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“27 अगस्त को है गणेश चतुर्थी, जानें किस राज्य में रहेगी छुट्टी और कहां नहीं?”

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“27 अगस्त को है गणेश चतुर्थी, जानें किस राज्य में रहेगी छुट्टी और कहां नहीं?”

भारत त्योहारों का देश है, यहां हर त्यौहार का असर सिर्फ घर-परिवार और पूजा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्कूल, कॉलेज और ऑफिस की दिनचर्या पर भी पड़ता है. अगस्त का आखिरी हफ्ता भगवान गणेश की भक्ति और उत्सव का समय है, क्योंकि इसी दौरान धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाई जाती है.

आइए जानते हैं इस उत्सव पर किन-किन राज्यों में छुट्टी रहेगी. इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 (बुधवार) को मनाया जाएगा. देशभर में भगवान गणेश का जन्मोत्सव इसी दिन धूमधाम से मनाया जाएगा. कई राज्यों के स्कूलों ने अभिभावकों को पहले ही छुट्टी का संदेश भेज दिया है, ताकि बच्चों और पेरेंट्स को कोई परेशानी न हो.

किन राज्यों में स्कूल रहेंगे बंद? गणेश चतुर्थी खासतौर पर पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों में बड़े स्तर पर मनाई जाती है. यहां इस दिन स्कूल-कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी जाती है.

महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना – सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. खास बात यह है कि महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में कई स्कूल 10 दिनों तक बंद रहते हैं ताकि छात्र-छात्राएं पूरे उत्सव का हिस्सा बन सकें.

आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश – यहां भी गणेश चतुर्थी के दिन स्कूल बंद रहेंगे. प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है. अन्य राज्य (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि) – यहां छुट्टी अनिवार्य नहीं है. इसका फैसला स्थानीय प्रशासन या स्कूल प्रबंधन करेगा. हालांकि कुछ शहरों के स्कूलों ने अभिभावकों को छुट्टी का नोटिस भेज दिया है.

CISF की पहली पूर्ण महिला कमांडो यूनिट में कैसे मिलती है नौकरी? जान लें सैलरी से लेकर पोस्ट तक के बारे में सबकुछ स्कूल की छुट्टी कैसे कंफर्म करें? स्कूल की ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिस चेक करें. पेरेंट्स ग्रुप या स्कूल मैनेजमेंट से सीधे जानकारी लें. कुछ स्कूल SMS या ईमेल के जरिए छुट्टी की जानकारी पहले से भेज देते हैं, उसे जरूर देखें.

“Palestine Currency: फिलिस्तीन में कौन सी करेंसी का होता है इस्तेमाल? क्या है भारतीय रुपये की वहां कीमत जानकार उड़ जाएंगे होश”

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“Palestine Currency: फिलिस्तीन में कौन सी करेंसी का होता है इस्तेमाल? क्या है भारतीय रुपये की वहां कीमत जानकार उड़ जाएंगे होश”

फिलिस्तीन की अपनी कोई आधिकारिक मुद्रा नहीं है और इसके बजाय, वहां कई करेंसी चलती है. यहां मुख्यत: इजरायली न्यू शेकेल (ILS) चलती है. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर (USD) और जॉर्डनियन दीनार (JOD) का भी इस्तेमाल होता है.

भारतीय करेंसी की वैल्यू इजरायली शेकेल से तुलना करें तो एक इजरायली शेकेल की कीमत 25.92 भारतीय रुपया के बराबर है. वहीं 1 भारतीय रुपये की कीमत इजरायल में महज 0.3 इजरायली शेकेल के बराबर है.

अगर कोई भारतीय फिलिस्तीन में जाकर कमाता है और वहां 1 लाख इजरायली शेकेल की सैलरी पाता है तो भारत में उसकी कीमत 25 लाख 98 हजार 704 रुपये के बराबर हो जाती है.

