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Mumbai Weather: मुंबई में तेज हवाओं के साथ होगी लगातार भारी बारिश, IMD का 11 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’

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Mumbai Weather: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। जिसमें तीन घंटों के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

 मुंबई के नागरिकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इस गंभीर चेतावनी के मद्देनजर, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की अपील की है। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही अगले तीन घंटों के लिए घर से बाहर निकलें। नागरिकों को तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने या पुरानी और असुरक्षित इमारतों के हिस्सों के ढहने जैसी दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यदि संभव हो तो यात्रा टालने का प्रयास करें।

समुद्र किनारे ना जाने की दी गई सलाह’

इसके अतिरिक्त, समुद्र तटों या जल निकायों के पास जाने से बचें। मुंबई शहर और उपनगरों के सभी नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।

“Mumbai Weather: मुंबई में 40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी तूफानी हवाएं, BMC ने जारी किया अलर्ट”

28 से 30 सितंबर के बीच कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना एक निम्न दबाव का क्षेत्र जल्द ही अवदाब (depression) में बदल सकता है। यह 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा तट से टकराकर पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिसका असर मुंबई और उसके आसपास के इलाकों के अलावा महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों पर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 सितंबर के बीच मुंबई और उपनगरों (suburbs) में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जो लगातार या छोटे-छोटे अंतराल पर जारी रहेगी।

Mumbai local train: CR ने 15 दिनों के मेगा ब्लॉक का किया ऐलान, ये रही प्रभावित रूट, ट्रेनों, स्टेशनों की List 3′

दिन की लगातार बारिश बिगाड़ सकती हैं हालात लगातार तीन दिनों तक होने वाली बारिश के चलते मुंबई में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर जलभराव, लोकल ट्रेनों की आवाजाही में देरी और सड़क यातायात व हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ने की आशंका है। जिसके चलते बीएमसी ने ये चेतावनी जारी की है।

Maharashtra weather: बाढ़ में डूबे महाराष्‍ट्र के कई इलाके, IMD ने इन जिलों में भारी बारिश की दी चेतावनी’

कब होगी मानसून की विदाई? 1 अक्टूबर को तेज़ बारिश शहर के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ सकती है, हालांकि कुछ भारी बौछारें तब भी संभव हैं। 2 अक्टूबर से मौसम में सुधार शुरू होगा और 3 अक्टूबर को अधिक राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद केवल हल्की बारिश होने के आसार हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह के बाद कभी भी मॉनसून की वापसी हो सकती है। मुंबई से मॉनसून की वापसी की सामान्य तिथि 8 अक्टूबर निर्धारित है।

“Train Passenger Alert: 25 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक झांसी स्टेशन पर पटरी बिछाने के काम से 14 ट्रेनें रद्द”

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अगर आप 25 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर गिट्टी रहित नई पटरी बिछाने का महत्वाकांक्षी इंजीनियरिंग कार्य शुरू होने जा रहा है।

इस कार्य के कारण करीब डेढ़ महीने तक रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहेगा, जिससे भोपाल मंडल सहित मध्य प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरने वाली 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, 25 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित (डायवर्ट) किया जाएगा और 2 ट्रेनें 90 मिनट विलंबित रहेंगी। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ने यात्रियों को सफर से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है, ताकि कोई असुविधा न हो।

यह कार्य रेलवे की आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है, जो यात्रियों को लंबे समय में फायदा पहुंचाएगा, लेकिन अल्पकालिक परेशानी बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में यह बदलाव लाखों यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा।

पटरी बिछाने का कार्य: क्यों और कैसे प्रभावित होगा यातायात?

वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन, जो उत्तर मध्य रेलवे का एक व्यस्त जंक्शन है, पर प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर गिट्टी रहित (बॉलास्टलेस) ट्रैक बिछाने का कार्य 25 नवंबर 2025 से शुरू होगा और यह 8 जनवरी 2026 तक चलेगा। यह कार्य रेलवे की ‘अमृत भारत स्टेशन स्कीम’ और ट्रैक अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना, रखरखाव कम करना और सुरक्षा मजबूत करना है। गिट्टी रहित ट्रैक कंक्रीट स्लैब पर बिछाई जाती है, जो कंपन कम करती है और लंबे समय तक टिकाऊ होती है।

उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के एक अधिकारी ने बताया कि इस कार्य के लिए पावर ब्लॉक और ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे प्लेटफॉर्म 3 पर आने-जाने वाली ट्रेनें प्रभावित होंगी। झांसी स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों का केंद्र है, जो दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और दक्षिण भारत को जोड़ता है। कार्य के कारण न सिर्फ लोकल मेमू ट्रेनें बल्कि लंबी दूरी की सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी प्रभावित होंगी। NCR की वेबसाइट पर जारी नोटिस के अनुसार, यह ब्लॉक रात के समय अधिक लिया जाएगा, लेकिन फिर भी डे-टाइम ट्रेनें डायवर्ट या रद्द होंगी।

मध्य प्रदेश के भोपाल, इटारसी, बीना, सतना और गुना जैसे स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। पश्चिम मध्य रेलवे के पीआरओ ने कहा, “यात्रियों से अपील है कि IRCTC ऐप, NTES वेबसाइट या 139 पर ट्रेन स्टेटस चेक करें। वैकल्पिक ट्रेनों या बसों का विकल्प अपनाएं।” यह कार्य पूरे देश में चल रहे रेलवे अपग्रेडेशन का हिस्सा है, लेकिन त्योहारों के मौसम में समयबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।

14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द: दैनिक मेमू से लेकर साप्ताहिक सुपरफास्ट तक

इस कार्य के कारण 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जिनमें लोकल मेमू ट्रेनें और लंबी दूरी की साप्ताहिक एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेनें मध्य प्रदेश के कई स्टेशनों जैसे भोपाल, बीना, इटारसी से गुजरती हैं, जिससे स्थानीय यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। रद्द ट्रेनों की सूची निम्नलिखित है:

ये रद्दीकरण दक्षिण भारत से उत्तर भारत को जोड़ने वाली प्रमुख ट्रेनों को प्रभावित करेंगे। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु-लालकुआं स्पेशल ट्रेनें छुट्टियों में परिवारों के लिए लोकप्रिय हैं। NCR के अनुसार, रिफंड प्रक्रिया ऑटोमैटिक होगी, लेकिन यात्रियों को जल्दी वैकल्पिक बुकिंग करनी चाहिए।

25 ट्रेनें मार्ग परिवर्तित: मथुरा-बयाना से गुना-बीना तक वैकल्पिक रूट

25 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है, जिससे यात्रा समय 2-4 घंटे बढ़ सकता है। ये बदलाव मुख्य रूप से झांसी बायपास करने के लिए किए गए हैं। परिवर्तित मार्गों की सूची:

मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना रूट से (24.11.2025 से 07.01.2026 तक):

12172 हरिद्वार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (28.11.2025-06.01.2026

22456 कालका-सांईनगर शिरडी (27.11.2025-04.01.2026)

12214 दिल्ली सराय रोहिल्ला-यशवंतपुर (01.12.2025-05.01.2026)

12754 हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़ (26.11.2025-07.01.2026)

16318 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी (24.11.2025-05.01.2026)

20494 चंडीगढ़-मदुरै (28.11.2025-05.01.2026)

16032 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल (25.11.2025-06.01.2026)

16788 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली (27.11.2025-01.01.2026)

ग्वालियर-गुना-बीना रूट से (24.11.2025 से 07.01.2026 तक):

14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (29.11.2025-03.01.2026)

14320 बरेली-इंदौर (26.11.2025-07.01.2026)

12162 आगरा कैंट-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (29.11.2025-03.01.2026)

22706 जम्मू तवी-तिरुपति (28.11.2025-02.01.2026)

2752 जम्मू तवी-नांदेड़ (30.11.2025-04.01.2026)

