Home Blog Page 468

 ‘गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं, जिन्हें 4300 करोड़ का चंदा मिला’, चुनाव आयोग पर फायर हुए राहुल गांधी”

0

 ‘गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं, जिन्हें 4300 करोड़ का चंदा मिला’, चुनाव आयोग पर फायर हुए राहुल गांधी”

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ मिलकर बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं. राहुल गांधी बिहार एसआईआर और वोटर लिस्ट को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर हैं.

उन्होंने बुधवार (27 अगस्त, 2025) को गुजरात की कुछ अनाम पार्टियों को मिले भारी-भरकम चंदे पर बड़ा सवाल उठाया है.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक न्यूज पेपर की कटिंग पोस्ट करते हुए लिखा, “गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं, जिनका नाम किसी ने नहीं सुना, लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला. इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उन पर खर्च किया है.”

चुनाव आयोग से पूछे कई सवाल =””राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां? क्या चुनाव आयोग जांच करेगा, या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके? उन्होंने आखिर में #VoteChori का इस्तेमाल किया.

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और राजद की ये यात्रा काफी अहम मानी जा रही है. बता दें कि राहुल गांधी की बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का आज 11वां दिन है. इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह यात्रा जनता को जागरूक करने के लिए है और इसमें सभी विपक्षी दल एकजुटता का संदेश दे रहे हैं.

”डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर क्या बोले राहुल गांधी?”

0

”डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर क्या बोले राहुल गांधी?”

बिहार के मुजफ्फरपुर में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मोदी ने पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों पर भारत की कार्रवाई तत्काल रोक दी थी और यह सब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर हुआ था.

राहुल गांधी ने ट्रंप के दावों पर क्या कहा? राहुल गांधी ने ट्रंप की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा, ‘ट्रंप ने जो कहा कि जब भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था तो मैंने नरेंद्र मोदी को फोन किया और कहा कि जो भी कर रहे हो, उसे 24 घंटे के भीतर बंद करो. नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे नहीं, बल्कि 5 घंटे में सब रोक दिया.’

ट्रंप ने फिर से किया सीजफायर कराने का दावा डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में फिर दोहराया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान हस्तक्षेप किया था और परमाणु युद्ध को रोकने में भूमिका निभाई. ट्रंप का कहना है कि उन्होंने व्यापार और टैरिफ की धमकी देकर मोदी को सीजफायर मानने के लिए मजबूर किया. उन्होंने व्हाइट हाउस की एक बैठक में दावा किया, ‘मैंने मोदी और पाकिस्तान से बात की और कहा कि अगर तुमने युद्ध नहीं रोका तो हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे और हाई टैरिफ लगा देंगे. पांच घंटे में सब रुक गया.’ ट्रंप ने यह दावा 40 से अधिक बार किया है.

मोदी और पाकिस्तान पर ट्रंप की टिप्पणी डोनाल्ड ट्रंप ने मोदी को ‘एक बेहतरीन इंसान’ बताते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह विवाद ‘सैकड़ों सालों से अलग-अलग नामों से चलता आ रहा है.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बाद इस्लामाबाद को पीछे हटना पड़ा. ट्रंप ने कहा, ‘मैंने पाकिस्तान से कहा कि हम कोई व्यापार सौदा नहीं करेंगे, तुम्हारे ऊपर इतने ऊंचे टैरिफ लगा देंगे कि तुम समझ भी नहीं पाओगे. तुम परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे हो और यह नहीं होने दिया जा सकता और नतीजा यह हुआ कि पांच घंटे के भीतर मामला थम गया.’

ट्रंप बोले- भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत पुराना विवाद ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान का विवाद बहुत पुराना है. हालांकि उन्होंने कहा कि यह विवाद ‘सैकड़ों सालों’ से चल रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि भारत और पाकिस्तान 1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र होने के बाद दो अलग-अलग राष्ट्र बने. उससे पहले दोनों एक ही देश थे.

