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”लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे की भेंट चढ़ा गया मानसून सत्र”

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”लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे की भेंट चढ़ा गया मानसून सत्र”

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही संसद का 21 दिवसीय मानसून सत्र समाप्त हो गया। अंतिम दिन भी कई बार कार्यवाही स्थगित हुई और विपक्षी दलों ने बिहार एसआईआर और कथित वोट चोरी के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

शुरूआच से ही यह संत्र हंगामेदार रहा। पहले दिन से ही इस एसआईआर को लेकर विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा शुरू किया जो आखिरी दिन तक भी जारी रहा। दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान दोनों सदनों में हंगामा कम देखने को मिला।

लोकसभा की कार्यवाही लोकसभा की बैठक बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई जिसमें 12 विधेयकों को बिना चर्चा के या संक्षिप्त चर्चा के साथ पारित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए।

इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।

लोकसभा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार किए जाने और लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाए जाने के प्रावधान वाले ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’, ‘संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया। सदन में 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया।

राज्यसभा की कार्यवाही राज्यसभा का 268वां सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और सत्र के दौरान जहां बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लगातार गतिरोध बना रहा, वहीं हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित करवाया गया।

सत्र के दौरान मात्र 38 प्रतिशत ही कामकाज हो पाया। उपसभापति हरिवंश ने सत्र के अंत में अपनी टिप्पणी में कहा कि हंगामे के कारण सदन में केवल 41 घंटे 15 मिनट कामकाज हो पाया और सदन का कामकाज केवल 38.88 प्रतिशत रहा जो बहुत निराशाजनक है। सत्र के पहले ही दिन निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देर शाम स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया था, जिसे बाद में स्वीकार कर लिया गया।

पूरे सत्र के दौरान एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार हंगामे और आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने के कारण एक भी दिन शून्यकाल एवं प्रश्नकाल सामान्य ढंग से नहीं चल पाये। साथ ही इस दौरान कोई गैर सरकारी कामकाज नहीं हुआ।

अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाला बिल, विपक्ष ने जमकर किया विरोध संसद ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने एवं शैक्षणिक और सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाज में एक बहुत बड़ी बुराई आ रही है जिससे बचने के लिए इस विधेयक को लाया गया है।

”विदेशी निवेशकों के लिए भारत बना सबसे पसंदीदा मार्केट”

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”विदेशी निवेशकों के लिए भारत बना सबसे पसंदीदा मार्केट”

नई दिल्ली: विदेशी निवेशक इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। इसकी वजह भू-राजनीतिक तनाव, भारतीय कंपनियों के कमजोर कमाई और टैरिफ वॉर है। अब भारत उभरते बाजारों में निवेशकों के लिए सबसे कम पसंदीदा बाजार रह गया है।

नोमुरा के एक विश्लेषण के अनुसार जुलाई में उभरते बाजारों के निवेशकों ने भारत में अपना निवेश कम कर दिया। वहीं, हांगकांग/चीन और कोरिया में निवेश बढ़ा दिया।नोमुरा ने एक नोट में कहा, ‘जुलाई 2025 के अंत तक उभरते बाजारों के फंड्स ने भारत में अपना निवेश 1.0% तक घटा दिया। हमारे नमूने में शामिल 45 में से 41 फंडों ने भारत में कम निवेश किया। इसके विपरीत, हांगकांग/चीन और कोरिया में निवेश क्रमशः 0.8%, 0.7% और 0.4% बढ़ गया। हांगकांग और चीन के मामले में हमारे नमूने में शामिल 45 में से 37 फंड्स ने जुलाई में अपना निवेश बढ़ाया। वहीं, कोरिया में 29 फंड्स ने निवेश बढ़ाया।’

