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“‘धनुष-बाण’ किसका होगा? सुप्रीम कोर्ट में 12 नवंबर को सुनवाई, SC तय करेगा असली शिवसेना कौन”

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शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ी दावेदारी को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई. इस दौरान उद्धव ठाकरे गुट ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की और स्थानीय चुनावों का हवाला दिया.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अब 12 नवंबर को सुनवाई होगी.

दरअसल, उद्धव ठाकरे की ओर से इस मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र में जनवरी में स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में इस पर शीघ्र फैसला जरूरी है.

महाराष्ट्र में शिवसेना के दो धड़ों उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच पार्टी के नियंत्रण और पहचान को लेकर महीनों से विवाद चल रहा है. यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में फिर सुर्खियों में है. बुधवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस मामले की सुनवाई 12 नवंबर को तय की.

कपिल सिब्बल ने कोर्ट से आग्रह किया कि राज्य में जनवरी 2026 में स्थानीय निकाय चुनाव होने जा रहे हैं और इससे पहले इस विवाद पर स्पष्टता जरूरी है ताकि भ्रम की स्थिति न बने.

दरअसल, मामला चुनाव आयोग के उस फैसले से जुड़ा है जिसमें आयोग ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को ‘असली शिवसेना’ के रूप में मान्यता दी थी और पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को आवंटित किया था. उद्धव ठाकरे गुट ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. ठाकरे गुट का कहना था कि आयोग ने तथ्यों और पार्टी की वास्तविक संरचना को नजरअंदाज किया है.

उद्धव ठाकरे की याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने संविधान और पार्टी के आंतरिक नियमों की अनदेखी करते हुए गलत निर्णय दिया. वहीं, शिंदे गुट ने अपने पक्ष में यह तर्क दिया है कि उनके पास पार्टी के अधिकांश विधायकों और सांसदों का समर्थन है, इसलिए वही असली शिवसेना हैं. अब 12 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई करेगा.

“भारत और यूके की ट्रेड डील से इन बड़े ब्रांड्स की शराब हो जाएगी सस्ती, एक नजर में देख लें पूरी लिस्ट”

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इस डील के तहत भारत में जॉनी वॉकर, चिवास रीगल, द ग्लेनलिवेट, ग्लेनफिडिच जैसे प्रमुख स्कॉच व्हिस्की ब्रांड्स की कीमतों में कमी आएगी. इसके पीछे मुख्य वजह है आयात शुल्क में बड़ी कटौती.

पहले स्कॉच और जिन पर आयात शुल्क लगभग 150% था, जिसे इस समझौते के तहत अब 75% कर दिया गया है. इसके बाद यह धीरे-धीरे अगले 10 साल में घटकर 40% तक हो जाएगा.

इसका सीधा असर यह होगा कि भारतीय बाजार में ये प्रीमियम ब्रांड ज्यादा किफायती हो जाएंगे. सिर्फ स्कॉच ही नहीं, बल्कि जिन, ब्रांडी, रम, वोदका, टकीला और साइडर जैसे अन्य ब्रिटिश मूल के पेय पदार्थ भी इस डील के तहत सस्ते होंगे.

भारत में इन ब्रांड्स की पहुंच और मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. सस्ती होने वाले प्रमुख ब्रांड्स के नाम हैं स्कॉच व्हिस्की, जॉनी वॉकर, चिवास रीगल, द ग्लेनलिवेट, ग्लेनफिडिच, लैगवुलिन, सिंगलटन, टैलिस्कर, मैकलन, जुरा.

इस कटौती की वजह से प्रीमियम ब्रांड्स आम ग्राहकों के लिए अधिक सुलभ हो जाएंगे और जिन लोगों को विदेशी ब्रांड बहुत पसंद आते हैं, अब उनकी जेब पर बोझ कम हो जाएगा.

आयात शुल्क घटने से भारत में ब्रिटिश शराब उद्योग के लिए बड़ा बाजार खुलेगा. डियाजियो और पर्नोड रिकार्ड जैसी कंपनियां भारत में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं.

इस ट्रेड डील से न केवल ब्रिटिश शराब प्रेमियों को फायदा मिलेगा, बल्कि भारतीय बाजार में स्कॉच व्हिस्की और अन्य ब्रिटिश पेय पदार्थों की लोकप्रियता भी बढ़ेगी.