22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर (25.11.2025-06.01.2026)

11078 जम्मू तवी-पुणे (24.11.2025-07.01.2026)

अन्य वैकल्पिक मार्ग से:

09466 दरभंगा-अहमदाबाद (01.12.2025-05.01.2026): कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना होकर

09465 अहमदाबाद-दरभंगा (28.11.2025-02.01.2026): वही मार्ग

22129 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-अयोध्या कैंट (25.11.2025-06.01.2026): ललितपुर-खजुराहो-महोबा होकर 22130 अयोध्या कैंट-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (26.11.2025-07.01.2026): वही मार्ग

04155 सूबेदारगंज-उधना (01.12.2025-05.01.2026): सूबेदारगंज-प्रयागराज-मानिकपुर-सतना-इटारसी होकर 04156 उधना-सूबेदारगंज (25.11.2025-06.01.2026): वही मार्ग

09189 मुंबई सेंट्रल-कटिहार (29.11.2025-03.01.2026): प्रयागराज छिवकी-मानिकपुर-कटनी मुड़वारा-बीना होकर

09190 कटिहार-मुंबई सेंट्रल (25.11.2025-06.01.2026): वही मार्ग

06529 सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल-गोमतीनगर (24.11.2025-05.01.2026): गोविंदपुरी-बामौर गांव-सतना-इटारसी होकर 06530 गोमतीनगर-सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (28.11.2025-02.01.2026): वही मार्ग इन बदलावों से कुछ स्टेशन जैसे झांसी, महोबा, खजुराहो पर स्टॉपेज बढ़ सकता है, लेकिन मूल स्टेशनों पर देरी संभव है।

2 ट्रेनें 90 मिनट विलंबित: बैंगलोर एक्सप्रेस प्रभावित दो ट्रेनें निर्धारित समय से 90 मिनट लेट चलेंगी:

22196 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (मंगलवार और बुधवार को)

02200 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (शनिवार को)

ये ट्रेनें दक्षिण भारत से उत्तर की ओर जाती हैं, और विलंब से कनेक्टिंग ट्रेनें भी प्रभावित हो सकती हैं।

“9 महीनों में आए 28 हजार से ज्यादा भूकंप, वैज्ञानिकों ने बताई हैरान करने वाली वजह, क्यो आ रहे बार-बार Earthquakes”

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9 महीनों में आए 28 हजार से ज्यादा भूकंप, वैज्ञानिकों ने बताई हैरान करने वाली वजह, क्यो आ रहे बार-बार Earthquakes.

धरती के भीतर चल रही हलचल जब सतह पर असर दिखाने लगती है, तो उसका नतीजा अक्सर विनाशकारी होता है। ग्रीस के सुंदर लेकिन ज्वालामुखीय इतिहास से जुड़े सेंटोरिनी द्वीप पर बीते 9 महीनों में जो कुछ हुआ है, वह न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

 यहां एक के बाद एक आए हजारों भूकंपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर इतनी बार धरती क्यों कांप रही है?

अब इस रहस्य से पर्दा उठ चुका है। वैज्ञानिकों ने महीनों की रिसर्च और जमीनी जांच के बाद साफ किया है कि इन लगातार आ रहे भूकंपों के पीछे एक ही वजह है – धरती के गर्भ से ऊपर की ओर उठता हुआ मैग्मा।

लगातार कांप रही धरती के पीछे की कहानी सेंटोरिनी द्वीप पर जब 2024 के जुलाई महीने से भूकंप के झटकों की शुरुआत हुई, तो वैज्ञानिकों को शक हुआ कि यह कोई सामान्य भूकंपीय गतिविधि नहीं है। शुरुआत में कम तीव्रता वाले झटकों की संख्या बढ़ती गई, और 2025 के शुरुआती महीनों में यह आंकड़ा तेजी से ऊपर जाने लगा। अब तक यहां 28,000 से ज्यादा भूकंप रिकॉर्ड किए जा चुके हैं।

