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CG: प्रधान आरक्षक की मौत पर CM साय ने जताया शोक, कहा- सरकार इस कठिन घड़ी में उनके परिवार के साथ है…

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छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव में VVIP ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक फुलजेश पन्ना की मौत हो गई. जिस पर CM विष्णु देव साय ने शोक जताया है. उन्होंने कहा कि-सरकार इस कठिन घड़ी में उनके परिवार के साथ है.

प्रधान आरक्षक की मौत पर CM साय ने जताया शोक

प्रधान आरक्षक की मौत पर शोक जताते हुए CM विष्णु देव साय ने ट्वीट कर कहा कि, आज नया रायपुर में वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान प्रधान आरक्षक फुलजेश पन्ना के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. मैंने उनकी बिटिया अनामिका से दूरभाष पर बात कर सांत्वना व्यक्त की है. सरकार इस कठिन घड़ी में उनके परिवार के साथ है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे एवं परिजनों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें.

CG : नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में प्रधानमंत्री का भाषण…

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भारत माता की जयभारत माता की जय! माई दंतेश्वरी की जय! मां महामाया की जयमां बम्लेश्वरी की जय! छत्तीसगढ़ महतारी की जय!

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका जी, प्रदेश के लोकप्रिय एवं ऊर्जावान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे वरिष्ठ साथी जुएल ओरांव जी, दुर्गा दास उइके जी, तोखन साहू जी, राज्‍य विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह जी, उपमुख्यमंत्री अरुण साहू जी, विजय शर्मा जी, उपस्थित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और विशाल संख्या में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

छत्तीसगढ़ के जम्मो भाईबहिनी, लइका, सियान, महतारी मन दूनो हाथ जोड़के जय जोहार!

आज छत्तीसगढ़ राज अपन गठन के 25 बछर पूरा करिस हे। ए मउका म जम्मो छत्तीसगढ़िया मन ल गाड़ा-गाड़ा बधई अउ सुभकामना।

भाइयों और बहनों,
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह में छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों के साथ-साथ सहभागी बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आप सब  भली भांति जानते हैं, मैंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है और बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए, इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है।

साथियों,
25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का एक कालखंड पूरा हुआ है और आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। मेरा एक काम करेंगे आप लोग? सब लोग बताइए, मेरा एक काम करेंगे? करेंगे? अपना मोबाइल फोन निकालिए, मोबाइल फोन का फ्लैश लाइट चालू कीजिए और यह अगले 25 साल के सूर्योदय का आरंभ हो चुका है। हर एक हाथ में जो मोबाइल है, उसकी फ्लैश लाइट चालू कीजिए। देखिए चारों तरफ मैं देख रहा हूं, आपकी हथेली में नए सपनों का सूरज उगा है। आपके हथेली में नए युग के संकल्पों की रोशनी नजर आ रही है। यही रोशनी जो आपके पुरुषार्थ से जुड़ी हुई है, जो आपके भाग्य का निर्माण करने वाली है।

साथियों,
25 साल पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था। साथ ही यह संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छुएगा। आज जब मैं बीते 25 वर्षों के सफर को देखता हूं, तो माथा गर्व से ऊंचा हो जाता है। छत्तीसगढ़ के आप सभी भाई-बहनों ने मिलकर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। 25 साल पहले जो बीज बोया गया था, आज वो विकास का वट वृक्ष बन चुका है। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आज भी छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नया विधानसभा भवन मिला है। यहां आने से पहले भी मुझे आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण करने का अवसर मिला। इस मंच से भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं विकास के इन सभी कार्यों के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,
साल 2000 के बाद यहां पूरी एक पीढ़ी बदल चुकी है। आज यहां नौजवानों की एक पूरी पीढ़ी है, जिसने 2000 पहले के वो पुराने दिन नहीं देखे हैं। जब छत्तीसगढ़ बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था। उस समय बहुत सारे गांवों में सड़कों का नामों-निशान तक नहीं था। अब आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का नेटवर्क 40 हजार किलोमीटर तक पहुंचा है। बीते ग्यारह वर्षों में छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। नए-नए एक्सप्रेस वे अब छत्तीसगढ़ की नई शान बन रहे हैं। पहले रायपुर से बिलासपुर पहुंचने में कई घंटे लगते थे, अब उसका समय भी घटकर आधा ही रह गया है। आज भी यहां एक नए 4 लेन हाईवे का शिलान्यास किया गया है। यह हाईवे छत्तीसगढ़ की झारखंड से कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा।