“WhatsApp यूजर्स की परेशानी हुई दूर, आ गया AI से चलने वाला यह फीचर, अब चैटिंग करना होगा और मजेदार”

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WhatsApp ने अपने यूजर्स की परेशानी को दूर करने के लिए एक नए फीचर को लॉन्च कर दिया है. एंड्रॉयड के बाद अब आईफोन यूजर भी इन-ऐप ट्रांसलेशन टूल का यूज कर पाएंगे. यह टूल AI की मदद से किसी भी मैसेज का यूजर की पसंद की लैंग्वेज में ट्रांसलेशन कर देगा.

फिलहाल यह 21 भाषाओं को सपोर्ट करता है. इसकी सहायता से यूजर कोई भी भाषा बोलने वाले लोगों से बिना किसी परेशानी के बात कर सकेंगे.

इन 21 भाषाओं को करता है सपोर्ट

अभी यह फीचर हिंदी, इंग्लिश, फ्रेंच, जर्मन, अरबी, चाइनीज, स्पेनिश, पुर्तगाली, जापानी और कोरियन समेत 21 भाषाओं को सपोर्ट करता है. यह फीचर पर्सनल चैट और ग्रुप चैट को मैसेज को आसानी से ट्रांसलेट कर देगा, लेकिन डॉक्यूमेंट, कॉन्टैक्ट्स, स्टिकर्स और GIFs आदि को ट्रांसलेट नहीं कर पाएगा. इसका यूज शुरू करने से पहले यूजर्स को लैंग्वेज पैक डाउनलोड करना होगा. इस फीचर के आने से भाषा की बाध्यता खत्म होगी और लोगों को ट्रांसलेशन के लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

कैसे करें यूज?

व्हाट्सऐप ने कहा है कि उसने आईफोन यूजर्स के लिए इस फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया है और आगामी कुछ हफ्तों में यह सभी यूजर्स के लिए अवेलेबल हो जाएगा. यह फीचर आने के बाद किसी भी मैसेज को ट्रांसलेट करने के लिए उस पर लॉन्ग प्रेस करना होगा. इसके बाद मोर का ऑप्शन दिखेगा. इस पर टैप करते ही ट्रांसलेट का ऑप्शन आ जाएगा. फर्स्ट टाइम यूज करते समय आपको सोर्स और टारगेज लैंग्वेज चुनकर लैंग्वेज पैक डाउनलोड करना पडे़ेगा. एक बार इंस्टॉल होने के बाद यह फीचर काम करना शुरू कर देगा और इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की भी जरूरत नहीं रहेगी. यूजर के पास लैंग्वेज पैक को डाउनलोड करने या किसी भी समय डिलीट करने का भी ऑप्शन रहेगा.

“म्यांमार में बौद्ध समुदाय के 24 लोगों की हत्या, पैरामोटर से बरसाए गए बम”

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म्यांमार के मध्य हिस्से में एक धार्मिक त्योहार और सैन्य सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर हुए पैरामोटर हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई. 47 अन्य घायल हो गए. ये जानकारी निर्वासित नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट (NUG) के प्रवक्ता ने दी है.

यह हमला थादिंग्युत त्योहार के मौके पर हुआ, जो बौद्ध परंपराओं से जुड़ा एक राष्ट्रीय अवकाश है. सोमवार शाम चाऊंग यू टाउनशिप में लगभग 100 लोग इकट्ठा हुए थे. यह आयोजन न केवल त्योहार मनाने के लिए था, बल्कि एक कैंडललाइट विरोध सभा भी थी जिसमें लोग सैन्य जुंटा की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.

सात मिनट में बरपा कहर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब कार्यक्रम चल रहा था, तब स्थानीय पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) को संभावित हवाई हमले की सूचना मिली. आयोजकों ने कार्यक्रम जल्द खत्म करने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही पैरामोटर मौके पर पहुंच गए.

