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PM Modi Raipur Visit: 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगे PM मोदी”

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छत्तीसगढ़ अपने 25वें रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव को धूम-धाम तरीके से मनाने की पूरी तैयारी में लगा हुआ है. इस बार राज्योत्सव 5 दिन तक चलेगा. हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे. इसके अलावा राज्योत्सव स्थल पर बने शिल्प ग्राम में भी करीब एक हजार छत्तीसगढ़ी कलाकर अपनी कलाकारी का प्रदर्शन करेंगे. समारोह में भजन सिंगर हंसराज रघुवंशी, आदित्य नारायण, बॉलीवुड सिंगर भूमि त्रिवेदी, अंकित तिवारी और आखिरी दिन कैलाश खेर अपनी आवाज का जादू बिखरेंगे.

1 नवंबर को पीएम मोदी छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. वहां पर पीएम मोदी करीब 6 घंटे तक रायपुर में रहेंगे. पीएम कई अलग-अलग कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. आइए जान लेते हैं क्या है पीएम का पूरा शेड्यूल.

पीएम मोदी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर आ रहे हैं. आपको बता दें, कई अलग-अलग कार्यक्रमों में पीएम मोदी शिरकत करेंगे. रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 1 नवंबर को मिनट टू मिनट कार्यक्रम तय हो गया है.

पीएम मोदी सुबह 9:40 रायपुर एयरपोर्ट आयेंगे. फिर 10 से 10:35 तक सत्य साईं हॉस्पिटल में 2500 बच्चों से मिलेंगे, उनसे बात करेंगे. इसके अलावा पीएम 10:45 से 11:30 बजे तक ब्रम्ह कुमारी के शांति शिखर भवन का उद्घाटन करेंगे.

वहीं, 11:45 से 12:10 बजे तक भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण करेंगे. पीएम 12:15 से 1:15 बजे तक नए विधानसभा भवन उद्घाटन करेंगे. 1:30 से 2:15 को ट्राइबल म्यूजियम का शुभारंभ करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी 2:30 से 4:00 बजे तक राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे. बता दें, प्रधानमंत्री के सभी आयोजन नवा रायपुर में होंगे.

Weather: मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है. तीव्र चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव, कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी…

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है. तीव्र चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के अवशेष के रूप में दक्षिण छत्तीसगढ़ पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है. इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है. हालांकि, 31 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई गई है.

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पूर्वी विदर्भ और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ पर सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है. यह वही प्रणाली है जो हाल ही में आए तीव्र चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का अवशेष मानी जा रही है. यह सिस्टम अब पूर्वोत्तर विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास फैला हुआ है. अगले 24 घंटों में इसके उत्तर की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ने की संभावना है.

बीते 24 घंटों में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, बड़े बचेली में सर्वाधिक 6 सेमी वर्षा हुई, जबकि भोपालपटनम में 4 सेमी और कुसमी में 3 सेमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा कुटरू, नारायणपुर, गंगालूर, भैरमगढ़, दुर्गकोंदल, औंधी, सामरी, कांसाबेल, उसूर, मानपुर, जगदलपुर, ओरछा, बिहारपुर, कुआकोंडा, कटघोरा, बस्तर, बीजापुर, दुलदुला और पटना में 1 से 2 सेमी तक वर्षा हुई.

लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट आई है. सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रारोड और दुर्ग में दर्ज हुआ.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बुधवार यानी 31 अक्टूबर से वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना है. हालांकि, प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिल सकती है. अगले दो दिनों के दौरान भी कुछ जगह हल्की बारिश की स्थिति बनी रह सकती है.