साथियों,
छत्तीसगढ़ की रेल और हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी व्यापक काम हुआ है। आज छत्तीसगढ़ में वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनें चलती हैं। रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर जैसे शहर अब डायरेक्‍ट फ्लाइट से कनेक्टेड हैं। कभी छत्तीसगढ़ सिर्फ कच्चे माल के निर्यात के लिए जाना जाता था। आज छत्तीसगढ़ एक Industrial State के रूप में भी नई भूमिका में सामने आ रहा है।

साथियों,
बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने जो कुछ हासिल किया है, उसके लिए मैं हर मुख्‍यमंत्री, हर सरकार का अभिनंदन करता हूं। लेकिन बहुत बड़ा श्रेय डॉक्टर रमन सिंह जी को जाता है। उन्होंने तब छत्तीसगढ़ को नेतृत्व दिया, जब राज्‍य के सामने अनेक चुनौतियां थी। मुझे खुशी है कि आज वो विधानसभा के अध्यक्ष के तौर पर अपना मार्गदर्शन दे रहे हैं और विष्‍णु देव साय जी की सरकार छत्तीसगढ़ के विकास को तेज गति से आगे ले जा रही है।

साथियों,
आप मुझे भली भांति जानते हैं, आज भी जब मैं जीप से निकल रहा था, बहुत पुराने-पुराने चहरे मैं देख रहा था, बहुत मुझे मन को बड़ा संतोष हो रहा था। शायद ही कोई इलाका होगा, जहां मेरा जाना न हुआ हो और इसलिए आप भी मुझे भली भांति जानते हैं।

साथियों,
मैंने गरीबी को बड़े निकट से देखा है। मैं जानता हूं, गरीब की चिंता क्या होती है, गरीब की बेबसी क्या होती है। इसलिए, जब देश ने मुझे सेवा का अवसर दिया, तो मैंने गरीब कल्याण पर बल दिया। गरीब की दवाई, गरीब की कमाई, गरीब की पढ़ाई और गरीब को सिंचाई की सुविधा, इस पर हमारी सरकार ने बहुत फोकस किया है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं।

साथियों,
25 साल पहले, हमारे इस छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था एक, आज छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं, हमारे रायपुर में एम्स है, मुझे याद है देश में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का अभियान भी छत्तीसगढ़ से ही शुरू हुआ था। आज छत्तीसगढ़ में करीब साढ़े पांच हज़ार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं।

साथियों,
हमारा प्रयास है कि गरीब को सम्मान का जीवन मिले। झुग्गियों की, कच्चे घरों की ज़िंदगी, गरीब को और निराश करती है, हताश करती है। गरीबी से लड़ने का हौसला खो बैठता है। इसलिए हमारी सरकार ने हर गरीब को पक्का घर देने का संकल्प लिया है। बीते 11 साल में 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए गए हैं। अब हम तीन करोड़ और नए घर बनाने का संकल्प लेकर चल रहे हैं। आज के दिन भी एक साथ छत्तीसगढ़ में साढ़े तीन लाख से अधिक, साढ़े तीन लाख से अधिक  परिवार अपने नए घर में गृह-प्रवेश कर रहे है। करीब तीन लाख परिवारों को 1200 करोड़ रुपए की किस्त भी जारी की गई है।