भारत ने खारिज किए ट्रंप के दावे भारत ने लगातार ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ गोलीबारी और संघर्ष विराम का समझौता दोनों देशों की सेनाओं के महानिदेशक (DGsMO) स्तर की सीधी बातचीत के बाद हुआ था.

पीएम मोद ने संसद में दिया था ये बयान पीएम नरेंद्र मोदी संसद में पहले ही साफ कर चुके हैं कि किसी भी देश का नेता भारत को यह नहीं बता सकता कि कब अपनी सैन्य कार्रवाई रोकनी है. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने का निर्णय भारत ने अपने हिसाब से लिया, किसी बाहरी दबाव में नहीं.

“अमित शाह को कैसे पता कि BJP सरकार 40-50 साल चलेगी? राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ पर नया सवाल”

0

“अमित शाह को कैसे पता कि BJP सरकार 40-50 साल चलेगी? राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ पर नया सवाल”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर नया सवाल उठाया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को कैसे मालूम है, जो वो बार-बार कहते हैं कि भाजपा की सरकार 40 से 50 साल चलने वाली है।

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ वोटर अधिकार यात्रा कर रहे गांधी ने एक दिन पहले कहा था कि 65 लाख नाम काटे गए लेकिन भाजपा ने एक शिकायत नहीं की क्योंकि भाजपा और चुनाव आयोग में वोट चोरी के लिए पार्टनरशिप है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को मधुबनी में कहा- “अमित शाह ने बयान दिया। एक बार नहीं अनेक बार। अब बीजेपी सरकार 40-50 साल चलेगी। मैं सोच रहा था कि ये कैसे कह सकते हैं, इनको कैसे मालूम कि बीजेपी सरकार 40-50 साल चलेगी। जनता क्या करेगी, जनता के दिल में क्या होता है, जनता ही जानती है। तो ऐसा बयान देना कि अब हमारी सरकार 40-50 साल चलेगी। ये अजीब सा बयान है। उस टाइम मैंने सोचा था कि इनको कैसे मालूम कि 40-50 साल चलेगी।”

राहुल ने ‘वोट चोरी’ के आरोप पर अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में आगे कहा- “अब सच्चाई देश के सामने आ गई है। वो ये बात इसलिए कह सकते हैं क्योंकि वो वोट चोरी करते हैं। चोरी इन्होंने अभी नहीं चालू की। चोरी सालों से हो रही है। ये चोरी गुजरात में पहले शुरू हुई और उसके बाद 2014 में नेशनल लेवल पर आई। उसके बाद चुन-चुनकर ये लोग स्टेट जीतते हैं और हरवाते हैं। पहले ये बात मैं नहीं कहता था, क्योंकि मेरे पास सबूत नहीं था। मैं वही बोलता हूं, जिसके बारे में पूरी जानकारी हो। मुझे लगा कि कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है। मैंने कहा कि जिस दिन तक सबूत नहीं मिलेगा, उस दिन तक खुलकर नहीं कहूंगा कि वोट चोरी होती है।”

राहुल ने मधुबनी में ही एक दूसरी सभा में ऊपर कही गई बातों को दोहराते हुए कहा- “बीजेपी ने चुनाव आयोग की मदद से महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया। हरियाणा का चुनाव चोरी किया। उससे पहले मध्य प्रदेश का चुनाव चोरी किया। लोकसभा में कर्नाटक में हमने उनको पकड़ा। और हमारा एक ही मैसेज है कि बिहार में वोट चोरी नहीं होने देंगे। … हमने वोट चोरी पकड़ ली है। अब बीजेपी सरकार नहीं रहेगी।”

“भारत को कोई नहीं रोक सकता, अमेरिका भी नहीं!”

0

“भारत को कोई नहीं रोक सकता, अमेरिका भी नहीं!”

