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PM Modi Malaysia Visit: प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया दौरे का दूसरा दिया, दिया गया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे हैं. रविवार, 8 फरवरी 2026 को उन्हें मलेशिया के प्रधानमंत्री कार्यालय पेरदाना पुत्रा भवन में भव्य औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

यह स्वागत भारत और मलेशिया के मजबूत और पुराने रिश्तों को दर्शाता है.

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार, 7 फरवरी को कुआलालंपुर पहुंचे थे, जहां मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे. इस दौरान मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री रामनन रामकृष्णन और उप विदेश मंत्री लुकानिस्मान बिन अवांग साउनी भी मौजूद रहे.

संगीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुति

रविवार को हुए स्वागत समारोह में लाल कालीन बिछाया गया और पारंपरिक संगीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई. इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत और मलेशिया की साझा विरासत को दिखाया गया. इस गर्मजोशी भरे स्वागत से प्रधानमंत्री मोदी भावुक नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा दिए गए स्नेहपूर्ण स्वागत ने बहुत प्रभावित किया है और वे बातचीत को लेकर उत्साहित हैं.

भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे

स्वागत के बाद दोनों प्रधानमंत्री एक ही गाड़ी में सवार होकर कुआलालंपुर में आयोजित भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और मलेशिया के लोगों के बीच मजबूत रिश्तों की सराहना की और इसे दोनों देशों की दोस्ती की असली ताकत बताया.इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच अहम द्विपक्षीय बातचीत होने वाली है. इन बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार जैसे कई विषयों पर चर्चा होगी. उम्मीद है कि इस दौरान कई समझौते भी किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.

प्रधानमंत्री मोदी का बयान

यात्रा से पहले दिए गए बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत और मलेशिया के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस दौरे का मकसद रक्षा सहयोग बढ़ाना, आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना और नए क्षेत्रों में साथ काम करना है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है और अगस्त 2024 में दोनों देशों के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है.

8वें वेतन आयोग की वेबसाइट हुई लॉन्च; शुरू हुआ सुझाव लेने का दौर, वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद तेज…

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8th Pay Commission Website Launch: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर राहत की खबर सामने आई हैं. लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी और ढांचे में बदलाव को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है.

सरकार की ओर से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दिया गया हैं.

कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के लिए दिल्ली में ऑफिस की जगह सुनिश्चित की थी. जहां से आयोग अपने आगे का काम कर सकता है. वहीं, अब वेबसाइट को लाइव कर दिया गया है. इस वेबसाइट के जरिए आयोग ने कर्मचारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से संबंधित सुझाव मांगे है कि वे अपने वेतन ढांचे में किस तरह के सुधार और बदलाव चाहते हैं. आइए इस विषय में जानते हैं…..

अपने सुझाव ऐसे भेज सकते हैं लोग

8वें वेतन आयोग ने सभी को साथ जोड़ने के लिए यह कदम उठाया है. आयोग ने साफ किया है कि वह अब केवल मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से ही नहीं, बल्कि आम कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से भी सुझाव और विचार लेना चाहता है. इसी उद्देश्य से ‘MyGov’ पोर्टल के साथ साझेदारी की गई है, ताकि हर व्यक्ति अपनी बात आसानी से आयोग तक पहुंचा सके.

आयोग का मानना है कि जिन लोगों पर इसका सीधा असर पड़ता है, उनकी भागीदारी सबसे जरूरी है. चाहे आप नौकरी में हों, रिटायर हो चुके हों या किसी यूनियन से जुड़े हों, आप आधिकारिक वेबसाइट या MyGov पोर्टल के जरिए अपनी राय दर्ज करा सकते हैं.

सुझाव भेजने की प्रक्रिया हुई पूरी तरह ऑनलाइन

8वें वेतन आयोग ने साफ तौर पर बताया है कि अब सुझाव भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी. आयोग फिजिकल दस्तावेज, पत्र या ईमेल के जरिए भेजी गई किसी भी सुझाव पर विचार नहीं करेगा. सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अपनी बात रखने के लिए केवल MyGov पोर्टल का ही इस्तेमाल करना होगा.

