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“उपराष्ट्रपति चुनाव में 46 उम्मीदवारों के नामांकन, मुकाबला राधाकृष्णन और रेड्डी के बीच”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव में 46 उम्मीदवारों के नामांकन, मुकाबला राधाकृष्णन और रेड्डी के बीच”

उपराष्ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया अब आगे के चरण में प्रवेश कर चुकी है। इस चुनाव के लिए कुल 46 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था जिसमें से 44 लोगों के नामांकन खारिज किए जा चुके हैं।

अब उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की तस्वीर एक तरीके से पूरी तरह साफ ही है। नामांकन प्रक्रिया के बाद सिर्फ दो उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं। इसके लिए कुल 46 उम्मीदवारों ने 68 नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिनमें से अधिकांश तकनीकी खामियों के कारण खारिज कर दिए गए है। अब मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच होगा। दोनों ही दक्षिण भारत से आते हैं, इसलिए ये चुनावी लड़ाई भी साउथ बनाम साउथ की हो गई है।

निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक चुनाव आयोग की अधिसूचना के बाद 7 अगस्त 2025 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त थी, जबकि जांच 22 अगस्त को हुई। 46 उम्मीदवारों में से केवल सीपी राधाकृष्णन और बुचिरेड्डी सुदर्शन रेड्डी के चार-चार नामांकन पत्र वैध पाए गए। बाकी सभी पर्चे नियमों के उल्लंघन और अधिनियम की धाराओं के तहत अस्वीकृत कर दिए गए। उम्मीदवार 25 अगस्त तक नाम वापस ले सकते हैं।

68 नामांकन में से केवल दो ही वैध इस चुनाव में उम्मीदवारों का उत्साह काफी अधिक था। कुल 46 अभ्यर्थियों ने 68 नामांकन दाखिल किए। इनमें से 19 उम्मीदवारों के 28 नामांकन प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिए गए। शेष 27 उम्मीदवारों के 40 नामांकन पत्रों की 22 अगस्त को जांच की गई। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम, 1952 के तहत नियमों के अनुरूप न होने पर अधिकांश नामांकन अमान्य करार दिए गए। अंततः केवल दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए।

‘मुझे तूफानों से टकराने की आदत आसुरी शक्तियां क्या बिगाड़ेंगी’, दिल्ली में दहाड़ीं CM गुप्ता 9 सितंबर को मुकाबला, 25 अगस्त तक नाम वापसी की समय सीमा राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, अंतिम उम्मीदवार सूची 25 अगस्त के बाद जारी की जाएगी। 9 सितंबर 2025 को उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान होगा। अब यह चुनाव सत्तारूढ़ राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। राधाकृष्णन तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, जबकि रेड्डी तेलंगाना से आते हैं और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रहे हैं। उपराष्ट्रपति का चुनाव NDA बनाम INDIA की बजाय दक्षिण बनाम दक्षिण बन गया है।

“बंगाल चुनाव 2026 से पहले EC का बड़ा कदम, बनेंगे 14 हजार अतिरिक्त बूथ”

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“बंगाल चुनाव 2026 से पहले EC का बड़ा कदम, बनेंगे 14 हजार अतिरिक्त बूथ”

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले लगभग 14,000 अतिरिक्त मतदान केंद्र बनने की संभावना है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चुनाव आयोग मतदान केंद्रों के प्रस्तावित पुनर्गठन पर चर्चा के लिए 29 अगस्त को एक सर्वदलीय बैठक बुला रहा है।

पश्चिम बंगाल में वर्तमान में 294 विधानसभा क्षेत्रों में 78,000 से ज़्यादा मतदान केंद्र हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, मतदान को आसान बनाने के लिए 1,200 से ज़्यादा मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों को विभाजित किया जाएगा।

‘BJP सरकार आएगी तभी बंगाल में होगा विकास’, कोलकाता में बोले मोदी, केंद्र का पैसा जनता तक नहीं, TMC के पास जा रहा सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि 1,200 से ज़्यादा मतदाताओं वाले बूथों की पहचान पहले ही कर ली गई है। सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए इन्हें विभाजित किया जाएगा। संभावना है कि बूथों की संख्या 14,000 और बढ़ जाएगी। सर्वदलीय बैठक के दौरान हम राजनीतिक दलों के साथ बूथों के युक्तिकरण पर चर्चा करेंगे। लगभग 14,000 नए बूथों के जुड़ने के साथ, कुल संख्या 92,000 तक पहुँचने की उम्मीद है।

29 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे सीईओ कार्यालय में होने वाली सर्वदलीय बैठक में संशोधित बूथ आवंटन पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया ली जाएगी। राजनीतिक हलकों का मानना ​​है कि यह विस्तार संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करेगा, खासकर विपक्षी दलों के लिए, जिन्हें बढ़ी हुई बूथ संख्या में बूथ-स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को तैनात करने में मुश्किल हो सकती है। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में चार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हुआ है।

पश्चिम बंगाल का दौरा कर 5,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे प्रधानमंत्री मोदी गौरतलब है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन में कथित चूक के लिए चार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हुआ है। राज्य सरकार ने दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के दो ईआरओ और दो सहायक ईआरओ को निलंबित कर दिया और विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी, लेकिन चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की।

“मध्यप्रदेश: गडकरी ने चार बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर की घोषणा की”

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“मध्यप्रदेश: गडकरी ने चार बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर की घोषणा की”

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को मध्यप्रदेश के चार बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले 5,500 करोड़ रुपये के चार लेन वाले कॉरिडोर और भोपाल व जबलपुर के बीच 15 हजार करोड़ रुपये के ‘ग्रीनफील्ड हाईवे’ की घोषणा की।गडकरी ने यहां सात किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का उद्घाटन करने के बाद यह घोषणा की।

जबलपुर के सांसद आशीष दुबे, राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और राज्य के अन्य सांसदों ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर की मांग की थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “टाइगर कॉरिडोर’ की लागत 4,600 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 5,500 करोड़ रुपये हो गई है। यह कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच अभयारण्यों को जोड़ेगा।”

उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन, रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, मध्यप्रदेश में सबसे ज़्यादा 785 बाघ हैं।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भोपाल और जबलपुर के बीच 255 किलोमीटर लंबा ‘ग्रीनफील्ड हाईवे’ 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। गडकरी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री राकेश सिंह से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सुचारू रूप से सुनिश्चित करने को कहा ताकि अगले अप्रैल या मई तक निर्माण कार्य शुरू हो सके।

“US नागरिकों से ठगे 130 करोड़ रुपये, ED ने किया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 8 लग्जरी कारें जब्त”

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“US नागरिकों से ठगे 130 करोड़ रुपये, ED ने किया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 8 लग्जरी कारें जब्त”

भारत में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से विदेशी, खासतौर से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में हर साल इंटरनेट से जुड़ी ठगियों के कारण कई हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत आधारित कॉल सेंटरों से जुड़ा है।

इसी को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस टीम ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इससे पहले पुणे में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी।

जांच एजेंसी ने बुधवार को गुरुग्राम और नई दिल्ली में सात स्थानों पर छापेमारी की और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत अपने कब्जे में लिए। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ युवाओं ने मिलकर अमेरिकी नागरिकों से 2-3 वर्षों में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (130 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी की।

ईडी की जांच में सामने आया है कि तीन युवक- अर्जुन गुलाटी, दिव्यांश गोयल और अभिनव कालरा नोएडा और गुरुग्राम में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। ये कॉल सेंटर तकनीकी सहायता के नाम पर मुख्यतः अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाकर पैसे विदेशी खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में जटिल लेनदेन के जरिए उन रकम को भारत में वापस लाते थे।

130 करोड़ रुपये की ठगी ईडी के मुताबिक, नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 के बीच इस गिरोह ने लगभग 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपये) की ठगी की। जांच में अब तक 200 से अधिक बैंक खातों की जानकारी सामने आई है जिनका इस्तेमाल धन शोधन के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई अहम डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए, आठ लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त की गईं। ईडी का कहना है कि आरोपी आलीशान मकानों में रहते थे और अवैध कमाई से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुके थे।

यह जांच सीबीआई, आईओडी दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में अज्ञात आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। आरोप था कि दिल्ली और आसपास अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को टेक सपोर्ट स्कैम के जरिए धोखा दिया जा रहा था। ईडी ने बताया कि आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।

पुणे में भी ऐसी ही कार्रवाई हाल ही में पुणे पुलिस ने भी एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था, जिसके जरिए हजारों अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर पुणे के एक व्यावसायिक क्षेत्र में संचालित हो रहा था और इसमें शामिल लोग खुद को तकनीकी सहायता कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे।

पुणे पुलिस की साइबर क्राइम शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। इसके बाद, पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान, कॉल सेंटर से कंप्यूटर, सर्वर, फर्जी दस्तावेज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया।

मई में एक गुप्त सूचना के आधार पर, एसीपी गणेश इंगले और वरिष्ठ निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे, शब्बीर सैय्यद और अजय वाघमारे के नेतृत्व में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक टीम ने रात करीब 10 बजे खराडी स्थित आलीशान प्राइड आइकॉन प्रोजेक्ट की नौवीं मंजिल पर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा।

पुलिस ने पाया कि “मैग्नेटल बीपीएस एंड कंसल्टेंट्स एलएलपी” के नाम से कथित अवैध कॉल सेंटर में जुलाई 2024 से 12 महिलाओं और 111 पुरुषों सहित 123 कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बीच, लगभग दस घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 64 लैपटॉप, 41 मोबाइल फोन, चार राउटर जब्त किए, जिनकी कीमत 13.74 लाख रुपये है। पुलिस को जब्त लैपटॉप में संदिग्ध ऑनलाइन एप्लिकेशन, वीपीएन सॉफ्टवेयर और लाखों अमेरिकी नागरिकों का डेटा मिला।

“नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशाल पुतला निकाला ”

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“नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशाल पुतला निकाला ”

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशाल पुतला निकाला। यह अमेरिकी सरकार की ओर से भारतीय सामानों पर हाल ही में लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का प्रतीकात्मक विरोध था।

इस उत्सव में लोगों ने तख्तियों पर विरोध संदेश भी लिखे। दरअसल मारबत उत्सव नागपुर में हर साल मनाया जाता है। यह उत्सव परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी का मिश्रण है।

तख्तियों में क्या संदेश? नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतला निकाला गया। स्थानीय लोगों ने पुतले पर तख्तियों में संदेश लिखकर अपना विरोध जताया। इन संदेशों में लिखा था कि टैरिफ लगाकर डराने वालों को भारत की ताकत का पछतावा होगा। एक और संदेश था, हमारे सामानों पर टैरिफ लगाने से उनका ही व्यापार बर्बाद होगा। एक तख्ती पर यह भी लिखा था, अमेरिकी अंकल भारत पर प्रतिबंध लगाते हैं, फिर भी रूसी उत्पाद खरीदते हैं।

काली मारबती का ऐतिहासिक महत्व क्या है? स्वतंत्रता-पूर्व काल में लोग अंग्रेजों के अत्याचारों से त्रस्त थे। उस समय जब नागपुर के लोग अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। भोसले परिवार की बकाबाई ने अंग्रेजों से हाथ मिला लिया था। इसी बकाबाई के विरोध में 1881 से बकाबाई की एक मूर्ति बनाकर काली मारबती निकाली जाती है। इस काली मारबती का जुलूस मस्कासठ क्षेत्र में स्थित नेहरू प्रतिमा से शुरू होता है। 1942 में इतवारी क्षेत्र में मारबती उत्सव के दौरान दंगा हुआ था। गोलीबारी में 5 लोग मारे गए थे। फिर भी मारबती का जुलूस निकाला गया। कोरोना काल में भी प्रतिबंधों के बावजूद कम संख्या में लोगों की उपस्थिति में काली मारबती के जुलूस की परंपरा का पालन किया गया।

पिउलिया मारबत का ऐतिहासिक महत्व क्या है? पिउलिया मारबत की एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। पिउलिया मारबत उत्सव की शुरुआत तेली समुदाय की ओर से 1885 में जगन्नाथ बुधवार के दिन की गई थी। उस समय लोग अंग्रेजों के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर लोगों को एकजुट करने के लिए इस मारबत का जुलूस निकालते थे। स्वतंत्रता के बाद पिउलिया मारबत के इस जुलूस के माध्यम से अवांछनीय रीति-रिवाजों और इडा महामारी पर प्रहार किया जाता था।

बागे क्या है? मारबत उत्सव का एक मुख्य आकर्षण बागे है। बागे का अर्थ है अलग-अलग मुद्दों की आलोचना करने वाली मूर्तियां। इन बागों को निकालकर समाज की ओर से उस साल जिन समस्याओं, कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक मुद्दों और प्रश्नों का सामना कर रहा होता है, उनकी आलोचना की जाती है।

“12 करोड़ कैश, 6 करोड़ का सोना, 10 किलो चांदी… गेमिंग रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस MLA गिरफ्तार”

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“12 करोड़ कैश, 6 करोड़ का सोना, 10 किलो चांदी… गेमिंग रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस MLA गिरफ्तार”

कर्नाटक के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस की प्रवर्तन निदेशालय टीम ने 22 और 23 अगस्त 2025 को देशभर में कई जग छापेमारी की. 31 जगहों पर छापेमारी हुई, जिनमें गंगटोक, चित्रदुर्गा, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं.

गोवा के पांच बड़े कैसीनो, पप्पी’ज़ कैसीनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसीनो, पप्पी’ज़ कैसीनो प्राइड, ओशन 7 कैसीनो और बिग डैडी कैसीनो में भी रेड की गई. यह कार्रवाई चित्रदुर्गा जिले के विधायक केसी वीरेन्द्र और उनके नेटवर्क पर हुई है. आरोप है कि वीरेन्द्र कई ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट्स (जैसे King567, Raja567) चला रहे थे.

छापेमारी में ईडी को क्‍या-क्‍या मिला? 12 करोड़ रुपए कैश (जिसमें 1 करोड़ विदेशी करेंसी) करीब 6 करोड़ का सोना लगभग 10 किलो चांदी चार लग्ज़री गाड़ियां 17 बैंक खाते और 2 लॉकर फ्रीज़ प्रॉपर्टी से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य सबूत ईडी की जांच में सामने आया कि वीरेन्द्र के भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां चला रहे हैं. डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्‍नोलॉजी और प्राइम 9 टेक्‍नोलॉजिस, जिनके ज़रिए ऑनलाइन गेमिंग और कॉल सेंटर का काम होता था. वीरेन्द्र का बेटा और भाई मिलकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे. जांच में ये भी पता चला कि वीरेन्द्र और उनके सहयोगी हाल ही में गंगटोक बिज़नेस टूर पर गए थे, जहां वे एक जमीन पर कैसीनो लीज़ पर लेने की डील कर रहे थे.

ईडी को छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन की परतें छिपाने के खेल की तरफ इशारा करते हैं. इसी आधार पर केसी वीरेन्द्र को 23 अगस्त को गंगटोक से गिरफ्तार किया गया और उन्हें कोर्ट में पेश कर ट्रांज़िट रिमांड पर बेंगलुरु भेजा गया. फिलहाल ईडी की जांच जारी है. इस मामले में और भी बड़े खुलासों की उम्मीद की जा रही है.

“Asia Cup 2025: भारत-पाक मैच पर संजय राउत का मोदी सरकार पर हमला, पूछे कई तीखे सवाल”

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“Asia Cup 2025: भारत-पाक मैच पर संजय राउत का मोदी सरकार पर हमला, पूछे कई तीखे सवाल”

Mumbai: भारत सरकार ने एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को मंजूरी दे दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के द्विपक्षीय खेल संबंध नहीं होंगे, लेकिन बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मुकाबले खेले जा सकते हैं।

यह मैच दुबई में आयोजित होगा, और संभावित तौर पर 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हो सकते हैं। ऐसे में अब शिवसेना (यूबीटी) नेता सांसद संजय राउत ने अब सरकार से तीखे सवाल किए हैं।

