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“वृद्धजनों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : CM विष्णुदेव साय”

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है।

मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। श्री साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।

पर्यटन साथी पहल : जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू

कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।

“केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, बढ़ा महंगाई भत्ता, मोदी कैबिनेट की मंजूरी”

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दिवाली-दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को कैबिनेट ने महंगाई भत्ता में (DA Hike) 3 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया.

इसके साथ ही अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है. यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी माना जाएगा.

कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया दिवाली से ठीक पहले अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी होगी. इससे कर्मचारी और पेंशनर्स त्‍योहारों पर जमकर खरीदारी करेंगे.

यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स पर भी लागू होगी.

दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) और महंगाई राहत (DR Hike) में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया जा चुका है. यह इस साल का दूसरा महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी है. बता दें सरकार की ओर से साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है.

अगर किसी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो कर्मचारी को प्रति माह ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि ₹40,000 वेतन वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे. तीन महीनों में, बकाया राशि कुल ₹2,700 से ₹3,600 होगी. यह त्‍योहारों के समय में एक बड़ी राहत होगी.

औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) द्वारा मापी गई मुद्रास्फीति के रुझानों के आधार पर, महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. हालांकि ऐलान अक्सर देर से होती हैं, लेकिन बकाया राशि इस देरी की भरपाई कर देती है. यह संशोधन सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम होने की उम्मीद है. जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो सकता है.

कैबिनेट के इस फैसले के बाद महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा. इससे 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों या पूर्व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.

“Tata के साथ मिलकर पलट दी BSNL ने पूरी बाजी, डर और खौफ के माहौल में Jio, Airtel!”

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BSNL eSIM launch: भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) और Tata Communications ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है. अब देशभर के करोड़ों यूजर्स को eSIM की सुविधा मिलेगी और वो भी बिना किसी फिजिकल सिम कार्ड के झंझट के.

क्या है BSNL की eSIM सर्विस और क्यों है ये खास?

BSNL की eSIM सर्विस अब पूरे भारत में उपलब्ध है. इस सेवा के तहत आपको कोई फिजिकल सिम नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि एक QR कोड स्कैन करके मोबाइल नेटवर्क एक्टिवेट किया जा सकता है. इसका मतलब है – ज्यादा सुरक्षा, फ्लेक्सिबिलिटी, और कंवीनिएंस.

Tata Communications का क्या रोल है?

Tata Communications ने अपनी आधुनिक MOVE प्लेटफॉर्म के जरिए BSNL को eSIM सर्विस देने में टेक्नोलॉजी दी है. यह प्लेटफॉर्म GSMA द्वारा प्रमाणित है और पूरी तरह से डिजिटल है. इसके जरिए BSNL अब eSIM को पूरी तरह से डिजिटली मैनेज कर पाएगा, जिससे सेवाएं और भी फास्ट और सुरक्षित हो जाएंगी.

इससे यूजर्स को क्या फायदा होगा?

-बिना सिम कार्ड के सिर्फ QR कोड से मोबाइल सर्विस चालू.

-2G, 3G और 4G नेटवर्क का आसान एक्सेस.

-ड्यूल-सिम फोन में एक eSIM और एक फिजिकल सिम साथ में इस्तेमाल कर सकेंगे.

-विदेश यात्रा पर किसी भी लोकल ऑपरेटर से कनेक्ट होना होगा आसान.

-इस टेक्नोलॉजी से भारत को क्या मिलेगा?

Tata Communications और BSNL की यह पार्टनरशिप भारत को डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम आगे बढ़ाती है. इससे ना सिर्फ यूजर्स को फायदा मिलेगा, बल्कि एंटरप्राइज IoT के लिए भी यह सिस्टम भविष्य में स्केलेबल रहेगा.

अधिकारियों की प्रतिक्रिया Tata Communications के CEO A.S. लक्ष्मीनारायणन ने कहा, ‘BSNL के साथ यह साझेदारी भारत को भविष्य की कनेक्टिविटी देने में मदद करेगी. हम सुरक्षित और स्केलेबल eSIM टेक्नोलॉजी ला रहे हैं जो डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाएगी.’

BSNL के चेयरमैन ए रॉबर्ट रवि ने कहा, ‘यह लॉन्च भारत की टेलिकॉम क्षमताओं को और मजबूत करेगा और मोबाइल सेवाओं में सुरक्षा व लचीलापन बढ़ाएगा.’

