Home Blog Page 391

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दो सड़कों के निर्माण के लिए दी बड़ी सौगात

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सड़क विकास को नई दिशा देते हुए दो महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। ग्रामीण अंचल के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के कुंजारा बोराटोंगरी से ढोंगाअंबा पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 2 करोड़ 75 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। वहीं एनएच-43 मुख्य मार्ग से बोड़ाटोंगरी पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु 1 करोड़ 78 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों के आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। अब तक इन इलाकों के लोगों को बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल से जूझना पड़ता था, वहीं किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना आसान होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सौगात क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करेगा और आने वाले समय में गांवों की तस्वीर बदलेगा।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में ‘भाओना सीता पाताल गमन’ की मनमोहक प्रस्तुति

0

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल ने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ दोनों में रामायण कालीन संस्कृति की छाप स्पष्ट दिखाई देती है और दोनों राज्यों की सांस्कृतिक परंपराएं आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। श्री डेका ने असम के रहने वाले देश के विख्यात गायक श्री जुबीन गर्ग जिनका हाल ही में आकस्मिक निधन हो गया था, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल श्री डेका ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री रिकेश सेन अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. आर. प्रसन्ना, संस्कृति विभाग के संचालक एवं अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की विविधता और उसकी गहराई से अवगत कराया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और अधिकारियों ने किया श्रमदान

0

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा की पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के बड़े विचारक और चिंतक थे। उन्होंने आधुनिक राजनीति को एक नई दिशा दी। देश की विरासत के अनुरूप हमारा देश तरक्की करे, ये उनका विचार था। उनकी विचारधारा के अनुरूप देश को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगे ले जा रहे हैं। पंडित श्री उपाध्याय अंत्योदय के प्रणेता थे, जिनका मानना था कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक मिले। इस दिशा में आज पूरे देश में कार्य किए जा रहे हैं। पीएम आवास, आयुष्मान भारत योजना, सबके घरों में शौचालय, उज्जवला योजना इसका प्रमाण है। इन सभी योजनाओं से देश के जरुरतमंद परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

श्री साव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहेब अंबेडकर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने स्वच्छता को जीवन में सर्वोच्च स्थान दिया। इसका सीधा संबंध हमारी बेहतरी और स्वास्थ्य से है। भारत सरकार और राज्य सरकार स्वच्छता पर लगातार काम कर रही है। जनभागीदारी और सबके सहयोग से यह अभियान पूरा और सफल होगा। श्री साव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने पौधारोपण भी किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने व्यापार विहार व्यापारी संघ के साथ बैठक कर जीएसटी 2.0 पर चर्चा की। उन्होंने इस दौरान बताया कि जीएसटी 2.0 ने बाजार पर भरोसा बढ़ाया है। आम जनता और व्यापारी इससे खुश हैं। जीएसटी 2.0 से खरीदारी सस्ती हुई है और देश में आर्थिक उत्साह बढ़ा है। जीएसटी में किए गए बदलाव पर व्यापारी संघ ने हर्ष जताया। श्री साव ने बैठक के बाद पीएम स्वनिधि के हितग्राहियों को यूपीआई बॉक्स वितरित किए।

शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग जिले के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया

0

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग जिले के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। शासकीय प्राथमिक शाला गनियारी में शाला संचालन को सही पाया गया। वहीं, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला/हाईस्कूल गनियारी में मुख्य विषय के कालखंड में शिक्षक स्टाफ रूम में बैठे पाए जाने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि किसी भी एन.जी.ओ. या बाहरी व्यक्ति को जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय में प्रवेश न दिया जाए। प्रभारी प्राचार्य श्रीमती रजनी पुरोहित के कार्यों पर भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नगपुरा में शाला संचालन और विद्यार्थियों से संवाद के बाद मंत्री ने प्रशंसा व्यक्त की। संस्था प्रमुख की मांग पर डोम निर्माण और बालक-बालिका के लिए पृथक-पृथक शौचालय निर्माण की घोषणा की गई तथा रिक्त पदों पर परीक्षण कर भर्ती कराने का आश्वासन दिया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हिर्री धमधा में भौतिक और रसायन विषयों के प्रायोगिक कार्य अधूरे पाए जाने पर मंत्री ने प्रभारी प्राचार्य मनिराम मनडारे और भौतिक शास्त्र के व्याख्याता कल्पना शुक्ला के कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की और सुधार हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

