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छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने कई कीर्तिमान स्थापित किए; वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है।  इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है।

श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। श्री साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में  हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है।  भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है।  कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है।

समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार

श्री साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है।

25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी  के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. श्री बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया।

26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत

श्री साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया।

हर घर बिजली पहुंचाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए।

छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान भरपूर मेहनत करते हैं, खूब अन्न उपजाते हैं तो एक संवेदनशील सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि किसानों के उत्पादन के अनुरूप खरीदी का स्तर भी बढ़ाये। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 बरसों की इस यात्रा में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। विधानसभा में बैठी हुईं महिला सदस्य राज्य को संवारने में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व में भी महिला सदस्यों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ को संवारा है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए इसी विधानसभा भवन से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा

श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, इस संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने विज़न डॉक्युमेंट नवा अंजोर 2047 के रूप में लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने का कि छत्तीसगढ़ की 25 बरसों की विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा है। इस रजत यात्रा में ऐसी अनेक संस्थाएं प्रदेश में स्थापित हुई हैं जिन्होंने प्रदेश के मानव संसाधन की प्रतिभा को उभारने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारे यहां एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां निफ्ट, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाएं भी यहां आरंभ किया जा रहा है। हमारा नवा रायपुर आधुनिक भारत की सबसे नई बसाहट है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई तथा नवा रायपुर को मिलाकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। यह आईटी हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल ने हमं एम्स दिया, मोदी जी ने हमें मेडिकल कॉलेजों की सौगात दी, हम एम्स की तरह ही सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटलों की श्रेणी खड़ी करेंगे। इसके साथ ही हम मेडिसिटी बना रहे हैं।

बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न

श्री साय ने कहा कि माओवाद की वजह से पिछड़ गये बस्तर जैसे इलाकों के लिए यहां से विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कृष्ट ग्राम अभियान, जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से बस्तर विकसित छत्तीसगढ़ के आकाश में नक्षत्र की तरह उभरने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के पुनर्वास की प्रभावी नीति और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना ने जनविश्वास को अत्यधिक मजबूत किया है और बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।

200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभ देने का निर्णय

राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत फ्री बिजली का लाभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक भिन्नता के बावजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मर्यादित और संसदीय आचरण की श्रेष्ठता को बरकरार रखा है। यह देश की अन्य विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि’  सत्ता पक्ष की ओर 15 और विपक्ष की ओर से 10 सदस्यों इस तरह 25 वर्ष की विकास यात्रा में संयोग से 25 माननीय सदस्यों ने सदन में विशेष सत्र में अपनी बात रखी। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि जिसकी बुनियाद हमारे पुरोधाओं ने रखी थी उसकी मर्यादा को यहाँ माननीय सदस्यों ने क़ायम रखा। उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश पांडेय जी के विधानसभा अध्यक्ष रहते क्लोज़ डोर मीटिंग हुई। यह सदन केवल क़ानून नहीं बनाता बल्कि बेहतर भविष्य बनाता है। दिसम्बर 2023 को मेरे सार्वजनिक जीवन का वह क्षण था, जिसे मेरे लिए शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज जो दायित्व निभा रहा हूँ वह बड़ा दायित्व है। मैं इसके काबिल बनने का प्रयास कर रहा हूँ । विधानसभा अध्यक्ष का पद शक्ति का नहीं, उत्तरदायित्व का है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विशेष पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में राज्य और मुझे लगता है कि राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या माओवाद आतंक का समाधान होने जा रहा है । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य ब्याज दर मिलने और सड़क का नेटवर्क यही से पास हुआ । मेडिकल कॉलेज सहित जनहित के सभी विकास कार्यों और कार्यक्रमों का निर्णय यही से हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा। उन्होंने रजत जयंती वर्ष में विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर सदस्यों और मीडिया के साथियों ने सहयोग दिया उसके लिए धन्यवाद दिया।

