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“KC Tyagi: बड़ा सियासी झटका! जेडीयू छोड़ RLD में पहुंचे केसी त्यागी, जयंत चौधरी के साथ शुरू की नई पारी”

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KC Tyagi joins RLD: देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जनता दल यूनाइटेड के दिग्गज नेता केसी त्यागी ने अब राष्ट्रीय लोक दल (Rashtriya Lok Dal) का दामन थाम लिया है।

रविवार को उन्होंने RLD ज्वाइन की, जहां पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया।

केसी त्यागी ने बीते 17 मार्च को ही जेडीयू से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी छोड़ने की वजह सार्वजनिक नहीं की, जिससे सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय यानी 2003 से पार्टी के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर काम किया।

RLD में एंट्री और पुराना कनेक्शन

आरएलडी में शामिल होते ही केसी त्यागी ने अपने पुराने राजनीतिक रिश्तों को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने उन्हें बहुत कम उम्र में हापुड़ से चुनाव लड़ने का मौका दिया था और आर्थिक मदद भी की थी। केसी त्यागी ने साफ कहा कि वह अब सांसद या विधायक बनने की इच्छा से नहीं आए हैं, बल्कि जयंत चौधरी को उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए देखना चाहते हैं।

केसी त्यागी ने कहा कि 1974 में जब लोकदल का गठन हो रहा था, तब वह उस ऐतिहासिक मंच का हिस्सा थे। ऐसे में आरएलडी से उनका रिश्ता पुराना और भावनात्मक है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी यह नई पारी सत्ता की राजनीति से ज्यादा विचारधारा और पुराने संबंधों से जुड़ी है।

NDA में ही रहेंगे केसी त्यागी

हालांकि पार्टी बदलने के बावजूद केसी त्यागी पूरी तरह से एनडीए से बाहर नहीं हुए हैं। आरएलडी खुद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है, ऐसे में उनका सियासी ठिकाना बदला है, लेकिन गठबंधन नहीं।

दिलचस्प बात यह है कि आरएलडी पहले से ही केसी त्यागी को अपने साथ जोड़ना चाहती थी। हाल ही में उनकी किताब के विमोचन कार्यक्रम में जयंत चौधरी मुख्य अतिथि थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि हर पार्टी को केसी त्यागी जैसे अनुभवी नेता की जरूरत होती है। केसी त्यागी का यह कदम सिर्फ पार्टी बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत की राजनीति में नए समीकरण भी बना सकता है।

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की कृपा से पूरी होंगी मनोकामनाएं, जानें पूजा विधि व शुभ मुहूर्त…

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Navratri Day 5: चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन यानी 23 मार्च 2026 मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित है. भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें ‘स्कंदमाता’ कहा जाता है.

मां का यह स्वरूप ममता और स्नेह का प्रतीक है. इनकी गोद में कार्तिकेय जी बाल रूप में विराजमान हैं, जो यह दर्शाता है कि मां अपने भक्तों की रक्षा एक संतान की तरह करती हैं. यदि आपके परिवार के संचालन में परेशानियां आ रही हैं या संतान पक्ष से जुड़ी चिंताओं की आशंका बनी रहती है, तो मां स्कंदमाता की पूजा से सुख और शांति प्राप्त होती है. यह दिन बड़ी इच्छाएं पूरी करने और जीवन में सहजता लाने के लिए बहुत विशेष है.

मां स्कंदमाता की पूजा का शुभ समय

चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की आराधना के लिए सुबह का समय अत्यंत कल्याणकारी है. 23 मार्च 2026 को पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 से दोपहर 12:52 तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में की गई प्रार्थना घर में बरकत और खुशहाली लेकर आती है. सही समय पर मां का ध्यान करने से बुद्धि और ज्ञान का विकास होता है और भविष्य की बाधाओं के दूर होने की संभावना बढ़ती है. इस पावन समय में की गई साधना न केवल मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि परिवार में आपसी प्रेम और तालमेल का विस्तार भी करती है.

मां स्कंदमाता की सरल पूजन विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें, जिससे मन में शुद्धता और सहजता का अनुभव हो.

मां की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान का शुक्रिया अदा करें कि उन्होंने आपको जीवन में मां का प्रेम दिया है.

मां को पीले रंग के फूल और फल अर्पित करें, क्योंकि उन्हें पीला रंग बहुत ही प्रिय है.

भोग के रूप में मां को केले का अर्पण करें, जिससे घर में आरोग्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है.

पूजन के दौरान मां के मंत्रों का जाप करें, जो आपके भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन का संचालन सुगम बनाता है.

