कन्याकुमारी। पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक से दोनों देशों के बीच भारी तनाव बना हुआ है। भारत द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव बनाए जाने के बाद पाकिस्तान द्वारा हिरासत में लिए गए विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने की घोषणा कर दी गई। इस बीच शुक्रवार को PM नरेंद्र मोदी कन्याकुमारी में आयोजित रैली में शामिल हुए। पीएम ने यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन तमिलनाडु से हैं इस पर पूरे देश को गर्व है।
पीएम ने इस दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन की तारीफ भी की और कहा कि देश की पहली रक्षामंत्री सीतारमन पर भी उन्हें गर्व है।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि 26/11 हमले के दौरान देश ने कार्रवाई की उम्मीद की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। लेकिन जब उरी और पुलवामा की घटना घटी तो हमारे बहादुर सैनिकों ने क्या किया ये सभी ने देखा। देश को सेवाएं देने वाले ऐसे सभी सैनिकों को पीएम मोदी ने सेल्यूट किया।
भारत और पाकिस्तान में जारी तनातनी के बीच आज सभी की नजरें विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई पर टिकी हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को ही ऐलान कर दिया था कि उन्होंने शांति की कोशिशों के तहत भारतीय पायलट को रिहा करने का फैसला किया है। हालांकि, भारत ने इसके बावजूद आतंकवाद के मुद्दे पर अपना रूख नरम नहीं करने का फैसला किया है।
भारत को कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान के खिलाफ कई मोर्चों पर लगातार सफलता मिल रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी गुरुवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर पूरे मुद्दे पर भारत को समर्थन दिया है। पुतिन ने पुलवामा आतंकी हमले पर भी दुख जताया। बहरहाल, देश और दुनिया में आज क्या होने वाली है हलचल, हमारे साथ जानिए हर अपडेट….
जोधपुर। राजस्थान में एक अधिकारी के जान लेने के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना जोधपुर के भोपालगढ़ की है। जोधपुर जिले के भोपालगढ़ विकास अधिकारी (Bhopalgarh BDO) त्रिलोक राम दया को शुक्रवार सुबह गोली मारने का प्रयास किया गया है। गनीमत यह रही कि वे बच गए। बीडीओ को किसने और क्यों मारने का प्रयास किया। इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस हमलावर की तलाश कर रही है।
जोधपुर ग्रामीण एएसपी रघुनाथ गर्ग ने बताया कि भोपालगढ़ पंचायत समिति परिसर में बने विकास अधिकारी के सरकारी आवास पर शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे हेलमेट पहने एक युवक ने घंटी बजाई। विकास अधिकारी त्रिलोक राम ने दरवाजा खोला तो पिस्तौलनुमा हथियार उनकी तरफ तानकर तीन बार ट्रिगर दबाया, लेकिन गोली नहीं चली। यह देखकर चलो त्रिलोक राम अपने आवास के अंदर भाग गए।
हमलावर युवक भी पंचायत समिति की बाउंड्री वाल फांद कर मोटरसाइकिल पर सवार हो भाग निकला। उस समय पंचायत समिति के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। विकास अधिकारी की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर की पहचान का प्रयास कर रही है।
भिलाई। कर्ज चुकाने के लिए 45 लाख रुपये न देने पर एक बहू को प्रताड़ित किया और मारपीट कर घर से निकाल दिया। अपने पति, सास व जेठ के खिलाफ महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची विवाहिता ने आरोप लगाया कि रुपये न देने पर उसकी सास ने दो बार उसे जान से मारने की कोशिश भी की।
जब वह किचन में काम कर रही तब उसकी सास ने गैस सिलेंडर खुला छोड़ दिया। ताकि काम के दौरान सिलेंडर फटने से उसकी मौत हो जाए। महिला थाना पुलिस ने पहले दोनों पक्षों के बीच काउंसलिंग की कोशिश की, लेकिन सुलह न होने पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया।
