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मॉनसून के असर से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, IMD का अलर्ट…

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मॉनसून के असर से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून अपनी सामान्य स्थिति के करीब है। अरब सागर के पूर्वी हिस्से में गहरा निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिसके अगले 12 घंटों में कमजोर होने की संभावना है।

इसके प्रभाव से 12 से 17 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 12 सितंबर को और छत्तीसगढ़ में 12-13 सितंबर को बदरा बरसने वाले हैं। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग तारीखों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

12-17 सितंबर तक महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तूफान और अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। मराठवाड़ा में 14 सितंबर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 13-14 सितंबर को बहुत भारी बारिश संभावित है। गुजरात क्षेत्र में 14 से 16 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 सितंबर को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 सितंबर को बदरा बरसने वाले हैं। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को बारिश होगी। उत्तराखंड में 12 से 16 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तूफान और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु में 12 सितंबर को, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 13 सितंबर तक बरसात होने वाली है।

बेंगलुरु में बारिश से राहत नहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में अगले 48 घंटों तक आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने अपने बयान में कहा कि अगले तीन दिनों तक कलबुर्गी, विजयपुरा, बागलकोट, कोप्पल, बल्लारी और विजयनगर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। राजधानी बेंगलुरु में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। शहर में 52.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पड़ोसी कोलार जिले के तमका में 102 मिमी बारिश हुई।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में 15 सितंबर तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही, संवेदनशील जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने दिन के समय कई जिलों में मूसलधार बारिश की संभावना जताई है। तवांग, पश्चिम कामेंग, पापुम पारे, पूर्वी कामेंग, लोअर सुबनसिरी, पूर्वी सियांग, पश्चिमी सियांग, दिबांग घाटी और अंजॉ में भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताते हुए कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी कामेंग, पापुम पारे, पक्के-केसांग, पश्चिमी कामेंग, पूर्वी सियांग और दिबांग घाटी जिलों में शुक्रवार को गरज-चमक के साथ हल्की या भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को बारिश की तीव्रता और बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने नामसाई, चांगलांग, तिरप, लोहित और लोअर दिबांग घाटी के कुछ हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है।

“कोई फिलिस्तीन नहीं रहेगा, पूरी जमीन हमारी; बेंजामिन नेतन्याहू एक इंच हटने को तैयार नहीं”

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह जगह इजरायल की है और आगे कोई फिलिस्तीन राज्य नहीं होगा। खास बात है कि फिलिस्तीनी समूह हमास और इजरायल के बीच अक्तूबर 2023 से ही संघर्ष जारी है। तब हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था और 200 से ज्यादा लोगों को बंदी बना लिया था।

वेस्ट बैंक में बसाहट को लेकर गुरुवार को एक प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किए गए। माले अदुमिम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेतन्याहू ने कहा, ‘हम वादा पूरा करने जा रहे हैं कि यहां कोई भी फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा। यह जगह हमारी है।’ उन्होंने कहा, ‘हम हमारी विरासत, हमारी धरती और हमारी सुरक्षा की हिफाजत करेंगे…। हम शहर की आबादी दोगुनी कर देंगे।

खास बात है कि इजरायल लंबे समय से ई1 नाम के जमीन पर बस्ती बसाना चाहता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होते विरोध के चलते ऐसा नहीं कर सका। यह जमीन यरुशलम और माले अदुमिम के बीच है, जिसके कुछ रास्ते फिलिस्तीनी क्षेत्र के उत्तरी और दक्षिण हिस्सों से मिलते हैं। बीते महीने इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोटरिच ने इस अति संवेदनशील भूमि पर करीब 3400 आवास बनाने की योजना का समर्थन किया था।

इजरायल का दोहा में हमला मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा के रिहायशी इलाके में हमला हुआ, जिसकी सुई इजरायल की तरफ घूमी। कहा जाने लगा कि हमास नेताओं को मारने के इरादे से इजरायल ने हमला किया है। यह हमला उस समय हुआ जब गाजा युद्ध को समाप्त करने और हमास की गिरफ्त में मौजूद 48 बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत जारी थी। माना जाता है कि इनमें से लगभग 20 बंधक जीवित हैं।