“Gandhi Jayanti 2025 Speech: गांधी जयंती पर कविताओं से सज्जित भाषण, तालियों से होगा आपका अभिवादन”

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती देश के साथ ही विदेशों में भी प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। इस वर्ष गांधी जी की 156वीं जयंती सेलिब्रेट की जा रही है।

हर साल गांधी जयंत पर स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालयों सहित सामाजिक संस्थानों में भाषण, कविताओं का मंचन किया जाता है और गांधी जी द्वारा देश के दिए गए योगदान को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

अगर आप भी ऐसे ही किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं और एक स्पीच तैयार करने की सोच रहे हैं तो यह पेज आपके लिए महत्वपूर्ण है। आप यहां से कविताओं इस सज्जित एक बेहतरीन भाषण तैयार कर सकते हैं।

Gandhi Jayanti Par Speech: गांधी जयंती पर स्पीच

इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मेरा प्रेम भरा नमस्कार, जैसा कि सभी जानते हैं कि हम यहां एक ऐसे महापुरुष की जयंती के उपलक्ष्य में एकत्रित हुए हैं जिन्होंने हमारे देश को एक सूत्र में पिरोने के साथ ही देश की आजादी में अपने प्राणों की चिंता न करते हुए अपना सर्वस्व न्योछाबर कर दिया। इस महापुरुष को याद करते हुए मैं सुमित्रानन्द पंत द्वारा लिखित कविता सुनाना चाहता हूं.

तुम मांस-हीन, तुम रक्तहीन,
हे अस्थि-शेष! तुम अस्थिहीन,
तुम शुद्ध-बुद्ध आत्मा केवल,
हे चिर पुराण, हे चिर नवीन!

तुम पूर्ण इकाई जीवन की,
जिसमें असार भव-शून्य लीन,
आधार अमर, होगी जिस पर
भावी की संस्कृति समासीन।

जैसा की हम सभी जानते हैं गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है, यह दिन हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में पोरबंदर के गुजरात में हुआ था। गांधीजी ने हमें सिखाया कि सच्चाई और अहिंसा के रास्ते पर चलकर भी कई परिवर्तन लाये जा सकते हैं। बिना हथियार उठाये उन्होंने सत्याग्रह और शांतिपूर्ण आंदोलनों जैसे चंपारण सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, दांडी यात्रा, और भारत छोड़ो आंदोलन का प्रतिनिधित्व किया।

गांधीजी का मानना था, “आप वो बदलाव बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।” उनकी यही सोच आज भी हमें प्ररेणा देती है कि हम अपने जीवन में सच्चाई, स्वच्छता और प्रेम को अपनाएं। उन्होंने छुआछूत, भेदभाव और अशिक्षा के विरुद्ध लम्बे समय तक संघर्ष किया और समाज में समानता का सपना देखा। गांधीजी ने ‘Simple living, high thinking’ को अपने जीवन का मंत्र बनाया और स्वदेशी, स्वावलंबन, और खुद पर विश्वास रखना सिखाया।

वर्तमान समय में दुनिया जब हिंसा और असहिष्णुता से जूझ रही है, तब गांधीजी की सोच और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। संयुक्त राष्ट्र ने भी 2 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में घोषित किया है, ताकि गांधीजी के आदर्शों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिले।

वैसे तो गांधी जी के बारे में हमारे देश में बच्चे-बच्चे को मालूम है लेकिन पिछले कुछ समय से मीडिया में गांधी जी के बारे में दुष्प्रचार भी सामने आया है। सोशल मीडिया के चलते लोग गांधी जी का अपमान ही करने लगे हैं। ऐसे लोगों से मैं रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता से जवाब देना चाहूंगा-एक देश में बांध संकुचित करो न इसको, गांधी का कर्तव्य-क्षेत्र दिक नहीं, काल है।

गांधी हैं कल्पना जगत के अगले युग की, गांधी मानवता का अगला उद्विकास हैं।

वर्तमान परिदृश्य हमारे राष्ट्रपिता गांधी जी के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें, सच बोलें, हिंसा से दूर रहें और देश व समाज की सेवा करें।आइए, इस गांधी जयंती पर हम संकल्प लें कि हम भी अपने राष्ट्रपिता के रास्ते पर चलकर देश और समाज को बेहतर बनाएंगे।

मैं यहां उपस्थित सभी लोगों से यही कहना चाहूंगा गांधी जी के इस विजन को हम आगे तक लेकर जाने का संकल्प लें। उनके इस विजन के लिए मैं कहना चाहूंगा-सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।

