडर को लेने पहुंचे थे

पीओके में 27 फरवरी को फाइटर जेट गिरने के बाद पाकिस्तान ने उन्हें कस्टडी में लिया था

28 फरवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पायलट को लौटाने का ऐलान किया था

पायलट के देश लौटने पर पूरे देश में मनाई जा रही है खुशी. एमआरआई रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनंदन की पसली टूटी हुई है.

हालांकि ये साफ नहीं हुआ है कि विमान से इजेक्ट होने के बाद जमीन पर गिरने की वजह से उनकी पसली टूटी है या फिर स्थानीय लोगों के किए गए हमले से.

रिजर्व बैंक ने भारतीय स्टेट बैंक सहित 4 बैंकों पर लगाया जुर्माना

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भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न निर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर चार बैंकों-भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, देना बैंक और आईडीबीआई बैंक पर जुर्माना लगाया है। यूनियन बैंक पर तीन करोड़ रुपये, देना बैंक पर दो करोड़ रुपये और आईडीबीआई बैंक तथा भारतीय स्टेट बैंक पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नियामकीय सूचना में इस बारे में जानकारी सामने आई है।
यूनियन बैंक ने शनिवार को शेयर बाजार को बताया कि स्विफ्ट से संबंधित नियंत्रण को मजबूत करने और समय के भीतर इस पर अमल करने में देरी करने के कारण रिजर्व बैंक ने उस पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उधर, देना बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि रिजर्व बैंक के 20 फरवरी, 2018 को जारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर केन्द्रीय बैंक ने उस पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एक अन्य जानकारी में आईडीबीआई बैंक ने कहा कि स्विफ्ट से जुड़े परिचालन नियंत्रण को मजबूत बनाने और उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जारी निर्देशों का समयबद्ध पालन नहीं करने पर रिजर्व बेंक ने उस पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
आईडीबीआई बैंक ने हालांकि, कहा कि उसने अपने आंतरिक नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए हैं, ताकि इस तरह की चीजों की पुनरावृत्ति न हो। भारतीय स्टेट बैंक ने भी कहा कि स्विफ्ट संबंधी निर्देशों के पालन में देरी को लेकर रिजर्व बैंक ने उसके ऊपर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

रेलवे ने कैंसल की 350 से अधिक ट्रेनें

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रविवार को भारतीय रेलवे ने परिचालन के कारणों के चलते 350 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
बता दें कि जिन गाडिय़ों के रद्द किया गया है उनमें से अधिकतर ट्रेनें पैसेंजर, मेल रेलगाडिय़ां हैं। देश भर में रेलवे के विभिन्न जोनों में चल रहे मरम्मत के काम को लेकर कई जगहों पर ट्रैफिक ब्लॉक लिए गए हैं। ऐसे में गाडिय़ों के बेहतर परिचालन के लिए इन गाडिय़ों को रद्द किया गया है। रेलवे की वेबसाइट नेशनल ट्रेन इंचरी सिस्टम पर रद्द की गई रेलगाडिय़ों की सूची जारी की गई है। 139 सेवा पर एसएमएस कर के भी गाडिय़ों की स्थिति जानी जा सकती है।

आतंकियों के लिए बने हैं स्विमिंग पूल और जिम, ऐसा है जैश ए मोहम्मद का हेड क्वार्टर

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लोकसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को भारी पड़ सकते हैं ये ‘5 मिनट’

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लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक कड़ा कदम उठाया है. चुनावों के दौरान उम्मीदवारों को प्रचार के लिए जो वक्त मिलेगा सो अलग है, लेकिन इस बार आयोग ने 5 मिनट सिर्फ और सिर्फ आम जनता को दिए हैं. आयोग द्वारा दिए गए ये 5 मिनट कितने खास हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस 5 मिनट के चलते किसी भी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार की उम्मीदवारी जा सकती है. वो भी सिर्फ डेढ़ घंटे में.

चुनाव आयोग ने अभी कुछ समय पहले सी-विजिल नाम से एक ऐप जारी किया है. इस ऐप को कोई भी अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सकता है. इस ऐप के अनुसार जब आप ऐप पर शिकायत करने जाएंगे तो पहले 2 मिनट आपको लाइव वीडियो या फोटो अपलोड करने के लिए मिलेंगे. वहीं बाकी के तीन मिनट में आप अपनी शिकायत लिख सकते हैं.