PDF के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि वे सात मिनट के भीतर पहुंचे और दो बम गिरा दिए. पहला बम गिरते ही मैं जमीन पर गिर पड़ा, मेरे पैर में चोट लगी, और मेरे पास खड़े लोग मारे गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाकों से इतना विनाश हुआ कि कई शवों की पहचान तक मुश्किल हो गई.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई चिंता

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को कहा कि पैरामोटर के जरिए किए जा रहे ये हमले म्यांमार में चिंताजनक हैं. यह हमला एक भयानक चेतावनी है कि म्यांमार के नागरिकों को तत्काल सुरक्षा की आवश्यकता है. एमनेस्टी ने दक्षिण-पूर्व एशियाई संगठन आसियान (ASEAN) से भी अपील की है कि वे जुंटा पर दबाव बढ़ाएं और उस नीति की समीक्षा करें जो पिछले पांच सालों से म्यांमार के लोगों की रक्षा करने में विफल रही है.

2021 के तख्तापलट के बाद से जारी संघर्ष

म्यांमार में फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से ही गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अब तक 5,000 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है. सोमवार के हमले में लोग सैन्य भर्ती और आने वाले चुनावों का विरोध कर रहे थे, साथ ही आंग सान सू की और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग भी कर रहे थे. म्यांमार में दिसंबर में आम चुनाव होने वाले हैं जो तख्तापलट के बाद पहला मतदान होगा. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होंगे, बल्कि सेना को अपनी सत्ता बनाए रखने का जरिया बनेंगे.

“न्यूयॉर्क पहुंचा भारतीय सांसदों का दल, UN में रखेंगे भारत का पक्ष, किस पार्टी के किस सदस्य का है नाम”

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संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80 वीं बैठक के लिए भारतीय सांसदों का एक मल्टी पार्टी डेलिगेशन न्यूयॉर्क पहुंच चुका है. इस समूह का नेतृत्व बीजेपी सांसद पी पी चौधरी कर रहे हैं. यह समुह 14 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क में रहेगा.

चौधरी के नेतृत्व वाले डेलिगेशन में भाजपा के अनिल बलूनी, निशिकांत दुबे और उज्ज्वल निकम, कांग्रेस के विवेक तन्खा और कुमारी शैलजा, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन समेत अन्य शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में कुल 15 सांसद शामिल हैं.

सांसद पुरंदेश्वरी ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र महासभा एक अहम मंच है जहां सदस्य देश शांति और सुरक्षा से लेकर मानवाधिकार, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आते हैं. मैं अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने और विश्व मंच पर इन महत्वपूर्ण विचार-विमर्शों में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं.”

विश्व में उठेगी भारतीय लोकतंत्र की आवाज?

आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक गैर-आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल सांसदों को संयुक्त राष्ट्र के सत्रों में हिस्सा लेने, भारत के स्थायी मिशन के साथ बातचीत करने और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की लोकतांत्रिक आवाज उठाने का अवसर प्रदान करता है. यह पहल भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और संसदीय कूटनीति को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है.

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि अनौपचारिक प्रतिनिधिमंडल में कई राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल हैं, जो भारत की संसदीय विविधता का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है.

न्यूयार्क क्यों पहुंचे भारतीय सांसद?

ये सभी सांसद भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) भेजे गए हैं. बता दें, UNGA संयुक्त राष्ट्र के अहम फैसले लेने वाली बॉडी है, जिसमें सभी 193 सदस्य देशों की समान भागीदारी होते हैं.

यहां वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होती है, प्रस्ताव पारित किए जाते है और विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने वाली अलग-अलग बॉडी की देखरेख भी UNGA करता है. भारत का संयुक्त राष्ट्र महासभा में संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का एक लंबा इतिहास रहा है, जो 2004 में बंद हो गया था. अतीत में, लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था.

“Bihar Polls 2025: जीतन राम मांझी के लिए कम से कम 7 सीटें तय! अगले 2 दिन में NDA कर सकता है सीट शेयरिंग का ऐलान”

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बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भी एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका है. हालांकि सीटों के बंटवारे को लेकर गहन मंथन जारी है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अधिक से अधिक सीटों को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स बना रही है तो वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी भी 10 से ज्यादा सीटों की डिमांड रख रही है.

ऐसे में बिहार में एनडीए के लिहाज से आज और कल का दिन बेहद अहम है. सूत्रों के मुताबिक सीटों को लेकर फाइनल राउंड की बातचीत चल रही है.

गठबंधन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगले एक या दो दिन में एनडीए में सीटों पर फाइनल बातचीत कर मुहर लगाने की तैयारी चल रही है. बीजेपी की ओर से एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को पटना में ही रहने को कहा गया है. बीजेपी के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थोड़ी देर में पटना पहुंचने वाले हैं. पार्टी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े भी पटना पहुंच रहे हैं.