हमास ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उसके शीर्ष नेता हमले में बच गए, हालांकि संगठन ने अब तक कोई प्रमाण नहीं दिया है। हमले में मारे गए लोगों में हमास के वरिष्ठ नेता और प्रमुख वार्ताकार खलील अल-हैय्या के बेटे, तीन अंगरक्षक और उनके कार्यालय प्रमुख शामिल हैं।

भड़का कतर कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल सानी ने कहा है कि इजरायल द्वारा दोहा में हमास नेताओं को निशाना बनाकर किए गए हमले से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई की ‘हर उम्मीद खत्म कर दी है।

शेख मोहम्मद ने यह तीखा बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी उपस्थिति से पूर्व दिया। यह इजरायली हमले को लेकर खाड़ी देशों, विशेष रूप से अरब देशों के भीतर गहराते असंतोष को दर्शाता है। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी।

सीएनएन को बुधवार देर रात दिए गए एक साक्षात्कार में शेख मोहम्मद ने कहा,’हमले के दिन सुबह मैं एक बंधक के परिवार से मिला था। वे लोग संघर्षविराम और मध्यस्थता पर पूरी तरह निर्भर थे। उनके पास कोई और आशा नहीं थी। लेकिन मुझे लगता है कि नेतन्याहू ने जो किया, उससे उन बंधकों की रिहाई की हर उम्मीद समाप्त हो गई है।

कतर और मिस्र, गाज़ा में संघर्ष विराम की मध्यस्थता के प्रमुख प्रयासों में शामिल रहे हैं। अमेरिका के आग्रह पर कतर ने वर्षों से दोहा में हमास के राजनीतिक नेतृत्व को आश्रय दिया है, ताकि इजरायल और हमास के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी रहें।

पूरे G7 को भारत के पीछे लगाने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, बनाया बहुत बड़ी चोट देने का प्लान, मीटिंग आज…

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भारत के खिलाफ अमेरिका का टैरिफ वॉर फिलहाल खत्म होने के आसार नहीं हैं। खबर है कि अब राष्ट्रपति ट्रंप कई देशों को भारत के खिलाफ ज्यादा टैरिफ लगाने के लिए उकसा रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर अमेरिकी सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इस संबंध में G7 देशों के नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका G7 देशों से भारत और चीन पर ज्यादा टैरिफ लगाने की अपील करने की तैयारी कर रहा है। कहा जा रहा है कि ये टैरिफ दरें 50 और 100 प्रतिशत के बीच हो सकती हैं। शुक्रवार को कनाडा, फ्रांस, अमेरिका, जापान, इटली, ब्रिटेन और जर्मनी के वित्त मंत्री शुक्रवार को वीडियो कॉल के जरिए बैठक करने जा रहे हैं।

EU से बात कर चुके ट्रंप कुछ दिन पहले ही रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक अमेरिकी और एक ईयू अधिकारी के हवाले से बताया गया था कि ट्रंप ने ईयू अधिकारियों से चीन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अपील की है, ताकि इसके जरिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव डाला जा सके। एजेंसी को एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने ईयू से भारत पर भी ऐसे ही टैरिफ लगाने के लिए कहा है।

फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘चीन और भारत की तरफ से रूसी तेल की खरीदी पुतिन की वॉर मशीन की मदद कर रही है और बेकार की यूक्रेनी लोगों की हत्या को बढ़ा रही हैं। इस हफ्ते हमने हमारे ईयू सहयोगियों से कह दिया है कि अगर वह युद्ध खत्म करने के लिए गंभीर हैं, तो उन्हें हमारे साथ मिलकर टैरिफ लगाने होंगे, जिन्हें युद्ध खत्म होते ही वापस ले लिया जाएगा।

ट्रंप का भारत पर टैरिफ अटैक ट्रंप ने शुरुआत में भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क और रूसी तेल की खरीद के लिए जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा कर दी थी। जबकि, भारत की तरफ से साफ किया गया था कि अमेरिका और यूरोपीय संघ दोनों भी रूस के साथ व्यापार करते हैं।