राज्य के सभी जिलों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जारी

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अब तक 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान की हुई खरीदी
सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही
18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान खरीदा गया
केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसान
रायपुर: राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। आज 18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य पर की गई। बीते 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक राज्य में कुल 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिसमें 3 लाख 4 हजार 512 क्विंटल मोटा धान, 2 लाख 1 हजार 174 क्विंटल पतला तथा 2 लाख 22 हजार 317 क्विंटल सरना धान शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न  हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। 18 नवंबर की स्थिति में 1155 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 97698.8 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जबकि राजनांदगांव जिले ने 92390.4 क्विंटल और रायपुर जिले ने 83299.2 क्विंटल धान का उपार्जन कर राज्य में धान खरीदी के मामले में क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर तक बस्तर जिलें में 395.6 क्विंटल बीजापुर में 155.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 6.4 क्विंटल, कांकेर में 754.8, कोण्डागांव में 5351.2, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 4050.4, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 6668.4, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 396.8, मुंगेली में 8806.8, रायगढ़ में 3949.6, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3922.8, बालोद में 70197.2, बेमेतरा में 97698.8, दुर्ग में 73033.6, कवर्धा में 22252.4, राजनांदगांव में 92390.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 50926, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 3214, बलौदाबाजार में 60551.2, धमतरी में 75660.8, गरियाबंद में 28674.4, महासमुंद में 23388.8, रायपुर में 83299.2, बलरामपुर में 1490.4, जशपुर में 248, कोरिया में 4200, सरगुजा में 645.2, सूजरपुर में 3415.2, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1513.6 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।

लखनपुर ब्लॉक के कुन्नी में विकास कार्यों की सौगात, ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के हाथों लोकार्पण व भूमिपूजन, करोड़ों के निर्माण से बदल रहा है क्षेत्र का चेहरा…

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रायपुर: सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुन्नी में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने करोड़ों रुपये के विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्याे का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुन्नी का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन, 10 करोड़ 42 लाख रूपए की लागत से पोड़ी से जगन्नाथपुर मार्ग पर रिहंद नदी पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य, 8 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से लिपिंगी से मुड़ापारा मार्ग पर रिहंद नदी पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग, 26 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से अमगसी से कुन्नी 13 किमी लंबे मार्ग का मजबूतीकरण व चौड़ीकरण, 30 लाख रूपए लागत से महतारी सदन का निर्माण कार्य तथा 56 लाख रूपए की लागत से हाट-बाजार का निर्माण कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुन्नी और आसपास के क्षेत्रों के लिए इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों की मंजूरी पहली बार मिली है। यह यहां के लोगों के लिए वरदान है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल का भी धन्यवाद किया और बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन होने से स्टाफ भी 16 से बढ़कर 40 होगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। मंत्री श्री अग्रवाल ने क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सदैव आप सबके सुख-दुख में आपके साथ रहूंगा। क्षेत्र के लोग अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, यह विष्णुदेव साय सरकार की देन है। करोड़ों के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन ने ग्राम पंचायत कुन्नी व पूरे क्षेत्र को विकास की नई दिशा दी है। ग्रामीणों ने इसे सपनों का साकार होना बताते हुए पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल व साय सरकार के प्रति आभार जताया।

इस अवसर पर लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष श्री देव नारायण यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने किया राज्य जीएसटी विभाग के नये कार्यालय का शुभारंभ…

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रायपुर: वित्त मंत्री श्री . पी. चौधरी ने किया राज्य जीएसटी विभाग के नये कार्यालय का शुभारंभ, मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य, घटी GST दरों का लाभ आम जनता तक पहुँचाना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी – वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी…

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग के 5वें एवं 6वें तल पर निर्मित आयुक्त, राज्य कर (GST) के नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन श्री सतीश थौरानी एवं प्रतिनिधिगण, CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी, CA एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित रायपुर मुख्यालय एवं विभिन्न संभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “राज्य की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब व्यापार तरक्की करे और व्यापारियों को सरल एवं सहयोगी कर प्रशासन मिले। राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों को प्रभावी ढंग से तभी आगे बढ़ा सकती है, जब राजस्व व्यवस्था सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि GST विभाग के अधिकारी व्यापारियों की समस्याओं को समर्पण भाव से दूर करें, तकनीकी कठिनाइयों में उनकी सहायता करें और उन्हें नियमों व प्रक्रियाओं को समझने में सहयोग प्रदान करें।