चीन वर्सेज इंडिया नोमुरा ने पाया कि लगभग 71% उभरते बाजार फंड्स ने जुलाई के अंत तक भारत में कम निवेश किया है। पहले यह आंकड़ा 60% था। अब भारत, उभरते बाजारों में निवेशकों के लिए सबसे कम पसंदीदा बाजार बन गया है। नोमुरा ने कहा, ‘एमर्जिंग मार्केट फंड्स के प्रदर्शन के मामले में जुलाई ज्यादातर फंड मैनेजर्स के लिए एक चुनौतीपूर्ण महीना रहा। जुलाई में केवल 7 फंड्स (45 में से) बेंचमार्क (MSCI EM Index) से बेहतर प्रदर्शन कर पाए। हालांकि, महीने की शुरुआत से अब तक, ज्यादातर फंड (35) बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सितंबर 2024 में जब चीन के शेयर अप्रत्याशित रूप से बढ़े थे तब केवल 10 फंड्स ही बेहतर प्रदर्शन कर पाए थे।’

इस महीने की शुरुआत में वैश्विक ब्रोकरेज BofA सिक्योरिटीज ने कहा था कि भारत उभरते बाजारों की सूची में सबसे नीचे आ गया है। जापान और चीन सबसे आगे हैं। BofA ने कहा, ‘कॉर्पोरेट सुधार, करेंसी और कमाई जापान के शेयरों के लिए महत्वपूर्ण हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अगले साल मार्च से पहले ब्याज दरें बढ़ेंगी। ताइवान और कोरिया दोनों को AI चक्र से फायदा हो रहा है। कोरिया को नई सरकार की नीतियों से भी उम्मीदें हैं। दूसरी ओर, भारत पर राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा 50% टैरिफ लगाने की घोषणा का असर पड़ा है।’

सतर्क रुख पिछले 1 साल में सेंसेक्स और निफ्टी 2% से भी कम बढ़े हैं। FIIs अगस्त में भी भारतीय शेयरों के शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं। उन्होंने महीने में अब तक 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री की है। जुलाई में 17,741 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। हाल ही में समाप्त हुए जून तिमाही के नतीजों से भी शेयर बाजार में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। भारत कंपनियों ने लगातार पांचवीं तिमाही में लो सिंगल डिजिट में कमाई दर्ज की। अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगने के खतरे से भी विदेशी निवेशक सतर्क हैं। जीएसटी रेट में कटौती और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही से कमाई में सुधार की उम्मीदों के बावजूद विदेशी निवेशक फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहे हैं।

“कल का मौसम 22 अगस्त 2025: उमस भरी गर्मी से पसीना-पसीना दिल्ली-NCR वाले… पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़िए वेदर अपडेट”

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“कल का मौसम 22 अगस्त 2025: उमस भरी गर्मी से पसीना-पसीना दिल्ली-NCR वाले… पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़िए वेदर अपडेट”

कल का मौसम 22 अगस्त 2025: दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया है। हल्की बूंदाबांदी से मौसम के मिजाज पर खास फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली- एनसीआर में अगले पूरे हफ्ते तक बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 22 अगस्त को आंधी और बारिश के साथ गरज-चमक की आशंका रहेगी। 23 से 25 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम दर्जे की बारिश होगी। 26 और 27 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश या फिर तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 22 से 26 अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में भी 23 और 24 अगस्त को जोरदार बारिश की संभावना है।

जानें कल आपके यहां कितना रहेगा तापमान

शहर अधिकतम तापमान (22 अगस्त) न्यूनतम तापमान (22 अगस्त दिल्ली) 35°C 25°C मुंबई 30°C 24°C कोलकाता 29°C 26°C चेन्नई 33°C 26°C पटना 31°C 26°C रांची 27°C 23°C भोपाल 26°C 23°C जयपुर 29°C 26°C लखनऊ 32°C 26°C शिमला 24°C 17°C

इन राज्यों में भी भारी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों तक असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में 22 से 24 अगस्त के बीच बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं, असम और मेघालय में 22 और 23 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

राजस्थान के कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी भागों में आगामी तीन-चार दिनों में कहीं-कहीं भारी, अति भारी बारिश जारी रहने और शेष भागों में ज्यादातर स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी 22 से 29 अगस्त के दौरान बारिश होने की संभावना है।