साथियों,
यह दिखाता है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार, गरीबों को घर देने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है। पिछले एक साल में ही गरीबों के सात लाख पक्के घर हमारे इस छत्तीसगढ़ में बने हैं। और ये सिर्फ आंकड़ा नहीं है, हर घर में एक परिवार का सपना है, एक परिवार की अपार खुशियां समाई हैं। मैं सभी लाभार्थी परिवारों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,
छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन आसान बने, आपके जीवन से मुश्किलें कम हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। आज छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में बिजली पहुंच चुकी है। जहां बिजली नहीं आती थी, वहां आज जमाना बदल गया, आज तो वहां इंटरनेट तक भी पहुंच चुका है। कभी सामान्य परिवार के लिए गैस का सिलेंडर, LPG गैस कनेक्शन बहुत बड़ा सपना होता था। एक-आध घर में जब गैस सिलेंडर आता था, लोग दूर से देखते थे, यह तो अमीर का घर होगा, उसके घर आ रहा है, मेरे घर कब आएगा? मेरे लिए मेरा हर परिवार गरीबी से लड़ाई लड़ने वाला परिवार है और इसलिए उज्जवला गैस का सिलेंडर उसके घर पहुंचाया। आज छत्तीसगढ़ के गांव-गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों तक भी गैस कनेक्शन पहुंच चुका है। अब तो हमारा प्रयास, सिलेंडर के साथ ही जैसे रसोई घर में पाइप से पानी आता है न, वैसा पाइप से सस्ती गैस पहुंचाने का भी हमारा संकल्प है। आज ही नागपुर-झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन, राष्ट्र को समर्पित की गई है। मैं इस परियोजना के लिए भी छत्तीसगढ़ के लोगों को बधाई देता हूं।

साथियों,
छत्तीसगढ़ में देश की एक बड़ी आदिवासी आबादी रहती है। यह वो आदिवासी समाज है, जिसका एक गौरवशाली इतिहास रहा है। जिसने, भारत की विरासत और विकास के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। आदिवासी समाज का ये योगदान, पूरा देश जाने, पूरी दुनिया जाने, इसके लिए हम निरंतर काम कर रहे हैं। देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों का संग्रह बनाना, संग्रहालय बनाना हो या भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को, जनजातीय गौरव दिवस घोषित करना हो, हमारी कोशिश यही है कि आदिवासी समाज के योगदान का हमेशा गौरवगान होता रहे।

साथियों,
आज इसी कड़ी में हमने एक और कदम उठाया है। आज देश को, शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आज देश को मिला है। इसमें आज़ादी से पहले के डेढ़-सौ से अधिक वर्षों का आदिवासी समाज के संघर्ष का इतिहास दर्शाया गया है। हमारे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों ने कैसे आजादी की लड़ाई लड़ी, उसकी हर बारीकी यहां दिखती है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये संग्रहालय, आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

साथियों,
हमारी सरकार एक तरफ आदिवासी विरासत को संरक्षण दे रही है, दूसरी तरफ, आदिवासियों के विकास और कल्याण पर भी जोर दे रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, देश के हज़ारों आदिवासी गांवों में विकास की नई रोशनी पहुंचा रहा है। ये करीब अस्सी हज़ार करोड़ रुपए की योजना है, अस्‍सी हजार करोड़! आज़ाद भारत में इस स्केल पर आदिवासी इलाकों में काम कभी नहीं हुआ। ऐसे ही, सबसे पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए भी पहली बार कोई राष्ट्रीय योजना बनी है। पीएम-जनमन योजना के तहत, पिछड़ी जनजातियों की हज़ारों बस्तियों में विकास के काम हो रहे हैं।

साथियों,
आदिवासी समाज पीढ़ियों से वन-उपज इकट्ठा करता है। ये हमारी सरकार है, जिसने वन-धन केंद्रों के रूप में, वन-उपज से अधिक कमाई के लिए अवसर बनाए। तेंदुपत्ता की खरीद के बेहतर इंतज़ाम किए, आज छत्तीसगढ़ में तेंदुपत्ता संग्राहकों को भी पहले से कहीं अधिक पैसा मिल रहा है।

साथियों,
मुझे आज इस बात की भी बहुत खुशी है कि आज हमारा छत्तीसगढ़,नक्सलवाद-माओवादी आतंक की बेड़ियों से मुक्त हो रहा है। नक्सलवाद की वजह से आपने 50-55 साल तक जो कुछ झेला, वो पीड़ादायक है। आज जो लोग संविधान की किताब का दिखावा करते हैं, जो लोग सामाजिक न्याय के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं, उन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए आपके साथ दशकों तक अन्याय किया है।

