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“दक्षिण अमेरिका दौरे पर राहुल गांधी, कई देशों के नेताओं और छात्रों से करेंगे मुलाकात”

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कांग्रेस नेता और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि वरिष्ठ विपक्षी नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका की यात्रा पर रवाना हुए हैं। अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से जानकारी देते हुए, खेड़ा ने लिखा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता, राहुल गांधी, दक्षिण अमेरिका की यात्रा पर रवाना हुए हैं।

उनका चार देशों के राजनीतिक नेताओं, विश्वविद्यालय के छात्रों और व्यापारिक समुदाय के सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम है।” इस साल अप्रैल में संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी पिछली यात्रा के बाद, यह राहुल गांधी का नवीनतम विदेश दौरा है।

इस यात्रा के दौरान, राहुल गांधी का बोस्टन लोगान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय प्रवासी कांग्रेस के सदस्यों ने स्वागत किया, और प्रवासी कांग्रेस प्रमुख सैम पित्रोदा ने स्वयं उनकी अगवानी की। कांग्रेस पार्टी ने तब X पर पोस्ट किया था, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बोस्टन, अमेरिका के बोस्टन लोगान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।” वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बोस्टन में प्रवासी भारतीयों को भी संबोधित किया था, जहाँ उन्होंने आरोप लगाया था कि भारतीय चुनाव आयोग “समझौता” कर रहा है। महाराष्ट्र चुनावों का उदाहरण देते हुए, राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव प्रणाली में कुछ बुनियादी तौर पर गड़बड़ है।

राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “महाराष्ट्र में कुल मतदाताओं की संख्या से ज़्यादा लोगों ने मतदान किया, और यह एक सच्चाई है… चुनाव आयोग ने हमें शाम लगभग 5:30 बजे एक आँकड़ा दिया, और दो घंटे में लगभग 7:30 बजे, 65 लाख मतदाताओं ने मतदान किया, जो शारीरिक रूप से असंभव है…।” उनके इस बयान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आलोचना की और उन पर राष्ट्रीय संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी की दक्षिण अमेरिका यात्रा से उनके चल रहे अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अभियान के तहत, चार देशों के राजनीतिक प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय समुदायों और व्यावसायिक क्षेत्र सहित विविध हितधारकों के साथ बातचीत की उम्मीद है।

“ओडिशा में PM मोदी ने बरसाई 60 हजार करोड़ की सौगातें, विकास को मिलेगी ‘डबल इंजन’ रफ्तार”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को ओडिशा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ओडिशा के झारसुगुड़ा में, उन्होंने दूरसंचार, रेलवे, स्वास्थ्य सेवा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास से जुड़ी 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

इन परियोजनाओं की प्रमुख विशेषताओं में स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके लगभग 97,500 4G टावरों की स्थापना और ओडिशा तथा पड़ोसी राज्यों में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रेलवे के बुनियादी ढांचे का प्रमुख उन्नयन शामिल है।

मोदी ने ब्रह्मपुर और उधना (सूरत) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जो राज्यों के बीच किफायती और आरामदायक संपर्क प्रदान करेगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और प्रमुख आर्थिक जिलों को जोड़ेगी। इस दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा कि ओडिशा को प्रकृति ने अपार उपहार दिए हैं। ओडिशा ने कई दशक कष्ट देखे हैं, लेकिन यह दशक ओडिशा को समृद्धि की ओर ले जाएगा। यह दशक ओडिशा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने हाल ही में ओडिशा के लिए दो सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी है… ओडिशा में एक सेमीकंडक्टर पार्क भी बनाया जाएगा।

मोदी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व चल रहा है और ऐसे पावन दिनों में मुझे मां समोली और मां रामोचंडी देवी की इस भूमि पर आप सभी के दर्शन का सौभाग्य मिला है। आपका आशीर्वाद ही हमारी शक्ति है। मैं आप सभी को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले, विधानसभा चुनाव के दौरान ओडिशा के लोगों ने एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का प्रण लिया था, ये संकल्प था विकसित ओडिशा। आज हम देख रहे हैं, ओडिशा डबल इंजन की रफ़्तार से आगे बढ़ने लगा है। आज फिर एक बार, ओडिशा के विकास के लिए, देश के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का काम शुरू हुआ है। आज से BSNL का नया अवतार भी सामने आया है। BSNLकी स्वदेशी 4G सर्विसेज लॉन्च हुई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा बहुत जोर गरीबों को, दलितों को, पिछड़ों को, आदिवासियों को मूल सुविधाएं पहुंचाने पर है। जब एक गरीब परिवार को पक्का घर मिलता है, तो वर्तमान ही नहीं, भावी पीढ़ियों का जीवन भी आसान हो जाता है। हमारी सरकार देशभर के 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्का घर दे चुकी है। ओडिशा में भी हजारों घर बनाने का काम चल रहा है। आज करीब 50,000 परिवारों को घर की स्वीकृति मिली है।