आयोग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सुझाव देने वाले लोगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. कर्मचारी बिना किसी दबाव, डर या झिझक के अपने विचार और सुझाव साझा कर सकते हैं.

Nitin Nabin Bungalow: नितिन नवीन को मिला टाइप-8 सरकारी बंगला, जानें कितनी तरह के होते हैं सरकारी आवास?

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Nitin Nabin Bungalow: भारतीय जनता पार्टी के नए नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन को टाइप 8 सरकारी बंगले का अलॉटमेंट मिला है. उन्हें नई दिल्ली में 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर आधिकारिक आवास अलॉट किया गया है.

आइए जानते हैं कि कितने तरह के होते हैं सरकारी आवास.

भारत में सरकारी आवास

भारत में सरकारी आवास एक अच्छी तरह से तय पद के मुताबिक अलॉट किए जाते हैं. इन घरों का प्रबंधन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग करता है और इन्हें टाइप 1 से टाइप 8 तक वर्गीकृत किया गया है. कैटिगरी अधिकारियों के वेतन स्तर, पद और संवैधानिक स्थिति पर निर्भर करती है. जैसे-जैसे कैटिगरी नंबर बढ़ता है वैसे-वैसे आवास का आकार, सुविधा, स्थान और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ती जाती है.

निचली कैटिगरी बुनियादी आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए होती हैं. इसी के साथ उच्च कैटिगरी आधिकारिक जिम्मेदारी, सुरक्षा आवश्यकता और सार्वजनिक जीवन को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन की गई है.

टाइप 1 से टाइप 3 आवास

टाइप 1 आवास मल्टी टास्किंग स्टाफ और ग्रुप डी कर्मचारी जैसे निचली रैंक के सरकारी कर्मचारियों के लिए होते हैं. यह छोटी यूनिट होती है जिनमें न्यूनतम सुविधाएं होती हैं. यह सुविधाएं पूरी तरह से बुनियादी रहने की जरूरत पर केंद्रित होती हैं.

टाइप 2 और टाइप 3 आवास जूनियर स्टाफ क्लर्क और एंट्री लेवल कर्मचारियों को अलॉट किए जाते हैं. यह घर टाइप 1 यूनिट से थोड़े बड़े होते हैं और छोटे परिवारों के लिए उपयुक्त होते हैं. लेकिन आकार और सुविधा दोनों में ये अभी भी सामान्य ही रहते हैं.

टाइप 4 आवास

टाइप 4 आवास सेक्शन ऑफिसर और समकक्ष पदों जैसे मध्यम स्तरीय अधिकारियों के लिए आरक्षित है. यह आवास बेहतर रहने की जगह, बेहतर सुविधाएं और ज्यादा आरामदायक लेआउट प्रदान करते हैं.

टाइप 5 और टाइप 6 आवास

टाइप 5 और टाइप 6 आवाज डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और समकक्ष रैंक के अधिकारियों को अलॉट किए जाते हैं. यह घर काफी बड़े होते हैं, अक्सर बेहतरीन इलाकों में होते हैं और साथ ही अतिरिक्त भत्ते और सुविधाओं के साथ आते हैं.

टाइप 7 बंगले

टाइप 7 बंगले ब्यूरोक्रेसी के सबसे ऊंचे लेवल के अधिकारियों के लिए होते हैं. इसमें सेक्रेट्री लेवल के अधिकारी और कुछ खास संवैधानिक या प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग शामिल हैं. यह बंगले बड़े और स्वतंत्र यूनिट होते हैं, जिनमें काफी बेहतर सुरक्षा और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर होता है.

टाइप 8 सरकारी बंगला

टाइप 8 बंगला भारत में सरकारी आवास की सबसे ऊंची और सबसे प्रतिष्ठित कैटिगरी है. यह कैबिनेट मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के जज, पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के अध्यक्षों के लिए आरक्षित है. यह बंगला आमतौर पर 8000 से 9000 वर्ग फुट या उससे भी ज्यादा में फैला होता है. इन घरों में आमतौर पर 8 से ज्यादा बड़े कमरे होते हैं. इनमें 5 से 6 बेडरूम, एक बड़ा ड्राइंग रूम, एक स्टडी, डायनिंग एरिया और एक मॉडर्न किचन शामिल है.