पूर्व माध्यमिक शाला, हिर्री में प्रधानपाठक श्रीमती हरिहरनो द्वारा संचालित अध्यापन व्यवस्था की मंत्री ने प्रशंसा की। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लिटिया में पात्र छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरित की गई और डोम निर्माण की घोषणा की गई। विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछने पर डॉक्टर, इंजीनियर, आई.ए.एस., और शिक्षक बनने की आकांक्षाएँ सामने आईं, जिस पर मंत्री ने सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, शाला संचालन, प्रायोगिक कार्य और छात्राओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया तथा सभी विद्यालयों में सुधार, आवश्यक निर्माण कार्य और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव मॉकड्रिल का आयोजन

0

रेस्क्यू टीमों ने तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों, पेड़ों पर चढ़े ग्रामीणों और पुल टूटने से अलग-थलग पड़े लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ग्रामीण नदी में गिर गए थे, जिन्हें त्वरित कार्रवाई कर बचाया गया। इसी दौरान एक नाव पलटने पर टीम के सदस्यों को भी सुरक्षित निकाला गया। डूबे हुए व्यक्तियों को फस्ट एड, सीपीआर और डीप डाइविंग कर रेस्क्यू किया गया।

कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की मॉकड्रिल से आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्यवाही संभव हो सकेगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक करने हेतु अभ्यास के दौरान घरेलू सामग्री जैसे टीपा, भगोना, ड्रम, मटका, ट्यूब आदि से राफ्ट बनाने और पानी की बोतल को एयरटाइट कर अस्थायी लाइफ जैकेट की तरह इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया गया।

मॉकड्रिल के अंतर्गत अंजोरा स्थित पंचायत प्रशिक्षण भवन में राहत शिविर लगाया गया, जहां बाढ़ प्रभावितों के लिए रहने, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई। प्रभावित गांवों के पशुओं के लिए भी दवाई और चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह, एएसपी श्री अभिषेक झा, नगर सेना कमाण्डेंट श्री नागेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती सिल्ली थॉमस, डिप्टी कलेक्टर श्री लवकेश ध्रुव, श्री हितेष पिस्दा, श्री उत्तम ध्रुव, डॉ. सीबीएस बंजारे एवं उनकी टीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बल, नगर सेना के जवान तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

स्टेनोग्राफी एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी ट्रेड परीक्षा में उमा देश में अव्वल

0

महिला आईटीआई भिलाई की स्टेनोग्राफी एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी ट्रेड की प्रशिक्षणार्थी सुश्री उमा, अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित परीक्षा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भारत के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा 24 सितंबर 2025 को विभिन्न ट्रेड्स में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 35 प्रशिक्षणार्थियों की सूची जारी की है। सुश्री उमा छत्तीसगढ़ राज्य से इस सूची में स्थान बनाने वाली इकलौती प्रशिक्षणार्थी हैं और अपने ट्रेड में देश में सर्वाेच्च स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया है। सुश्री उमा सहित इन 35 छात्रों को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आगामी 02 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित चौथे कौशल दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। सुश्री उमा ने अपनी संपूर्ण सफलता का श्रेय कौशल विकास के प्रति समर्पण और उन्नत प्रशिक्षण को दिया है।

छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। युवाओं में कौशल विकास प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास किये जा रहे हैं। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुधारने एवं प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा गंभीरतापूर्वक महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। रोजगार एवं प्रशिक्षण के संचालक श्री विजय दयाराम के विभाग का कार्यभार सम्हालते ही इस दिशा में कुशल मार्गदर्शन से सुश्री उमा की अखिल भारतीय स्तर पर सफलता साबित करती है कि बेहतर मागदर्शन का परिणाम मिलना प्रारंभ हो चुके हैं। दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक श्री आर.बी. तिवारी और संस्था के प्राचार्य श्री टी.के. सातपुते ने सुश्री उमा को बधाई देते हुये इस उपलब्धि का श्रेय विभाग के संचालक श्री विजय दयाराम से प्राप्त मार्गदर्शन को दिया है।

“आखिर क्या है आई लव मोहम्मद, देश के कई शहरों में इसके बैनर्स पर क्यों रहे प्रदर्शन?”

