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छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हेतु पंजीयन अनिवार्य

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पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जिला पुलिस बल में आरक्षक संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के तहत दस्तावेज़ सत्यापन, शारीरिक माप-तौल एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा पूर्ण हो चुकी है। अब पात्र अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित की जाएगी।

व्यापम के निर्देशानुसार, लिखित परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पात्र अभ्यर्थियों को व्यापम की वेबसाइट में प्रोफाइल पंजीयन कर, परीक्षा केंद्र हेतु जिले का चयन कर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। बिना आवेदन के पंजीयन नंबर व रोल नंबर जारी नहीं होंगे और प्रवेश पत्र भी प्राप्त नहीं होगा। पंजीयन न करने पर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी।

ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन 5 अगस्त से प्रारंभ हो चुके हैं, जिसकी अंतिम तिथि 27 अगस्त 2025 शाम 5 बजे तक है। परीक्षा 14 सितंबर 2025 को प्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों में आयोजित होगी। प्रवेश पत्र 8 सितंबर से वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

भर्ती नियम, पाठ्यक्रम एवं परीक्षा निर्देश की विस्तृत जानकारी व्यापम की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष है। परीक्षा चयन के नाम पर किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं और किसी भी प्रकार की जालसाजी या आर्थिक लेन-देन से दूर रहें। यदि कोई व्यक्ति भर्ती कराने के नाम पर प्रलोभन देता है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना/चौकी या पुलिस अधीक्षक, जिला सरगुजा को दें। पुलिस मुख्यालय द्वारा आवेदन संबंधी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 जारी किया गया है।

राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर मवेशियों की आवाजाही रोकने समिति गठित करने के निर्देश

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कलेक्टर श्री विलास भोसकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विकास योजनाओं, जनहितकारी कार्यक्रमों, निर्माण कार्यों और प्रशासनिक लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

कलेक्टर ने बैठक में कहा रजत महोत्सव जिले के उपलब्धियां, गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इसकी तैयारियां समय पर पूर्ण करें। कार्यक्रम की योजना, मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सुरक्षा व्यवस्था और प्रचार-प्रसार हेतु सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री भोसकर द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। सोलर पैनल की स्थापना में गुणवत्ता मानकों का पालन हो और लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता रखने। वहीं तकनीकी या आपूर्ति संबंधी बाधाओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत चल रहे भवन, सड़क और सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा हुई। उन्होंने ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने हर घर तिरंगा हर घर स्वच्छता अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतों और शहरी निकायों द्वारा तिरंगा फहराने के साथ-साथ व्यापक सफाई अभियान चलाए जाएं। लोगों को स्वच्छता शपथ दिलाई जाए और वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में एग्रीस्टैक पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों के लिए भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा। इसके माध्यम से कृषि योजनाओं का लाभ डिजिटल रूप से मिलेगा। उन्होंने शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आधार पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन नागरिकों का आधार पंजीयन बाकी है, उनके लिए विशेष शिविर लगाए जाएं। मशीन, नेटवर्क या तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान हो, ताकि कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे।

अटल मॉनिटरिंग प्रणाली में सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति समय पर अपडेट करने को कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और नियमित रिपोर्टिंग अनिवार्य है। विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएमएफ के तहत चल रही निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद जिस कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है उसी कार्य में अनुमति लेकर खर्च करें निर्माणकार्य तय समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे किए जाएं।

बैठक में सभी विभागों के लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने समय-अवधी में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने को निर्देशित किया। कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों को जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा के मामले पर कलेक्टर ने एनएच मार्गों पर मवेशियों की आवाजाही रोकने हेतु विकासखंड स्तर पर चिन्हांकित राज्यमार्ग के नजदिकी ग्राम पंचायतो़ के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग में हो रहे हादसों में कमी लाई जा सके।

बैठक में डीएफओ श्री अभिषेक जोगावत, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री राम सिंह ठाकुर, श्री अमृत लाल ध्रुव, सर्व एसडीएम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

शालाओं में मध्यान्ह भोजन संचालन हेतु आवश्यक दिशा -निर्देश जारी

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पोषण निर्माण योजना अंतर्गत जिले के समस्त मध्यान्ह भोजन संचालित शालाओं में व्यवस्थित संचालन हेतु कलेक्टर दीपक सोनी के द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है। निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं।

जारी निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन हेतु उपयोग में लाए जाने वाले बर्तनों, खाद्य सामग्रियों एवं किचन सह भण्डार कक्ष, किचन शेड की नियमित साफ-सफाई एवं किचन शेड के आस-पास ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सप्ताह में दो बार करवाना होग़ा। किचन शेड के चारों तरफ जालीदार तारों से घेराव करना ताकि आवारा कुत्ते, मवेशियों, मकड़ी एवं छिपकली किचन शेड के आस- पास न जा सकें।बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन में भोजन बनाने के पूर्व अनाज, दाल एवं मौसमी सब्जियों की अच्छे से साफ-सफाई एवं गुणवत्ता को विशेष ध्यान देना होग़ा। मध्यान्ह भोजन वितरण के पूर्व प्रधानपाठक, शिक्षक बच्चों को अनिवार्यतः साबुन से हाथ धुलवाना सुनिश्चित करेंगे।प्रधानपाठक या मध्यान्ह भोजन प्रभारी शिक्षक प्रतिदिन शाला में बन रहे मध्यान्ह भोजन का सतत अवलोकन करेंगे। गुणवत्तायुक्त भोजन प्रदान नहीं करने वाले स्वसहायता समूह के विरुध्द कार्यवाही प्रस्तावित करते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को जानकारी दें। मध्यान्ह भोजन की निगरानी में पालको की भी सहभागिता के निर्देश दिये गये हैं।

गणित एवं बायोलॉजी से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश पा सकेंगे डेयरी टेक्नोलॉजी डिप्लोमा कोर्स में

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छ.ग. शासन एवं दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम चोरभट्टी में गत चार वर्षों से संचालित शासकीय डेयरी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में कक्षा 12वीं में गणित एवं बायोलॉजी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 12 वी अंको के मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रदान किये जाने की अनुमति प्रदान की गई है।

यह निर्णय जिलें के उन विद्यार्थी के भविष्य को लेकर किया गया है जिनके पास गणित एवं बायोलॉजी विषय से 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने पश्चात् तकनीकी शिक्षा के समुचित विकल्प उपलब्ध नहीं होते।

उल्लेखनीय है, कि चोरभट्टी स्थित डेयरी पॉलीटेक्निक के द्विवर्षीय (चार सेमेस्टर) पाठ्यक्रम में देश एवं प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डेयरी उद्योग के लिये सक्षम युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षा प्रदान की जाती है एवं महाविद्यालय से उत्तीर्ण सभी छात्राओं के लिये नौकरी एवं व्यवसाय के बहुविकल्प उपलब्ध रहते है, जिससे एक ओर जिले एवं प्रदेश के विद्यार्थियों को रोजगार आसानी से उपलब्ध होता है, तथा दूसरी ओर प्रदेश में स्थापित शासकीय, अर्ध शासकीय एवं निजी डेयरी संस्थाओं की अन्य प्रदेशों के सक्षम युवाओं पर निर्भरता कम होती है।
अभी संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है और 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों का विशेष रूप से गणित एवं बॉयोलॉजी विषय के विद्यार्थियों के लिये डेयरी सेक्टर में अपना भविष्य सुनिश्चित करने का यह सुनहरा अवसर है।

प्रवेश प्रक्रिया हेतु चोरभट्टी स्थित डेयरी पॉलीटेक्निक या विस्तृत जानकारी हेतु मोबाइल नं. 8964844803, 9340291259, 7000231858, 7000240762, 9098360150 पर संपर्क किया जा सकता है।

युक्तियुक्तकरण से कोरकोमा मिडिल स्कूल में पढ़ाई हुई नियमित

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मुख्यमंत्री साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।

कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर और श्रीमती पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।

प्रधानपाठक श्री गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि श्रीमती निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।

विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।

यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।

जिला मुख्यालय रायगढ़ में 15 अगस्त को वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी फहराएंगे तिरंगा

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छत्तीसगढ़ सरकार सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथि की सूची जारी की गई है। जारी सूची के अनुसार रायगढ़ जिले में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। श्री चौधरी जिला मुख्यालय में 15 अगस्त को आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और छत्तीसगढ़ सरकार के ’’माननीय मुख्यमंत्री जी का संदेश’’ वाचन करेंगे।

तीन दिवसीय विशेष जांच एवं जन-जागरूकता अभियान ‘बने खाबो – बने रहिबो’

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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा खाद्य सुरक्षा के समस्त हितधारको जैसे खाद्य पदार्थ के उत्पादकों, खाद्य पदार्थ के विनिर्माताओं, वितरकों, थोक एवं चिल्हर विक्रेताओं, खाद्य परोसने वाले संस्थानों, उपभोक्ताओं एवं जन सामान्य को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विशेष जांच एवं जन-जागरूकता अभियान “बने खाबो – बने रहिबो“ का शुभारंभ अपने निवास स्थान से 4 अगस्त को चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर किया गया।
“बने खाबो – बने रहिबो“ अभियान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के समस्त 33 जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारयों द्वारा खाद्य परोसने वाले संस्थानों / स्ट्रीट फूड वेंडर्स / रेस्टोरेंट आदि की सघन जांच की गयी। इसके साथ की प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 08 चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला वाहन द्वारा भी रोस्टर अनुसार समस्त जिलों का दौरा कर स्थानीय हाट बाजार / स्ट्रीट फूड / रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता की जांच की गयी।

इस दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं , उपभोक्ताओं एवं जन सामान्य को खाद्य सुरक्षा के प्रति एफ.एस.एस.ए.आई. के नियमों एवं खाद्य सुरक्षा के साधारण सिद्वांत से अवगत कराया गया। खाद्य सुरक्षा के साधारण सिद्वांत जैसे कि भोजन को एक विशेष तापमान पर रख रखाव, खाद्य पदार्थों के पैकेजिंग एवं परोसने में अखबारी कागज का उपयोग ना करना, खाना पकाने में एक ही तेल को बार-बार गर्म कर उपयोग ना करना, फोर्टिफाईड निशान युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना आदि ऐसी कई छोटी-छोटी बातें है जिसे अपनाकर लोग बहुत से गंभीर बीमारियों से बच सकते है एवं स्वस्थ जीवन जी सकते है। जन सामान्य को सही भोजन ही स्वस्थ जीवन का आधार है की संकल्पना के बारे में बताया गया।

श्री दीपक कुमार अग्रवाल नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ द्वारा जानकारी दी गयी थी कि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर इस तरह की प्रदेश व्यापी अभियान चलाकर लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जायेगा एवं आवश्यक होने पर कार्यवाही भी की जायेगी।

“बने खाबो – बने रहिबो“ अभियान के तहत 03 दिनों में ही 162 विधिक नमूने, 628 सर्विलेंस नमूने लिये गये। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला वाहन द्वारा पूरे प्रदेश में भ्रमण कर 1978 खाद्य नमूने की ऑनस्पॉट टेस्टिंग की गयी एवं अधिकाधिक जनसंख्या को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस तरह “बने खाबो – बने रहिबो“ अभियान अपने उद्देश्यों में सफल रहा।

‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप – दवा कीमतों में पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में नया कदम

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राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने दवा कीमतों में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

“फार्मा सही दाम” मोबाइल ऐप दवा कीमतों में पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक नया कदम है। यह ऐप मरीजों, आम जनता और दवा विक्रेताओं सभी के लिए उपयोगी है।

इस मोबाइल ऐप में दवा उपयोगकर्ताओं के लिए दवा का सही मूल्य जानने की सुविधा, दवाओं के विकल्पों की जानकारी, दवा का निर्माता/कंपनी विवरण देखना तथा दवाओं की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), अनुशंसित मूल्य, और निर्धारित दरें देखने की सुविधाएं शामिल है।

इसी तरह से दवा विक्रेताओं के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूलने पर कानूनी कार्रवाई से बचाव, मूल्य एवं उपलब्धता की अद्यतन जानकारी तथा ग्राहकों को सही मूल्य पर दवा उपलब्ध कराने की जानकारी शामिल है। इसके अतिरिक्त यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, दवा खोज, शिकायत पंजीकरण एवं शिकायत की स्थिति देखने की सुविधा है, एंड्रॉइड व IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है तथा QR कोड स्कैन कर त्वरित डाउनलोड सुविधा भी है।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) का मुख्य उद्देश्य, भारत में दवाओं की कीमतों को विनियमित करना और यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक दवाएं जनता के लिए सस्ती और सुलभ हों। यह प्राधिकरण औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ) के तहत काम करता है और थोक दवाओं और फॉर्मूलेशन की कीमतों को तय और संशोधित करता है ।

आदि कर्मयोगी अभियान: जनजातीय बहुल गांवों मेंबुनियादी सुविधाएं होंगी संतृप्त

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कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में आदि कर्मयोगी जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान करेंगे। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त होगा। मुख्य सचिव श्री अभिताभ जैन ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित आदि कर्मयोगियों के लिए राज्य स्तरीय उन्नमुखीकरण एवं जिला मास्टर टेªनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि आदि कर्मयोगी जनजातियों से सहज-सरल एवं उनकी ही भाषा व बोलचाल में मित्रवत जुड़ाव से आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य पूरा होगा। ऐसे आदि कर्मयोगी साथी को भी इस अभियान में जोड़ने की भी जरूरत है, जो गोड़ी, हल्बी, भतरी, सदरी आदि बोली-भाषा का ज्ञान रखते हैं। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी एक-एक आदिवासी परिवारों से मिलकर उनकी आजीविका, उनके रोजी-रोटी का साधन उनकी स्वास्थ्य, पोषण, सेरक्षित प्रसव टीकाकरण आदि विशेष विषय पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर, सरगुजा के दूरस्थ अंचलों में चर्चा के दौरान बच्चों में रूचिकर हुनर से भी जोड़ने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्हें व्यवहारिक शिक्षा के साथ ही तकनीकी शिक्षा, सहकारी साख समितियों से ऋण लेने तथा ऋण चुकाने की भी जानकारी देनी चाहिए।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में लगभग 1 लाख 33 हजार वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान कर और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिला मास्टर्स ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाना है। दो चरणों में संपादित होने वाले इस कार्यक्रम का प्रथम चरण 11 से 14 अगस्त एवं दूसरा चरण 18 से 21 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में आज तीन संभाग बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित हुए। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों, मास्टर टेªनरों एवं सुपर कोच ने अपने- अपने अनुभव साझा किया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरआई की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, वन विभाग के पीसीसीएफ श्री अनिल साहू, राज्य मास्टर टेªनर्स श्री अभिषेक सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिलों से 105 प्रशिक्षाणर्थी शामिल थे।

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 19 अगस्त को निकलेगी तीसरी लॉटरी

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छत्तीसगढ़ राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए तीसरी लाटरी 19 अगस्त को निकाली जाएगी। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश दिया जाता है।

लोक शिक्षण संचालनालय, से मिली जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नामों को छोड़कर शेष आवेदकों के बीच लॉटरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस चरण में अभिभावकों या बच्चों द्वारा नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत् निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश के लिए लगभग 6,100 सीटें अब भी रिक्त हैं।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा का समान अवसर मिल सके।