खास बात है कि चीन भी रूसी तेल के सबसे बड़े खरीददारों में से एक है, लेकिन अमेरिका की तरफ से उसपर 30 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। जबकि, भारत पर जुर्माने के अलावा 50 फीसदी शुल्क लगाया है और प्रतिबंध की धमकियां दी जा रही हैं।

बिना खून बहाए, भ्रष्ट शासन का खात्मा नहीं नेपाल से सीखें बंगाल के युवा, BJP नेता की अपील पर विवाद…

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पश्चिम बंगाल में विपक्षी भाजपा के एक नेता ने राज्य भर के युवाओं से पड़ोसी देश नेपाल में हुए जेन जेड आंदोलन से सीख लेने की अपील की है। भाजपा नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने गुरुवार को कहा कि ‘बिना खून बहाए, भ्रष्ट शासन का खात्मा नहीं हो सकता’।

उनके इस बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा नेता पर राज्य में हिंसा भड़काने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। टीएमसी ने राज्य भर में भाजपा नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी है।

नेपाल में चल रहे उठापटक और संकट पर गुरुवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, भाजपा नेता ने कहा, “बंगाल के युवा राज्य की इस भ्रष्ट सरकार से कब निपटेंगे? हम इंतज़ार कर रहे हैं। बिना खून बहाए, भ्रष्ट शासन का खात्मा नहीं होता। कई लोगों ने कहा कि (महात्मा) गांधीजी ने गीत गाकर देश को आज़ाद कराया। मैं व्यक्तिगत रूप से इसमें विश्वास नहीं करता।

जाग जाएं बंगाल के युवा: भाजपा नेता इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेता आगे कहा, “बेरोजगार युवाओं को नेपाल से सीख लेनी चाहिए। वहाँ 18 से 30 साल के युवाओं ने अपनी ताकत दिखाई है। बंगाल में भी इसकी जरूरत है। जिस दिन बंगाल के युवा जागेंगे, हम जैसे लोग आगे बढ़कर नेतृत्व करने को तैयार हैं।

जब अनपढ़ बोलते हैं, तो ऐसे ही बोलते हैं: भौमिक भाजपा नेता की इस टिप्पणी पर बैरकपुर से टीएमसी के सांसद पार्थ भौमिक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वह और उनकी पार्टी के लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में राज्य भर पुलिस थानों में सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराएँगे। भौमिक ने कहा, “जब अनपढ़ बोलते हैं, तो ऐसे ही बोलते हैं। बांग्लादेश एक देश है। नेपाल भी एक देश है। और पश्चिम बंगाल एक राज्य है। वह (सिंह) भारत के युवाओं को भारत सरकार के खिलाफ ऐसा करने के लिए कह रहे हैं क्योंकि देश और भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार है। फिर भी, हम कभी नहीं कहेंगे कि भारत नेपाल जैसा देश है क्योंकि हम लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। उन्होंने मूल रूप से मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी है।

FIR से नहीं डरते, बोले भाजपा नेता भौमिक की टिप्पणी के बाद, भाजपा नेता ने कहा कि वह अपने खिलाफ पुलिस मामलों से नहीं डरते। सिंह ने कहा, “मैं उनकी धमकियों से नहीं डरता। वे मेरे खिलाफ जितनी चाहें उतनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। लेकिन, मैं अपना रुख नहीं बदलूँगा।”बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में, भौमिक ने बैरकपुर में सिंह को हराया था।

इस्तीफे के बाद पहली बार नजर आए जगदीप धनखड़, नए VP राधाकृष्णन की शपथ में पहुंचे…

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देश के नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का आज शपथ समारोह था। उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस मौके पर उनसे पहले उपराष्ट्रपति रहे जगदीप धनखड़ भी पहुंचे, जिनके 22 जुलाई को अचानक इस्तीफा देने के बाद पद खाली हुआ था और फिर 9 सितंबर को चुनाव हुआ।

यह पहला मौका था, जब इस्तीफे के बाद जगदीप धनखड़ सार्वजनिक तौर पर नजर आए। उनके अलावा पूर्व राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और हामिद अंसारी भी शपथ समारोह में पहुंचे। इस्तीफे के बाद से ही जगदीप धनखड़ देखे नहीं गए थे और विपक्ष की ओर से लगातार सवाल दागे जा रहे थे कि आखिर वह कहां हैं और कैसे हैं।