पटना में ही होगा NDA की सीट शेयरिंग का ऐलान

सहयोगी दलों की ओर से जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पटना में बने हुए हैं. हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन भी पटना में मौजूद है. RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आज शाम तक पटना पहुंचने की संभावना है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और चुनाव प्रभारी अरुण भारती बिहार में ही मौजूद हैं. दोनों के खगड़िया के अपने कार्यक्रम खत्म करने के बाद आज शाम पटना पहुंचने की उम्मीद है. राजधानी पटना में ही सीट शेयरिंग का ऐलान किया जाना है.

चिराग पासवान की तरह ही जीतन राम मांझी भी अपने लिए अधिक से अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी HAM (सेकुलर) पार्टी को कम से कम 7 सीटें मिल सकती हैं. ये वही सीटें हैं जहां से पिछली बार वह मैदान में उतरी थी. 7 में से 4 सीटों पर HAM को जीत हासिल हुई थी जबकि 3 जगहों पर हार मिली थी.

हम राज्य में मान्यता के लिए लड़ रहेः जीतन राम मांझी

मांझी की HAM पार्टी को 2020 के चुनाव में जिन 4 सीटों (टेकारी, सिकंदरा, इमामगंज और बाराचट्टी) पर जीत हासिल हुई थी, उसे फिर से ये सीटें मिल सकती हैं. साथ ही जिन 3 सीटों (कुटुंबा, मखदुमपुर और कसबा) में हार मिली थी वो भी उसके खाते में आ सकती है. कहा जा रहा है कि जीतन राम मांझी ने ये सात सीटें मांगी हैं. साथ ही वो गया जिले की 2 और सीट (अतरी और शेरघाटी) भी मांग रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक अतरा और शेरघाटी में से कोई एक सीट मांझी की पार्टी को मिल सकती है.

सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए में तनातनी की बात से इनकार करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि सीट को लेकर कोई झगड़ा नहीं है. हम चाहते हैं कि इतनी सीट मिल जिससे हमें विधानसभा में मान्यता मिले. चुनाव लड़ें या नहीं लड़े लेकिन पार्टी के साथ रहेंगे. सीटों को लेकर फंसे पेच के बीच मांझी ने आज बुधवार को X पर पोस्ट कर बड़ा संदेश देने की कोशिश की.

एनडीए में कोई नाराजगी नहींः गिरिराज सिंह

दूसरी ओर, केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ही एनडीए के नेतृत्व का चेहरा हैं और रहेंगे. जल्दी आप लोगों के सामने सीट शेयरिंग सामने आ जाएगा. लेकिन जिस तरह से कांग्रेस ने कल साफ कर दिया कि तेजस्वी यादव आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के चेहरा होंगे लेकिन महागठबंधन के नहीं. ऐसे में आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव भी तनाव में हैं. महागठबंधन में नेतृत्व ही तय नहीं है जबकि एनडीए में नेतृत्व तय है, नियत तय है और नीति भी तय है. बहुत जल्द सारी चीजों की घोषणा कर दी जाएगी.

“H1-B Visa: भारत के लिए अच्छी खबर! Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा – कंपनी उठाएगी सभी खर्चे”

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चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के CEO जेन्सेन हुआंग (Jensen Huang) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B Visa पर फीस बढ़ोतरी पर एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी कंपनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया आदेश के बावजूद H-1B वीज़ा को स्पॉन्सर करना जारी रखेगी और इससे जुड़े सभी खर्चों को खुद वहन करेगी।

रॉयटर्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, यह जानकारी बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट में दी गई है।

भारतीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर

ट्रंप प्रशासन के आदेश के बाद अमेरिका में टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों, खासकर भारत और चीन से आने वाले पेशेवरों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति बन गई थी। इसी को देखते हुए हुआंग ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि कंपनी उनके साथ खड़ी है और उनकी वीज़ा प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी। ऐसे में भारतीय कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर मानी जा रही है।

