1816 करोड़ रुपये, 22 बड़े नाले…. छठ से पहले रेखा सरकार की स्वच्छ यमुना के लिए नई पहल, दिल्ली के सीवरेज नेटवर्क में होगा बड़ा सुधार
जीएसटी रिफॉर्म के बाद नई कीमतों पर उत्पादों की बिक्री …
जीएसटी रिफॉर्म के बाद अब दुकानों में पुराने रेट पर सामान नहीं बिकेगा. वित्त मंत्री ने भी इसे लेकर सख्त निर्देश दिए हैं.
जीएसटी के दरों के संशोधन के बाद कोई भी सामान पुराने रेट पर नहीं बेचा जाएगा. इसके लिए छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने सभी जिले के जीएसटी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. निर्देश में कहा गया है कि कोई भी सामान पुराने रेट पर नहीं बिकेगा. जीएसटी की दरों में कटौती के बाद सामान के दामों में जो कमी आएगी उसका पूरा लाभ उपभोक्ता को मिलना चाहिए और इसके लिए सभी लोग इसकी जांच करें.
जीएसटी बचत उत्सव की समीक्षा बैठक :
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे लेकर एक बैठक भी की थी. ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जीएसटी की घटी हुई दरें लागू हैं. इसका सीधा लाभ जनता को मिलना चाहिए. जीएसटी रेट में हुई कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे ताकि हर परिवार इस बदलाव से बचत करे. इसके साथ ही व्यापारियों को भी इससे राहत मिले. सरकार ने 22 सितम्बर 2025 से जीएसटी 2.0 के लागू किया है. इसके तहत आम उपभोक्ता के जीवन से जुड़ी 99 फीसदी वस्तुएं अब 5 फीसदी के दायरे में आ गई है.
नागरिकों को राहत देना ही लक्ष्य :
बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों से फीडबैक के बाद यह निर्देश दिया गया कि जीएसटी की कम दर का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि जीएसटी 2.0 के तहत दरों में कमी की गई है.इसका मुख्य कारण नागरिकों को राहत देना और व्यापार को आसान करना है. यह राज्य सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है कि ये सुधार ईमानदारी से जनता तक पहुंचे.
पुरानी दरों पर सामान ना बिके :
ओपी चौधरी ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा कि वे ये तय करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर ना बेची जाए.यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई दरें अंकित की जाएं और वस्तुएं केवल नई दरों पर ही बेची जाएं. वित्त मंत्री ने निर्देश दिया कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे. ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सके.
रायपुर में दिखा असर–
पुराने रेट पर सामान नहीं बेचने और जीएसटी बदलाव के बाद नए रेट पर सामान बेचने को लेकर काम भी शुरू हो गया है. इस बाबत ईटीवी भारत ने रायपुर के कुछ बड़े रिटेल चेन सप्लायर्स और मार्ट में जाकर इसकी जानकारी ली. रायपुर के रिटेल मार्ट के मैनेजर दीपक साहू ने ईटीवी भारत को बताया कि चूंकि हमारे यहां सभी सामानों की ऑनलाइन बिलिंग होती है, ऐसे में पुराने रेट पर हम सामान बेच ही नहीं सकते.
22 सितम्बर से जिन नियम के पालन में लाने का निर्देश सरकार के तरफ से दिया गया है. उसको उसी दिन से पालन में लाया जा रहा है. जो भी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां हैं उनके यहां से ही रेट के सुधार पर भेजा जा रहा है –
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार सभी विभागों में प्रशासनिक सर्जरी कर रही है. कुछ दिनों पहले आईएएस अफसरों के तबादले किए गए थे. शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल, प्रधान पाठक और व्याख्याता का भी तबादला किया गया. अब छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में बड़ी सर्जरी की गई है. असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर और संचालकों की पोस्टिंग की गई है.
छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं. सोमवार को जारी आदेश में कुल 12 सहायक औषधि नियंत्रक एवं सहायक संचालकों को नए जिलों में पदस्थ किया गया है. यह आदेश अपर सचिव अमित कटारिया के हस्ताक्षर से जारी हुआ है. अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर नए पदस्थापना स्थल पर अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा.
राज्य शासन के अधीन कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक औषधि नियंत्रकों को मैट्रिक्स लेवल-12 वेतनमान पर पदस्थ किया गया है. उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. आदेश स्वास्थ्य विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी हुआ है.
स्वास्थ्य विभाग से जारी ट्रांसफर लिस्ट की पूरी जानकारी
कोर्ट के निर्देश पर जारी हुआ ट्रांसफर ऑर्डर: स्वास्थ्य विभाग ने यह आदेश उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं WP(PIL) No. 91/2019 और WP(S) No. 9778/2019 में पारित अंतरिम फैसले के तहत जारी किया है.
स्वास्थ्य विभाग के जिन अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर हुआ है, उन्हें 15 दिनों के भीरत अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालना जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर आदेश स्वत: रद्द हो जाएगा.
”पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को बड़ा झटका, ACB कोर्ट ने खारिज की चैतन्य की जमानत याचिका”
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ACB की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। चैतन्य ने मामले के अन्य आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अपनी जमानत के लिए याचिका लगाई थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली है। चैतन्य बघेल अभी जेल में ही रहेंगे।
बिहार चुनाव का ऐलान होते ही एनडीए और महागठबंधन का पूरा ध्यान सीट बंटवारा पर है। दोनों गठबंधनों में अभी तक सीट शेयरिंग नहीं पर पेंच फंसा हुआ है। जबकि 6 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण का चुनाव होना है।
सूत्रों ने बताया कि महागठबंधन में सीटों का फॉर्मूला तय हो गया है। राजद को 130 से 135 सीटें और कांग्रेस को 55 से 58 सीटें मिलना तय हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 8 अक्टूबर को शाम 7 बजे सरकारी आवास पर महागठबंधन की बैठक करेंगे। उसी दौरान सीटों के इस फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लगेगी। वीआइपी प्रमुख मुकेश सहनी सीटें कम करने की बात मान गए है लेकिन उपमुख्यमंत्री पद के लिए अब भी अड़े हुए हैं।
वीआईपी और लेफ्ट को इतनी सीटें
सीट बंटवारा फॉर्मूल में राजद और कांग्रेस के अलावा वीआईपी और लेफ्ट की सीटें भी तय हो गई हैं। महागठबंधन वीआईपी को 14 से 18 और लेफ्ट को 30 से 32 सीटें देने के लिए तैयार है। इसके अलावा जेएमएम को 3 और पशुपति पारस को 2 सीटें राजद अपने खाते से देगी।
कांग्रेस सांसद ने की पुष्टि
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा है कि इंडिया गठबंधन में सीटों का बंटवारा आज शाम तक तय हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी सहयोगी दलों के बीच सहमति बन रही है। पुनिया ने कहा कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा माना गया है, लेकिन कांग्रेस का तरीका हमेशा से अलग रहा है। कांग्रेस चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करती, बल्कि विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री का चयन किया जाता है। तनुज पुनिया ने स्पष्ट किया कि राजद अपने नेता तेजस्वी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में देख रही है, लेकिन कांग्रेस की प्रक्रिया संस्थागत और लोकतांत्रिक है।
चुनाव नहीं लड़ने की कही बात
15 सीटें मांगने के बाद हम पार्टी के संस्थापक जीतन राम मांझी का बयान सामने आया है। मांझी ने कहा कि हम NDA में अपमानित हो रहे हैं। मेरी प्रार्थना है कि हमारी बात सुनी जाए और 15 सीट हमारी पार्टी को मिलनी चाहिए। मांझी ने कहा कि अगर महागठबंधन में हमें 15 से कम सीटें मिलती हैं तो हम प्रादेशिक पार्टी ही रह जाएंगें। कहा कि हमारे पास आखिरी विकल्प एनडीए से अलग चुनाव चुनाव लड़ने का है। जिससे हम 6 फीसदी वोट हासिल कर सके, जिससे राज्य राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता मिल सके।
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हैं. इन दिनों NDA, इंडिया ब्लॉक समेत अन्य राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने में जुटे हैं. वहीं, गठबंधन पार्टियों में सीट शेयरिंग पर माथापच्ची जारी है.