उन्होंने कहा कि जो भी देश आर्थिक रूप से सशक्त होना चाहता है, वो बड़े-बड़े जहाज निर्माण पर बहुत बल देता है। व्यापार हो, तकनीकी हो या फिर देश की सुरक्षा – जहाज निर्माण से हर जगह फायदा होता है। अपने जहाज होंगे तो संकट के समय दुनिया के साथ आयात-निर्यात में रुकावट नहीं आएगी। इसलिए भाजपा सरकार ने देश में बड़े-बड़े जहाज निर्माण के लिए 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि चिप से लेकर जहाज तक, भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। कोई भी देश जो आर्थिक रूप से मज़बूत बनना चाहता है, वह जहाज निर्माण को बहुत महत्व देता है। चाहे व्यापार हो, तकनीक हो या राष्ट्रीय सुरक्षा, जहाज निर्माण हर क्षेत्र में लाभ प्रदान करता है।

“प्रमोद तिवारी का मोदी-शाह पर निशाना: लद्दाख में दमन नहीं, वादे निभाओ सरकार”

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कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने शनिवार को लद्दाख में हालात “बेकाबू” होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और कहा कि गिरफ़्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि वादे पूरे करने से होगा।

तिवारी ने एएनआई को बताया कि एकमात्र समाधान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा किए गए वादों को पूरा करना है, जो कि लद्दाख के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर को भी राज्य का दर्जा देना है। किसी को गिरफ़्तार करना समाधान नहीं है। आप पिछले दो सालों से मणिपुर को संभाल नहीं पा रहे हैं। अब, आप लद्दाख में हालात बेकाबू होने दे रहे हैं, जो सबसे संवेदनशील इलाका है। इसकी सीमा चीन से लगती है। लद्दाख में दमन से कोई फ़ायदा नहीं होगा, सिर्फ़ बातचीत से ही होगा।

24 सितंबर को हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद लेह में तनाव फैल गया, जिसके बाद प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत अनावश्यक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि, अपनी आपबीती सुनाते हुए, स्थानीय लोगों ने सरकार से प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया है और कहा है कि वे भोजन और दूध जैसी बुनियादी चीजें नहीं खरीद पा रहे हैं। स्थानीय लोग भारी प्रतिबंधों के बावजूद अपने दैनिक जीवन को जारी रखने का प्रयास कर रहे हैं।

24 सितंबर को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद लेह में प्रतिबंध लगाए गए हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय में आग लगा दी गई थी। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत ने बड़े पैमाने पर विवाद को जन्म दिया। उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया है।

24 सितंबर को लेह में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद इलाके में भाजपा कार्यालय में आग लगा दी गई। हिंसक विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत के दो दिन बाद, वांगचुक को एनएसए के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। जलवायु कार्यकर्ता पर “हिंसा भड़काने” का आरोप लगाया गया है।

वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, जो हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद समाप्त हो गई। जलवायु कार्यकर्ता लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की वकालत करते रहे हैं, जो आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है और कुछ विधायी और न्यायिक शक्तियों के साथ स्वायत्त ज़िला परिषदों के निर्माण की वकालत करते हैं। अनुच्छेद 244 के तहत छठी अनुसूची वर्तमान में पूर्वोत्तर राज्यों असम, मिज़ोरम, त्रिपुरा और मेघालय पर लागू होती है। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हालिया हिंसा के बाद, शनिवार को लेह में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू रहे।

“म्यांमार में भारत और चीन आ रहे आमने-सामने, अरबों डॉलर के खजाने के लिए नई दिल्ली का अचूक दांव, तिलमिला उठेगा ड्रैगन”