इस असामान्य गतिविधि की तह तक जाने के लिए वैज्ञानिकों ने द्वीप के आसपास और पास के समुद्री इलाके में भूगर्भीय उपकरण लगाए। खासतौर पर ‘कोलुम्बो’ नामक अंडरवॉटर वोल्केनो, जो सेंटोरिनी से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, उस पर फोकस किया गया।

AI और भूगर्भीय आंकड़ों से मिला चौंकाने वाला सच रिसर्च टीम ने इस डेटा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एनालाइज़ किया और यह निष्कर्ष निकाला कि करीब 300 मिलियन क्यूबिक मीटर मैग्मा धरती की गहराई से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। जब मैग्मा ऊपर की ओर उठता है, तो वह चट्टानों को तोड़ता हुआ रास्ता बनाता है – यही प्रक्रिया भूकंप की मुख्य वजह है।

इस स्टडी के प्रमुख लेखक और GFZ रिसर्च सेंटर के जियोफिजिसिस्ट डॉ. मारियस इस्केन ने बताया कि यह पहली बार है जब वैज्ञानिक इतनी स्पष्टता से मैग्मा की गति और दिशा को समझ पाए हैं। उनके अनुसार, इस बार की हलचल ने हमें यह भी बताया कि ज्वालामुखी गतिविधियों को समझने के लिए सतह के नीचे हो रहे बदलावों पर नजर रखना कितना जरूरी है।

टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट और ज्वालामुखी की भूख सेंटोरिनी और उसके आसपास का इलाका भूगर्भीय रूप से बेहद सक्रिय है। यह क्षेत्र विभिन्न माइक्रोप्लेट्स के टकराने और सरकने की वजह से प्रभावित रहता है। इन्हीं प्लेट्स के खिसकने से पृथ्वी की परतों में दरारें बनती हैं, और पिघलती चट्टानों से बनता है मैग्मा – जो समय के साथ सतह की ओर बढ़ता है और ज्वालामुखीय गतिविधियों को जन्म देता है।

कोलुम्बो अंडरवॉटर वोल्केनो भी इस भूगर्भीय हलचल का एक सक्रिय हिस्सा है, और इसके नीचे दबा हुआ मैग्मा फिलहाल फिर से हरकत में है।

इतिहास खुद को दोहराता है? सेंटोरिनी का भूगर्भीय इतिहास भी डरावना रहा है। साल 1956 में यहां भयंकर भूकंप आए थे – सिर्फ 13 मिनट के भीतर दो बड़े झटकों ने इस क्षेत्र को हिला दिया था, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.4 और 7.2 मापी गई थी। उन झटकों के कारण इलाके में सुनामी भी आई थी।

अब 2025 में फिर से उसी क्षेत्र में लगातार भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं, और वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि इनका केंद्र ठीक वही है, जहां 1956 में था। इस बार मैग्मा करीब 18 किलोमीटर गहराई से ऊपर उठकर केवल 3 किलोमीटर की गहराई तक आ चुका है, जो कि एक संभावित खतरे की ओर इशारा करता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल सेंटोरिनी में किसी बड़े ज्वालामुखी विस्फोट की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन जिस तरह से मैग्मा लगातार ऊपर बढ़ रहा है और धरती को हिला रहा है, उससे यह तय है कि सतर्कता बेहद जरूरी है। इस रिसर्च ने यह भी दिखा दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मॉडर्न टेक्टोनिक स्टडीज़ किस तरह भविष्य की आपदाओं को समझने और उनसे बचने का मौका दे सकती हैं।

“PM मोदी ने किया BSNL 4G का उद्घाटन, डिजिटल इंडिया को मिलेगी नई गति”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (27 सितंबर) ऑडिशा में कई विकास परियोजनाओं के साथ BSNL का 4G नेटवर्क लॉन्च किया। इस नई तकनीक से देश के कोने-कोने में लोगों को तेज और विश्वसनीय इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।

बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को 98,000 साइट्स पर रोलआउट किया गया है। इसे स्वदेशी टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया है और इसे भविष्य में आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मील का पत्थर है और देश के हर क्षेत्र में विश्वस्तरीय दूरसंचार सेवाएं लाएगा। BSNL ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए लिखा कि यह सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं है, बल्कि नई आशा, नए अवसर और नया भारत है। बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क देश को तकनीकी दृष्टि से और मजबूत बनाएगा।

BSNL 4G: आत्मनिर्भर भारत में बड़ी उपलब्धि बीएसएनएल का 4G स्टैक आत्मनिर्भर भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी बल्कि देश की तकनीकी क्षमता में भी मजबूती आएगी। बीएसएनएल अब जल्द ही 5G रोलआउट के जरिए एडवांस टेक्नोलॉजी की मजबूत नींव तैयार करेगा।

“Heavy Rain Alert: सितंबर में गर्मी और उमस ने फिर दी दस्तक, इन राज्यों के लिए जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट”

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दिल्ली और कई राज्यों में गर्मी और उमस ने फिर दस्तक दे दी है। IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ इलाकों में वापस आ चुका है, जबकि कई राज्यों में अब मानसून की विदाई नजर आएगी।

आइए जानते हैं आज का मौसम और कहां-कहां होगी बारिश।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम दिल्ली और एनसीआर में गर्मी और उमस अभी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आज अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं 29 सितंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।

इन जगहों पर हो सकती है भारी बारिश बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है। यह 27 सितंबर की सुबह तक नॉर्थ आंध्र प्रदेश और साउथ ओडिशा के तटों से टकरा सकता है। इस कारण ओडिशा में रेड अलर्ट और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 26-30 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी इलाकों में मौसम जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून कुछ दिनों के लिए गायब रहा। उत्तराखंड में अगले 4-5 दिनों तक मौसम शुष्क और धूप वाला रहेगा। हिमाचल प्रदेश में भी मानसून लौट चुका है, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम ठंडक रहेगी और दोपहर के समय मौसम शुष्क रहेगा।

“आई लव मुहम्मद लिखे पोस्टरों से संबंधित कई प्राथमिकी और गिरफ्तारियों को चुनौती, दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर”

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मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एमएसओ) और सुन्नी समूह रजा अकादमी ने आई लव मुहम्मद लिखे पोस्टरों से संबंधित कई प्राथमिकी और गिरफ्तारियों को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।

उन्होंने दावा किया है कि ये पोस्टर भक्ति की अभिव्यक्ति थे।

जनहित याचिका में दावा किया गया है कि दर्ज की गई प्राथमिकी ‘सांप्रदायिक प्रकृति’ की हैं और याचिकाकर्ताओं के ‘मौलिक अधिकारों’ का उल्लंघन करती हैं।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ये प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के कैसरगंज और बहराइच सहित विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के उन साधारण नागरिकों के खिलाफ दर्ज की गईं, जिन्होंने केवल धार्मिक त्योहारों को मनाने और पोस्टरों, बैनरों तथा शांतिपूर्ण सभाओं के माध्यम से ईश्वर के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करने की कोशिश की।

याचिका में कहा गया है, हालांकि, किसी भी ठोस या स्वतंत्र साक्ष्य के बिना, बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा उन्हें कई आपराधिक मामलों में फंसाया गया है, जिन्होंने उन पर दंगा भड़काने, आपराधिक धमकी और शांति भंग करने के आरोप लगाए। यह विवाद नौ सितंबर को शुरू हुआ, जब कानपुर पुलिस ने बारावफात जुलूस के दौरान सार्वजनिक सड़क पर ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में नौ नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हिंदू समूहों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे परंपरा से विचलन और जानबूझकर उकसावे वाला कृत्य बताया था।

“ओवैसी ने बिहार में राजद से गठबंधन पर कहा, राजनीति में एकतरफा मोहब्बत नहीं चलती”

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए राजद के साथ गठबंधन की इच्छा जताई थी, लेकिन वहां से सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