इजरायली शेकेल को बैंक ऑफ इजरायल (Bank of Israel) जारी करता है. यह बैंक इजरायल सरकार की ओर से बैंकनोट और सिक्के जारी करने के लिए जिम्मेदार है.

फिलिस्तीन में इजरायली शेकेल के अलावा दो और करेंसी चलती है, जिनमे से एक अमेरिकी डॉलर है और दूसरा जॉर्डन का दिनार चलता है. दोनों करेंसी की कीमत भारतीय करेंसी के मुकाबले ज्यादा होती है.

“15000mAh की बैटरी के साथ एंट्री मारेगा ये नया स्मार्टफोन! इस दिन होगा लॉन्च, जानें संभावित फीचर्स”

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“15000mAh की बैटरी के साथ एंट्री मारेगा ये नया स्मार्टफोन! इस दिन होगा लॉन्च, जानें संभावित फीचर्स”

15000mAh Battery Smartphone: स्मार्टफोन ब्रांड Realme ने हाल ही में एक ऐसा टीज़र जारी किया है जिसने टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया है. कंपनी अपने अगले इवेंट में ऐसा फोन दिखाने जा रही है जिसमें 15,000mAh की बैटरी होगी.

यह लॉन्च 27 अगस्त को ग्लोबल स्तर पर किया जाएगा. बताया जा रहा है कि यह फोन एक कॉनसेप्ट मॉडल हो सकता है जिसे फिलहाल ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाएगा.

आमतौर पर इतनी बड़ी बैटरी वाले फोन बेहद मोटे और भारी होते हैं लेकिन Realme का टीज़र कुछ और ही कहानी कह रहा है. पोस्टर में फोन के बैक पैनल पर “15000mAh” लिखा हुआ है और डिवाइस देखने में सामान्य स्मार्टफोन जितना ही पतला लग रहा है. यह संभव हुआ है कंपनी की सिलिकॉन-ऐनोड तकनीक की वजह से, जिसे इस साल की शुरुआत में पेश किया गया था.

5 दिन की बैटरी लाइफ और 50 घंटे वीडियो प्लेबैक Realme का दावा है कि इस नई बैटरी से फोन को एक बार चार्ज करने पर 50 घंटे तक वीडियो प्लेबैक मिलेगा. इसके अलावा, यह बैटरी फोन को लगातार 5 दिन तक चलाने की क्षमता रखती है. ऐसे में यह स्मार्टफोन बैटरी बैकअप के मामले में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

पहले दिखा चुका है 10,000mAh कॉनसेप्ट फोन यह पहली बार नहीं है जब Realme ने बड़ी बैटरी वाले फोन का प्रदर्शन किया है. मई 2025 में कंपनी ने 10,000mAh बैटरी वाला कॉनसेप्ट फोन पेश किया था. उस डिवाइस में ‘अल्ट्रा-हाई सिलिकॉन कंटेंट ऐनोड बैटरी’ का इस्तेमाल हुआ था जिसमें 10% सिलिकॉन का अनुपात था. बैटरी की एनर्जी डेंसिटी 887Wh/L बताई गई थी जो मौजूदा स्मार्टफोन्स से कहीं बेहतर है.

उस कॉनसेप्ट फोन का डिजाइन भी खास था जिसमें सेमी-ट्रांसपेरेंट बैक, 8.5mm मोटाई और करीब 200 ग्राम वजन था. साथ ही, इसमें 320W सुपरफास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया था. कंपनी का दावा है कि इस टेक्नोलॉजी से फोन को 4 मिनट 30 सेकंड में फुल चार्ज किया जा सकता है. सिर्फ 1 मिनट की चार्जिंग में बैटरी 26% तक भर जाती है जबकि 2 मिनट में 50% चार्जिंग पूरी हो जाती है.