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

राजधानी रायपुर में भी 31 अक्टूबर को आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा. हल्की वर्षा के साथ अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

CG: कलेक्टर ने राज्योत्सव की तैयारियों का लिया जायजा, राज्योत्सव आयोजन के संबंध में अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश…

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कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज स्टेट हाई स्कूल मैदान में राज्योत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर श्री यादव ने शासकीय योजनाओं पर आधारित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले स्टाल के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जिले में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के संबंध में अच्छी प्रदर्शनी लगाने कहा। उन्होंने मंच, बैठक व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, एन्ट्री गेट एवं अन्य तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने राज्योत्सव आयोजन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

“एलन मस्क का Starlink भारत में लॉन्च को तैयार! जानें कीमत, स्पीड और लिमिट”

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एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं जल्द ही शुरू करने की कगार पर है। कंपनी को अधिकांश सरकारी मंजूरियां मिल चुकी हैं, और रिपोर्ट्स के अनुसार, SATCOM अनुमति व स्पेक्ट्रम आवंटन के बाद जनवरी या फरवरी 2026 में लॉन्च हो सकता है।

यह कदम ग्रामीण व दूर-दराज इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में क्रांति ला सकता है, हालांकि शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक ब्रॉडबैंड से तुलना में यह महंगा विकल्प साबित हो सकता है। यहां हम स्टारलिंक की संभावित लॉन्च टाइमलाइन, कनेक्शन लिमिट, कीमत, स्पीड और प्लान्स की पूरी जानकारी दे रहे हैं।

भारत में कब होगा लॉन्च

स्टारलिंक को भारत में संचालन के लिए यूनिफाइड लाइसेंस (UL) और अन्य प्रमुख मंजूरियां मिल चुकी हैं, लेकिन अभी SATCOM गेटवे और स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार है। दूरसंचार विभाग (DoT) के अनुसार, ये प्रक्रियाएं 2025 के अंत तक पूरी हो सकती हैं। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि सेवाएं दिसंबर 2025 के अंत या जनवरी-फरवरी 2026 में शुरू होंगी। कंपनी मुंबई को अपना सेंट्रल हब बनाकर 10 स्थानों पर ग्राउंड स्टेशन स्थापित कर रही है। यह लॉन्च रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसे टेलीकॉम दिग्गजों के साथ साझेदारी में होगा, जो ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

कितने कनेक्शन मिलेंगे?

भारत सरकार ने स्टारलिंक पर शुरुआती चरण में अधिकतम 20 लाख कनेक्शन की सीमा लगाई है, ताकि मौजूदा टेलीकॉम इकोसिस्टम पर असर न पड़े। यह लिमिट विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए रखी गई है, जहां पारंपरिक नेटवर्क की कमी है। कंपनी को प्राथमिकता इन इलाकों को दी जाएगी, जिससे लाखों लोग पहली बार हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे। हालांकि, डिमांड अधिक होने पर वेटिंग लिस्ट लंबी हो सकती है।

कीमत और इंस्टॉलेशन

स्टारलिंक की सेवाएं प्रीमियम कैटेगरी में होंगी। यूजर्स को एक बार का सेटअप चार्ज (डिश एंटीना और राउटर सहित) लगभग ₹30,000 या थोड़ा अधिक देना होगा। मासिक सब्सक्रिप्शन ₹3,300 से शुरू हो सकता है, जो लोकेशन और यूजेज के आधार पर बदल सकता है। यह पारंपरिक ब्रॉडबैंड (₹500-₹1,500) से महंगा है, लेकिन रिमोट एरिया में जहां कोई विकल्प नहीं, यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में इंट्रोडक्टरी ऑफर के तहत ₹840 मासिक प्लान का जिक्र है, लेकिन यह पुष्ट नहीं।

इंटरनेट स्पीड और प्लान्स

स्टारलिंक 25 Mbps से 225 Mbps तक की डाउनलोड स्पीड देने का दावा कर रही है। बेसिक प्लान में 25-50 Mbps मिलेगी, जबकि प्रीमियम या हाई-एंड प्लान में 220-225 Mbps तक पहुंच संभव होगी। लेटेंसी 20-40 मिलीसेकंड रहेगी, जो वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन एजुकेशन के लिए उपयुक्त है। यह सर्विस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो मौसम या इलाके से कम प्रभावित होती है। शहरी क्षेत्रों में फाइबर ऑप्टिक (500 Mbps+) से कम, लेकिन ग्रामीण भारत के लिए यह क्रांतिकारी होगा। भविष्य में नेक्स्ट-जनरेशन सैटेलाइट्स से स्पीड 10 गुना बढ़ सकती है।