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दुनिया में रेयर अर्थ के बाजार पर अभी चीन का प्रभुत्व है, जो अभी 70 फीसदी आपूर्ति का उत्पादन करता है। लेकिन अब इसे तोड़ने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। दुनिया में दुर्लभ मृदा तत्वों के लिए नए क्षेत्रों की तलाशे जा रहे हैं, जिसमें भारत का पड़ोसी देश म्यांमार भी शामिल है, जहां बड़े भंडार मौजूद हैं।

भारत की नजर भी इस पड़ोसी देश के रेयर अर्थ भंडार पर है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि भारत म्यांमार के सशस्त्र विद्रोही समूह काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) को रेयर अर्थ तत्वों के स्रोत के लिए एक संभावित साझेदार के रूप में देख रहा है।

रेयर अर्थ के लिए विद्रोही समूह की तरफ नजर

रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत की सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड (IRIL) और निजी फर्म मिडवेस्ट एडवांस्ड मेटेरियल्स को उत्तरी काचिन राज्य में KIA की खदानों से अयस्क के नमूनों का मूल्याकंन करने का काम सौंपा गया है। KIA ने 2024 में रेयर अर्थ से समृद्ध सीमावर्ती क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया। इसने अब तक मुख्य रूप से चीनी खरीदारों के साथ ही कारोबार किया है।

हालांकि, विद्रोही समूह की जुंटा शासन वाले कस्बों पर बढ़त और बीजिंग के रेयर अर्थ और चुंबकों के निर्यात पर लगातार लगाए जा रहे प्रतिबंधों के चलते नई दिल्ली में इस संभावना पर विचार किया जा रहा है कि क्या जातीय विद्रोहियों के साथ सहयोग रणनीतिक विकल्प प्रदान कर सकता है। दुर्लभ मृदा तत्व 17 धातुओं का एक समूह है, जो चुंबकों, बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों और मिसाइल जैसे उन्नत रक्षा प्रणालियों के आवश्यक है।

रेयर अर्थ बाजार पर चीन का कब्जा

लेकिन म्यांमार का रेयर अर्थ भंडार चीन और भारत में प्रतिस्पर्धा की स्थिति में ला रहा है। वर्तमान में चीन वैश्विक रेयर अर्थ उद्योग पर हावी है। यह 70 फीसदी खनन आपूर्ति का उत्पादन करता है और लगभग 90 प्रतिशत शोधन क्षमता रखता है। लेकिन हाल के वर्षों कड़े पर्यावरण नियमों के चलते चीन में घरेलू खनन में गिरावट आई है। बीजिंग पड़ोसी म्यांमार से आपूर्ति करते इसकी भरपाई कर रहा है।

2021 के तख्तापलट के बाद से म्यांमार का चीन को दुर्लभ मृदा तत्वों का निर्यात पांच गुना से ज्यादा बढ़ गया है। 2024 में यह लगभग 3.6 अरब डॉलर पहुंच गया। लगातार छह वर्षों से म्यांमार चीन का शीर्ष आपूर्तिकर्ता है। इस उछाल का बड़ा हिस्सा तब आया जब सैन्य शासकों ने उत्तरी काचिन में राज्य में अवैध खनन को बढ़ावा दिया गया। राज्य में डिस्प्रोसियम और टेरबियम के भंडार हैं।

भारत की रेयर अर्थ पर चिंता

भारत के पास अपने बड़े दुर्लभ मृदा भंडार हैं,लेकिन उनका दोहन करने की क्षमता सीमित है। इसके चलते देश आयात पर निर्भर हो जाता है। भारत के दुर्लभ मृदा आयात का लगभग 80% चीन से आता है। बीजिंग ने अप्रैल 2025 में रणनीतिक खनिजों और चुंबकों के निर्यात पर रोक लगा दी, तो भारत के विकास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उद्योगों पर खतरा मंडराने लगा था। इसने भारत को जापान और दक्षिण कोरिया के साथ प्रोसेसिंग पार्टनरशिप की तलाश करने और KIA को एक संभावित आपूर्तिकर्ता के रूप में विचार करने के लिए प्रेरित किया है।

“‘पाकिस्तान के PM ने नौटंकी की…’, UNGA में भारत की बेटी ने शहबाज शरीफ को कर दिया बेनकाब, लादेन का जिक्र कर जमकर धोया”

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के झूठे और खोखले दावों की भारत ने पोल खोलकर रख दी।

भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पड़ोसी मुल्क को फिर दुनिया के सामने बेनकाब किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान शांति की बात करता है। अगर वो वाकई ईमानदार है तो तुरंत सभी आतंकवादी शिविरों को बंद करें और भारत में वॉटेंड आतंकवादियों को हमें सौंप देना होगा।