“Ganesh Chaturthi Holiday 2025: गणेश चतुर्थी की छुट्टी कब है? किन राज्यों में किस दिन रहेगा अवकाश”

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“Ganesh Chaturthi Holiday 2025: गणेश चतुर्थी की छुट्टी कब है? किन राज्यों में किस दिन रहेगा अवकाश”

Ganesh Chaturthi ki Chhutti Kab Hai 2025: अगस्त महीने में अब तक कई सारी छुट्टियां छात्रों के लिए देखने को मिली हैं। रक्षा बंधन, स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के पर्व बीत चुके हैं और अब बारी गणेश चतुर्थी की है जो पूरे भारत में लगभग सभी बड़े शहरों में मनाया जाने वाला त्योहार बन चुका है।

इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 को पड़ रहा है और इस बीच छात्रों के मन में सवाल है कि क्या अगले सप्ताह बुधवार को स्कूल बंद रहेंगे?

बुधवार, 27 अगस्त को पड़ने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व पारंपरिक रूप से पश्चिमी और दक्षिण भारतीय राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है और बीते सालों में तो उत्तर भारत में भी इसकी धूम देखने को मिलती रही है। यह दिन भगवान गणेश के जन्मदिवस का प्रतीक है और इस मौके पर भव्य जुलूस, पूजा और सामाजिक आयोजन देखने को मिलते हैं।

गणेश चतुर्थी पर इन राज्यों में छुट्टी: गणेश चतुर्थी के पर्व पर महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों में सार्वजनिक अवकाश होता है जहां ज्यादातर संभावना यही है कि 27 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे ताकि परिवारों को धार्मिक आयोजनों का हिस्सा बनने का मौका मिले। दूसरे क्षेत्रों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी सरकार के निर्देश या फिर स्कूल प्रशासन या जिला प्रशासन के निर्देशों के आधार पर घोषित होगी। जिन राज्यों में पारंपरिक रूप से गणेश चतुर्थी एक बड़े आयोजन वाला पर्व नहीं रहा है वहां स्कूली गतिविधियों आम दिन की तरह ही चलेंगी।

गणेश चतुर्थी के अलावा ओणम के अवसर पर भी अगस्त में केरल और कुछ अन्य राज्यों में स्कूल बंद रहने वाले हैं। यह पर्व भी गणेश चतुर्थी की तरह ही 27 अगस्त को मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर भी स्कूल या प्रशासन की ओर से की गई घोषणाओं के आधार पर ही अपनी छुट्टी को पक्का मानें।

“भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार… रूस की धरती से जयशंकर का पाक‍िस्‍तान को सीधा संदेश, रूसी तेल पर अमेरिका को सुनाया”

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“भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार… रूस की धरती से जयशंकर का पाक‍िस्‍तान को सीधा संदेश, रूसी तेल पर अमेरिका को सुनाया”

विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर रूस की जमीन से दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है। जयशंकर ने गुरुवार को आतंकवाद के प्रति भारत के जीरो टॉलरेंस के रुख की पुष्टि करते हुए कहा कि अपनी रक्षा करना किसी भी संप्रभु देश का अधिकार है।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और मॉस्को ने मिलकर आतंकवाद से लड़ने का संकल्प लिया है। रूस के दौरे पर पहुंचे जयशंकर के इस रुख को पाकिस्तान के लिए संदेश की तरह देखा जा रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने स्टेटमेंट में कहा, ‘आतंकवाद से बचाव करना भारत का संप्रभु अधिकार है। हम हर रूप में आतंकवाद की निंदा करते हैं और आतंकवाद से मिलकर लड़ने का संकल्प लेते हैं।’ भारत ने इस साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद से भारत ने बार-बार दोहराया है कि इस मुद्दे पर कोई सहिष्णुता नहीं दिखाई जाएगी।