अंत में मां की आरती करें और श्रद्धा के साथ अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें, जिससे पिता की संपत्ति और मान में वृद्धि हो.

आरती का समय और भक्ति का महत्व

पूजा के समापन पर मां स्कंदमाता की आरती करना अनिवार्य है. सुबह की आरती मुख्य पूजन के बाद और संध्या आरती सूर्यास्त के समय करना सबसे उत्तम रहता है. आरती के समय पूरे परिवार का साथ होना आपसी तालमेल को बढ़ाता है. आरती के बाद अपनी बड़ी इच्छाएं मां के सामने रखें और उनसे जीवन की कठिनाइयों को दूर करने की प्रार्थना करें. सच्ची भक्ति और श्रद्धा के साथ की गई आरती भविष्य की बाधाओं को दूर करती है और व्यक्ति के भीतर नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है. इससे संपत्ति और सामाजिक मान-सम्मान में भी वृद्धि की संभावना प्रबल होती है.

Puducherry Election 2026: AIADMK ने उतारे उम्मीदवार, जानें संघ शासित प्रदेश में इस बार कैसे बन रहे समीकरण?

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Puducherry Election 2026: पुड्डुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में एआईएडीएमके (AIADMK) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने उप्पलैन्पेट (15) सीट से पूर्व विधायक ए. अंबाझगन और उरुलायनपेट (16) सीट से ए. गांधी को मैदान में उतारा है। पार्टी इस बार अकेले ही मैदान में है और बिना गठबंधन के प्रदेश में अपने दम पर बेहतर प्रदर्शन की जिम्मेदारी है।

पुड्डुचेरी विधानसभा में कुल 30 सीटें हैं, जिनमें बहुमत के लिए 16 सीटों की जरूरत होती है। यहां की राजनीति पारंपरिक रूप से बहुकोणीय रही है, जहां राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलती है। हालांकि, अब कांग्रेस की स्थिति पहले जितनी मजबूत नहीं रही है। पार्टी का संगठन भी काफी कमजोर हुआ है।

Puducherry Election 2026: NDA बनाम इंडिया अलायंस में जंग

इस बार मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। AIADMK की एंट्री से चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं, क्योंकि यह पार्टी तमिलनाडु से सटे इस केंद्र शासित प्रदेश में प्रभाव रखने की कोशिश कर रही है। वर्तमान में पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी हैं, जो AINRC के प्रमुख नेता हैं और NDA गठबंधन का हिस्सा हैं। उनके नेतृत्व में सरकार काम कर रही है और भाजपा के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है।

AIADMK के लिए पुराना जनाधार पाना मुश्किल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में स्थानीय मुद्दे जैसे विकास, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचा अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का असर भी मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकता है। AIADMK द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा से यह साफ हो गया है कि पार्टी पुड्डुचेरी में अपनी पकड़ मजबूत करने के इरादे से चुनाव लड़ रही है। आने वाले दिनों में अन्य पार्टियां भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगी, जिससे चुनावी मुकाबला और रोचक हो जाएगा।

किसानों के लिए गुड न्यूज! ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करेगी सरकार, चेक करें कब तक आएगा पैसा?

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उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राहत का बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए फसल नुकसान को लेकर पूरी तरह सतर्क मोड में है।

किसानों के पास कब तक आएगा पैसा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल मीटिंग के बाद अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व और राहत आयुक्त भी मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड पर उतरकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है। आइए जानते हैं सरकार की इस योजना का लाभ किसानों को कैसे मिलेगा।

राहत कार्यों में लापरवाही पर गिरेगी गाज

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम करें। ओलावृष्टि और तेज आंधी के कारण जहां भी जनहानि, पशुहानि या फसल का नुकसान हुआ है, वहां मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जलभराव की स्थिति वाले इलाकों में तत्काल पानी निकासी के भी प्रबंध करने को कहा गया है।

एक हफ्ते में मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मेरठ, आगरा, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आर्थिक संकट से उबारने के लिए सीएम ने निर्देश दिया है कि:

फसल के नुकसान का सटीक सर्वे किया जाए।

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एक सप्ताह के भीतर पीड़ितों के बैंक खातों में मुआवजा राशि भेज दी जाए।

घायलों और अन्य आपदा पीड़ितों को 24 घंटे के अंदर सहायता राशि प्रदान की जाए।

CG” कर्मचारी चयन मंडल कानून को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर साय सरकार का पलटवार…

