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आसिफ अली के आंदोलन का असर, अधूरे रेलवे अंडरब्रिज पर नागपुर डिवीजन के अभियंता से सीधी चर्चा

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राजनांदगांव। स्टेशनपारा क्षेत्र में वर्षों से अधूरे पड़े रेलवे अंडरब्रिज निर्माण को लेकर कांग्रेस नेता आसिफ अली द्वारा किए गए आंदोलन का असर नजर आने लगा है। ज्ञापन और चक्का जाम की चेतावनी के बाद नागपुर डिवीजन से रेलवे अभियंता राजनांदगांव पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
स्टेशन मास्टर बर्मन द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद स्टेशन प्रबंधक कार्यालय में कांग्रेस नेता आसिफ अली की नागपुर डिवीजन के अभियंता अंशुमन शुक्ला से अंडरब्रिज निर्माण को लेकर विस्तृत और तकनीकी चर्चा हुई। इसके बाद अभियंता शुक्ला, आसिफ अली और उनके साथियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
अभियंता अंशुमन शुक्ला ने बताया कि अंडरब्रिज में पुशिंग का कार्य शेष है। इसके तहत रेलवे पटरी के नीचे 44 मीटर क्षेत्र में 11-11 मीटर के चार कांक्रीट बॉक्स लगाए जाएंगे। यह कार्य तकनीकी रूप से संवेदनशील है और इसे पूरा करने में करीब एक माह का समय लगेगा। इस दौरान यात्री और मालगाड़ियों की गति सीमित रखनी होगी, जिसके लिए रेलवे की विशेष अनुमति जरूरी है।
चर्चा के दौरान अभियंता शुक्ला ने अंडरब्रिज निर्माण के प्रभारी वरिष्ठ अभियंता मिनेश कुमार से मोबाइल पर बात कराई। इस बातचीत में मार्च महीने से काम शुरू कर जून तक अंडरब्रिज निर्माण पूरा करने की बात कही गई।
इस पर कांग्रेस नेता आसिफ अली ने साफ कहा कि यदि मार्च में काम शुरू नहीं हुआ तो चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
इस दौरान पार्षद छोटे लाल रामटेके, विशाल गड़े, पंचराम निषाद, गोपाल सिन्हा, जितेंद्र साहू और शेख अनीश मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ के स्कूल बनते जा रहे हिंसा के अड्डे : विशु अजमानी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में स्कूली बच्चों से जुड़ी लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सामाजिक माहौल और शिक्षा परिसरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल, जिन्हें बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की नींव माना जाता है, अब असुरक्षा और भय के केंद्र बनते नजर आ रहे हैं।
राजनांदगांव जिले में एक स्कूली छात्र पर दिनदहाड़े धारदार हथियार से हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद अभिभावकों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब बच्चे स्कूल जाते समय और लौटते वक्त भी सुरक्षित नहीं हैं, तो उनकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है, इसी बीच राजधानी रायपुर के आत्मानंद स्कूल में एक छात्र के पास चाकू मिलने की घटना ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है। स्कूल परिसर के भीतर इस तरह की घटनाएं सामने आना यह दर्शाता है कि सुरक्षा व्यवस्था कहीं न कहीं पूरी तरह विफल हो चुकी है। यह मामला केवल एक स्कूल या एक छात्र तक सीमित नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी है। इन घटनाओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव विशु अजमानी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि यह केवल स्कूलों में सुरक्षा की कमी का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नशे, हिंसा और सरकार की नीतिगत लापरवाही का सीधा परिणाम है। श्री अजमानी ने कहा बच्चों के हाथों में किताबों की जगह हथियार नजर आना बेहद खतरनाक संकेत है। यह साफ दर्शाता है कि प्रदेश में बच्चों को मिलने वाला सामाजिक और मानसिक वातावरण तेजी से बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आंख मूंदकर बैठी है और इसका खामियाजा मासूम बच्चे भुगत रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को इन घटनाओं को अलग-थलग मामलों के रूप में देखने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह आने वाले समय के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
प्रदेश सचिव विशु अजमानी ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ किया जाए, नशे के खिलाफ प्रभावी, निरंतर और जमीनी स्तर पर अभियान चलाया जाए, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक स्थिति को समझे बिना केवल प्रशासनिक कदम पर्याप्त नहीं होंगे।
अंत में विशु अजमानी ने दो टूक कहा कि प्रदेश के बच्चों का सुरक्षित, सकारात्मक और भयमुक्त भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

