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खाड़ी देशों से गहरे संबंधों के बीच क्यों हो रहा पीएम मोदी का इजरायल दौरा, जानिए इसके मायने…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में इजरायल पहुंचने वाले हैं, जहां वे भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे और शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. साल 2017 के बाद यह उनका पहला इजरायल दौरा है और कुल मिलाकर दूसरा दौरा.

इस यात्रा को पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती भूमिका और मजबूत होती कूटनीतिक पकड़ के रूप में देखा जा रहा है.

पश्चिम एशिया में बढ़ती भारत की साख

पिछले कुछ वर्षों में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में भारत को एक भरोसेमंद और मजबूत देश के रूप में पेश किया है. भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के देशों के साथ रिश्तों को नई दिशा दी है.

इजरायल के साथ नई ऊंचाई पर साझेदारी

साल 2017 में पीएम मोदी इजरायल का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे. उसी दौरे से दोनों देशों के रिश्तों की नई शुरुआत हुई थी. अब भारत-इजरायल साझेदारी अपने अब तक के सबसे बेहतर स्तर पर पहुंच चुकी है.

खाड़ी और अरब देशों से मजबूत संबंध

पीएम मोदी हाल ही में जॉर्डन और ओमान की यात्रा कर चुके हैं. पिछले साल उन्होंने सऊदी अरब का दौरा किया था. जनवरी में अरब देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक दिल्ली में आयोजित हुई थी. हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति भी भारत दौरे पर आए, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना गया.

निष्पक्ष नीति और दो-राष्ट्र समाधान पर कायम रुख

भारत पश्चिम एशिया में संतुलित और निष्पक्ष भूमिका निभाता है. 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए आतंकी हमले की प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत निंदा की थी. वहीं, भारत इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान के अपने रुख पर कायम है और गाज़ा में मानवीय सहायता भी भेज चुका है.

‘देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे राहुल, चीन-पाकिस्तान…’, कांग्रेस पर बरसे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल…

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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की ‘कॉम्प्रोमाइज’ राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी एक कॉम्प्रोमाइज परिवार, एक कॉम्प्रोमाइज राजनीतिक दल हैं. राहुल गांधी नकारात्मक राजनीति के प्रतीक बन गए हैं.’

भारत के हितों को भी खतरे में डालते हैं राहुल गांधी: गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘कॉम्प्रोमाइज राहुल गांधी येलो बुक प्रोटोकॉल की अनदेखी और उल्लंघन करते हुए 247 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं. वे सरकार की सुरक्षा व्यवस्था से समझौता करते हैं और जब वे विदेश जाते हैं तो भारत और भारतीयों के हितों को भी खतरे में डालते हैं. उनके राष्ट्रविरोधी ताकतों से संबंध हैं. वे सोरोस की सहयोगी इल्हान उमर से कैसे मुलाकातें करवाते हैं, जिनके जॉर्ज सोरोस के साथ अवैध संबंध लगातार सामने आ रहे हैं. वे सीमा-संवेदनशील लद्दाख क्षेत्र की यात्रा करते हैं और भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाले विदेशी व्यक्तियों, जैसे शाकिर मीर अली से संबंध स्थापित करते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम सभी बार-बार देखते हैं कि राहुल गांधी सोरोस, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से जुड़े लोगों के साथ मिलकर अपने देश के हितों को कैसे खतरे में डालते हैं. वे भारत को आर्थिक रूप से कमजोर करने और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए ओसीसीआरपी जैसे संगठनों के टूलकिट का बार-बार इस्तेमाल कैसे करते हैं. उन्होंने एक तरह से देश और दुनिया के सामने मनमानी राजनीति का रवैया दिखाया है.’

भारत विरोधी सरकारों की कठपुतली हैं राहुल गांधी: गोयल

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘राहुल गांधी भारत विरोधी ताकतों, भारत विरोधी संगठनों और भारत विरोधी सरकारों की कठपुतली मात्र हैं. हमने प्रेस के साथ उनका व्यवहार देखा है. आप राहुल गांधी से कोई असहज सवाल भी नहीं पूछ सकते, वरना आपको बीजेपी से जुड़ा पत्रकार करार दिया जाएगा. वे सिर्फ सुनियोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस चाहते हैं. वे लिखित में दिए गए सवालों के अलावा कोई और सवाल का जवाब नहीं देता. ऐसा शख्स कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व कर रहा है और देश के साथ खिलवाड़ कर रहा है.’

पीयूष गोयल ने कहा, ‘वे देशवासियों के हितों को पूरी तरह से दांव पर लगा रहे हैं. शायद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, नए भारत, उभरती अर्थव्यवस्था और उभरते विश्व में भारत के प्रभुत्व को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. यही कारण है कि वे बार-बार झूठ बोलकर देश के हितों से समझौता कर रहे हैं. सिर्फ सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही देश से समझौता करने वाले नहीं हैं. राजीव गांधी भी देश से समझौता करने से कभी पीछे नहीं हटे.’

PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी के पहुंचने से पहले अमेरिका ने इजरायल में तैनात किए 11 F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान, जानें क्यों किया ऐसा…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2 दिवासीय इजरायल दौरे के दौरान अमेरिका ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाते हुए पहली बार अपने अत्याधुनिक F-22 रैप्टर लड़ाकू विमानों को इजरायल में तैनात किया है.

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब क्षेत्र में ईरान को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल के नेगेव रेगिस्तान स्थित ओवदा एयरबेस पर अमेरिका के 11 F-22 रैप्टर जेट उतारे गए हैं. इसे ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी का संकेत भी हो सकती है.

F-22 रैप्टर की खासियत

बताया जा रहा है कि इतिहास में पहली बार अमेरिका ने बिना किसी संयुक्त अभ्यास या प्रशिक्षण कार्यक्रम के सीधे परिचालन या संभावित war-oriented missions के मकसद से इजरायली धरती पर अपने लड़ाकू विमान तैनात किए हैं. यह कदम अमेरिका और इज़रायल के बीच गहरे होते सामरिक सहयोग को भी दर्शाता है. F-22 रैप्टर पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे दुनिया के सबसे घातक और एडवांस फाइटर जेट में गिना जाता है. इसकी खासियत इसकी अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक, सुपरक्रूज़ क्षमता और एडवांस वेपन सिस्टम है, जो इसे दुश्मन के रडार से बचते हुए सटीक हमले करने में सक्षम बनाती है.

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने इस विमान को न तो इजरायल और न ही किसी अन्य नाटो देश को निर्यात किया है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है. इस घटनाक्रम को पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है.

पीएम मोदी इजरायल की संसद को करेंगे संबोधित

अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत करेंगे. इजरायल की संसद (नेसेट) को संबोधित करेंगे और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ बातचीत करेंगे. इजरायल यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत और इजरायल एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं, जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि और प्रगति देखी गई है.

CG: सामुदायिक वनाधिकार एवं वन संसाधन प्रबंधन पर कार्य करने वाली संस्थाओं की राज्य स्तरीय बैठक सम्पन्न…

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सामुदायिक वनाधिकार एवं वन संसाधन प्रबंधन पर कार्य करने वाली संस्थाओं की राज्य स्तरीय बैठक शबरी कन्या आश्रम, दीनदयाल उपाध्याय नगर, रोहिणीपुरम रायपुर में  सम्पन्न हुई ।

जिसमें श्री कृष्ण कुमार वैष्णव सदस्य, जनजाति सलाहकार परिषद, छत्तीसगढ़ शासन एवं विभिन्न संस्थाओं के लगभग 30 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मोहला-मानपुर-अं. चौकी जिले से जन कल्याण सामाजिक संस्थान के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।

बैठक की शुरुआत में श्री आनंद शुक्ल ने कार्यशाला की आवश्यकता व विषय वस्तु पर प्रकाश डाला. छत्तीसगढ़ भर से आये विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन के कार्य और उसमे आ रहे अवरोधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।

इस कार्यशाला में चर्चा से यह निकल कर आया कि पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन के अंतर्गत गांवों को जो वनाधिकार मिले हैं, उनमें गांवों की पारंपरिक सीमाओं का ध्यान नहीं रखा गया है और वन विभाग के कम्पार्टमेंट के आधार पर वनाधिकार दिया गया है, जिससे गाँव के बीच में सीमा विवाद की स्थिति बन रही है। मैदानी अमले में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि की आवश्यकता है।

ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों का सम्मान करना तथा गाँव स्तर पर कार्य करने वाली संस्थाओं की आवश्यकता भी प्रमुख रूप से उभर कर सामने आई। जिला एवं उप-जिला स्तर की समितियों की नियमित बैठक अधिकांश जिलों में समयबद्ध तरीकों से नही हो रही है, जिससे सामुदायिक वन प्रबंधन से सम्बंधित दावा प्रकरणों के निपटन में अत्यधिक देरी हो रही है।

भारत सरकार के जनजाति विकास मंत्रालय के आदेश के बावजूद वन विकास निगम के लीज में मिले वन क्षेत्रों में सामुदायिक वनाधिकार के दावों को खारिज कर दिया गया है। इस कानून के तहत वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलाव करना था, पर यह कार्य भी आंशिक रूप से ही हुआ है। पेसा कानून के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी संस्थाओं ने एक स्वर में गांवों में कार्य करने के लिए प्रत्येक ग्राम सभा से आमंत्रण एवं संस्थाओं द्वारा ग्राम सभा से प्रस्ताव प्राप्त करने पर जोर दिया।

भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा जनजातियों के उत्थान तथा वन संरक्षण एवं संवर्धन पर बनाई जा रही नीतियों एवं कार्यक्रमों के बेहतर अमलीकरण, आपस में सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा आदिवासी समुदायों को केंद्र में रखकर कार्य करने पर बल दिया गया।

जन कल्याण के योगेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में कार्यरत वनाधिकार पर कार्य करने वाली संस्थाओं को आपसी सामंजस्य से फील्ड में आ रही परेशानियों को शासन स्तर पर बात कर चर्चा कर समाधान किया जा सकता है।  प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए श्री कृष्ण कुमार वैष्णव ने अगली बैठक वनवासी विकास समिति, रायपुर में अप्रैल माह में आयोजित होने की जानकारी दी।

CG: महिलाओं, युवाओं और किसानों को बड़ी सौगात – विकास का मजबूत रोडमैप : आभा तिवारी…

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छत्तीसगढ़ सरकार का यह तीसरा बजट, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास और आत्मनिर्भरता का स्पष्ट संकल्प प्रस्तुत करता है। आज विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹1.72 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया।

भाजपा म मो  प्रदेश प्रवक्ता आभा तिवारी ने बजट के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त करने वाला है।

महिला सशक्तिकरण राज्य की माताओं, बहनों और बेटियों के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रावधान किए हैं।

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख महिलाओं को ₹14,000 करोड़ की राशि प्रदान की जा चुकी है तथा नए बजट में ₹8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य हेतु ‘दुर्गावती योजना’ प्रारंभ की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष पूर्ण करने पर ₹1.50 लाख की सहायता दी जाएगी।

आयुष्मान योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा नए आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नए पुलिस थानों की स्थापना की जाएगी।

यह निर्णय महिलाओं की आर्थिक मजबूती, बेटियों के सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में सशक्त कदम है।

कृषि एवं किसान कल्याण कृषक उन्नति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान।

दुर्घटना बीमा और सिंचाई विस्तार पर विशेष जोर।

शिक्षा सुधार स्कूल शिक्षा के लिए ₹18,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान।

उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार।स्वास्थ्य सेवाएँ स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹15,000 करोड़ से अधिक की राशि।

नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का उन्नयन।

क्षेत्रीय संतुलित विकास बस्तर क्षेत्र के लिए ₹100 करोड़ से अधिक का विशेष प्रावधान।

ग्रामीण सड़कों एवं संपर्क मार्गों का विस्तार।

युवा एवं रोजगार कौशल विकास और स्टार्टअप योजनाओं को प्रोत्साहन।

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा। राजनांदगांव को औद्योगिक पहचान की ओर बड़ा कदम

नवा रायपुर से राजनांदगांव को जोड़ते हुए इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

यह पहल क्षेत्र में उद्योग विस्तार, निवेश आकर्षण और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। आने वाले समय में राजनांदगांव लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

आभा तिवारी ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसका लाभ सीधे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को मिलेगा।यह बजट सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक प्रगति का संतुलित खाका प्रस्तुत करता है, जो प्रदेश को आत्मनिर्भरता और विकास की नई दिशा देगा।

CG: विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला बजट- प्रखर…

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राजनांदगांव। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में राज्य सरकार के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने इस कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। बजट को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा दक्षिण मंडल अध्यक्ष प्रखर श्रीवास्तव ने कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस बजट में सभी वर्ग का ख्याल रखा गया है। प्रखर ने इस बजट को ‘ज्ञान और समावेशी’ विकास पर केंद्रित बताया है, जो अंत्योदय के कल्याण को समर्पित है। यह बजट “गुड गवर्नेंस, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ” पर जोर देता है।

प्रखर ने बताया कि इस बजट में युवाओं एवं छात्रों पर फोकस करते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। रानी दुर्गावती योजनांतर्गत 18 वर्ष पूर्ण करने वाली बेटियों को डेढ़ लाख रुपए की सहायता सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसी तरह युवा उद्यमी तैयार करने के उद्देश्य के तहत जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने के लिए तकनीकी वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाएगा। अगले 5 वर्षों तक प्रत्येक वर्ष इस तरह के मिशन के लिए सौ करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यह बजट गांव गरीब किसान के नारी शक्ति एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का रोड मैप साबित होगा।

CG: “विकास और विश्वास का बजट: साय सरकार ने खोला किसानों के लिए खुशहाली का द्वार” – दादूराम सोनकर…

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राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भाजपा किसान मोर्चा ने ऐतिहासिक बताया है। भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला अध्यक्ष श्री दादूराम सोनकर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट “मोदी की गारंटी” को पूरा करने और राज्य के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जिला अध्यक्ष श्री सोनकर ने कहा कि, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। बजट में ‘कृषक उन्नति योजना’ हेतु 10,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन और कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में सदैव किसान ही सर्वोपरि है।”