रॉयटर्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, हुआंग ने अपने संदेश में लिखा, “एनवीडिया के कई कर्मचारियों की तरह मैं भी एक प्रवासी हूं। अमेरिका में मिले अवसरों ने हमारी ज़िंदगी को गहराई से बदल दिया है। एनवीडिया का यह चमत्कार – जो आप सब और दुनिया भर के प्रतिभाशाली साथियों ने मिलकर बनाया है – प्रवास के बिना संभव ही नहीं था।”

ट्रम्प का आदेश और नई वीज़ा फीस

ट्रम्प प्रशासन ने पिछले महीने एक कार्यकारी आदेश (executive order) जारी किया था, जिसके तहत अब हर नए H-1B वीज़ा आवेदन पर 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) की अतिरिक्त फीस देनी होगी।

यह आदेश उन कंपनियों पर लागू होगा जो नए H-1B वीज़ा स्पॉन्सर करेंगी। हालांकि, यह नियम पहले से वीज़ा धारकों या 21 सितंबर से पहले आवेदन कर चुके लोगों पर लागू नहीं होगा।

क्या हैं H-1B वीज़ा?

H-1B वीज़ा के ज़रिए अमेरिकी कंपनियां विदेशी पेशेवरों को स्पेशल स्किल्स वाली नौकरियों में नियुक्त कर सकती हैं – जैसे इंजीनियरिंग, आईटी, डेटा साइंस, और रिसर्च।

हुआंग ने कहा – अमेरिका की टेक लीडरशिप के लिए प्रवास ज़रूरी

हुआंग ने आगे कहा कि “कानूनी प्रवास (legal immigration) यह सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी है कि अमेरिका तकनीक और विचारों में अग्रणी बना रहे। ट्रंप प्रशासन के हालिया बदलावों से यह बात और भी स्पष्ट हो गई है।”

कैलिफ़ोर्निया में सबसे ज़्यादा H-1B आवेदन

यूएससीआईएस (USCIS) के आंकड़ों के अनुसार, कैलिफ़ोर्निया, जहां सिलिकॉन वैली और एनवीडिया जैसी बड़ी टेक कंपनियां स्थित हैं, 2018 से अब तक हर साल सबसे अधिक H-1B वीज़ा आवेदन दर्ज करने वाला राज्य रहा है।

“ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर भारत दौरे पर, PM मोदी से करेंगे मुलाकात – एजेंडा क्या है?”

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर 8-9 अक्टूबर 2025 को भारत का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री, स्टारमर की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

इस यात्रा के दौरान, दोनों प्रधानमंत्री ‘विजन 2035’ के अनुरूप भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं में प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टार्मर मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के छठे संस्करण में भी भाग लेंगे और इस अवसर पर मुख्य संबोधन भी देंगे।

ब्रिटेन के PM की प्रधानमंत्री मोदी से खास मुलाकात

इस यात्रा के दौरान, दोनों प्रधानमंत्री ‘विजन 2035’ के अनुरूप भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं में प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह विजन व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों के प्रमुख स्तंभों में कार्यक्रमों और पहलों का एक केंद्रित और समयबद्ध दस वर्षीय रोडमैप है।

UK पीएम ने कही ये बात

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि जुलाई में हुआ भारत व्यापार समझौता विकास के लिए एक लॉन्चपैड है, क्योंकि वह नए अवसरों के लिए 125 ब्रिटिश कंपनियों को मुंबई ले जा रहे हैं।

क्या होगा एजेंडा?

दोनों नेता भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) द्वारा प्रस्तुत अवसरों पर व्यवसायों और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ चर्चा करेंगे, जो भविष्य की भारत-ब्रिटेन आर्थिक साझेदारी का एक केंद्रीय स्तंभ है। वे क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। दोनों नेता उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और नवप्रवर्तकों के साथ भी वार्तालाप करेंगे।

नवी मुंबई एयरपोर्ट क उद्घाटन करेंगे PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ वे भूमिगत मेट्रो-3 एक्वा लाइन की सौगात देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 8-9 अक्टूबर को महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगे।

CG Weather : तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ मेघगर्जन की संभावना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी…

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छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ मेघगर्जन की संभावना बनी हुई है। यानी आने वाले कुछ दिन छत्तीसगढ़ वासियों के लिए भीगे मौसम वाले रहने वाले हैं।