खूब बरसेगा पैसा, निवेशक होंगे मालामाल! लगने जा रहा 3840 करोड़ का दांव, अगले हफ्ते IPO बाजार में नई हलचल…

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Upcoming IPO Next Week: कल यानी कि 9 फरवरी से नया हफ्ता शुरू हो रहा है. इस दौरान कई कंपनियों के आईपीओ लॉन्च होंगे. ऐसे में आईपीओ के जरिए पैसा कमाने की चाह रखने वाले निवेशकों के लिए यह काम की खबर हो सकती है.

9 फरवरी से शुरू हो रहे हफ्ते में मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में तीन कंपनियों के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे. इसके अलावा, चार कंपनियों की लिस्टिंग भी होने वाली है. आइए इन पर एक नजर डालते हैं:-

मेनबोर्ड सेगमेंट

फ्रैक्टल एनालिटिक्स (Fractal Analytics)

फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ एक बड़ा मेनबोर्ड इश्यू है, जो 9-11 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. इसका साइज 2833.90 करोड़ रुपये है. इसमें नए शेयरों के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री भी शामिल होगी. आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 857-900 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. निवेशक 16 शेयरों के लॉट में पैसे लगाने का मौका मिलेगा.

कंपनी ने कहा है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल बिजनेस से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा. इसमें US में अपनी सब्सिडियरी में निवेश करना, पुराने कर्जों का भुगतान, ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा बढ़ाना, रिसर्च और डेवलपमेंट को मजबूत करना, सेल्स और मार्केटिंग एक्टिविटीज को सपोर्ट करने जैसी शामिल हैं.

Aye Finance IPO

9 फरवरी को खुलने वाला एक और मेनबोर्ड IPO है Aye Finance. इसके लिए निवेशक 11 फरवरी तक बोली लगा सकेंगे. 1010 करोड़ रुपये के इस इश्यू में नए इक्विटी शेयर और मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर-फॉर-सेल दोनों शामिल हैं. IPO की कीमत 122-129 रुपये प्रति शेयर रखी गई है. निवेशक एक लॉट में 116 शेयरों के लिए दांव लगा सकेंगे. Aye Finance इश्यू से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने और भविष्य में बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए करेगी. यह एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है, जो माइक्रो और छोटे उद्यमों को लोन देने का काम करती है.

SME आईपीओ

मरुशिका टेक्नोलॉजी (Marushika Technology)

SME सेगमेंट में मरुशिका टेक्नोलॉजी का IPO 12 फरवरी को खुलेगा और 16 फरवरी को बंद होगा. इश्यू का साइज 26.97 करोड़ रुपये है और इसमें पूरी तरह से नए इक्विटी शेयर शामिल हैं. IPO का प्राइस बैंड 111-117 रुपये प्रति शेयर है. कंपनी के शेयर NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे, जिसकी संभावित लिस्टिंग की तारीख 19 फरवरी तय की गई है.

मरुशिका टेक्नोलॉजी IT और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करती है. कंपनी इस इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी.

इन कंपनियों की लिस्टिंग

अगले हफ्ते चार कंपनियां शेयर मार्केट में अपना डेब्यू करने जा रही हैं. Brandman Retail और Grover Jewells 11 फरवरी को लिस्ट होने वाली हैं. Biopol Chemicals और PAN HR Solutions की 13 फरवरी को मार्केट में एंट्री लेगी.

भारत की नागर और द्रविड़ शैली के मंदिर का रहस्य! जानें इनके बीच का अंतर और इतिहास?

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भारत की आध्यात्मिक आत्मा हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों से लेकर तमिलनाडु के तपते मैदानों तक फैले हजारों मंदिरों में वास्तुकला के जरिए प्रकट होती है.

हालांकि ये मंदिर अनुष्ठान, भक्ति और आध्यात्मिक सामंजस्य की समान भावना की पूर्ति करते हैं, फिर भी इन्हें दो बेहद अलग-अलग शैलियों के अनुरूप बनाया गया है.

उत्तर भारत की नागर और दक्षिण भारत की द्रविड़ शैली एक-दूसरे के डिजाइन से बेहद अलग है. ये इतिहास, संस्कृति, जलवायु और वैश्विक नजरिए से गहरी विविधता को दर्शाते हैं. आइए जानते हैं कि इन दोनों ही भारतीय मंदिर के वास्तुकला में क्या अंतर है?

भगवान जगन्नाथ स्वामी का मंदिर अन्य विष्णु मंदिर से अलग क्यों हैं? जानिए इसके पीछे का रहस्य?

उत्तर भारत के मंदिर नागर शैली पर आधारित

उत्तर भारत में नागर शैली की उत्पत्ति गुप्त काल (करीब 5वीं शताब्दी ईस्वी) में हुई, जिसे भारतीय कला और साहित्य का गोल्डन युग कहा जाता है. यह शैली विशेष रूप से उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में खूब फली-फूली.

नागर मंदिर की खास बात उनका घुमावदार शिखर है, जो गर्भगृह के ऊपर तीव्र रूप से ऊपर की उठा रहता है. यह ऊर्ध्वाधर, ऊंचे आकार को भक्त की दृष्टि और आत्मा को ऊपर की ओर आकर्षित करने के लिए बनाया गया था, जो सांसारिक मोक्ष का प्रतीक है.

गर्भगृह आमतौर पर अंधेरा और ध्यानमग्न वाला होता है, जो आध्यात्मिक अंतर्मुखता के लिए स्थान प्रदान करता है.

नागर मंदिर आमतौर पर छोटे होते हैं, जिनमें न्यूनतम चारदीवारी और द्वार होते हैं, और भव्यता की तुलना में अधिक ऊर्ध्वाधरता पर अधिक जोर दिया जाता है. कुछ सबसे प्रतिष्ठित नागर मंदिरों में खजुराहों का कंदरिया महादेव मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर शामिल है.

द्रविड़ शैली दक्षिण क्षेत्रों पर आधारित

नागर शैली के विपरीत, द्रविड़ शैली का विकास पल्लव वंश के शासन काल में 6ठीं-7वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास शुरू हुआ, लेकिन चोल, पांड्य और बाद में विजयनगर राजाओं के शासनकाल में यह शैली काफी फली-फूली. ये मंदिर दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में प्रमुख है.

नागर मंदिरों के ऊंचे शिखरों के उलट, द्रविड़ मंदिरों में गर्भगृह के ठीक ऊपर बने पिरामिडानुमा मीनारें होती हैं, जिन्हें विमान कहा जाता है. लेकिन इनसे भी ज्यादा आकर्षण का केंद्र इनके विशाल गोपुरम होते हैं. ये भव्य प्रवेश द्वार मीनारें आमतौर पर गर्भगृह से भी बड़े होते हैं और देवी-देवताओं, राक्षसों, नर्तकियों और जानवारों की मूर्तियों से सजे होते हैं.

द्रवि़ड़ मंदिर एक किले की तरह निर्मित होते हैं, जिनकी ऊंची दीवारें कई संकेंद्रित प्रांगणों को आपस में घेरे रहती हैं, जो परिक्रमा, धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक उत्सवों को प्रोत्साहित करती हैं.

ये मंदिर कठोर ग्रेनाइट से बने होते हैं, जो आर्द्र और मानसूनी जलवायु वाले दक्षिणी क्षेत्र के लिए आदर्श हैं. प्रसिद्ध उदाहरणों में तंजावुर का वृहदीश्वर मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, रामेश्वरम मंदिर और हम्पी का विरुपाक्षा मंदिर शामिल हैं.

‘सत्ता हमारे लिए जनता की सेवा का माध्यम’, दिल्ली सरकार का एक साल पूरा होने पर बोलीं CM रेखा गुप्ता…

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दिल्ली में सरकार का एक साल पूरा होने पर रेखा गुप्ता सरकार का राम लीला मैदान में कार्यक्रम हो रहा है. इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद हैं. कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “8 फरवरी 2025 का दिन ऐतिहासिक था क्यो की इस दिन दिल्ली की सत्तर में से 48 सीट पर बीजेपी के विधायक जीताकर सरकार बनाने का रास्ता पूरी तरफ से साफ कर दिया. और ये राम लीला मैदान कई संघर्ष और आंदोलन का गवाह है और ये वही राम लीला मैदान है जहां अन्ना आंदोलन हुआ और इसी राम लीला मैदान में कसम खाई थी की राजनीति में नहीं जाएँगे गाड़ी घर नहीं लेंगे.”

