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CG: मुख्यमंत्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय, शासकीय कामकाज, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण के साथ निर्माण कार्यों निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।

उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।

जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी

मुख्यमंत्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।

मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस

मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।

मुख्य सचिव विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

CG: राजधानी रायपुर में सीएम साय करेंगे रावण दहन, आज कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 2 अक्टूबर 2025 को राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री आजाद चौक पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

आज यानी 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री आजाद चौक पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे शास्त्री चौक जाएंगे और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई गणमान्य लोग, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसके बाद रायपुर के WRS कॉलोनी स्थित मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वे जनता को संबोधित भी कर सकते हैं और रावण दहन की परंपरा का हिस्सा बनेंगे। यह कार्यक्रम हर साल की तरह इस बार भी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री का एक और बड़ा कार्यक्रम रावण भाठा मैदान में है, जहां वे एक अन्य दशहरा उत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। रावण भाठा मैदान रायपुर का एक प्रमुख स्थल है, जहां हजारों लोग दशहरा मनाने के लिए एकत्र होते हैं। मुख्यमंत्री वहां भी लोगों को संबोधित करेंगे और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देंगे।

मुख्यमंत्री के इन सभी कार्यक्रमों के चलते रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ रास्तों पर डायवर्जन लागू किया है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी ना हो। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि सभी कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रामलीला, और रावण दहन का आयोजन होगा।

 

पीएम मोदी ने महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन, देशवासियों को दी दशहरे की शुभकामाएं

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आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 121वीं जयंती के अवसर पर देशभर में अहिंसा, सत्य और राष्ट्रभक्ति के संदेश गूंज रहे हैं. वहीं इसी दिन असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी यानी दशहरा को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह दिख रहा है.
दिल्ली के राजघाट और विजय घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों, विपक्षी नेताओं और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धा सुमन अर्पित किए. वहीं पीएम मोदी आज शाम दिल्ली के यमुनापार इलाके में आईपी एक्सटेंशन स्थित उत्सव ग्राउंड पर आयोजित रामलीला में भाग लेंगे, जहां वे रावण के विशाल पुतले का दहन करेंगे.

एशिया कप ट्रॉफी विवाद: मोहसिन नकवी ने यूएई क्रिकेट बोर्ड को ट्रॉफी दी, BCCI का दबाव

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एशिया कप ट्रॉफी विवाद में बड़ी हलचल। मोहसिन नकवी ने आखिरकार यूएई क्रिकेट बोर्ड को ट्रॉफी सौंप दी है। पहले नकवी ने ट्रॉफी,भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को दुबई से ले जाने को कहा था, लेकिन बीसीसीआई ने सख्त रुख अपनाते हुए धमकी दी थी कि अगर ट्रॉफी नहीं लौटी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। BCCI की सख्त चेतावनी के बाद नकवी ने माफी मांगी। भारतीय क्रिकेट बोर्ड अगले महीने आईसीसी की बैठक में नकवी के खिलाफ विरोध करेगा। राजीव शुक्ला और मोहसिन नकवी के बीच खिलाड़ियों के अनुशासन और ट्रॉफी के मुद्दे पर विवाद हुआ। राजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों ने उनके साथ खराब व्यवहार किया और ट्रॉफी लेने के लिए कप्तान दुबई नहीं आए। शुक्ला ने सलाह दी कि नकवी को या तो गृह मंत्रालय या पीसीबी में से एक को चुनना चाहिए, क्योंकि दोनों जिम्मेदारियां एक साथ संभालना मुश्किल है। Shahid Afridi समेत कई पाकिस्तानी क्रिकेटर्स ने Naqvi के रवैये की आलोचना की.