साथियों,
माओवादी-आतंक के कारण, लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके सड़कों से वंचित रहे। बच्चों को स्कूल नहीं मिले, बीमारों को अस्पताल नहीं मिले और जो जहां थे, बम से उसे उड़ा दिया जाता था। डॉक्टरों को, टीचरों को मार दिया जाता था और दशकों तक देश पर शासन करने वाले, आप लोगों को अपने हाल पर छोड़कर, वे लोग एयर कंडीशन कमरों में बैठकर अपने जीवन का आनंद लेते रहे।

साथियों,
मोदी अपने आदिवासी भाई-बहनों को हिंसा के इस खेल में बर्बाद होने के लिए नहीं छोड़ सकता था। मैं लाखों माताओं-बहनों को अपने बच्चों के लिए रोते-बिलखते नहीं छोड़ सकता था। इसलिए, 2014 में जब आपने हमें अवसर दिया, तो हमने भारत को माओवादी आतंक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया। और आज इसके नतीजे देश देख रहा है। 11 साल पहले देश के सवा सौ जिले, माओवादी आतंक की चपेट में थे और अब सवा सौ जिलों में से सिर्फ, सिर्फ तीन जिले बचे हैं तीन, जहां माओवादी आतंक का आज भी थोड़ा रुबाब चलाने की कोशिश हो रही है, लेकिन मैं देशवासियों को गारंटी देता हूं, वो दिन दूर नहीं, जब हमारा छत्तीसगढ़, हमारा हिन्‍दुस्‍तान, इस हिन्‍दुस्‍तान का हर कोना माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।

साथियों,
यहां छत्तीसगढ़ के जो साथी, हिंसा के रास्ते पर निकल पड़े थे, वह अब तेजी से हथियार डाल रहे हैं। कुछ दिन पहले कांकेर में बीस से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौट आए हैं। इससे पहले 17 अक्टूबर को बस्तर में 200 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। बीते कुछ महीनों में ही देशभर में माओवादी आतंक से जुड़े दर्जनों लोगों ने हथियार डाल दिए हैं। इनमें से बहुतों पर लाखों-करोड़ों रुपयों का इनाम हुआ करता था। अब इन्होंने बंदूकें छोड़ करके, हथियार छोड़ करके देश के संविधान को स्वीकार कर लिया है।

साथियों,
माओवादी आतंक के खात्मे ने असंभव को भी संभव कर दिखाया है। जहां कभी बम-बंदूक का डर था, वहां हालात बदल गए हैं। बीजापुर के चिलकापल्ली गांव में सात दशकों के बाद पहली बार बिजली पहुंची। अबूझमाड़ के रेकावया गांव में आजादी के बाद पहली बार स्कूल बनाने का काम शुरू हुआ है। और पूवर्ती गांव, जो कभी आतंक का गढ़ कहा जाता था, आज वहां विकास के कामों की बयार बह रही है। अब लाल झंडे की जगह हमारा तिरंगा शान से लहरा रहा है। आज बस्तर जैसे क्षेत्रों में डर नहीं, उत्सव का माहौल है। वहां बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन हो रहे हैं।

साथियों,
आप कल्पना कर सकते हैं, जब नक्सलवाद जैसी चुनौती के साथ हम पिछले 25 वर्षों में इतना आगे बढ़ गए हैं, तो इस चुनौती के खात्मे के बाद हमारी गति और कितनी तेज हो जाएगी।

साथियों,
छत्तीसगढ़ के लिए आने वाले वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमें विकसित भारत बनाना है, इसके लिए छत्तीसगढ़ का विकसित होना बहुत ज़रूरी है। मैं छत्तीसगढ़ के नौजवानों को कहूंगा कि यह समय नौजवान साथियों, यह समय, यह समय आपका है। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं, जो आप प्राप्त ना कर सकें। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, यह मोदी की गारंटी है, आपके हर कदम, हर संकल्प के साथ मोदी खड़ा है। हम मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाएंगे, देश को आगे बढ़ाएंगे। इसी विश्वास के साथ, एक बार फिर छत्तीसगढ़ के हर बहन-भाई को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। बहुत बहुत धन्यवाद, करते हुए पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए, भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय! बहुत-बहुत धन्यवाद!