नई दिल्ली। “भारत को कोई नहीं रोक सकता” ये बात अब सिर्फ एक जज्बा नहीं, बल्कि सच्चाई बनती जा रही है। मशहूर अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने एक बार फिर भारत की आर्थिक सेहत पर मुहर लगाई है।

वैश्विक अनिश्चितताओं, व्यापारिक तनाव और टैरिफ वॉर जैसे माहौल में भी भारत मजबूती से खड़ा है। भारत की ग्रोथ स्टोरी कायम फिच ने भारत की रेटिंग BBB- पर बरकरार रखते हुए कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2025-26 में भी 6.5% की दर से बढ़ेगी। यह दर दुनिया की ज्यादातर विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर है। इस ग्रोथ की बुनियाद है, सरकारी निवेश, मजबूत घरेलू मांग और स्थिर आर्थिक नीतियां।

अमेरिका का टैरिफ वार – असर ना के बराबर हालांकि अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर 50% तक का टैरिफ लगा दिया है, लेकिन फिच का मानना है कि इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत मामूली असर होगा। कारण साफ है की भारत का अमेरिका को निर्यात, देश की कुल GDP का सिर्फ 2% है। यानी यह झटका उतना बड़ा नहीं जितना दिखता है। हाँ, कारोबारी माहौल में थोड़ी अनिश्चितता जरूर आ सकती है और निवेशकों के निर्णय थोड़े सतर्क हो सकते हैं, लेकिन जीएसटी के बेहतर क्रियान्वयन और घरेलू मांग में मजबूती इस असर को लगभग खत्म कर सकते हैं।

भारत में फिलहाल महंगाई काबू में, कर्ज हुआ सस्ता जुलाई 2025 में भारत की महंगाई दर गिरकर 1.6% पर आ गई है, जो कि एक बड़ी राहत है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था इसके मुख्य कारण रहे हैं। इसके जवाब में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस साल 1% की ब्याज दर में कटौती की है, जिससे लोन सस्ते हुए हैं, और इससे उपभोग व निवेश को बढ़ावा मिलेगा। फिच को उम्मीद है कि आगे एक और हल्की कटौती हो सकती है।

विदेशी मुद्रा भंडार बना भारत की ढाल, आर्थिक ताकत दरअसल, भारत के पास आज 695 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जिससे भारत आठ महीने तक अपने सभी विदेशी खर्च खुद उठा सकता है। यही नहीं, भारत का विदेशी कर्ज भी केवल 3% है, जो भारत को वैश्विक झटकों से बचाता है। चालू खाता घाटा भी 1% से कम है, जो भारत की आर्थिक स्थिरता का बड़ा संकेतक है।

“आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश… ऑपरेशन महादेव में शामिल जवानों को अमित शाह ने किया सम्मानित”

0

“आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश… ऑपरेशन महादेव में शामिल जवानों को अमित शाह ने किया सम्मानित”

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय नागरिकों की जान से खेलने का क्या परिणाम होता है।

शाह ने साथ ही कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से लोगों को तसल्ली मिली और ऑपरेशन महादेव ने इस तसल्ली को आत्मविश्वास में बदला। शाह ने भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के उन जवानों को सम्मानित करते हुए यह बात कही जिन्होंने ऑपरेशन महादेव को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को मार गिराया।

पहलगाम हमले में 26 लोगों की हुई थी मौत सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों एवं सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। ऑपरेशन महादेव के जरिए सुरक्षा बलों ने पहलगाम नरसंहार में शामिल आतंकवादियों को जुलाई में मार गिराया।

शाह ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय नागरिकों की जान से खेलने का क्या परिणाम होता है।

गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवादी चाहे कोई भी रणनीति अपना लें, वे अब भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि जब कश्मीर में पर्यटन अपने चरम पर था, तब पहलगाम हमला ‘कश्मीर मिशन’ को पटरी से उतारने का एक असफल प्रयास था।

आतंकवाद के खिलाफ सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस निभा रही अहम भूमिका शाह ने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ, जम्मू-कश्मीर पुलिस भी अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है। गृह मंत्री ने कहा, ”चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव को लेकर खुशी एवं उत्साह महसूस किया और सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति यही विश्वास हर क्षेत्र में दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने की भारत की आकांक्षा का आधार है।