India US Interim Trade Deal: भारत की जिन चीजों पर जीरो टैरिफ, वे अमेरिका में कितने की बिकेंगी? एक नजर में देखें पूरी लिस्ट…

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भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा टैरिफ विवाद आखिरकार खत्म हो गया है. दोनों देशों के एक अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क पर सहमत होने से भारतीय एक्सपोर्टर्स को काफी बड़ा बढ़ावा मिला है.

इस समझौते के तहत जहां ज्यादातर भारतीय सामानों पर 50% के बजाय 18% कम टैरिफ लगेगा, वहीं कई जरूरी प्रोडक्ट्स को अमेरिकी बाजार में जीरो टैरिफ एक्सेस दिया गया है. आइए जानते हैं कि इसके बाद अमेरिका में जीरो टैरिफ वाले प्रॉडक्ट्स कितने में बिकेंगे.

जेनेरिक दवाएं

भारत को पहले से ही दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाना जाता है. यह डील इस स्थिति को और भी ज्यादा मजबूत करती है. भारतीय जेनेरिक दवाओं पर जीरो टैरिफ लगाने से अमेरिका में आम दवाओं की कीमतों में काफी कमी आने की उम्मीद है. जो पहले इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से लगभग 15 डॉलर प्रति स्ट्रिप बिकती थीं अब उनकी कीमत 9 से 10 डॉलर होने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ अमेरिकी मरीजों के लिए जरूरी दवाएं ज्यादा किफायती होंगी बल्कि भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए भी निर्यात की मात्रा और मुनाफे में भी बढ़ोतरी होगी.

रत्न और हीरे

गुजरात और महाराष्ट्र में भारत के हीरा पॉलिशिंग हब को काफी ज्यादा फायदा होने वाला है. भारत से निर्यात किए जाने वाले पॉलिश किए गए हीरे और कीमती पत्थर अब बिना किसी इंपॉर्टेंट ड्यूटी के अमेरिका के बाजार तक पहुंच पाएंगे. एक हीरे की अंगूठी जो पहले अमेरिका में लगभग $1000 में बिकती थी अब उसकी कीमत ₹650 से $700 के करीब हो सकती है. इससे भारतीय हीरे बेल्जियम या फिर यूएई के हीरों की तुलना में काफी ज्यादा कॉम्पिटेटिव हो जाएंगे.

विमान के पुर्जे

भारत में बनाए गए विमान के पुर्जे, जिन पर पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से टैरिफ लगता था अब अमेरिका में ड्यूटी फ्री बेचे जाएंगे. यह बदलाव भारत के बढ़ते एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए काफी जरूरी है. टैरिफ के हटने से भारतीय सप्लायर कम कीमतों पर पुर्जे दे सकते हैं.

सिल्क प्रोडक्ट्स

सिल्क प्रोडक्ट्स की कुछ खास कैटिगरी को अब अमेरिका में जीरो टैरिफ एक्सेस मिलेगा. यह $113 बिलियन का मार्केट है. उदाहरण के लिए एक भारतीय सिल्क स्कार्फ जिसकी कीमत पहले अमेरिका में लगभग $50 की थी, अब शिपिंग और लोकल टैक्स के आधार पर $30 से $35 में मिल सकता है.

हस्तशिल्प और कारीगरी के प्रोडक्ट्स

पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प को भी जीरो टैरिफ लिस्ट में शामिल किया गया है. हालांकि फाइनल रिटेल कीमतें अभी भी लॉजिस्टिक्स और यूएस स्टेट टैक्स पर निर्भर करेंगी लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी हटने से यह प्रोडक्ट काफी ज्यादा सस्ते हो जाएंगे.