भारत ने रूस से तेल खरीदना पूरी तरह बंद किया; ट्रंप का दावा- चीन ने भी की कटौती…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि भारत अब रूस से तेल का आयात पूरी तरह बंद कर चुका है, जबकि चीन ने भी रूसी तेल की खरीद काफी हद तक घटा दी है। उन्होंने यह बयान मॉस्को की तेल दिग्गज कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए दिया।

ट्रंप ने दावा किया है कि रूस से तेल खरीद के मामले में भारत पूरी तरह रुक गया है और चीन ने भी कमी की है।

ट्रंप ने अपने एयर फ़ोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए कहा, “आपने देखा होगा कि चीन ने रूसी तेल की खरीद में भारी कटौती की है और भारत ने पूरी तरह रोक दी है। हमने प्रतिबंध लगाए हैं।” हालांकि, भारत सरकार ने बार-बार ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है। भारत का कहना है कि ऊर्जा आयात पर उसका रुख ‘राष्ट्रीय हितों की रक्षा’ पर आधारित है और वह किसी भी बाहरी दबाव में नहीं है।

ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब वे दक्षिण कोरिया में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं। यह बैठक व्यापार, प्रौद्योगिकी और कच्चे माल पर जारी तनाव के बीच हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत से पूर्ण समझौते की उम्मीद है, जिससे लंबे समय से चल रहे व्यापार युद्ध को विराम मिल सकता है।

ट्रंप ने कहा कि चर्चा में कृषि व्यापार और चीन से आने वाले फेंटानिल उत्पादन घटकों का मुद्दा भी उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, “फेंटानिल बहुत से लोगों की जान ले रहा है और यह चीन से आता है।”

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने यह दावा किया है। उन्होंने पहले भी कहा था कि भारत वर्ष के अंत तक रूसी तेल आयात लगभग शून्य कर देगा। उन्होंने कहा, “भारत ने मुझसे कहा है कि वे धीरे-धीरे इसे रोक रहे हैं। साल के अंत तक यह लगभग खत्म हो जाएगा।”

“दोस्ती के बाद झूठे वादे और धर्मांतरण कर निकाह की साजिश, उत्तराखंड में ‘द केरल स्टोरी’ जैसी घटना”

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Love Jihad: 2023 में आई फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ में जिस तरह लड़की को बहलाकर और झूठे वादों के बाद धर्मांतरण और निकाह के बाद बर्बरता दिखाई गई थी, वैसा ही मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आया है।

यहां अबू तालिब नाम के आरोपी ने लड़की से दोस्ती की, झूठे वादे किए और फिर अपने दोस्त से उस लड़की का निकाह फिक्स करवा दिया। बुर्का, पैसे और कैब लाकर लड़की को दिल्ली ले जाकर निकाह की तैयारी थी, लेकिन आखिर समय पर लड़की ने मना कर दिया और बड़ी वारदात होने से बच गई। पुलिस ने मामले में छांगुर गैंग के चार लोगों को दबोचा है। हैरानी की बात ये है कि आरोपी आगरा में भी धर्मांतरण के दूसरे मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।

रानीपोखरी में युवती के धर्मांतरण की साजिश में शामिल छांगुर गैंग के चार आरोपियों को शनिवार को देहरादून कोर्ट में पेश किया गया। आगरा पुलिस आरोपियों को दून लेकर आई थी। कोर्ट में पेशी के बाद चारों को देर शाम वापस आगरा ले जाया गया।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि रानीपोखरी की युवती को अब्दुर रहमान नाम के व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर धर्मांतरण के लिए बहकाने की कोशिश की थी। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि साजिश में अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह निवासी भगत विहार करावलनगर दिल्ली, एसवी कृष्णा उर्फ आयशा निवासी एलडीडीए डे गोवा, अब्दुर रहमान उर्फ रुपेंद्र सिंह निवासी मोहम्मद हुकूमतपुर सहसपुर देहरादून मूल निवासी मैनपुरी यूपी, अबू तालिब निवासी किदवईनगर खालापार मुजफ्फरनगर शामिल थे। चारों पहले से आगरा में दर्ज धर्मांतरण के दूसरे मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एसएसपी अजय सिंह के अनुसार चारों के खिलाफ दून पुलिस ने कोर्ट में वारंट-बी जारी करने का अनुरोध किया था। कोर्ट से अनुमति के बाद आगरा पुलिस ने चारों को दून कोर्ट में पेश किया।

युवती को दिल्ली ले जाकर निकाह की थी साजिश

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पीड़िता की दोस्ती फेसबुक पर अबू तालिब से हुई थी। अबू ने युवती को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया और कई झूठे वादे किए। बाद में उसने युवती की मुलाकात अपने दोस्त अयान से कराई। इसे बाद दिल्ली ले जाकर दोनों का निकाह कराने की योजना बनाई गई।

आरोपियों ने पैसे-कपड़े के साथ कैब तक भिजवाई

एसएसपी के अनुसार आयशा उर्फ कृष्णा, अब्दुर रहमान और अब्दुल रहमान ने रानीपोखरी की युवती को आर्थिक मदद दी। ऑनलाइन कपड़े भिजवाए। मोबाइल फोन और सिम दिए गए। उससे व्हाट्सऐप बिजनेस डाउनलोड करने को कहा ताकि संपर्क बना रहे। रानीपोखरी के लिए कैब तक भेजी, पर युवती ने आखिर में मना कर दिया। उसे दिल्ली में अब्दुल के ‘सेफ हाउस’ में रखने की योजना थी।

“छठ महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतिबिंब… ‘मन की बात’ में PM मोदी”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड की शुरुआत छठ की शुभकामनाओं के साथ की. पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि वे अपने आसपास छठ पूजा को देखें, काफी सुखद अनुभव होगा.

छठ का महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतिबिंब है. छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है. ये दृश्य भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है.

PM मोदी के ‘मन की बात’ की बड़ी बातें

गुजरात के वन विभाग ने मैनग्रोव (Mangrove) के महत्व को समझते हुए खास मुहिम चलाई हुई है. पांच साल पहले वन विभाग की टीमों ने अहमदाबाद के नजदीक धोलेरा में Mangrove लगाने का काम शुरू किया था, और आज धोलेरा तट पर साढ़े तीन हजार हेक्टेयर में Mangrove फैल चुके हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि करीब पांच वर्ष पहले मैंने इस कार्यक्रम में भारतीय नस्ल के ‘श्वान’ यानी dogs की चर्चा की थी. मैंने देशवासियों के साथ ही अपने सुरक्षा बलों से आग्रह किया था कि वे भारतीय नस्ल के डॉग्‍स को अपनाएं, क्योंकि वो हमारे परिवेश और परिस्थितियों के अनुरूप ज्यादा आसानी से ढल जाते हैं. BSF और CRPF ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के डॉग्‍स की संख्या बढ़ाई है.

सरदार पटेल आधुनिक काल में राष्ट्र की सबसे महान विभूतियों में से एक रहे हैं. उनके विराट व्यक्तित्व में अनेक गुण एक साथ समाहित थे. मेरा आप सबसे आग्रह है, 31 अक्टूबर को सरदार साहब की जयंती पर देशभर में होने वाली Run For Unity में आप भी जरूर शामिल हों.