मोहन भागवत ने की शस्‍त्र पूजा, पूर्व राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद भी रहे मौजूद

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विजयादशमी समारोह गुरुवार 2 अक्‍टूबर 2025 को नागपुर के रेशमबाग में आयोजित किया जएगा. संघ प्रमुख मोहन भागवत का मुख्य भाषण देंगे. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि हैं. पूर्व राष्‍ट्रपति कोविंद बुधवार को ही नागपुर पहुंच गए. बता दें कि संघ का इस बार का विजयादशमी उत्‍सव खास होने वाला है. आरएसएस इसी साल अपनी स्‍थापना की 100वीं वर्षगांठ भी मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलक्ष्‍य में दिल्‍ली में 1 अक्‍टूबर 2025 को विशेष डाक टिकट और स्‍मारक सिक्‍का जारी किया था.

आरएसएस के विजयादशमी समारोह के इस बार के मुख्‍य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नागपुर पहुंच चुके हैं. वे दीक्षाभूमि गए, जहां डॉ. बीआर आंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में एक लाख से ज्यादा हिंदू सम्मेलनों समेत कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है. इसकी शुरुआत 2 अक्‍टूबर को यहां संगठन के मुख्यालय में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के वार्षिक विजयादशमी संबोधन से होगी. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में 17 लोगों की उपस्थिति में विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की थी. 17 अप्रैल 1926 को हुई एक बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम तय किया गया था. संघ का पहला पथ संचलन 1926 में पहले विजयादशमी उत्सव के दिन प्रारंभ हुआ था.

21000 स्‍वयंसेवक लेंगे हिस्‍सा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) 2 अक्‍टूबर को ही विजयादशमी पर संगठन के शताब्दी समारोह की शुरुआत करेगा. यह कार्यक्रम नागपुर के रेशम बाग मैदान में होगा, जिसमें 21000 स्वयंसेवक भाग लेंगे. विजयादशमी पर संघ प्रमुख मोहन भागवत सबसे पहले शस्त्र पूजन करेंगे. इसके बाद योग, प्रात्यक्षिक, नियुद्ध, घोष, प्रदक्षिणा का आयोजन किया जाएगा. विजयदशमी उत्सव संघ की देशभर की 83 हजार से अधिक शाखाओं में भी मनाया जाएगा.

व‍िदेशी अतिथि भी होंगे शामिल

आरएसएस के विजयादशमी समारोह में घाना, इंडोनेशिया से भी मेहमान शामिल होंगे. लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलित, दक्षिण भारत की कंपनी डेक्कन समूह से केवी कार्तिक और बजाज समूह से संजीव बजाज को भी आमंत्रित किया गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने इस उत्सव में विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया है. इसमें घाना, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, यूके, यूएसए शामिल हैं.

मानसून की वापसी पर ब्रेक, 50 KMPH की तूफानी हवा के साथ बारिश के आसार, दो सिस्‍टम एक्टिव

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मौसम विज्ञानियों ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही थी. दिल्‍ली-एनसीआर जैसे इलाकों से मानसून का पैकअप भी हो चुका है, पर देश के अन्‍य हिस्‍सों से इसकी वापसी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक में एकसाथ दो सिस्‍टम के एक्टिव होने की वजह से तेज बरसात की संभावना बनी हुई है. समंदर में मौसम के करवट बदलने से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्‍ट्र, गुजरात जैसे राज्‍यों में हल्‍की और मध्‍यम से लेकर भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है. वहीं, दिल्‍ली-एनसीआर के आसमान में भी बादलों का डेरा रहने की बात कही गई है.

दरअसल, भारतीय समुद्रों में इस समय दो निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बने हुए हैं, एक पूर्वी ओर और दूसरा पश्चिमी में. पश्चिमी हिस्से में लो-प्रेशर क्षेत्र कच्छ की खाड़ी और इससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में सक्रिय है. अगले 24 घंटों में यह पूरी तरह से अरब सागर पर पहुंचकर डिप्रेशन (Depression) में बदल सकता है. इस सिस्टम के चारों ओर लगभग 50 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं बह रही हैं. अनुमान है कि यह पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिम अरब सागर तक पहुंच जाएगा. इसका असर देश के पश्चिमी हिस्‍से में देखा जा सकता है.

