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CG: मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को होने वाली बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

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छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। साथ ही मौसम विभाग ने बताया है कि, आज कुछ जिलों में बारिश से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को होने वाली बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, रायगढ़, सारंगढ़, बिलाईगढ़, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर में हल्की से भारी बारिश होगी। मौसम विभाग ने इन सभी जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने गरज-चमक की भी आशंका जताई है। वहीं मौसम विभाग की तरफ से बताया गया कि, आज कोरबा, रायगढ़ और बलरामपुर जिले के लोगों को बारिश से राहत मिलेगी।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बिजली गिरने के साथ गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने की भी संभवना जताई है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने जनता से बेवजह घर से निकलने से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने बारिश के दौरान खुले में ना रहने की सलाह भी लोगों को दी है।

 

CG: रायपुर में केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। पहले चरण में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण-पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने और पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केंद्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर के लिए यह राशि मंजूर की है।

नागरिकों को कैसे मिलेंगी सुविधाएं

आदर्श सुविधा केंद्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केंद्र में जाकर दर्ज कराना होगा। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति और गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केंद्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर से होगी।

उप मुख्यमंत्री साव बोले- प्रस्ताव भेजा था, केंद्र ने राशि जारी की है: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था।

क्या है आदर्श सुविधा केंद्र

आदर्श सुविधा केंद्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह कार्य करेगी। इसके माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्तिकर और नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केंद्र के साथ जोड़ा जाएगा।

CG: रायपुर में पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने के लिए सीएम हाउस के सामने 4 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन करेंगे…

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने के लिए सीएम हाउस के सामने 4 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए उन्होंने रायपुर कलेक्टर गौरव को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। कंवर पहले ही कोरबा कलेक्टर को हटाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिख चुके हैं। वहीं, इस मामले में कांग्रेस ने साय सरकार पर तंज कसा है।

कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर कसा तंज

पूर्व गृह मंत्री कंवर ने रायपुर कलेक्टर को लिखे अपने पत्र में कहा कि कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत के विरुद्ध जन भावना को देखते हुए 14 ङ्क्षबदुओं पर मुख्यमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्री के समक्ष शिकायत कर चुका हूं, लेकिन ऐसे भ्रष्ट हिटलर प्रशासक के विरुद्ध कोई जांच नहीं किए जाने पर मुझे धरने पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इससे मुझे समझ आ रहा है कि मुख्यमंत्री का आवास कार्यालय में बैठे कुछ आईएएस अधिकारी के कंट्रोल में सरकार चल रहा है, जो भ्रष्ट अधिकारी को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को वास्तविक जानकारी से अवगत नहीं कराते हुए उन्हें गुमराह कर रहे हैं।इसके पहले भी मैंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कई बड़े घोटाले की मोदी सरकार से शिकायत की थी, जिसकी जांच में शिकायत के सभी ङ्क्षबदु प्रमाणित हुए।

साथ ही कंवर ने पत्र में कहा है कि जब मेरे जैसे वरिष्ठ अनुभवी नेता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं तो अन्य जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को किस तरह से संज्ञान लिया जा रहा होगा ये समझा जा सकता है।

कांग्रेस बोली- साय सरकार में प्रशासनिक अराजकता हावी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर द्वारा मुख्यमंत्री निवास के सामने धरने पर बैठने का ऐलान करना साबित करता है कि भाजपा की साय सरकार पूरी तरह से जन सरोकार से दूर हो चुकी है। ननकी राम भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में एक है। उनको मांग मनवाने मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की घोषणा करनी पड़ रही, तब कल्पना की जा सकती है कि आम आदमी की क्या स्थिति है? मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने उनके पत्र के मुद्दों को संज्ञान लिया था, फिर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ननकी राम कंवर अकेले नहीं है, साय सरकार की कार्यप्रणाली से कोई भी भाजपा का नेता कार्यकर्ता खुश नहीं है। दलीय प्रतिबद्धता के कारण सबकी जुबान बंद है।

CG: बिल्डरों के रायपुर और बिलासपुर स्थित 4 ठिकानों पर तलाशी, बिल्डरों के ठिकाने से मिले बेनामी निवेश…