‘वन्देमातरम्’ इस एक शब्द में कितने ही भाव हैं, कितनी ऊर्जाएं हैं. सहज भाव में ये हमें माँ भारती के वात्सल्य का अनुभव कराता है. यही हमें माँ भारती की संतानों के रूप में अपने दायित्वों का बोध कराता है. अगर कठिनाई का समय होता है तो ‘वन्देमातरम्’ का उद्घोष 140 करोड़ भारतीयों को एकता की ऊर्जा से भर देता है. 7 नवंबर को हम ‘वन्देमातरम्’ के 150वें वर्ष के उत्सव में प्रवेश करने वाले हैं. 150 वर्ष पूर्व ‘वन्देमातरम्’ की रचना हुई थी और 1896 में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पहली बार इसे गाया था.

छत्‍तीसगढ़ में चलाए जा रहे अनेखे कैफे

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम छत्‍तीसगढ़ में चलाए जा रहे, एक अनेखो कार्यक्रम का भी जिक्र किया. उन्‍होंने बताया, ‘छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है. अम्बिकापुर में Garbage Cafe चलाए जा रहे हैं. ये ऐसे कैफे हैं, जहां प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है. अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए तो उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है. ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है.

“छठ पर्व का आज दूसरा दिन, खरना पूजा के साथ शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत”

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लोक आस्था का बड़ा पर्व छठ आज अपने दूसरे दिन यानी खरना के रूप में मनाया जा रहा है. बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई इलाकों में यह पर्व बहुत श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है.

चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रती (छठ करने वाली महिलाएं) अपने परिवार की सुख-शांति और संतान की लंबी उम्र के लिए सूर्य देव और छठी माई की पूजा करती हैं. छठ के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस दिन व्रती पूरे दिन कुछ भी नहीं खाती-पीती हैं. शाम के समय सूर्य देव को अर्घ्य देकर पूजा करती हैं. खरना का मतलब होता है-मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि. इस दिन का उपवास बहुत कठिन माना जाता है क्योंकि पूरे दिन बिना पानी पिए रहना होता है.

शाम को व्रती स्नान करके साफ कपड़े पहनती हैं और घर या आंगन को मिट्टी से लीपकर पवित्र जगह बनाती हैं. वहां केले के पत्ते पर प्रसाद रखा जाता है. खरना के प्रसाद में गुड़ की खीर, रोटी (ठेकुआ) और फल होते हैं. सूर्यास्त के बाद सूर्य देव को जल अर्पित किया जाता है और फिर व्रती सबसे पहले खुद प्रसाद खाती हैं. उसके बाद परिवार और आस-पड़ोस के लोगों को प्रसाद देती हैं.

इस दिन का प्रसाद बहुत पवित्र माना जाता है. कोई भी व्यक्ति तब तक प्रसाद नहीं खाता जब तक व्रती उसे न दे. खरना के बाद व्रती अगले 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं, यानी बिना पानी पिए तीसरे दिन शाम तक उपवास करती हैं. छठ पूजा को सूर्य देव की उपासना का सबसे प्राचीन पर्व माना जाता है. माना जाता है कि सूर्य देव स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के दाता हैं. छठ माई यानी सूर्य की बहन की पूजा करने से परिवार में खुशहाली आती है.

आत्मशुद्धि का दिन

खरना को आत्मशुद्धि का दिन कहा जाता है. यह दिन संयम, तपस्या और भक्ति का प्रतीक है. इस दिन घरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है. घर को गोबर और मिट्टी से लीपकर शुद्ध बनाया जाता है और चारों ओर गंगाजल का छिड़काव किया जाता है.

खरना के दिन से ही माहौल में भक्ति गीतों की गूंज शुरू हो जाती है. गांव-गांव में महिलाएं गाती हैं. इन गीतों से पूरा माहौल श्रद्धा से भर जाता है. इस दिन मिट्टी या पीतल के बर्तनों में ही प्रसाद बनाया जाता है, स्टील या एल्यूमीनियम के बर्तन नहीं चलते.