महिला थाना प्रभारी सी तिर्की ने बताया कि जवाहर नगर जामुल निवासी प्रार्थिया पूजा अग्रवाल ने अपने पति विजय अग्रवाल, सास कृष्णा अग्रवाल और जेठ अजय अग्रवाल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।
उन्होंने बताया कि 23 नवंबर 2017 को प्रार्थिया की शादी आरोपित विजय अग्रवाल से हुई थी। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि शादी के महीने भर बाद ही आरोपित पति ने शराब के नशे में उससे मारपीट की और अपना कर्ज उतारने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की। इनकार करने पर पति ने उसका गला दबाकर मारने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद प्रार्थिया ने अपने माता-पिता को फोन पर इसकी जानकारी दी और उसके बाद उसके परिजनों ने ससुराल आकर आरोपित पति को समझाया। इसके बाद कुछ दिनों तक ठीक से रखा गया, लेकिन उसके बाद फिर से विवाहिता से मारपीट शुरू कर दी गई।
प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि उसके पति ने उसके खाते में जमा एक लाख 95 हजार रुपये और स्त्रीधन में मिले जेवर भी बेच दिए और उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद प्रार्थिया ने महिला थाने में शिकायत की। जहां पुलिस ने आरोपितों को समझाइश दी और उसके बाद दोनों के बीच सुलह कराया गया।
इसके बाद प्रार्थिया अपने ससुराल लौट आई। ससुराल में कुछ महीने तक ठीक से रखने के बाद आरोपितों ने प्रार्थिया से फिर से मारपीट शुरू कर दी। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि जब उसका पति उसे मारता-पीटता था, जब उसकी सास कृष्णा अग्रवाल भी उसका साथ देती थी। उससा जेठ अजय अग्रवाल भी उन्हें उकसाता था।
काउंसलिंग के बाद ससुराल लौटने के बाद आरोपितों ने रकम बढ़ाते हुए 10 से 45 लाख रुपये कर दिया और न देने पर फिर से उससे मारपीट किया जाता रहा। लगातार की प्रताड़ना से परेशान होकर प्रार्थिया ने महिला थाने में शिकायत की। जहां पुलिस ने आरोपित पति विजय अग्रवाल, सास कृष्णा अग्रवाल और जेठ अजय अग्रवाल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर रखे गए विद्या मितानों के वेतन में डंडी मारे जाने की जांच होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्लेसमेंट एजेंसियों के खिलाफ लूट खसोट की शिकायतें आ रही हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच होगी।
सदन में प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने आउटयह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ठेका कंपनी को प्रति विद्या मितान सरकार 28000 रुपये देती है, जबकि कंपनी इन शिक्षकों को मात्र 15000 ही देती है। कमीशन खोरी का खेल चल रहा है। सरकार ठेका प्रथा बंद कर सीधे शिक्षकों को वेतन दे।
जकांछ विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही इस मामले में बोल चूके हैं, इसलिए शिक्षा मंत्री को जांच की घाोषणा करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आउट सोर्सिंग बंद करने की घोषणा की है। इस पर तत्काल अमल किया जाना चाहिए।
उन्होंने भी वेतन में गड़बड़ी की जांच की मांग की। इस बीच मुख्यमंत्री बघेल भी सदन में पहुंच गए। उनके आते ही विपक्षी सदस्यों ने उनसे भी जांच की मांग की। मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि विद्या मितानों की संख्या 2185 है। अलग- अलग जिलों में उनका वेतन अगल- अलग है।
फिर भी सदस्यों की मांग है तो हम इसकी समीक्षा करेंगे। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य जब जांच की मांग पर अड़े रहे तो मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गंभीर विषय है। प्लेसमेंट कंपनी विद्या मितानों को की सैलरी के लिए 28000 लेती है, लेकिन उन्हें 11-12 हजार रुपये ही दिया जा रहा है। इस गड़बड़ी की जांच की जाएगी।
कोरबा। दर्री थाना के इंदिरानगर में रहने वाले एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी सफीक खान (65) के सूने मकान में धावा बोलकर चोरो ने लाखों रुपये का माल पार कर दिया है। चोरों ने सूनेपन का फायदा उठाकर घर की आलमारी में रखे 2 लाख 10 हजार नकदी और जेवरात समेत कुल 5 लाख 97 हजार के की चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