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रायपुर में ईडी को बिल्डरों के रायपुर और बिलासपुर स्थित 4 ठिकानों पर तलाशी के दौरान ब्लैकमॅनी, बेनामी निवेश, प्रॉपर्टी खरीदने और नए प्रोजेक्ट शुरू करने के दस्तावेज मिले है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में ईडी को बिल्डरों के रायपुर और बिलासपुर स्थित 4 ठिकानों पर तलाशी के दौरान ब्लैकमॅनी, बेनामी निवेश, प्रॉपर्टी खरीदने और नए प्रोजेक्ट शुरू करने के दस्तावेज मिले है। उक्त सभी को जांच के लिए जब्त किया गया है।

बिल्डरों के ठिकाने से मिले बेनामी निवेश

वहीं सभी से पूछताछ कर बयान लेने के बाद गुरुवार की देररात और शनिवार की सुबह टीम लौट गई है। बताया जाता है कि तलाशी में मिले फर्जीवाड़े का हिसाब मांगा गया है। साथ ही प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले लोगों का ब्यौरा और रकम की जानकारी देने कहा गया है।

सूत्रों का कहना है कि तलाशी के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के नाम कथित दस्तावेज (डायरी) इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लैपटॉप में मिले हैं। उक्त सभी का वेरिफिकेशन करने के लिए संबंधित लोगों को जल्दी ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। बता दें कि यह छापेमारी कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले की अवैध वसूली रियल एस्टेट में निवेश करने के इनपुट के आधार पर की गई है।

पांच गुना टर्नओवर

रायपुर और बिलासपुर में छापेमारी के दौरान बिल्डर्स, ट्रेडर्स और फर्म संचालक के पिछले 5 साल में कई गुना कारोबार बढ़ाने और टर्नओवर में इजाफा मिला है। कोरोनाकाल के दौरान आर्थिक मंदी के दौरान भी कागजों में कारोबार को बढ़ाकर बताया गया है।

बोगस बिल्डरों करने और सहित कच्चे में कारोबार के इनपुट मिले हैं। पूरा खेल कोडवर्ड में किया गया है। इसे सुलझाने के लिए सभी कारोबारियों को ईडी दफ्तर में बुलवाया गया है। इस दौरान प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट में निवेश करने वालों की सूची देने कहा गया है।

CG: बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर जल्दी पकने वाली किस्मों की खेती करने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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इस बार समय पर और बेहतर मानसून के चलते किसानों ने जून माह में ही धान की बोआई और रोपाई शुरू कर दी थी। समय पर हुए कृषि कार्य और पर्याप्त वर्षा का लाभ अब खेतों में साफ दिखाई दे रहा है। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक आते-आते धान की बालियां सुनहरी हो चुकी हैं और पैदावार बंपर होने का अनुमान जताया जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सरगुजा जिले में इस वर्ष करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में धान की खेती की गई है। प्रशासन ने खरीदी की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर जल्दी पकने वाली किस्मों की खेती करने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ये फसलें अगले 10 से 15 दिनों में कटाई योग्य हो जाएंगी, लेकिन खेतों में नमी बनी रहने से हार्वेस्टिंग में बड़ी दिक्कतें आएंगी। किसानों को आशंका है कि कटाई में देरी से फसल को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कल्याणपुर के प्रगतिशील किसान नीलाभ शर्मा ने बताया कि इस बार समय पर बारिश से बोआई अच्छी हुई और अर्ली वैरायटी की फसल समय पर तैयार हो गई है। मगर लगातार वर्षा ने चिंता बढ़ा दी है। खेतों में नमी रहने से धान की कटाई बाधित होगी। यदि अक्टूबर-नवंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और कठिन हो सकती है।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई 10 अक्टूबर को होगी। हालांकि तीन अक्टूबर को ओडिशा में बनने वाले निम्न दबाव का असर प्रदेश पर दो-तीन दिन तक रहेगा और सात अक्टूबर तक उमस व बरसात का दौर जारी रहेगा। भट्ट ने यह भी कहा कि औपचारिक विदाई के बाद भी स्थानीय प्रभाव और लो-प्रेशर सिस्टम के चलते छिटपुट बारिश होती रह सकती है।

 

“अमित शाह ने बिहार चुनाव जीतने का बना लिया प्लान, तैनात कर दिए ‘स्पेशल-45′”

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बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होने ही वाली है. ऐसे में बीजेपी ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. हाल ही में बीजेपी ने अपने चुनाव प्रभारी और सहप्रभारियों की घोषणा कर दी है और उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के साथ पार्टी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक करके काम भी शुरू कर दिया है.