भारत ने एक-एक झूठ को किया बेनकाब UNGA में राइट टू रिप्लाई के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए राजनयिक पेटल गहलोत ने शहबाज शरीफ के एक-एक झूठ का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “यह सभा आज सुबह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से बेतुके नाटक का गवाह बना है, जिन्होंने एक बार फिर आतंकियों का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति के केंद्र में बैठे हैं। किसी भी हद तक नाटक और झूठ तथ्यों को छुपा नहीं सकते।”

उन्होंने कहा कि यही वह पाकिस्तान है, जिसने 25 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटकों की बर्बर हत्या की जिम्मेदारी से एक पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादी संगठन को बचाने की कोशिश की। एक देश जो आतंकवाद को फैलाने और एक्सपोर्ट करने की परंपरा में लिप्त है। उसके पास सबसे बेतुके नैरेटिव को आगे बढ़ाने में कोई शर्म नहीं है।

लादेन का जिक्र कर खोली PAK की पोल इस दौरान पेटल गहलोत ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि याद कीजिए कि उसने लादेन को एक दशक तक शरण दी, जबकि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साझेदार होने का दिखावा किया। पाकिस्तान के मंत्रियों ने हाल ही में स्वीकार किया है कि उन्होंने दशकों से आतंकवादी शिविरों का संचालन किया है। इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए कि इनका एक बार फिर यह दोहरापन जारी है और इस बार उसके प्रधानमंत्री के स्तर पर।

भारतीय राजनयिक ने आगे कहा, “एक तस्वीर हजार शब्दों की कहानी कहती है। हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की ओर से बहावलपुर और मुरिदके आतंकवादी ठिकानों में मारे गए आतंकवादियों की कई तस्वीरें देखी हैं। जब वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य और नागरिक अधिकारी सार्वजनिक रूप से ऐसे कुख्यात आतंकवादियों का महिमामंडन करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं, तो क्या इस शासन की प्रवृत्तियों के बारे में कोई संदेह हो सकता है?

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर एक विचित्र विवरण भी पेश किया। इस मामले में रिकॉर्ड साफ है। 9 मई तक पाकिस्तान की ओर से भारत पर और हमलों की धमकी दी जा रही थी, लेकिन 10 मई को सेना ने सीधे हमसे लड़ाई रोकने की अपील की।

…तो जीत का आनंद ले सकता है पाकिस्तान’

गहलोत ने कहा कि भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी वायुसेना अड्डों को नष्ट किया है। उस नुकसान की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। अगर नष्ट हुए रनवे और जल चुके हैंगर उन्हें जीत की तरह दिखते हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है… तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है। सच्चाई यह है कि जैसा कि अतीत में हुआ है भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। हमने अपने लोगों की रक्षा करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है। उन्होंने शहबाज शरीफ के बातचीत के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के साथ शांति की इच्छा के बारे में बात की है। अगर वह वास्तव में ईमानदार हैं, तो रास्ता स्पष्ट है। पाकिस्तान को तुरंत सभी आतंकवादी शिविरों को बंद करना चाहिए और भारत में वांछित आतंकवादियों को हमें सौंप देना चाहिए।

हिंदुत्व वाले बयान पर भी किया पलटवार

पेटल गहलोत ने शरीफ के हिंदुत्व को लेकर दिए बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह भी विडंबना है कि एक देश जो नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता का पालन करता है, वह इस सभा को धर्म के मामलों पर उपदेश देता है। पाकिस्तान का राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श उसकी असली प्रकृति को दिखाता है। जाहिर है, उन्हें आईना देखने की जरूरत है। शरीफ ने UNGA में हिंदुत्‍व को एक नफरत वाली विचारधाराओं का हिस्‍सा बताते हुए दुनिया के लिए इसे खतरनाक करार दिया।

परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे झुकेगा नहीं भारत’

भारतीय राजनयिक ने स्पष्ट शब्दों में फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान लंबे समय से सहमत हैं कि उनके बीच कोई भी बकाया मुद्दा द्विपक्षीय रूप से हल किया जाएगा। इस संबंध में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं होगी। यह हमारी लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय स्थिति है। जहां आतंकवाद का सवाल है, हम साफ कर रहे हैं कि आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के बीच कोई अंतर नहीं होगा। दोनों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और न ही हम परमाणु ब्लैकमेल की आड़ में आतंकवाद को बढ़ावा देने की अनुमति देंगे। भारत कभी भी ऐसी धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। भारत का संदेश दुनिया के लिए स्पष्ट है। आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए।”