दर्री पुलिस को जैसे ही चोरी की खबर मिली सिटी एसपी पुष्पेंद्र बघेल प्रभारी रघुनन्दन शर्मा के साथ सदल बल मौके के लिए रवाना हो गए। चोरी के इस बड़ी वारदात की सूचना तत्काल पुलिस के आला अफसरों को दी गई जिसके बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की मदद से घर की बारीकी से छानबीन की गई।
पुलिस को इस छानबीन से कई अहम सुराग हाथ लगने की बात कही जा रही है। पड़ोस के लोगों से भी पुलिस जरूरी पूछताछ कर रही है। मूलतः करतला इलाके के रामपुर के रहने वाले सफीक खान एनटीपीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
उन्होंने दर्री थाना के इन्दिरानगर में आवास का निर्माण कराया है जहां वह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। सफीक खान बीते 27 फरवरी को सपत्नीक एक सगाई समारोह में हिस्सा लेने रायगढ़ जिले में छाल के उडुकेला गांव गए हुए थे। उन्होंने इस बात की सूचना अपने किरायेदारों को भी दी थी।
28 फरवरी को रात 8 बजे जब वह पत्नी के साथ घर पहुंचे और भीतर दाखिल हुए तो टूटी हुई आलमारी और अस्त व्यस्त सामान देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने जब अपने जेवर गहने और नकद रकम की जानकारी जुटाई तो टूटे आलमारी से 2 लाख 10 हजार नकद और 3 लाख 87 हजार के गहने जेवरात गायब मिले। पीड़ित सफीक ने फौरन इसकी सूचना दर्री थाने में दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम करते हुए विवेचना शुरू कर दी है।
भविष्य निधि (प्रविडेंट फंड) में एंप्लॉयर्स और एंप्लॉयीज के योगदान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उनपर कोई असर नहीं होगा जिनका प्रति माह मूल वेतन (बेसिक सैलरी) और विशेष भत्ता (स्पेशल अलाउंसेज) 15 हजार रुपये से ज्यादा है। हालांकि, भारत में काम कर रहे विदेशियों को इसका फायदा जरूर मिलेगा। पूर्व सेंट्रल प्रविडेंट फंड कमिश्नर ने बताया, पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन का आदेश 15 हजार रुपये तक की बेसिक सैलरी और अलाउंसेज वालों के लिए ही लागू होगा। इससे ज्यादा वेतन वालों के लिए पीएफ में योगदान अनिवार्य नहीं है।
एक अन्य पूर्व सीपीएफसी के. के. जालान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इसलिए आया है क्योंकि कई एंप्लॉयर्स वैधानिक न्यूनतम वेतन (15 हजार रुपये प्रति माह) वालों का पीएफ नहीं जमा करवा रहे थे। उन्होंने कहा, इसलिए, हमने वैसे मामलों में पीएफ डिडक्शन लागू करने का नियम लागू करने का सुझाव दिया जिनमें कुल वेतन ज्यादा, लेकिन मूल वेतन कम है जिससे पीएफ डिडक्शन का आधार बनता है। नतीजतन, कुछ एंप्लॉयीज की टेक होम सैलरी कम हो जाएगी। हालांकि, इनकी संख्या बहुत कम रहेगी।
कंसल्टिंग फर्म पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर कुलदीप कुमार ने मराठवाड़ा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच के एक वाकये का उदाहरण दिया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि पीएफ अथॉरिटीज 15 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन की वैधानिक सीमा के ऊपर के मामले में एंप्लॉयर पर पीएफ डिडक्शन का दबाव नहीं बना सकती है और न ही इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दायर कर सकती है।
उन्होंने कहा, इस आदेश से स्पष्ट हो गया कि पीएफ कंट्रिब्यूशन के लिए वेरिऐबल या इंसेंटिव आदि के रूप में मिलने वाले विशेष भत्तों को वेतन की परिभाषा से बाहर नहीं रखा जा सकता। इस आदेश से स्पष्ट है कि ऐसे भत्तों को वेतन में शामिल माना जाएगा। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे भत्ते और मूल वेतन को मिलाकर प्रति माह वेतन 15 हजार रुपये से अधिक होने पर भी एंप्लॉयर्स से पीएफ का पैसा काटने को कहा जाएगा? मई 2014 में पीएफ अथॉरिटीज ने अपने फील्ड ऑफिसरों को निर्देश दिया था कि वे मराठवाड़ा ग्रामीण बैंक केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर 15 हजार रुपये की वैधानिक मंथली सैलरी से ऊपर वालों के लिए पीएफ डिडक्शन के लिए एंप्लॉयर पर दबाव नहीं डाला जाए।