इसके अलावा पार्टी ने अलग-अलग राज्यों के 45 नेताओं को भी बिहार भेजा गया है. इन नेताओं को विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच बीजेपी ने चुनावी तैयारियों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है.

पटना में NDA की अहम बैठक पार्टी ने इस बार बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने के साथ-साथ विधानसभा और लोकसभाओं में भी पार्टी का सिस्टम मजबूत करने के लिए देशभर से 45 नेताओं की एक टीम मैदान में उतार दिया है. ये नेता अलग-अलग राज्यों से लाए गए हैं, जिन्हें हर लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है. आने वाले दिनों में विधानसभा स्तर पर भी नेताओं की तैनाती होगी.

शुक्रवार (26 सितंबर, 2025) को पटना में हुई अहम बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह-प्रभारी सी.आर. पाटिल और केशव प्रसाद मौर्य, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इसी बैठक में प्रवासी नेताओं को उनका काम बताया गया और मिशन बिहार फतह करने की जिम्मेदारी सौंपकर उनको अलग-अलग क्षेत्रों में भेज दिया गया है.

इन नेताओं मिली कमान इन नेताओं की सूची में छत्तीसगढ़ से सांसद संतोष पांडेय और विजय बघेल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय को जगह मिली है. दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी, कमलजीत शाहरावत और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा तैनात होंगे. गुजरात से सांसद देवूसिंह चौहान, मितेश पटेल और विधायक अमित ठाकरे को जिम्मेदारी दी गई हैं.

हरियाणा से पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, जम्मू-कश्मीर से सांसद युगल किशोर शर्मा, झारखंड से सांसद मनीष जयसवाल, कालीचरण सिंह, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र राय और पूर्व सांसद सुनील सिंह जैसे नेता शामिल हैं. उड़ीसा से सांसद अनंत नायक का नाम भी शामिल है.

यूपी और राजस्थान से इन्हें मिली जिम्मेदारी मध्यप्रदेश से गजेंद्र सिंह पटेल, बी.डी. शर्मा, अनिल फिरोजिया, मंत्री प्रह्लाद पटेल और विश्वास सारंग, पूर्व सांसद के.पी. सिंह यादव और अरविंद सिंह भदौरिया को जिम्मेदारी दी गई है. यूपी से सांसद सतीश गौतम, राजकुमार चाहर, संगम लाल गुप्ता, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, पूर्व मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी, नेता उपेंद्र तिवारी और विधायक शलभ मणि त्रिपाठी शामिल हैं. राजस्थान से नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी प्रवासी सूची का हिस्सा हैं. इसके अलावा पूर्व सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है.

विधानसभा स्तर पर भी नेताओं की नियुक्ति पार्टी रणनीति के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में विधानसभा स्तर पर भी नेताओं की नियुक्ति होगी. प्रवासी नेताओं का मकसद सिर्फ चुनाव प्रचार नहीं, बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और एनडीए गठबंधन के लिए हर सीट पर जीत सुनिश्चित करना है.

CG: रजत जयंती समारोह, इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता, आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य…

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना का रजत जयंती समारोह’ का आयोजन महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी इस अवसर पर  मौजूद रहे। कार्यक्रम में रजत जयंती समारोह पर केंद्रित स्मारिका का विमोचन भी किया।

मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती समारोह में आप सभी को संबोधित करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। 1 नवम्बर 2000 को जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई, तब शासन के साथ-साथ न्याय के क्षेत्र में भी एक नई शुरुआत हुई। इस राज्य के जन्म के साथ ही इस महान संस्था छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की स्थापना हुई। तभी से यह न्यायालय संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का प्रहरी बनकर खड़ा है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक अदालत के अंतर्गत लंबित मामलों के हो रहे त्वरित निराकरण के लिए न्यायपालिका की सराहना की। उन्होंने न्यायपालिका में नैतिकता, सुदृढ़ीकरण और न्यायपालिका के लंबित मामलों को कम कर आम जनों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवान लोगों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि गांव गरीब एवं आमजनों के लिए भी सर्व सुलभ न्याय उपलब्ध हो तभी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका सार्थक बनेगी।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम उन दूरदर्शी व्यक्तित्वों और संस्थापकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने इस न्यायालय की नींव रखी। प्रथम मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशक और उनके उत्तराधिकारियों ने इस नवगठित न्यायालय को गरिमा, विश्वसनीयता और सशक्त न्यायिक परंपरा प्रदान की। इसी प्रकार अधिवक्ताओं, न्यायालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा और परिश्रम ने इस संस्था को पच्चीस वर्षों तक सुदृढ़ बनाए रखा। इन वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, नागरिक स्वतंत्रता, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और सामाजिक न्याय जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय दिए। इसने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचानदृउसके जंगल, खनिज, संस्कृति और वंचित समुदायों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया। विकास और अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए इसने यह सुनिश्चित किया कि प्रगति कभी भी न्याय की कीमत पर न हो।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह शुभ अवसर हमारे हाईकोर्ट की रजत जयंती का भी है। यह वर्ष हमारी विधानसभा का रजत जयंती वर्ष भी है। इन सभी शुभ अवसरों पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ।. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर की नगरी को एक नई पहचान दी है। इस शुभ अवसर पर हम भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी दूरदर्षिता से छत्तीसगढ़ राज्य एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना संभव हो सकी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही हम किसी भी हालत में समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। इसी क्रम में हमने वर्ष 2023-24 की तुलना में विधि एवं विधायी विभाग के बजट में पिछले साल 25 प्रतिशत और इस वर्ष 29 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि इस पीठ के न्यायाधीश जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस श्री नवीन सिन्हा, जस्टिस श्री अशोक भूषण, जस्टिस श्री भूपेश गुप्ता और जस्टिस श्री प्रशांत कुमार मिश्रा जैसे न्यायाधीश देश की सर्वाेच्च अदालत तक पहुँचे। न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा दिया है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड रूम, आधार आधारित सर्च और न्यायिक प्रशिक्षण के नए माड्यूल भी अपनाये जा रहे हैं। अपने 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऐसे उल्लेखनीय फैसले दिये हैं जो देश भर में नजीर के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं में लॉ प्रोफेशन की ओर भी रुझान बढ़ा है। इससे उन्हें करियर के नये अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नेा कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अंग्रेजों के समय की दंड संहिता को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता को लागू किया। अंग्रेजों के समय भारतीय दंड संहिता का जोर दंड पर था। भारतीय न्याय संहिता का जोर न्याय पर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का प्रयास है कि लोगों को आधुनिक समय के अनुरूप आये नये तकनीकी बदलावों को भी शामिल किया गया है। इसमें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी पहलुओं का काफी महत्व है। लोगों को त्वरित और सुगम न्याय मिल सके, इसके लिए न्यायपालिका को मजबूत करने समय-समय पर जो अनुशंसाएँ की गईं, उनका बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यह धान्य पूर्णता की ओर ली जाती है। जहां धर्म है वहां विजय है। हमार सच्चा कर्म और विचार ही धर्म है। चेतना ही सहज धर्म से जोड़ती है। अगले 25 साल में हम न्यायपालिका को कहां रखना चाहते है इस पर विचार और योजना बनाने का समय है। आम आदमी कोर्ट के दरवाजे पर एक विश्वास के साथ आता है उस मूल भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े बेंच, बार और लॉयर को विजन के साथ आगे बढ़ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी समेकित विजन बनाएं ताकि न्यायपालिका अपने जनकल्याण के अंतिम उद्वेश्य तक पहुंच सके। न्यायाधीश श्री माहेश्वरी ने कहा कि भारत के संविधान में रूल ऑफ लॉ की भावना पूरी हो इसके लिए सभी कार्य करें और अंतिम पायदान तक खड़े व्यक्ति तक न्याय पहंुचे इस सोच के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य है। हाईकोर्ट की स्थापना के साक्षी रहे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी और न्यायालय से जुड़े अपने संस्मरण साझा किया।

रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि आज केवल न्यायपालिका के 25 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि न्यायपालिका की उस सुदृढ़ परंपरा का सम्मान है जिसने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में अपना निरंतर योगदान दिया है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्याय की पहुंच को आम जनता तक सरल बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी को क्रांति की तरह अपनाने में अभूतपूर्व कार्य किए हैं।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। न्यायालय की स्थापना के रजत जयंती अवसर पर सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रजत जयंती कार्यक्रम निश्चित रूप से हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है। पिछले 25 वर्षों में न्यायालय ने विधि के शासन को स्थापित करने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने न्यायालय की स्थापना से लेकर अब तक उपलब्धि एवं कामकाज में आए सकरात्मक बदलाव से सभा को अवगत कराया।

समारोह के अंत में न्यायाधीश श्री संजय के अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री एम.एम. श्रीवास्तव, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सैम कोसी, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री यतीन्द्र सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूणदेव गौतम, महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल भारत, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्री चंदेल सहित अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ता, जन प्रतिनिधिगण तथा न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

 

CG: आईआईटी भिलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी सौगात, फेज 2 के लिए 22 सौ 57 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए…

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उड़ीसा के झारसुगुड़ा में हुए कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के 8 आईआईटी के अधोसंचरना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। जिसमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 भी शामिल था। इस समारोह का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई के नालंदा व्याख्यान कक्ष से किया गया।

आईआईटी भिलाई को आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। उड़ीसा के झारसुगुड़ा में हुए कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के 8 आईआईटी के अधोसंचरना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। जिसमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 भी शामिल था। इस समारोह का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई के नालंदा व्याख्यान कक्ष से किया गया।

इधर इस वर्चुवल कार्यक्रम में शामिल होने प्रदेश के तकनीकी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा शामिल हुए। इस मौके पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि देश के साथ प्रदेश में भी तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश में तकनीकी ज्ञान को प्राथमिकता देते हुए इसके विस्तार के लिए पहल कर रही है। उन्होंने आईआईटी भिलाई परिवार को बधाई देते हुए कहा कि फेस-2 परियोजना पूरी होने से यहां शोधार्थी छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

वहीं आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉ राजीव प्रकाश ने बताया कि फेज 2 के लिए 22 सौ 57 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। जिनमें से 1 हजार 92 करोड़ रुपए परिसर निर्माण के लिए हैं। इस परिसर में अतिरिक्त डेढ़ लाख वर्ग मीटर तक बढ़ाया जाएगा। यह नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभागों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्षों और उपकरण और प्रोटोटाइप सुविधाओं को जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

फेस-2 के दायरे में भवन और सुविधाओं में छात्रावास, मेस हॉल, इनडोर खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन और स्वास्थ्य केंद्र और खरीदारी परिसर का विस्तार भी शामिल है। वही छात्रों की संख्या भी 15 सौ से बढ़कर 3 हजार हो जाएगी। फेस-2 के प्रमुख विकासों में से एक परिसर में 96 करोड़ रुपये की लागत से एक अनुसंधान पार्क खास होगा, जो छत्तीसगढ़ राज्य में पहला होगा।

Mumbai Weather: मुंबई में तेज हवाओं के साथ होगी लगातार भारी बारिश, IMD का 11 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’

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Mumbai Weather: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। जिसमें तीन घंटों के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

 मुंबई के नागरिकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इस गंभीर चेतावनी के मद्देनजर, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की अपील की है। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही अगले तीन घंटों के लिए घर से बाहर निकलें। नागरिकों को तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने या पुरानी और असुरक्षित इमारतों के हिस्सों के ढहने जैसी दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यदि संभव हो तो यात्रा टालने का प्रयास करें।

समुद्र किनारे ना जाने की दी गई सलाह’

इसके अतिरिक्त, समुद्र तटों या जल निकायों के पास जाने से बचें। मुंबई शहर और उपनगरों के सभी नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।

“Mumbai Weather: मुंबई में 40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी तूफानी हवाएं, BMC ने जारी किया अलर्ट”

28 से 30 सितंबर के बीच कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना एक निम्न दबाव का क्षेत्र जल्द ही अवदाब (depression) में बदल सकता है। यह 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा तट से टकराकर पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिसका असर मुंबई और उसके आसपास के इलाकों के अलावा महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों पर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 सितंबर के बीच मुंबई और उपनगरों (suburbs) में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जो लगातार या छोटे-छोटे अंतराल पर जारी रहेगी।

Mumbai local train: CR ने 15 दिनों के मेगा ब्लॉक का किया ऐलान, ये रही प्रभावित रूट, ट्रेनों, स्टेशनों की List 3′