उनकी मौजूदगी ने ऐसे सभी कयासों का अंत किया है। शपथ समारोह में वह मेहमान की तरह पहुंचे और खुद से भी पहले राष्ट्रपति रहे वेंकैया नायडू एवं हामिद अंसारी के बगल में बैठे नजर आए। इस मौके पर एमपी से सीएम मोहन यादव, हरियाणा के नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी समेत कई सीनियर नेता पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अन्य केंद्रीय मंत्री भी इस समारोह का हिस्सा बने।

एनडीए सूत्रों का कहना है कि मुहूर्त देखकर राधाकृष्णन का शपथ समारोह आयोजित कराया गया है। ओडिशा के सीएम मोहन माझी, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, झारखंड के संतोष गंगवार, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी इस मौके पर नजर आए। राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति बने हैं। उन्हें 9 सितंबर को हुए चुनाव में कुल 452 वोट मिले थे, जबकि विपक्ष के कैंडिडेट बी. सुदर्शन रेड्डी के खाते में 300 वोट ही आ सके।

उपराष्ट्रपति बनने से पहले सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र में राज्यपाल के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत को दिया गया है। राधाकृष्णन की तमिलनाडु के मोदी के तौर पर ख्याति रही है। उन्होंने कोयंबटूर सीट से लोकसभा चुनाव में दो बार जीत हासिल की थी। इसके अलावा वह तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

सीपी राधाकृष्णन ने ली उपराष्ट्रपति पद की शपथ, PM मोदी समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद…

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भारतीय राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में एक भव्य समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राधाकृष्णन की जीत ने न सिर्फ एनडीए की ताकत को दिखाया है, बल्कि विपक्ष की एकजुटता पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं।

उपराष्ट्रपति चुनाव में मिली ‘ऐतिहासिक’ जीत सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को भारी मतों के अंतर से हराया। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद आयोजित किया गया था।

एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को 452 मत प्राप्त हुए, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 मत मिले। राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने परिणाम घोषित करते हुए बताया कि कुल 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया। इस चुनाव में 98.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जो एक रिकॉर्ड है। चुनाव के बाद यह भी साफ हो गया कि एनडीए के पास अपने सहयोगियों के अलावा भी अन्य दलों का समर्थन था, जिससे विपक्ष के भीतर क्रॉस-वोटिंग की बहस शुरू हो गई।

पीएम मोदी ने दी बधाई उपराष्ट्रपति चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि नए उपराष्ट्रपति भारत के संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करेंगे और संसदीय संवाद में एक सकारात्मक योगदान देंगे।

शपथ के बाद ‘पहली’ बड़ी बैठक शपथ ग्रहण के बाद, अब राधाकृष्णन अपने नए कार्यकाल की शुरुआत करने जा रहे हैं और इसका पहला कदम आज ही उठाया जाएगा। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने घोषणा की है कि शपथ ग्रहण के बाद, राधाकृष्णन राज्यसभा के सभी नेताओं के साथ दोपहर 12:30 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। यह बैठक उनके कार्यकाल की पहली बड़ी पहल होगी। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राज्यसभा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना और पक्ष-विपक्ष के बीच संवाद को बढ़ावा देना है।

महाराष्ट्र में खाली हुआ राज्यपाल का पद सीपी राधाकृष्णन इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद, महाराष्ट्र में राज्यपाल का पद खाली हो गया है। राष्ट्रपति ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। अब गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को नए राज्यपाल की नियुक्ति तक महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना न सिर्फ उनकी राजनीतिक यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एनडीए गठबंधन कितनी मजबूती से एक साथ खड़ा है। वहीं, यह विपक्ष के लिए एक बड़ा सबक है कि चुनावों में एकजुटता सिर्फ कहने भर से नहीं होती।

नक्सलियों के खिलाफ मिली बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ये सफलताएं नक्सलियों की झूठी विचारधारा के अंत का प्रमाण हैं। 