बंगाल की खाड़ी में दूसरा लो-प्रेशर

‘स्‍काईमेट वेदर’ की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरा लो-प्रेशर क्षेत्र पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है, जो अब और मजबूत हो गया गया है. प्रभावित इलाकों के चारों ओर 55-60 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चल रही हैं. यह सिस्टम जल्द ही डिप्रेशन में तब्दील होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती इलाकों के करीब पहुंच जाएगा. आगे चलकर इसके 3 अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है.
जब ये दोनों सिस्टम पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में बारिश कराएंगे, तभी 4 अक्टूबर को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी मौसम के इस क्षेत्र में शामिल हो जाएगा. इसका चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic circulation) सीमा पार करते हुए 5 अक्टूबर को उत्तर राजस्थान और पंजाब में पहुंचेगा. इन सभी सिस्टम के संयुक्त असर से 10 अक्टूबर तक अलग-अलग हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा.
इन सिस्टम्स के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश होगी. इसके अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक इसका असर पहुंचेगा. उत्तर भारत के सभी पहाड़ी राज्यों में भी बारिश और खराब मौसम का हिस्सा देखने को मिलेगा. 6 और 7 अक्टूबर को इन हिस्सों में भारी और तीव्र मौसम गतिविधि की आशंका है.

मानसून वापसी पर ब्रेक

वेदर एक्‍सपर्ट के अनुसार, मौसम की इतनी व्यापक और तीव्र गतिविधि को देखते हुए अगले लगभग 10 दिनों तक मानसून की वापसी (Withdrawal) रुकी रहेगी. यहां तक कि उन इलाकों में भी बारिश लौटेगी, जहां पिछले महीने ही मानसून की विदाई की घोषणा की गई थी. बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बनने की संभावना है, जिसकी वजह से पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में 10 अक्टूबर के बाद भी मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी.

जंग सिर्फ हथियारों से नहीं जीते जाते, राजनाथ ने सैनिकों से कहा, नई टेक्नोलॉजी को अपनाएं और हमेशा तैयार रहें

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सैनिकों से आह्वान किया कि वे नई टेक्नोलॉजी को अपनाएं, ट्रेनिंग को प्राथमिकता दें और हर समय तैयार रहें, क्योंकि देश के समक्ष अब कई नई और जटिल चुनौतियां हैं. सिंह बुधवार से गुजरात के कच्छ क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर हैं और दशहरा की पूर्व संध्या पर वह भुज सैन्य स्टेशन पर अधिकारियों और जवानों को संबोधित कर रहे थे. रक्षा मंत्री भुज में सैनिकों के साथ दशहरा और विजयदशमी मनाएंगे.

विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए, सिंह ने इसे बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अन्याय पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा, “आज दुनिया जिस गति से बदल रही है, उसे आप सभी देख रहे हैं. विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहा है. जो तकनीक कुछ समय पहले आधुनिक मानी जाती थी, वह अब पुरानी हो चुकी है.”
रक्षा मंत्री ने बताया कि पारंपरिक युद्ध के अलावा देश को आतंकवाद, साइबर हमले, ड्रोन हमले और सूचना युद्ध जैसी गैर-पारंपरिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, “युद्ध केवल हथियारों से नहीं जीते जाते. युद्ध हौसले, अनुशासन और निरंतर तैयारी से जीते जाते हैं.” ऑपरेशन सिंदूर के बाद सिंह का यह कच्छ का दूसरा दौरा है.
उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि केवल हथियारों से इन चुनौतियों का सामना नहीं किया जा सकता. मनोबल, नयी जानकारी, रणनीतिक समझ और परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता भी आवश्यक है. इसलिए, आपको नयी प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए, प्रशिक्षण को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए और हर परिस्थिति के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए.” सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे रक्षा कर्मी दृढ़ता के साथ इन चुनौतियों को अवसरों में बदल देंगे.*-

मल्लिकार्जुन खरगे को लगाया गया पेसमेकर, सफल रही सर्जरी, 3 अक्टूबर से काम पर लौटेंगे

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बुधवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में पेसमेकर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया. उनके परिवार ने पुष्टि की है कि वह 3 अक्टूबर से काम पर लौट आएंगे. मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र एवं कर्नाटक के ग्रामीण विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने इस संबंध में एक मीडिया बयान जारी किया है. सोशल मीडिया पर मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, “खरगे के लिए पेसमेकर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया आज सुबह पूरी हो गई. यह एक छोटी और मामूली प्रक्रिया थी, और प्रक्रिया के बाद उनकी हालत स्थिर है.”