अपने इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं। जय हिन्द, जय भारत।

“बिहार मतदाता सूची जारी होने पर बीजेपी का राहुल गांधी पर हमला, फाइनल लिस्ट पर कांग्रेस ने भी उठाए सवाल”

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बिहार में विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम मतदाता सूची जारी किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक भी शिकायत या आपत्ति दर्ज नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी के ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसे ‘वोट चोरी’ का झूठा नैरेटिव बताया है।

मालवीय ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “निर्वाचन आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी कर अंतिम मतदाता सूची जारी की। यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक भी शिकायत या आपत्ति दर्ज नहीं की।”

उन्होंने राहुल गांधी की यात्रा को अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने और लोगों को गुमराह करने का प्रयास बताया।

‘वोट चोरी’ के दावे के बाद बीजेपी का पलटवार

बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज किया जिसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर मतदाता सूची में अनियमितताओं का दावा किया था।

मालवीय ने इसे ‘जॉर्ज सोरोस की किताब से निकली रणनीति’ बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की हार को छिपाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के भरोसे को कमजोर करने की साजिश है। निर्वाचन आयोग ने भी राहुल के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

वहीं, बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने SIR प्रक्रिया को शुरू से ही धोखा बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रक्रिया न तो जनता ने मांगी थी और न ही राजनीतिक दलों ने। फिर भी इसे इतनी लापरवाही और अपारदर्शिता के साथ किया गया। इसकी निष्पक्षता संदिग्ध है। हमारे कार्यकर्ता पूरे राज्य में यह जांच करेंगे कि कितने नाम हटाए या जोड़े गए। यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा।”

47 लाख मतदाताओं के नाम हटने पर सवाल

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर मतदाताओं, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों का आभार जताया। अंतिम सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 24 जून तक यह संख्या 7.89 करोड़ थी। यानी, करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने इस पर सवाल उठाते हुए X पर लिखा, “बिहार की अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 47 लाख मतदाता कौन हैं? निर्वाचन आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इनमें से कितने अन्य राज्यों में चले गए, कितने मृत हैं और कितने फर्जी मतदाता थे। इस स्तर की पारदर्शिता जरूरी है ताकि निर्वाचन आयोग अपनी खोई विश्वसनीयता को वापस पा सके।”

“आर्थिक धोखाधड़ी और साइबर अपराध में आगे हैं ये शहर, NCRB की रिपोर्ट जारी”

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क्राइम की बात आते ही देश के टॉप शहरों का नाम सबसे ऊपर आता है। मगर, क्या आप जानते हैं कि चोरी, ठगी और लूट जैसे सबसे ज्यादा अपराध किस शहर में होते हैं? नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट में इसका खुलासा है, जिसे देखकर आपको भी झटका लग सकता है।

आर्थिक धोखाधड़ी की लिस्ट में मायानगर मुंबई सबसे टॉप पर है। जी हां, मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा आर्थिक धोखाधड़ी भी इसी शहर में होती हैं। NCRB के डेटा के अनुसार, मुंबई में 2023 में 6,476 आर्थिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

मुंबई में आर्थिक धोखाधड़ी के मामले

हालांकि, 2022 की तुलना में 2023 में मुंबई में आर्थिक धोखाधड़ी कम हुई है। 2023 में 484 अपराध कम दर्ज हुए हैं। वहीं, पुलिस ने 37.9 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दायर की है।

“1साल मुंबई में दर्ज हुए आर्थिक धोखाधड़ी

मुंबई के बाद सबसे ज्यादा आर्थिक धोखाधड़ी की सूची में हैदराबाद दूसरे नंबर पर है, जहां 5,728 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, वित्तीय धोखाधड़ी के मामले भी महाराष्ट्र में बढ़े हैं।

वित्तीय धोखाधड़ी के मामले

NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में 18,729 वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे, जो 2023 में बढ़कर 19,803 हो गए। मगर, वित्तीय धोखाधड़ी में राजस्थान सबसे आगे है, जहां 27,675 मामले दर्ज हुए हैं।

साइबर अपराध

साइबर अपराध की बात करें तो 8,103 मामलों के साथ महाराष्ट्र चौथे स्थान पर है और 21,889 केस के साथ कर्नाटक सबसे ऊपर है। 2023 में सबसे अधिक साइबर अपराध बेंगलुरु (17,631) में हुए हैं। इसके बाद हैदराबाद (4,885) और मुंबई (4,131) का नाम मौजूद है।