छठ सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि साफ-सफाई, अनुशासन और एकता का प्रतीक है. इस दिन लोग अपने आसपास की सफाई करते हैं, नदी-तालाबों को सजाते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं. यह पर्व हमें बताता है कि जब हम प्रकृति, पानी और सूर्य का सम्मान करते हैं, तो जीवन में संतुलन और शांति बनी रहती है.

आज पूरे बिहार में घाट सज गए हैं, घरों में पूजा की तैयारी जोरों पर है. महिलाएं व्रत रखकर सूर्य देव से अपने परिवार की भलाई की प्रार्थना करेंगी. खरना का यह दिन छठ के सबसे पवित्र और भावनात्मक दिनों में से एक है.

CG: हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है.. मुख्यमंत्री साय!

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पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है।

पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू एवं जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।

पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे ज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

CG: इस दीपावली पर राज्य में लगभग 15 हजार 250 करोड़ से 16 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ…

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इस दीपावली पर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। इस दीपावली पर राज्य में लगभग 15 हजार 250 करोड़ से 16 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है। व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष दिवाली पर देशभर में कुल बिक्री 6.05 लाख करोड़ रुपये तक हुई, जिसमें 5.40 लाख करोड़ का वस्तु व्यापार और 65 हजार करोड़ का सेवा व्यापार शामिल है, जो अब तक का देश के व्यापार इतिहास का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार है।

देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी, प्रदेश चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, प्रदेश चेयरमेन विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अपनी रिसर्च शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी के सर्वेक्षण के आधार पर देशभर के 60 प्रमुख वितरण केंद्रों , जिनमें सभी राज्यों की राजधानियां एवं टियर-2 और टियर-3 शहर शामिल हैं।

कैट के अनुसार राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने बताया कि रिपोर्ट यह दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी दरों में राहत और स्वदेशी अपनाने के “मजबूत ब्रांड एंबेसडर” के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को अभूतपूर्व रूप से प्रेरित किया है। पीएम मोदी का “वोकल फॉर लोकल” और “स्वदेशी दिवाली” का आह्वान जनता के बीच गहराई से गूंजा 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने भारतीय वस्तुओं को विदेशी वस्तुओं के मुकाबले प्राथमिकता दी, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में तेज गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों ने बताया कि भारतीय निर्मित वस्तुओं की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत बढ़ी है ।

उन्होंने बताया कि दिवाली 2025 के आंकड़े पिछले वर्ष (₹4.25 लाख करोड़) की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। मुख्य रूप से गैर-कारपोरेट एवं पारंपरिक बाजारों ने कुल व्यापार में 85 प्रतिशत योगदान दिया, जो भारतीय खुदरा बाजारों और छोटे व्यापारियों की शानदार वापसी को रेखांकित करता है।

वस्तुओं के क्षेत्रवार बिक्री

किराना एवं एफएमसीजी 12 प्रतिशत, सोना-चाँदी 10 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स 8 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 7 प्रतिशत , रेडीमेड परिधान 7 प्रतिशत, गिफ्ट आइटम 7 प्रतिशत, होम डेकोर 5 प्रतिशत, फर्निशिंग एवं फर्नीचर 5 प्रतिशत, मिठाई एवं नमकीन 5 प्रतिशत, वस्त्र 4 प्रतिशत, पूजन सामग्री 3 प्रतिशत,फल एवं मेवे 3 प्रतिशत, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3 प्रतिशत, फुटवियर 2 प्रतिशत, तथा अन्य विविध वस्तुएँ 19 प्रतिशत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में भी भारी वृद्धि दर्ज हुई और इसमें 65,000 करोड़ का व्यापार हुआ। पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, टैक्सी सेवाएँ, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, टेंट एवं सजावट, मैनपावर और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व गतिविधि रही, जिससे त्यौहारी अर्थव्यवस्था के दायरे का विस्तार हुआ।