जानकारी के अनुसार सत्ताधारी एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर सब कुछ ठीक नहीं है. बीजेपी बिहार चुनाव प्रभारी धमेंद्र प्रधान ने इस विवाद को सुलझाने के लिए पटना में आज पार्टी नेताओं की अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में JDU, LJAP(RV) और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि एनडीए 9 अक्टूबर तक सीट शेयरिंग पर कोई बड़ा ऐलान कर सकता है.
भाजपा और जेडीयू के बीच सीटों की मांग पर फंसा हुआ है पेच
यह बैठक सीट शेयरिंग पर अंतिम मुहर लगाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है. बता दें प्रदेश में कुल 243 विधानसभा सीट हैं, यहां दो चरणों में चुनाव होने हैं. यहां 6 नवंबर को पहले चरण और 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा. 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे. पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा और जेडीयू के बीच सीटों की मांग पर पेच फंसा हुआ है.
बीजेपी 102 सीटें तो जेडीयू 105 सीटों पर दावा ठोक रही
भाजपा को लगभग 102 सीटें मिलने की उम्मीद है जबकि नीतीश कुमार की जेडीयू 105 सीटों पर दावा ठोक रही है. इस बीच चिराग पासवान ने अपनी सीटों की डिमांड को मजबूती से रखा है. बताया जा रहा है कि चिराग ने 20 विधनसभा सीट मांगी हैं. हाल ही में उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि हर कदम पर लड़ना सीखो… जो सीधे तौर पर गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान की तरफ इशारा कर रहा है.
दिल्ली-NCR में इस हफ्ते अचानक मौसम बदल गया है. सोमवार को हुई बारिश ने कई इलाकों में जल भराव की स्थिति पैदा कर दी थी. बारिश पड़ने के बाद लोगों को ठंडक का भी एहसास हुआ है.
भारतीय मौसम विज्ञान ने आने वाले दिनों के लिए बड़ा अपडेट दिया है. क्या इस हफ्ते और बारिश हो सकती है? IMD ने जो अपडेट दिया है उसके मुताबिक दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश हो सकती है.
बता दें कि मानसून बिते हुए 15 दिन से अधिक हो चुके हैं लेकिन अब तक कई राज्यों में बारिश पड़ रही है. 7 अक्टूबर को भी जम्मू-कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़ और कई इलाकों में बारिश हुई थी. सोमवार को तेज बारिश हुई थी और पूरे दिन आसमान में काले बादल छाए हुए थे. ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है, अनुमान है कि NCR के कुछ जिलों में वीकेंड पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है.