अमेरिका को भी सुनाया एस जयशंकर ने इस दौरान यह भी कहा कि भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार नहीं है लेकिन वॉशिंगटन ने नई दिल्ली को विश्व बाजारों को स्थिर करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसमें रूसी ऊर्जा खरीदना भी शामिल है। उन्होने कहा कि टैरिफ पर अमेरिका के अजीब तर्क से भारत हैरान है।

एस जयशंकर मंगलवार को रूस के दौरे पर मॉस्को पहुंचे हैं। जयशंकर 19 से 21 अगस्त तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उन्होंने इस दौरान कई अहम बैठकों में भाग लिया है। इसमें रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ गुरुवार को हुई मुलाकात शामिल है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा करते हुए वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया है।

जयशंकर की यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की हालिया मॉस्को यात्रा के बाद हो रही है। डोभाल ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और रूस के सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की थी। अब जयशंकर मॉस्को पहुंचे हैं।

“अब नहीं चलेगा पैसों का खेल! ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद से पारित, कल लोकसभा में किया गया था पेश”

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“अब नहीं चलेगा पैसों का खेल! ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद से पारित, कल लोकसभा में किया गया था पेश”

नई दिल्ली। संसद से गुरुवार (21 अगस्त, 2025) को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 पारित हो गया। इस बिल को बिना किसी बहस के हंगामे के बीच मंजूरी दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देते हुए सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाना है।

बुधवार को लोकसभा से हुआ था पास विपक्षी सदस्यों की ओर से प्रस्तुत संशोधनों को अस्वीकार करने के बाद उच्च सदन ने इसे मंजूरी दे दी। इससे पहले यह विधेयक बुधवार को लोकसभा में पारित हुआ था।

बिल में क्या-क्या प्रावधान हैं? इसमें ऑनलाइन मनी गेम्स से संबंधित विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने और बैंकों व वित्तीय संस्थानों को ऐसे किसी भी गेम के लिए धन उपलब्ध कराने या हस्तांतरित करने से रोकने का भी प्रावधान है। ऑनलाइन मनी गेम्स में नकद और अन्य पुरस्कार जीतने की उम्मीद में पैसा जमा करके खेला जाता है।

“NEET UG: 25 अगस्त तक MBBS, BDS सीट छोड़ने का मौका, सिक्योरिटी मनी नहीं होगी जब्त, 8 हजार सीटें भी बढ़ेंगी”

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“NEET UG: 25 अगस्त तक MBBS, BDS सीट छोड़ने का मौका, सिक्योरिटी मनी नहीं होगी जब्त, 8 हजार सीटें भी बढ़ेंगी”

नई दिल्ली। मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) की ओर से नीट यूजी काउंसिलिंग में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर साझा की गई है। एनएमसी के प्रमुख डॉ अभिजात सेठ द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जिन छात्रों ने पहले चरण की काउंसिलिंग में भाग लिया है और अब वे अपना प्रवेश रद्द करना चाहते हैं वे अब बिना सिक्योरिटी मनी जब्ती के अपनी सीट विड्रॉ कर सकते हैं।

अभ्यर्थी अपनी सीट 21 अगस्त से लेकर 25 अगस्त शाम 5 बजे तक छोड़ सकते हैं। एमसीसी की ओर से यह निर्णय बहुत से ऐसे स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर लिया गया है जो अपनी सीट को छोड़ना चाहते हैं।

कैसे सीट से कर सकते हैं रिजाइन छात्रों को अपने सीट छोड़ने के लिए अपने आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा। इसे बाद संस्थान आपकी सीट को ऑनलाइन माध्यम से रद्द कर देगा। ध्यान रखें कि सीट रिजाइन ऑनलाइन ही स्वीकार होगा।

यूजी पीजी की 8000 सीटों में होगी वृद्धि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के प्रमुख डा. अभिजात सेठ ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र से चिकित्सा के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में लगभग आठ हजार सीटें बढ़ाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मेरी नियुक्ति के साथ ही मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है।