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गरियाबंद जिले में हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 10 नक्सलियों को ढेर कर दिया। मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय समिति सदस्य और 1 करोड़ रूपये के इनामी मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद और नारायणपुर जिलों में नक्सलियों के खिलाफ मिली बड़ी सफलता पर सीआरपीएफ की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी के जवानों को बधाई दी है।

इन अभियानों ने नक्सल उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्शाई है।

मुख्यमंत्री ने इसे शांति और विकास की दिशा में एक नई शुरुआत करार दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक ‘नक्सलमुक्त भारत’ का लक्ष्य हासिल हो जाएगा।

गरियाबंद जिले में हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 10 नक्सलियों को ढेर कर दिया। मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय समिति सदस्य और 1 करोड़ रूपये के इनामी मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज भी शामिल है।

यह मुठभेड़ नक्सल उन्मूलन अभियान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस कार्रवाई ने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता को और मजबूत किया है। नारायणपुर जिले में भी नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण का मार्ग चुना है। जनताना सरकार सदस्य, पंचायत मिलिशिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित कुल 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया। यह घटना नक्सलियों की कमजोर पड़ती विचारधारा का स्पष्ट संकेत है। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ में शांति और विश्वास की नई सुबह का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये सफलताएं नक्सलियों की झूठी विचारधारा के अंत का प्रमाण हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ में विश्वास, विकास और शांति की नई शुरुआत हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तेज हो रही है, और जल्द ही यह क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा।

प्रदेश में आने वाले तीन दिनों तक भारी बारिश हो सकती है, प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश होने की संभावना…

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छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में गुरूवार की रात जमकर बारिश हुई। इसके साथ ही मौसम में ठंडक भी आ गई है। गुरूवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरूवार को हुई बारिश के बाद मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे प्रदेश में आने वाले तीन दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। खासकर बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में तेज बारिश की संभावना है। वहीं रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, सूरजपुर, सरगुजा, कोरबा, बलरामपुर, रायगढ़, जशपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन 994 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है जो इस वर्ष के मानसून का लगभग 87 प्रतिशत है। बलरामपुर जिला सर्वाधिक वर्षा वाला जिला रहा है जहाँ अब तक 1344.5 मिमी बारिश हो चुकी है यह सामान्य से 54% अधिक है। वहीं बेमेतरा जिला सबसे कम वर्षा वाला क्षेत्र है, जहाँ मात्र 472 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो औसत से करीब 50% कम है।

इस दिन शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि, जानिए सभी 9 दिनों के शुभ रंग और उन रंगों की महिमा…

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नवरात्रि यानी दुर्गा पूजा हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहारों में से एक हैं। पंचांग के अनुसार, नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि का आरंभ इस साल 22 सितंबर से होने जा रही हैं।

देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में हर दिन का अपना एक विशेष रंग होता है, जो देवी के गुणों और आशीर्वाद को दर्शाता है। इन शुभ रंगों के अनुसार वस्त्र धारण करने से भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा और देवी की कृपा प्राप्त होती है।

ऐसे में आइए जानते हैं, नवरात्रि 2025 के हर दिन का रंग और उसका महत्व –

नवरात्रि के 9 शुभ रंग और उनका महत्व: नवरात्रि के पहले दिन- सफेद नवरात्रि के पहले दिन का रंग सफेद है, जो शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। यह रंग मन को शांत और निर्मल बनाए रखने का संदेश देता है।

नवरात्रि के दूसरे दिन- लाल नवरात्रि के दूसरे दिन लाल रंग का होता है, जो शक्ति, ऊर्जा और जोश को दर्शाता है। यह रंग देवी दुर्गा की शक्ति और उत्साह का प्रतीक है।

नवरात्रि के तीसरे दिन- रॉयल ब्लू नवरात्रि के तीसरे दिन का रंग रॉयल ब्लू है, जो शांति, गंभीरता और समृद्धि का प्रतीक है। यह रंग जीवन में स्थिरता और गहराई लाने का संकेत देता है।

नवरात्रि के चौथे दिन- पीला नवरात्रि के चौथे दिन पीला रंग पहना जाता है, जो खुशी, उमंग और आशा का प्रतीक है। यह रंग सकारात्मकता और जीवन में नई उम्मीदें जगाता है।