दिवाली के मौके पर शॉपिंग का मज़ा बढ़ाने अमेज़न ने ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2025 की दिवाली स्पेशल सेल शुरू कर दी है। इस सेल में स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, होम डेकोर, ग्रॉसरी और गिफ्टिंग जैसी कई श्रेणियों में ग्राहकों को भारी छूट का फायदा मिलेगा।
सेल में 1 लाख से अधिक प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट के साथ 30,000 से ज्यादा नए लॉन्च भी शामिल हैं।
स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स पर धमाकेदार ऑफर्स सैमसंग, एप्पल, वनप्लस और iQOO जैसे ब्रांड्स के स्मार्टफोन सेल में सबसे कम कीमत पर उपलब्ध हैं। Galaxy S24 Ultra, iPhone 15 और OnePlus 13R जैसे प्रीमियम स्मार्टफोन पर भारी छूट दी जा रही है। इसके अलावा, Xiaomi QLED TV, Lenovo लैपटॉप और Sony हेडफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी स्पेशल ऑफर्स देखे जा सकते हैं।
इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक्स पर विशेष छूट
इस दिवाली अमेज़न पर इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक्स खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी आकर्षक ऑफर्स हैं। Ather Rizta S Electric Scooter और Hero Xtreme 125R ABS Bike दिवाली स्पेशल कीमत पर उपलब्ध हैं।
फैशन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर 80% तक की छूट
एथनिक कपड़े, फुटवियर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर इस दिवाली 80% तक की छूट दी जा रही है। मेकअप और परफ्यूम पर 40% से 70% तक की छूट उपलब्ध है, जबकि पर्सनल केयर ब्रांड्स पर 60% तक की बचत हो सकती है।
कैशबैक और बैंक ऑफर्स
ग्राहक एक्सिस बैंक, आरबीएल, आईडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से लेनदेन पर 10% की तत्काल छूट पा सकते हैं। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड पर अमेज़न पे के माध्यम से 5% कैशबैक और रिवॉर्ड्स गोल्ड प्रोग्राम के तहत 15 से ज्यादा श्रेणियों में अतिरिक्त 5% कैशबैक भी उपलब्ध है। इस दिवाली, अमेज़न की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल ग्राहकों को बेहतर डील्स और बजट-फ्रेंडली विकल्प उपलब्ध कराकर त्योहार की खुशियों को और बढ़ा रही है।
बिहार के चुनाव में सामाजिक समीकरणों की हमेशा ही अहमियत रही है। इस लिहाज से देखें तो नीतीश कुमार और भाजपा का गठजोड़ सामाजिक समीकरणों में काफी मजबूत नजर आता है। आरजेडी के मुकाबले एकजुट रहने वाले 15 फीसदी सवर्ण छिटपुट इलाकों को छोड़कर एकतरफा तौर पर भाजपा के साथ नजर आते हैं।
वहीं 36 फीसदी अति पिछड़ा वर्ग नीतीश कुमार का पक्का वोट बैंक माना जाता है। यदि इस चुनाव में इन सामाजिक वर्गों को ही साधने में भाजपा और जेडीयू सफल रहे तो उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है। बिहार में भले ही ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत और कायस्थ मिलकर 15 फीसदी ही हैं, लेकिन उनका प्रभाव कभी कम नहीं रहा है।
आरजेडी के दौर में भले ही सवर्ण राजनीति कमजोर पड़ी हो, लेकिन अति पिछड़ा वर्ग एवं दलितों के साथ मिलकर इन समाजों के लोग एक बैलेंस जरूर बनाते रहे हैं। बीते तीन दशकों से सवर्ण बिरादरियां कांग्रेस से छिटक कर भाजपा के पाले में जाती रही हैं। इस तरह भाजपा को इस समाज का वोट एकमुश्त मिलता रहा है। अहम बात यह है कि ब्राह्मण, राजपूत और भूमिहार कई ऐसी सीटें हैं, जहां निर्णायक हैं। इसके अलावा तीनों ही जातियां समाज में ओपिनियन मेकर और ओपिनियन लीडर के तौर पर देखी जाती हैं। ऐसे में यदि इनका एकतरफा वोट फिर से भाजपा के साथ जाता दिखा तो समीकरण और बदल सकते हैं।