क्या यह फोन मार्केट में आएगा? हालांकि Realme ने 15,000mAh बैटरी वाले इस फोन को लेकर अभी साफ नहीं किया है कि यह मार्केट में लॉन्च होगा या सिर्फ कॉनसेप्ट के तौर पर पेश किया जाएगा. लेकिन अगर कंपनी इसे ग्राहकों तक पहुंचाती है तो यह स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बैटरी परफॉर्मेंस का नया रिकॉर्ड बना सकता है.

Vivo V60 5G को मिलेगी टक्कर Realme का ये नया फोन Vivo के हाल ही में लॉन्च हुए V60 5G को कड़ी टक्कर देने में सक्षम होगा. Vivo V60 में कंपनी ने 6500mAh की बैटरी दी है जो 90 वॉट के फ्लैश चार्जिंग को सपोर्ट करता है. इसके अलावा फोन में 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी कैमरा के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस और एक 50 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया हुआ है. सेल्फी और वीडियो के लिए फोन में 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मौजूद है. इस फोन को ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकॉर्ट पर 38,999 रुपये में लिस्ट किया गया है.

“ऑस्ट्रेलिया ने ईरान से तोड़े राजनयिक संबंध, ईरानी राजदूत को किया निष्कासित”

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“ऑस्ट्रेलिया ने ईरान से तोड़े राजनयिक संबंध, ईरानी राजदूत को किया निष्कासित”

ऑस्ट्रेलिया और ईरान के बीच रिश्तों में दरार बढ़ती नजर आ रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया ने ईरान से अपने राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं. उसने ईरान के राजदूत को भी देश से निकाल दिया है.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को देश में हुए दो अटैक के लिए जिम्मेदार माना है.

दरअसल ऑस्ट्रेलिया ने ईरान पर यहूदी विरोधी हमले करने का आरोप लगाया है. सिडनी में पिछले साल 20 अक्तूबर को लुईस कॉन्टिनेंटल किचन और 6 दिसंबर को मेलबर्न में अदास इजरायल सिनेगॉग पर अटैक हुआ था. दावा किया गया है कि इन हमलों में ईरानी सरकार का हाथ था. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज ने इन हमलों को सामाजिक एकता को कमजोर करने वाला बताया है. उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में मतभेद पैदा करने की कोशिश हो रही है.

ईरानी राजदूत को ऑस्ट्रेलिया छोड़ने के लिए दिया गया सात दिन का वक्त सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अल्बानीज ने बताया कि ईरानी राजदूत अहमद सादेघी और तीन अन्य राजनयिक कर्मचारियों को देश छोड़ने के लिए सात दिन का समय दिया गया है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब ऑस्ट्रेलिया ने किसी विदेशी राजदूत को देश से निकाला है.

ऑस्ट्रेलिया में हुए हमलों को लेकर क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री अल्बनीज ने खुफिया एजेंसी का हवाला देते हुए कहा, ”ASIO (ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन) पर्याप्त विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर एक बेहद परेशान करने वाले निष्कर्ष पर पहुंचा है. इनमें से कम से कम दो हमलों का निर्देश ईरान सरकार ने दिया था. ईरान ने इसे छिपाने की कोशिश की है, लेकिन ASIO का आंकलन है कि हमलों के पीछे ईरान का ही हाथ था.” बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की राजधानी तेहरान में अपने दूतावास का संचालना फिलहाल बंद कर दिया है.

“Saurabh Bharadwaj ED Raid: सौरभ भारद्वाज के घर ED की रेड पर संजय सिंह का बड़ा दावा, ‘BJP की नीति है AAP के…'”

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“Saurabh Bharadwaj ED Raid: सौरभ भारद्वाज के घर ED की रेड पर संजय सिंह का बड़ा दावा, ‘BJP की नीति है AAP के…'”

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार (26 अगस्त) सुबह आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत दिल्ली NCR में 13 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. इस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है.

राज्यसभा सांसद और AAP नेता संजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो मामला बनाया गया है, वो पूरी तरह से निराधार झूठा और बे बुनियाद है.