“‘विजयादशमी के दिन 100 साल पहले संघ की स्थापना संयोग नहीं था’, RSS के शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में आरएसएस शताब्दी समारोह में पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने इस मौके पर स्मारक टिकट और सिक्का भी जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि आरएसएस से कई लोगों की जीवन बना है।

पीएम मोदी ने कहा, “संघ की 100 वर्ष की इस गौरवमयी यात्रा की स्मृति में आज भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी किए हैं। 100 रुपए के सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद-मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है।”

महानवमी की देश के लोगों को बधाई

पीएम ने कहा, “ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है। मैं आज इस अवसर पर राष्ट्र सेवा को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, अभिनंदन करता हूं। संघ के संस्थापक, हम सभी के आदर्श परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

आज महानवमी है। आज देवी सिद्धिदात्री का दिन है। मैं सभी देशवासियों को नवरात्र की बधाई देता हूं। कल विजयादशमी का महापर्व है-अन्याय पर न्याय की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, “विजयादशमी भारतीय संस्कृति के इस विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है। ऐसे महान पर्व पर 100 वर्ष पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना ये कोई संयोग नहीं था। ये हजारों वर्षों से चली आ रही उस परंपरा का पुनरुत्थान था। जिसमें राष्ट्र चेतना, समय समय पर उस युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए-नए अवतारों में प्रकट होती है। इस युग में संघ उसी अनादि राष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार है।”

“‘इतिहास में ऐसा पहली बार’, पीएम मोदी ने बताया RSS पर जारी डाक टिकट और सिक्के में क्या है खास”

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी (RSS 100th Anniversary) समारोह की धूम पूरे देश में देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी RSS के 100 साल पूरे होने पर खास प्रकार का डाक टिकट और सिक्का जारी किया है।

यह सिक्का और टिकट काफी सूर्खियां बटोर रहा है। आजादी के बाद इतिहास में पहली बार संघ के लिए डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया है।

राजधानी दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में RSS के शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने RSS को खास सौगात दी है।

RSS के 100 साल पर खास डाक टिकट

पीएम मोदी के द्वारा RSS के शताब्दी समारोह पर जारी डाक टिकट कई मायनों में खास है। इसपर RSS कार्यकर्ताओं की परेड करते हुए तस्वीर छपी है। यह तस्वीर 1963 परेड की है।

दरअसल 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान RSS ने अहम रोल निभाया था। ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने RSS से 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लेने का अनुरोध किया था और 26 जनवरी 1963 को राजपथ (अब कर्तव्यपथ) पर RSS के कार्यकर्ताओं की ऐतिहासिक परेड देखने को मिली थी।

सिक्के पर भारत माता और RSS की झलक

RSS के 100 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मारक सिक्का भी जारी किया है। इस सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद-मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है। यह स्मारक सिक्का शुद्ध चांदी का है, जिसकी कीमत 100 रुपये है।

इस खास सिक्के के आगे अशोक स्तंभ का चिह्न बना है। वहीं, सिक्के के पिछले हिस्से में भारत माता की पारंपरिक छवि देखी जा सकती है। इसके साथ RSS के कार्यकर्ताओं की छवि भी मौजूद है। इस सिक्के के ऊपर संघ का बोध वाक्य भी अंकित है- ‘राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम।

आज से 100 साल पहले 27 सितंबर 1925 को डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने RSS की नींव रखी थी। महाराष्ट्र के नागपुर में इस संगठन की स्थापना की गई थी, जिसकी शाखाएं अब पूरे देश में मौजूद हैं। वहीं, RSS से जुड़े लोगों को ‘संघ परिवार’ के नाम से जाना जाता है।

“मॉनसून विदा पर इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, क्या है वजह; इस बार कैसा रहा मौसम”

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IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को बताया है कि उत्तर-पश्चिम के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर भारत के अधिकांश भागों में अक्टूबर से दिसंबर के मॉनसून के बाद तैयार होने वाले मौसम के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।

चार महीने का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मौसम मंगलवार को समाप्त हो गया, जिसमें देश में सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। खास बात है कि 2001 के यह बाद यह 5वां साल है, जिस दौरान सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है.

