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डिजिटल तकनीक का उपयोग करें लेकिन उस पर निर्भरता से बचें – राज्यपाल डेका

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राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं का आव्हान किया है कि डिजिटल तकनीक का उपयोग नवाचार और रचनात्मकता के लिए करें लेकिन उस पर निर्भरता से बचें। उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सोमवार को डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि कोविड-19 के बाद डिजिटल माध्यम ने शिक्षा, कार्य और रिश्तों को आसान बनाया पर इससे तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। योग ध्यान और संतुलित जीवन अपनाकार ही मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत रखा जा सकता है।

कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक शोधार्थी, सामाजिक संगठनांे से जुड़े बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने के उपायो पर विचार विमर्श किया। राज्यपाल श्री डेका ने कार्यशाला में कहा कि 21 सदी में हमारी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया लेकिन प्रकृति का स्वरूप आज भी वैसा ही है। सूर्य पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है। धरती अब भी हरियाली का चादर ओढ़ कर हमे जीवन देती है, परंतु बदलाव हमारी सभ्यता व दिनचर्या में हुआ है। सतत् विकास की कमी और बदलते परिवेश ने मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।

राज्यपाल ने कहा कि एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति और परिवारजनों के बीच संवाद की कमी ने भी मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर किया है। आज अधिकांश लोग मोबाईल और इंटरनेट में व्यस्त रहते है और आपसी संवाद व भावनात्मक जुड़ाव कम होता जा रहा है।

डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि मानसिक दबाव न हो इसके लिए वे अपनी क्षमता के अनुरूप अपने कैरियर का चुनाव करें और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचें। ओवरथिंकिंग और संदेह से दूर रह कर जीवन का आनंद लें। मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में संकोच न करें और अंतरात्मा की आवाज सुनकर अपने लिए सही रास्ते का चुनाव करें। उन्होंने कहा कि प्रार्थना, योग, ध्यान, प्राणायाम और सात्विक जीवन शैली भारतीय परंपरा में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के मूल आधार रहे हैैं, यदि इन्हें दिनचर्या में शामिल किया जाए तो जीवन की कई चुनौतियों का समाधान स्वतः मिल सकता है।

”CG: सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य मंत्री स्वतंत्रता दिवस समारोह में झंडारोहण करेंगे, इसकी सूची जारी कर दी गई है ..”

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सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य मंत्री किन जिला मुख्यालयों में अतिथि के तौर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करेंगे और झंडारोहण करेंगे, इसकी सूची जारी कर दी गई है।

1. रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे मुख्य ध्वजारोहण समारोह।
2. सभी जिलों में मंत्री, सांसद करेंगे झंडा फहराने की जिम्मेदारी।
3. स्कूल, कॉलेज, कार्यालयों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम होंगे आयोजित।

इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य मंत्री किन जिला मुख्यालयों में अतिथि के तौर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करेंगे और झंडारोहण करेंगे, इसकी सूची जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर तो डिप्टी CM अरुण साव बिलासपुर में झंडा फहराएंगे। देखें पूरी सूची

  1. रायपुर – श्री विष्णुदेव साय, माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
  2. बस्तर – श्री तोखन साहू, माननीय संघ राज्य मंत्री
  3. बिलासपुर – श्री अरुण साव, माननीय उप मुख्यमंत्री
  4. दुर्ग – श्री विजय शर्मा, माननीय उप मुख्यमंत्री
  5. राजनांदगांव – डॉ. रमन सिंह, माननीय विधानसभा अध्यक्ष
  6. सरगुजा – श्री रामविचार नेताम, माननीय मंत्री
  7. गरियाबंद – श्री दयालदास बघेल, माननीय मंत्री
  8. बालोद – श्री केदार कश्यप, माननीय मंत्री
  9. कोरबा – श्री लखन लाल देवांगन, माननीय मंत्री
  10. जशपुर – श्री श्याम बिहारी जायसवाल, माननीय मंत्री
  11. रायगढ़ – श्री ओ.पी. चौधरी, माननीय मंत्री
  12. सूरजपुर – श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, माननीय मंत्री
  13. जांजगीर-चांपा – श्री टंकाराम राम वर्मा, माननीय मंत्री
  14. बलौदाबाजार – श्री बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद
  15. बेमेतरा – श्री विजय बघेल, माननीय सांसद
  16. कवर्धा – श्री संतोष पांडेय, माननीय सांसद

 

 

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

प्रश्न 1:  1. प्रश्न: 15 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ में मुख्य ध्वजारोहण कहां होगा? उत्तर:   उत्तर: छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त 2025 का मुख्य समारोह राजधानी रायपुर में आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ध्वजारोहण करेंगे।

प्रश्न 2:  2. प्रश्न: क्या जिला स्तर पर भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे? उत्तर:   उत्तर: हाँ, सभी जिला मुख्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, थानों, तहसीलों और विभागीय कार्यालयों में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

प्रश्न 3:  3. प्रश्न: बलौदाबाजार जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि कौन होंगे? उत्तर:   उत्तर: बलौदाबाजार जिले में 15 अगस्त को मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद होंगे।

”CG: धर्मांतरण पर नया कानून लाएगी सरकार, नया कानून अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा ..”

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छत्तीसगढ़ में इन दिनों धर्मांतरण के मुद्दे पर जमकर सियासत हो रही है। पिछले हफ्ते पुलिस ने बजरंग दल की शिकायत के बाद दो ईसाई ननो को दुर्ग स्टेशन से हिरासत में ले लिया था। जिसके बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच धर्मांतरण को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री शर्मा ने कहा कि धर्मांतरण को सरकार कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि अगले सत्र में धर्मांतरण को लेकर नया कानून पास किया जाएगा। नए कानून में धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ बड़ कानून का प्रावधान होगा। पुलिस सख्ती के साथ धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। प्रलोभन, लालच और धमकी देकर धर्मांतरण करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।

‘मैं साइन नहीं करूंगा, ये EC का ही डेटा है…’, राहुल गांधी बोले- गुमराह कर रहा चुनाव आयोग”

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विपक्षी सांसदों ने सोमवार को बिहार में मतदाता सूची संशोधन और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने बीच में रोककर सभी को हिरासत में ले लिया. इस मार्च में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल थे.

‘चुनाव आयोग का डेटा फटेगा’ मार्च के दौरान मीडिया ने राहुल गांधी से पूछा कि चुनाव आयोग ने आपको नोटिस का जवाब देने को कहा है और आप जवाब नहीं दे रहे हैं. राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा, ‘ये चुनाव आयोग का डेटा है, मेरा डेटा थोड़ी है जो मैं साइन करूं. हमने आपको ही दिया है, आप अपनी वेबसाइट पर डाल दीजिए, सबको पता लग जाएगा. ये सिर्फ बेंगलुरु में नहीं, देश के अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में हुआ है. चुनाव आयोग जानता है कि उसका डेटा फटेगा, इसलिए उसे कंट्रोल और छिपाने की कोशिश हो रही है.’

चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस; दरअसल कर्नाटक की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख दिखाया है. आयोग ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने मतदाताओं के नाम, पते और पहचान में धांधली के जो आरोप लगाए हैं, उनके सबूत पेश करें और शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें. अगर वे ऐसा नहीं करते, तो अपने बयान वापस लें और जनता को गुमराह करना बंद करें.

विपक्षी सांसदों का मार्च संसद मार्ग पर पीटीआई बिल्डिंग के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया. इसके बाद कई सांसद सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे. टीएमसी की महुआ मोइत्रा, कांग्रेस की संजना जाटव और जोठिमणि समेत कुछ महिला सांसद बैरिकेड पर चढ़कर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाने लगीं. पुलिस सभी को बसों में बैठाकर संसद मार्ग थाने ले गई, जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

‘यह लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान बचाने की है’ राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान बचाने की है. ‘यह लड़ाई ‘वन मैन, वन वोट’ के लिए है और हम एक साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं.’ उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में उनकी पार्टी के रिसर्च में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट मिले हैं और चुनाव आयोग इस सच को छिपाने की कोशिश कर रहा है.

साल-दर-साल बढ़ती आपदाएं हर साल मॉनसून के दौरान बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 2025 में भी हालात बेहद गंभीर रहे।

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भारत में इस साल मौसम ने कहर बरपाया है। जनवरी से जुलाई 2025 के बीच बारिश, बाढ़, तूफान और बिजली गिरने जैसी आपदाओं ने 1,626 लोगों की जान ले ली और 1.57 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलों को तबाह कर दिया।

उत्तराखंड से लेकर केरल तक कई राज्यों में तबाही का मंजर देखा गया।

साल-दर-साल बढ़ती आपदाएं हर साल मॉनसून के दौरान बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 2025 में भी हालात बेहद गंभीर रहे।

उत्तराखंड: उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से आई बाढ़ ने पूरे गांव को उजाड़ दिया। हिमाचल प्रदेश: मंडी जिले के सराज इलाके में 30 जून की रात भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ आई, जिससे 25 गांव प्रभावित हुए।

2024 में केरल के वायनाड में भी ऐसी ही तबाही देखी गई थी।

गृह मंत्रालय के ताजा आंकड़े; 6 अगस्त 2025 को राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार: सबसे ज्यादा मौतें:

आंध्र प्रदेश (343), मध्य प्रदेश (243), हिमाचल प्रदेश (195), कर्नाटक (102), बिहार (101) अन्य प्रभावित राज्य: केरल (97), महाराष्ट्र (90), राजस्थान (79), उत्तराखंड (71), गुजरात (70), जम्मू-कश्मीर (37), असम (32), उत्तर प्रदेश (23) कुल मौतों का 60% से अधिक सिर्फ 5 राज्यों में दर्ज हुआ।

किसानों पर दोहरा प्रहार इन आपदाओं से किसानों को भारी नुकसान हुआ।

मवेशियों की मौत: कुल 52,367 फसल नुकसान: 1,57,818 हेक्टेयर जमीन राज्यवार सबसे ज्यादा फसल नुकसान: महाराष्ट्र: 91,429 हेक्टेयर असम: 30,474.89 हेक्टेयर कर्नाटक: 20,245 हेक्टेयर मेघालय: 6,372.30 हेक्टेयर पंजाब: 3,569.11 हेक्टेयर मवेशियों की मौत में हिमाचल (23,992), असम (14,269) और जम्मू-कश्मीर (11,067) सबसे आगे रहे।

अस्थायी आंकड़े और जिम्मेदारी मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े अस्थायी हैं और राज्यों से मिली जानकारी पर आधारित हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति (NPDM) के तहत राहत व पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, जबकि केंद्र केवल सहयोग करता है।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट प्रतिक्रिया में कमी ला सकती है। चेतावनी और सुरक्षा उपाय IMD ने सैटेलाइट, रडार और 102 सेंसर वाले ग्राउंड नेटवर्क के जरिए 5 दिन पहले तक की मौसम चेतावनी देने की प्रणाली विकसित की है।

पुणे का भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम संस्थान ने 112 सेंसर वाला वज्रपात निगरानी नेटवर्क तैयार किया, जिससे ‘दामिनी’ ऐप लॉन्च हुआ। यह ऐप 20-40 किलोमीटर दायरे में बिजली गिरने की सटीक जानकारी देता है। 28 फरवरी 2025 को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आंधी, बिजली और तेज हवाओं से निपटने के नए दिशा-निर्देश जारी किए।

जलवायु परिवर्तन का असर विशेषज्ञ मानते हैं कि बदलते बारिश के पैटर्न और जलवायु परिवर्तन से बाढ़ व भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। वनों की सुरक्षा, टिकाऊ खेती और बेहतर आपदा प्रबंधन से नुकसान कम किया जा सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार और समाज मिलकर आने वाले समय में इन खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं?

“अगले 5 दिन भारी…16 अगस्त तक भीषण बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना, IMD अलर्ट”

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देशभर के कई हिस्सों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आने वाले 7 दिनों तक देश के उत्तर, पूर्व और दक्षिण हिस्सों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। मौसम का यह विकराल रूप लोगों की दिनचर्या पर बड़ा असर डाल सकता है।

उत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में तेज बारिश और बाढ़ की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में 12 से 16 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है, खासकर 13 अगस्त को कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने का खतरा है। हिमाचल प्रदेश में 12 से 14 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जिसके कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर में 13 से 15 अगस्त के बीच मौसम खराब होने की संभावना है, जहां ऊपरी इलाकों में वर्षा और तूफान से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 13 से 15 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

फ्लैश फ्लड की चेतावनी IMD ने उत्तराखंड के कई जिलों – देहरादून, नैनीताल, चंपावत, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी में अगले 24 घंटों के भीतर फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की चेतावनी दी है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों जैसे असम, मेघालय और सिक्किम में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश का सिलसिला; पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह और तेज होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 12 और 13 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला लगातार बना रहेगा। इन राज्यों के निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और भारी बारिश; दक्षिण भारत भी इस बार मानसून के प्रकोप से अछूता नहीं रहेगा। कोस्टल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में 14 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे मौसम और भी ज्यादा उग्र हो सकता है। समुद्री इलाकों में लहरों की ऊंचाई बढ़ने की वजह से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

भूस्खलन और बाढ़ से सतर्क रहें लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण भूस्खलन, बिजली गिरने, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

“MP में 15 मिनट में 14 करोड़ का सोना और कैश लूट ले गए बदमाश, हथियारबंद गिरोह की चार जिलों में तलाश”

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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर खितौला क्षेत्र में सोमवार सुबह 11 बजे एक बैंक पर हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। महज 15 मिनट में वे बैंक से करीब 14 किलो 800 ग्राम सोना और 5 लाख 70 हजार रुपये नकद समेटकर फरार हो गए। सोने की कीमत करीब 14.5 करोड़ आंकी जा रही है। घटना के बाद पूरे जबलपुर सहित कटनी, मंडला और डिंडौरी जिलों में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी की गई है।

जानकारी के मुताबिक, यह वारदात इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई, जो सोना गिरवी रखकर लोन देने का काम करता है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, छह युवक तीन बाइकों से पहुंचे थे। पहले उन्होंने बैंक के बाहर बाइक खड़ी की, फिर बारी-बारी अंदर घुसे और कुछ देर तक कर्मचारियों की गतिविधियां देखते रहे। अचानक कट्टा निकालकर स्टाफ और अधिकारियों को धमकाने लगे और बार-बार गोली मारने की चेतावनी देते रहे। लुटेरों के बाहर निकलते ही बैंक स्टाफ ने अलार्म बजाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक इन दिनों त्योहार के कारण सुबह 8-9 बजे के बीच खुल रहा था, जबकि सामान्य समय 10:30 बजे का है। वारदात के समय सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। सीसीटीवी में 4 बदमाश कैद हुए हैं, हालांकि बैंक स्टाफ ने 6 होने की बात कही है। सीएसपी भगत सिंह गठोरिया ने बताया कि लुटेरे बैंक से बाहर निकलने के बाद अलग-अलग दिशाओं में भागे। पुलिस ने बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, एसपी संपत उपाध्याय और एएसपी सूर्यकांत शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट टीम के साथ सर्च ऑपरेशन चला रही है।

‘डेड इकोनॉमी’ पर भारत का जवाब, अगर बदला लेने निकला भारत तो खतरे में पड़ जाएगा इन 30 बड़ी कम्पनियों का भविष्य”

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी भारत को ‘टैरिफ किंग’ तो कभी ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहते हैं, हालाँकि आज भारत और अमेरिका के बीच अच्छे संबंध हैं, खासकर व्यापारिक मोर्चे पर। वर्तमान में भारत अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

लेकिन ट्रंप टैरिफ को लेकर भारत पर लगातार दबाव बना रहे हैं। भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है। जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर लगाया गया है। ट्रंप का कहना है कि भारत रूस के साथ व्यापार क्यों करता है, खासकर तेल और हथियारों की खरीद को लेकर ट्रंप भारत पर निशाना साध रहे हैं।

भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार (निर्यात और आयात) 131.84 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान भारत ने अमेरिका को 86.51 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया और 45.33 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात किया। भारत ने अमेरिका को मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण और प्रौद्योगिकी का निर्यात किया। जबकि आयात में कच्चा तेल, कोयला और विमान के पुर्जे शामिल हैं। पिछले कई वर्षों से अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है।

अगर भारत बदला लेता है…अब सवाल यह उठता है कि अगर अमेरिका भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, तो इसका असर भारतीय निर्यात पर पड़ेगा। लेकिन अगर भारत जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर देता है, तो ट्रंप भी मुश्किल में पड़ जाएँगे। ट्रंप भले ही भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मृत अर्थव्यवस्था कहें, लेकिन इस मृत अर्थव्यवस्था में दर्जनों अमेरिकी कंपनियाँ फल-फूल रही हैं, हर क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियाँ मौजूद हैं, भारत के हर घर तक अमेरिकी कंपनियाँ पहुँचती हैं, इन कंपनियों की कमाई अमेरिका पहुँचती है, ऐसे में अगर भारत बदला लेने लगे, तो अमेरिका को बड़ा झटका लगेगा। वैसे तो भारत में सैकड़ों अमेरिकी कंपनियाँ काम करती हैं, लेकिन हम आपको ऐसी 30 कंपनियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका भारत में बड़ा कारोबार है और इन कंपनियों को हर कोई जानता है। अगर भारत इन कंपनियों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाता है, तो इसका सीधा दर्द अमेरिकी अर्थव्यवस्था को होगा, क्योंकि ये कंपनियाँ भारत में कारोबार करके अमेरिकी खजाना भर रही हैं।

30 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों की सूची’

1. अमेज़न इंडिया: यह अमेरिकी कंपनी ई-कॉमर्स क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है, इस कंपनी की पहुँच भारत के 97% पिन कोड तक है। यानी अमेज़न की पहुँच लगभग हर घर तक है, लेकिन इस कंपनी का मुनाफ़ा अमेरिका तक पहुँचता है।

2. एप्पल इंक: आज भारत iPhone का एक बड़ा बाज़ार है। लेकिन iPhone बनाने वाली कंपनी अमेरिकी है। यह कंपनी भारत में बड़े पैमाने पर iPhone का उत्पादन और बिक्री करती है। भारतीयों में iPhone का ज़बरदस्त क्रेज़ है, अगर इस कंपनी को भारत में दिक्कत आती है, तो इसका असर अमेरिका पर भी दिखेगा। ये कंपनियाँ भारत में बड़ा कारोबार करके अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।

3. गूगल (अल्फाबेट इंक): यह अमेरिकी कंपनी सर्च इंजन, विज्ञापन, एंड्रॉइड और क्लाउड सेवाएँ प्रदान करती है। गूगल के बारे में हर कोई जानता है और इसका इस्तेमाल करता है। गूगल का भारत में एक बड़ा डेटा सेंटर है। भारत कंपनी का एक बड़ा कारोबार है, लेकिन ट्रम्प को लगता है कि अमेरिकी कंपनियों को भारत में कारोबार करने से रोका जा रहा है।

4. माइक्रोसॉफ्ट: भारत में इस कंपनी का कारोबार सॉफ्टवेयर, क्लाउड (Azure) और आईटी सेवाओं तक फैला हुआ है। हर कंप्यूटर और लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट का सॉफ्टवेयर होता है। भारत में इन कंपनियों की कमाई का कुछ हिस्सा अमेरिका भी जाता है। यानी अगर इन कंपनियों को भारत में दिक्कत आती है, तो अमेरिका को भी आर्थिक नुकसान होगा।

5. X और मेटा: जिस सोशल मीडिया फेसबुक और ट्विटर यानी X पर आप दिन भर समय बिताते हैं, उसका संचालन भी अमेरिकी कंपनियां करती हैं। भारत में फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेगमेंट में कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां सक्रिय हैं, जो खाने-पीने की चीजें, पर्सनल केयर और घरेलू उत्पादों जैसे उपभोक्ता उत्पादों का कारोबार करती हैं। बाजार प्रभाव के लिहाज से, देश में जंक फूड का बाजार 30 अरब डॉलर का है, जिसमें पेप्सिको, कोका-कोला और मैकडॉनल्ड्स जैसी अमेरिकी कंपनियां प्रमुख खिलाड़ी हैं।

6. कोका-कोला इंडिया: कोका-कोला भारत की अग्रणी पेय कंपनी है, जो कार्बोनेटेड पेय (कोक, थम्स अप, स्प्राइट), जूस (माज़ा) और बोतलबंद पानी (किन्ले) जैसे उत्पाद बेचती है। यह कंपनी 1960 के दशक से भारत में मौजूद है।

7. पेप्सिको इंडिया: पेप्सिको भी एक अमेरिकी कंपनी है, जिसके पेप्सी, 7अप, मिरिंडा, कुरकुरे और लेज़ जैसे लोकप्रिय ब्रांड हैं। यह भारत में पेय और स्नैक्स क्षेत्र में अग्रणी है। यह कंपनी 1989 से भारत में सक्रिय है और ग्रामीण क्षेत्रों में अपने उत्पाद बेच रही है।

8. प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड (P&G इंडिया): व्हिस्पर (सैनिटरी पैड), टाइड (डिटर्जेंट) और विक्स, जिनका आप इस्तेमाल करते हैं, अमेरिकी कंपनी P&G द्वारा बनाए जाते हैं। यह कंपनी 1964 से भारत में सक्रिय है।

9. कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड: कोलगेट घर-घर में मशहूर है, लेकिन यह कंपनी अमेरिकी है। कोलगेट टूथपेस्ट और टूथब्रश खूब बिकते हैं और हर घर में आम हैं।

10. जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड: जॉनसन एंड जॉनसन के उत्पाद जैसे साबुन, पाउडर और शैम्पू भारत में उपलब्ध हैं। जॉनसन बेबी उत्पादों की भी काफी मांग है। यह कंपनी 1886 से भारत में मौजूद है।

11. नेस्ले इंडिया लिमिटेड: मैगी, नेस्कैफे, किटकैट, मिल्कमेड बनाने और बेचने वाली कंपनी एक अमेरिकी कंपनी है। मैगी नूडल्स और किटकैट चॉकलेट बहुत लोकप्रिय हैं। 1959 से भारत में सक्रिय इस कंपनी ने हाल ही में बिना रिफाइंड चीनी वाले सेरेलैक जैसे नए उत्पाद लॉन्च किए हैं।

12. किम्बर्ली-क्लार्क लीवर प्राइवेट लिमिटेड: बच्चों के लिए आप जो हग्गीज़ खरीदते हैं, वह अमेरिकी कंपनी किम्बर्ली-क्लार्क का उत्पाद है। इस कंपनी के मुख्य उत्पादों में हग्गीज़ (बेबी डायपर) और कोटेक्स (महिलाओं के लिए स्वच्छता उत्पाद) शामिल हैं।

13. केलॉग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड: बच्चों को नाश्ते में दिए जाने वाले कॉर्न फ्लेक्स, चॉकलेट और ओट्स अमेरिकी कंपनी केलॉग द्वारा बनाए जाते हैं, इस कंपनी की नाश्ते के क्षेत्र में मज़बूत पकड़ है।

14. जे.एम. स्मकर कंपनी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड: जैम और पीनट बटर भी अमेरिकी कंपनी जे.एम. स्मकर द्वारा बनाए जाते हैं। इसके अलावा, कंपनी जैम, जेली और स्प्रेड भी बनाती है।

15. मार्स इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड: स्निकर्स की भारत में काफी माँग है, इसे अमेरिकी कंपनी मार्स बनाती है। यह कंपनी भारत में चॉकलेट, कन्फेक्शनरी और पालतू जानवरों की देखभाल से जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में सक्रिय है।

16. मोंडेलेज़ इंडिया फ़ूड्स प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में कैडबरी इंडिया): इस कंपनी का चॉकलेट व्यवसाय में वर्तमान में कोई विस्तार नहीं है। इसके लोकप्रिय उत्पादों में कैडबरी डेयरी मिल्क, बॉर्नविटा और ओरियो जैसे ब्रांड शामिल हैं।

भारत में फ़ास्ट फ़ूड क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा-

17. मैकडॉनल्ड्स इंडिया: यह कंपनी बर्गर, फ्रेंच फ्राइज़, मैकफ्लरी और कॉफ़ी उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है। मैकडॉनल्ड्स ने 1996 में भारत में प्रवेश किया और अब 300 से ज़्यादा आउटलेट्स के साथ यह देश की अग्रणी फ़ास्ट-फ़ूड श्रृंखला है।

18. केएफसी: भारत में फ्राइड चिकन, बर्गर और फ़ास्ट-फ़ूड उत्पादों के लिए लोकप्रिय। आपको इस कंपनी की मौजूदगी बड़े मॉल और कई शहरों में देखने को मिलेगी।

19. डोमिनोज़ पिज़्ज़ा और पिज़्ज़ा हट: ये कंपनियाँ पिज़्ज़ा, पास्ता, साइड्स, गार्लिक ब्रेड जैसे लोकप्रिय फ़ास्ट फ़ूड बनाती हैं। आज के दौर में, आपको हर गली-मोहल्ले और चौराहे पर डोमिनोज़ पिज़्ज़ा और पिज़्ज़ा हट मिल जाएँगे। ये अमेरिकी कंपनियों द्वारा संचालित हैं और भारत में इनका बड़ा कारोबार है।

20. स्टारबक्स इंडिया: स्टारबक्स ने 2012 में मुंबई में अपना पहला स्टोर खोला और अब यह कई शहरों में मौजूद है। इस अमेरिकी कंपनी की कॉफ़ी, फ्रैपुचीनो, सैंडविच और मिठाइयाँ काफ़ी मशहूर हैं।

लाइफस्टाइल सेगमेंट में ये अमेरिकी कंपनियाँ-

21. फॉरएवर 21: इस अमेरिकी कंपनी ने 1990 के दशक में भारत में प्रवेश किया और फ़ैशन सेगमेंट में, खासकर युवाओं के बीच, तेज़ी से लोकप्रिय हो गई। यह ब्रांड किफ़ायती और ट्रेंडी कपड़ों के लिए मशहूर है।

22. मेबेलिन न्यूयॉर्क: यह कंपनी लिपस्टिक, मस्कारा और फ़ाउंडेशन बनाती है। इसके उत्पाद काफ़ी सस्ते हैं। आपको पता होना चाहिए कि यह भी एक अमेरिकी कंपनी है।

23. टाइमेक्स: टाइमेक्स एक वैश्विक अमेरिकी घड़ी निर्माता कंपनी है, जो 1854 से कार्यरत है और भारत में किफ़ायती, टिकाऊ और स्टाइलिश घड़ियों के लिए जानी जाती है। यह अमेरिकी कंपनी पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए घड़ियाँ बनाती है।

24. फॉसिल इंडिया: फॉसिल भारत में घड़ियों और लाइफस्टाइल एक्सेसरीज़ का कारोबार करती है, इस कंपनी की प्रीमियम सेगमेंट में भी अच्छी पकड़ है। घड़ियों के अलावा, यह अमेरिकी कंपनी बैग और वॉलेट भी बेचती है।

25. नाइकी इंडिया: नाइकी भारत में स्पोर्ट्स और कैज़ुअल कपड़ों, जूतों और फिटनेस एक्सेसरीज़ का एक लोकप्रिय ब्रांड है। युवाओं में इस ब्रांड का क्रेज़ है। लेकिन यह भी एक अमेरिकी कंपनी है।

26. लेवी स्ट्रॉस इंडिया: इस कंपनी के जींस, जैकेट और टी-शर्ट काफी मशहूर हैं। लेवीज़ भारत में डेनिम और कैज़ुअल कपड़ों में लोकप्रिय है। इस कंपनी का भारत में बड़ा कारोबार है, लेकिन यह कंपनी अमेरिकी है।

27. स्केचर्स इंडिया: स्केचर्स भारत में कैज़ुअल और स्पोर्ट्स फुटवियर के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह आरामदायक और स्टाइलिश जूतों के लिए जाना जाता है। प्रीमियम सेगमेंट इस कंपनी का एक बड़ा कारोबार है। यह भी एक अमेरिकी कंपनी है।

28. गैप इंडिया: गैप एक अमेरिकी कैज़ुअल फ़ैशन ब्रांड है जो भारत में टी-शर्ट, जींस और अन्य कैज़ुअल कपड़े बेचता है। यह मध्यम और प्रीमियम सेगमेंट को लक्षित करता है और भारत के चुनिंदा शहरों में स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से उपलब्ध है। गैप पर्ल ग्लोबल जैसे भारतीय निर्माताओं से भी उत्पाद लेता है।

29. गेस: गेस एक अमेरिकी फ़ैशन ब्रांड है जो स्टाइलिश और लक्ज़री घड़ियों के लिए जाना जाता है। भारत में, यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए डिज़ाइन की गई घड़ियों के लिए लोकप्रिय है, जैसे कि गेस एनालॉग शैम्पेन डायल महिलाओं की घड़ी।

30. सिटीग्रुप: (सिटी इंडिया) बैंकिंग और निवेश सेवाएँ। इस अमेरिकी बैंक के भारत में बहुत से क्रेडिट कार्ड ग्राहक हैं।

”शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है, सेंसेक्स 746 अंक बढ़कर 80,604 पर बंद हुआ ..”

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शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 746 अंक बढ़कर 80,604 पर बंद हुआ। निफ्टी 221 अंक बढ़कर 24,585 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 505 अंक बढ़कर 55,510 पर बंद हुआ।

रुपया 87.66/डॉलर पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आज सबसे ज़्यादा तेज़ी पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर में देखने को मिली। इसमें एक प्रतिशत से ज़्यादा का उछाल आया। ज़ोमैटो भी 2 प्रतिशत मज़बूत होकर बंद हुआ।

निफ्टी50 लाभ में अडानी एंटरटेनमेंट 5% टाटा मोटर्स +3.1% इटर्नल 2.1% अपोलो हॉस्पिटल 2.6% निफ्टी50 हानि में हीरो मोटोकॉर्प -0.7% टेक महिंद्रा  बेल सिन्स  पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट -15% होम फर्स्ट फाइनेंस +5.9%  शिल्पा मेडिकेयर +5%  ब्रिगेड होटल +3% परिणाम  डोम्स 8.1%  टीवीएस सप्लाई चेन +6.7%  गरवारे हाई टेक फिल्म्स -9.6%  वोल्टास -4.5% शीर्ष लाभ में  एचबीएल इंजीनियरिंग 13.4%   वेबसोल एनर्जी 10%  ट्रांसफार्मर और रेक्टिफायर 7.6%  पेटीएम 5.6% सबसे ज़्यादा नुकसान  टेक्नोक्राफ्ट -8.4%  एंटेरो हेल्थकेयर -7.9%  इंडिगो पेंट्स -6.2%  एम्बर पेंट्स -6.1%

शेयर बाज़ार में सुबह ही तेज़ी देखी गई सुबह बाज़ार खुलने पर शेयर बाज़ार में सुस्ती देखी गई। सेंसेक्स 28 अंक बढ़कर 79,885 पर खुला। निफ्टी 8 अंक मज़बूत होकर 24,371 पर खुला। बैंक निफ्टी 5 अंक गिरकर 54,999 पर खुला। रुपया 87.48 के मुकाबले 87.53 पर खुला।

इसके बाद सबसे ज़्यादा गिरावट कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों में देखी गई। इसका निफ्टी इंडेक्स एक प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता देखा गया। हालाँकि, निफ्टी ऑटो, आईटी, मेटल और पीएसयू बैंक बढ़त के साथ कारोबार करते देखे गए।आज के कारोबारी सत्र में अच्छी बात यह रही कि दोपहर 1 बजे के आसपास बाज़ार दिन के उच्चतम स्तर पर कारोबार करता देखा गया। सेंसेक्स 400 अंकों से ज़्यादा की बढ़त के साथ कारोबार करता नज़र आया। इसमें सरकारी बैंक और रियल्टी सेक्टर के शेयरों की अहम भूमिका रही।

इस रिकवरी की बड़ी वजह क्या है? पिछले 6 हफ़्तों से निफ्टी लगातार नकारात्मक बना हुआ है  – बैंक निफ्टी भी दो हफ़्तों से कमज़ोर है  – एफआईआई इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग पोजीशन 8% के करीब, 12 मार्च 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर  – 2012 के बाद पहली बार, एफआईआई इंडेक्स लॉन्ग पोजीशन 7 दिनों तक 10% से नीचे रही यह रिकवरी कितनी टिकाऊ है? – 24300-24375 निफ्टी के लिए मज़बूत समर्थन है  – नई कमज़ोरी तभी आएगी जब 24300 टूटेगा, जिसकी संभावना कम है  – 24550-24675 निफ्टी के लिए रिकवरी का अगला लक्ष्य है  – 54900-55000 बैंक निफ्टी के लिए मज़बूत समर्थन है  – 55425-55625 बैंक निफ्टी के लिए रिकवरी का अगला लक्ष्य है  – नई कमज़ोरी 54900 के नीचे ही आएगी, जिसकी संभावना कम है  – मिड-स्मॉलकैप में तेज़ी तभी बढ़ेगी जब निफ्टी महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बंद होगा.

नई दिल्ली: ‘इंडिया’ गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन आज, राहुल के नेतृत्व में संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे सांसद”

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नई दिल्ली: विपक्षी ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन के घटक दलों के सांसद बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और ”वोट चोरी” के खिलाफ सोमवार को संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे।

कांग्रेस ने कहा कि, राहुल गांधी के नेतृत्व में होने इस मार्च में विपक्षी दलों के दोनों सदनों के नेता और कई अन्य सांसद शामिल होंगे और इस मार्च की शुरुआत के लिए पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे का समय निर्धारित किया गया।

राहुल गांधी ने लगाया था वोट चोरी का आरोप

मतदाता सूची में कथित धांधली का राहुल गांधी द्वारा ”खुलासा किए जाने” के बाद विपक्षी दलों का यह पहला विरोध प्रदर्शन होगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े सामने रखते हुए सात अगस्त को आरोप लगाया था ,कि मतदाता सूची में हेरफेर करके ”वोट चोरी” का मॉडल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया गया है। उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं के समक्ष महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़ों की प्रस्तुति दी थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि कि बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी की गई जबकि यह सीट पिछले लोकसभा चुनाव भाजपा ने 32,707 मतों के अंतर से जीती थी।