AAP नेताओं को निशाना बना रही BJP- संजय सिंह उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा, “जिस अवधि का यह मामला है, उस दौरान सौरभ भारद्वाज मंत्री भी नहीं थे. कल से पूरे देश में पीएम मोदी की डिग्री को लेकर चर्चा हो रही है, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए यह रेड की गई है.’

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की नीति बन चुकी है कि AAP नेताओं को झूठे मामलों में फंसाकर जेल में डाला जाए.

पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन का भी जिक्र संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी ने पहले भी हमारे नेताओं को फंसाने की कोशिश की. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘सत्येंद्र जैन को तीन साल तक जेल में रखा गया, लेकिन अंत में सीबीआई और ईडी को कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट देनी पड़ी. इससे साफ है कि AAP नेताओं के खिलाफ सभी केस झूठे हैं.’

पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

जानकारी के अनुसार, एजेंसी यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कर रही है. यह मामला पिछली AAP सरकार के दौरान स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है.

ईडी की टीम ने आज सुबह दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में दबिश दी. सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा दर्ज एक पुराने केस से जुड़ी है, जिसमें आरोप है कि अस्पतालों के निर्माण में घोटाला हुआ. ईडी के अनुसार, इस मामले में संदिग्ध लेन-देन और कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका है.

“आज दिल्ली जाएंगे CM नीतीश कुमार, चुनावी साल में BJP आलाकमान से हो सकती है मुलाकात”

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“आज दिल्ली जाएंगे CM नीतीश कुमार, चुनावी साल में BJP आलाकमान से हो सकती है मुलाकात”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (मंगलवार) शाम दिल्ली के लिए रवाना होंगे. शाम की फ्लाइट से उन्हें जाना है. बताया जा रहा है कि अचानक ही दिल्ली जाने का ये कार्यक्रम बना है. बिहार में इस साल चुनाव होना है ऐसे में राजनीतिक लिहाज से उनका दिल्ली दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सियासी हलचल तेज हो गई है. दिल्ली में दो दिन रह सकते हैं सीएम बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होना है. खबर है कि नीतीश कुमार दिल्ली में दो दिनों तक रह सकते हैं. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए का विधानसभावार कार्यकर्ता सम्मेलन चल रहा है.

क्या कुछ हो सकता है कार्यक्रम? नीतीश कुमार दिल्ली में बीजेपी आलाकमान से आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चा के लिए मुलाकात कर सकते हैं. मुलाकात होती है तो सीट शेयरिंग, चुनावी रणनीति आदि पर मंथन हो सकता है. उप राष्ट्रपति चुनाव पर भी बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से वार्ता हो सकती है. नौ सितंबर को उप राष्ट्रपति के लिए चुनाव है. सीपी राधाकृष्णन एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं. उनसे भी नीतीश कुमार की मुलाकात संभव है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए बिहार में चुनाव लड़ेगा. वही सीएम चेहरा हैं यह स्पष्ट किया जा चुका है.

बता दें कि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम दल तैयारियों में जोरशोर से जुटे हैं. एक तरफ बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान (SIR) के खिलाफ में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा चल रही है तो दूसरी तरफ एनडीए का विधानसभा वार सम्मेलन चल रहा है. चुनावी वर्ष में अब तक छह बार पीएम मोदी बिहार आ चुके हैं. उनका अगला दौरा सितंबर में हो सकता है जब वो पटना मेट्रो का उद्घाटन करेंगे.

“धराली आपदा के बाद सीमांत गांवों में गहराया संकट, रसोई गैस से लेकर जरूरी रसद पहुंचाना भी मुश्किल”

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“धराली आपदा के बाद सीमांत गांवों में गहराया संकट, रसोई गैस से लेकर जरूरी रसद पहुंचाना भी मुश्किल”

उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद अब सीमांत इलाकों में बसे लगभग 8 गांवों में अब राशन गैस की परेशानी मंडराने लगी है. यहां तक रसद पहुंचाना मुश्किल होता जा रहा है, गंगोत्री हाईवे अभी तक वाहनों के लिए खोला नहीं है ऐसे में इन गांवों तक जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे लोगों को परेशानियां बढ़ गई हैं.