दिन की लगातार बारिश बिगाड़ सकती हैं हालात लगातार तीन दिनों तक होने वाली बारिश के चलते मुंबई में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर जलभराव, लोकल ट्रेनों की आवाजाही में देरी और सड़क यातायात व हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ने की आशंका है। जिसके चलते बीएमसी ने ये चेतावनी जारी की है।

Maharashtra weather: बाढ़ में डूबे महाराष्‍ट्र के कई इलाके, IMD ने इन जिलों में भारी बारिश की दी चेतावनी’

कब होगी मानसून की विदाई? 1 अक्टूबर को तेज़ बारिश शहर के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ सकती है, हालांकि कुछ भारी बौछारें तब भी संभव हैं। 2 अक्टूबर से मौसम में सुधार शुरू होगा और 3 अक्टूबर को अधिक राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद केवल हल्की बारिश होने के आसार हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह के बाद कभी भी मॉनसून की वापसी हो सकती है। मुंबई से मॉनसून की वापसी की सामान्य तिथि 8 अक्टूबर निर्धारित है।

“Train Passenger Alert: 25 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक झांसी स्टेशन पर पटरी बिछाने के काम से 14 ट्रेनें रद्द”

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अगर आप 25 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर गिट्टी रहित नई पटरी बिछाने का महत्वाकांक्षी इंजीनियरिंग कार्य शुरू होने जा रहा है।

इस कार्य के कारण करीब डेढ़ महीने तक रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहेगा, जिससे भोपाल मंडल सहित मध्य प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरने वाली 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, 25 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित (डायवर्ट) किया जाएगा और 2 ट्रेनें 90 मिनट विलंबित रहेंगी। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ने यात्रियों को सफर से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है, ताकि कोई असुविधा न हो।

यह कार्य रेलवे की आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है, जो यात्रियों को लंबे समय में फायदा पहुंचाएगा, लेकिन अल्पकालिक परेशानी बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में यह बदलाव लाखों यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा।

पटरी बिछाने का कार्य: क्यों और कैसे प्रभावित होगा यातायात?

वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन, जो उत्तर मध्य रेलवे का एक व्यस्त जंक्शन है, पर प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर गिट्टी रहित (बॉलास्टलेस) ट्रैक बिछाने का कार्य 25 नवंबर 2025 से शुरू होगा और यह 8 जनवरी 2026 तक चलेगा। यह कार्य रेलवे की ‘अमृत भारत स्टेशन स्कीम’ और ट्रैक अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना, रखरखाव कम करना और सुरक्षा मजबूत करना है। गिट्टी रहित ट्रैक कंक्रीट स्लैब पर बिछाई जाती है, जो कंपन कम करती है और लंबे समय तक टिकाऊ होती है।

उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के एक अधिकारी ने बताया कि इस कार्य के लिए पावर ब्लॉक और ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे प्लेटफॉर्म 3 पर आने-जाने वाली ट्रेनें प्रभावित होंगी। झांसी स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों का केंद्र है, जो दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और दक्षिण भारत को जोड़ता है। कार्य के कारण न सिर्फ लोकल मेमू ट्रेनें बल्कि लंबी दूरी की सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी प्रभावित होंगी। NCR की वेबसाइट पर जारी नोटिस के अनुसार, यह ब्लॉक रात के समय अधिक लिया जाएगा, लेकिन फिर भी डे-टाइम ट्रेनें डायवर्ट या रद्द होंगी।

मध्य प्रदेश के भोपाल, इटारसी, बीना, सतना और गुना जैसे स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। पश्चिम मध्य रेलवे के पीआरओ ने कहा, “यात्रियों से अपील है कि IRCTC ऐप, NTES वेबसाइट या 139 पर ट्रेन स्टेटस चेक करें। वैकल्पिक ट्रेनों या बसों का विकल्प अपनाएं।” यह कार्य पूरे देश में चल रहे रेलवे अपग्रेडेशन का हिस्सा है, लेकिन त्योहारों के मौसम में समयबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।

14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द: दैनिक मेमू से लेकर साप्ताहिक सुपरफास्ट तक