IMD महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से लेकर सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। उन्होंने कहा कि जून-सितंबर के दौरान हुई भरपूर बारिश के बाद, अक्टूबर में वर्षा सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक होने की उम्मीद है।

महापात्र ने कहा, ‘अक्टूबर में उत्तरी मैदानी इलाकों, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।’ खबर है कि मॉनसून की वापसी की लाइन वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी और शाहजहांपुर से गुजर रही है।

भारत में इस मॉनसून के दौरान 868.6 मिलीमीटर की सामान्य बारिश की तुलना में 937.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो आठ प्रतिशत अधिक है। पूर्वी और उत्तरपूर्व भारत में 1089.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश 1367.3 मिलीमीटर से 20 प्रतिशत कम है। महापात्र ने बताया कि बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मॉनसून के चार महीनों में से तीन महीनों में कम बारिश हुई।

उन्होंने कहा, ‘इस मॉनसून में पूर्वी और उत्तरपूर्व भारत में बारिश 1901 के बाद से दूसरी बार सबसे कम रही। इस क्षेत्र में मॉनसून के दौरान सबसे कम बारिश (1065.7 मिलीमीटर) 2013 में दर्ज की गई थी। अध्ययनों से पता चलता है कि पिछले दो दशकों में इस क्षेत्र में वर्षा में कमी आई है।’

महापात्र ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 747.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से 27.3 प्रतिशत अधिक है। महापात्र ने कहा कि यह 2001 के बाद से सबसे अधिक और 1901 के बाद से छठी सबसे अधिक बारिश है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी जिलों में जून, अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

उन्होंने कहा, ‘हाल के वर्षों में उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा में वृद्धि हुई है और इसके कारणों का पता लगाने के लिए इसका अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।’ पंजाब में दशकों की सबसे भीषण बाढ़ आई, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की खबरें आईं, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और लोग विस्थापित हुए।

IMD ने अतिरिक्त बारिश का श्रेय सक्रिय मॉनसून को दिया, जिसे लगातार पश्चिमी विक्षोभों का समर्थन मिला, जिससे क्षेत्र में बारिश में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि मध्य भारत में 1125.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश से 15.1 प्रतिशत अधिक है, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप में 9.9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

भारत में जून में सामान्य से 8.9 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई, जुलाई में 4.8 प्रतिशत, अगस्त में 5.2 प्रतिशत तथा सितम्बर में 15.3 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। मॉनसून 24 मई को केरल में पहुंचा, जो 2009 के बाद से इसका सबसे जल्दी आगमन था और 29 जून तक पूरे देश को कवर कर लिया।

IMD प्रमुख ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून वापसी दो दिन पहले शुरू हो गई, लेकिन बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर नई निम्न-दबाव प्रणालियों के कारण मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में एक सप्ताह की देरी होने की उम्मीद है।

मॉनसून कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, जो लगभग 42 प्रतिशत आबादी का समर्थन करती है और सकल घरेलू उत्पाद में 18.2 प्रतिशत का योगदान देती है। यह पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण जलाशयों को भी भरता है।

“पहलगाम हमले के समय आप PM होते क्या करते? असदुद्दीन ओवैसी ने बताया”

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने का सुनहरा अवसर था, लेकिन केंद्र सरकार ने कार्रवाई रोककर राष्ट्र की भावनाओं की अनदेखी की।

पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा, “एक भारतीय होने के नाते मैं कहना चाहता हूं कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को जवाब देने का मौका था। मैं हैरान हूं कि सरकार ने क्यों रोक दिया। पूरे देश का माहौल तैयार था, लेकिन कार्रवाई रोक दी गई। ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते।”

एक सवाल पर कि अगर वह प्रधानमंत्री होते तो क्या करते ओवैसी ने कहा कि उन्हें ऐसे काल्पनिक सवालों में दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं वास्तविकता पर ध्यान देता हूं और अपनी सीमाएं जानता हूँ। मेरा लक्ष्य सिर्फ प्रधानमंत्री या मंत्री बनना नहीं है।”

पाकिस्तान पर सख्त रुख की मांग

ओवैसी ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से गुजरात से लेकर कश्मीर तक ड्रोन गतिविधियां देखी गईं, जिससे युद्ध जैसे हालात थे। उन्होंने कहा, “ऐसे समय सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए था। अब संसद में बैठकर पीओके हासिल करने की बात करते हैं।”

गौरतलब है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर को समाप्त नहीं बल्कि विराम दिया गया है। यह अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने जवाबी कार्रवाई में आतंकियों के ठिकानों और हवाई ठिकानों को निशाना बनाया था।

ओवैसी ने एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान को लेकर केंद्र की नीति की भी आलोचना की। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनाव लड़ने का ऐलान किया।