धराली के खीर गंगा और तेलगाड में आई बाढ़ के लगभग 20 दिन बाद यहां के सीमांत क्षेत्रों सुक्की, धराली, मुखबा, हर्षिल, जसपुर, पुराली, झाला और बगोरी गांव के ग्रामीणों की दिक्कतें कम होने का ना नहीं ले रही है. खीर गंगा और तेलगाड का बढ़ता पानी और उफान अभी लोगों को डरा रहा है.

सीमांत के कई गांवों से संपर्क कटा बीते रविवार रात को तेलगाड के उफान ने हर्षिल के लोगों को डरा दिया. इसके बढ़ते जल प्रवाह से लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे. वहीं अभी तक गंगोत्री हाईवे बड़े वाहनों के लिए नहीं खुलने के कारण सीमांत गांवों के लोगों के सामने रसद सामग्री का संकट भी गहराने लगा है.

जिला प्रशासन की ओर से लगातार लोगों का राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिशें की जा रही है. प्रशासन ने हाल ही में सीमांत गांवों में रसद वितरण तो करवाया लेकिन, इतना रसद बड़े परिवार के लिए लंबे समय तक चलाना मुश्किल है और मार्ग न खुलने से लोग अपने लिए राशन का इंतजाम भी नहीं कर पा रहे हैं.

इन इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित दूसरी तरफ आपदाग्रस्त धराली, हर्षिल सहित छह गांव में रविवार रात से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है. जिससे ग्रामीण आपदा की इस घड़ी में डर के साये में रात काटने को मजबूर हैं. सोमवार सुबह से आपदा प्रभावित क्षेत्र गांवों में संचार सेवा भी ठप हो गई.

संचार सेवा बाधित होने से आपदा प्रभावित अपने नाते-रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे अब प्रशासन ने बिजली और संचार सेवाएं शुरू करने की पहल की है. इस बीच ख़राब मौसम लगातार यहां के लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है. लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर है और लगातार भू स्खलन से कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिन्हें खोलने का काम किया जा रहा है.

“यूएस के हाई टैरिफ से पहले भारतीय रुपया हुआ पस्त, जानें आज डॉलर के मुकाबले कितना टूटा”

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“यूएस के हाई टैरिफ से पहले भारतीय रुपया हुआ पस्त, जानें आज डॉलर के मुकाबले कितना टूटा”

यूएस के हाई टैरिफ से पहले भारतीय रुपया पस्त हो गया है और डॉलर के मुकाबले गिरावट दर्ज कर रहा है. अमेरिकी टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने वाला है, जिसके बाद भारतीय सामानों पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लग जाएगा.

वाशिंगटन की तरफ से नोटिस जारी होने के बाद से ही भारतीय करेंसी दबाव में आ गई है. दबाव में रुपया हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को बाजार खुलते ही डॉलर के मुकाबले रुपये में 22 पैसे की कमजोरी आई और यह 87.88 पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) का कहना है कि बुधवार से लागू होने वाले 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ के चलते आयातकों की तरफ से डॉलर की मांग बढ़ गई है, जिससे रुपये पर और दबाव बना है.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में रुपये की शुरुआत 87.74 पर हुई, जो तुरंत फिसलकर 87.78 पर आ गया. यह पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 22 पैसे की गिरावट दर्शाता है. सोमवार को भी रुपया 4 पैसे टूटकर 87.56 पर बंद हुआ था.

रुपये में क्यों गिरावट? इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत घटकर 98.38 पर आ गया. हाई टैरिफ का असर शेयर बाजार पर भी साफ दिखा. बीएसई पर 30 अंकों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 546.87 अंक गिरकर 81,089.04 पर पहुंच गया. इसके बाद करीब 660 अंक तक नीचे चला गया. जबकि, एनसई पर निफ्टी 50 भी 179.05 अंक टूटकर 24,788.70 पर आ गया. साथ ही, सभी स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. उधर, शेयर बाजार के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को बिकवाली के मूड में रहे और उन्होंने 2,466.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

खाता न बही, जो भाजपा कहे वो ही सही… UBT नेता का तंज

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उद्धव ठाकरे गुट के नेता आनंद दुबे ने भाजपा पर बड़ा निशाना साधा. आनंद दुबे ने कहा, एक ऐड आता था. वाह हुजूर ताज बोलिए. वैसे अब भाजपाई बोलते हैं कि वाह हुजूर भाजपा बोलिए ना खाता ना बही, जो भाजपा कहे वही सही. बिल्कुल जेल से सरकार नहीं चलनी चाहिए लेकिन पूरी सरकार को जेल में डाल देना चाहिए. ये जो कॉन्सेप्ट लेकर भाजपा आ रही है, हम इसका स्वागत करते हैं. अभी आपने एडीआर के कुछ आंकड़े दिखाए जिसमें 39% दागी सांसद भाजपा के हैं. कुछ राज्यों का आपने जिक्र किया जिसमें आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के दागी विधायक हैं.

भारत की विदेश नीति अचानक चीन पर क्‍यों हो गई शिफ्ट? US ट्रेड डील का क्‍या? पीयूष गोयल ने दिया एक-एक सवाल का जवाब

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अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अचानक भारत और चीन के रिश्‍तों में तेजी से सुधार होना शुरू हो गया. चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत के दौरे पर आ गए. पीएम मोदी भी महीने के अंत में एससीओ समिट में हिस्‍सा लेने के लिए चीन जा रहे हैं. क्‍या यह सब एक संयोग है या फिर ट्रंप के टैरिफ का असर. इसपर वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से स्‍पष्‍ट जवाब दिया गया. उन्‍होंने कहा कि भारत की नीति किसी दबाव या मजबूरी से तय नहीं होती बल्कि राष्ट्रीय हित और दीर्घकालिक रणनीति के आधार पर बनती है.

चीन के साथ धीरे-धीरे अंगेजमेंट बढ़ा
गोयल ने ईटी वर्ल्‍ड लीडर फॉरम में अपनी बात रखते हुए साफ कहा कि चीन के साथ रिश्तों में जो हालिया सुधार दिख रहा है, उसका अमेरिका-भारत ट्रेड डील से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, “यह शिफ्ट मौजूदा परिस्थितियों से जुड़ा नहीं है. असली समस्या गलवान घटना के बाद शुरू हुई थी, जब सीमा से जुड़े अहम समझौते टूटे. हमने तब से धीरे-धीरे री-एंगेज करना शुरू किया और वह किसी भी अमेरिकी डील से लिंक्ड नहीं है.”
अमेरिका पर दबाव के लिए चीन से बातचीत नहीं
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का रुख साफ है. वह चीन से जुड़ाव को सिर्फ सीमाई और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से देख रहे हैं, न कि अमेरिका के दबाव या व्यापारिक वार्ता के कारण. वहीं, अमेरिका से व्यापार समझौते पर बात करते हुए गोयल ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हैं और भविष्य में डील को लेकर सकारात्मक माहौल बनेगा. उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं. हम खुले दिमाग और सकारात्मक दृष्टिकोण से बातचीत कर रहे हैं. उद्योग जगत भी इस रिश्ते को अहम मानता है.
भारत की बुनियाद मजबूत
गोयल ने यह भी बताया कि भारत की आर्थिक बुनियाद बेहद मजबूत है और यही वजह है कि देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है. उन्होंने कहा, “भारत में असीमित संभावनाएं हैं. हमारी अर्थव्यवस्था में मजबूती और लचीलापन है. दुनिया का हर निवेशक भारत को लेकर आशावान है.”