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छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलिंपिक और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर सीएम विष्णुदेव साय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले पांच वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, उन्हें वर्तमान सरकार को नसीहत देने का कोई अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रदेशवासियों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है

सीएम साय ने कहा कि जिन लोगों ने 5 वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, वे हमें नसीहत देते हैं, यह शोभा नहीं देता। जिन्होंने जनता से मिले जनादेश के बाद भी अपने वादों को निभाया नहीं, प्रदेशवासियों को तो दूर, अपनों को भी न्याय नहीं दिला पाए उन्हें हमारा कोई भी काम अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाएगा, जबकि सरगुजा ओलिंपिक जैसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में कहीं बारिश तो कहीं गर्मी की वापसी के संकेत, 5°C तक गिरा तापमान, जानें कैसा रहेगा मौसम…

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छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान सामान्य से 3-5°C कम रहा. दुर्ग में सबसे ज्यादा 36°C और पेण्ड्रा रोड में सबसे कम 15.2°C तापमान दर्ज हुआ. अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव नहीं, लेकिन बाद में 3-5°C बढ़ोतरी के संकेत हैं. कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है.

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज इन दिनों बदला हुआ नजर आ रहा है. प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिली है. वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत मिल रहे हैं. वहीं कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है.

मौसम का वर्तमान हाल
प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है. इसका असर तापमान पर साफ दिखा, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C कम दर्ज किया गया. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.0°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.2°C पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ.

कहांकहां हुई बारिश
बारिश के मुख्य आंकड़ों में नानगुर में 5 सेमी, बगीचा में 3 सेमी, मनोरा, सुकमा और तोकापाल में 2-2 सेमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा सूरजपुर, मुकडेगा, लोहंडीगुड़ा, बास्तानार और तमनार में 1-1 सेमी बारिश हुई.

मौसम प्रणाली (सिनोप्टिक सिस्टम)
एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर हरियाणा से उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय है. यह द्रोणिका समुद्र तल से 3.1 से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है.

आगे कैसा रहेगा मौसम
अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद आगामी 5 दिनों में तापमान में 3-5°C तक बढ़ोतरी होने की संभावना है.

आज का पूर्वानुमान और चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार आज मौसम शुष्क रहेगा. किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है और अगले दो दिनों के लिए भी कोई विशेष अलर्ट नहीं है.

रायपुर का मौसम अपडेट
राजधानी रायपुर में 22 मार्च को आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 19°C के आसपास रह सकता है.

CG: मार्च से मई तक ट्रेनें रहेंगी प्रभावित, 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द की गईं, यात्रा से पहले स्टेटस जांचने की सलाह…

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मार्च से मई तक रद्द रहेगी कई पैसेंजर गाड़िया’

मार्च से मई तक कई ट्रेनें रद्द, रायपुर मंडल में काम के चलते यात्रियों को परेशानी, यात्रा से पहले स्टेटस जरूर जांचें

आने वाले मार्च, अप्रैल और मई महीने रेल यात्रियों के लिए परेशानी भरे रहेंगे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों के कारण कई ट्रेनों को रद्द और आंशिक रूप से प्रभावित करने का फैसला लिया गया है।

(Chhattisgarh Train Cancel Full List)

रेलवे के अनुसार, हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज निर्माण के अंतिम चरण में गर्डर डि-लॉन्चिंग का काम किया जाना है। इसके लिए ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके चलते 22 और 23 मार्च को कई यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।

3 मई से 22 मई तक कुल 28 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।

इसके अलावा, गोंदिया स्टेशन पर वॉशेबल एप्रॉन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक में बदला जाएगा। इस काम के कारण 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक कुल 21 ट्रेनें प्रभावित होंगी। इनमें 14 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि 7 ट्रेनें अपने गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दी जाएंगी। मई महीने में भी असर जारी रहेगा। 3 मई से 22 मई तक कुल 28 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इनमें 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी और 18 ट्रेनें बीच रास्ते में ही समाप्त होंगी।

गौरतलब है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पहले से ही अधिक रहती है। (Chhattisgarh Train Cancel Full List) ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को यात्रा में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

22–23 मार्च 2026: रद्द ट्रेनें, देख लें पूरी लिस्ट

दिनांक गाड़ी संख्या रूट स्थिति
22 मार्च 68728 रायपुर–बिलासपुर MEMU रद्द
22 मार्च 68734 बिलासपुर–गेवरा रोड MEMU रद्द
22 मार्च 68733 गेवरा रोड–बिलासपुर MEMU रद्द
22 मार्च 68719 बिलासपुर–रायपुर MEMU रद्द
22 मार्च 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर रद्द
22 मार्च 58205 रायपुर–इतवारी पैसेंजर रद्द
23 मार्च 58206 इतवारी–रायपुर पैसेंजर रद्द
23 मार्च 58202 रायपुर–बिलासपुर MEMU रद्द