CG: 5 नवंबर को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राजनांदगांव स्टेट हाईस्कूल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में लखपति दीदीयों का सम्मान करेंगे।

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राजनांदगांव : 5 नवंबर को देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन स्टेट हाईस्कूल ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में लखपति दीदीयों का सम्मान करेंगे। जिला प्रशासन की टीम उपराष्ट्रपति के आगमन की तैयारी को लेकर जुटा हुआ है।

राजनांदगांव जिले में स्व सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन को लेकर बेहतर काम कर रही हैं। जिले में ऐसे सैकड़ों महिलाएं जो कि लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं का रोजगार चलाने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। जिले में लखपति दीदी की संख्या बढ़ने से अभियान को लेकर उत्साह बना हुआ है।

5 नवंबर को देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन स्टेट हाईस्कूल ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में लखपति दीदीयों का सम्मान करेंगे। जिला प्रशासन की टीम उपराष्ट्रपति के आगमन की तैयारी को लेकर जुटा हुआ है। पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी हर एक व्यवस्था पर ध्यान रख रहे हैं।

उपराष्ट्रपति इस दौरान विभिन्न विभागों की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी लेने के लिए स्टॉल का जायजा लेंगे। प्रदर्शनी का निरीक्षण करने के बाद लखपति दीदी सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही बेहतर कार्य करने वाली लखपति दीदीयों का सम्मान कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।

एसडीएम गौतम पाटिल ने बताया कि आयोजन की तैयारी चल रही है। जिला पंचायत सीईओ सुरुचि सिंह ने बताया कि जिले में लखपति दीदी अभियान बेहतर तरीके से संचालित हो रहा है। कई महिलाएं हैं जो कि अपने क्षेत्र में आर्थिक मजबूती के लिए कार्य कर रहीं हैं।

CG: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की अपनी यात्रा की कुछ और झलकियां साझा की…

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की अपनी यात्रा की कुछ और झलकियां साझा की हैं, जिनमें आदिवासी गौरव, विकास यात्रा और जन कल्याण पर प्रकाश डाला है।

“छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति को समर्पित जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का आज नवा रायपुर अटल नगर में शुभारंभ किया। इस दौरान संग्रहालय का अवलोकन करने के साथ ही शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक के उद्घाटन और उनकी प्रतिमा के अनावरण का भी सौभाग्य मिला।”

“नवा रायपुर अटल नगर में रजत महोत्सव की प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की ढाई दशक की विकास यात्रा का साक्षी बनकर बेहद खुशी हुई।”

“छत्तीसगढ़ में अपने उन गरीब भाई-बहनों से मिलकर बहुत संतोष का अनुभव हुआ, जिन्हें आज पक्का घर मिला है। अपने घर की चाबी पाकर उनके चेहरे की खुशी देखते ही बनती थी।”

“छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत महोत्सव में मुझे आशीर्वाद देने आए राज्य के मेरे परिवारजनों का कोटि-कोटि अभिनंदन!

“25 साल पहले छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ श्रद्धेय अटल जी ने जो बीज बोया था, वो आज विकास का वटवृक्ष बन चुका है। इस दौरान यहां के मेरे भाई-बहनों ने अनगिनत उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्हें देखकर सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है!”

“छत्तीसगढ़ के हमारे आदिवासी समाज ने भारत की विरासत और विकास के लिए अतुलनीय योगदान दिया है। आज उन्हें समर्पित जिस शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ है, वो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।”

“हमने 11 साल पहले छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत को नक्सलवाद-माओवादी आतंक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था, जिसके नतीजे आज पूरा देश देख रहा है। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ के उन इलाकों में भी आज विकास की धारा बह रही है, जो दशकों तक इस आतंक के गढ़ रहे थे।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 नवंबर को उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025 का उद्घाटन करेंगे…

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 3 नवंबर को सुबह लगभग 9:30 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2025 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री देश में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान विकास एवं नवाचार (आरडीआई) योजना कोष का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का उद्देश्य देश में निजी क्षेत्र द्वारा संचालित अनुसंधान एवं विकास इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।

उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025 का आयोजन 3-5 नवंबर 2025 तक किया जाएगा। इस सम्मेलन में शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत और सरकार के 3,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ-साथ नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रख्यात वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और नीति निर्माता भी शामिल होंगे। विचार-विमर्श 11 प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें उन्नत सामग्री और विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव-विनिर्माण, समुद्री अर्थव्यवस्था, डिजिटल संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण, उभरती कृषि प्रौद्योगिकियां, ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु, स्वास्थ्य और चिकित्सा प्रौद्योगिकियां, क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।

उभरते विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन 2025 में प्रमुख वैज्ञानिकों के व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, प्रस्तुतियां और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन शामिल होंगे, जो भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और युवा नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करेंगे।

PM Modi LIVE:  पीएम मोदी का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता, विधानसभा के लोकार्पण पर कह दी बड़ी बात…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए विधानसभा के लोकार्पण पर कहा कि छत्तीसगढ़ से उनका गहरा नाता है. उन्होंने कार्यकर्ता के रूप में यहां समय बिताया और राज्य के लोगों का आशीर्वाद प्राप्त किया. छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला. प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों को बधाई दी और कहा कि 2025 भारतीय गणतंत्र का अमृत वर्ष है. उन्होंने संविधान निर्माण में योगदान देने वाले महान विभूतियों का सम्मान किया. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने कहा कि अटल जी का सपना साकार हो रहा है और छत्तीसगढ़ विकास की नई इबारत लिख रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने किया ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया. यह म्यूजियम 50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हुआ है. इसमें 14 सेक्टरों में आदिवासी विरोध की कहानियां बताई गई हैं. छत्तीसगढ़ की प्रमुख आदिवासी कहानियों का भी उल्लेख किया गया है. म्यूजियम में 1400 वर्ष पुराने साल, महुआ और साजा वृक्ष की प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे आदिवासी संग्रहालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे आदिवासी संग्रहालय. देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम का करेंगे लोकार्पण. यह संग्रहालय लगभग 10 एकड़ में तैयार हुआ है. डिजिटल म्यूजियम के निर्माण में 50 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. म्यूजियम में 12 आदिवासी विद्रोह और दो सत्याग्रह की जीवंत झांकी तैयार की गई है. यहां ऑडियो-वीडियो डिजिटल स्क्रीन की सुविधा उपलब्ध है. क्यूआर कोड के माध्यम से आदिवासी संघर्षों की गाथा देख और सुन सकते हैं.

PM Modi: भारत आतंक की कमर तोड़ रहा

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो राज्य पहले नक्सलवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, आज वह समृद्धि और सुरक्षा के लिए जाना जाता है. बस्तर ओलंपिक पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रहा है, और बस्तर में विकास तेजी से हो रहा है. जब भारत अपनी आजादी के 100 साल मनाएगा, तब विकसित भारत के योगदान में छत्तीसगढ़ अग्रणी होगा. सबका लक्ष्य है कि विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत का निर्माण हो.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई का जाना हालचाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्मश्री तीजन बाई से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना. तीजन बाई की बहू वेणु ने प्रधानमंत्री से बातचीत करवाई. लंबे समय से बीमार चल रहीं तीजन बाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर पंडवानी गायिका हैं और उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण, और पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है.

बस्तर की कला हमारी संस्कृति का प्रतीक

कुछ महीने पहले मैंने थाईलैंड के प्रधानमंत्री को बस्तर आर्ट भेंट किया था. बस्तर की कला हमारी संस्कृति का प्रतीक है. इस भवन की इमारत में बाबा गुरु घासीदास का “मनखे मनखे एक समान” का संदेश है. इस विधानसभा को रमन सिंह जी जैसा अनुभवी नेतृत्व मिला, यह सौभाग्य की बात है. विधानसभा में ऐसा हो कि सरकार का न अभाव हो, न अनावश्यक प्रभाव हो.