शाह ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की फोरेंसिक प्रयोगशाला ने साबित कर दिया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए आतंकवादी वही थे जिन्होंने पहलगाम में नरसंहार को अंजाम दिया था। गृह मंत्री ने कहा, भारतीय नागरिकों के दिलों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए मैं प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और पूरे देश की ओर से सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं।

“ट्रंप को टक्कर देगा भारत-चीन का गठजोड़! अमेरिका की AI पावर को चुनौती देने के ल‍िए होने जा रहा कुछ बड़ा”

0

“ट्रंप को टक्कर देगा भारत-चीन का गठजोड़! अमेरिका की AI पावर को चुनौती देने के ल‍िए होने जा रहा कुछ बड़ा”

India China AI Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारत और चीन की टेंशन बढ़ा दी है। ट्रंप ने तकनीक के मामले में चीन को पछाड़ने के लिए और अमेरिका को ग्लोबल लीडर बनाने के लिए AI एक्शन प्लान की घोषणा भी की थी

अब चीन को ऐसे टाइम पर भारत के समर्थन की जरूरत है। चीन चाहता है कि इस टेक वॉर में भारत उसका साथ दे। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत AI के सेक्टर में चीन का बाहर से समर्थन कर सकता है, भले ही भारत चीन द्वारा बनाए जाने वाले वैश्विक संगठन का हिस्सा ना हो।

भारत समर्थन देगा, लेकिन बाहर रहकर रिपोर्ट में बताया गया है कि मुमकिन है कि भारत चीन के उस प्रस्ताव को सावधानीपूर्वक समर्थन दे, जिसमें एक वैश्विक संगठन बनाकर AI पर सहयोग और कंट्रोल की बात कही गई है। भारत इस संगठन में औपचारिक तौर पर शामिल नहीं होगा, लेकिन बातचीत में हिस्सा ले सकता है।

भारत इस प्रस्ताव पर पूरी तरह से सहमति जताए बगैर AI पर वैश्विक चर्चा को बढ़ावा दे सकता है। यह खबर ऐसे समय पर आई है, जब Shanghai Cooperation Organisation (SCO) के शिखर सम्मेलन में AI नियंत्रण पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात होगी।

अधिकारी ने बताई अंदर की बात एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, हमारा लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जो टिकाऊ और सभी के लिए एक जैसी हो। इसके लिए हमें मानक तय करने होंगे। भले ही हम WICO में शामिल न हों, हम AI पर खुली बातचीत को बढ़ावा दे सकते हैं।

अगले साल फरवरी में भारत की राजधानी नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट होने जा रहा है। इसमें भारत AI के सेक्टर में अपनी नेतृत्व क्षमता को दुनिया के सामने रखेगा।

अमेरिका की AI नीति का विकल्प चीन ने जुलाई 2025 में अपनी सबसे बड़ी AI कॉन्फ्रेंस में WICO की शुरुआत की। इस संगठन का लक्ष्य ओपन-सोर्स AI को बढ़ावा देना, तकनीक को साझा करना और चिप की कमी को दूर करना है। भारत का मानना है कि WICO जैसे मंचों के जरिए अमेरिका के मुकाबले AI नीतियों पर दूसरा विकल्प बनाया जा सकता है। भारत और चीन ने 58 देशों के साथ मिलकर पेरिस में हुए समिट में एक घोषणापत्र भी साइन किया था। इसमें डिजिटल विभाजन को कम करने और AI के विकास की बात थी। अमेरिका और ब्रिटेन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में वृद्धि, वृक्षारोपण और मृदा संरक्षण के लिए हो रहा प्रयास, चरणबद्ध तरीके से की जाती है पेड़ों की कटाई ..