0

उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुए हुआ एक मामला देश के कई राज्यों तक फैल चुका है. दरअसल, बारावफात के मौके पर मुस्लिम समुदाय की ओर से लगाए गए आई लव मोहम्मद बैनर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया.

कानपुर में इसे लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली, इसके बाद मुस्लिम संगठनों और लोगों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बता दिया. देखते ही देखते यह विवाद लखनऊ, बरेली, नागपुर, काशीपुर और हैदराबाद समेत देश के कई शहरों तक पहुंच गया. इस विवाद को लेकर कई जगह जुलूस निकाले गए. वहीं कई जगह तो इस विवाद को लेकर मुस्लिम महिलाएं सड़कों पर उतरी गई और पुलिस से झड़प की नौबत तक आ गई.

कानपुर से शुरू हुआ था आई लव मोहम्मद विवाद आई लव मोहम्मद का यह पूरा मामला कानपुर के रावतपुर इलाके से शुरू हुआ था.

सितंबर की शुरुआत में बारावफात के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवाओं ने आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर और बैनर लगाए, इसके बाद स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसे नई परंपरा बताते हुए आपत्ति जताई और माहौल गरमा गया. इसके बाद मामले में पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए बैनर हटवा दिए और 9 लोगों को नामजद तथा 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इसमें सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसी धाराएं लगाई गई.

पुलिस और मुस्लिम पक्ष के अलग-अलग दावे

इसको लेकर पुलिस का कहना है कि मामला सिर्फ बैनर का नहीं बल्कि तय जगह से अलग टेंट लगाने और जुलूस के दौरान दूसरे समुदाय के धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने को लेकर एफआईआर हुई है. जबकि मुस्लिम समुदाय का आरोप है कि आई लव मोहम्मद नारे को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है, उनका कहना है कि यह तो सिर्फ मोहम्मद पैगंबर के प्रति प्यार और सम्मान जताने का तरीका है. इसमें सांप्रदायिक तनाव भड़काने जैसी कोई बात नहीं है.

देशभर में फैला आंदोलन

कानपुर से शुरू हुआ यह विरोध धीरे-धीरे पूरे यूपी और फिर देश के अन्य राज्यों तक फैल गया. आई लव मोहम्मद को लेकर हुए विरोध में उन्नाव में जुलूस के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं महाराजगंज और कौशांबी में भी कई मुकदमे दर्ज किए गए. इसके अलावा लखनऊ में इस विरोध को लेकर मुस्लिम महिलाएं विधानसभा के गेट नंबर 4 के सामने हाथों में बैनर लेकर बैठ गई और विरोध जताने लगीं. हालांकि पुलिस में विधानसभा के सामने से महिलाओं को हटाया, लेकिन पुलिस पर कई युवाओं को हिरासत में लेने का आरोप भी लगा. इसके अलावा महाराष्ट्र के नागपुर और बरेली में भी विरोध प्रदर्शन हुए, नागपुर में मस्जिदों पर आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाए गए और जुलूस निकाला गया. बरेली में तो एक मुस्लिम नेता का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने पुलिस अधिकारी को धमकी दे डाली. इसके अलावा उत्तराखंड के काशीपुर में भी बिना अनुमति निकाले गए जुलूस में स्थिति बिगड़ गई, जुलूस के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और पथराव की घटनाएं सामने आई. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की.