हमने प्राथमिकता के आधार पर स्नातक पाठ्यक्रम की चिकित्सा सीटों का निरीक्षण पूरा कर लिया है और मूल्यांकन कार्य प्रगति पर है। इस शैक्षणिक वर्ष में प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर हमें लगभग आठ हजार सीटों (स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों को मिलाकर) की वृद्धि की उम्मीद है।

डा. सेठ ने कहा कि सीबीआई जांच के कारण स्नातक सीटों की संख्या कम हो सकती है। हालांकि, निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीटों की संख्या बढ़ जाएगी। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंस¨लग पर डा. सेठ ने कहा कि नई पीजी सीटों के लिए आवेदन करने वाले मेडिकल कालेजों की निरीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए काउंसलिंग सितंबर में होगी।

मेडिकल पाठ्यक्रम में दाखिले की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक खुशखबरी है। इस शैक्षणिक सत्र से देश में मेडिकल पाठ्यक्रम की आठ हजार सीटें बढ़ाए जाने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर मेडिकल कालेजों का मूल्यांकन किया जा रहा है। नीट-यूजी के लिए काउंसलिंग शुरू हो चुकी है और पहला दौर पूरा हो चुका है। काउंसलिंग का दूसरा दौर 25 अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है।

वर्तमान में स्नातक स्तर की 1,18,098 सीटें हैं। इनमें से 59,782 सीटें सरकारी और 58,316 निजी संस्थानों की हैं। स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 53,960 है। इनमें से 30,029 सीटें सरकारी और 23,931 निजी संस्थानों की हैं।

हाल के वर्षों में मेडिकल सीटों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। सरकार आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा का और विस्तार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस वित्त वर्ष के बजट में 10 हजार नई सीटें जोड़ने की घोषणा की गई है।

CBI कोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से 7 एफआईआर पर व्यक्तिगत शपथपत्र सहित जवाब मांगा.

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CBI कोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से 7 एफआईआर पर व्यक्तिगत शपथपत्र सहित जवाब मांगा.
CBI कोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जमानत याचिका में शपथ पत्र न होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से 7 एफआईआर पर व्यक्तिगत शपथपत्र सहित जवाब मांगा.

रायपुर: सूदखोरी और अन्य आपराधिक मामलों में आरोपी रायपुर के हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई है। दरअसल, CBI कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

आपको बता दें कि सूदखोर तोमर बंधुओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने रायपुर में दर्ज 7 एफआईआर को लेकर एसपी से जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से पूछा है कि किस आधार पर एक साथ इस तरह का केस दर्ज किया गया है। चीफ जस्टिस की बेंच ने उन्हें व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ दो सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने कहा है।

CG: छत्तीसगढ़ बीजेपी ने नया दांव, साय सरकार ने नए चेहरों को तवज्जो देकर दिग्गजों को दरकिनार कर दिया, ऐसे में अब सामंजस्य बिठाना चुनौती है ..

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CG: छत्तीसगढ़ बीजेपी ने नया दांव, साय सरकार ने नए चेहरों को तवज्जो देकर दिग्गजों को दरकिनार कर दिया, ऐसे में अब सामंजस्य बिठाना चुनौती है ..

भाजपा ने नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया था। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नाराज नेताओं को मनाकर और उनसे सामंजस्य बिठाकर काम करना जरूरी होगा।
बुधवार को राजभवन में तीनों नए मंत्रियों के शपथ समारोह के दौरान कई सीनियर नेताओं के चेहरे पर नाराजगी साफ तौर पर झलक रही थी। कई नेता तो अपने सीनियर साथी नेताओं के साथ दबी जुबान से नाराजगी व्यक्त करते दिखे।
समारोह में कई कुछ नाराज चल रहे सीनियर नेता भी शामिल नहीं हुए।

समारोह में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, विक्रम उसेंडी, रेणुका ङ्क्षसह, लता उसेंडी, धर्मजीत सिंह शामिल नहीं हुए। अजय चंद्राकर राजभवन गए, पर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। राजभवन जाकर वे अपने क्षेत्र के लिए निकल गए। धरमलाल कौशिक बुधवार की सुबह ही दिल्ली रवाना हुए, जिसके चलते वे नहीं पहुंचे। लता उसेंडी अरुणाचल प्रदेश दौरे पर हैं।