0
छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में वृद्धि, वृक्षारोपण और मृदा संरक्षण के लिए हो रहा प्रयास, चरणबद्ध तरीके से की जाती है पेड़ों की कटाई ..
भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा हर दो साल में प्रकाशित की जाती है, जो देश भर के विभिन्न राज्यों में वनों की स्थिति बताती है। वर्ष 2021 की रिपोर्ट के अनुसार- छत्तीसगढ़ का कुल वन क्षेत्र 2019 में 55611 वर्ग किमी से बढ़कर 2021 में 55717 वर्ग किमी हो गया है। इस प्रकार, वन क्षेत्र में 106 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है। वृक्षारोपण में वृद्धि (अभिलिखित वन क्षेत्र के बाहर 1.0 हेक्टेयर और उससे अधिक के सभी वृक्ष क्षेत्र)- दो वर्षों में 1107 वर्ग किमी हुई है। वहीं वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार- छत्तीसगढ़ का कुल वन क्षेत्र 2021 में 55717 वर्ग किमी से बढ़कर 2023 में 55811.75 वर्ग किमी हो गया है। इस प्रकार, वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है। 94.75 वर्ग किमी वृक्षावरण में वृद्धि (अभिलिखित वन क्षेत्र के बाहर 1.0 हेक्टेयर और उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी वृक्ष क्षेत्र)- दो वर्षों में 702.75 वर्ग किमी है।

प्रतिपूरक वनरोपण के अलावा, कैम्पा कोष में प्रति हेक्टेयर 11 से 16 लाख रुपये जमा किए जाते हैं। इसका उपयोग वन क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों, जैसे कि क्षरित वनों में वृक्षारोपण और मृदा संरक्षण प्रयासों के लिए किया जाता है। खनन क्षेत्र के आसपास वन्यजीव प्रबंधन योजना (परियोजना लागत का औसतन 2%) के लिए भी धनराशि आवंटित की जाती है, और मृदा नमी संरक्षण योजना का क्रियान्वयन किया जाता है। प्रभावी रूप से, प्रति हेक्टेयर 40-50 लाख रुपये जमा किए जाते हैं।

किसी भी खनन मामले में एफसीए की मंजूरी के अनुसार, पेड़ों की कटाई हमेशा चरणबद्ध तरीके से की जाती है। उदाहरण के लिए, आरवीवीएनएल के मामले में, पीईकेबी खदान ने 1,900 हेक्टेयर क्षेत्र को डायवर्ट किया, और औसतन 80 से 90 हेक्टेयर प्रति वर्ष पेड़ों की कटाई की जाती है। चूँकि खनन 40 से 50 वर्षों तक चलता है, इसलिए खनन क्षेत्र में प्रभावित कुल पेड़ों में से केवल 5 से 6% पेड़ ही हर साल काटे जाते हैं।

CG: संसाधनों के समुचित सदुपयोग से विकास को नई रफ्तार, खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत ..

0

CG: संसाधनों के समुचित सदुपयोग से विकास को नई रफ्तार, खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत ..

राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता उनके आर्थिक विकास को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। संसाधन संपन्न राज्यों के पास अन्य राज्यों की तुलना में तेजी से तरक्की के अवसर होते हैं। छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक खनिज और वन संसाधन संपन्न राज्यों में से एक है, लेकिन पूर्वकालिक परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित सदुपयोग ना हो पाने के चलते आर्थिक और सामाजिक तरक्की के रास्ते प्रभावित हुए। यहां कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, सोना, निकल, क्रोमियम आदि कुल 28 खनिजों के भंडार मौजूद हैं। वहीं दूसरी तरफ लगभग 50% वन क्षेत्र वाले छत्तीसगढ़ के पास हरियाली का अथाह भंडार है।