कई कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ते परेशानी के सबब हैं जिन्हें लगता है कि उनके पीएफ पेमेंट्स और रिटायरमेंट के बाद की सेविंग्स पर इनका असर पड़ता है जबकि कुछ पीएफ में ज्यादा पैसे जमा करवाना चाहते हैं। ऐसे लोगों की टेक होम सैलरी कम हो जाएगी।
राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले में एक कुछ लोगों ने एक महिला को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं उसके कपड़े फाड़कर भी बेइज्जत करने की कोशिश की गई। यह घटना केलवाड़ा थाना के अंतर्गत भीलो का तगड़ा इलाके में हुई जहां महिला को पेड़ से बांधकर पीटने का वीडियो भी ले लिया गया और उसके परिवारवाले और गांववाले केवल देख रहे थे।
कुछ लोगों ने इस घटना का मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बताया कि इस घटना में महिला के पिता, मां और भाई के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
19 साल की इस महिला की शादी उदयपुर के खेरवाडा गांव में हुई थी। महिला को पति पसंद नहीं था तो वह उसे छोड़कर अपने मामा के यहां रहने आ गई। यहां आकर उसने नाता रिवाज के तहत एक अन्य युवक से शादी कर ली। मामला पंचायत पहुंचा लेकिन कुछ फैसला नहीं हो पाया को महिला गुरुवार को अपने घर आ गई।
महिला से घरवालों को नाराजगी थी और उस पर खूब गुस्सा भी उतारने लगे। उसे प्रताड़ित करने लगे और पिटाई होने लगी। इस तरह से दुखी होकर उसने खुद को जलाकर आत्महत्या का प्रयास किया। लेकिन वह बच गई तो उसे परिवारवाले घर के बाहर खींचकर लाए और पूरे गांववालों के सामने पीटने लगे। उसे बाद गांववालों ने भी उसे पेड़ से बांधकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
रायपुर। जदलपुर स्थित दलपत सागर झील में हुए अतिक्रमण की सरकार जांच कराएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को इसके निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष ने पूरी जांच करा कर अगले सत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
दलपत सागर झील में अतिक्रमण का मामला विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठा। कांग्रेस सदस्य मोहन मरकाम ने बस्तर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध व्यवसायिक भवन के निर्माण को लेकर सवाल किया था। जवाब में मंत्री ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत नहीं है। इस पर मरकाम ने दलपत सागर को पाटकर अवैध कालोनी बनाए जाने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की।
मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत नहीं है, लेकिन आप कह रहे हैं तो दिखवा लूंगा। इसके बाद जकांछ विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।
झील के एक चौथाई हिस्से पर अतिक्रमण कर लिया गया है। पिछले 5-10 साल से वहां के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष डॉ. महंत ने हस्तक्षेप किया और आसंदी से पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तान के लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराने वाले इंडियन एयर फोर्स के जांबाज पायलट अभिनंदन वर्थमान को पाक के पीएम इमरान खान ने रिहा करने का ऐलान किया है। अभिनंदन को पाकिस्तान ने उस वक्त पकड़ लिया था, जब उनका मिग-21 विमान पाक के F-16 को ढेर करने के बाद की सीमा में क्रैश हो गया था। इसके बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने गुरुवार को संसद में ऐलान किया कि वो शांति की पहल के तौर पर भारत के पायलट को रिहा करेंगे। पाकिस्तान के इस कदम को भारत की कूटनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर ऐसा बयान दे दिया है, जिसपर विवाद शुरू हो गया है।
जानिए सिद्धू ने क्या कहा?
भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को रिहा करने के ऐलान के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पाकिस्तान के साथ बातचीत के जरिए मसला सुलझाने पर जोर दिया। ‘हमारे पास एक विकल्प है’ शीर्षक से जारी किए गए अपने दो पन्नों के बयान में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘मैं अपने इस विश्वास के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं कि सीमा के भीतर और बाहर चलने वाले आतंकी संगठनों की उपस्थिति और गतिविधियों का दीर्घकालिक समाधान खोजने में बातचीत और कूटनीतिक दबाव एक अहम भूमिका निभा सकते हैं। आतंक का समाधान शांति, विकास और प्रगति है ना कि बेरोजगारी, नफरत और डर।’
‘डर सिर्फ डर को ही जन्म देता है’
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘आज सीमा के दोनों तरफ रणनीतिकार एक दूसरे को आघात पहुंचाने की तैयारी में हैं। उन्हें लगता है कि एक दूसरे को हानि पहुंचाकर वे खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन यह मृग तृष्णा जैसा है। पिछले कुछ सालों में एक अनचाहा डर हमारे बीच पैर जमा रहा है। ये डर है आतंक का, मौत का, असुरक्षा का, एक अनचाहे असुरक्षा के भाव का। देश में कुछ लोगों के लिए अब डरने की कोई वजह नहीं बची है, क्योंकि उनका डर अब हकीकत का रूप ले चुका है। शहीदों के परिवारों के चेहरे पर भी मैंने उस डर को देखा और महसूस किया है। डर सिर्फ डर को ही जन्म देता है। आज देश में हर जगह डर का माहौल है। दूसरों को हानि पहुंचाने की बात सोचना आसान है, लेकिन यह सोच हमें सुरक्षित नहीं कर सकती।’
सिद्धू ने आगे कहा, ‘मैं एक स्वतंत्रता सेनानी का बेटा हूं, जो अपने देश के साथ खड़ा है। मेरी सच्ची देशभक्ति की पहचान मेरा साहस है, जो इस डर के खिलाफ सीना ताने खड़ा है। वो डर जिसकी वजह से आज कई लोग चुप्पी साधे हैं। मैं अपने सिद्धांतों पर पूर्णत: कायम हूं कि कुछ लोगों के गलत कार्यों की वजह से पूरे समुदाय को गलत ठहरा देना सही नहीं है। हाल ही में हमारे प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और मानवता के दुश्मनों के खिलाफ है। हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, नाकि कश्मीरियों के खिलाफ। विदेश मंत्री का भी कहना था कि हमारी लड़ाई पाकिस्तान के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाली सोच से है।’ सिद्धू के इस बयान को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है।
”आतंकवाद का ना कोई धर्म, ना कोई देश’
आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पत्रकारों ने जब नवजोत सिंह सिद्धू से पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा था, ‘आतंकवाद का ना कोई धर्म होता और ना कोई देश। मुट्ठी भर लोगों के लिए, क्या आप पूरे देश को दोषी ठहरा सकते हैं या किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा सकते हैं। पुलवामा में हुआ हमला एक कायराना हरकत है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।’ नवजोत सिंह सिद्धू के इस बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान पर काफी बवाल मचा। उनके बयान से नाराज लोगों ने कपिल शर्मा के शो के बहिष्कार की धमकी देते हुए सिद्धू को शो से बाहर करने की मांग की। फैंस के गुस्से को देखते हुए सोनी टीवी ने सिद्धू को ‘द कपिल शर्मा’ शो से बाहर कर दिया।