GST 2.0: जनता को राहतव्यवसाय और रोजगार को गति

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि GST 2.0 कर सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर कर का बोझ कम करना, खपत को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों व किसानों को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से औसत भारतीय परिवार को सालाना 25 हजार से 40 हजार तक की सीधी बचत मिलेगी, वहीं किसानों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों की आय में 10-20% वृद्धि संभव होगी।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन संबंधी वस्तुओं पर कर घटने से परिवारों पर व्यय का बोझ कम होगा और जीवन अधिक सुरक्षित व सुलभ बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “GST 2.0 से मिलने वाली राहत का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, यह विभाग की जिम्मेदारी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू GST 2.0 ने कर संरचना को सरल बनाया है और कई वस्तुओं पर कर दरों में कटौती की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधारों का लाभ व्यापारियों, मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा पहुँचाया जाए।

उत्कृष्ट करदाताओं को किया सम्मानित

कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट करदाताओं को उच्च कर भुगतान, उत्कृष्ट अनुपालन और निरंतर वृद्धि के लिए Taxpayer Appreciation Award प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख संस्थानों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमपीसीजी मोबाइल प्रा. लि., एनटीपीसी, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, सारडा एंड मिनरल्स, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट और एबिस फूड्स एंड प्रोटीन प्रा. लि. शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य के अनुकरणीय करदाताओं को प्रोत्साहित करने तथा कर अनुपालन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।

आधुनिकपारदर्शी करदाता हितैषी प्रशासन की दिशा में कदम

अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में निर्मित नया कार्यालय भवन राज्य कर विभाग की पारदर्शिता, कार्यकुशलता और करदाता हितैषी सेवाओं को नई दिशा देगा। यह भवन आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और सहज कर सेवा प्रणाली का नया प्रतीक है।

नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा.. राज्यपाल को सौंपा त्यागपत्र, बिहार की सियासत में बड़ी हलचल…

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बिहार में नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी मसले को लेकर आज पटना में कैबिनेट की मीटिंग रखी गई थी। इस बैठक के ख़त्म होने के बाद नीतीश कुमार सीधे राज्यपाल के पास पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया।

बता दें कि, वे इसी महीने के 20 तारीख को शपथ लेंगे। उनके साथ कई नए मंत्री भी शपथ ले सकते है। शपथ ग्रहण का यह भव्य समारोह पटना के ऐतिहासिक गंदगी मैदान में होगा। इस समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। पीएम के अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय कैबिनेट के मंत्री और भाजपा संगठन समेत एनडीए के दिग्गज नेताओं को आमंत्रण भेजा जाएगा।

राजग नेताओं के बीच बैठक के बाद सरकार गठन का फॉर्मूला भी तय हो गया है। भाजपा-जदयू के बीच छह विधायकों पर एक मंत्री का फार्मूला लागू होगा। नीतीश कुमार 20 नवम्बर को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा, जदयू, लोजपा (आर), हम और आरएलएम को मंत्री पद मिलेंगे। आज सोमवार को नीतीश इस्तीफा देंगे।

“अफगानिस्तान निभा रहा है भारत से पक्की दोस्ती, पाकिस्तान को छोड़ा, दे दी गजब की खुशखबरी”

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अफगानिस्तान -पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव की वजह से अफगानिस्तान और भारत के बीच रिश्ते और करीबी होते जा रहे हैं. हाल ही में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्ते भी खराब हुए हैं और अब तालिबान नेतृत्व बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान सीमा बंद होने पर व्यापारियों को वैकल्पिक मार्ग ढूंढ रहा है.

इसी सिलसिले में अरियाना अफगान एयरलाइंस ने भारत के लिए और भारत से आने-जाने वाले कार्गो किराए में भारी कटौती की घोषणा की है.

काबुल से मिली रिपोर्टों के मुताबिक सितंबर-अक्टूबर में अफगानिस्तान का निर्यात 274 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. इससे पहले अगस्त-सितंबर में यह आंकड़ा 230 मिलियन डॉलर था. अफगानिस्तान का अधिकतर निर्यात तुर्की, पाकिस्तान और यूएई जाता है. भारत से अफगानिस्तान की कोई जमीनी सीमा नहीं है और पाकिस्तान के रास्ते व्यापार हमेशा मुश्किल रहा है, ऐसे में तालिबान सरकार अब अपने लिए नए रास्ते और नया पार्टनर देख रहा है.

भारत-ईरान से बढ़े व्यापारिक रिश्ते

अफगानिस्तान अब अपनी लंबे समय से बन रही रणनीति को तेज गति दे रहा है और अपने व्यापार को पाकिस्तान के रास्ते से हटाकर ईरान और भारत की ओर मोड़ रहा है. यह बदलाव केवल एक कदम नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की व्यापारिक व्यवस्था को बदल देने वाला है क्योंकि दशकों तक पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के व्यापार पर लगभग पूरी तरह कब्जा जमाए रखा. ज्यादातर आयात कराची बंदरगाह और तोरखम जैसे बॉर्डर पॉइंट्स से होकर आते थे. दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार करीब 1 अरब डॉलर से अधिक रहता था, लेकिन अब पाकिस्तान की आक्रामक नीतियों और लगातार बिगड़ते रिश्तों से तंग आकर अफगानिस्तान अब धैर्य खो रहा है.

अफगानी सरकार के आंकड़े बाताते हैं कि पिछले 6 महीनों में अफगानिस्तान-ईरान व्यापार तेजी से बढ़कर 1.626 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो पाकिस्तान के साथ होने वाले 1.108 अरब डॉलर के व्यापार से ज्यादा है. ईरान के साथ व्यापार का एक बड़ा फायदा यह है कि यह चाबहार बंदरगाह से जुड़ा है. भारत की मदद और निवेश से विकसित यह बंदरगाह अफगानिस्तान को सीधे अरब सागर तक पहुंच देता है और यह रास्ता पूरी तरह पाकिस्तान को बायपास करता है.

भारत-अफगानिस्तान संबंध भी फिर से मजबूत हो रहे हैं. भारत ने काबुल में अपना दूतावास दोबारा खोल दिया है और भारत अब अफगानिस्तान को गेहूं और दवाइयों का निर्यात तेजी से बढ़ा रहा है, वे सामान जिनकी आपूर्ति पहले पाकिस्तान करता था. इसी बीच अरियाना एयरलाइंस के प्रमुख बख्त रहमान शरीफत ने Tolo News से कहा – ‘पाकिस्तान बॉर्डर बंद होने से पहले दिल्ली-काबुल कार्गो दर 2 डॉलर प्रति किलो थी. अब इसे घटाकर दिल्ली से काबुल 0.80 डॉलर और काबुल से दिल्ली 1 डॉलर प्रति किलो कर दिया गया है.’ इससे ताजा और सूखे मेवे, केसर, कालीन, रत्न आदि अफगान उत्पाद कम लागत में और कम समय में भारत भेजे जा सकेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम अफगान निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण समय पर राहत देगा और तेज परिवहन के कारण कई मुख्य निर्यात उत्पादों को लाभ मिलेगा. अरियाना एयरलाइंस का उद्देश्य कार्गो दरें घटाकर अफगान व्यवसायों पर लॉजिस्टिक दबाव कम करना और निर्यात चैनलों को अधिक भरोसेमंद बनाना है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत, खाड़ी देशों और यूरोप में अफगान उत्पादों की मांग वाले बाजारों में उसकी पकड़ मजबूत होगी.

“ऑपेरशन सिंदूर में बस ट्रेलर दिखाया… दिल्ली धमाके के बाद भारतीय सेना प्रमुख की पाकिस्तान को चेतावनी”

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भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद को लकेर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी आतंकवाद को बढ़ावा देगा, हम उसको जवाब देंगे.’ सेना प्रमुख ने कहा, ‘अगर हमारे पास ‘बैरंग चिट्ठी’ भी आई तो उसका भी जवाब देंगे.

हम स्पष्ट कर चुके हैं कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते, यानी बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते. हम तो सिर्फ यह बोल रहे हैं कि यदि आप शांति की प्रक्रिया अपनाएं, हम भी साथ देंगे और जब तक ये नहीं होगा, तो आतंकवादी और उनके आका हमारे लिए एक समान है. जो भी आतंकवाद को बढ़ावा देगा, हम उसको जवाब देंगे.’

सेनाध्यक्ष ने कहा कि भारत अब इतना संपन्न है कि वह किसी ब्लैकमेल से डरने वाला नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर पर उन्होंने कहा कि मूवी अभी शुरू भी नहीं हुई थी. यह पूरी फिल्म नहीं थी बल्कि बस एक ट्रेलर था. यह ट्रेलर 88 घंटे में समाप्त हो गया. आगे आने वाले हालात कैसे होंगे, इसके लिए हम अपनी पूरी तैयारी करके बैठे हैं. अगर पाकिस्तान हमें आने वाले दिनों में कोई मौका देता है तो हम उसको भरपूर शिक्षा प्रदान करना चाहेंगे कि कैसे एक जिम्मेदार देश को अपने पड़ोसियों से व्यवहार करना चाहिए.

आर्मी चीफ ने इसके साथ कहा कि ऑपेरशन सिंदूर में सिर्फ एक ट्रेलर दिखाया गया था, फिल्म शुरू भी नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि हर ऑपरेशन से हम कोई न कोई शिक्षा ग्रहण करते हैं ऐसे ही ऑपरेशन सिंदूर से भी हमने शिक्षा ग्रहण की है. सबसे पहला सबक हमने यह लिया कि निर्णय लेने के लिए समय बहुत कम है. निर्णय हमको हर स्तर पर लेना होगा. हर स्तर पर लोगों को समय के हिसाब से तैयारी करनी पड़ेगी और कार्रवाई करनी होगी. इसके लिए इंटीग्रेशन होना चाहिए. आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, साइबर, सीएपीएफ आदि का इंटीग्रेशन हम जितनी जल्दी करेंगे, उतना ही हम इस लड़ाई को साझे ढंग से लड़ सकेंगे. आज की लड़ाई मल्टी डोमेन है.

उन्होंने कहा, ‘अगर मैं बोलूं कि आर्मी अकेले लड़ेगी, तो वह नहीं लड़ सकती, हम सबको मिलकर लड़ना होगा. लड़ाई कितने घंटे, कितने दिन चलेगी यह नहीं कहा जा सकता. आज तो 88 घंटे में यह लड़ाई खत्म हो गई, लेकिन कल को चार महीने चल सकती है या चार साल भी चल सकती है. इसको मद्देनजर रखते हुए क्या उस लड़ाई को लड़ने के लिए हमारे पास साजोसामान है? अगर नहीं हैं तो हमें उसकी तैयारी करनी होगी. हमें चार साल तक की लड़ाई के लिए भी तैयारी करके रखनी होगी.’

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में डेटरेंस काम कर रहा है. आज हमारा डेटरेंस है, हम कहते हैं कि करेंगे तो सामने वाला यकीन करता है कि ये कर देंगे. उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर 2019 से जम्मू-कश्मीर के हालात में बहुत ज्यादा बदलाव आया है. जम्मू-कश्मीर से 35 ए हटने के बाद से बदलाव आया. पहले स्कूल में बच्चों से देश के झंडे का चित्र बनाकर लाने को कहा जाता था तो बच्चे घर जाकर पूछते थे कि कौन से देश के झंडे का चित्र बनाना है, अब उन्हें पता है भारत के झंडे का ही चित्र बनाना है.

सेनाध्यक्ष ने बताया कि आतंकवाद में भी बहुत गिरावट आई. इस बार 31 आतंकी मारे गए हैं, जिनमें से 61 प्रतिशत पाकिस्तानी आतंकवादी हैं. अब पत्थरबाजी और नारेबाजी नहीं होती है. सैलानियों की संख्या बढ़ी, हर पैरामीटर में सकारात्मक बदलाव आया है. जम्मू कश्मीर के युवाओं का भारत से मोह बढ़ रहा है और पाकिस्तान से उनका मोहभंग हुआ है. जम्मू कश्मीर के जो लोग यहां के हालात से परेशान होकर बाहर चले गए थे, वे भी अब जम्मू कश्मीर में वापस आना चाहते हैं और यहां अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं.

भारत-चीन सीमा को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से हमारे रिश्तों में बहुत ज्यादा सुधार आया है. बीते वर्ष हमारे प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाकात के बाद सकारात्मक बदलाव आए हैं. हमें संवाद के जरिए समाधान ढूंढना है. हमारे रक्षा मंत्री ने जून में वहां के रक्षा मंत्री से बात की है. सेनाध्यक्ष का कहना है कि डिसएंगेजमेंट काफी हद तक हो गया है. मणिपुर की स्थिति पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि मई 2023 में जो हादसे हुए उससे मुझे भी बहुत आंतरिक दुख हुआ था. मैंने मणिपुर में काम किया है. मणिपुर मेरे लिए एक स्वर्ग की तरह था, उसके हालात देखकर काफी दुख हुआ था. लेकिन फरवरी 2025 में जबसे राष्ट्रपति शासन लागू हुआ है तब से लोगों में आपसी विश्वास व सरकार के प्रति विश्वास बढ़ने लगा है. आज की तारीख में अगर आप देखेंगे तो काफी ज्यादा बदलाव आया है.

शेख हसीना को मिली मौत की सजा.. इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्युनल का बड़ा फैसला, जानें क्या है पूर्व PM पर आरोप..”

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ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बंगलादेश में हुए पिछले साल प्रदर्शन और करीब 1400 नागरिकों और आंदोलनकारियों के मौत के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है।

जमकर बजी तालियां, उत्साह का माहौल

इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्युनल ने इस मामले में आखिरी सुनवाई की और आदेश दिया कि, शेख हसीना को मरते दम तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाये। शेख हसीना के लिए जैसे ही मौत की सजा मुकर्रर की गई, वहां मौजूद लोगों ने जमकर तालिया बजाई और कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्युनल ने कोर्ट ने कहा कि शेख हसीना दोषी साबित होती हैं। उन्हें तीन ग्राउंड के आधार पर दोषी करार दिया जा रहा है। शेख हसीना ने 1- लोगों को भड़काने, 2- हत्या का आदेश दिया और 3- दोषियों के खिलाफ एक्शन लेने में नाकाम रहने का दोषी ठहराया जाता है। शेख हसीना को पहले चार्ज में मरते दम तक जेल में रखने की सजा सुनाई जाती है।

मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि, शेख हसीना के कोर्ट में नहीं आने से ही साबित होता है कि शेख हसीना दोषी हैं। कोर्ट ने कहा कि पहले आरोप के तहत, शेख हसीना स्थिति को संभालने और हिंसा को रोकने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहीं। साक्ष्यों से पता चलता है कि पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भी दोषी हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि गृह मंत्री के आवास पर 19 जुलाई के बाद लगातार बैठक हुई। जिसमें छात्र आंदोलन को दबाने का आदेश दिया गया था। शेख हसीना ने एक कोर कमेटी को प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के निर्देश दिए, जबकि अवामी लीग समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों को सक्रिय रूप से परेशान किया। अदालत ने आईजीपी से पूछताछ की, जिन्होंने कथित कृत्यों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

सऊदी अरब बस हादसे पर 45 भारतीयों की मौत

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सऊदी अरब में सोमवार तड़के हुई बस दुर्घटना को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है. मदीना के पास उमराह यात्रियों से भरी बस एक डीजल टैंकर से टकरा गई, जिसमें 45 भारतीयों की मौत हो गई. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुर्घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है.

मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं. हमारे अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ भी निरंतर संपर्क में हैं.’

हैदराबाद के पुलिस प्रमुख ने सोमवार को प्रारंभिक सूचना का हवाला देते हुए कहा, ‘सऊदी अरब में हुई एक बस दुर्घटना में कम से कम 45 लोग मारे गए जिनमें से अधिकतर हैदराबाद के निवासी थे.’ हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नौ नवंबर को यहां से कुल 54 लोग जेद्दा गए थे. उन्हें 23 नवंबर को लौटना था. इन 54 लोगों में से चार लोग रविवार को अलग-अलग कार से मदीना गए जबकि चार अन्य मक्का में ही रुक गए. अधिकारी के अनुसार, घटना में शामिल बस में 46 लोग यात्रा कर रहे थे. बस मदीना से लगभग 25 किलोमीटर दूर एक तेल टैंकर से टकरा गई. इस दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति जीवित बचा है और उसका अस्पताल में इलाज हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘हमें सूचना मिल रही है कि 45 लोग मारे गए हैं. उन्हें 23 नवंबर को हैदराबाद लौटना था.’

भारतीय दूतावास ने जारी किया नंबर

घटना के बाद जेद्दा और रियाद के महावाणिज्य दूतावास और एंबेसी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने घटना की जानकारी दी और मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. जेद्दा में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘सऊदी अरब के मदीना के निकट भारतीय उमराह यात्रियों के साथ हुई एक दुखद बस दुर्घटना को देखते हुए, जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में एक 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. मदद के लिए संपर्क करने हेतु जानकारी दी गई है: टोल फ्री नंबर 8002440003 है.’

तेलंगाना के सीएम भी एक्टिव

इसके साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी सऊदी अरब में भारतीय उमराह यात्रियों को ले जा रही एक बस के साथ हुए भीषण हादसे में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया. राज्य सरकार ने दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों को सूचना और सहायता प्रदान करने के लिए हैदराबाद में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है. तेलंगाना सरकार ने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘स्थानीय मीडिया में इस दुर्घटना में भारतीय उमराह यात्रियों के मारे जाने की खबर आने के बाद वह रियाद स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है.’ एक आधिकारिक बयान में, राज्य सरकार ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में अधिकारियों को सतर्क कर दिया है और उन्हें दूतावास के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है.

हमले पर दुख जताते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, ‘सऊदी अरब के मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा पहुंचा है. रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’

करणी सेना 7 दिसंबर को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन करेगी…

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रायपुर: करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर छत्तीसगढ़ पुलिस को खुली धमकी दी है। शेखावत ने अपनी पोस्ट में कहा कि यदि करणी सेना के किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता पर झूठी FIR दर्ज की गई तो इसके अंजाम ऐतिहासिक होंगे।

शेखावत ने अपने बयान में दोहराया कि करणी सेना 7 दिसंबर को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन करेगी, जिसे क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय पंचायत” नाम दिया गया है। इससे पहले शेखावत के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर रायपुर पुलिस ने उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। बीते शुक्रवार, इंस्पेक्टर योगेश कश्यप ने पुरानी बस्ती थाने में शेखावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 224, 296 और 351 के तहत मामला दर्ज किया है।

शेखावत ने अपने हालिया पोस्ट में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री ने करणी सेना को गिरोह कहा है। शेखावत ने सोशल मीडिया पर गृहमंत्री के फोन नंबर भी सार्वजनिक किए और समर्थकों से उन्हें फोन कर करणी सेना को गिरोह कहने का कारण पूछने की अपील की।

शेखावत ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह महाशय गृहमंत्री हैं और हमारी माँ करणी की सेना को गिरोह बता रहे हैं। देशभर के करणी सैनिक इन्हें फोन कर पूछें कि यह शब्द क्यों इस्तेमाल किया। वक्त आने पर करणी सेना लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। करणी सेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच बढ़ते टकराव के चलते राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।