राज्य के खनिज राजस्व में राज्य के गठन के बाद 30 गुना वृद्धि हुई है, जो कि वित्त वर्ष 2023‑24 में ₹13,000 करोड़ और अप्रैल 2024‑फरवरी 2025 के दौरान ₹11,581 करोड़ रहा। खनिज राजस्व ने राज्य की कुल आय में लगभग 23% का योगदान दिया, जीएसडीपी में लगभग 11% योगदान प्रदान किया। खनिज राजस्व में बढ़ोतरी से जनकल्याणकारी योजनाओं पर राज्य सरकार ज्यादा से ज्यादा खर्च कर सकेगी और आम जनता का जीवन स्तर बेहतर होगा। इस दृष्टिकोण से खनन आम जनता, जंगलों और प्रदेश की समृद्धि के लिए जरूरी है।

अब तक 44 खनिज ब्लॉक की ई‑नीलामी हो चुकी है, जिनमें चूना पत्थर, लौह अयस्क, बॉक्साइट, सोना, निकल‑क्रोमियम, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट और लिथियम शामिल हैं। भारत का पहला लिथियम ब्लॉक (कोरबा, कटघोरा) छत्तीसगढ़ में नीलामी के माध्यम से सफलतापूर्वक आवंटित हुआ। 2025 में लौह अयस्क के नए ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया तेज़ है, खासकर बैलाडीला क्षेत्र में।

वित्त वर्ष 2018-19 में ओडिशा का खनन राजस्व 10,499 करोड़ रुपये था, जबकि इसी अवधि में छत्तीसगढ़ का राजस्व 6110 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024-25 में, ओडिशा का खनन राजस्व लगभग 45,000 करोड़ रुपये हो गया, जबकि छत्तीसगढ़ का खनन राजस्व लगभग 14,000 करोड़ रुपये था। ओडिशा राज्य में उल्लेखनीय राजस्व वृद्धि मुख्य रूप से नीलाम या आवंटित खनिज ब्लॉकों के संचालन के कारण है। छत्तीसगढ़ में समान राजस्व वृद्धि हासिल करने के लिए, आवंटित या नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के संचालन में तेजी लाना महत्वपूर्ण है, जो ओडिशा में मिली सफलता को दर्शाता है।

“Ganesh Chaturthi 2025: घर की चौखट से दिल तक. बप्पा के स्वागत के लिए अनोखे रंगोली डिज़ाइन”

0

“Ganesh Chaturthi 2025: घर की चौखट से दिल तक. बप्पा के स्वागत के लिए अनोखे रंगोली डिज़ाइन”

Ganesh Chaturthi 2025: घर की चौखट से दिल तक. बप्पा के स्वागत के लिए अनोखे रंगोली डिज़ाइन

गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही हर घर में खुशियों का माहौल छा जाता है। ढोल-ताशों की गूंज, सजावट की रौनक और बप्पा की प्रतिमा का आगमन इस पर्व को और भी खास बना देता है। ऐसे में घर के आंगन और दरवाजे पर बनाई गई रंगोली न सिर्फ सजावट का हिस्सा होती है, बल्कि यह शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक भी मानी जाती है।

भारतीय परंपरा में रंगोली को शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि भगवान गणेश को रंग और कला बेहद प्रिय हैं। इसीलिए जब भी बप्पा घर आते हैं, तो रंगोली उनके स्वागत का सबसे प्यारा और पारंपरिक तरीका बन जाती है। खासकर महिलाएं और बच्चे इस मौके पर रंग-बिरंगे पाउडर, फूलों और अलग-अलग डिजाइन से आंगन सजाते हैं।

रंगोली बनाकर करें बप्पा का स्वागत 1. सिंपल और आसान डिजाइन अगर आप पहली बार रंगोली बना रही हैं, तो आपको ज्यादा मुश्किल पैटर्न की जरूरत नहीं है। आप गोल आकार में डॉट्स डालकर उन्हें जोड़ते हुए सुंदर डिजाइन बना सकती हैं। इसके बीच में “ॐ” या “श्री गणेश” का चिन्ह भी बना सकती हैं। ऐसे सिंपल डिजाइन कम समय में तैयार हो जाते हैं और बेहद आकर्षक दिखते हैं।

