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‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप – दवा कीमतों में पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में नया कदम

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राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने दवा कीमतों में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

“फार्मा सही दाम” मोबाइल ऐप दवा कीमतों में पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक नया कदम है। यह ऐप मरीजों, आम जनता और दवा विक्रेताओं सभी के लिए उपयोगी है।

इस मोबाइल ऐप में दवा उपयोगकर्ताओं के लिए दवा का सही मूल्य जानने की सुविधा, दवाओं के विकल्पों की जानकारी, दवा का निर्माता/कंपनी विवरण देखना तथा दवाओं की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), अनुशंसित मूल्य, और निर्धारित दरें देखने की सुविधाएं शामिल है।

इसी तरह से दवा विक्रेताओं के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूलने पर कानूनी कार्रवाई से बचाव, मूल्य एवं उपलब्धता की अद्यतन जानकारी तथा ग्राहकों को सही मूल्य पर दवा उपलब्ध कराने की जानकारी शामिल है। इसके अतिरिक्त यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, दवा खोज, शिकायत पंजीकरण एवं शिकायत की स्थिति देखने की सुविधा है, एंड्रॉइड व IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है तथा QR कोड स्कैन कर त्वरित डाउनलोड सुविधा भी है।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) का मुख्य उद्देश्य, भारत में दवाओं की कीमतों को विनियमित करना और यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक दवाएं जनता के लिए सस्ती और सुलभ हों। यह प्राधिकरण औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ) के तहत काम करता है और थोक दवाओं और फॉर्मूलेशन की कीमतों को तय और संशोधित करता है ।

आदि कर्मयोगी अभियान: जनजातीय बहुल गांवों मेंबुनियादी सुविधाएं होंगी संतृप्त

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कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में आदि कर्मयोगी जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान करेंगे। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त होगा। मुख्य सचिव श्री अभिताभ जैन ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित आदि कर्मयोगियों के लिए राज्य स्तरीय उन्नमुखीकरण एवं जिला मास्टर टेªनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि आदि कर्मयोगी जनजातियों से सहज-सरल एवं उनकी ही भाषा व बोलचाल में मित्रवत जुड़ाव से आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य पूरा होगा। ऐसे आदि कर्मयोगी साथी को भी इस अभियान में जोड़ने की भी जरूरत है, जो गोड़ी, हल्बी, भतरी, सदरी आदि बोली-भाषा का ज्ञान रखते हैं। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी एक-एक आदिवासी परिवारों से मिलकर उनकी आजीविका, उनके रोजी-रोटी का साधन उनकी स्वास्थ्य, पोषण, सेरक्षित प्रसव टीकाकरण आदि विशेष विषय पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर, सरगुजा के दूरस्थ अंचलों में चर्चा के दौरान बच्चों में रूचिकर हुनर से भी जोड़ने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्हें व्यवहारिक शिक्षा के साथ ही तकनीकी शिक्षा, सहकारी साख समितियों से ऋण लेने तथा ऋण चुकाने की भी जानकारी देनी चाहिए।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में लगभग 1 लाख 33 हजार वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान कर और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिला मास्टर्स ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाना है। दो चरणों में संपादित होने वाले इस कार्यक्रम का प्रथम चरण 11 से 14 अगस्त एवं दूसरा चरण 18 से 21 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में आज तीन संभाग बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित हुए। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों, मास्टर टेªनरों एवं सुपर कोच ने अपने- अपने अनुभव साझा किया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरआई की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, वन विभाग के पीसीसीएफ श्री अनिल साहू, राज्य मास्टर टेªनर्स श्री अभिषेक सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिलों से 105 प्रशिक्षाणर्थी शामिल थे।

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 19 अगस्त को निकलेगी तीसरी लॉटरी

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छत्तीसगढ़ राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए तीसरी लाटरी 19 अगस्त को निकाली जाएगी। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश दिया जाता है।

लोक शिक्षण संचालनालय, से मिली जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नामों को छोड़कर शेष आवेदकों के बीच लॉटरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस चरण में अभिभावकों या बच्चों द्वारा नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत् निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश के लिए लगभग 6,100 सीटें अब भी रिक्त हैं।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा का समान अवसर मिल सके।

“Ganesh Chaturthi 2025: कब है गणेश चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत के नियम”

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गणेश चतुर्थी भगवान गणेश का एक बहुत ही खास त्योहार है. भगवान गणेश को सभी बाधाओं को दूर करने और बुद्धि देने प्रदान करने वाला माना जाता है. इस दिन भक्त बड़ी श्रद्धा से मिट्टी से बने गणपति की मूर्ति अपने घर लाते हैं और उनका स्वागत करते हैं.

गणपति जी के आने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. यह पर्व पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में इसका जश्न देखने लायक होता है.

इसके अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी लोग अपने-अपने तरीके से इसे बड़े उत्साह से मनाते हैं.

गणेश चतुर्थी 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त

इस बार गणेश चतुर्थी 26 अगस्त 2025 मंगलवार को शुरू होगी और 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति जी का विसर्जन होगा. यह त्योहार 10 दिनों तक चलता है.

चतुर्थी तिथि की शुरुआत: 26 अगस्त 2025, दोपहर 1:54 बजे चतुर्थी तिथि का समापन: 27 अगस्त 2025, शाम 3:44 बजे

मध्यान्ह पूजा का समय: 27 अगस्त 2025, सुबह 11:12 बजे से दोपहर 1:44 बजे तक विसर्जन (अनंत चतुर्दशी): 6 सितंबर 2025 गणेश चतुर्थी का उत्सव कैसे मनाएं?

गणेश चतुर्थी के दिन घर और गलियों को फूलों, रंगोली से सजाया जाता है. भजन और आरती की धुन से माहौल भक्तिमय भी हो जाता है. भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान कर, साफ कपड़े पहनते हैं और गणपति जी की पूजा करते हैं.

पूजा में मोदक, फूल, दीपक और अगरबत्ती का उपयोग किया जाता है.

पूरे 10 दिन परिवार वाले साथ बैठकर गणेश जी की स्तुति करके, मंत्र पढ़ते हैं और भजन गाते हैं. जिसके बाद दसवें दिन गणपति जी की मूर्ति लेकर नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जन किया जाता है.

यह प्रकृति के सृजन और विनाश का प्रतीक माना जाता है. विसर्जन के दौरान लोग जोर से ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले साल जल्दी आना!’ के नारे लगाते हैं.

गणेश चतुर्थी पर व्रत कैसे रखें?

इस पावन पर्व पर कई भक्त व्रत भी रखते हैं, अगर आप व्रत रखना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि-अपनी सेहत के अनुसार व्रत करें, पूरा दिन या आधा दिन.

व्रत के दौरान मन को शांत और सकारात्मक रखें, बुरी बातें न करें.

मांसाहारी भोजन, प्याज और लहसुन से दूर रहें. सेंधा नमक का इस्तेमाल करें, साधारण नमक का उपयोग मना है.

हल्का और सादा भोजन करें जिसमें ज्यादा तेल और मसाले न हों.

निर्जल व्रत हो तो व्रत से पहले और बाद में खूब पानी पिएं.

गणेश चतुर्थी हमें भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ प्यार, भक्ति और एकता का संदेश देती है. यह त्योहार जीवन में नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है.

DEO ने शिक्षक मनमोहन सिंह को किया निलंबित, शराब के नशे में चड्डा पहनकर स्कूल पहुंचा था प्रधान पाठक

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बलरामपुर (Balrampur) के प्राथमिक शाला रूपपुर में शराब के नशे में स्कूल पहुंचने वाले शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है. शिक्षक शराब के नशे में चड्डा पहन कर स्कूल पहुंच गया था. जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने शिक्षक मनमोहन सिंह (Manmohan Singh Suspended) को निलंबित कर दिया है. यह मामला वाड्रफनगर विकासखण्ड के प्राथमिक शाला रूपपुर का है. वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने एक्शन लिया है.

स्कूल में शिक्षक ने किया था हाई वोल्टेज ड्रामा
बता दें कि शराबी शिक्षक मनमोहन सिंह शराब के नशे में धुत होकर और चड्डा पहन कर बलरामपुर के प्राथमिक शाला रूपपुर पहुंच गया था. इस दौरान प्रधान पाठक ने नशे में धुत होकर हाई वोल्टेज ड्रामा भी किया था. इस दौरान लोगों ने शराबी शिक्षक का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वहीं वीडियो में शिक्षक डॉक्टर के सलाह पर एक पाव शराब पीकर स्कूल आने की बात कर रहा था.

वीडियो के अनुसार, शिक्षक बोल बम लिखे भगवा रंग का चड्डा व टी-शर्ट पहनकर स्कूल पहुंच गया था. उसने कुर्सी पर बैठकर टेबल पर पड़े किताबों पर पैर रखे हुए था. जब उससे पूछा गया तो उसने कहा कि डॉक्टर ने हर दिन 250 ग्राम शराब पीने कहा है.

नशे में धुत शिक्षक चड्डा पहनकर पहुंच गया था स्कूल
शिक्षक मनमोहन सिंह वाड्रफनगर के प्राथमिक शाला रूपपुर में पदस्थ हैं और वो अक्सर शराब के नशे में स्कूल पहुंचता था. वहीं छात्र के परिजनों ने अक्सर शराब के नशे में स्कूल आने की शिकायत BEO से की थी, लेकिन इसके बावजूद मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

DEO ने शिक्षक को किया निलंबित
इधर, वीडियो सामने आने के बाद एनडीटीवी ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक मनमोहन सिंह को निलंबित कर दिया.

पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राहत, HC ने ED से मांगा जवाब

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है. अब हाईकोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है. चैतन्य ने गिरफ्तारी को ग़ैरक़ानूनी बताया है. सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद चैतन्य हाईकोर्ट पहुंचे थे. उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि जेल में पीने का साफ पानी तक नहीं मिल रहा, इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए है. इस मामले में अगली सुनवाई 26 अगस्त को निर्धारित की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं मिली थी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी.

इससे पहले, 2 अगस्त को बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल ने करोड़ों रुपए के छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में केंद्रीय एजेंसियों के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था. याचिका में इस बात पर स्पष्टता मांगी गई थी कि क्या एजेंसियों ने पीएमएलए और अन्य कानूनों के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया है.
बता दें कि ईडी 2 हजार करोड़ रुपए के शराब सिंडिकेट के आरोपों की जांच कर रहा है, जो कथित तौर पर बघेल के कार्यकाल के दौरान संचालित हुआ था. बघेल ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है और ईडी की कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण बताया है.

यह भी पढ़ें : ED का बर्थ-डे गिफ्ट! Ex CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को किया अरेस्ट, कांग्रेस का विधानसभा से बहिष्कार

इनकम टैक्स बिल: सेलेक्ट कमेटी क्या होती है? इसने क्या-क्या सुझाव दिए, जिसे सीतारमण ने झट से मान लिया

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल- 2025 पेश किया. संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच यह कदम उठाया गया, लेकिन इसकी अहमियत बहुत ज्यादा है. इस नए बिल में संसदीय चयन समिति (Select Committee) की 285 सिफारिशों को शामिल किया गया है. यह बिल पुराने आयकर अधिनियम-1961 की जगह लेगा और दशकों पुराने टैक्स ढांचे को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स बिल पेश करते गहुए बताया कि भ्रम से बचने के लिए पहले वाले बिल को वापस ले लिया गया था. वहीं नए बिल में बीजेपी नेता बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय सेलेक्ट समिति की तरफ से सुझाई गई अधिकांश सिफारिशों को शामिल किया गया है. सीतारमणने कहा कि कई सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें सही विधायी अर्थ प्रदान करने के लिए शामिल किया जाना आवश्यक है. उन्होंने कहा, ‘ड्राफ्टिंग के नेचर, वाक्यांशों के अलाइनमेंट, परिणामी परिवर्तनों और क्रॉस रेफरेंसिंग में सुधार किए गए हैं.’

सेलेक्ट कमेटी क्या होती है?
संसद में जब कोई विधेयक (Bill) पेश किया जाता है, तो अक्सर उसे सीधे बहस और मतदान के लिए लाने के बजाय विस्तृत अध्ययन और सुधार के लिए किसी समिति को भेजा जाता है. सेलेक्ट कमेटी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. यह समिति विशेष रूप से किसी एक विधेयक पर फोकस करती है. इसमें संसद के चुनिंदा सदस्य शामिल होते हैं, जो विभिन्न दलों और पृष्ठभूमियों से आते हैं, ताकि विधेयक पर संतुलित विचार हो.

समिति का काम बिल का बारीकी से अध्ययन करना, तकनीकी और कानूनी कमियों को पहचानना और सुधार के सुझाव देना होता है. यह समिति विशेषज्ञों, हितधारकों और सरकारी अधिकारियों से बातचीत कर फीडबैक लेती है और फिर अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपती है. सरकार चाहे तो इन सिफारिशों को पूरी तरह, आंशिक रूप से या बिल्कुल भी शामिल न करने का निर्णय ले सकती है, लेकिन आमतौर पर तकनीकी और व्यावहारिक सुझावों को शामिल करने की कोशिश की जाती है.
सेलेक्ट कमेटी का गठन कैसे होता है?
किसी विधेयक को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव संसद में पेश किया जाता है. प्रस्ताव पारित होने पर समिति गठित की जाती है. इसमें शामिल सांसदों के नाम तय किए जाते हैं और एक अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है. समिति के पास विधेयक की समीक्षा के लिए निश्चित समय होता है, जिसके भीतर वह अपनी रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत करती है.
सेलेक्ट कमेटी की क्या थी सिफारिशें?
इनकम टैक्स बिल, 2025 को सबसे पहले 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था. बाद में सरकार ने इसे औपचारिक रूप से वापस लेकर संशोधित बिल पेश करने का फैसला किया. इस बिल की समीक्षा भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय चयन समिति ने की.
बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली इस समिति ने इनकम टैक्स बिल के ड्राफ्ट में कई तकनीकी खामियां और भाषा संबंधी अस्पष्टताएं चिन्हित की थीं. समिति ने पाया कि मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 में 4,000 से ज्यादा संशोधन हो चुके हैं और इसमें पांच लाख से अधिक शब्द हैं, जिससे यह बिल बेहद ही ज्यादा जटिल हो गया है. नया बिल इस जटिलता को लगभग 50% तक कम करता है ताकि आम करदाता भी इसे आसानी से समझ सके. समिति ने यह भी कहा कि नया स्ट्रक्चर कानूनी उलझनों को कम करेगा और व्यक्तिगत करदाताओं एवं छोटे-मझोले उद्यमों (MSME) को अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचाएगा.

इस नए संशोधित बिल में टैक्स स्लैब और दरों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. सरकार के अनुसार, यह बदलाव मध्यम वर्ग के टैक्स बोझ को घटाएंगे और लोगों के हाथों में अधिक पैसा छोड़ेंगे, जिससे घरेलू खपत, बचत और निवेश में वृद्धि होगी. यह कदम न केवल करदाताओं के लिए राहत लाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा.
ध्यान दिला दें कि पिछले सप्ताह सरकार ने औपचारिक रूप से पुराना इनकम टैक्स बिल, 2025 वापस ले लिया था, जिसे 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था. अब संशोधित रूप में यह बिल एक समग्र और सरल कर कानून का खाका पेश करता है, जो दशकों से लागू जटिल आयकर संरचना को बदलने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

6115 रेलवे स्टेशनों पर मिल रहा है मुफ्त वाई-फाई, कितने देर कर सकते हैं इस्‍तेमाल, कैसे करें कनेक्‍ट

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भारतीय रेलवे देश भर के 6,115 रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सुविधाएं प्रदान कर रहा है. यह जानकारी सरकार ने मंगलवार को संसद में दी. रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवा सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि भारतीय रेलवे के लगभग सभी रेलवे स्टेशनों पर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा 4जी/5जी कवरेज प्रदान किया जा रहा है. इसके अलावा, रेलवे द्वारा 6,115 स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवाएं भी प्रदान की गई हैं. ध्यान देने वाली बात है कि इस फ्री वाई-फाई सर्विस को सिर्फ रेलवे स्टेशन पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है. ट्रेन में सफर के दौरान रेलवायर इंटरनेट काम नहीं करता है.
वाई-फाई सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने स्मार्टफोन पर वाई-फाई मोड चालू करना होगा और ‘रेलवायर’ वाई-फाई से कनेक्ट करना होगा. उन्हें एसएमएस ओटीपी के लिए अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और इसके बाद यात्री की डिवाइस में वाई-फाई कनेक्टिविटी आ जाएगी. रेलवे की ओर से वाई-फाई की सुविधा नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, पुणे, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद जैसे सभी प्रमुख स्टेशनों के साथ कई टियर 2 और टियर 3 शहर में मौजूद स्टेशनों पर भी दी जा जिनमें सूरत, वडोदरा, राजकोट, मेरठ, भोपाल आदि जैसे टियर 2 शहरों के साथ-साथ रोहतक और कटक जैसे टियर 3 शहर भी शामिल हैं.

कितने देर फ्री है वाई-फाई
रेलवे स्‍टेशन पर आप एक दिन में 30 मिनट तक ही फ्री इंटनेट इस्‍तेमाल कर सकते हैं. यह वाई-फाई इंटरनेट 1Mbps की स्पीड ऑफर करता है. 30 मिनट के बाद इंटरनेट का यूज करने के लिए आपको प्‍लान खरीदना होगा. प्‍लान की जानकारी आप रेल railwire.co.in पर ले सकते हैं. वाई-फाई प्लान की पेमेंट के लिए आपको नेटबैंकिंग, वॉलेट, क्रेडिट कार्ड और UPI का विकल्प मिलता है. आप अपनी सुविधा के मुताबिक कोई भी पेमेंट मोड चुन सकते हैं.

कैसे करें इस्‍तेमाल
अपने स्मार्टफोन पर वाई-फाई सेटिंग ओपन करें.
वाई-फाई नेटवर्क सर्च करें.
इसके बाद railwire नेटवर्क चुनें.
अब railwire.co.in वेबपेज मोबाइल ब्राउज़र पर ओपन करें.
यहां अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें.
अब आपके नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा.
रेलवायर को कनेक्ट करने के लिए पासवर्ड के रूप में इस ओटीपी का उपयोग करें.
ओटीपी दर्ज करने के बाद इंटनेट कनेक्‍ट हो जाएगा.

कर्ज के बोझ तले दबा शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप टाटा सन्‍स से बाहर होने की तैयारी में

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शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड (Tata Sons Pvt.) में अपनी 18.4% हिस्सेदारी बेच सकता है. इस संभावित बिक्री से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल समूह द्वारा बड़े पैमाने पर कर्ज चुकाने में किया जा सकता है. ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी का लक्ष्य अपने इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट गोस्वामी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड (Goswami Infratech Pvt.) के जरिए जारी 8,810 करोड़ रुपये के बांड्स का भुगतान करना है, जो अप्रैल 2026 में मैच्‍योर होंगे.
सूत्रों का कहना है कि इस कर्ज का पूरा या आंशिक भुगतान करने से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और समूह की अन्य पूंजीगत परियोजनाओं को भी गति मिलेगी. हालांकि, यह बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और आगे इसमें बदलाव संभव है. इस मामले पर शापूरजी ग्रुप और टाटा संस ने किसी भी तरह की आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.

3.4 अरब डॉलर हासिल कर चुका है ग्रुप

हाल ही में इकोनॉमिक ने रिपोर्ट दी थी कि टाटा संस ने शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप से उसकी हिस्सेदारी से बाहर निकलने के विकल्प तलाशने के लिए बातचीत शुरू की है. यह विकास उस समय सामने आया है, जब तीन महीने पहले ही शापूरजी ने भारत की अब तक की सबसे बड़ी निजी क्रेडिट डील के तहत 3.4 अरब डॉलर की फंडिंग हासिल की थी. समूह अपनी निर्माण और इंजीनियरिंग कंपनी एफकॉन्स का भी 8,500 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है.
निवेशकों का भरोसा हासिल करना है लक्ष्‍य

टाटा संस की हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल बांड्स के भुगतान में किया जाता है, तो इससे शापूरजी को अपनी उधारी की लागत कम करने में मदद मिलेगी. मई में हुई डील में कंपनी ने 19.75% यील्ड की पेशकश की थी. इसके अलावा, पिछले महीने बैंकिंग नियामक से मिले एक अहम छूट ने कंपनी को इस डील की लागत बढ़ने से बचा लिया.

नहीं सिरे चढ़ी डील क्‍या करेगा एसपी ग्रुप
सूत्रों ने यह भी बताया कि अगर टाटा संस की हिस्सेदारी बिक्री की योजना आगे नहीं बढ़ पाती, तो शापूरजी नवंबर में 2026 के गोस्वामी कर्ज के लिए पुनर्वित्त (रीफाइनेंसिंग) वार्ता शुरू करने की योजना बना रहा है. यह कदम कंपनी की वित्तीय स्थिति को स्थिर रखने और भविष्य की परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने में अहम साबित हो सकता है.

किरंदुल NMDC प्लांट में भीषण आगजनी, प्रबंधन को हुआ करोड़ों का नुकसान, शार्ट सर्किट की आशंका

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छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के किरंदुल में स्थित NMDC प्लांट में देर रात भीषण आगजनी से करोड़ों रुपए के नुकसान होने की खबर है. आगजनी से एनएमडीसी प्लांट के कन्वेयर बेल्ट को भारी नुकसान हुआ है. आग इतनी भंयकर थी कि दमकलकर्मियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जिससे 200 मीटर कन्वेयर ब्लेट जलकर राख हो गई.

किरंदुल स्थित एनएमडीसी प्लांट में भीषण आगजनी के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है. आगजनी में 200 मीटर कन्वेयर बेल्ट जलकर स्वाहा हो गया, जिससे प्लांट में प्रोडक्शन ठप पड़ गया है. प्रबंधन ने आगजनी में करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई है.

शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है एनएमडीसी प्लांट में आगजनी की वजह
रिपोर्ट के मुताबिक किरंदुल स्थित एनएमडीसी प्लांट के वार्ड नंबर 12 फाइन और कैंप के नजदीक कन्वेयर बेल्ट में आग लगी, जिससे पूरे प्लांट में अफरातफरी का माहौल हो गया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक 200 मीटर कन्वेयर बेल्ट जल चुकी थी. आगजनी के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है.

कन्वेयर बेल्ट के जरिए लौह अयस्क को पहाड़ों से नीचे लाया जाता है
गौरतलब है प्लांट का सबसे अहम हिस्से कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से लौह अयस्क को पहाड़ों से नीचे लाया जाता है. आगजनी 200 मीटर कन्वेयर ब्लेट के जल जाने से फिलहाल प्लांट का प्रोडक्शन रुक गया है, जिससे करोड़ों के नुकसान का अनुमान है. हालांकि

एनएमडीसी प्लांट के वार्ड नंबर 12 फाइन और कैंप के नजदीक कन्वेयर बेल्ट में आग लगी, जिससे पूरे प्लांट में अफरातफरी का माहौल हो गया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक 200 मीटर कन्वेयर बेल्ट जल गई.

एनएमडीसी प्लांट प्रबंधन ने शुरू किया कन्वेयर बेल्ट सुधारने का काम
पहाड़ों से लौह अयस्क कन्वेयर बेल्ट की मदद से किरंदुल से विशाखापटनम रेलमार्ग के माध्यम से और ट्रकों के माध्यम से देश भर में निर्यात होता है. इस लिहाज से कन्वेयर बेल्ट में आग लगने के बाद से सप्लाई चेन प्रभावित हो गई है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है. इसलिए प्रबंधन सप्लाई लाइन को सुधारने के कार्य मे तेजी से जुट गया है.

आगजनी की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरू की जांच
प्लांट में आगजनी की सूचना के बाद किरंदुल थाने में टीआई संजय यादव जवानों के साथ आगजनी वाले क्षेत्र पर पहुंचकर आगजनी के कारणों की जांच कर रहे हैं. इससे पूर्व में एनएमडीसी परिक्षेत्र के ऊपरी इलाकों में नक्सलियों ने भी कई बार आगजनी की है. टीआई ने बताया कि जिस क्षेत्र में बेल्ट पर आग लगी है उस क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.