सीएम ने ये भी कहा, “इसी राम लीला मैदान ने उन्हें सत्ता तक पहुंचाया लेकिन दिल्ली की जानता ने उतार कर दिल्ली में कमल खिला दिया. 27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी और उसी दिन से दिल्ली विश्वास का पनपना शुरू हुआ और उसी दिन से दिल्ली में हमारे 48 विधायक जनता की सेवा में जुट गए. दिल्ली की जितनी लटकी भटकी समस्याए है उनका हल किया जाए.”

उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम भी एक बड़ा कार्यक्रम है जिसमे 500 नई ई बसे जनता को समर्पित की जा रही है और 2028 तक दिल्ली में 14000 हज़ार बसे दिल्ली की सड़को पर दौड़ती नजर आये. दिल्ली की जो समस्या है पर्यावरण की उसमे भी ये बसे बहुत सहयोगी साबित होगी. हम मेट्रो का विस्तार कर रहे है और दिल्ली मेट्रो के लिए हमने पांच हजार करोड़ का बजट तय किया.

दिल्ली की सरकार और सभी मंत्रियों को और अधिक काम करने की जरूरत है. सभी क्षेत्रों में रोड, जमीन कब्जा, स्कूल, सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक सुविधाएं के भी रख रखाव भी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के तहत सुधार भी होते रहना चाहिए. सड़को पर गड्ढे आए दिन किसी न किसी बहाने मौत को दावत देती हैं और खबरें सुर्खियों में…

सिंगल चार्ज में 500 KM रेंज, क्या नई Punch EV में मिलेंगे पेट्रोल वर्जन से ज्यादा फीचर्स?

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टाटा मोटर्स अपनी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक एसयूवी Punch EV Facelift को भारतीय बाजार में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. पंच ईवी टाटा मोटर्स की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी है और इसे नेक्सॉन ईवी से नीचे पोजिशन किया गया है, इसलिए यह एक बड़ी लॉन्चिंग है.

नई पंच ईवी में पेट्रोल पंच की तरह कुछ अपडेट्स मिलेंगे, लेकिन EV के लिए कुछ खास बदलाव भी होंगे. डिजाइन की बात करें तो पंच ईवी में ICE वर्जन की तुलना में अलग फ्रंट एंड और नया रियर स्टाइल देखने को मिलेगा, जो ज्यादा फ्यूचरिस्टिक होगा और मौजूदा पंच ईवी का अपडेटेड रूप होगा. इसमें बेहतर एयरोडायनामिक एफिशिएंसी के लिए ईवी-स्पेक अलॉय व्हील्स भी मिल सकते हैं.

कैसा होगा गाड़ी का डिजाइन और फीचर्स?

इंटीरियर भी नए डिजाइन के साथ आएगा, हालांकि बड़े स्क्रीन पहले की तरह बने रहेंगे. फीचर्स के तौर पर पंच ईवी में ADAS जैसे नए फीचर्स मिल सकते हैं, जो पंच ICE में नहीं हैं, साथ ही गाड़ी में 360 डिग्री कैमरा और अन्य प्रीमियम फीचर्स भी दिए जा सकते हैं. ये नए फीचर्स पंच ईवी को और ज्यादा अलग और प्रीमियम बनाएंगे.

बैटरी पैक के मामले में मौजूदा ऑप्शंस ही जारी रहने की उम्मीद है. नए लुक, अपडेटेड फीचर्स और टेक्नोलॉजी के चलते इसकी कीमत थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इसके बावजूद पंच ईवी सबसे सुलभ इलेक्ट्रिक एसयूवी में से एक बनी रहेगी. इस कार को इसी महीने की 20 तारीख को लॉन्च किए जाने की उम्मीद है.

कितनी हो सकती है गाड़ी की रेंज?

मौजूदा Punch EV में 25 kWh और 35 kWh बैटरी ऑप्शन मिलते हैं. फेसलिफ्ट मॉडल में 35 kWh बैटरी को 40.5 kWh से बदला जा सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, नई Punch EV एक बार चार्ज करने पर करीब 500 किलोमीटर तक की रेंज दे सकती है. हालांकि कंपनी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है.

“India Next Match: पाकिस्तान नहीं, टी20 वर्ल्ड कप में इस टीम से है भारत का अगला मैच, जानिए कब-कहां होगा ये मुकाबला”

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत टीम इंडिया ने धमाकेदार जीत के साथ की. पहले मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला जमकर बरसा, उन्होंने 49 गेंदों में 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. हालांकि भारत के अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया, लेकिन वो बस एक खराब दिन था क्योंकि सभी प्लेयर्स अच्छी फॉर्म में हैं.

भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर विवाद जारी है. सूर्यकुमार यादव कंफर्म कर चुके हैं कि चाहे पाक टीम आए या नहीं, भारतीय टीम कोलंबो में मैच खेलने जाएगी.

भारतीय क्रिकेट टीम का पाकिस्तान के साथ मैच 15 फरवरी को कोलंबो में तय है. हालांकि इससे पहले सूर्यकुमार यादव एंड टीम को एक और मुकाबला भारत में खेलना है. इस मुकाबले को जीतकर भारत सुपर-8 की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगी. जानिए ये मुकाबला कब-कहां और किस टीम के साथ है.

भारतीय क्रिकेट टीम का अगला मैच कब है?

ग्रुप स्टेज में सभी टीमों को अपने ग्रुप की प्रत्येक टीम से एक-एक मैच खेलना है. यानी ग्रुप स्टेज में प्रत्येक टीम 4-4 मैच खेलेगी. भारत का अगला मैच गुरुवार, 12 फरवरी को है.

भारत का अगला मैच किस टीम के साथ है?

भारत के साथ ग्रुप ए में पाकिस्तान, नीदरलैंड, यूएसए और नामीबिया है. टीम इंडिया का अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया के साथ है.

भारत बनाम नामीबिया मैच कहां पर होगा?

सूर्यकुमार यादव एंड टीम मुंबई से दिल्ली जाएगी. नामीबिया अपना पहला मैच नीदरलैंड के साथ खेलेगी. भारत बनाम नामीबिया मैच दोनों का जारी संस्करण में दूसरा मैच होगा. ये मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में होगा. मुकाबला शाम को 7 बजे से शुरू होगा.

भारतीय स्क्वॉड

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह.

नामीबिया स्क्वॉड

निकोल लौफ्टी, जान फ्रींलिंक, जेजे स्मिट, गेरहार्ड इरासमस (कप्तान), बर्नार्ड स्कोलट्ज, मलन क्रूगर, जेन ग्रीन (विकेटकीपर), रुबेन ट्रम्पेलमैन, लॉरेन स्टीनकैंप, बेन शिकोंगो, जैन बोल्ट, डायलन लेचर, जैक ब्रैसल, मैक्स हिन्गो, विलियम पीटर.

गेमिंग के लिए चाहिए फोन तो ये हैं शानदार ऑप्शन, कीमत भी 15,000 से कम, यहां देखें पूरी लिस्ट…

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Gaming Mobile Under 15000: अगर आपको मोबाइल गेमिंग का शौक है, लेकिन आपका बजट कम है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. आजकल मार्केट में सस्ती कीमत वाले कई शानदार फोन मौजूद हैं, जो शानदार गेमिंग का एक्सपीरियंस देते हैं.

आज हम आपके लिए ऐसे ही फोन की लिस्ट लेकर आए हैं, जिनकी कीमत 15,000 रुपये से कम है, लेकिन इनमें महंगे फोन जैसा गेमिंग एक्सपीरियंस मिलता है. आइए इन पर एक नजर डालते हैं.

​Realme P4x 6.7 इंच वाला यह फोन 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 7400 अल्ट्रा प्रोसेसर, Mali-G615 MC2 GPU और Cortex-A55 CPU दिया गया है. लंबे पावर बैकअप के लिए यह फोन 7000mAh के बैटरी पैक के साथ आता है. अमेजन से इस फोन को 14,878 रुपये में खरीदा जा सकता है.

6.7 इंच डिस्प्ले वाले इस फोन में डायमेंसिटी 7300 प्रोसेस दिया गया है. इसका IPS LCD डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. 6500 mAh के बैटरी पैक वाले इस फोन को Cortex-A55 CPU के साथ MC2 GPU से लैस किया गया है. अमेजन पर यह फोन 14,998 रुपये में लिस्टेड है.

​Vivo T4 lite किफायती कीमत वाला वीवो का यह फोन 6.4 इंच के IPS LCD डिस्प्ले के साथ आता है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर के साथ Mali-G57 MC2 GPU और Cortex-A55 CPU दिया गया है. 6000mAh की बैटरी वाले इस फोन को अमेजन पर 11,843 रुपये में लिस्ट किया गया है.

रेडमी का इस फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.67 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 2100 निट्स है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 7025 अल्ट्रा प्रोसेसर लगा हुआ है, जो IMG BXM-8-256 GPU और Cortex-A55 CPU के साथ आता है. ​Redmi Note 14 SE में 5110 mAh का बैटरी पैक दिया हुआ है. फ्लिपकार्ट पर इस फोन को 13,999 रुपये में लिस्ट किया गया है.

‘मुस्लिम प्रेम सिर्फ..’, RSS के कार्यक्रम में सलमान खान के पहुंचने पर संजय राउत का मोहन भागवत पर तंज…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर 7 फरवरी को आयोजित सरसंघचालक मोहन भागवत के 2 दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पहुंचे. लेकिन सलमान खान की ये मौजूदगी पर सियासी बहस छिड़ गई है.

इस कार्यक्रम पर शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तीखा तंज कसते हुए सीधे संघ प्रमुख से सवाल पूछे.

संजय राउत ने कहा कि क्या RSS का मंच सभी मुसलमानों के लिए खुला है या यह केवल सलमान खान जैसे बड़े अभिनेता तक ही सीमित है. उन्होंने पूछा कि क्या मुस्लिम प्रेम सिर्फ एक सेलिब्रिटी तक सिमट कर रह गया है, या संघ वास्तव में समावेश की नीति अपनाने जा रहा है.

सलमान खान को लोकप्रियता के कारण बुलाया- संजय राउत

संजय राउत ने कहा कि संघ के मंच पर सलमान खान को बुलाया जाना केवल एक प्रतीकात्मक कदम लगता है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सलमान खान को सिर्फ उनकी लोकप्रियता और भीड़ जुटाने की क्षमता के कारण आमंत्रित किया गया. राउत ने कहा कि अगर ऐसा नहीं है, तो फिर संघ को यह साफ करना चाहिए कि क्या भविष्य में मुस्लिम समाज के अन्य लोगों के लिए भी RSS की शाखाओं और मंचों के दरवाजे खोले जाएंगे.

उन्होंने कहा कि एक अभिनेता को बुलाने से सामाजिक समरसता का संदेश देना पर्याप्त नहीं है. संघ को स्पष्ट करना होगा कि यह एक स्थायी सोच का हिस्सा है या सिर्फ एक इवेंट तक सीमित प्रयोग.

संजय राउत ने यह भी बताया कि उन्हें भी इस कार्यक्रम का निमंत्रण मिला था, लेकिन पूर्व निर्धारित अन्य कार्यक्रमों के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश में हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच जिस तरह का तनाव और विभाजन देखने को मिल रहा है, उसमें RSS की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं.

बीएमसी मेयर के बयान पर हमला

संजय राउत ने बीजेपी की नवनिर्वाचित बीएमसी मेयर रितु तावड़े के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. रितु तावड़े ने कहा था कि उनकी पहली प्राथमिकता मुंबई से बांग्लादेशियों को बाहर निकालना होगी. इस पर राउत ने कहा कि बीजेपी नेता यह दावा कर रहे हैं कि वे मुंबई में बांग्लादेशियों को नहीं रहने देंगे, जबकि इसकी शुरुआत पहले ही बालासाहेब ठाकरे कर चुके थे. राउत ने आगे सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में हजारों हिंदुओं को सड़कों पर मारा जा रहा है और उनके घर जलाए जा रहे हैं, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं और इस मुद्दे पर खुलकर बयान क्यों नहीं दे रहे हैं.