22 मार्च 2026: आंशिक रद्द (बीच में समाप्त)

गाड़ी संख्या रूट बदलाव
68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया बिलासपुर तक, आगे रद्द
68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा बिलासपुर से शुरू, पहले रद्द

अप्रैल 2026: लंबी अवधि की रद्द ट्रेनें

गाड़ी संख्या ट्रेन नाम अवधि
18030 शालीमार–LTT एक्सप्रेस 4–24 अप्रैल
18029 LTT–शालीमार एक्सप्रेस 6–26 अप्रैल
18237 कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस 5–25 अप्रैल
18238 अमृतसर–बिलासपुर एक्सप्रेस 7–27 अप्रैल
68815/16 बल्लारशाह–गोंदिया MEMU 5–25 अप्रैल
78805/06 गोंदिया–कटंगी DEMU 5–25 अप्रैल

अप्रैल 2026: चयनित तिथियों पर रद्द

गाड़ी संख्या ट्रेन रूट
12410 गोंडवाना एक्सप्रेस निजामुद्दीन–रायगढ़
12409 गोंडवाना एक्सप्रेस रायगढ़–निजामुद्दीन
12101/02 एक्सप्रेस LTT–शालीमार
12807/08 एक्सप्रेस विशाखापत्तनम–निजामुद्दीन

(इन सभी ट्रेनें अप्रैल में कई अलग-अलग तिथियों पर रद्द रहेंगी)

अप्रैल 2026: आंशिक/शॉर्ट टर्मिनेशन

गाड़ी संख्या रूट बदलाव
68802–68806 गोंदिया–बल्लारशाह हिरदामाली तक
15231 बरौनी–गोंदिया दुर्ग तक
15232 गोंदिया–बरौनी दुर्ग से

मई 2026: पूरी तरह रद्द ट्रेनें

गाड़ी संख्या रूट अवधि
18109 टाटानगर–इतवारी 3–22 मई
68711–68716 लोकल पैसेंजर 3–22 मई
58205/06 रायपुर–इतवारी 3–23 मई

मई 2026: मार्ग परिवर्तित ट्रेनें

गाड़ी संख्या रूट नया मार्ग
11754 रीवा–इतवारी जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट
11753 इतवारी–रीवा जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट

मई 2026: आंशिक रद्द (बीच में समाप्त)

गाड़ी संख्या रूट प्रभावित सेक्शन
15231/32 बरौनी–गोंदिया दुर्ग–गोंदिया
12105/06 मुंबई–गोंदिया अंजनी–गोंदिया
51707/08 जबलपुर–गोंदिया बिरसोला–गोंदिया
68809–68814 MEMU बिरसोला सेक्शन
78803–78810 DEMU बिरसोला सेक्शन

 

 

CG: इस जिले में 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों का ट्रांसफर.. अनुशासन मजबूत करने के लिए फैसला, आदेश जारी , देखें लिस्ट…

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कोरबा पुलिस में बड़ा फेरबदल, एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने कई पुलिसकर्मियों के तबादले किए, 29 महिला आरक्षक शामिल’

जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने क़ानून व्यवस्था को मजबूत करने और कर्मचारियों में अनुशासन कायम करने के मकसद से बड़े पैमाने पर लम्बे वक़्त से एक ही थाना-चौकियों में जमे पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है।

इस लिस्ट में 29 महिला आरक्षकों के नाम भी शामिल है। देखें पूरी सूची

CG: रायपुर रेलवे स्टेशन में NCB और RPF ने कार्रवाई करते हुए 2 युवतियों को गांजा तस्करी करते हुए गिरफ्तार…

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से अवैध नशे की तस्करी से जुड़ा एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां NCB और RPF ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो युवतियों को गांजा तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों युवतियों के कब्जे से 24 किलों गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए गांजे की कीमत लगभग 4 लाख रुपए बताई जा रही है। NCB और RPF की टीम दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। NCB और RPF की टीम दोनों युवतियों से पूछताछ कर इस पूरे सिंडिकेट के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही है।