“LPG महंगा, पेंशन नियम चेंज और रेलवे टिकट बुकिंग आसान…1 अक्टूबर से होने वाले हैं ये अहम बदलाव; जानिए और क्या-क्या बदल जाएगा”

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अक्टूबर का महीना शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही देश में कई महत्वपूर्ण नियम और बदलाव लागू होंगे, जो सीधे आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 1 अक्टूबर से कौन से 5 बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं।

  1. LPG सिलेंडर की कीमतें बदलेंगी

हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं। इस बार भी 1 अक्टूबर को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हुआ है, लेकिन 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें लंबे समय से स्थिर हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के बड़े शहरों में इसका भाव आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बढ़ा था।

  1. रेलवे ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया नियम

रेलवे ने टिकट बुकिंग में धांधली रोकने के लिए नया कदम उठाया है। 1 अक्टूबर 2025 से रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट में सिर्फ ऐसे यात्री ही ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका आधार वेरिफिकेशन पूरा हो चुका होगा। यह नियम IRCTC की वेबसाइट और ऐप दोनों पर लागू होगा।

  1. पेंशन नियमों में बदलाव

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों द्वारा वसूले जाने वाले फीस में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए नया PRAN खोलने पर E-PRAN किट के लिए 18 रुपये और फिजिकल PRAN कार्ड के लिए 40 रुपये चार्ज देना होगा।

  1. UPI फीचर्स में बदलाव

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले UPI फीचर्स में से पीयर टू पीयर (P2P) ट्रांजैक्शन को हटा सकता है। यह कदम यूजर की सुरक्षा बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से आया है। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा।

  1. बैंकों में बंपर छुट्टियां

अक्टूबर महीने में त्योहारों की भरमार है और ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो पहले भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी October Bank Holiday List देखकर ही घर से निकलें। महीने की शुरुआत दुर्गा पूजा की छुट्टी से होगी और फिर पूरे महीने में महात्मा गांधी जयंती, दशहरा, लक्ष्मी पूजा, महार्षि बाल्मिकी जयंती, करवा चौथ, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और छठ पूजा समेत कुल 21 छुट्टियां पड़ रही हैं।

CG: प्रदेशभर में संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा मूल्य में वृद्धि की तैयारी, 2012 से नहीं बढ़ा मूल्य, प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद लागू होगी नई दरें…

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प्रदेशभर के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में आने वाले वर्ष में संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा मूल्य में वृद्धि हो सकती है। क्योंकि निकायों ने विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद वार्षिक भाड़ा मूल्य में वृद्धि का खाका खींचना शुरू कर दिया है। खाका तैयार होने के बाद मंजूरी के लिए प्रस्ताव शासन के पास भेजा जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा में वृद्धि हो जाएगी।

हालांकि इसके लिए पहले निकाय की एमईआसी और सामान्य सभा की मुहर लगना भी जरूरी होगा। इसके बाद संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा मूल्य में वृद्धि लागू की जाएगी। बता दें कि विभागीय मंत्री अरुण साव ने पिछले दिनों निकायों के कामकाज की समीक्षा के दौरान सभी निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा मूल्य में वृद्धि पर विचार करें। साथ ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें।

जानकारी के अनुसार, निकायों में संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा मूल्य में बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि निकायों के खर्चों में भारी वृद्धि हुई है। चाहे साफ-सफाई के अमले के वेतन, स्ट्रीट लाइट के बिजली बिल में वृद्धि हो या फिर वार्डों में सड़क, नाली का निर्माण हो।

संपत्तिकर के वार्षिक भाडा़ मूल्य में वृद्धि से निकायों की आय में वृद्धि होगी। इससे निगम को अपने अधिकारियों-कर्मचारियों को वेतन देने और निगम के प्रशासनिक कार्यों को जनहित में करने मे आसानी होगी।

सूत्र बताते हैं कि संपत्तिकर में वृद्धि के लिए नियमों में संशोधित कर कुछ नए नियम भी जोड़े जा सकते हैं, ताकि लोगों को संपत्तिकर में बढ़ोत्तरी का असर ज्यादा न पड़े। हां, इतना जरूर किया जा सकता है कि जो किराएदार रखते हैं और कमर्शियल उपयोग कर रहे हैं तो उनके ऊपर ही संपत्तिकर के वार्षिक भाड़ा मूल्य का स्लैब अलग-अलग रख दें।