उन्होंने कहा, “उनके 3 अक्टूबर से अपना काम फिर से शुरू करने और अपने सभी निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने की उम्मीद है. सभी की चिंता, समर्थन और स्नेह के लिए हम आभारी हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मंगलवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में पेसमेकर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के लिए भर्ती कराया गया था, उनके पुत्र और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बुधवार को इसकी पुष्टि की.
कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज तथा सूचना प्रौद्योगिकी/जैविक प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को बुखार, थकान और पैर में दर्द के बाद यह प्रक्रिया करवाने की सलाह दी गई थी. मल्लिकार्जुन खरगे का बेंगलुरु के एमएस रमैया अस्पताल में इलाज चल रहा है. प्रियांक खड़गे ने कहा, “मल्लिकार्जुन खरगे को पेसमेकर लगाने की सलाह दी गई है और उन्हें नियोजित प्रक्रिया के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह से स्वस्थ हो रहे हैं. आपकी चिंता और शुभकामनाओं के लिए हम आपके आभारी हैं.”
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने अस्पताल गए. मुख्यमंत्री ने खरगे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. अस्पताल में खरगे से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि खरगे थोड़ी बेचैनी के कारण नियमित जांच के लिए आए थे.

ASEAN समिट में मिल सकते हैं मोदी-ट्रंप! टैरिफ वार, रूसी तेल और पाकिस्तान पर होगी सीधी बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने के अंत में मलेशिया में होने जा रहे 47वें ASEAN समिट में आमने-सामने आ सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की मुलाकात समिट के इतर हो सकती है. यह मुलाकात खास होगी क्योंकि ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद दोनों नेता पहली बार आमने-सामने होंगे. ASEAN समिट 26-27 अक्टूबर को कुआलालंपुर में आयोजित होगी. प्रधानमंत्री मोदी का वहां जाना लगभग तय है और मलेशिया ने राष्ट्रपति ट्रंप को भी न्योता दिया है. हालांकि, पीएम के दौरे को लेकर अभी अंतिम रूप से कुछ नहीं कहा गया है. अगर पीएम जाते हैं और वहां ट्रंप भी पहुंचे, तो द्विपक्षीय बातचीत की संभावना मजबूत हो जाएगी.
टैरिफ वार के बाद पहली मुलाकात

भारत-अमेरिका रिश्तों में इस साल खासा तनाव देखा गया है. ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% आयात शुल्क लगाया, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ा. खास बात यह है कि G7 समिट (कनाडा, जून 2025) में दोनों नेता नहीं मिल पाए थे.
तनाव सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है. ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ नजदीकियां बढ़ाई हैं, जिससे नई दिल्ली नाराज है. इसके अलावा, रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात पर ट्रंप लगातार हमला बोलते रहे हैं. उनका कहना है कि भारतीय खरीददारी यूक्रेन युद्ध रोकने के वैश्विक दबाव को कमजोर करती है.
क्या होगी बातचीत का एजेंडा?
अगर मोदी-ट्रंप मुलाकात होती है तो चर्चा का फोकस तीन मुद्दों पर रहने की संभावना है:
  • टैरिफ और व्यापार विवाद
  • रूस से ऊर्जा आयात
  • पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी नीति
भारत स्पष्ट कर चुका है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा. वहीं अमेरिका दबाव बनाने की कोशिश में है. ऐसे में, ASEAN समिट सिर्फ एशियाई सहयोग का मंच नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका रिश्तों की कसौटी भी बन सकता है. मोदी और ट्रंप की मुलाकात अगर हुई, तो यह या तो रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने का मौका होगी या फिर दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा करेगी.

वृद्धजनों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। श्री साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। श्री साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।

इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री इन्द्र कुमार साहू, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यटन साथी पहल: जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू

कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।