बच्चा ऑनलाइन गेम खेलता है, उसके दिमाग में सुसाइड के ख्याल तो नहीं आ रहे? ये संकेत दिखें तो हो जाएं अलर्ट…

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. यहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. शुरुआती जांच में सामने आया कि तीनों बहनें एक टास्क बेस्ड ऑनलाइन कोरियन लव गेम की आदी थी.

वहीं यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं बल्कि डिजिटल दौर में बच्चों की मानसिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है.

दरअसल साहिबाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन बहनें, जिनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल थी. लंबे समय से मोबाइल गेमिंग में डूबी हुई थी. बताया गया कि वे न स्कूल जाती थी और न ही बाहर किसी से मिलती थी. तीनों ने अपने लिए कोरियन नाम तक रख लिए थे और कोरियन कल्चर को फॉलो करने लगी थी. परिवार के अनुसार पिता ने जब उनकी गेमिंग की आदत पर आपत्ति जताई और मोबाइल फोन छीन लिया, तो तीनों गहरे मानसिक दबाव में चली गई. जिसके बाद उन्होंने फ्लैट की बालकनी से छलांग लगाकर जान दे दी. मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा था मम्मी-पापा सॉरी… हम गेम नहीं छोड़ पा रही है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि बच्चा ऑनलाइन गेम खेलता है तो उसके दिमाग में सुसाइड के ख्याल तो नहीं आ रहे हैं और कौन से संकेत दिखें तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए.

क्या है कोरियन लव गेम?

एक्सपर्ट्स के अनुसार कोरियन लव गेम एक ऐसा ऑनलाइन गेम है, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए एक अनजान व्यक्ति यूजर से संपर्क करता है. वह खुद को काेरियन बताकर दोस्ती और प्यार की बातें करता है. वहीं भरोसा जीतने के बाद वह छोटे-छोटे टास्क देना शुरू करता है. वहीं शुरुआत में टास्क आसान होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे मुश्किल और मानसिक दबाव बढ़ाने वाले हो जाते हैं. अगर यूजर टास्क पूरा करने से मना करें तो उसे डराया और धमकाया जाता है. इस तरह के गेम में करीब 50 टास्क होते हैं, जो कई दिनों तक चलते हैं.

ऑनलाइन गेम बच्चों के दिमाग पर कैसे डालते हैं असर?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों और किशोरों का दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं होता है. ऐसे में वे गेम के कैरेक्टर और चैलेंज को ही असली दुनिया मानने लगते हैं. टास्क पूरे करने का दबाव, डर और हार का भय उनके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है. इसके अलावा अमेरिकी साइकोलॉजिस्ट जीन एम. ट्वेंग की किताब iGen के अनुसार 2011 के बाद से ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया एडिक्शन के कारण युवाओं में डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

कौन से संकेत दिखें तो हो जाएं अलर्ट

अगर आपका बच्चा हर वक्त मोबाइल या गेम के बारे में ही सोचता रहता है, गेम रोकने पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन दिखाता है, परिवार और दोस्तों से दूरी बनाने लगे, नींद और दिनचर्या बिगड़ जाए, पढ़ाई में रुचि खत्म हो जाए, बार-बार उदासी, डर या खालीपन महसूस करें तो ये ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन के संकेत हो सकते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर ऐसे 4 से 5 संकेत लगातार दिखें तो पेरेंट्स को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए.

पेरेंट्स क्या करें?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बच्चों को मोबाइल देना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन निगरानी बहुत जरूरी है. पेरेंट्स को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए. उनके स्क्रीन टाइम पर नजर रखनी चाहिए और स्मार्टफोन में पेरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करना चाहिए. पेरेंटल कंट्रोल की मदद से बच्चों के गेम्स, ऐप्स और ऑनलाइन कंटेंट को सीमित किया जा सकता है. इससे वे खतरनाक गेम्स और चैलेंज से दूर रह सकते हैं.

“मिशन 2027 को लेकर मायावती ने लखनऊ में बुलाई अहम बैठक, कहा- ‘BSP को कमजोर करने की हो रही साजिश'”

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उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में 1400 से ज्यादा पदाधिकारी शामिल हुए, जिसमें ज़िलाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष बैठक में शामिल हैं.