कब तक चलेगा बरसात का दौर?
मौसम विभाग का कहना है कि 10 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि, उसके बाद उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश और गर्जन की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है। दक्षिण और मध्य हिस्सों में हल्की फुहारें जारी रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों का मौसम रिपोर्ट
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक तापमान: 32.2°C (जगदलपुर), सबसे कम तापमान: 20.6°C (दुर्ग) मुख्य वर्षा वाले क्षेत्रों में डभरा, पुसौर और छाल में 5 सेमी, चांपा, पामगढ़, लोरमी, चंद्रपुर और बम्हनीडीह में 3 सेमी, जबकि दुर्गकोंदल, बिल्हा, जैजैपुर, खरसिया और पिथौरा में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई।

रायपुर का आज का मौसम
राजधानी रायपुर में आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

अधिकतम तापमान: करीब 32°C
न्यूनतम तापमान: लगभग 23°C

मौसम विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखें और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में अभी तीन दिन और बरसेंगे बादल। किसानों और आमजन के लिए राहत भरी फुहारें तो मिलेंगी, लेकिन मौसम की करवट के साथ सतर्कता भी जरूरी रहेगी।

किसान सम्मान निधि योजना में लापरवाही! 3 हजार किसानों का आधार अपडेट नहीं, 1637 पर भुगतान रुकने का खतरा

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पीएम किसान समान निधि योजना के तहत शीघ्र ही 21 वीं किस्त जारी हो सकती है। इधर 1637 किसानों ने ईकेवाईसी नहीं कराया है और 3 हजार से अधिक किसानों का आधार अपडेट नहीं हुआ है। ईकेवाईसी नहीं होने पर योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।

PM Kisan Nidhi Yojana: 3 हजार किसानों का आधार भी अपडेट नहीं

पीएम किसान समान निधि योजना के तहत तीन किस्त में 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद की जाती है। केंद्र सरकार के द्वारा अब तक 20 किस्त की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है, 21 वीं किस्त भी शीघ्र जारी की जा सकती है, हालकि अभी तिथि जारी नहीं की गई है। किसानों से ईकेवाईसी व आधार अपडेट कराने के लिए अपील की जा रही है। पिछली किस्त किसानों को अगस्त माह में प्रदान की गई थी।

अगस्त माह में 1 लाख 30 हजार 141 किसानों को 29.99 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। 21 वीं किस्त में भी लगभग इतने ही किसानों को समान निधि का भुगतान किया जाएगा। पात्र किसान को दो हजार रुपए प्रदान किया जाएगा। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 1 लाख 34 हजार 738 किसान समान निधि के लिए पंजीयन कराया है।

जिले में एक लाख 33 हजार 101 किसानों की ईकेवाईसी पूर्ण हो चुकी है। 1637 किसानों का ईकेवाईसी नहीं हुआ है। कृषि विभाग के सहायक संचालक परमजीत सिंह कंवर ने बताया कि 99 प्रतिशत ईकेवाई हो चुकी है। किसानों को ईकेवाईसी कराने की अपील की जा रही है।

विकासखंड किसान ईकेवाईसी पेंडिंग

बागबाहरा 2677426450324

बसना 24783 24378 405

कोमाखान 345 342 0

महासमुन्द 28248 27731517

पिथौरा 25936 25677 259

सरायपाली 28655 285332

कुल 134738 1313 1637

पंजीयन भी जारी

किसानों का डिजिटल पंजीयन भी किया जा रहा है। एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीयन का कार्य जारी है। जिले के एक लाख 44 हजार किसानों ने एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन कराया है। किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना जरूरी है।

बायोेमेट्रिक सत्यापन में दिक्कत

बुजुर्ग किसान जिनका अंगूठे के निशान घिस चुके हैं, ऐसे किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाए जाने के बाद भी कई किसानों ने ईकेवाईसी नहीं कराया है, जिसके कारण योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।

बागबाहरा विकासखंड में 99 प्रतिशत ईकेवाईसी कंपलीट हुआ है, वहीं बसना में 98, कोमाखान 100 प्रतिशत, महासमुंद विकासखंड में 98 प्रतिशत, पिथौरा विकासखंड मे 99 प्रतिशत,सरायपाली में 100 प्रतिशत ईकेवाईसी पूर्ण हो चुका है। एक प्रतिशत या दो प्रतिशत किसानों का ईकेवाईसी पेंडिंग है।