नवरात्रि के पांचवें दिन- हरा नवरात्रि के पांचवें दिन का रंग हरा है, जो प्रकृति, समृद्धि और संतुलन को दर्शाता है। यह जीवन में ताजगी और सकारात्मक बदलाव लाने का प्रतीक है।

नवरात्रि के छठे दिन- ग्रे यानी भूरा नवरात्रि के छठे दिन का रंग ग्रे यानी भूरा होता है, जो अक्सर सादगी और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। यह रंग दर्शाता है कि जीवन में हर परिस्थिति को स्वीकार करना चाहिए।

नवरात्रि के सातवां दिन- नारंगी नवरात्रि के सातवां दिन नारंगी रंग का होता है, जो उत्साह, जोश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह रंग जीवन में जोश और उमंग भरता है।

नवरात्रि के आठवें दिन- मोर-परी हरा आठवें दिन मोर-परी हरा रंग पहना जाता है। यह नीला और हरे रंग का एक सुंदर मिश्रण है, जो जीवन में ताजगी, खुशहाली और सकारात्मकता का प्रतीक है।

नवरात्रि के नौवें दिन- नवरात्रि के नौवें यानी आखिरी दिन का शुभ रंग गुलाबी है, जो प्रेम, दया और करुणा का प्रतीक है। यह रंग रिश्तों में प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संदेश देता है।

बड़े सार्वजनिक निवेशों के साथ-साथ लगभग ₹1,000 करोड़ का निजी निवेश भी सेवा क्षेत्र और एमएसएमई: लगभग ₹52,000 करोड़ की प्रतिबद्धताओं के साथ बस्तर औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का बन रहा नया केंद्र

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बस्तर के विकास को गति देने के लिए सरकार ने ₹5,200 करोड़ की रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन (₹3,513.11 करोड़) और केके रेल लाइन (कोत्तवलसा–किरंदुल) के दोहरीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। ये परियोजनाएँ न केवल बस्तर में यात्रा, पर्यटन और व्यापार को नई दिशा देंगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार और औद्योगिक अवसर भी सृजित करेंगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयास और मजबूत होंगे तथा बस्तर विश्वसनीय निवेश और समावेशी विकास का केंद्र बनकर उभरेगा।

इसके साथ ही, बस्तर में ₹2300 करोड़ की सड़क विकास परियोजनाएँ भी स्वीकृत की गई हैं। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाने वाला यह संभाग अब छत्तीसगढ़ के सबसे विकसित और समृद्ध क्षेत्रों में से एक बनने की राह पर है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर धमतरी–कांकेर–कोंडागांव–जगदलपुर मार्ग का एक वैकल्पिक रास्ता बना रही हैं, जो कांकेर, अंतागढ़, नारायणपुर के अबूझमाड़ होते हुए दंतेवाड़ा के बारसूर और आगे बीजापुर तक पहुँचेगा। इन परियोजनाओं से बस्तर के सभी जिलों तक पहुँचने के लिए कई रास्ते उपलब्ध होंगे, जिससे दूरियाँ कम होंगी और योजनाओं व विकास कार्यों की पहुँच और अधिक प्रभावी होगी। यह आधुनिक सड़क नेटवर्क न केवल आवागमन की सुविधा बढ़ा रहा है, बल्कि सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रगति के नए द्वार भी खोल रहा है। इस प्रकार, बस्तर अब संघर्ष की भूमि से आगे बढ़कर संपर्क, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक बन रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति: बस्तर को मिला पहला 350 बेड का निजी अस्पताल

जगदलपुर में पहली बार 350 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए रायपुर स्टोन क्लिनिक प्रा. लि. को “इनविटेशन टू इन्वेस्ट” पत्र जारी किया गया है। 550 करोड़ रुपये के निवेश और 200 रोजगार अवसरों के साथ यह परियोजना बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई देगी और इसे मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनाएगी।

इसके अतिरिक्त, जगदलपुर में 33 करोड़ रुपये के निवेश से एक और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल तथा नवभारत इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा 85 करोड़ रुपये के निवेश से 200 बेड का मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। ये पहल न केवल आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करेंगी, बल्कि सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेंगी।