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“पृथ्वी का आखिरी दिन? अपोफिस के टकराने पर सुनामी निगल जाएगी शहर, 1312 फीट ऊंची लहरें बनेंगी मौत का दरिया”

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“पृथ्वी का आखिरी दिन? अपोफिस के टकराने पर सुनामी निगल जाएगी शहर, 1312 फीट ऊंची लहरें बनेंगी मौत का दरिया”

क्षुद्रग्रह 99942, जिसे अपोफिस कहा जाता है, को लेकर वैज्ञानिकों ने साल 2004 में पहली बार चेतावनी दी थी। रिसर्च में सामने आया था कि यह विशालकाय स्पेस रॉक 2029 में पृथ्वी से टकरा सकता है।

इस खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। उस समय कई रिसर्च सेंटर और एजेंसियां लगातार इसकी रफ्तार का आकलन कर रही थीं। नासा समेत दुनिया के प्रमुख अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस पर ध्यान केंद्रित किया। आखिरकार, कई सालों की रिसर्च के बाद यह साफ हो गया कि कम से कम अगले 100 साल तक अपोफिस पृथ्वी से नहीं टकराएगा। हालांकि, यह साल 2029 में पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा। यह स्थिति भले ही टकराव का खतरा न हो, लेकिन लोगों को यह जरूर सोचने पर मजबूर कर देती है कि अगर यह क्षुद्रग्रह धरती से टकरा गया तो आखिर होगा क्या?

अपोफिस टकराए तो कितना बड़ा धमाका होगा? अपोफिस का आकार लगभग 1214 फुट लंबा यानी एक छोटे पहाड़ जितना है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर यह पृथ्वी से टकराता है, तो इससे निकलने वाली ऊर्जा करीब 1,00,000 मेगाटन TNT के बराबर होगी। तुलना करें तो यह ताकत अब तक किए गए सबसे बड़े परमाणु परीक्षणों से भी हजारों गुना ज्यादा होगी। ऐसे धमाके से न सिर्फ स्थानीय क्षेत्र, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर का इलाका तबाह हो जाएगा। आसपास की इमारतें पलभर में गिर जाएंगी और शहर खाक में बदल जाएंगे। टकराव के केंद्र से लेकर चारों ओर धूल, आग और जहरीली गैसें फैलेंगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह धमाका “डायनासोर के खत्म होने” जैसी आपदा को दोहरा सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि अगर अपोफिस जैसी चट्टान टकराई, तो क्या पूरी धरती रहने लायक बचेगी? हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी कम से कम 100 साल तक इंसान को इससे डरने की जरूरत नहीं है।

1000 फीट ऊंची सुनामी अगर अपोफिस जमीन पर गिरा, तो वैज्ञानिक मानते हैं कि यह लगभग 5 किलोमीटर गहरा और कई किलोमीटर चौड़ा गड्ढा बना देगा। इससे आसपास का इलाका पूरी तरह उजड़ जाएगा। वहीं, अगर यह क्षुद्रग्रह समुद्र में गिरता है, तो और भी डरावनी स्थिति बन सकती है। समुद्र में गिरते ही यह 1,312 फीट ऊंची सुनामी की लहरें पैदा करेगा। इतनी ऊंची लहरें पूरी-की-पूरी तटीय आबादी को बहा ले जाएंगी। यानी सिर्फ एक टकराव से कई देशों की किस्मत बदल सकती है। धरती पर लाखों लोग पलभर में लापता हो जाएंगे और अर्थव्यवस्था से लेकर पर्यावरण तक सबकुछ तबाह हो जाएगा।

वायुमंडल में टूटे तो क्या होगा? अब सवाल यह भी है कि अगर अपोफिस धरती से न टकराए और वायुमंडल में ही टूट जाए तो क्या होगा? वैज्ञानिकों का मानना है कि इस स्थिति में भी खतरा कम नहीं होगा। वायुमंडल में टूटने से एक भारी वायुविस्फोट होगा। यह विस्फोट इतना ताकतवर होगा कि सैकड़ों किलोमीटर के क्षेत्र में दबाव की लहरें और आग का गोला नजर आएगा। इससे खिड़कियां चटक जाएंगी, इमारतें हिल जाएंगी और बहुत बड़ा इलाका राख में बदल जाएगा। ऐसा ही एक छोटा उदाहरण 1908 का तुंगुस्का विस्फोट है, जिसने रूस के एक बड़े इलाके को तबाह कर दिया था, जबकि वह क्षुद्रग्रह अपोफिस से कई गुना छोटा था।

Modi ने Amit Shah और Rajnath Singh को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, आने वाले दिनों में देश में दिखेंगे कई बड़े बदलाव”

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Modi ने Amit Shah और Rajnath Singh को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, आने वाले दिनों में देश में दिखेंगे कई बड़े बदलाव”

भारत सरकार ने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की दिशा में दो नए अनौपचारिक मंत्रियों के समूह (iGoMs) का गठन किया है। इन समूहों का नेतृत्व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।

हम आपको बता दें कि इन समितियों का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने “2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए 21वीं सदी के अनुरूप नए कानूनों, नीतियों और प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर बल दिया था।

हम आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाले 13 सदस्यीय समूह में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (समूह के संयोजक) जैसे वरिष्ठ मंत्री सम्मिलित किये गये हैं। इस समूह का कार्यक्षेत्र वित्त, उद्योग, वाणिज्य, अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और सुशासन जैसे क्षेत्रों में विधायी और नीतिगत सुधारों की रूपरेखा तैयार करना होगा। इस मंत्री समूह का विशेष ध्यान अनुपालन भार कम करने, रोजगार सृजन, उत्पादकता वृद्धि और पुराने अवरोधक ढाँचों को हटाने पर होगा।

उपराष्ट्रपति चुनाव को राष्ट्रवाद बनाम धर्मनिरपेक्षता की सियासी लड़ाई बनाने के रणनीतिक मायने वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाला 18 सदस्यीय समूह शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, कौशल विकास, सामाजिक कल्याण, आवास, श्रम और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सुधारों की संभावना तलाशेगा। इस समिति में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और श्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया (समूह संयोजक) प्रमुख सदस्य हैं। यह समूह कानूनी सुधार, संस्थागत ढाँचे में सुधार और बहुस्तरीय (केंद्र, राज्य, नगरीय निकाय) सुधारों की सिफारिश करेगा।

बताया जा रहा है कि दोनों समूहों को हर महीने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी और तीन महीने के भीतर एक समेकित सुधार रोडमैप सौंपना होगा। इन दोनों समूहों को वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों का विभाग सचिवालयीय सहयोग देगा। समूहों को विशेषज्ञों और अन्य मंत्रियों को आमंत्रित करने की स्वतंत्रता होगी। बताया जा रहा है कि इन मंत्री समूहों से केवल परामर्शात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा नहीं है, बल्कि कार्यान्वयन योग्य सुधार योजनाएँ तैयार करने और उनके मापन योग्य परिणाम तय करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

देखा जाये तो पिछले कुछ वर्षों में गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वह कई बार आर्थिक मामलों में भी निर्णायक भूमिका निभा चुके हैं। जीएसटी सुधार में राज्यों व केंद्र के बीच सहमति बनाने में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। मुद्रास्फीति और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर बैठकों की अध्यक्षता भी उन्होंने की है। ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक तैयार करने में भी गृह मंत्रालय को प्रमुख शक्ति के रूप में देखा गया, जबकि आईटी मंत्रालय ने इसका प्रारूप तैयार किया था।

हम आपको बता दें कि इन समितियों की संरचना इस बात को दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्णय लेने में तेजी और बाधाओं को दूर करने को प्राथमिकता देना चाहते हैं। विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को जोड़कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि सुधार प्रस्ताव नीति-निर्धारण से सीधे क्रियान्वयन तक शीघ्र पहुँचें।

बहरहाल, इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत की वर्तमान प्रशासनिक एवं आर्थिक संरचना में कई पुरानी नीतियाँ और नियम आज की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं हैं। इन नए iGoMs का उद्देश्य न केवल सुधार सुझाना है बल्कि “कार्यान्वित करने योग्य बदलाव” प्रस्तुत करना भी है। यह कदम शासन तंत्र को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग है। यदि मंत्री समूह व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं, तो यह भारत के विकसित राष्ट्र 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध होगा।

“उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी ने दाखिल किया नामांकन, मौजूद रहे INDIA Bloc के बड़े नेता”

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“उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी ने दाखिल किया नामांकन, मौजूद रहे INDIA Bloc के बड़े नेता”

उपराष्ट्रपति पद के लिए इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित वरिष्ठ विपक्षी नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया।

एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार, सपा सांसद राम गोपाल यादव, डीएमके सांसद तिरुचि शिवा, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत और अन्य इंडिया ब्लॉक नेता भी उपस्थित थे।

दीपावली और छठ पर यात्रियों को बड़ी सौगात, चलेंगी 12 हजार स्पेशल ट्रेनें, रेल मंत्री का ऐलान उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। यह पद जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन पद छोड़ने के बाद रिक्त हुआ था। उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों वाले एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।

विश्वास है कि वह एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे… सीपी राधाकृष्णन के नामांकन पर बोले PM Modi वहीं, उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन पत्र दाखिल करने गए राधाकृष्णन के साथ राजग के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी को नामांकन पत्रों के चार सेट सौंपे, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी हैं। नामांकन पत्रों के चार सेट में मोदी, सिंह, शाह और जनता दल (यूनाइटेड) नेता राजीव रंजन सिंह मुख्य प्रस्तावक हैं।

“राज्यसभा में पेश हुआ गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाला बिल, संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव पारित”

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“राज्यसभा में पेश हुआ गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाला बिल, संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव पारित”

राज्यसभा ने गुरुवार को संविधान (एक सौ तीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 को एक संयुक्त समिति को भेजने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें 21 लोकसभा सदस्य और 10 राज्यसभा सदस्य शामिल होंगे, जिन्हें क्रमशः अध्यक्ष और उपसभापति द्वारा नामित किया जाएगा।

समिति को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी ने दाखिल किया नामांकन, मौजूद रहे INDIA Bloc के बड़े नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच उच्च सदन में प्रस्ताव रखा कि तीनों विधेयकों को एक संयुक्त समिति को भेजा जाए। प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के संविधान में और संशोधन करने के लिए संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन करने वाले विधेयक के अलावा केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 को लोकसभा में पेश किया था।

संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, भ्रष्टाचार या गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे और कम से कम 30 दिनों तक हिरासत में रहे किसी केंद्रीय या राज्य मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान करता है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में यह विधेयक पेश किया। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 54 में संशोधन करने का प्रस्ताव करता है ताकि गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की स्थिति में मुख्यमंत्री या मंत्री को पद से हटाने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान किया जा सके।

सरकारी संपत्ति तोड़ने का अधिकार नहीं, निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी, विपक्ष को ओम बिरला की चेतावनी विपक्षी नेताओं ने विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों को “कठोर” और “असंवैधानिक” करार दिया है। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर तीनों विधेयकों की प्रतियां फाड़कर फेंकी। इन विधेयकों में भ्रष्टाचार या गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे और लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है।

”लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे की भेंट चढ़ा गया मानसून सत्र”

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”लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे की भेंट चढ़ा गया मानसून सत्र”

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही संसद का 21 दिवसीय मानसून सत्र समाप्त हो गया। अंतिम दिन भी कई बार कार्यवाही स्थगित हुई और विपक्षी दलों ने बिहार एसआईआर और कथित वोट चोरी के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

शुरूआच से ही यह संत्र हंगामेदार रहा। पहले दिन से ही इस एसआईआर को लेकर विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा शुरू किया जो आखिरी दिन तक भी जारी रहा। दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान दोनों सदनों में हंगामा कम देखने को मिला।

लोकसभा की कार्यवाही लोकसभा की बैठक बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई जिसमें 12 विधेयकों को बिना चर्चा के या संक्षिप्त चर्चा के साथ पारित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए।

इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।

लोकसभा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार किए जाने और लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाए जाने के प्रावधान वाले ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’, ‘संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया। सदन में 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया।

राज्यसभा की कार्यवाही राज्यसभा का 268वां सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और सत्र के दौरान जहां बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लगातार गतिरोध बना रहा, वहीं हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित करवाया गया।

सत्र के दौरान मात्र 38 प्रतिशत ही कामकाज हो पाया। उपसभापति हरिवंश ने सत्र के अंत में अपनी टिप्पणी में कहा कि हंगामे के कारण सदन में केवल 41 घंटे 15 मिनट कामकाज हो पाया और सदन का कामकाज केवल 38.88 प्रतिशत रहा जो बहुत निराशाजनक है। सत्र के पहले ही दिन निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देर शाम स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया था, जिसे बाद में स्वीकार कर लिया गया।

पूरे सत्र के दौरान एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार हंगामे और आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने के कारण एक भी दिन शून्यकाल एवं प्रश्नकाल सामान्य ढंग से नहीं चल पाये। साथ ही इस दौरान कोई गैर सरकारी कामकाज नहीं हुआ।

अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाला बिल, विपक्ष ने जमकर किया विरोध संसद ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने एवं शैक्षणिक और सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाज में एक बहुत बड़ी बुराई आ रही है जिससे बचने के लिए इस विधेयक को लाया गया है।

”विदेशी निवेशकों के लिए भारत बना सबसे पसंदीदा मार्केट”

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”विदेशी निवेशकों के लिए भारत बना सबसे पसंदीदा मार्केट”

नई दिल्ली: विदेशी निवेशक इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। इसकी वजह भू-राजनीतिक तनाव, भारतीय कंपनियों के कमजोर कमाई और टैरिफ वॉर है। अब भारत उभरते बाजारों में निवेशकों के लिए सबसे कम पसंदीदा बाजार रह गया है।

नोमुरा के एक विश्लेषण के अनुसार जुलाई में उभरते बाजारों के निवेशकों ने भारत में अपना निवेश कम कर दिया। वहीं, हांगकांग/चीन और कोरिया में निवेश बढ़ा दिया।नोमुरा ने एक नोट में कहा, ‘जुलाई 2025 के अंत तक उभरते बाजारों के फंड्स ने भारत में अपना निवेश 1.0% तक घटा दिया। हमारे नमूने में शामिल 45 में से 41 फंडों ने भारत में कम निवेश किया। इसके विपरीत, हांगकांग/चीन और कोरिया में निवेश क्रमशः 0.8%, 0.7% और 0.4% बढ़ गया। हांगकांग और चीन के मामले में हमारे नमूने में शामिल 45 में से 37 फंड्स ने जुलाई में अपना निवेश बढ़ाया। वहीं, कोरिया में 29 फंड्स ने निवेश बढ़ाया।’

चीन वर्सेज इंडिया नोमुरा ने पाया कि लगभग 71% उभरते बाजार फंड्स ने जुलाई के अंत तक भारत में कम निवेश किया है। पहले यह आंकड़ा 60% था। अब भारत, उभरते बाजारों में निवेशकों के लिए सबसे कम पसंदीदा बाजार बन गया है। नोमुरा ने कहा, ‘एमर्जिंग मार्केट फंड्स के प्रदर्शन के मामले में जुलाई ज्यादातर फंड मैनेजर्स के लिए एक चुनौतीपूर्ण महीना रहा। जुलाई में केवल 7 फंड्स (45 में से) बेंचमार्क (MSCI EM Index) से बेहतर प्रदर्शन कर पाए। हालांकि, महीने की शुरुआत से अब तक, ज्यादातर फंड (35) बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सितंबर 2024 में जब चीन के शेयर अप्रत्याशित रूप से बढ़े थे तब केवल 10 फंड्स ही बेहतर प्रदर्शन कर पाए थे।’

इस महीने की शुरुआत में वैश्विक ब्रोकरेज BofA सिक्योरिटीज ने कहा था कि भारत उभरते बाजारों की सूची में सबसे नीचे आ गया है। जापान और चीन सबसे आगे हैं। BofA ने कहा, ‘कॉर्पोरेट सुधार, करेंसी और कमाई जापान के शेयरों के लिए महत्वपूर्ण हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अगले साल मार्च से पहले ब्याज दरें बढ़ेंगी। ताइवान और कोरिया दोनों को AI चक्र से फायदा हो रहा है। कोरिया को नई सरकार की नीतियों से भी उम्मीदें हैं। दूसरी ओर, भारत पर राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा 50% टैरिफ लगाने की घोषणा का असर पड़ा है।’

सतर्क रुख पिछले 1 साल में सेंसेक्स और निफ्टी 2% से भी कम बढ़े हैं। FIIs अगस्त में भी भारतीय शेयरों के शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं। उन्होंने महीने में अब तक 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री की है। जुलाई में 17,741 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। हाल ही में समाप्त हुए जून तिमाही के नतीजों से भी शेयर बाजार में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। भारत कंपनियों ने लगातार पांचवीं तिमाही में लो सिंगल डिजिट में कमाई दर्ज की। अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगने के खतरे से भी विदेशी निवेशक सतर्क हैं। जीएसटी रेट में कटौती और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही से कमाई में सुधार की उम्मीदों के बावजूद विदेशी निवेशक फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहे हैं।

“कल का मौसम 22 अगस्त 2025: उमस भरी गर्मी से पसीना-पसीना दिल्ली-NCR वाले… पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़िए वेदर अपडेट”

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“कल का मौसम 22 अगस्त 2025: उमस भरी गर्मी से पसीना-पसीना दिल्ली-NCR वाले… पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़िए वेदर अपडेट”

कल का मौसम 22 अगस्त 2025: दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया है। हल्की बूंदाबांदी से मौसम के मिजाज पर खास फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली- एनसीआर में अगले पूरे हफ्ते तक बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 22 अगस्त को आंधी और बारिश के साथ गरज-चमक की आशंका रहेगी। 23 से 25 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम दर्जे की बारिश होगी। 26 और 27 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश या फिर तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 22 से 26 अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में भी 23 और 24 अगस्त को जोरदार बारिश की संभावना है।

जानें कल आपके यहां कितना रहेगा तापमान

शहर अधिकतम तापमान (22 अगस्त) न्यूनतम तापमान (22 अगस्त दिल्ली) 35°C 25°C मुंबई 30°C 24°C कोलकाता 29°C 26°C चेन्नई 33°C 26°C पटना 31°C 26°C रांची 27°C 23°C भोपाल 26°C 23°C जयपुर 29°C 26°C लखनऊ 32°C 26°C शिमला 24°C 17°C

इन राज्यों में भी भारी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों तक असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में 22 से 24 अगस्त के बीच बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं, असम और मेघालय में 22 और 23 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

राजस्थान के कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी भागों में आगामी तीन-चार दिनों में कहीं-कहीं भारी, अति भारी बारिश जारी रहने और शेष भागों में ज्यादातर स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी 22 से 29 अगस्त के दौरान बारिश होने की संभावना है।

“Ganesh Chaturthi Holiday 2025: गणेश चतुर्थी की छुट्टी कब है? किन राज्यों में किस दिन रहेगा अवकाश”

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“Ganesh Chaturthi Holiday 2025: गणेश चतुर्थी की छुट्टी कब है? किन राज्यों में किस दिन रहेगा अवकाश”

Ganesh Chaturthi ki Chhutti Kab Hai 2025: अगस्त महीने में अब तक कई सारी छुट्टियां छात्रों के लिए देखने को मिली हैं। रक्षा बंधन, स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के पर्व बीत चुके हैं और अब बारी गणेश चतुर्थी की है जो पूरे भारत में लगभग सभी बड़े शहरों में मनाया जाने वाला त्योहार बन चुका है।

इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 को पड़ रहा है और इस बीच छात्रों के मन में सवाल है कि क्या अगले सप्ताह बुधवार को स्कूल बंद रहेंगे?

बुधवार, 27 अगस्त को पड़ने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व पारंपरिक रूप से पश्चिमी और दक्षिण भारतीय राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है और बीते सालों में तो उत्तर भारत में भी इसकी धूम देखने को मिलती रही है। यह दिन भगवान गणेश के जन्मदिवस का प्रतीक है और इस मौके पर भव्य जुलूस, पूजा और सामाजिक आयोजन देखने को मिलते हैं।

गणेश चतुर्थी पर इन राज्यों में छुट्टी: गणेश चतुर्थी के पर्व पर महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों में सार्वजनिक अवकाश होता है जहां ज्यादातर संभावना यही है कि 27 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे ताकि परिवारों को धार्मिक आयोजनों का हिस्सा बनने का मौका मिले। दूसरे क्षेत्रों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी सरकार के निर्देश या फिर स्कूल प्रशासन या जिला प्रशासन के निर्देशों के आधार पर घोषित होगी। जिन राज्यों में पारंपरिक रूप से गणेश चतुर्थी एक बड़े आयोजन वाला पर्व नहीं रहा है वहां स्कूली गतिविधियों आम दिन की तरह ही चलेंगी।

गणेश चतुर्थी के अलावा ओणम के अवसर पर भी अगस्त में केरल और कुछ अन्य राज्यों में स्कूल बंद रहने वाले हैं। यह पर्व भी गणेश चतुर्थी की तरह ही 27 अगस्त को मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर भी स्कूल या प्रशासन की ओर से की गई घोषणाओं के आधार पर ही अपनी छुट्टी को पक्का मानें।

“भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार… रूस की धरती से जयशंकर का पाक‍िस्‍तान को सीधा संदेश, रूसी तेल पर अमेरिका को सुनाया”

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“भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार… रूस की धरती से जयशंकर का पाक‍िस्‍तान को सीधा संदेश, रूसी तेल पर अमेरिका को सुनाया”

विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर रूस की जमीन से दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है। जयशंकर ने गुरुवार को आतंकवाद के प्रति भारत के जीरो टॉलरेंस के रुख की पुष्टि करते हुए कहा कि अपनी रक्षा करना किसी भी संप्रभु देश का अधिकार है।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और मॉस्को ने मिलकर आतंकवाद से लड़ने का संकल्प लिया है। रूस के दौरे पर पहुंचे जयशंकर के इस रुख को पाकिस्तान के लिए संदेश की तरह देखा जा रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने स्टेटमेंट में कहा, ‘आतंकवाद से बचाव करना भारत का संप्रभु अधिकार है। हम हर रूप में आतंकवाद की निंदा करते हैं और आतंकवाद से मिलकर लड़ने का संकल्प लेते हैं।’ भारत ने इस साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद से भारत ने बार-बार दोहराया है कि इस मुद्दे पर कोई सहिष्णुता नहीं दिखाई जाएगी।

अमेरिका को भी सुनाया एस जयशंकर ने इस दौरान यह भी कहा कि भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार नहीं है लेकिन वॉशिंगटन ने नई दिल्ली को विश्व बाजारों को स्थिर करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसमें रूसी ऊर्जा खरीदना भी शामिल है। उन्होने कहा कि टैरिफ पर अमेरिका के अजीब तर्क से भारत हैरान है।

एस जयशंकर मंगलवार को रूस के दौरे पर मॉस्को पहुंचे हैं। जयशंकर 19 से 21 अगस्त तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उन्होंने इस दौरान कई अहम बैठकों में भाग लिया है। इसमें रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ गुरुवार को हुई मुलाकात शामिल है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा करते हुए वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया है।

जयशंकर की यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की हालिया मॉस्को यात्रा के बाद हो रही है। डोभाल ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और रूस के सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की थी। अब जयशंकर मॉस्को पहुंचे हैं।

“अब नहीं चलेगा पैसों का खेल! ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद से पारित, कल लोकसभा में किया गया था पेश”

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“अब नहीं चलेगा पैसों का खेल! ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद से पारित, कल लोकसभा में किया गया था पेश”

नई दिल्ली। संसद से गुरुवार (21 अगस्त, 2025) को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 पारित हो गया। इस बिल को बिना किसी बहस के हंगामे के बीच मंजूरी दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देते हुए सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाना है।

बुधवार को लोकसभा से हुआ था पास विपक्षी सदस्यों की ओर से प्रस्तुत संशोधनों को अस्वीकार करने के बाद उच्च सदन ने इसे मंजूरी दे दी। इससे पहले यह विधेयक बुधवार को लोकसभा में पारित हुआ था।

बिल में क्या-क्या प्रावधान हैं? इसमें ऑनलाइन मनी गेम्स से संबंधित विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने और बैंकों व वित्तीय संस्थानों को ऐसे किसी भी गेम के लिए धन उपलब्ध कराने या हस्तांतरित करने से रोकने का भी प्रावधान है। ऑनलाइन मनी गेम्स में नकद और अन्य पुरस्कार जीतने की उम्मीद में पैसा जमा करके खेला जाता है।