इस कार्य के कारण 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जिनमें लोकल मेमू ट्रेनें और लंबी दूरी की साप्ताहिक एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेनें मध्य प्रदेश के कई स्टेशनों जैसे भोपाल, बीना, इटारसी से गुजरती हैं, जिससे स्थानीय यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। रद्द ट्रेनों की सूची निम्नलिखित है:

ये रद्दीकरण दक्षिण भारत से उत्तर भारत को जोड़ने वाली प्रमुख ट्रेनों को प्रभावित करेंगे। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु-लालकुआं स्पेशल ट्रेनें छुट्टियों में परिवारों के लिए लोकप्रिय हैं। NCR के अनुसार, रिफंड प्रक्रिया ऑटोमैटिक होगी, लेकिन यात्रियों को जल्दी वैकल्पिक बुकिंग करनी चाहिए।

25 ट्रेनें मार्ग परिवर्तित: मथुरा-बयाना से गुना-बीना तक वैकल्पिक रूट

25 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है, जिससे यात्रा समय 2-4 घंटे बढ़ सकता है। ये बदलाव मुख्य रूप से झांसी बायपास करने के लिए किए गए हैं। परिवर्तित मार्गों की सूची:

मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना रूट से (24.11.2025 से 07.01.2026 तक):

12172 हरिद्वार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (28.11.2025-06.01.2026

22456 कालका-सांईनगर शिरडी (27.11.2025-04.01.2026)

12214 दिल्ली सराय रोहिल्ला-यशवंतपुर (01.12.2025-05.01.2026)

12754 हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़ (26.11.2025-07.01.2026)

16318 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी (24.11.2025-05.01.2026)

20494 चंडीगढ़-मदुरै (28.11.2025-05.01.2026)

16032 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल (25.11.2025-06.01.2026)

16788 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली (27.11.2025-01.01.2026)

ग्वालियर-गुना-बीना रूट से (24.11.2025 से 07.01.2026 तक):

14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (29.11.2025-03.01.2026)

14320 बरेली-इंदौर (26.11.2025-07.01.2026)

12162 आगरा कैंट-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (29.11.2025-03.01.2026)

22706 जम्मू तवी-तिरुपति (28.11.2025-02.01.2026)

2752 जम्मू तवी-नांदेड़ (30.11.2025-04.01.2026)

22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर (25.11.2025-06.01.2026)

11078 जम्मू तवी-पुणे (24.11.2025-07.01.2026)

अन्य वैकल्पिक मार्ग से:

09466 दरभंगा-अहमदाबाद (01.12.2025-05.01.2026): कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना होकर

09465 अहमदाबाद-दरभंगा (28.11.2025-02.01.2026): वही मार्ग

22129 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-अयोध्या कैंट (25.11.2025-06.01.2026): ललितपुर-खजुराहो-महोबा होकर 22130 अयोध्या कैंट-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (26.11.2025-07.01.2026): वही मार्ग

04155 सूबेदारगंज-उधना (01.12.2025-05.01.2026): सूबेदारगंज-प्रयागराज-मानिकपुर-सतना-इटारसी होकर 04156 उधना-सूबेदारगंज (25.11.2025-06.01.2026): वही मार्ग

09189 मुंबई सेंट्रल-कटिहार (29.11.2025-03.01.2026): प्रयागराज छिवकी-मानिकपुर-कटनी मुड़वारा-बीना होकर

09190 कटिहार-मुंबई सेंट्रल (25.11.2025-06.01.2026): वही मार्ग

06529 सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल-गोमतीनगर (24.11.2025-05.01.2026): गोविंदपुरी-बामौर गांव-सतना-इटारसी होकर 06530 गोमतीनगर-सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (28.11.2025-02.01.2026): वही मार्ग इन बदलावों से कुछ स्टेशन जैसे झांसी, महोबा, खजुराहो पर स्टॉपेज बढ़ सकता है, लेकिन मूल स्टेशनों पर देरी संभव है।

2 ट्रेनें 90 मिनट विलंबित: बैंगलोर एक्सप्रेस प्रभावित दो ट्रेनें निर्धारित समय से 90 मिनट लेट चलेंगी:

22196 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (मंगलवार और बुधवार को)

02200 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी (शनिवार को)

ये ट्रेनें दक्षिण भारत से उत्तर की ओर जाती हैं, और विलंब से कनेक्टिंग ट्रेनें भी प्रभावित हो सकती हैं।