जो न तो किराएदार रखते हैं और न कमर्शियल उपयोग करते हैं उनके वार्षिक भाड़ा मूल्य में आंशिक वृद्धि की जाएगी। या फिर वार्षिक भाड़ा मूल्य एक समान रखेंगे, लेकिन किराएदार और कमर्शियल उपयोग करने वालों के लिए अलग से एक्स्ट्रा टैक्स लगाकर संपत्तिकर में वृद्धि कर सकते हैं।

CG: छड़-सीमेंट सप्लाई के नाम पर 77.50 लाख की ठगी…

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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में छड़ सीमेंट बिक्री करने के नाम पर ठेकेदार से 77 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। मामला गुरुर थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के मुताबिक ग्राम धानापुरी निवासी शिकायकर्ता लेखराम सिन्हा भवन निर्माण ठेकदार का काम करता है। छड़ व सीमेंट की आवश्यकता होने पर चौहान टाउन स्मृति नगर निवासी हिमालया एग्रो कंपनी के मालिक नयन राणा से जान पहचान हुई।

नयन राणा ने आवेदक को सस्ते दाम पर छड़ सीमेंट देने, स्वयं का 2-3 जगह पर सीमेंट की फैक्ट्री होने, जीएसटी बिल देने एवं बड़े-बड़े ठेकेदारों को सामान सप्लाई करने का झांसा दिया।

इस पर उन्होंने 3 जनवरी को अपने पुत्र ओमनारायण सिन्हा दुर्ग का ट्रांसपोटर धनवंत सिंह गिल व प्रतीक शुक्ला के साथ उसके ढिल्लन कॉम्प्लेक्स प्रथम तल हिमालया एग्रो कंपनी के कार्यालय जाकर 130 टन सरिया का सौदा 48,000 रुपए प्रति टन पर किया।

इसी प्रकार 300 टन जेके लक्ष्मी सीमेंट 252 रुपए प्रतिबैग के हिसाब से घर पहुंचाकर देने का सौदा हुआ था। इसके बाद वह अपने गांव लौट आया।

पुलिस के मुताबिक लेखराम सिन्हा ने आरोपी नयन राणा के बैंक खाते में अलग-अलग समय में कुल 77 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी आरोपी ने छड़ और सीमेंट की सप्लाई नहीं की।

आरोपी ने छड़ी और सीमेंट का फर्जी बिल काटकर सामानों की डिलीवरी करना बताता रहा और धोखाधड़ी की। गुरुर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

CG: नई जीएसटी दरों पर छूट मिल रही है या नहीं इसकी जांच करने राज्य जीएसटी ने अधिकारियों को अलग-अलग बाजारों की जिम्मेदारी सौंपी गई है…

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में जीएसटी 2.0 की अधिसूचना जारी होने के बाद जीएसटी की टीमें अब बाजारों में दस्तक दे रही है। नई जीएसटी दरों पर छूट मिल रही है या नहीं इसकी जांच करने राज्य जीएसटी ने अधिकारियों को अलग-अलग बाजारों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य जीएसटी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेशभर के अलग-अलग डिवीजन के अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बाजारों में जाकर ग्राहकों से बात करें।

उनसे पूछे कि जीएसटी दरों में छूट का लाभ मिल रहा है या नहीं। साथ ही दुकानों व शो-रूम मेंं जाकर भी जांच करें। जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि अलग-अलग डिवीजन के अधिकारी-कर्मचारियों को बाजारों में जाकर पड़ताल करने को कहा गया है।

रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा, जगदलपुर, अंबिकापुर आदि शहरों में टीमें लगाई गई है। रायपुर में रिटेल स्टोर से लेकर बाजारों में अफसरों की टीमें घूम रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार जीएसटी बचत उत्सव मना रही है, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री व विधायक बाजार पहुंच रहे हैं।

खरीदारी के साथ वे ग्राहकों से भी रू-ब-रू हो रहे हैं। एमआरपी स्टीकर लगाने के निर्देश: शो-रूम संचालकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि पुरानी व नई एमआरपी का जिक्र उत्पादों पर किया जाए, जिससे ग्राहकों को दरों में छूट की जानकारी मिल सके। शो-रूम में भी विस्तृत जानकारी के लिए पोस्टर लगाएं।