विक्रम उसेंडी, धर्मजीत सिंह रायपुर में ही थे पर वे शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गए।रेणुका सिंह भी रायपुर में थीं पर नहीं गई। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल, राजेश मूणत पहुंचे थे। कुछ नए विधायक जो मंत्री बनने की दौड़ में शामिल थे, वे भी समारोह में नजर नहीं आए। वहीं, कई सीनियर और जूनियर विधायकों के समारोह में शामिल होने पर भाजपा विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने कहा कि सूचना के अभाव के कारण कई विधायक नहीं आ पाए।

भाजपा भले ही नए चेहरों और युवा चेहरों के साथ प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने का रोडमैप तैयार कर रही है, लेकिन नाराज नेताओं को साधना अब भाजपा के लिए चुनौती बन गई है। क्योंकि प्रदेश में सीनियर नेताओं का अपना जनाधार है। क्या नए मंत्री और नई टीम सीनियर नेताओं की गढ़ में सेंध लगा पाएंगे। भाजपा में अब दो गुट, एक नए नेताओं का और दूसरा सीनियर नेताओं का है। प्रदेश में भाजपा 15 साल तक सत्ता में रही है। उस दौरान 15 साल तक कई नेता बड़े मंत्री और विधायक रहे। इन 15 वर्षों में इन नेताओं ने न सिर्फ अपनी विधानसभा, बल्कि प्रदेश में भाजपा के चेहरे के रूप में स्थापित हुए।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब भाजपा के सामने नई चुनौती है। पुराने नेता जो सरकार में न तो मंत्री बनाए गए हैं और न ही प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई है, उनकी नाराजगी को कैसे दूर किया जाए। यदि समय रहते सीनियर नेताओं की नाराजगी दूर नहीं हुई तो भाजपा को कुछ सियासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि पुराने नेताओं का न सिर्फ उनके विधानसभा क्षेत्र में, बल्कि प्रदेश में भी एक अलग जनाधार है। भाजपा के सामने अब सीनियर नेताओं के गढ़ में नए नेताओं को किस तरह से आगे बढ़ाना है, इसे लेकर भी चुनौती है। बहरहाल, भाजपा जमीन से लेकर सत्ता-संगठन की मजबूती के लिए पहचानी जाती है। जरूर कोई न कोई इसका भी रोडमैप तैयार किया होगा। जो आने वाले वक्त पर दिखेगा। वहीं, 2028 के चुनाव को लेकर भाजपा सियासी जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

CG: एनएचएम कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, सीएम और मंत्रियों का मुखौटा पहनकर हड़ताल पर ..

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CG: एनएचएम कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, सीएम और मंत्रियों का मुखौटा पहनकर हड़ताल पर ..

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री व मंत्रियों का मुखौटा पहनकर सरकार को उनके किए वादों की याद दिलाई और जनता के सामने कटघरे में खड़ा किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16 हजार से अधिक कर्मचारी नियमितीकरण, ग्रेड पे, लंबित 27 फीसदी वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री व मंत्रियों का मुखौटा पहनकर सरकार को उनके किए वादों की याद दिलाई और जनता के सामने कटघरे में खड़ा किया। कर्मचारियों ने कहा कि भाजपा ने सरकार बनने से पहले उन्हें मोदी की गारंटी थी, जिसे अब तक नहीं निभाया गया। प्रदेश में पिछले दो दशकों से संविदा पर कार्यरत कर्मचारी कोरोना काल में फ्रंटलाइन वॉरियर्स रहे। बावजूद इसके उन्हें आज तक उनका न्यायोचित अधिकार और नियमितिकरण नहीं मिला। डॉ. डोमन यादव, बृजेश दुबे, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. सुमित मिश्रा, लक्ष्मी पटेल, रेशमी बंजारे, किरण सिन्हा, अमर वर्मा व गौरव साहू आदि मौजूद रह्रे।