इस बैठक में संगठन को बढ़ाने और जनाधार बचाने को लेकर मंथन किया गया.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बैठक के बाद पत्रकारों से भी बात की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा को कमजोर करने के लिए विरोधी पार्टियों को लेकर जो षड्यंत्र रचे जा रहे हैं उनसे भी पार्टी पदाधिकारियों को सचेत किया जाएगा.

मायावती ने विरोधियों पर साधा निशाना

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार भी वर्तमान समय में जनहित के मुद्दों पर काम करने की बजाय जाति-धर्म की आढ़ में अपनी राजनीति चमकाने में लगी रहती है. इससे समाज मे द्वेष की भावना पैदा हो रही है जो देश और जनहित में ठीक नही हैं.

मायावती ने इस दौरान संसद में हो रहे हंगामे को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि संसद में चर्चा करने की बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने का ड्रामा किया जा रहा है. संसद को चलाने के लिए बने कानून पर अमल करना चाहिए. इनकी आपसी लड़ाई के कारण सभी मुद्दे दरकिनार कर दिए गए. सत्ता और विपक्ष को इन कार्यो से बचना चाहिए.

जनहित की बजाय जाति-धर्म की राजनीति

अमेरिका-भारत की ट्रेड डील पर बसपा सुप्रीमो ने कि आज भी देश में किसान, मजदूर, मुस्लिमों की स्थिति और उनके हालात सुधारने पर काम नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि टैरिफ पर संसद में स्थिति साफ होनी चाहिए. यह देश देख रहा है. विपक्ष और सत्तासीन दल दोनों की ओर से एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए घटिया राजनीति चल रही है.

विरोधी दल बीएसपी को कमजोर करने के लिये आए दिन साजिश कर रहे हैं. मायावती ने कहा कि यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए अब समय बहुत कम है. पार्टी के मूवमेंट के हित में आज पार्टी की बडी बैठक थी. इस बैठक में प्रदेश मंडल और 403 सीट के अध्यक्ष भी शामिल रहे. इस दौरान पार्टी की सालाना गतिविधियों को चलाने और एसआईआर को लेकर भी चर्चा की गई.

Kal Ka Rashifal 8 February 2026: कल खुलेगा सफलता का द्वार या आएगी चुनौती? जानिए रविवार को क्या कहते हैं आपके सितारे!

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Kal Ka Rashifal: भविष्यवक्ता: डॉ. अनीष व्यास (पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान) रविवार, 8 फरवरी 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है. ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज कुछ राशियों को धन लाभ होगा, तो कुछ को सेहत का ध्यान रखना होगा.

आइए जानते हैं कल का राशिफल-

मेष राशि (Aries)

आज आप दिन भर व्यस्त रहेंगे. लंबित कार्यों को पूरा करने का दबाव रहेगा, जिससे कुछ घरेलू काम अटक सकते हैं. बच्चों की शिक्षा में आपके सहयोग की आवश्यकता होगी. सेहत के प्रति सचेत रहें.

  • भाग्यशाली अंक: 9
  • भाग्यशाली रंग: लाल
  • उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और पक्षियों को दाना डालें.

वृषभ राशि (Taurus)

आर्थिक दृष्टि से दिन शानदार है. नौकरी बदलने के प्रयास सफल होंगे. नए संपर्क बनेंगे और अचानक धन लाभ के योग हैं. वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. वाणी में मधुरता रखें.

  • भाग्यशाली अंक: 6
  • भाग्यशाली रंग: सफेद या क्रीम
  • उपाय: छोटी कन्याओं को मिश्री या सफेद मिठाई खिलाएं.

मिथुन राशि (Gemini)

सुख-साधनों में वृद्धि होगी. कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें. पारिवारिक जीवन में आप जीवनसाथी से प्रेम और सहयोग पाएंगे. आपकी बुद्धिमानी से मान-सम्मान में वृद्धि होगी.

  • भाग्यशाली अंक: 5
  • भाग्यशाली रंग: हरा
  • उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें.

कर्क राशि (Cancer)

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी. आप दूसरों की मदद के लिए भी आगे आएंगे. महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण होने से मानसिक शांति मिलेगी. लव लाइफ में आज आपको प्रेमी से गिफ्ट मिल सकता है.

  • भाग्यशाली अंक: 2
  • भाग्यशाली रंग: चांदी जैसा सफेद
  • उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ओम नमः शिवाय का जाप करें.

सिंह राशि (Leo)

कमाई के नए स्रोत विकसित होंगे. दांपत्य जीवन में भरोसा बढ़ेगा. पिता के स्वास्थ्य में गिरावट की वजह से आपको चिंता हो सकती है. विदेश से संबंधित काम में आज लाभ की स्थिति रहेगी.

  • भाग्यशाली अंक: 1
  • भाग्यशाली रंग: सुनहरा या नारंगी
  • उपाय: सूर्य देव को जल (अर्घ्य) दें.

कन्या राशि (Virgo)

बुधादित्य योग के प्रभाव से कारोबार में लाभ होगा. परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है. शिक्षा के क्षेत्र में आज के दिन छात्र सफलता पाएंगे. विवाह योग्य जातकों की बात तय हो सकती है.

  • भाग्यशाली अंक: 5
  • भाग्यशाली रंग: गहरा हरा
  • उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं.

तुला राशि (Libra)

दिन लाभदायक है, लेकिन बढ़े हुए खर्च की वजह से तनाव हो सकता है. व्यापार में आज आप किसी नई डील को फाइनल कर सकते हैं. रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं. भाइयों का सहयोग मिलेगा.

  • भाग्यशाली अंक: 7
  • भाग्यशाली रंग: गुलाबी
  • उपाय: मंदिर में घी का दीपक जलाएं.

वृश्चिक राशि (Scorpio)

निवेश के मामले में भाग्य लाभ दिलाएगा. दूसरों के मामलों से दूर रहना ही आपके लिए बेहतर होगा. संतान पक्ष से आज कोई सकारात्मक समाचार प्राप्त हो सकता है. घर में वाणी पर नियंत्रण रखें.

  • भाग्यशाली अंक: 8
  • भाग्यशाली रंग: मैरून
  • उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं.

धनु राशि (Sagittarius)

आप जो भी काम करेंगे उसमें सफलता मिलेगी. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से प्रोत्साहन मिलेगा. सामाजिक क्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. राजनीति से जुड़े जातकों को जनता का समर्थन प्राप्त होगा.

  • भाग्यशाली अंक: 3
  • भाग्यशाली रंग: पीला
  • उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या चने की दाल का दान करें.

मकर राशि (Capricorn)

मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. सितारे कहते हैं कि आज किसी मित्र से सहयोग मांगेंगे तो वह आसानी से मिल जाएगा. पुराने बिल या लोन चुकाने पड़ सकते हैं.

  • भाग्यशाली अंक: 4
  • भाग्यशाली रंग: आसमानी नीला
  • उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे दीया जलाएं.

कुंभ राशि (Aquarius)

आज भाग्य लाभ दिलाएगा और आपके हाथों पुण्य कार्य होंगे. माता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं. जो लोग कोई नया काम शुरू करना चाह रहे हैं, उनके लिए दिन अनुकूल है.

  • भाग्यशाली अंक: 2
  • भाग्यशाली रंग: नीला
  • उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें और जरूरतमंदों की मदद करें.

मीन राशि (Pisces)

कार्यक्षेत्र में अपने प्रयास का पूरा प्रतिफल मिलेगा. किसी पड़ोसी से चल रहा तनाव दूर हो सकता है. आज आप पिता की मदद से समस्याओं का समाधान निकालने में सफल रहेंगे. भविष्य में लाभ देने वाले निवेश के मौके मिलेंगे.

  • भाग्यशाली अंक: 3
  • भाग्यशाली रंग: केसरिया
  • उपाय: हल्दी का तिलक लगाएं और मंदिर में केले का दान करें.

Mardaani 3 Promotion Controversy: मर्दानी-3 का प्रमोशन निकला दिल्ली से 800 लोगों के लापता होने का केस, ऐसे करना कितना बड़ा गुनाह?

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हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि सिर्फ 15 दिनों के अंदर दिल्ली से 800 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं. इस तरह के आंकड़े तेजी से फैले.

इसके बाद माता-पिता, यात्री और राजधानी के निवासियों में डर फैल गया. हालांकि जब दिल्ली पुलिस ने दखल दिया तो एक अलग ही तस्वीर सामने आई. ऐसा कहा जा रहा है कि यह कुछ और नहीं बल्कि मर्दानी 3 फिल्म की पब्लिसिटी थी. आइए जानते हैं कि इस तरह की खबरों को फैलाना कितना बड़ा गुनाह है.

क्या दावा किया गया था

दरअसल वायरल पोस्ट के मुताबिक जनवरी की शुरुआत में दिल्ली में 807 लोगों के लापता होने की सूचना दी गई थी. इसे एक बड़ी अपराध लहर के तौर पर देखा जा रहा था. दिल्ली पुलिस ने बाद में है साफ किया कि यह संख्या पुराने और संचयी डेटा थे और इन्हें बिना किसी संदर्भ के पेश किया गया था. यह आंकड़े नए या फिर अचानक लापता होने का कोई भी प्रमाण नहीं रखते और कथित तौर पर दहशत फैलाने के लिए सनसनीखेज तरीके से इस्तेमाल किए गए थे.

पुलिस ने इस घटना को पेड प्रमोशन का मामला बताया, जो कथित तौर पर अपराध और लापता व्यक्तियों पर केंद्रित फिल्म मर्दानी 3 के पब्लिसिटी अभियान से जुड़ा हुआ था.

क्यों है यह एक गंभीर अपराध

झूठी जानकारी का इस्तेमाल करके सार्वजनिक दहशत फैलाना सार्वजनिक व्यवस्था के लिए सीधा खतरा माना जाता है. कानून प्रवर्तन एजेंसी इस बात पर जोर देती है कि जब डर फैलता है तो इससे अराजकता, भीड़ द्वारा हिंसा और संस्थानों में विश्वास की कमी हो सकती है.

लागू होने वाले कानूनी प्रावधान

अगर यह साबित हो जाता है कि व्यक्तियों या फिर एजेंसियों ने जानबूझकर इस जानकारी को फैलाया है तो कई कानूनी धाराएं लगाई जा सकती हैं. इसमें सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए बीएनएस की धारा 353 लगाई जा सकती है. इस धारा के अंतर्गत 3 साल की कैद, जुर्माना या फिर दोनों सजा दी जा सकती हैं. इसके अलावा भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए बीएनएस की धारा 197 भी लगाई जा सकती है. इसके तहत 3 से 5 साल की कैद हो सकती है. इतना ही नहीं बल्कि यह दावे ऑनलाइन वायरल हुए हैं इस वजह से गलत जानकारी, पहचान की चोरी या फिर डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े आईटी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है.

पुलिस जांच और मौजूदा स्थिति

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल सबूत, इनफ्लुएंसर पेमेंट्स और प्रमोशन लीड्स की जांच शुरू कर दी है. ऐसा पता लगाया जा रहा है कि इन दावों को किसने और क्यों फैलाया है. अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति या फिर कंपनी फायदे के लिए डर फैलाने कि दोषी पाई जाती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

‘घूसखोर पंडत’ वेबसीरीज पर सियासत तेज, स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- ‘पंडित का ब्राह्मणों से…’

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ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर रीलिज होने वाली वेबसीरिज ‘घूसखोर पंडित’ पर नाम के विवाद के बाद इसे निर्माता ने वापस ले लिया. लेकिन अब इस पर राजनीति भी शुरू हो चुकी है. मायावती समेत कई नेताओं ने इसे ब्रहामणों को बदनाम करने वाला बताया तो अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह कहकर सनसनी फैला दी है, “फिल्म का ब्राह्मणों से कोई रिश्ता नहीं है.’

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पर यही टिप्पणी की है.

स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी के मुताबिक पंडित कोई भी हो सकता है, जिसे ज्ञान हो, उन्होंने अभिनेता और निर्देश को भी ब्राह्मण होने की बात कही और बोले कि फिर ब्राह्मणों का कैसे अपमान हो सकता है. उनकी ये पोस्ट अब वायरल है.

स्वामी प्रसाद मौर्य की टिपण्णी

शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने लिखा, ‘ ‘फिल्म घूसखोर पंडत’ को लेकर कुछ लोग ब्राह्मणों के अपमान के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे है. जबकि फिल्म के नाम से ब्राह्मणों का कोई रिश्ता नहीं है. पंडित शब्द का भी प्रयोग नहीं किया गया है यदि ऐसा होता भी तो बकौल R S S प्रमुख मोहन भागवत जी, पंडित का मतलब ब्राह्मण नहीं, ‘विद्वान’ होता है’. पंडत किसी व्यक्ति का नाम भी हो सकता है. वैसे भी घूसखोर पंडत फिल्म के प्रोड्यूसर और निर्माता नीरज पांडे एवं फिल्म के हीरो मनोज बाजपेई है, यानि फिल्म के प्रोड्यूसर/ निर्माता तथा हीरो सभी ब्राह्मण ही है तो ‘ब्राह्मण’ ब्राह्मण का अपमान कैसे कर सकता है.

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हुआ है मुकदमा

इससे पहले यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस फिल्म को समाज में विद्वेष फैलाने वाला करार देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए. जिसके बाद लखनऊ में फिल्म निर्माताओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. ब्राहमण संगठनों के साथ कई राजनीतिक दलों ने भी फिल्म के नाम पर ऐतराज जताया है.

फिल्म के नाम अपर विवाद होते देख निर्देश नीरज पांडेय ने फिल्म का टीजर सभी प्लेटफ़ॉर्म से हटा लिया है. और बयान जारी कर कहा कि फिल्म किसी की भावनाएं आहत करने के लिए नहीं है.

नियमित निवेश और धैर्य की ताकत; SIP कैसे बदल सकता है आपकी आर्थिक किस्मत, जानें स्मार्ट इन्वेस्टमेंट का तरीका…

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आज के समय में सिर्फ पैसे बचा लेना ही समझदारी नहीं मानी जाती, बल्कि उसे सही जगह और सही तरीके से निवेश करना ज्यादा जरूरी हो गया है. अगर निवेश बिना योजना के किया जाए, तो उसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता.

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में निवेश आज लोगों की पसंद बनती जा रही है.

एसआईपी के जरिए नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी बचत करके लंबे समय में अच्छी रकम तैयार की जा सकती है. वहीं अनुशासन, संतुलन और सही सोच के साथ आगे बढ़ने से यह निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न देता है. जिससे भविष्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होती है. आइए जानते हैं, इस बारे में….

निवेश में संतुलन बनाना है जरूरी

निवेश करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सारे पैसे एक की जगह पर नहीं लगाने चाहिए. निवेश को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की सलाह दी जाती है. 5 फिंगर फ्रेमवर्क इसी सोच पर काम करता है. जिसमें अपनी बचत को पांच भागों में बांटकर निवेश किया जाता है.

इसमें भरोसेमंद और मजबूत विकल्प, कम कीमत पर मिलने वाले भविष्य के मौके, ग्रोथ और वैल्यू का संतुलन, मिड और स्मॉल लेवल के विकल्प और विदेशी बाजारों में निवेश शामिल होता है. इस तरह की रणनीति से नुकसान का खतरा कम होता है और बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है.

बाजार में टिके रहना है सफलता का मंत्र

ऐसा अक्सर देखा जाता है निवेशक एसआईपी में दिख रहे नुकसान से घबरा जाते हैं और इसे बेचने का फैसला उठा लेते हैं. हालांकि, अगर आप लंबे समय तक निवेश करने के लिए तैयार हैं तो, ऐसा हो सकता है कि आपको अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न मिले. इसलिए ऐसी स्थिति में बाजार में टिके रहना ही सफलता का मंत्र है.

लंबे समय में मिलता है बेहतर नतीजा

निवेश के शुरुआती दौर में बाजार की हलचल कई बार निवेशकों को परेशान कर देती है. कभी तेजी तो कभी गिरावट देखकर धैर्य बनाए रखना आसान नहीं होता. लेकिन जब कोई निवेश करीब 7 साल तक लगातार जारी रहता है, तो उस पर कंपाउंडिंग का असर साफ नजर आने लगता है.

इस दौरान पैसा धीरे-धीरे बढ़कर खुद नई कमाई बनाने लगता है. यही वजह है कि लंबे समय तक निवेश में बने रहना जरूरी माना जाता है. क्योंकि समय के साथ छोटे उतार-चढ़ाव बेअसर हो जाते हैं और रिटर्न ज्यादा स्थिर होने लगता है.

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हाल ही में एलन मस्क को लेकर यह चर्चा तेज हो गई थी कि वह जल्द ही Starlink ब्रांड के नाम से एक स्मार्टफोन लॉन्च कर सकते हैं. शुरुआत में खुद मस्क ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया था लेकिन अब उन्होंने इन खबरों पर साफ जवाब दे दिया है.

फिलहाल, Starlink फोन के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.

सोशल मीडिया पर अफवाह और मस्क की प्रतिक्रिया

X (पहले ट्विटर) पर एक यूजर ने Reuters की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया था कि SpaceX, Starlink नाम से एक फोन बना सकता है. इस पर एलन मस्क ने सीधे तौर पर इन अटकलों को नकार दिया. उन्होंने साफ शब्दों में लिखा, ‘हम कोई फोन विकसित नहीं कर रहे हैं.’ इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अभी Starlink फोन पर कोई काम नहीं चल रहा है.

Starlink क्यों बना चर्चा का केंद्र?

Starlink, SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जो पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद हजारों सैटेलाइट्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, SpaceX की कुल कमाई का बड़ा हिस्सा Starlink से आता है. पिछले साल कंपनी ने करीब 8 बिलियन डॉलर का मुनाफा दर्ज किया था. हाल ही में SpaceX का xAI के साथ विलय भी हुआ है और आने वाले समय में IPO की भी चर्चा है.

एलन मस्क ने Starlink फोन को लेकर पहले क्या कहा था?

कुछ दिन पहले एलन मस्क ने एक पोस्ट के जवाब में कहा था कि भविष्य में Starlink फोन की संभावना पूरी तरह नकारा नहीं जा सकती. उस वक्त उन्होंने लिखा था, किसी समय यह असंभव नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया था कि इस दिशा में फिलहाल कोई प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ है.

कैसा हो सकता था Starlink फोन?

मस्क के मुताबिक, अगर कभी Starlink फोन आया तो वह आज के iPhone या Android फोन से बिल्कुल अलग होगा. उनका फोकस पारंपरिक फीचर्स से ज्यादा ऑन-डिवाइस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर हो सकता है. मस्क ने इशारा किया था कि ऐसा फोन कम पावर में ज्यादा से ज्यादा AI परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया जाएगा.

भविष्य में Starlink फोन की संभावना क्यों बनती है?

हालांकि अभी मस्क ने Starlink फोन की बात को टाल दिया है लेकिन आगे चलकर यह SpaceX के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. Starlink के दुनियाभर में करीब 90 लाख यूजर्स हैं और यह 30 से ज्यादा एयरलाइंस के साथ काम कर रहा है. इसके अलावा कंपनी के कई सरकारी और सैन्य कॉन्ट्रैक्ट भी हैं.

SpaceX की आगे की रणनीति

SpaceX का पोर्टफोलियो लगातार बढ़ रहा है. कंपनी Stargaze जैसे स्पेस-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है और T-Mobile जैसी कंपनियों के साथ मिलकर डायरेक्ट-टू-डिवाइस इंटरनेट सेवाओं की दिशा में भी आगे बढ़ रही है. पहले Starlink Mobile जैसे नामों से जुड़े ट्रेडमार्क और कनेक्टिविटी से जुड़े पेटेंट भी दर्ज किए जा चुके हैं.