 हैदराबाद के सांसद ओवैसी इन दिनों पूर्वी बिहार के सीमांचल क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं जहां मुस्लिम आबादी का बड़ा हिस्सा है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ”गठबंधन की हमारी इच्छा कमजोरी का संकेत नहीं थी। हम चुनाव जीतने के लिए लड़ेंगे। लेकिन राजनीति में एकतरफा मोहब्बत नहीं चलती। ऐसी बातें सिर्फ फिल्मों में अच्छी लगती हैं, जहां कॉलेज जाने वाले लड़का-लड़की के किरदार निभाए जाते हैं।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित उत्तर प्रदेश में ”आई लव मोहम्मद” लिखे पोस्टरों पर विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर ओवैसी ने कहा, ”पैगंबर के प्रति मुसलमानों की मोहब्बत जताने में कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। मुझे समझ नहीं आता भाजपा-आरएसएस को समस्या क्या है?”

ओवैसी ने कहा, ”अगर उन्हें ‘आई लव मुहम्मद’ नारा देशविरोधी लगता है तो इसका मतलब है कि वे मोहब्बत के ही खिलाफ हैं। हालांकि फिल्मों में प्यार के किस्से देखना उन्हें अच्छा लगता है।”

ओवैसी ने कहा, ”भारत की खूबसूरती इसकी विविधता में है, जहां अलग-अलग धर्मों को पनपने का अवसर मिला है। संविधान ने हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता दी है।” उन्होंने दावा किया, ”भारत में मुसलमान भले ही बहुसंख्यक न हों, लेकिन पूरे उपमहाद्वीप के किसी भी देश की तुलना में उनकी संख्या यहां सबसे अधिक है। भाजपा-आरएसएस देश को बदनामी कर रहे हैं।

“बिहार में NDA का ‘महामंथन’, अमित शाह ने फूंका चुनावी बिगुल, दो-तिहाई बहुमत का लक्ष्य”

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को समस्तीपुर जिले के सरायरंजन और अररिया जिले के जोगबनी के पास फोर्ब्सगंज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने यह जानकारी दी। पत्रकारों से बात करते हुए, जायसवाल ने कहा कि अमित शाह आगामी चुनावों के लिए निर्देश दे रहे हैं और एनडीए कार्यकर्ता विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं और जिला कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। कल उन्होंने बेतिया, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण में 300 कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा कि आज उन्होंने समस्तीपुर के सरायरंजन और अररिया जिले के जोगबनी के पास फोर्ब्सगंज में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। वे आगामी चुनावों के लिए निर्देश दे रहे हैं। भाजपा और एनडीए कार्यकर्ता विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल करने के लिए उत्साह दिखा रहे हैं और एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं।

अमित शाह 26-27 सितंबर को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं, इस दौरान वे कई बैठकें कर रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। इस बीच, दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बिहार दौरे को लेकर उन पर तंज कसा और उन पर राज्य के लोगों पर की गई गालियों की तारीफ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उन्हें पाँच साल बाद बिहार की याद आई। अब जब चुनाव सामने हैं, तो वह बिहार का दौरा कर रही हैं। जब दिल्ली और पंजाब में बिहारियों के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो प्रियंका गांधी ताली बजाती हैं। आप किस मुँह से बिहार आ रहे हैं?”

कोई मोदी वोदी सरकार नहीं है अडानी अम्बानी का सरकार है। ये लोग उनके मोहरें है हर जगह पर चाहे जमीन हो या जंगल सब अडानी को दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी अडानी के गुलाम बनने वाला है क्योंकि मैं देख रहा हूँ सब जगह अडानी कब्जा कर लिया है।हमारे बच्चे आगे चलकर अडानी के लिए काम करेंगे या घंटा बजाएंगे।

“हैदराबाद में भारी बारिश से तबाही, मूसी नदी में बाढ़, 1,000 लोगों को निकाला गया”