संजय राउत ने लिखा PM को पत्र शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय जवान शहीद हुए हैं और उनके परिवारों का दुख अभी ताजा है। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना न सिर्फ़ अमानवीय है, बल्कि शहीदों की शहादत का अपमान भी है।

सैनिकों और शहीदों का अपमान है यह मैच राउत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के साथ मैच खेलना उन सैनिकों का अपमान है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सैनिकों की नहीं, बल्कि उन सभी शहीदों की गरिमा का हनन है जिन्होंने कश्मीर में अपनी जान दी। उनका कहना है कि अगर यह मैच महाराष्ट्र में होता, तो बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना इसे कभी नहीं होने देती। उन्होंने कटाक्ष किया कि आज क्रिकेट, हिंदुत्व और देशभक्ति से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

देशभक्ति या क्रिकेट? Asia Cup के भारत-पाक मैच पर रोक की मांग, शिवसेना UBT नेता प्रियंका ने उठाई आवाज ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं राउत ने सरकार से पूछा कि जब प्रधानमंत्री और सेना कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, तो ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट कैसे खेला जा सकता है? उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 महिलाओं का सिंदूर मिटा दिया, और सरकार को उनकी पीड़ा को समझना चाहिए।

खून और क्रिकेट साथ नहीं संजय राउत ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब उन्होंने कहा था कि “खून और पानी साथ नहीं बह सकते,” तो क्या “खून और क्रिकेट” साथ-साथ चल सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि इन मैचों में बड़े पैमाने पर सट्टा चलता है, जिसमें बीजेपी से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से गृह मंत्री अमित शाह के बेटे और बीसीसीआई सचिव जय शाह पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए पूछा कि क्या इस मैच से बीजेपी को आर्थिक लाभ मिलेगा?

किस मोड़ पर खत्म होगा ये विवाद? भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। जहां सरकार इसे खेल भावना और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की बाध्यता बता रही है, वहीं विपक्ष इसे शहीदों और देशवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ मान रहा है। अब देखना यह है कि यह बहस किस मोड़ पर जाकर खत्म होती है।

“अमेरिका के टैरिफ वॉर के बीच विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान”

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“अमेरिका के टैरिफ वॉर के बीच विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने यह साफ किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और इसे खत्म मानना सही नहीं होगा।

हालांकि, भारत ने कुछ स्पष्ट सीमाएं तय की हैं जिन पर समझौता नहीं किया जा सकता, खासकर किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर।

बातचीत चल रही है, ‘कुट्टी’ नहीं: जयशंकर इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में अपने भाषण में जयशंकर ने कहा, “बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है, लोग अब भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसा नहीं है कि दोनों देशों के बीच कोई ‘कुट्टी’ हो गई हो।” उन्होंने यह भी बताया कि व्यापार वार्ता में कुछ मतभेद जरूर हैं, लेकिन संवाद के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं।

किसानों और छोटे उत्पादकों की रक्षा पर अडिग है भारत भारत किसानों और छोटे उत्पादकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जयशंकर ने बताया कि भारत ने व्यापार वार्ता में कुछ “रेड लाइंस” यानी सीमाएं निर्धारित की हैं, जो खासतौर पर किसानों और छोटे उत्पादकों की रक्षा से संबंधित हैं। “हम इस पर अडिग हैं और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने लोगों के हितों की रक्षा करना है, और व्यापारिक दबाव के बावजूद सरकार इस सिद्धांत से पीछे नहीं हटेगी।

राष्ट्रपति ट्रंप का तरीका ‘असामान्य’ बताया जयशंकर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काम करने के तरीके पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “ट्रंप का टैरिफ लगाना और गैर-व्यापारिक मुद्दों पर व्यापारिक दबाव डालना एकदम असामान्य तरीका है। कई बार फैसले पहले से ही सार्वजनिक कर दिए जाते हैं, जो कि वैश्विक कूटनीति में आम बात नहीं है।”

भारत पर टैरिफ का दबाव, लेकिन भारत रहेगा अडिग हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अमेरिका पहले से ही भारत से 25% टैरिफ वसूल रहा है, और बाकी 25% टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने वाला है। ट्रंप प्रशासन भारत पर रूस से तेल आयात बंद करने का भी दबाव बना रहा है। लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले करेगा, और उसकी विदेश नीति किसी भी दबाव में नहीं बनेगी।

“डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद अब एक्शन में भारत, 25 अगस्त से अमेरिका के लिए बंद की पोस्टल सर्विस”

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“डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद अब एक्शन में भारत, 25 अगस्त से अमेरिका के लिए बंद की पोस्टल सर्विस”

नई दिल्ली: अमेरिकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं जिसकी वजह से भारतीय डाक विभाग 25 अगस्त, 2025 से अमेरिका के लिए ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर देगा।

अमेरिका का वो फैसला जिसकी वजह से डाक सेवा होगी बंद सरकार के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई, 2025 को विशेष आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार 800 डॉलर तक के सामान पर लगने वाली ड्यूटी (सीमा शुल्क) की छूट खत्म कर दी गई है। पहले, कम कीमत वाले सामान बिना ड्यूटी के अमेरिका में आ जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आदेश के मुताबिक 29 अगस्त, 2025 से अमेरिका जाने वाले सभी सामानों पर ड्यूटी लगेगी, चाहे उनकी कीमत कुछ भी हो। यह नियम इंटरनेशनल इमर्जेंसी इकोनॉमी पावर एक्ट (IEEPA) के तहत लागू होगा। हालांकि, 100 अमेरिकी डॉलर तक के गिफ्ट आइटम पर यह नियम लागू नहीं होगा।

अमेरिकी सरकार के नए नियम अमेरिकी सरकार के नए नियम के अनुसार, अब ट्रांसपोर्ट कंपनियों और यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) द्वारा मान्यता प्राप्त पार्टियों को अंतरराष्ट्रीय डाक शिपमेंट पर ड्यूटी जमा करनी होगी। सीबीपी ने 15 अगस्त, 2025 को कुछ शुरुआती नियम जारी किए थे, लेकिन मान्यता प्राप्त पार्टियों को चुनने और ड्यूटी जमा करने के तरीकों के बारे में पूरी जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। इन वजहों से, अमेरिका जाने वाली अंतरराष्ट्रीय मेल को संभालने वाली एयरलाइंस ने 25 अगस्त के बाद डाक कंसाइनमेंट स्वीकार करने में असमर्थता जताई है। उनका कहना है कि वे नए नियमों का पालन करने के लिए तकनीकी और परिचालन रूप से तैयार नहीं हैं।

जानें कौन सी चीजें भेजी जा सकेंगी इसलिए, डाक विभाग 25 अगस्त से अमेरिका जाने वाले सभी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय डाक की बुकिंग बंद कर देगा। लेकिन, कुछ चीजें भेजी जा सकेंगी। ये हैं: पत्र/दस्तावेज और 100 अमेरिकी डॉलर तक के गिफ्ट आइटम। डाक विभाग ने कहा है कि वह सीबीपी और यूनाइटेड पोस्टल सर्विसेस (USPS) से और जानकारी मिलने के बाद इन चीजों को अमेरिका भेजेगा। डाक विभाग सभी संबंधित लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा है और स्थिति पर नजर रख रहा है। विभाग जल्द से जल्द अमेरिका के लिए पूरी डाक सेवा फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है।

PIB की एक विज्ञप्ति के अनुसार, जिन ग्राहकों ने पहले से ही ऐसे आइटम बुक किए हैं जो अब नए नियमों के अनुसार नहीं भेजे जा सकते, वे डाक शुल्क का रिफंड ले सकते हैं। विभाग ने असुविधा के लिए खेद जताया है और जल्द से जल्द पूरी सेवा बहाल करने की बात कही है।

“Google का तोहफा! Free में इस्तेमाल कर पाएंगे वीडियो बनाने वाला टूल Veo 3, अपना हुनर दिखाने का मौका”

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“Google का तोहफा! Free में इस्तेमाल कर पाएंगे वीडियो बनाने वाला टूल Veo 3, अपना हुनर दिखाने का मौका”

Google Veo 3 का सभी यूजर्स फ्री में यूज कर सकते हैं। गूगल लोगों को यह टूल फ्री में यूज करने का मौका दे रहा है। हालांकि, यह ऑफर सीमित समय के लिए है।

Google इस वीकेंड लोगों को अपने AI-पावर्ड वीडियो क्रिएशन प्लेटफॉर्म Veo 3 का फ्री एक्सेस दे रहा है।

यह वीकेंड लोगों के लिए मजेदार हो सकता है। वे एआई टूल की मदद से अपनी स्किल को दिखा सकते हैं। गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने घोषणा की है कि Veo 3 का सभी लोग फ्री में यूज कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से इस टूल की क्रिएटिविटी का यूज करने के लिए कहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल Veo 3 गूगल के Gemini ऐप के AI Pro सब्सक्रिप्शन के साथ मिलता है। इसकी भारत में कीमत 1,999 रुपये प्रति महीना है। हालांकि, गूगल पहली बार सभी के लिए यह टूल फ्री में दे रहा है। इसे फ्री में यूज करने का तरीका नीचे बताया गया है। आइये, जानते हैं।​कल से फ्री में यूज कर पाएंगे टूल

यह मॉडल अब यूजर्स के लिए जेमिनी ऐप के जरिए रविवार रात 10 बजे (भारतीय समयानुसार) से सोमवार सुबह 10:30 बजे (भारतीय समयानुसार) तक उपलब्ध रहेगा। गूगल जेमिनी के प्रमुख जोश वुडवर्ड ने गुरुवार को कहा कि कंपनी फ्री यूजर्स को यह मॉडल उपलब्ध कराने से पहले “ढेर सारे टीपीयू” स्थापित कर रही है। गूगल ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपना यह एआई टूल पहुंचाना चाहता है ताकि लोग इसका यूज कर सकें। नए सब्सक्राइबर को एक महीने का फ्री ट्रायल मिलता है। हालांकि, ऐसा पहली बार है जब कंपनी ने सभी लोगों के लिए इसे फ्री कर दिया है, चाहे वे Pro यूजर हों या नहीं। गूगल के CEO ने कहा- लोगों को क्रिएटिव अवसर देना है उद्देश्य

गूगल के CEO सुंदर पिचाई के अनुसार, इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए क्रिएटिव अवसर खोलना है। गूगल के लिए यह एक अच्छा मार्केटिंग अवसर भी है। अगर आपको नहीं पता है तो बता दें कि Veo 3 को पहली बार गूगल IO 2025 में पेश किया गया था। यह कंपनी का सबसे एडवांस वीडियो मॉडल है। यह ना केवल विजुअल बनाता है, बल्कि सिंक्रोनाइज्ड ऑडियो भी बनाता है। इसमें डायलॉग, बैकग्राउंड म्यूजिक, कदमों की आवाज और आसपास की आवाजें शामिल हैं।

इसके अलावा, यह एनिमेटेड शॉर्ट्स, सिनेमैटिक सीक्वेंस, स्टोरीबोर्ड या गेम कटसीन बनाने के लिए भी सही टूल है। अभी, यह मॉडल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के साथ काम करता है। हालांकि, इमेज बेस्ड प्रॉम्प्ट भी जल्द ही आने वाला है। इससे यह टूल और भी उपयोगी हो जाएगा। भारतीय यूजर्स के लिए गूगल ने Veo 3 Fast मॉडल लॉन्च किया है। यह गूगल Gemini ऐप पर Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मौजूद होगा।

टूल से ऐसे बनाएं वीडियो Veo 3 के जरिए वीडियो बनाने के लिए सबसे पहले Gemini ऐप ओपन करना होगा।

इसके बाद सर्च बार में जाकर थ्री बॉट आइकन पर क्लिक करें। ऐसा करते ही आपको एक नया ऑप्शन दिखाई देगा, जो Veo के जरिए वीडियो बनाने का ऑप्शन होगा। इस पर क्लिक करें।

अब आपको Veo 3 के लिए एक सीन की कल्पना करने या वीडियो मॉडल के साथ उसे बनाने के लिए एक फोटो जोड़ने के लिए कहा जाएगा। आपको सीन को खुलकर बताने और वीडियो में अपनी पसंद की सीन और म्यूजिक की लिस्ट बनानी होगी।