असदुद्दीन ओवैसी ने किया मुस्लिम संगठनों का समर्थन

देशभर में फैल चुका यह विवाद अब सियासी गलियारों में भी पहुंच चुका है. AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विवाद को लेकर कहा कि आई लव मोहम्मद कहना कोई अपराध नहीं है, अगर है तो वह सजा भुगतने को तैयार हैं. इसके अलावा बरेली संगठन के मौलाना तकीर रजा और वर्ल्ड सूफी फोरम के अध्यक्ष हजरत सैयद मोहम्मद अशरफ ने भी पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया. वि‍वाद के बाद सोशल मीडिया पर भी आई लव मोहम्मद ट्रेंड करने लगा और हजारों लोग इसे अपनी प्रोफाइल तस्वीर बना रहे हैं. वहीं इस विरोध के बाद भाजपा सरकार पर भेदभाव के आप भी लगाए गए हैं. हालांकि भाजपा ने सरकार पर लगाए गए भेदभाव के आरोपी को खारिज किया है. इस विरोध को लेकर बीजेपी के प्रवक्ताओं का कहना है की कार्रवाई धर्म देखकर नहीं बल्कि कानून तोड़ने वालों पर की जा रही है, उनका कहना है की पोस्टर और बैनर लगाने के लिए जगह तय है. अगर बिना अनुमति ऐसा किया जाता है तो कार्रवाई होगी.

“‘चुनाव के समय आपको शाहरुख खान दिखाई देता है’, कांग्रेस MLC ने नेशनल अवार्ड पर सरकार को घेरा”

0

दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को मंगलवार (23 सितंबर) को नेशनल अवार्ड दिया गया. ये उनके फिल्म करियर का पहला नेशनल अवार्ड था. इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के MLC भाई जगताप की प्रतिक्रिया सामने आई है.

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बचे हुए हथकंडे इस्तेमाल किया जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सरकार को शाहरुख खान की याद आ रही है.

कांग्रेस नेता ने कहा, “एक तरफ मुसलमानों को लेकर बयानबाजी हो रही है, जातीय दंगों को सपोर्ट किया जा रहा है, जिस ढंग की स्थिति हमारे देश में है चाहे उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो या चाहे जहां भी हो, जब चुनाव आता है तो आपको शाहरुख खान दिखाई दे देता है.”

मुस्लिम हैं इसलिए सम्मानित कर रहे हैं क्या- भाई जगताप भाई जगताप ने आगे कहा, “एक बात तो है, नेशनल अवार्ड बहुत बड़ा सम्मान होता है. लेकिन शाहरुख खान उस ऊंचाई को बहुत पहले छू चुके हैं. विश्व में शाहरुख खान को माना जाता है. आपके मानने, न मानने से कुछ नहीं होता. कांग्रेस के समय इस तरह से बहुत सारे कलाकारों को सम्मानित किया गया है. आप शाहरुख खान को कलाकार के तौर पर सम्मानित कर रहे हैं या मुस्लिम हैं इसलिए सम्मानित कर रहे हैं, ये बड़ा सवाल मेरे दिमाग में आता है.” बता दें कि 2023 में आई फिल्म जवान के लिए शाहरुख को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया.

कांग्रेस ने शाहरुख खान को नजरअंदाज किया- पूर्व बीजेपी विधायक वहीं पूर्व बीजेपी विधायक राज पुरोहित ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने शाहरुख खान को कोई पुरस्कार नहीं दिया लेकिन उनकी पार्टी अभिनेता का मूल्यांकन पूरी तरह से योग्यता के आधार पर करती है. उन्होंने कहा कि कई लोगों को लगता है कि कांग्रेस ने शाहरुख खान को नजरअंदाज किया.

राज पुरोहित ने कहा कि बीजेपी ने कभी भी अभिनेता को धर्म के आधार पर नहीं आंका बल्कि उनकी प्रतिभा और अभिनय क्षमता को मान्यता दी.उन्होंने कहा कि शाहरुख का पुरस्कार जीतना इस आरोप को खारिज करता है कि बीजेपी जाति या धार्मिक आधार पर भेदभाव करती है.राज पुरोहित ने कहा कि बीजेपी हमेशा एकता, योग्यता और क्षमता में विश्वास रखती है.