 सीमित संसाधनों से शुरू हुआ विधानसभा आज एक भव्य इमारत में परिवर्तित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सीमित संसाधनों से शुरू हुआ विधानसभा आज एक भव्य इमारत में परिवर्तित हो गया है. 25 वर्षों बाद जनता और लोकतंत्र इस भव्य विधानसभा भवन का उद्घाटन कर रहे हैं. यह भवन लोकतंत्र का तीर्थ है और इसका हर गलियारा जवाबदेही की याद दिलाता है. यहां लिए गए निर्णय छत्तीसगढ़ के भाग्य को दिशा देंगे. यह भवन आने वाले दशकों के लिए नीति और निर्णय निर्धारण का केंद्र बनेगा. मुझे प्रसन्नता है कि भारत की सोच और भावना छत्तीसगढ़ के विधानसभा में झलकती है.

छत्तीसगढ़ से मेरा गहरा नाता… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए विधानसभा के लोकार्पण पर कही बड़ी बात;

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए विधानसभा के लोकार्पण पर कहा कि छत्तीसगढ़ से उनका गहरा नाता है. उन्होंने कार्यकर्ता के रूप में यहां समय बिताया और राज्य के लोगों का आशीर्वाद प्राप्त किया. छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला. प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों को बधाई दी और कहा कि 2025 भारतीय गणतंत्र का अमृत वर्ष है. उन्होंने संविधान निर्माण में योगदान देने वाले महान विभूतियों का सम्मान किया. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने कहा कि अटल जी का सपना साकार हो रहा है और छत्तीसगढ़ विकास की नई इबारत लिख रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में आदिवासी संग्रहालय पहुंचेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में आदिवासी संग्रहालय पहुंचेंगे. वह देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे. यह संग्रहालय लगभग 10 एकड़ भूमि पर बनाया गया है और इसके निर्माण में 50 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. म्यूजियम में 12 आदिवासी विद्रोह और दो सत्याग्रह की जीवंत झांकी प्रदर्शित की गई है. यहां ऑडियो-वीडियो डिजिटल स्क्रीन की भी सुविधा है और क्यूआर कोड से आदिवासी संघर्षों की गाथाएं देखी और सुनी जा सकती हैं.

पीएम मोदी ने नवीन विधानसभा का निरीक्षण किया

पीएम मोदी ने नवीन विधानसभा का निरीक्षण किया और जल्द ही विधानसभा में संबोधित करेंगे. मंच पर डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित हैं.

PM मोदी ने विधानसभा में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया

PM मोदी विधानसभा पहुंचे, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया.

प्राधानमंत्री ने ब्रह्मकुमारीस के लिए जताया आभार

प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी मैं दुनिया के विभिन्न देशों में गया हूं, मुझे हर जगह ब्रम्ह कुमारिस के लोग मिले हैं. इससे मुझे न केवल अपनेपन का अहसास होता है, बल्कि शक्ति का भी अनुभव होता है. मैं शक्ति का पुजारी हूं और यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

हम वही लोग हैं जो जीव में शिव को देखते हैं…PM का बयान

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम वही लोग हैं जो जीव में शिव को देखते हैं और स्व का विस्तार सर्वस्व तक करते हैं. हमारे यहां धार्मिक अनुष्ठान विश्व कल्याण की भावना से होते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ को स्थापना दिवस की बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों को स्थापना दिवस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि वह कई दशकों से ब्रम्ह कुमारी से जुड़े हुए हैं और खुद को उनका ही मानते हैं. उन्होंने बताया कि चाहे आबू जाना हो या गुजरात, वह हमेशा वहां जाते रहे हैं. जब भी वह उनके बीच आए, उन्होंने उनके प्रयासों को हमेशा महसूस किया है। यहां शब्दों की बजाय काम अधिक होता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रम्ह कुमारी के शांति शिखर पहुंचे

रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रम्ह कुमारी के शांति शिखर पहुंचे हैं, जहाँ वह शांति शिखर का उद्घाटन करेंगे. यह शिखर शांति और योग के साधकों के लिए एक भव्य स्थल है.

रायपुर एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत

रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया आत्मीय स्वागत.