CG: ईडी ने रायपुर और बिलासपुर में 4 बिल्डर, प्रॉपर्टी और ट्रेडर्स के ठिकानों में छापेमारी…

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ईडी ने रायपुर और बिलासपुर में 4 बिल्डर, प्रॉपर्टी और ट्रेडर्स के ठिकानों में छापेमारी की। महादेव सट्टा, कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपियों द्वारा प्रॉपर्टी में निवेश करने के इनपुट के आधार पर की गई है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में ईडी ने रायपुर और बिलासपुर में 4 बिल्डर, प्रॉपर्टी और ट्रेडर्स के ठिकानों में छापेमारी की। यह कार्रवाई महादेव सट्टा, कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपियों द्वारा प्रॉपर्टी में निवेश करने के इनपुट के आधार पर की गई है। इसमें रायपुर स्थित बिल्डर के जवाहर नगर स्थित निवास, बिलासपुर में क्रांति नगर में के बिल्डर और मंगला चौक में महावीर नगर का मकान शामिल है। सभी के ठिकानों पर शुक्रवार सुबह छापेमारी की गई।

इस दौरान तलाशी में दस्तावेज, निवेश, प्रॉपर्टी, कमर्शियल कॉम्पलेक्स, फ्लैट की खरीदी-बिक्री को जांच के दायरे में लिया गया है। बताया जाता है कि छापेमारी की जद में वाले बिल्डरों और ट्रेडिंग फर्म का संचालन करने वालों के घोटाले में जेल भेजे गए आरोपियों से करीबी संबंध में मिले है। जांच के दौरान इसके इनपुट मिलने पर छापेमारी की गई है।

बताया जाता है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, लैपटॉप, कम्प्यूटर का बैकअप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त की गई है। साथ ही बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया गया है। बता दें कि बिल्डर के ठिकानों में आयकर विभाग 2014-15 में टैक्स चोरी करने पर छापेमारी कर चुकी है।

रायपुर के रहेजा बिल्डर द्वारा पिछले 5 सालों में दर्जनों नए प्रोजेक्ट विभिन्न शहरों में शुरू करने और सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स का कोयला, सीमेंट, छड़, स्टील और ट्रेडिंग का कारोबार है। उक्त सभी फर्म के संचालकों द्वारा पिछले 5 साल में कई गुना कारोबार बढ़ाने और लक्जरी फ्लैट और कमर्शियल कॉम्पलेक्स का प्रोजेक्ट शुरू करने पर की गई है। बता दें कि रहेजा ग्रुप संजय, हरीश, और दीपक अपने माता-पिता के साथ जवाहर नगर में रहते हैं। उक्त सभी लोगों से पूछताछ कर बयान लिया जा रहा है।

ईडी के अधिकारियों का कहना है कि घोटाले की रकम को प्रॉपर्टी और अन्य कारोबार में निवेश करने के इनपुट के आधार पर छापेमारी की गई है। साथ ही सभी रियल एस्टेट से जुडे़ कारोबार में निवेशकों की जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जाता है कि घोटालों से अर्जित आय प्रदेश के कई कारोबारी सेक्टर में निवेश किए गए हैं।

इनमें हॉस्पिटल सेक्टर के साथ अब बिल्डर डेवलपर भी शामिल है। आशंका जताई जा रही है कि घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए निवेश किया गया है। फिलहाल तलाशी में क्या मिला इसका खुलासा नहीं किया गया है। बता दें कि पहली बार ईडी ने घोटालों की जांच करने के लिए किसी बिल्डर एवं डेवलपर को घेरा गया है। इसके संचालक संजय रहेजा, बिल्डर डेवलपर्स के संगठन छत्तीसगढ़ क्रेडाई के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके है।

बिलासपुर के एक कारोबारी कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी (जमानत पर रिहा) के काफी करीबी बताए जाते हैं। वहीं एक अन्य बिल्डर अनवर ढेबर और सौम्या चौरसिया द्वारा निवेश करने की जानकारी मिलने पर छापेमारी की गई है। वहीं राइस मिल से जुडे़ कारोबारी का नाम कस्टम मिलिंग घोटाले से कनेक्शन जुड़ने के बाद छापेमारी की गई है। सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले में जेल भेजे गए आरोपियों से करीबी संबंध में इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई है।