जैसे ही आपके 5 मिनट पूरे होंगे, शिकायत का ऑप्शन बंद हो जाएगा. आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी. उसके बाद ये शिकायत कुछ ही देर में संबंधित ज़िले के चुनाव अधिकारी के पास पहुंच जाएगी. शिकायत मिलते ही टीम उस जगह पहुंचेगी जहां की फोटो या वीडियो है.

शिकायत की सच्चाई को परखते हुए कार्यवाही शुरू हो जाएगी. शिकायत आने के डेढ़ घंटे के अंदर-अंदर उसका निपटारा किया जाएगा. जैसे ही डेढ़ घंटे पूरे होंगे शिकायतकर्ता के पास संबंधित कार्यवाही का मैसेज पहुंच जाएगा.

दुल्हन के हाथों से अभी मेहंदी नही उतारी की,तिरंगा में लिपटकर आया शहीद पति

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किन्नौर में दबे पांच जवानों के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया है। किसी को नहीं सूझ रहा कि जिस दुल्हन के हाथों से अभी मेहंदी भी नहीं उतरी उसे कैसे कहें कि पति शहीद होकर रविवार को तिरंगे में लिपटकर घर वापस आ रहा है।नालागढ़ के जोंघों जगतपुर के राजेश ऋषि बीते 12 दिसंबर को ही परिणय सूत्र में बंधे थे। 28 जनवरी को राजेश अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी पर जाते समय राकेश ने अपनी मां से बस इतना ही कहा कि उसका जाने का मन नहीं है।कुछ अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन देश सेवा सबसे पहले है। मां ने भी अपने लाल से कहा कि यदि उसका जाने का मन नहीं है तो वह रुक जाए। लेकिन राजेश को सरहद बुला रही थी, जहां उसे देश सेवा करके शहादत पानी थी। राजेश के रिश्तेदारों ने पत्नी, माता-पिता, भाई-भाभी को अभी शहादत की खबर नहीं दी है।रिश्तेदारों का कहना है कि राजेश सभी की मदद के लिए हमेशा आगे रहता था। वह किसी को कोई दुख नहीं पहुंचाता था और हर काम को पूरी तन्मयता के साथ जल्द से जल्द निपटाना चाहता था। सेना में जाने से पहले भी वह लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से प्रयासरत रहता था।राजेश के रिश्तेदारों में इस बात का आक्रोश है कि देश के एक सैनिक अभिनंदन को पाकिस्तान से छुड़ाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया गया और 60 घंटे के भीतर वापस देश में लाने सहित समूचा देश उसके साथ खड़ा था।

मूंछें हों तो अभिनंदन जैसी, ‘अभिनंदन स्टाइल’ के दीवाने हुए युवा

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भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंद देश में एक हीरो के रूप में उभरे हैं। युवा उन्हें अपने आदर्श के रूप में देख रहे हैं। देश में अभिनंदन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकात है कि उनकी चाल-ढाल, उनका स्टाइल तक पूर देश में कॉपी किया जाने लगा है। इसका एक उदाहारण बेंगलुरु में देखने को मिला, जहां युवा अभिनंदन जैसी मूंछें रखने लगे हैं।

बेंगलुरु के रहने वाले मोहम्मद चांद ने कहा कि मैं अभिनंदन का फैन हूं, हम उन्हें फॉलो करते हैं। मैं उनका स्टाइल पसंद करता हूं। वे असली हीरो हैं, मैं बहुत खुश हूं। मोहम्मद चांद उन लोगों में से हैं, जिन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन की मूंछों का स्टाइल कॉपी किया है।

विंग कमांडर अभिनंदन का नाम 27 फरवरी को उस वक्त सुर्खियों में आया जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर में भारतीय वायुसीमा में घुसे पाकिस्तानी विमानों को मिग-21 से मुंहतोड़ जवाब दिया था। कहा जाता है कि अभिनंदन ने मिग-21 से पाकिस्तान के एफ-16 पर निशाना लगाया था। इस दौरान एफ-16 को मार गिराया गया था। पाकिस्तनी विमानों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अभिनंदन का विमान ध्वस्त हो गया था। इस दौरान वे मिग-21 से इजेक्ट हो गए थे, और पाकिस्तान की सीमा में जा गिरे थे। जहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने अपनी हिरासत में ले लिया था। हालांकि भारत के दबाव के बाद शुक्रवार को पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ दिया था। उन्होंने पंजाब के वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश किया था। भारत लौटने के बाद उन्हें दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।