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कलाकार तीजन बाई के परिवार से की बात

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई के परिवार से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. उन्होंने पद्म भूषण विनोद कुमार शुक्ल, प्रसिद्ध साहित्यकार, से भी फोन पर बातचीत की और उनके स्वास्थ्य व कुशलक्षेम की जानकारी ली.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर का उद्घाटन करेंगे

रायपुर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर का उद्घाटन करेंगे. वे पौने 11 बजे शांति शिखर पहुंचेंगे और 11.30 बजे तक वहां उपस्थित रहेंगे. माउंट आबू के अलावा यह ब्रम्हकुमारी का पहला सेंटर है जहां प्रधानमंत्री आ रहे हैं. शांति शिखर शांति की चाह रखने वालों के लिए बनाया गया है. बड़ी संख्या में लोग इस अवसर पर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं.

कुछ देर में सत्य साईं संजीवनी अस्पताल पहुंचेंगे PM मोदी

कुछ देर में PM मोदी सत्य साईं संजीवनी अस्पताल पहुंचेंगे. अस्पताल में प्रधानमंत्री 2500 बच्चों से बात करेंगे, जिनके हार्ट का सफल ऑपरेशन हुआ है. ये बच्चे छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी आए हैं. अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस अस्पताल में कोई बिल काउंटर नहीं है और बच्चों के हार्ट का मुफ्त इलाज होता है. सीएम साय, राज्यपाल रमेन ढेका और विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी अस्पताल पहुंचे हैं.

“छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, 14 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की देंगे सौगात”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’ समेत विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने शनिवार सुबह रायपुर पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’ समेत विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने शनिवार सुबह रायपुर पहुंचे। प्रधानमंत्री इस दौरान सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य देखभाल और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे वायु सेना के विशेष विमान से रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचे और वहां से नवा रायपुर में स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना हो गए। विमानतल से अस्पताल के मार्ग पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए सैकड़ों लोग मौजूद थे जिनका प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान रास्ते में बने मंचों पर कलाकारों ने पारंपरिक नृत्यों से भी प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने इसके बाद ब्रह्माकुमारी के ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन किया, जो आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है प्रधानमंत्री इसके बाद लगभग नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया और त्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन किया।

यह भवन ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा पर बनाया गया है। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे।

यह संग्रहालय राज्य के जनजातीय समुदायों के साहस, बलिदान और देशभक्ति की विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करेगा। अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में संग्रहालय पोर्टल और ई-बुक “आदि शौर्य” की शुरुआत करेंगे और स्मारक स्थल पर शहीद वीर नारायण सिंह की घुड़सवार प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

CG: छुरिया विकासखंड के तीन ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति…

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राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत विकास निधि अंतर्गत छुरिया विकासखंड के तीन ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत ग्राम भोलापुर के वार्ड नंबर 2 में सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 3 लाख रूपए, ग्राम हालेकोसा में पूर्व माध्यमिक शाला के कलामंच में शेड निर्माण के लिए 5 लाख रूपए एवं ग्राम भण्डारपुर में शीतला मंदिर के पास वार्ड क्रमांक 4 शेड निर्माण कार्य के लिए 7 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए है।

CG: कलेक्टर ने ईवीएम वेयरहाऊस का किया मासिक निरीक्षण…

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राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट स्थित ईवीएम वेयरहाऊस का मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाऊस में मौजूद ईव्हीएम एवं वीवीपैट का अवलोकन किया। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन श्री अंकित चौहान एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CG: कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में सतर्कता : हजारी साझा जिम्मेदारी थीम पर 27 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक जागरूकता सप्ताह का हो रहा आयोजन…

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राजनांदगांव । कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में सतर्कता : हजारी साझा जिम्मेदारी थीम पर 27 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025 तक जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।  कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा ने जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र पहुंचने वाले कृषकों, विद्यार्थियों एवं आमजनों को सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निषेध के संबंध में शपथ दिलाई गई एवं जागरूकता सप्ताह के आयोजन के संबंध में जानकारी दी। जागरूकता सप्ताह के तहत केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. अतुल डांगे, डॉ. नूतन रामटेके, श्रीमती अंजली घृतलहरे, डॉ. योगेंद्र श्रीवास, श्री जितेंद्र मेश्राम, श्री आशीष गौरव शुक्ला एवं श्रीमती मंजुलता मेरावी द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी एवं सोशल मीडिया सतर्कता के संबंध में व्याख्यान, सतर्कता दिवस, सतर्कता प्रश्नोत्तरी एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।