वंदे भारत एक्सप्रेस से हो रही थी तस्करी

मिली जानकारी के अनुसार, NCB और RPF की टीम को सूचना मिली की दो युवतियां वंदे भारत एक्सप्रेस से गांजा लेकर विशाखापट्टनम से रायपुर आ रही है। इसके बाद सूचना के आधार पर NCB और RPF की टीम ने ट्रेन के रायपुर स्टेशन पहुंचते ही दोनों युवतियों को हिरासत में लिया। युवतियों को हिरासत में लेने के बाद उनके सामान की जांच की गई तो दोनों युवतियों के पास अलग-अलग ट्रॉली बैग में गांजा रखा हुआ पाया गया।

बिलासपुर की निवासी है दोनों लड़कियां

इसके बाद NCB और RPF की टीम ने दोनों युवतियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों युवतियों ने अपना नाम नीलम राठौर और रीना वर्मा बताया। दोनों युवतियों ने बताया कि, वे बिलासपुर के तिफरा की निवासी है। फ़िलहाल पुलिस की टीम दोनों युवतियों से पूछताछ कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, गांजा तस्करी के इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।

CG: साय सरकार ने कृषि को बनाया लाभकारी, कृषक उन्नति जैसी योजनाओं से सशक्त हुए अन्नदाता, किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली…

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छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ढाई साल का कार्यकाल कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा है। यह दौर न केवल नीतिगत फैसलों और योजनाओं के क्रियान्वयन का रहा, बल्कि राज्य की दिशा और विकास मॉडल को पुनर्परिभाषित करने का भी रहा है। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले साय ने शासन में संतुलन, समावेश और विकास को केंद्र में रखने की कोशिश की है। साय सरकार ने अपने इस कार्यकाल में किसानों के लिए भी अहम फैसले लिए हैं।

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली विष्णुदेव साय सरकार के ढाई साल का कार्यकाल खास तौर पर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों के लिए जाना जा रहा है। राज्य की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए सरकार ने किसान-केंद्रित नीतियों, योजनाओं और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया है। साय सरकार ने शुरुआत से ही यह स्पष्ट किया कि कृषि राज्य की रीढ़ है। इसी दिशा में धान खरीदी व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और किसानों की आय बढ़ाने के उपाय करना सरकार की प्राथमिकता में रहा।

राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना की शुरुआत की। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की एक व्यापक पहल है। कृषक उन्नति योजना के तहत सरकार ने किसानों को धान और अन्य फसलों के उत्पादन पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलने लगा और खेती घाटे का सौदा बनने से बची। साय सरकार ने इस योजना के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया है। वर्ष 2026-2027 के बजट में इस योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली

योजना का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि किसानों को समय पर और सीधे आर्थिक मदद मिली, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों, कृषि निवेश और कर्ज के दबाव में कमी आई। कृषक उन्नति योजना ने यह संदेश दिया कि सरकार किसानों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास में साझेदार मानती है। यह योजना अन्नदाता के सम्मान, आर्थिक स्थिरता और ग्रामीण विकास की दिशा में एक मजबूत आधार बनी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सुशासन सरकार ने किसानों की आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी है। सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की। समर्थन मूल्य पर सर्वाधिक किसानों से धान खरीदने वाला तथा धान का सर्वाधिक 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़, देश का प्रथम राज्य है। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है।

खेती को स्थायित्व देने की कोशिश

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली विष्णुदेव साय सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में यदि किसी क्षेत्र पर सबसे अधिक रणनीतिक ध्यान दिया गया है, तो वह है—सिंचाई। राज्य में लंबे समय से खेती का बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर रहा है, जिससे किसानों को हर साल जोखिम का सामना करना पड़ता है। इस चुनौती को कम करने के लिए सरकार ने सिंचाई ढांचे के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है। साय सरकार ने कई वर्षों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं के लिए अलग से राशि स्वीकृत की और उन्हें फिर से शुरू कराया। साय सरकार ने अपने अल्प कार्यकाल में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिन चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस किया, उनमें

  • नई लघु और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत
  • नहरों के विस्तार और मरम्मत कार्य
  • जलाशयों और एनीकट (छोटे बांध) निर्माण को बढ़ावा
  • ग्रामीण क्षेत्रों में खेत-तालाब योजना को प्रोत्साहन

कई और योजनाओं से बदली किसानों की तकदीर

साय सरकार ने अपने कार्यकाल में कई और रणनीतिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाई है, जिसका सकारात्मक असर किसानों पर दिख रहा है। केंद्र की मोदी सरकार के साथ साय सरकार किसानों के हित में कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ यहां के किसानों को मिल रहा है। सोलर पैनल लगाने पर पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत सब्सिडी मिल रही है।