अब इसके बाद अति पिछड़ा वर्ग की बात करें तो उसकी आबादी 36 फीसदी के करीब है। इन वर्ग में कुर्मी, कोइरी, कुशवाहा, कश्यप समेत कई बिरादरियां आती हैं। आरजेडी के दौर में यादव और मुस्लिम प्रभुत्व के जवाब में नीतीश कुमार ने यह समीकरण तैयार किया था। इस वर्ग को पंचायतों में आरक्षण भी उनकी ओर से दिया गया था। ऐसे में यह नीतीश कुमार का मजबूत जनाधार माना जाता है। इस तरह भाजपा के 15 फीसदी सवर्ण और नीतीश कुमार के 36 फीसदी अति पिछड़ा मिलकर बड़ा जनाधार तैयार करते हैं।
अहम बात यह है कि दोनों ही वर्गों में तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं है। इसलिए नीतीश और भाजपा आपस में एक-दूसरे का वोट ट्रांसफर करा लेते हैं। यही उनके साथ आने का सबसे बड़ा आधार और ताकत भी है। इसी वोट में जब 5.3 फीसदी पासवान मतदाता जुड़ जाता है तो संख्या और अधिक होती है, लेकिन चिराग पासवान अब छिटकने की कोशिश में है। वह 40 सीट मांग रहे हैं और भाजपा 22 से 25 तक ही ऑफर कर रही है। हालांकि भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि चिराग पासवान अलग भी हुए तो ज्यादा परेशानी नहीं होगी। वजह यह कि दलित समाज भी कई हिस्सों में बंटा हुआ है और उसका एक वर्ग नीतीश और मोदी के नाम पर वोट करेगा।
गृह मंत्री अमित शाह के घर पर हुई 45 मिनट की बैठक में केंद्र सरकार ने टाटा समूह के टॉप लीडरशिप को सख्त संदेश दिया कि टाटा ट्रस्ट्स में स्थिरता बनाए रखें और आंतरिक विवादों को नियंत्रित करें ताकि उनका असर टाटा सन्स पर न पड़े, जो देश का सबसे मूल्यवान व्यवसायिक समूह है।
इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और टाटा समूह के चार वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस चेयरमैन वेनु श्रीनिवासन, टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा।
सरकार का स्पष्ट संदेश : आंतरिक मतभेद न बढ़ें
सरकार का मानना है कि टाटा ट्रस्ट्स के भीतर चल रहे मतभेद अगर समय पर सुलझाए नहीं गए, तो यह पूरे समूह की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकते हैं। मंत्रियों ने कंपनी नेतृत्व को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया कि वे जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाएं, जिसमें ऐसे ट्रस्टी को हटाना भी शामिल है जो समूह के सुचारू कामकाज में बाधा डाल रहा हो।
आरबीआई की लिस्टिंग और ‘शापूरजी पल्लोनजी समूह’ पर चर्चा
बैठक में आरबीआई के निर्देशों पर भी चर्चा हुई, जिसमें टाटा सन्स जैसी “अपर्लेयर एनबीएफसी” कंपनियों के पब्लिक लिस्टिंग का मुद्दा शामिल था। इसके साथ ही, समूह के दूसरे सबसे बड़े शेयरधारक शापूरजी पल्लोनजी समूह के लिए लिक्विडिटी (नकदी की उपलब्धता) का रास्ता निकालने पर भी विचार हुआ।
हालांकि, बैठक के दौरान सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई औपचारिक निर्देश दिया गया या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
रतन टाटा की पहली पुण्यतिथि से पहले आंतरिक बैठक
दिल्ली से मुंबई लौटने से पहले चारों टाटा नेता आपस में एक संक्षिप्त आंतरिक चर्चा कर चुके हैं। वे अब रतन टाटा की पहली पुण्यतिथि (9 अक्टूबर) पर आयोजित दो दिवसीय श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
सरकार का रुख : ट्रस्ट की जिम्मेदारी ‘सार्वजनिक महत्व’ से जुड़ी
सरकार इस बात से चिंतित है कि ट्रस्ट्स के अंदर के विवाद अगर बढ़ते रहे, तो टाटा सन्स और समूह की कंपनियों के प्रशासन पर असर पड़ सकता है। केंद्र ने यह संदेश दिया है कि टाटा ट्रस्ट्स का टाटा सन्स में बहुमत शेयरहोल्डिंग एक “सार्वजनिक जिम्मेदारी” के साथ आती है, क्योंकि समूह का आकार, आर्थिक योगदान और सिस्टम में महत्व बहुत बड़ा है। इसलिए, मतभेदों को सार्वजनिक न करके अंदर ही सुलझाना बेहतर होगा।