2. फूलों से बनी रंगोली फूलों की खुशबू और उनके रंग हर किसी को पसंद आते हैं। इस गणेश चतुर्थी आप चाहें तो रंगोली पाउडर की जगह गेंदा, गुलाब और पत्तियों का इस्तेमाल करके खूबसूरत रंगोली बना सकती हैं। फूलों की रंगोली न सिर्फ देखने में सुंदर लगती है, बल्कि घर में प्राकृतिक खुशबू और पॉजिटिव एनर्जी भी फैलाती है।

3. गणपति थीम रंगोली अगर आप थोड़ा क्रिएटिव हैं तो इस बार बप्पा के लिए खास (Ganesh Chaturthi Rangoli Designs) बनाएं। इसमें आप भगवान गणेश की आकृति, उनकी सूंड या फिर मोदक और मूषक का चित्र रंगोली में शामिल कर सकती हैं। इससे आपके डिजाइन में पर्सनल टच आएगा और घर आने वाले मेहमान भी प्रभावित होंगे।

क्यों जरूरी है रंगोली बनाना? गणेश चतुर्थी पर रंगोली बनाना सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि यह घर में लक्ष्मी और गणेश जी के स्वागत का तरीका है। माना जाता है कि रंगोली घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करके सकारात्मकता का माहौल बनाती है। इसके अलावा यह कला भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का भी एक सुंदर माध्यम है।

“एशिया कप 2025 से अधिकारिकतौर पर बाहर हुईं पाकिस्तान समेत दो टीमें, अब इन देशों को मिलेगा मौका”

0

“एशिया कप 2025 से अधिकारिकतौर पर बाहर हुईं पाकिस्तान समेत दो टीमें, अब इन देशों को मिलेगा मौका”

एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) इस बार भारत की मेजबानी में खेला जाना है. हालांकि एशिया कप की शुरुआत से पहले ही 2 टीमें अब इस टूर्नामेंट से अधिकारिकतौर पर बाहर हो गई हैं. इन टीमों में पहला नाम पाकिस्तान का है, तो वहीं दूसरा नाम ओमान की टीम का है.

पाकिस्तान की टीम (Pakistan Team) ने सुरक्षा कारणों से भारत आने से मना कर दिया था.

वहीं अब ओमान की टीम ने भी एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) से अपना नाम वापस ले लिया है. अब इन दोनों टीमों की जगह बांग्लादेश और कजाकिस्तान की टीम को एशिया कप 2025 में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट की शुरुआत इसी महीने 29 अगस्त से होने वाली है.

पाकिस्तान और ओमान ने आज ही नाम लिया वापस एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) की शुरुआत 29 अगस्त से होने वाली है. इसके लिए सभी टीमों को भारत आना था, भारतीय सरकार ने सभी टीमों को वीजा भी मुहैया करा दिया था. हालांकि पाकिस्तान की टीम ने आज सुबह ही अपना नाम वापस ले लिया और अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने सुरक्षा कारणों की वजह से भारत आने से मना कर दिया है. पाकिस्तान के इस कदम के बाद ओमान ने भी भारत आने से मना कर दिया है और अब इसी कारण इन दोनों टीमों को एशिया कप 2025 से बाहर होना पड़ा है और इसी वजह से बांग्लादेश और कजाकिस्तान की टीम को ड्रॉ में शामिल किया गया है.

क्रिकेट के लिए यूएई में खेला जाएगा Asia Cup 2025 एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) में अगर क्रिकेट की बात करें तो ये टूर्नामेंट भी भारत की मेजबानी में ही खेला जाना था, लेकिन पाकिस्तान की टीम की वजह से इस टूर्नामेंट को भारत से बाहर यूएई में कराया जा रहा है. इस टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं, इन टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया है. पहले ग्रुप में भारत के साथ पाकिस्तान, यूएई और ओमान को शामिल किया गया है.

वहीं ग्रुप बी में श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अलावा हांगकांग की टीम को शामिल किया गया है. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 9 सितंबर से हो रही है, वहीं भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई और 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने वाली है.