‘’अब किसी का इंतजार नहीं’, शिवपाल यादव के जेल में न मिलने जाने पर आजम खान का बयान”

0

समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य आजम खान 23 महीने की कैद के बाद आखिरकार सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं. जेल से बाहर आने के बाद आजम अपने घर रामपुर पहुंचे जहां उनके समर्थकों और चाहने वालों ने जोरदार स्वागत किया है.

इस बीच रिहा होने के बाद आजम खान मीडिया से भी मुखातिब होते हुए नजर आए हैं वहीं उन्होंने एबीपी लाइव से बात करते हुए सपा के महासचिव शिवपाल यादव के उनसे जेल में मिलने के लिए न पहुंचने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

शिवपाल यादव के जेल में मिलने न जाने पर बोले सपा नेता सपा नेता शिवपाल यादव के सीतापुर जेल न पहुंचने पर आजम खान ने कहा ‘न कहे कि सजा जमाना पा रहा है, अगर कहेंगे तो न जाने कितनी सजा जमाना पायेगा.’ पार्टी के नेताओ के न आने पर कहा ‘अब किसी का इंतेजार ही नहीं, 5 साल छोटी सी कोठरी में रहा तो अहसास ही मर गया है.’

वहीं उन्होंने आगे बताया कि मुकदमों में दम होता तो मैं आपको बाहर नहीं मिलता छोटी अदलत से सुप्रीम कोर्ट तक मुझे इंसाफ मिलने की उम्मीद है. आप देखेंगे एक दिन मैं बिल्कुल बेदाग निकलूंगा, अखिलेश यादव के मुकदमे वापस लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.’

सपा की सरकार बनने को लेकर क्या बोले सपा नेता?

2027 में सपा की सरकार बनेगी इस सवाल पर कहा मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता. वहीं एसटी हसन का टिकिट आपने कटवाया वो नाराज है इस सवाल पर बोले ‘मैं अपने ही टिकट नहीं दिला पाया’. वहीं उनसे मिलने के सवाल पर कहा कि वो हमारे बड़े हैं, हमारे लीडर हैं.

आजम खान ने पार्टी छोड़ने के सवाल पर क्या कहा?

समाजवादी पार्टी छोड़ने के सवाल पर कहा हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है और उसका यह मतलब नही की हमारे पास पद हो ओहदा हो, लोग प्यार करें हमें इज्जत करे और हम बिकाऊ माल न हो ये हमने साबित कर दिया है.

समाजवादी पार्टी को नेताओं को लेकर बोले आजम खान इस बातचीत में पार्टी के बड़े नेताओं को लेकर कहा खुश रहें आबाद रहें. सैफई और आजम परिवार के अंदर क्या कुछ दूरियां है जो कोई शीर्ष नेता मिलने नहीं पहुंचा तो इस सवाल पर आजम खान बोले आग ना लगाओ. अखिलेश यादव का फोन आया या नही इस पर बोले मुझे सिर्फ अपनी बीबी का मोबाईल नंबर याद था वो भी भूल गया, मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया. इस दौरान आजम खान ने कहा मैं बड़ा आदमी नहीं बड़ा खादिम (सेवक) हूं.

“जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव: रेस में फारूक अब्दुल्ला, एक पर BJP की जीत तय, जानें अन्य सीटों का समीकरण”

0

चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार (24 सितंबर) को जम्मू-कश्मीर में चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में संख्याबल के मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC)-कांग्रेस गठबंधन को 3 सीटों पर जीत मिल सकती है.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से दो बडगाम और नगरोटा इस समय खाली है. ऐसे में सदन की वास्तविक संख्या 88 हो जाती है. इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक मेहराज मलिक भी शामिल हैं, जो इस समय पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में हैं.

क्या है सीटों का गणित?

एनसी, कांग्रेस, सीपीआई(एम) और गठबंधन को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायकों की संयुक्त संख्या 53 है. गठबंधन में 41 एनसी, 6 कांग्रेस, 5 निर्दलीय और 1 सीपीआई(एम) के विधायक शामिल हैं.

बीजेपी के पास 28 सीटें हैं. इसके अलावा 6 विधायक (कश्मीर की छोटी पार्टियों और निर्दलीयों से) न तो बीजेपी के साथ हैं और न ही गठबंधन के साथ. इस समूह में 3 पीडीपी, 1 पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और 2 निर्दलीय (शबीर कुले और शेख खुर्शीद) शामिल हैं. मेहराज मलिक को जोड़ने पर यह संख्या 7 हो जाती है.

वर्तमान संख्याबल के आधार पर, एनसी गठबंधन पहले दो सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करेगा, क्योंकि उसके पास 53 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के पास 28 हैं. यदि बीजेपी उम्मीदवार नहीं उतारती, तो ये दोनों सीटें नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन निर्विरोध जीतेगी.

तीसरी और चौथी सीट का फैसला संयुक्त चुनाव से होगा. एनसी गठबंधन तीसरी सीट के लिए 29 प्रथम वरीयता वोट हासिल करेगा, जिससे उसके पास चौथी सीट के लिए 24 द्वितीय वरीयता वोट बचेंगे. बीजेपी के पास 28 वोट होंगे, इसलिए वह चौथी सीट जीतने की स्थिति में है.

पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और निर्दलीय विधायकों का चुनावों में खास असर नहीं दिखेगा क्योंकि वे एनसी और बीजेपी दोनों के विरोध में रहते हैं. क्रॉस-वोटिंग की संभावना भी बनी हुई है.

कौन-कौन टिकट के दावेदार?

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सूत्रों ने बताया कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला और सज्जाद किचलू पार्टी टिकट की दौड़ में सबसे आगे हैं. कांग्रेस भी गठबंधन के हिस्से के तौर पर एक सीट चाहती है. पार्टी जम्मू क्षेत्र से किसी उम्मीदवार को उतार सकती है या फिर दक्षिण कश्मीर से किसी मौजूदा विधायक को राज्यसभा भेज सकती है.

अगर एनसी चौथी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने का फैसला करती है, तो वह दक्षिण कश्मीर से किसी युवा चेहरे को उतार सकती है, ताकि वहां अपनी पकड़ बनाए रखे, जहां उसने पिछले चुनाव में 16 में से 10 सीटें जीती थीं.

बीजेपी अपनी रणनीति आखिरी समय तक गुप्त रख सकती है. पार्टी किसी पूर्व विधायक या नए चेहरे को उतार सकती है. चेनाब घाटी में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील कुमार शर्मा पार्टी की चुनावी रणनीति बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे.

2021 से खाली है सीटें जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा की चार सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे. ये सीट 2021 से खाली हैं. जम्मू-कश्मीर की चार सीट के लिए राज्यसभा चुनाव केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के लगभग एक साल बाद हो रहे हैं. विधायक अपने-अपने राज्यों के राज्यसभा सदस्यों का चुनाव करते हैं.

पंद्रह फरवरी, 2021 से केंद्र शासित प्रदेश का संसद के ऊपरी सदन में प्रतिनिधित्व नहीं है, जिस दिन गुलाम नबी आजाद और नजीर अहमद लावे ने अपना कार्यकाल पूरा किया था. दो अन्य सदस्यों, फैयाज अहमद मीर और शमशेर सिंह मन्हास ने उसी साल 10 फरवरी को अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था.

कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, निर्वाचन आयोग ने कहा कि पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (विधानसभा रहित) केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, मौजूदा जम्मू और कश्मीर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा के चार वर्तमान सदस्यों को जम्मू और कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र को आवंटित सीटों को भरने के लिए निर्वाचित माना जाएगा.

सभी चार सीट मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल की समाप्ति के बाद से रिक्त पड़ी थीं, क्योंकि रिक्तियों के समय चुनाव कराने के लिए आवश्यक निर्वाचक मंडल उपलब्ध नहीं था. आयोग ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की राज्य विधानसभा के गठन के बाद, द्विवार्षिक चुनाव कराने के लिए एक निर्वाचक मंडल की आवश्यकता है. मतगणना 24 अक्टूबर की शाम को मतदान समाप्त होने के एक घंटे बाद होगी.