उन्होंने आगे कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। 5HP तक के कृषि पंपों के लिए 3,500 करोड़ रुपये की निःशुल्क बिजली सुविधा और शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण जारी रखना, प्रदेश के लाखों किसानों के लिए वरदान साबित होगा।

यह जानकारी भाजपा किसान मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी सतीश यादव द्वारा दी गई।

छत्तीसगढ़ बजट 2026: विकास, विश्वास और समृद्धि का सशक्त संकल्प – रवि सिन्हा…

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छत्तीसगढ़ की विधानसभा में आज प्रस्तुत बजट को ऐतिहासिक बताते हुए भाजपा पार्षद एवं अध्यक्ष जनभागीदारी समिति शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय रवि सिन्हा ने कहा कि यह बजट मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को “विकसित छत्तीसगढ़” बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी पहल है। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत यह बजट हर वर्ग के कल्याण और संतुलित विकास का प्रतीक है।

रवि सिन्हा ने कहा कि लगभग ₹1.80 लाख करोड़ से अधिक के इस बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों और गरीब वर्गों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

कृषि क्षेत्र में सिंचाई विस्तार, समर्थन मूल्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण अधोसंरचना के विकास हेतु पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता

महतारी वंदन योजना सहित महिला कल्याण योजनाओं के लिए बड़े बजट प्रावधान से स्पष्ट है कि सरकार मातृशक्ति के सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है।
शिक्षा एवं युवा विकास पर विशेष फोकस

विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के उन्नयन, छात्रावास सुविधाओं के विस्तार तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प इस बजट में दिखाई देता है।  स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास
जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, नई स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना तथा सड़क, पुल एवं नगरीय विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण राशि का प्रावधान प्रदेश के संतुलित विकास को सुनिश्चित करेगा।

रवि सिन्हा ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जन-जन की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

उन्होंने प्रदेश सरकार को जनहितैषी एवं दूरदर्शी बजट के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त राज्य के रूप में स्थापित होगा।

CG: सहकारिता एवं कृषक हितों को नई ऊर्जा देने वाला बजट – सचिन सिंह बघेल…

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जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव के अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल ने आज छत्तीसगढ़ का वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट सहकारिता क्षेत्र, कृषक सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला दूरदर्शी दस्तावेज है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत बजट किसानों एवं ग्रामीण अंचलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

सचिन सिंह बघेल ने कहा कि कृषि, सिंचाई, ग्रामीण अधोसंरचना और सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण हेतु किए गए प्रावधान से राज्य की प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) तथा जिला सहकारी बैंकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। इससे किसानों को समय पर फसल ऋण, अल्पकालीन एवं मध्यकालीन ऋण तथा कृषि निवेश के लिए वित्तीय सहायता सहजता से उपलब्ध हो सकेगी।

सहकारिता क्षेत्र को मजबूती

बजट में सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। इससे बैंकिंग सेवाएँ ग्रामीण स्तर तक सुलभ एवं प्रभावी बनेंगी।

किसानों को सुलभ ऋण एवं आर्थिक सुरक्षा

कृषि ऋण वितरण, ब्याज अनुदान योजना और समर्थन मूल्य व्यवस्था को मजबूत करने के प्रावधान से किसानों की आय में स्थिरता आएगी। सहकारी बैंक किसानों के लिए वित्तीय सेतु का कार्य करते रहेंगे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गति

सड़क, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादों के विपणन में सुविधा होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आत्मनिर्भर ग्रामीण व्यवस्था

सहकारी ढांचे को सुदृढ़ कर सरकार ने आत्मनिर्भर ग्राम अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे किसानों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलेगा।

सचिन सिंह बघेल ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि “सहकार से समृद्धि” की अवधारणा को साकार करने का संकल्प है। किला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रदेश सरकार की नीतियों के अनुरूप किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधा, पारदर्शी ऋण वितरण और वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को जनहितैषी बजट के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

CG: किसान हितों को सशक्त करने वाला बजट – मूलचंद लोधी…

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राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री मूलचंद लोधी ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को किसान, गरीब और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और गांवों के समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम है।
श्री लोधी ने कहा कि बजट में कृषि अधोसंरचना, सिंचाई विस्तार, समर्थन मूल्य पर खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था तथा कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधान स्वागतयोग्य हैं। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, उद्यानिकी, जैविक खेती और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देकर किसानों की अतिरिक्त आय के स्रोत भी विकसित किए जा रहे हैं। यह बजट “समृद्ध किसान – सशक्त छत्तीसगढ़” की संकल्पना को साकार करने वाला है।

प्रदेश मंत्री  लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। यह बजट किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अंत में  लोधी ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान मोर्चा गांव-गांव जाकर बजट की जानकारी किसानों तक पहुंचाएगा और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों को दिलाने के लिए कार्य करेगा।