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हैदराबाद में शनिवार को भारी बारिश हुई, जिसके कारण शहर के जुड़वां जलाशयों, हिमायतसागर और उस्मानसागर के द्वार अधिकारियों द्वारा खोलने के बाद चदरघाट पुल के पास मुसी नदी उफान पर आ गई।

हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य हिस्सों में मूसी नदी के उफान पर होने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लगभग 1,000 लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। जलाशय के गेट खोलने के बाद नदी के पास के घरों में पानी भर गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविरों में स्थानांतरित किए गए निवासियों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएँ प्रदान की गईं। एएनआई के अनुसार, मूसलाधार बारिश के कारण तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के मीरपेट नगर निगम क्षेत्र के मिथिला नगर कॉलोनी में भी भारी जलभराव हो गया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी मूसी नदी में भारी बाढ़ के बाद स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को नदी से सटे सभी इलाकों में स्थिति पर नज़र रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने को भी कहा। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने आगे कहा कि अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को तेलंगाना के कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। पुलिस अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर चदरघाट पुल के पास की सड़क को बंद कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी यातायात जाम हो गया।

तेलंगाना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अधिकारियों को जलमग्न सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोकने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के एक प्रमुख बस परिसर, महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस) में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे बस सेवाएं ठप हो गईं। परिसर में बसों का इंतज़ार कर रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

“2 साल बढ़ सकता है संसदीय समितियों का कार्यकाल, शशि थरूर को होगा सीधा फायदा”

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सरकार संसदीय समितियों के पुनर्गठन पर विचार कर रही है, क्योंकि अधिकांश समितियों का कार्यकाल 20 सितंबर को समाप्त हो गया था। सरकार कथित तौर पर इन समितियों को एक वर्ष का विस्तार देने पर विचार कर रही है।

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि संसदीय स्थायी समितियों के कई अध्यक्षों का मानना ​​है कि विधेयकों और विषयों की गहन जाँच के लिए वर्तमान एक वर्ष का कार्यकाल अपर्याप्त है। एक राय में कहा गया है कि एक वर्ष की समय सीमा बहुत कम है। सरकार कार्यकाल बढ़ाने पर विचार कर रही है, साथ ही वह कई सांसदों के अनुरोधों की भी समीक्षा कर रही है जो एक समिति से दूसरी समिति में स्थानांतरित होना चाहते हैं। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में विधेयकों की अधिक गहन जाँच की जाए।

यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद शशि थरूर के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं। पार्टी के भीतर हाल के तनावों के बावजूद, इस विस्तार से उन्हें दो साल के लिए अपना पद बरकरार रखने का मौका मिलेगा। संसदीय स्थायी समितियाँ स्थायी निकाय होती हैं जिनमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के निश्चित संख्या में सांसद होते हैं। ये समितियाँ कानूनों की जाँच, सरकारी नीतियों की समीक्षा, बजट आवंटन की जाँच और पूछताछ तथा साक्ष्य संकलन के माध्यम से मंत्रालयों को जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जब संसद सत्र में नहीं होती है, तो ये समितियाँ “लघु-संसद” के रूप में कार्य करती हैं, जिससे सांसदों को पूर्ण संसदीय सत्र की प्रतीक्षा किए बिना नीतियों और कानूनों की विस्तृत निगरानी करने की अनुमति मिलती है। वर्तमान में, समितियों का पुनर्गठन प्रतिवर्ष किया जाता है। हालाँकि, विपक्षी दलों सहित कई सांसदों ने कार्यकाल को कम से कम दो वर्ष तक बढ़ाने की माँग की है, क्योंकि उनका तर्क है कि जटिल विषयों की व्यापक जाँच के लिए एक वर्ष पर्याप्त नहीं है।

हालांकि समिति अध्यक्षों के बदलने की संभावना कम है, लेकिन नए सदस्यों का कार्यकाल दोगुना किया जा सकता है ताकि अधिक निरंतरता सुनिश्चित हो सके और समितियाँ अपने विधायी और नीतिगत कार्यों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकें।